Tag: उत्तराखंड

  • दर्दनाकः घर के बाहर मिली टॉफी खाकर एक ही परिवार के चार बच्चों की मौत,मचा कोहराम…

    दर्दनाकः घर के बाहर मिली टॉफी खाकर एक ही परिवार के चार बच्चों की मौत,मचा कोहराम…

    लखनऊः उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में आज सुबह जहरीली टाफी खाने से एक ही परिवार के चार बच्चों की मौत हो गई। इस घटना का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संज्ञान लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने घटना पर दुख व्यक्त करते हुए पीड़ित परिवार को तत्काल सहायता देने के भी निर्देश दिए हैं।

    उत्तर प्रदेश के जिले कुशीनगर जिले के कसया थाना क्षेत्र के सिसई टोला में बुधवार की सुबह टॉफी खाने से 4 बच्चों की मौत का मामला सामने आया है। एक साथ चार बच्चों की मौत से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। मृतक बच्चों की पहचान मंजना 6 वर्ष, स्वीटी 3 वर्ष, समर 2 वर्ष पुत्र रसगुल व रसगुल की बहन खुशबू के 5 वर्षीय बेटे आयुष के रूप में हुई। इस घटना की सूचना प्राप्त होते ही मौके पर पुलिस पहुंच गई। मृतक बच्चों के शवों को पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया है और मामले की जांच करने में जुट गई है।

    कुशीनगर जिले के कुड़वा दिलीपनगर के सिसई टोला में बुधवार की सुबह चार बच्चों की जहरीली टाफी खाने से मृत्यु हो गई। मृतक बच्चों की पहचान पहचान मंजना 6 वर्ष, स्वीटी 3 वर्ष,समर 2 वर्ष पुत्र रसगुल व मायके आई रसगुल की बहन खुशबू के 5 वर्षीय बेटे आयुष के रूप में हुई। इस भयावह घटना के संबंध में पीड़ित के पिता ने बताया कि सुबह छह बजे बच्चे सोकर उठे और घर के बाहर आए। उनको दरवाजे पर टॉफी और सिक्के बिखरे मिले। बच्चे सिक्के व टॉफी बटोर लिए। टॉफी को खाते ही बच्चे अचेत हो गए। अस्पताल पहुंचते पहुंचते उनकी मृत्यु हो गई।

  • उत्साह: ख़ाकी भी जमकर थिरक रही,काचा बादाम सांग पर,धूम मची है इस सांग की,,

    उत्साह: ख़ाकी भी जमकर थिरक रही,काचा बादाम सांग पर,धूम मची है इस सांग की,,

    नेशनल ब्यूरो। सोशल मीडिया पर तबाही मचा देने वाला वायरल सॉन्ग ‘काचा बादाम’ का असर खत्म होने का नाम ही नहीं ले रहा है।

    हैदराबाद, इस गाने को गाने वाले सिंगर भूबन बड्याकर की लाइफ भी बदल गई है, लेकिन गाना है कि रुकने का नाम ही नहीं ले रहा है। गली-गली और नुक्कड़-नुक्कड़ पर इस गाने का जलवा आज भी बरकरार है।

    अब इस गाने का खुमार खाकी वर्दी पर भी छा गया है। दरअसल, सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया है, जिसमें पूरा पुलिस डिपार्टमेंट ‘काचा बादाम’ पर कमर मटकाता दिख रहा है।

  • Breaking news: केंद्र की सौगात कोटद्वार के द्वार,अब नहीं खाने होंगे इस मार्ग पर हिचकोले,,

    Breaking news: केंद्र की सौगात कोटद्वार के द्वार,अब नहीं खाने होंगे इस मार्ग पर हिचकोले,,

    गढ़वाल: केंद्र सरकार जल्द ही कोटद्वार क्षेत्र की जनता को सौगात देने जा रही है। जल्द ही नजीबाबाद-बुआखाल राष्ट्रीय राजमार्ग को मुरादाबाद-हरिद्वार राष्ट्रीय राजमार्ग से जोड़ा जा रहा है। इस सड़क के बनने से जहां एक ओर कोटद्वार क्षेत्र की जनता को नजीबाबाद नहर बाइपास मार्ग पर हिचकोले नहीं खाने पड़ेंगे, वहीं बरसात के मौसम में भी प्रदेश की राजधानी पहुंचने में कोई परेशानी नहीं होगी।

    जनपद बिजनौर के अंतर्गत नजीबाबाद शहर में नजीबाबाद-बुआखाल राष्ट्रीय राजमार्ग और हरिद्वार-मुरादाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग एक-दूसरे को क्रास कर गुजरते हैं। नतीजा, नजीबाबाद में जाम की स्थिति बनी रहती है। जाम से निजात पाने को राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने शहर में चार फ्लाईओवर बनाए। साथ ही संकरे मार्गों का चौड़ीकरण भी किया। लेकिन, समस्या से निजात नहीं मिल रही। ऐसे में राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण नजीबाबाद-बुआखाल राष्ट्रीय राजमार्ग और हरिद्वार-मुरादाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग को आपस में जोड़ने के लिए फोर लेन बाइपास मार्ग बनवा रहा है। यह बाइपास मार्ग मुरादाबाद-हरिद्वार राष्ट्रीय राजमार्ग पर नजीबाबाद से करीब पांच किमी दूर प्राचीन मोटा महादेव मंदिर के समीप से नजीबाबाद-बुआखाल राष्ट्रीय राजमार्ग पर ग्राम जसवंतपुर (चीनी मिल के समीप) तक आएगा। करीब ग्यारह किमी लंबे इस मार्ग के निर्माण का सीधा फायदा कोटद्वार क्षेत्र की जनता को मिलेगा। यह है वर्तमान स्थिति

    वर्तमान में कोटद्वार से हरिद्वार जाने के लिए वाहन चालक नजीबाबाद नहर बाइपास रोड से होकर गुजरते हैं। भारी वाहनों की आवाजाही के कारण यह मार्ग बदहाल स्थिति में है। साथ ही सिगल लेन रोड होने के कारण इस सड़क पर दुर्घटनाओं की संभावनाएं भी काफी अधिक है। लालढांग-चिलरखाल वन मोटर मार्ग से भी आमजन आवाजाही करता है। लेकिन, इस मार्ग की स्थिति भी बेहतर नहीं है।

    बनेगा फोरलेन बाईपास

    दोनों राष्ट्रीय राजमार्ग को आपस में जोड़ने के लिए फोर लेन बाइपास मार्ग बनाया जा रहा है। इस मार्ग के बनने के बाद कोटद्वार से हरिद्वार जाने के लिए नजीबाबाद आने की जरूरत नहीं पड़ेगी। जल्द ही मार्ग पर निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।

    दिनेश चंद्र चतुर्वेदी, परियोजना निदेशक, राष्ट्रीय राजमार्ग मेरठ खंड

  • लपेटे में नेता जी: सिलेंडर ने दी कमल को चुनौती,विवेकाधीन कोष से मतदाता लुभाने का है आरोप,,,

    लपेटे में नेता जी: सिलेंडर ने दी कमल को चुनौती,विवेकाधीन कोष से मतदाता लुभाने का है आरोप,,,

    ऋषिकेश: विधानसभा से चौथी बार निर्वाचित हुए विधायक प्रेमचंद अग्रवाल की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं। आरोप है कि उन्होंने चुनाव के समय मतदाताओं को लुभाने के लिए विवेकाधीन कोष का प्रयोग किया।ऐसे में याचिका कर्ता ने मामले को गंभीर मानते हुए जांच की मांग की है।

    उल्लेखनीय है कनक धन्नै ने इस मामले में हाईकोट में याचिका दायर की थी। मंगलवार को याचिका पर सुनवाई हुई। याचिका के साथ विवेकाधीन कोष के चुनाव में उपयोग के प्रमाणों को देखकर कोर्ट ने इस पर गंभीर रूख दिखाया।

    याचिका कर्ता ने चुनाव आयोग को जांच करने और मामला सही मिलने पर उनका चुनाव प्रमाण पत्र निरस्त करने की मांग की है। इस मौके पर राज्य सरकार, भारत निर्वाचन आयोग, राज्य निर्वाचन आयोग, स्पीकर, जिला निर्वाचन अधिकारी, जिला कोषागार अधिकारी और विधायक प्रेमचंद अग्र्रवाल को पक्षकार बनाया गया है।

  • उत्तराखंड में पुलिसकर्मियों के ग्रेड पे को लेकर सीएम धामी ले सकते हैं बड़ा फैसला, शपथ लेने बाद घोषणाएं होंगी पूरी…

    उत्तराखंड में पुलिसकर्मियों के ग्रेड पे को लेकर सीएम धामी ले सकते हैं बड़ा फैसला, शपथ लेने बाद घोषणाएं होंगी पूरी…

    देहरादून: उत्तराखंड की कमान एक बार फिर से पुष्कर सिंह धामी को सौंप दी गई है। सीएम धामी के दोबारा सीएम बनने से पुलिसकर्मियों में उम्मीद की किरण दौड़ पड़ी। 4600 ग्रेड पे मामले में सीएम धामी चुनाव के दौरान बड़ी घोषणाएं कर चुके है। उन्होंने चुनाव के दौरान कहा था कि पुलिसकर्मियों के ग्रेड पे का मामला सरकार बनने के एक माह के भीतर सुलझा दिया जाएगा। इसके अलावा सख्त भू कानून के मामले में भी उत्तराखंड के हित मे निर्णय लिया जाएगा। सीएम का नाम घोषित होने बाद भी सीएम का बड़ा बयान आया है उन्होंने कहा है कि वह अपने वादे पूरे करेंगे। अब पुलिसकर्मियों को उन घोषणाओं के पूरा होने का इंतजार है।

    मीडिया रिपोर्टस के अनुसार  पुष्कर सिंह धामी को विधानमंडल दल की बैठक में  नेता चुना गया। जिसके बाद पुष्कर धामी ने कहा सबसे पहले पीएम मोदी का आभार जताया। उन्होंने कहा ‘मैं पीएम नरेंद्र मोदी को मुझ पर विश्वास करने और 5 साल तक उत्तराखंड के सीएम के रूप में काम करने का अवसर देने के लिए धन्यवाद देना चाहता हूं’। साथ ही उन्होंने एक बार फिर से राज्य में यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू करने को लेकर प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने कहा हम राज्य में समान नागरिक संहिता के कार्यान्वयन सहित सभी वादों को पूरा करेंगे। जिससे लोगों की उम्मीदें सीएम धामी बढ़ गई है।

    गौरतलब है कि उत्तराखंड पुलिस में सबसे पहले वर्ष 2001 में भर्ती हुई थी। इस बैच के सिपाहियों को 20 साल की सेवा के बाद 4600 ग्रेड पे दिए जाने की बात कही गई थी। वर्ष 2021 में उन्हें बीस साल का समय हुआ तो सिपाहियों ने इसकी मांग शुरू की। पुलिसकर्मियों के परिजन सड़कों पर उतर आए। सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की। मामले को लेकर सीएम धामी ने 21 अक्तूबर को पुलिस स्मृति दिवस पर इन सिपाहियों को सितंबर 2021 से 4600 ग्रेड पे का लाभ देने की घोषणा की थी।  लेकिन इसका शासनादेश जारी नहीं किया गया था। मामला कैबिनेट में भी पहुंचा। दो लाख रुपए एक मुश्त देने का ऐलान किया गया। जिसके बाद भी पुलिसकर्मियों के परिजनों ने आंदोलन की चेतावनी दी थी। अब देखना होगा सीएम धामी पुलिसकर्मियों को 4600 ग्रेड पे देते है या नहीं।

     

     

  • Breaking:सीएम धामी के हेलीकॉप्टर शॉट के बाद,अभी भी फाइनल मैच बाकी,जानिए कौन सी होगी पिच, पढिए,,

    Breaking:सीएम धामी के हेलीकॉप्टर शॉट के बाद,अभी भी फाइनल मैच बाकी,जानिए कौन सी होगी पिच, पढिए,,

    देहरादून। दूसरी बार मुख्यमंत्री का ताज मिलने के बाद पुष्कर सिंह धामी के उपचुनाव लड़ने की चर्चा शुरू हो गयी है। क्योंकि राज्य में हुए चुनाव में धामी अपनी खटीमा सीट से चुनाव हार गए थे। वहीं अब उनके पिथौरागढ़ जिले की डीडीहाट या चम्पावत सीट से उपचुनाव लड़ने की चर्चा है। ये भी कहा जा रहा है कि कपकोट और लालकुआं सीटों से भी चुनाव लड़ सकते हैं।

    वहीं धामी की नजर कांग्रेस पर भी है, क्योंकि इसके जरिए वह अपने को और ज्यादा मजबूत कर सकते हैं। लिहाजा कांग्रेस में भी सेंधमारी का प्लान तैयार किया जा रहा है। राज्य में कांग्रेस के कुछ विधायक बीजेपी के संपर्क में बताए जा रहे हैं। फिलहाल चुनाव हारने और सीएम के पद प्रमुख दावेदार माने जा रहे धामी के लिए चुनाव परिणाम के बाद बीजेपी के पांच नवनिर्वाचित विधायकों ने सीट छोड़ने का ऐलान किया था। लिहाजा माना जा रहा है कि धामी के लिए आसानी से सीट खाली हो जाएगी।

    जानकारी के मुताबिक चम्पावत विधायक कैलाश गहटोडी, लालकुआं विधायक डॉ. मोहन सिंह बिष्ट, जागेश्वर विधायक मोहन सिंह मेहरा, रुड़की के विधायक प्रदीप बत्रा और कपकोट सुरेश गाडिया पहले ही सीट छोड़ने की पेशकश कर चुके हैं। इसके साथ ही खानपुर से निर्दलीय विधायक उमेश कुमार ने भी अपनी सीट सशर्त छोड़ने की घोषणा की थी। जानकारी के मुताबिक डीडीहाट धामी के लिए सबसे उपयुक्त सीट मानी जा रही है और यहां उनका पैतृक गांव भी है।

  • उत्तराखंड की सियासत में घमासान जारी, अब पूर्व राज्य मंत्री साहब सिंह सैनी कांग्रेस में हुए शामिल

    उत्तराखंड की सियासत में घमासान जारी, अब पूर्व राज्य मंत्री साहब सिंह सैनी कांग्रेस में हुए शामिल

    देहरादून: उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल तेज है। सियासी हलचल के बीच चुनाव से पहले सभी पार्टियों में दल-बदल का सिलसिला जारी है।बीजेपी नेता कांग्रेस तो कांग्रेस नेता बीजेपी में शामिल होकर पार्टियों को झटका दें रहे है। आज (मंगलवार) पूर्व राज्य मंत्री साहब सिंह सैनी ने अपने समर्थकों के साथ कांग्रेस का दामन थाम लिया है। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत  और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने साहब सिंह सैनी  को पार्टी की  सदस्यता दिलाई है।

    वहीं साहब सिंह सैनी ने कहा कि भाजपा सहित अन्य दलों पर सैनी समाज की उपेक्षा करने का आरोप लगाया। साथ ही उन्होंने कहा कि  हरिद्वार जिले में तीसरे सबसे ज्यादा संख्या में सैनी समाज के लोग रहते हैं, लेकिन राजनीतिक दल उनका इस्तेमाल करते आए हैं, जो अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वहीं दूसरी और राजनीतिक गलियारों में कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय  बीजेपी में शामिल होने की चर्चा तेज हो गई है।

    चर्चा है कि 4 दिसंबर को कांग्रेस के कई बड़े नेता पीएम मोदी की मौजूदगी में बीजेपी में शामिल हो सकते है। हालांकि प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने इसे अफवाह बताते हुए कहा है की हम साहब सिंह सैनी का कांग्रेस पार्टी में स्वागत करते हैं। अभी काफी सैनी भाई कांग्रेस पार्टी ज्वाइन करेंगे।