Connect with us

उत्तराखंडः सौरभ सिंह ने सीबीएसई 12वीं में पाया प्रदेश में दूसरा स्थान, संघर्ष से पाया मुकाम…

उत्तराखंड

उत्तराखंडः सौरभ सिंह ने सीबीएसई 12वीं में पाया प्रदेश में दूसरा स्थान, संघर्ष से पाया मुकाम…

CBSE Uttarakhand Topper: लंबे इंतजार के बाद सीबीएसई का रिजल्ट जारी किया गया है। उत्तराखंड में इंटर की परीक्षा में सिमांत क्षेत्र पिथौरागढ़ के सौरभ सिंह ने परचम लहराया है। सौरभ के पिता ड्राइवर है। घर की परेशानियों और क्षेत्र की समस्याओं से लड़ते हुए सौरभ ने उन लोगों के सामने मिसाल पेश की है। जो कहते है कि सुविधाओं की कमी के कारण वह कुछ नहीं कर पा रहे है। सौरभ सिंह ने 497 अंकों के साथ प्रदेश में दूसरा स्थान प्राप्त कर प्रदेश और पिथौरागढ़ का नाम रोशन किया है।

यह भी पढ़ें 👉  नगला तराई स्थित निजी आवास पर पारंपरिक उल्लास के साथ मना होली पर्व…

मीडिया रिपोर्टस के अनुसार  सौरभ बीयरशिबा स्कूल के छात्र है। वह भारत नेपाल सीमा से सटे पंतसेरा पीपली निवासी है। सौरभ ने कक्षा 8 तक की पढ़ाई अपने गांव के स्कूल से प्राप्त की। इसके बाद वे पिथौरागढ़ आ गए। यहां वे अपने दादा दीवान सिंह कठायत व दादी कलावती देवी के साथ रहकर अपना भविष्य संवारने में जुट गए। उन्होंने कहा कि 10 घंटे नियमित अध्ययन के बाद उन्होंने इंटर की सीबीएसई परीक्षा में यह सफलता प्राप्त की है।

यह भी पढ़ें 👉  मुख्यमंत्री के अधिकारियों को सख्त निर्देश -राज्य में कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वाले तत्वों पर करें सख्त कार्रवाई*

बताया जा रहा है कि सौरभ के पिता लक्ष्मण सिंह टैक्सी चालक हैं। मां तनूजा गृहणी हैं। प्रारम्भिक शिक्षा हिंदी मीडियम से करने के बाद भी सौरभ ने सीबीएसई की मेरिट लिस्ट में स्थान हासिल किया है। सौरभ ने हाइस्कूल की परीक्षा में भी 93.8 प्रतिशत अंक प्राप्त किए थे। सौरभ की बहन प्रिया कठायत भी उनके साथ यहां रहकर 8वीं की पढ़ाई कर रही हैं। वे भी अपने भाई की सफलता से उत्साहित हैं।

यह भी पढ़ें 👉  उपनल कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री से भेंट कर ‘समान कार्य–समान वेतन’ पर कैबिनेट के ऐतिहासिक निर्णय के लिए व्यक्त किया आभार

बताया जा रहा है कि सौरभ को मोबाइल गेम पसंद है। लेकिन उन्होंने कभी अपने शौक को पढ़ाई पर हावी नहीं होने दिया। वे कहते हैं कि खेलना भी जरूरी है, लेकिन पढ़ाई की कीमत पर नहीं। एक संतुलन आवश्यक है। इसके बिना जीवन को सफल नहीं बनाया जा सकता। कहा कि मेहनत का कोई विकल्प नहीं है। संकल्प के साथ नियमित पढ़ाई कर सफलता प्राप्त की जा सकती है। वे भविष्य में सीए बनकर देश सेवा करना चाहते हैं।

Continue Reading

More in उत्तराखंड

उत्तराखंड

उत्तराखंड

ADVERTISEMENT VIDEO

ट्रेंडिंग खबरें

ADVERTISEMENT

Advertisement
Advertisement
To Top