Connect with us

चारधाम में आने वाले यात्रियों को ना हो किसी भी तरह की असुविधा इस बात को गांठ बांध लेंः डीएम

उत्तराखंड

चारधाम में आने वाले यात्रियों को ना हो किसी भी तरह की असुविधा इस बात को गांठ बांध लेंः डीएम

देहरादून: चारधाम यात्रा 2025 को सुव्यवस्थित, सुरक्षित और श्रद्धालुओं के लिए अधिकतम सुविधायुक्त बनाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी सविन बंसल की अध्यक्षता एवं वरिरष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह, मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह की उपस्थिति में ऋषिकेश ट्राजिंट कैम्प में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में नगर निगम ऋषिकेश, परिवहन, स्वास्थ्य, पर्यटन, जल संस्थान, पुलिस, एथिक्स मॉनिटरिंग एजेंसी सहित अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।

गत बैठक में जिलाधिकारी ने यह सुझाव दिया कि परिवार के मुखिया अपने परिवार के सदस्यों का दस्तावेज लेकर रजिस्टेªशन कांउटर पर स्वयं पंजीकरण करने की सुविधा हो, इससे सुगम व्यवस्था बनेगी तथा परिजनों को कतार पर खड़े रहने तथा भीड़ से जुझने से निजात मिलेगा। डीएम के यात्रियों को सुगम सुविधा के इस आईडिया पर आयुक्त गढवाल ने सहमति देते हुए यात्रा प्रबन्धन प्लान में शामिल किया।

यह भी पढ़ें 👉  यमकेश्वर के वानप्रस्थ आश्रम में श्रीमद्भागवत कथा…

बैठक में ट्रांजिट कैंप स्थित हाई-टेक रजिस्ट्रेशन सेंटर 25 अप्रैल से 24×7 सेवा प्रारंभ करेगा, जहाँ कुल 30 रजिस्ट्रेशन काउंटर संचालित होंगे। एथिक्स कंपनी द्वारा मॉनिटर किए जा रहे इस केंद्र पर यात्रियों को सहायता प्रदान करने के लिए 80 प्रशिक्षित ‘‘यात्रा मित्र’’ तैनात किए गए हैं। ट्रांजिस्ट केम्प में सुगम सुविााओं क लिए प्रतीक्षालय, सुलभ शौचालय, दिव्यांगजनों के लिए लिफ्ट, सात्विक भोजन युक्त फूड कोर्ट, वाटर कूलर, सीसीटीवी कैमरे, फायर स्टेशन और 24 घंटे मेडिकल सहायता जैसे समुचित प्रबंध सुनिश्चित किए गए हैं। हाईस्पीड इन्टरनेट की अल्टरनेट सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए ताकि रजिस्टेªशन में दिक्कत न आए।

जिलाधिकारी ने पाँच प्रमुख चेकिंग पॉइंट आईएसबीटी, ट्रांजिट कैंप, आईडीपीएल , सत्यनारायण मंदिर और खांड गांव पर अतिरिक्त प्रवर्तन बल तैनात करने और यातायात प्रबंधन को सुदृढ़ करने के निर्देश दिए। यात्रियों की आरामदायक प्रतीक्षा के लिए होल्डिंग क्षेत्रों में जर्मन हैंगर स्थापित किए जाएंगे। आइडीपीए क्षेत्र में 1500 से अधिक वाहनों की पार्किंग और ट्रांजिट पार्किंग में 200 छोटे व 150 बड़े वाहनों की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।

यह भी पढ़ें 👉  रेल परियोजनाओं में तेजी, एस्केप टनल को पैरेलल रोड बनाने की तैयारी…

रजिस्ट्रेशन प्रणाली को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने के लिए जिलाधिकारी ने एनआईसी को रजिस्ट्रेशन मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी सौंपी है। साथ ही 25 कर्मियों की मोबाइल टीम को फेस रिकॉग्निशन तकनीक से लैस करते हुए यात्रियों के ऑन-स्पॉट रजिस्ट्रेशन के लिए नियुक्त किया गया है, जो आईएसबीटी और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर कार्यरत रहेगी। जिलाधिकारी ने 10 मिनी बसें शासन द्वारा खरीदकर यात्रा में सेवा हेतु लगाए जाने के निर्देश भी दिए हैं, ताकि आपात या अतिरिक्त भीड़ की स्थिति में यात्रियों को कोई परेशानी न हो।

रजिस्ट्रेशन व्यवस्था में हाई-स्पीड इंटरनेट की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। आधार कार्ड आधारित पंजीकरण के साथ-साथ फेस रिकॉग्निशन तकनीक भी इस बार की प्रक्रिया में शामिल की गई है। सभी चेकिंग पॉइंट्स पर एलईडी स्क्रीन लगाई जाएंगी, जिनमें यात्रियों की लाइव संख्या, चारधाम आरती और धार्मिक भजनों का प्रसारण होगा, जिससे श्रद्धालु यात्रा का आध्यात्मिक अनुभव और भी गहराई से ले सकें।

यह भी पढ़ें 👉  उत्तराखंड में फिल्म ‘गोदान’ टैक्स फ्री, मुख्यमंत्री धामी के निर्देश… 

बैठक के अंत में जिलाधिकारी सविन बंसल ने ट्रांजिट कैंप का स्थलीय निरीक्षण कर सभी व्यवस्थाओं की समीक्षा की और अधिकारियों को निर्देशित किया कि कोई भी व्यवस्था अधूरी न रह जाए। “अगर एक व्यवस्था भी कमजोर रह गई तो पूरी तैयारी प्रभावित होगी,” यह कहते हुए उन्होंने सभी विभागों को सौ प्रतिशत कार्यान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि संसाधनों की कमी को बहाना नहीं बनने दिया जाएगा, और यात्रा व्यवस्थाओं में किसी प्रकार की कटौती स्वीकार नहीं की जाएगी।

Continue Reading

More in उत्तराखंड

उत्तराखंड

उत्तराखंड

ADVERTISEMENT VIDEO

ट्रेंडिंग खबरें

ADVERTISEMENT

Advertisement
Advertisement
To Top