Connect with us

उत्तराखंड के मंत्रिमंडल में है पांच करोड़पति मंत्री, जानिए इनकी संपत्ति का ब्योरा

उत्तराखंड

उत्तराखंड के मंत्रिमंडल में है पांच करोड़पति मंत्री, जानिए इनकी संपत्ति का ब्योरा

देहरादूनः उत्तराखंड में मंत्रिमंडल शपथ ले चुका है। इस बार धामी कैबिनेट के पांच ऐसे मंत्री है जिनकी संपत्ति सीएम धामी से भी ज्यादा है। मंत्रिमंडल में अगर संपत्ति के लिहाज से देखा जाए तो सतपाल महाराज सबसे अमीर मंत्री है। उनके पास  87 करोड़ 34 लाख की सपंत्ति है। सतपाल महाराज के साथ चार और ऐसे मंत्री है जो करोड़पति है।  करोड़पति मंत्रियों से राज्य को भी बड़ी उम्मीदें हैं। खासतौर पर यहां गरीबी, बेरोजगारी, महिलाओं की स्थिति और उत्तराखंड की खराब आर्थिक स्थिति जैसी चुनौतियों का पहाड़ हैं। आईए जानते है राज्य के करोड़पति मंत्रियों के बारें में…

यह भी पढ़ें 👉  मन की बात से राष्ट्र निर्माण की प्रेरणा मिलती है : धामी

मीडिया रिपोर्टस के अनुसार पुष्कर सिंह धामी के पास  3.34 करोड़ की संपत्ति, तो सतपाल महाराज के पास  87.34 करोड़ की संपत्ति है। जबकि रेखा आर्य  के पास  25.20 करोड़ की संपत्ति है तो वहीं
गणेश जोशी के पास  9.74 करोड़ की संपत्ति है। बात अगर पहली बार मंत्री बने सौरभ बहुगुणा की करें तो इनके पास 7.85 करोड़ की संपत्ति है। वहीं पूर्व विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल  5.03 करोड़ की संपत्ति के मालिक है। जबकि डॉ.धन सिंह रावत के पास  2.67 करोड़ की संपत्ति है। सुबोध उनियाल  के पास  1.61 करोड़ की संपत्ति है तो वहीं चंदनराम दास  1.24 करोड़ की संपत्ति के मालिक है। इन विधायकों की संपत्ति का ब्योरा देख जनता को इनसे उम्मीद है कि ये जनता के हित में कार्य करेंगे।

यह भी पढ़ें 👉  सिटी फॉरेस्ट पार्क में योग दिवस पर उमड़ा जनसैलाब…

गौरतलब है कि करोड़पति कैबिनेट के सामने सबसे बड़ी चुनौती राज्य के आर्थिक हालात सुधारने की है। वित्तीय वर्ष 2020-21 में 10802 करोड़ रुपये का राजकोषीय घाटा रहा था। जबकि मौजूदा वित्तीय वर्ष में 12754 करोड़ रुपये के सरकार के राजस्व के साथ सरप्लस बजट का अनुमान है। राज्य की हालात ठीक नहीं है। राजस्व घाटे में है, राज्य पर अरबों का कर्जा है। ऐसे में विकास की डगर मुश्किल में है। बढ़ती मंहगाई आमजन की कमर तोड़ रही है। ऐसे में योजनाओं  को लागू करना चुनौती से कम नहीं।

यह भी पढ़ें 👉  मुख्यमंत्री की प्राथमिकता बना कार्लीगाड़ पुनर्वास, 15 दिनों में मलबा हटाने और पुनर्वास कार्य पूरा करने का लक्ष्य…
Continue Reading

More in उत्तराखंड

उत्तराखंड

उत्तराखंड

ADVERTISEMENT VIDEO

ट्रेंडिंग खबरें

ADVERTISEMENT

Advertisement
Advertisement
To Top