Connect with us

टिहरीः युवा प्रधान बबली रावत के शानदार काम की हर कोई कर रहा तारीफ, गांव में किए ये काम…

उत्तराखंड

टिहरीः युवा प्रधान बबली रावत के शानदार काम की हर कोई कर रहा तारीफ, गांव में किए ये काम…

टिहरीः युवा प्रधान बबली रावत के शानदार काम की हर कोई कर रहा तारीफ, गांव में किए ये काम…

दिल में आगे बढ़ने की ललक और कुछ अलग करने का जज्बा हो तो रास्ते भी आसान हो जाते हैं। जी हां कुछ ऐसी ही कहानी है टिहरी की एक प्रधान की। टिहरी जिले के नरेंद्रनगर ब्लाक की युवा प्रधान बबली रावत ने अपने शानदार काम से मिसाल पेश की है। उनके कार्यों की चर्चा जहां हर ओर हो रही है। वहीं गांव की तस्वीर भी बदल गई है।

मिली जानकारी के अनुसार बबली रावत डिजिटल भारत की मुहिम को ग्राम पंचायत ओडाडा की धरती तक पहुंचा रही हैं। जिससे यहां विकास भी योजनाबद्ध ढंग से आगे बढ़ रहा है। बबली रावत ने ग्राम पंचायत में डिजिटल सुविधा प्रदान करने वाले बेसिक कंप्यूटर प्रशिक्षण सेंटर की शुरुआत की है। इसके अलावा ग्रामीणों को डिजिटल सेवा केंद्र से जरूरी प्रमाण पत्रों के साथ विभिन्न योजनाओं के लिए आवेदन करने की सुविधा भी यहां मिल रही है।

यह भी पढ़ें 👉  द पॉली किड्स स्कूल देहरादून ने चंद्रबनी में अपनी नई शाखा खोली…

ग्रामीणों को सब सुविधाएं यहां निशुल्क उपलब्ध हैं, जिसके लिए उन्हें अब शहरों की तरफ रुख नहीं करना पड़ता। यही नहीं एटीएम जेसी सुविधा भी ग्रामीणों के अब द्वार तक पहुंचती है। इतना ही नहीं बबली रावत ने सरकारी अनुदान से सीसीटीवी कैमरे लगवाए हैं जो उनके मोबाइल से जुड़े हैं। साथ ही पंचायत के विद्यालयों को भी बेहतर किया गया है। वह अपने कार्यों से आधुनिकता की मिसाल पेश करते हुए गांव की सुरक्षा को भी तकनीक से जोड़ रही है।

यह भी पढ़ें 👉  भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी पत्नी साक्षी संग पहुंचे देहरादून…

ग्राम प्रधान बबली ने गांव को डिजिटल बनाने की योजना बनाई और अपनी तरफ से 10 कंप्यूटर व एक प्रिंटर खरीदा जिन्हें संचालित करने की जिम्मेदारी पंचायत के प्रशिक्षित युवाओं को सौंपी गई। वर्ष 2022 से ग्रामीणों, युवाओं व छात्रों को यह डिजिटल सेवा मिल रही है। आसपास की ग्राम पंचायतों के बच्चे भी कंप्यूटर का बेसिक ज्ञान लेने यहां पहुंचते हैं। हर माह कंप्यूटर ज्ञान और चित्रकला प्रतियोगिता होती है। बताया जा रहा है कि पहले ग्रामीणों को डिजिटल कार्य हेतु 25 किलोमीटर तक का सफर तय करना पड़ता था । अब इस समस्या का निदान हो गया है।

यह भी पढ़ें 👉  जिलाधिकारियों को आजीविका से जुड़ी सभी योजनाओं की आउटपुट मॉनिटरिंग करने के सख्त निर्देश
Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

More in उत्तराखंड

उत्तराखंड

उत्तराखंड

ट्रेंडिंग खबरें

To Top