Category: उत्तराखंड

  • सीएम धामी ने विधानसभा में पेश किया 21 हजार 116 करोड़ से ज्यादा का लेखानुदान, जानिए…

    सीएम धामी ने विधानसभा में पेश किया 21 हजार 116 करोड़ से ज्यादा का लेखानुदान, जानिए…

    देहरादूनः उत्तराखंड में आज विधानसभा सत्र का पहला दिन हंगामेदार रहा। जहां विपक्ष ने सरकार को घेरने की कोशिश की। वहीं सीएम धामी ने इक्कीस हजार एक सौ सोलह करोड़ इक्यासी लाख चवालीस हजार का लेखानुदान पेश किया। विपक्ष अभिभाषण पर चर्चा की मांग पर अड़ा रहा, सदन कल सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित किया गया। बता दें कि सीएम वित्तीय वर्ष 2022-2023 हेतु वर्तमान में प्राक्कलित राज्य के समेकित निधि से रू0 624685064000 (रूपये बासठ हजार चार सौ अड़सठ करोड़ पचास लाख चौसठ हजार मात्र) की कुल मांग के सापेक्ष प्रथम चार माह हेतु रू० 211168144000 (रूपये इक्कीस हजार एक सौ सोलह करोड़ इक्यासी लाख चवालीस हजार मात्र) की धनराशि विधि अनुरूप वार्षिक वित्तीय विवरण पारित होने तक लेखानुदान के रूप में अग्रिम स्वीकृत करने का प्रस्ताव विधान सभा के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है।

    मीडिया रिपोर्टस के अनुसार विधानसभा से पूर्ण बजट पर विस्तृत चर्चा के बाद विधेयक पारित कराने व इसके अधिनियम बनने में समय लग सकता है।जबकि वित्तीय वर्ष 2022-23 हेतु राज्य की समेकित निधि से धनराशि आहरण की आवश्यकता होगी। संविधान के अनुच्छेद 206 में उल्लिखित प्रावधानों के अनुसार मुख्यतः बचनबद्ध मदों के आहरण हेतु प्रथम चार माह का आय-व्ययक (लेखानुदान) सदन में प्रस्तुत किया गया है। विभागों से प्राप्त आकड़ों के आधार पर वित्त विभाग द्वारा वित्तीय वर्ष 2022-23 हेतु रू० 62468.50 करोड़ का बजट प्रस्ताव तैयार किया गया है। जिसके प्रथम चार माह (अप्रैल 2022 से जुलाई 2022) में होने वाले सम्भावित व्यय हेतु पूर्ण बजट का 1/3 भाग लेखानुदान रू0. 21116.81 करोड़ (इक्कीस हजार एक सौ सोलह करोड़ इक्यासी लाख) रखा गया है। लेखानुदान के अन्तर्गत कुल व्यय रू०. 21116.81 करोड़ में राजस्व व्यय के अन्तर्गत रू०. 16007.63 करोड़ तथा पूंजीगत व्यय के अन्तर्गत रू0 5109.18 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

    बता दें कि केंद्र पोषित योजनाओं के अन्तर्गत कुल रू०. 3715 करोड, बाह्य सहायता प्राप्त परियोजनाओं के अन्तर्गत रू०. 593 करोड़ एवं नाबार्ड योजनाओं के अन्तर्गत रू०.270 करोड़ का प्रावधान किया गया है। वचनबद्ध व्यय में वेतन और भत्तों के अन्तर्गत रू०. 5796 करोड़, पेंशन और अन्य सेवानिवृत्ति लाभों के अन्तर्गत रू०. 2229 करोड़, ब्याज भुगतान के अन्तर्गत रू०. 2256 करोड़, ऋण अदायगी के अन्तर्गत रू०. 1563 करोड़ एवं स्थानीय निकायों को हस्तांतरण के अन्तर्गत कुल रू0 460 करोड़ का प्रावधान किया गया है। भारत के संविधान के अनुच्छेछ-202 के क्रम में प्रत्येक वर्ष के लिये प्राक्कलित प्राप्तियों और व्यय का विवरण (वार्षिक वित्तीय विवरण) बजट मैनुअल के प्रस्तर-71 के प्राविधानों के अधीन सामान्यतया फरवरी अथवा मार्च में विधान सभा के समक्ष विचारार्थ एवं अनुमोदनार्थ प्रस्तुत किया जाता है ताकि अगले वित्तीय वर्ष के प्रारम्भ से राज्य के समेकित निधि से सरकारी कार्यों के लिये आवश्यक धनराशि व्यय हेतु उपलब्ध रहे। इस क्रम में संविधान के अनुच्छेद-206 में निहित प्राविधानों के अनुसार वित्तीय वर्ष 2022-23 के प्रथम चार माह (अप्रैल 1, 2022 से जुलाई 31, 2022) हेतु विधान सभा के समक्ष लेखानुदान प्रस्तुत किया जाना प्रस्तावित है।

  • उत्तराखंड लोक सेवा आयोग ने जारी किया इस भर्ती का एडमिट कार्य, ऐसे करें डाउनलोड

    उत्तराखंड लोक सेवा आयोग ने जारी किया इस भर्ती का एडमिट कार्य, ऐसे करें डाउनलोड

    देहरादूनः उत्तराखंड में बेरोजगार युवा सरकारी नौकरी की आस लगाएं बैठे है। इस बीच युवाओं के लिए अच्छी खबर है। आयोग ने  समीक्षा अधिकारी और सहायक समीक्षा अधिकारी भर्ती मुख्य परीक्षा 2022 का एडमिट कार्ड जारी कर दिया है। उत्तराखंड आरओ और एआरओ भर्ती मुख्य परीक्षा के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवार उत्तराखंड लोक सेवा आयोग की वेबसाइट ukpsc.gov.in पर जाकर अपने एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं। एडमिट कार्य को 8 अप्रैल 2022 तक ही डाउनलोड किया जा सकेगा।

    बता दें कि यूकेपीएससी आरओ और एआरओ भर्ती मुख्य परीक्षा 2022 का एडमिट कार्ड डाउनलोड करने के लिए सबसे पहले यूकेपीएससी की वेबसाइट ukpsc.gov.in पर जाएं।  अब होम पेज पर फ्लैश हो रहे लिंक ‘उत्तराखण्ड सचिवालय/उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग, समीक्षा अधिकारी (लेखा)/सहायक समीक्षा अधिकारी (लेखा) मुख्य परीक्षा-2021 के ऑनलाइन प्रवेश पत्र डाउनलोड करने के संबंध में (Under Section/Module :Recruitments)’ पर क्लिक करें। अब ‘प्रवेश पत्र डाउनलोड करने हेतु यहां क्लिक करें’ लिंक ओपन करें। अब अपने लॉग इन क्रेडेंशियल एंटर करके सबमिट करें। अब यूकेपीएससी आरओ एवं एआरओ भर्ती मुख्य परीक्षा 2022 एडमिट कार्ड डाउनलोड और प्रिंट कर लें।

    उम्मीदवारों को यूकेपीएससी आरओ एआरओ मेन्स एडमिट कार्ड डाउनलोड करने और इसे भविष्य के संदर्भ के लिए सहेजने की सलाह दी जाती है। उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे प्रवेश पत्र पर दिए गए सभी निर्देशों को पढ़ें और परीक्षा के दौरान उनका पालन करें।

  • उत्तराखंड लोक सेवा आयोग ने जारी किया इस भर्ती का एडमिट कार्य, ऐसे करें डाउनलोड

    उत्तराखंड लोक सेवा आयोग ने जारी किया इस भर्ती का एडमिट कार्य, ऐसे करें डाउनलोड

    देहरादूनः उत्तराखंड में बेरोजगार युवा सरकारी नौकरी की आस लगाएं बैठे है। इस बीच युवाओं के लिए अच्छी खबर है। आयोग ने  समीक्षा अधिकारी और सहायक समीक्षा अधिकारी भर्ती मुख्य परीक्षा 2022 का एडमिट कार्ड जारी कर दिया है। उत्तराखंड आरओ और एआरओ भर्ती मुख्य परीक्षा के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवार उत्तराखंड लोक सेवा आयोग की वेबसाइट ukpsc.gov.in पर जाकर अपने एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं। एडमिट कार्य को 8 अप्रैल 2022 तक ही डाउनलोड किया जा सकेगा।

    बता दें कि यूकेपीएससी आरओ और एआरओ भर्ती मुख्य परीक्षा 2022 का एडमिट कार्ड डाउनलोड करने के लिए सबसे पहले यूकेपीएससी की वेबसाइट ukpsc.gov.in पर जाएं।  अब होम पेज पर फ्लैश हो रहे लिंक ‘उत्तराखण्ड सचिवालय/उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग, समीक्षा अधिकारी (लेखा)/सहायक समीक्षा अधिकारी (लेखा) मुख्य परीक्षा-2021 के ऑनलाइन प्रवेश पत्र डाउनलोड करने के संबंध में (Under Section/Module :Recruitments)’ पर क्लिक करें। अब ‘प्रवेश पत्र डाउनलोड करने हेतु यहां क्लिक करें’ लिंक ओपन करें। अब अपने लॉग इन क्रेडेंशियल एंटर करके सबमिट करें। अब यूकेपीएससी आरओ एवं एआरओ भर्ती मुख्य परीक्षा 2022 एडमिट कार्ड डाउनलोड और प्रिंट कर लें।

    उम्मीदवारों को यूकेपीएससी आरओ एआरओ मेन्स एडमिट कार्ड डाउनलोड करने और इसे भविष्य के संदर्भ के लिए सहेजने की सलाह दी जाती है। उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे प्रवेश पत्र पर दिए गए सभी निर्देशों को पढ़ें और परीक्षा के दौरान उनका पालन करें।

  • Big Breaking: उत्तराखंड में 12 अप्रेल से लागू होंगे ये नए नियम, जल्द कर लें ये काम…

    Big Breaking: उत्तराखंड में 12 अप्रेल से लागू होंगे ये नए नियम, जल्द कर लें ये काम…

    देहरादूनः उत्तराखंड में वाहनों के लिए 12 अप्रेल से नए नियम लागू होने जा रहे है।ऐसे में अगर आप भी सार्वनजनिक और मालवाहन वाहन चलाते हैं तो इन नियमों को पढ़ लीजिए वरना आपको परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। जी हां  यह खबर आपके लिए है। क्योकि परिवहन विभाग चारधाम यात्रा को लेकर राज्य में नए नियम लागू करने जा रहा है। 12 अप्रैल से पहले प्रदेश के सभी सार्वजनिक व मालवाहक वाहनों में वैश्विक स्थान निर्धारण प्रणाली (जीपीएस) लगाना अनिवार्य हो गया है।

    मीडिया रिपोर्टस के अनुसार सचिव परिवहन डाक्‍टर रणजीत कुमार सिन्हा ने निर्देश जारी कर दिए हैं। उन्होंने अपर परिवहन को पत्र लिखकर वाहनों में जीपीएस की व्यवस्था को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।  सार्वजनिक वाहनों में टैक्सी, मैक्सी से लेकर बस तक सभी प्रकार के यात्री वाहन शामिल हैं। सभी सार्वजनिक व मालवाहक वाहनों के लिए 20 अप्रैल तक जीपीएस लगाना अनिवार्य किया गया है। इससे सरकार चारधाम यात्रा के दौरान संचालित होने वाले सार्वजनिक वाहनों पर भी नजर रख सकेगी।

    गौरतलब है कि प्रदेश में सभी सार्वजनिक व मालवाहक वाहनों में जीपीएस लगाने की कवायद लंबे समय से की जा रही है। केंद्र सरकार वर्ष 2019 में इसके लिए राज्यों को निर्देशित कर चुकी है। पहले कोरोना संक्रमण और फिर विधानसभा चुनाव के कारण प्रदेश में इस व्यवस्था को अमल में नहीं लाया जा सका। अब ये नियम लागू होने जा रहा है। आप भी मालवाहक या सार्वजानिक वाहन चलाते है तो 21 अप्रैल से पहले जीपीएस लगवा लें। अगर ऐसा नहीं करते है तो आपको परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

     

     

  • Big Breaking: उत्तराखंड में 12 अप्रेल से लागू होंगे ये नए नियम, जल्द कर लें ये काम…

    Big Breaking: उत्तराखंड में 12 अप्रेल से लागू होंगे ये नए नियम, जल्द कर लें ये काम…

    देहरादूनः उत्तराखंड में वाहनों के लिए 12 अप्रेल से नए नियम लागू होने जा रहे है।ऐसे में अगर आप भी सार्वनजनिक और मालवाहन वाहन चलाते हैं तो इन नियमों को पढ़ लीजिए वरना आपको परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। जी हां  यह खबर आपके लिए है। क्योकि परिवहन विभाग चारधाम यात्रा को लेकर राज्य में नए नियम लागू करने जा रहा है। 12 अप्रैल से पहले प्रदेश के सभी सार्वजनिक व मालवाहक वाहनों में वैश्विक स्थान निर्धारण प्रणाली (जीपीएस) लगाना अनिवार्य हो गया है।

    मीडिया रिपोर्टस के अनुसार सचिव परिवहन डाक्‍टर रणजीत कुमार सिन्हा ने निर्देश जारी कर दिए हैं। उन्होंने अपर परिवहन को पत्र लिखकर वाहनों में जीपीएस की व्यवस्था को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।  सार्वजनिक वाहनों में टैक्सी, मैक्सी से लेकर बस तक सभी प्रकार के यात्री वाहन शामिल हैं। सभी सार्वजनिक व मालवाहक वाहनों के लिए 20 अप्रैल तक जीपीएस लगाना अनिवार्य किया गया है। इससे सरकार चारधाम यात्रा के दौरान संचालित होने वाले सार्वजनिक वाहनों पर भी नजर रख सकेगी।

    गौरतलब है कि प्रदेश में सभी सार्वजनिक व मालवाहक वाहनों में जीपीएस लगाने की कवायद लंबे समय से की जा रही है। केंद्र सरकार वर्ष 2019 में इसके लिए राज्यों को निर्देशित कर चुकी है। पहले कोरोना संक्रमण और फिर विधानसभा चुनाव के कारण प्रदेश में इस व्यवस्था को अमल में नहीं लाया जा सका। अब ये नियम लागू होने जा रहा है। आप भी मालवाहक या सार्वजानिक वाहन चलाते है तो 21 अप्रैल से पहले जीपीएस लगवा लें। अगर ऐसा नहीं करते है तो आपको परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

     

     

  • बड़ी खबर: उत्तराखंड मंत्रिमंडल में अभी-अभी विभागों का हुआ बंटवारा, देखें किसे मिला कौन सा विभाग

    बड़ी खबर: उत्तराखंड मंत्रिमंडल में अभी-अभी विभागों का हुआ बंटवारा, देखें किसे मिला कौन सा विभाग

    देहरादून: उत्तराखंड में धामी सरकार के गठन के बाद मंगलवार को मंत्रालयों का भी बंटवारा हो गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने पास 23 विभाग रखे हैं। सतपाल महाराज को पीडब्ल्यूडी विभाग को जिम्मा सौंपा गया है। नई सरकार में वित्त मंत्रालय की जिम्मेदारी प्रेम चंंद्र अग्रवाल को दी गई है। हालांकि अभी इस लिस्ट को राजभवन से मंजूरी नहीं मिली है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इसी लिस्ट को राजभवन भेजा जाना है ये उससे पहले ही वायरल हो गई है। देखें लिस्ट…

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने मंत्रियों को विभागों का किया बंटवारा pic.twitter.com/JP5RV8c1rv

    — पहाड़ी खबरनामा (@Pahadikhabar) March 29, 2022

     

     

  • उत्तराखंड में जल्द शुरू होगी ये खास योजनाएं, जानिए इनकी खासियत और लाभ

    उत्तराखंड में जल्द शुरू होगी ये खास योजनाएं, जानिए इनकी खासियत और लाभ

    देहरादूनः उत्तराखंड में इतिहास रच धामी सरकार फिर सत्ता में आ गई है। सीएम धामी फुल एक्शन में है। इसके लिए सरकार ने अगले पांच साल का पूरा प्लान तैयार कर लिया है। आने वाले पांच सालों में बहुत कुछ खास होने वाला है। धामी सरकार ने सीमांत क्षेत्रों में सुरक्षा के लिहाज से पूर्व सैनिकों को और युवाओं को बसाने तो सीएम किसान प्रोत्साहन निधि जैसी आठ विशेष योजनाओं के बारे में बात की है। धामी सरकार का ये प्लान धरातल पर कामयाब होता है तो राज्य की जनता को लाभ मिलना निश्चित है।

    ये है अगले पांच साल की आठ विशेष योजना

    हिम प्रहरी योजना पर बात की गई । इस योजना के तहत सीमांत क्षेत्रों में सुरक्षा के लिहाज से पूर्व सैनिकों को और युवाओं को बसने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। पलायन की वजह से खाली हो रहे सीमांत क्षेत्रों में दोबारा बसावट विकसित की जाएंगी।

    सीएम किसान प्रोत्साहन निधि योजना की शुरूआत की जाएगी। इस योजना का लाभ राज्य के नौ लाख से ज्यादा किसानों को मिलेगा।

    आर्गनिक्स ब्रांड योजना शुरू की जाएगी। इसके तहत सरकार राज्य के उत्पादों को अखिल भारतीय बाजार में तैयार करने के लिए उत्तराखंड आर्गनिक्स ब्रांड विकसित करेगी।

    मानसखंड मंदिर माला मिशन योजना शुरू की जाएगी। इस योजना के तहत चारधाम सर्किट में आने वाले  सभी मंदिर और गुरुद्वारों में बुनियादी सुविधाओं और परिवहन सेवाओं को विस्तार किया जाएगा। साथ ही चार धाम परियोजना की तर्ज पर कुमाऊँ के प्राचीन मंदिरों को भव्य बनाया जाएगा।

    मिशन मायापुरी योजनाः इस योजना के तहत धर्मनगरी हरिद्वार को योग की अंतर्राष्ट्रीय राजधानी और विश्व में आध्यात्मिक पर्यटन के लिए सबसे बड़े स्थलों के रूप में विकसित किया जाएगा।

    पर्वतमाला योजना: इस योजना के तहत राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों में बेहतर और तेज कनेक्टिविटी प्रदान करने के लिए रोपवे परिवहन नेटवर्क का निर्माण किया जाएगा।

     महिला सहायता कोष: इस योजना के तहत महिलाओं को मजबूत बनाया जाएगा। इसके लिए राज्य में महिला स्वयं सहायता समूहों को व्यावसायिक रूप से मजबूत बनाया जाएगा। साथ ही नए व्यावसाय शुरू करने के लिए आर्थिक सहायता को विशेष कोष बनाया जाएगा।

    सुदृढ़ संचार सेवाएं योजनाः इस योजना के तहत राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में 4जी और 5जी मोबाइल नेटवर्क और हाई स्पीड ब्रॉडबैंड एवं फाइबर इंटरनेट की सुविधा को बढ़ाया जाएगा।

     

  • उत्तराखंड में यहां संदिग्ध परिस्थितियों में मिला युवक का शव, क्षेत्र में मचा हड़कंप

    उत्तराखंड में यहां संदिग्ध परिस्थितियों में मिला युवक का शव, क्षेत्र में मचा हड़कंप

    नैनीतालः उत्तराखंड में अपराधिक घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही है। आज सुबह एक बार फिर नैनी झील से एक शव बरामद हुआ है। शव बरामद होने के बाद से जहां एक और क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। वहीं शव की शिनाख्त में जुटी पुलिस को मृतक के भाई ने हैरतअंगेज बात की है।  युवक की शिनाख्त हरिनगर निवासी राहुल कुमार के रूप में हुई है. पुलिस ने शव पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम को भेज दिया है।

    मीडिया रिपोर्टस के अनुसार मंगलवार यानि आज तल्लीताल डांठ क्षेत्र में सुबह स्थानीय लोगों ने एक युवक का शव झील में बहता हुआ देखा, जिसके बाद इसकी सूचना पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को नाव के जरिए झील से बाहर निकाला।  पुलिस को मृतक की जेब से मोबाइल फोन मिला है। जिससे उसकी पहचान हो पाई है। युवक की पहचान राहुल पुत्र गरीब दास निवासी दुर्गापुर हरिनगर के रूप में हुई है। मृतक के मोबाइल से एक नंबर पर कॉल लगाया तो युवक ने खुद को भरतपुर राजस्थान निवासी मृतक का भाई बताया। उसने कहा कि भाई कुछ दिन पहले घर से भाग गया था। आप लोग उसका खुद ही अंतिम संस्कार कर दो।

    वहीं मृतक के पिता गरीब दास ने बताया कि राहुल शहर में घर-घर जाकर चूड़ी बेचने, पुताई, शादी विवाह में ढोल बजाने का काम करता था। वो होली के 2 दिन बाद चूड़ियां खरीदने के लिए दिल्ली के लिए निकला था। इसके बाद से उससे संपर्क नहीं हो पाया और आज उसका शव झील से बरामद हुआ है। यह हादसा है या आत्महत्या पुलिस इसकी जांच कर रही है। मौत के कारणों का पुलिस अभी भी पता लगा रही है। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

  • हड़ताल असर: यहां बैंक की हड़ताल से करोड़ों का कारोबार हुआ ठप, पढिये कहां

    हड़ताल असर: यहां बैंक की हड़ताल से करोड़ों का कारोबार हुआ ठप, पढिये कहां

    उत्तराखंड। बैंकों के निजीकरण के विरोध और छह मांगों के लिए बैंकों की देशव्यापी हड़ताल का धर्मनगरी में मिलाजुला असर देखने को मिला। हड़ताल के कारण एक दिन में लगभग 50 करोड़ का कारोबार ठप रहा। उपभोक्ताओं को भी बैंकों के बंद रहने से परेशानियों का सामना करना पड़ा। इसके कारण एटीएम और नकदी जमा करने वाली मशीनों पर अधिक दबाव देखने को मिला। मंगलवार को भी हड़ताल जा रहेगी।

    केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ सेंट्रल ट्रेड यूनियनों के संयुक्त मोर्चे के आह्वान पर बैंक, एलआईसी समेत विभिन्न कर्मचारियों की दो दिवसीय हड़ताल सोमवार से शुरू हुई। यूनियन के हड़ताल के आह्वान का धर्मनगरी में मिला-जुला असर दैखने को मिला। उत्तरांचल बैंक एंपलाइज यूनियन के बैनर तले पंचपुरी के बैंककर्मियों ने नगर निगम हरिद्वार में केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। बैंकों से जुड़ी आठ यूनियनों से जुड़े तीन यूनियनों के कर्मचारी बैंकों से निकलकर धरना-प्रदर्शन स्थल पर पहुंच गए। बीईयू के महामंत्री राजकुमार सक्सेना ने कहा कि केंद्री सरकार की जनविरोधी और कर्मचारी विरोधी नीतियों के चलते बैंकों के साथ ही उपभोक्ताओं को भी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। बैंकों का निजीकरण कर सरकार कर्मचारियों को सड़क पर लाना चाहती है। साथ ही इससे आने वाले समय में रोजगार के अवसर भी युवा खो देंगे। इस मौके पर बीईयू के संयुक्त महासचिव राहुल खुराना, अमित, प्रवीण, राजकुमार, अनुज केशव मौजूद थे।

    30 मार्च से बढ़ेगा दबाव
    हरिद्वार। दो दिवसीय हड़ताल से बैंकों में कामकाज प्रभावित रहा। इससे पहले शनिवार और रविवार को भी काम नहीं होने से और अब वित्तीय वर्ष के आखिरी सप्ताह में हो रही इस हड़ताल से उपभोक्ताओं का सोमवार को भी कोई काम नहीं हुआ। मंगलवार को भी यही स्थिति रहेगी। इससे बैंकों से जुड़े लोगों को बुधवार तक का इंतजार करना पड़ेगा। ऐसे में मार्च का महीना होने के कारण उपभोक्ताओं के पास वित्तीय वर्ष का लेखाजोखा पूरा करने के लिए दो दिन का समय रहेगा। इससे बैंकों में 30 मार्च और 31 मार्च को दबाव बढ़ सकता है।

    बैंक कर्मियों की ये हैं प्रमुख मांगें
    – बैंकों का निजीकरण रोका जाए।
    – आउट सोर्सिंग व्यवस्था बंद की जाए।
    – सभी ठेका कर्मचारियों एवं बिजनेश कॉरेस्पोंडेंट को नियमित किया जाए।
    – हेयर कट्स पर रोक लगाई जाए।
    – नेशनल पेंशन स्कीम समाप्त की जाए।
    – महंगाई भत्ते से संबंध पेंशन योजना बहाल की जाए।
    इन दिनों मार्च फाइनल का काम चल रहा है। इसकी वजह से दबाव अधिक है। हड़ताल से बैंकों पर तो असर पड़ा ही है 50 करोड़ रुपये के आसपास कारोबार प्रभावित हुआ है। फिर भी धर्मनगरी में सभी यूनियनों के हड़ताल में शामिल नहीं होने से मिलाजुला असर रहा है

  • इंतजार: उत्तराखंड में मंत्री पद से नवाज दिया, लेकिन विभाग अभी तक नही दिया, बेसब्री से इंतजार,

    इंतजार: उत्तराखंड में मंत्री पद से नवाज दिया, लेकिन विभाग अभी तक नही दिया, बेसब्री से इंतजार,

    देहरादून। मंत्री पद की शपथ लिए एक सप्ताह होने को है। मगर, अभी तक मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंत्रियों को विभाग नहीं सौंपे। परिणाम राज्य में मंत्रियों के विभागों को लेकर कयास ही लग रहे हैं। 23 मार्च को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के साथ आठ कैबिनेट मंत्रियों ने शपथ ली थी। माना जा रहा था कि मुख्यमंत्री एक-दो दिन में विभागों का बंटवारा कर देंगे।

    बताया जा रहा है कि इस पर एक्सरसाइज भी हो चुकी है। बावजूद इसके अभी तक मंत्री विभागों के लिए तरह रहे हैं। ये भी सूचनाएं हैं कि कुछ माननीय विभागों को लेकर प्रेशर पॉलिटिक्स कर रहे हैं। खुद ही बोल रहे हैं कि उन्होंने फलां विभाग अच्छा चलाया यानि उन्हें इस बार भी वो विभाग अनिवार्य तौर पर चाहिए। इससे विभागों का बंटवारा लगातार उलझ रहा है।

    माननीयों के पहले दो-तीन दिन तो बधाई लेने में किसी तरह से निकल गए। मगर, अब लोग मंत्री को विभाग के साथ देखना चाहते हैं। ऐसा ही कुछ विलंब मुख्यमंत्री हरीश रावत ने भी विभागों के बंटवारें में किया था। तब खूब सवाल उठे थे। यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यानाथ ने शपथ ग्रहण के 24 घंटे के ही मंत्रियों को विभाग भी बांटे दिए।