Connect with us

आचार संहिता हटते ही IFS अफसरों के तबादलों पर मंथन

उत्तराखंड

आचार संहिता हटते ही IFS अफसरों के तबादलों पर मंथन

देहरादून: उत्तराखंड में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की आचार संहिता हटते ही भारतीय वन सेवा के अधिकारियों की जिम्मेदारी में बदलाव को लेकर मंथन शुरू हो गया. इसे लेकर सचिवालय में सिविल सर्विस बोर्ड की शुक्रवार को बैठक आहूत की गई. जिसमें सिविल सर्विस बोर्ड की बैठक में विभिन्न जिम्मेदारियां को लेकर अधिकारियों के नाम पर चर्चा भी हुई. जिसके बाद इन नामों पर अंतिम मुहर भी लगाई गई है.

यह भी पढ़ें 👉  हर ब्लॉक में बनेंगे मिनी स्टेडियम, खेल सुविधाओं के विस्तार पर धामी सरकार का बड़ा फैसला…

सचिवालय में मुख्य सचिव आनंद वर्धन की अध्यक्षता में सिविल सर्विस बोर्ड की बैठक की गई. इसमें प्रमुख सचिव आर के सुधांशु, प्रमुख वन संरक्षक हॉफ समीर सिन्हा मौजूद रहे. खास बात यह थी कि भारतीय वन सेवा के अधिकारियों की जिम्मेदारी में होने वाले इस बदलाव की प्रस्तावित सूची सिविल सर्विस बोर्ड की बैठक में रखी गई.जिस पर अंतिम मुहर भी लग गई है.

यह भी पढ़ें 👉  आयुष सेवाओं के विस्तार और आयुर्वेद विश्वविद्यालय की समस्याओं के समाधान के निर्देश…

प्रमुख वन संरक्षक हॉफ समीर सिन्हा की पसंद को इस बार तबादला सूची में विशेष रूप से वरीयता दिए जाने की खबर है. इस बार यह कोशिश की जा रही है की प्रमुख वन संरक्षक हॉफ को अपनी टीम चुनने का मौका मिले. जिससे राज्य में विभिन्न योजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने और दूसरे विभिन्न कार्यों को बेहतर तरीके से करने के लिए एक टीम के रूप में काम कर सके.

यह भी पढ़ें 👉  खैरासैंण महाविद्यालय भवन का उद्घाटन, सतपुली झील निर्माण कार्यों का भी किया निरीक्षण…

तबादला सूची में इस बार प्रमुख वन संरक्षक पद से लेकर प्रभागीय वनाधिकारी स्तर तक के अफसरों पर बदलाव किया जाना है. जाहिर है कि बड़े अफसर से लेकर नए आईएफएस अधिकारियों को जिम्मेदारी दिए जाने के चलते इस बार यह सूची लंबी रहने वाली है.

Continue Reading

More in उत्तराखंड

उत्तराखंड

उत्तराखंड

ADVERTISEMENT VIDEO

ट्रेंडिंग खबरें

ADVERTISEMENT

Advertisement
Advertisement
To Top