Connect with us

Big breaking: दो दिन छा सकता है घरों में घुप अंधेरा, मोमबत्ती, लैम्प का इंतजाम करलें, क्यों? पढिये…

उत्तराखंड

Big breaking: दो दिन छा सकता है घरों में घुप अंधेरा, मोमबत्ती, लैम्प का इंतजाम करलें, क्यों? पढिये…

देश। केंद्र सरकार की निजीकरण की नीतियों के विरोध में देश भर के बिजली कर्मचारी 28 व 29 मार्च को हड़ताल करने का फैसला लिया है। इस देशव्‍यापी हड़ताल का फैसला बुधवार को बिजली कर्मचारियों और इंजीनियरों की नेशनल कोऑर्डिनेशन कमिटी की बैठक में लिया गया है। इसलिए बताया जा रहा है कि इन दो दिनों में देश भर में बिजली की समस्या आ सकती है।

यह भी पढ़ें 👉  लोकगायिका रिंकू राणा के निधन पर मुख्यमंत्री धामी ने जताया शोक…

बिजली कर्मचारियों के साथ-साथ देशभर के श्रम संगठनों के कर्मचारी भी दो दिन की हड़ताल पर रहेंगे। ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन के प्रेसिडेंट शैलेंद्र दूबे ने बताया सभी बिजली कर्मचारी भी केंद्र सरकार की निजीकरण की नीति के विरोध में हड़ताल में शामिल होंगे।

यह भी पढ़ें 👉  मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को दी बैसाखी पर्व की बधाई…

जानिए क्या है मुख्‍य मांगें

शैलेंद्र दूबे ने बताया कि केंद्र की निजीकरण की नीतियों से कर्मचारियों में निराशा है। बिजली कर्मचारियों और इंजीनियरों की मुख्य मांगें हैं कि बिजली (संशोधन) विधेयक 2021 को वापस लिया जाए और सभी प्रकार की निजीकरण प्रक्रिया को बंद की जाए। इसके अलावा केंद्र शासित प्रदेशों खासकर मुनाफा कमाने वाले चंडीगढ़, दादरा नगर हवेली दमन दिउ तथा पुडुचेरी में बिजली के निजीकरण करने के निर्णय को तुरंत रद्द करे। बिजली बोर्डों के विघटन के बाद नियुक्त किए गए सभी बिजली कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना का लाभ दिया जाए।

यह भी पढ़ें 👉  उत्तरांचल यूनिवर्सिटी में किसान मेला शुरू, कृषि मंत्री गणेश जोशी ने प्रगतिशील किसानों को किया सम्मानित…
Continue Reading

More in उत्तराखंड

उत्तराखंड

उत्तराखंड

ADVERTISEMENT VIDEO

ट्रेंडिंग खबरें

ADVERTISEMENT

Advertisement
Advertisement
To Top