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पुस्तक मेले के दूसरे दिन भी हुई पुस्तकों की खरीददारी और बच्चों का हुआ उत्तराखण्ड टैलेंट शो

उत्तराखंड

पुस्तक मेले के दूसरे दिन भी हुई पुस्तकों की खरीददारी और बच्चों का हुआ उत्तराखण्ड टैलेंट शो

देहरादून,2 नवम्बर, 2025. राज्य स्थापना रजत जयन्ती समारोह के अंतर्गत दून पुस्तकालय एवं शोध केन्द्र, देहरादून में दूसरे दिन विभिन्न रोचक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। उत्तराखंड पुस्तक मेला एवं बाल गतिविधियाँ विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं।
यह कार्यक्रम राज्य स्थापना दिवस समारोह की दूसरी श्रृंखला का भाग है, जिसका उद्देश्य उत्तराखंड की साहित्यिक, सांस्कृतिक और बौद्धिक विरासत को जन-जन तक पहुँचाना है।

इन पुस्तकालय में लगे पुस्तक मेले में आज भी लोगों ने पुस्तकों की खरीददारी की. ज्ञातव्य है कि यहां प्रकाशकों ने उत्तराखंड की संस्कृति, समाज, लोक जीवन और इतिहास से जुड़ी पुस्तकें विक्रय हेतु रखी हैं। यह मेला पुस्तक प्रेमियों के लिए ज्ञान, संवाद और सृजन का साझा केन्द्र बना है.जहाँ स्थानीय साहित्य से लेकर नामचीन साहित्यकारों की केंद्रित पुस्तकें उपलब्ध रही.इस दौरान लोगों ने आज भी स्टालों से अलग विषयों पर जमकर पुस्तकों की खरीददारी की.

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आज के कार्यक्रम का विशेष आकर्षण ‘बाल गतिविधियाँ’, रहा. बच्चों में रचनात्मकता, आत्मविश्वास और राज्य की लोक संस्कृति के प्रति लगाव विकसित करने की दृष्टि से यह जीवंत और उत्साहपूर्ण हिस्सा रहा. पारंपरिक वेशभूषा में सजे बच्चों ने लोक गीतों, नृत्यों और कहानियों के माध्यम से उत्तराखंड की संस्कृति को जीवंत कर दिया जहाँ नन्हें कलाकारों ने अपने हुनर से सभी का दिल जीत लिया । इन गतिविधियों के अंतर्गत आयोजित ‘उत्तराखंड टैलेंट शो’ में बच्चों ने लोक गीत, लोक नृत्य, पारंपरिक परिधान और लोक कथाओं पर आधारित मनमोहक प्रस्तुतियाँ दीं।

4 से 6 वर्ष के आयु वर्ग के बच्चों ने लोक नृत्य और पारंपरिक परिधान प्रदर्शन में भाग लिया, जबकि 7 से 10 वर्ष के आयु वर्ग के बच्चों ने लोक गीत, लोक नृत्य, लोक कहानियाँ, कविता एवं पारंपरिक परिधान प्रदर्शन के माध्यम से उत्तराखंड की परंपराओं को जीवंत किया।
इन बाल प्रस्तुतियों ने खुलकर यह संदेश दिया कि राज्य की संस्कृति और परंपरा की डोर अब नई पीढ़ी के सुरक्षित हाथों में है।

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इस निर्णायक मंडली में दीपाक्षी गुसाईं, जोहरा निज़ामी और कल्पना बहुगुणा शामिल रहीं। प्रतिभागियों ने एकल, युगल और समूह प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी सृजनात्मकता का परिचय दिया। सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले दस प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया । जिसमे प्रथम पुरस्कार – निमिषा सिंह, द्वितीय पुरस्कार – कुशाग्र डोभाल, तृतीय पुरस्कार – अरुण्या तोमर को मिला । इसके अतिरिक्त, अपनी उत्कृष्ट समूह प्रस्तुति से सभी का दिल जीतने वाले “आसरा ट्रस्ट समूह” (बेघर एवं आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों का दल) और “रैफेल राइडर समूह” (मानसिक रूप से विशेष बच्चों का दल) को विशेष सम्मान प्रदान किया गया। दोनों समूहों की प्रस्तुतियों ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया और कार्यक्रम के वातावरण को आनंदमय बना दिया।

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इस आयोजन को सफल बनाने में मेघा एन विल्सन, उत्कर्ष रावत,सुमन भारद्वाज, जयभगवान गोयल, मीनाक्षी कुकरेती, स्वीटी, शकुन्तला दरियाल, शैलेंद्र सिंह रौतेला और सुंदर सिंह बिष्ट,राकेश कुमार, विजय बहादुर, पंकज शर्मा योगदान रहा। संचालन मधु डंगवाल ने किया. इस अवसर पर अनेक लोग मौजूद रहे.

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