Category: उत्तराखंड

  • आयकर विभाग ने बड़ी कार्रवाई, आरो कंपनी में की छापेमारी कर खंगाले दस्तावेज

    आयकर विभाग ने बड़ी कार्रवाई, आरो कंपनी में की छापेमारी कर खंगाले दस्तावेज

    रुड़की: उत्तराखंड में एक बार फिर आयकर विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। गुरूवार सुबह हरिद्वार में देश की नामचीन कंपनी आरो  में आयकर विभाग ने छापेमारी की है। जैसे ही कंपनी में आयकर विभाग की टीम पहुंची तो वहां कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। इस दौरान आयकर विभाग की टीम ने सभी वर्करों और कर्मचारियों के मोबाइल जब्त कर लिए हैं।

    मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक आयकर विभाग की टीम ने बंदाखेड़ी गांव के औद्योगिक क्षेत्र स्थित आरो कंपनी में पहुंच गुरुवार की सुबह करीब 9:30 छापेमारी की कार्रवाई की। कर्मचारियों को कम वेतन देकर कागजात में अधिक दिखाने के मामले में भी यह कार्रवाई की गई है। अभी कंपनी के अधिकारी फोन नहीं उठा रहे हैं। साथ ही आयकर विभाग के अधिकारी भी कुछ भी कहने से इंकार कर रहे हैं।

    वहीं किसी भी कर्मचारी को बाहर नहीं जाने दिया जा रहा है। इस छापेमारी से कंपनी के कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। कंपनी में मौजूद कुछ कर्मचारियों के मोबाइल अधिकारियों ने जब्त किए हैं। साथ ही फाइल और अन्य कागजात भी कब्जे में लिए हैं। वहीं अभी तक आयकर विभाग की छापामारी जारी है।

  • उत्तराखंड में कड़ाके की ठंड से बढ़ी मुश्किलें ,यहां जम गए नदी झरने

    उत्तराखंड में कड़ाके की ठंड से बढ़ी मुश्किलें ,यहां जम गए नदी झरने

    चमोली: उत्तराखंड में मौसम  का मिजाज बदलता रहता है। इस बदलते मौसम के साथ लगातार ठंड में भी इजाफा हो रहा है। मैदान से लेकर पहाड़ तक ठंड का प्रकोप देखने को मिल रहा है। राजधानी में जहां दो दिन से सूरज नहीं निकला है तो वहीं पहाड़ में भीषण ठंड से पानी भी जम जा रहा है। ऐसा ही नजारा चमोली में देखने को मिल रहा है। यहां कड़ाके की ठंड से नीती मलारी घाटी में झरने, नाले, गाड़-गदेरे बर्फ में तब्दील हो गए है। इतना ही नहीं पानी के तालाबों के ऊपर पाला जमने से तालाब भी जमे हुए हैं। इन दिनों पर्वतीय और मैदानी जिलों में कड़ाके की ठंड ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।

    आपको बता दें कि अंडमान सागर के मध्य भाग के ऊपर निम्न दबाव का क्षेत्र बना है। पांच दिसंबर तक इसके पश्चिम व उत्तर-पश्चिम की ओर बढऩे की संभावना है। बंगाल की खाड़ी के ऊपर चक्रवात बना हुआ है। इसकी वजह से उत्तर भारत में बारिश व हिमपात की संभावना बन रही है। नैनीताल और अल्‍मोड़ा में बूदांबादी हो रही है तो कुमाऊं भर में आसमान में बादलों का पहरा है। मौसम के बदले रुख से ठंड बढ़ गई है। यही हाल रानीखेत का भी है। रानीखेत व आसपास के पर्वतीय इलाकों में अधिकतम तापमान 12 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। पर्वतीय क्षेत्रों में दोपहर बाद ठीकठाक बारिश की संभावना है।

    गौरतलब है कि बीते दो दिनों से मौसम की आंख-मिचौली के चलते ठंड और बढ़ गई है। वहीं चमोली में कड़ाके की ठंड से नीती मलारी घाटी में झरने, नाले, गाड़-गदेरे सब जमकर बर्फ बन गये हैं। साथ ही पानी के तालाबों के ऊपर पाला जमने से तालाब भी जमे हुए हैं। लोग ठंड से बचने के लिए गर्म कपड़ों और हीटर का सहारा ले रहे हैं। बढ़ती ठंड के कारण लोग अपने घरों के अंदर ही कैद होने को मजबूर हैं. चमोली में घाट, जोशीमठ, पोखरी, देवाल, निजमुला घाटी में सुबह और शाम को शीतलहर और बर्फीली हवाएं चल रही हैं।

  • उत्तराखंड में कड़ाके की ठंड से बढ़ी मुश्किलें ,यहां जम गए नदी झरने

    उत्तराखंड में कड़ाके की ठंड से बढ़ी मुश्किलें ,यहां जम गए नदी झरने

    चमोली: उत्तराखंड में मौसम  का मिजाज बदलता रहता है। इस बदलते मौसम के साथ लगातार ठंड में भी इजाफा हो रहा है। मैदान से लेकर पहाड़ तक ठंड का प्रकोप देखने को मिल रहा है। राजधानी में जहां दो दिन से सूरज नहीं निकला है तो वहीं पहाड़ में भीषण ठंड से पानी भी जम जा रहा है। ऐसा ही नजारा चमोली में देखने को मिल रहा है। यहां कड़ाके की ठंड से नीती मलारी घाटी में झरने, नाले, गाड़-गदेरे बर्फ में तब्दील हो गए है। इतना ही नहीं पानी के तालाबों के ऊपर पाला जमने से तालाब भी जमे हुए हैं। इन दिनों पर्वतीय और मैदानी जिलों में कड़ाके की ठंड ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।

    आपको बता दें कि अंडमान सागर के मध्य भाग के ऊपर निम्न दबाव का क्षेत्र बना है। पांच दिसंबर तक इसके पश्चिम व उत्तर-पश्चिम की ओर बढऩे की संभावना है। बंगाल की खाड़ी के ऊपर चक्रवात बना हुआ है। इसकी वजह से उत्तर भारत में बारिश व हिमपात की संभावना बन रही है। नैनीताल और अल्‍मोड़ा में बूदांबादी हो रही है तो कुमाऊं भर में आसमान में बादलों का पहरा है। मौसम के बदले रुख से ठंड बढ़ गई है। यही हाल रानीखेत का भी है। रानीखेत व आसपास के पर्वतीय इलाकों में अधिकतम तापमान 12 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। पर्वतीय क्षेत्रों में दोपहर बाद ठीकठाक बारिश की संभावना है।

    गौरतलब है कि बीते दो दिनों से मौसम की आंख-मिचौली के चलते ठंड और बढ़ गई है। वहीं चमोली में कड़ाके की ठंड से नीती मलारी घाटी में झरने, नाले, गाड़-गदेरे सब जमकर बर्फ बन गये हैं। साथ ही पानी के तालाबों के ऊपर पाला जमने से तालाब भी जमे हुए हैं। लोग ठंड से बचने के लिए गर्म कपड़ों और हीटर का सहारा ले रहे हैं। बढ़ती ठंड के कारण लोग अपने घरों के अंदर ही कैद होने को मजबूर हैं. चमोली में घाट, जोशीमठ, पोखरी, देवाल, निजमुला घाटी में सुबह और शाम को शीतलहर और बर्फीली हवाएं चल रही हैं।

  • बसपा ने उत्तरांखड चुनाव के लिए ठोकी ताल, 70 सीटों पर चुनाव लड़ने का किया ऐलान

    बसपा ने उत्तरांखड चुनाव के लिए ठोकी ताल, 70 सीटों पर चुनाव लड़ने का किया ऐलान

    देहरादूनः उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव को लेकर सभी पार्टियां कमर कस चुकी है। बीजेपी कांग्रेस आप जहां एक दूसरे को टक्कर देने में लगी है तो वहीं बहुजन समाजवादी पार्टी ने भी प्रदेश में ताल ठोक दी है। पार्टी ने आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए हरिद्वार में 5 सीटों के लिए प्रभारियों की घोषणा कर दी है। हरिद्वार की लक्सर विधानसभा के लिए पूर्व विधायक मोहम्मद शहजाद, झबरेड़ा के लिए आदित्य बृजपाल, खानपुर के लिए चौधरी रविंद्र पनियाला, पिरान कलियर सीट के लिए सुरेंद्र सैनी, हरिद्वार ग्रामीण के लिए दर्शन लाल शर्मा को प्रभारी नियुक्त किया है।

    आपको बता दें कि बसपा के पश्चिमी यूपी एवं उत्तराखंड प्रभारी शमसुद्दीन राइन का कहना है कि 2022 के चुनाव में सभी सीटों पर प्रत्याशी घोषित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि सभी प्रभारी पार्टी अध्यक्ष मायावती के निर्देश के अनुरूप अपनी-अपनी विधानसभा सीटों में पूरी मेहनत के साथ जनता के बीच जाकर पार्टी के लिए काम करेंगे।सभी 70 विधानसभाओं पर प्रत्याशी खड़े करेगी और मजबूती के साथ चुनाव लड़ेगी। उन्होंने कहा कि बसपा प्रदेश में शिक्षा, सुरक्षा, बेरोजगारों को रोजगार मुहैया कराएगी।  बसपा ने पार्टी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से आह्लान किया है कि आगामी चुनाव को देखते हुए सभी कार्यकर्ता क्षेत्र में मजबूती के साथ कार्य करें, ताकि उत्तराखंड में बसपा की सरकार बन सके।

  • बसपा ने उत्तरांखड चुनाव के लिए ठोकी ताल, 70 सीटों पर चुनाव लड़ने का किया ऐलान

    बसपा ने उत्तरांखड चुनाव के लिए ठोकी ताल, 70 सीटों पर चुनाव लड़ने का किया ऐलान

    देहरादूनः उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव को लेकर सभी पार्टियां कमर कस चुकी है। बीजेपी कांग्रेस आप जहां एक दूसरे को टक्कर देने में लगी है तो वहीं बहुजन समाजवादी पार्टी ने भी प्रदेश में ताल ठोक दी है। पार्टी ने आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए हरिद्वार में 5 सीटों के लिए प्रभारियों की घोषणा कर दी है। हरिद्वार की लक्सर विधानसभा के लिए पूर्व विधायक मोहम्मद शहजाद, झबरेड़ा के लिए आदित्य बृजपाल, खानपुर के लिए चौधरी रविंद्र पनियाला, पिरान कलियर सीट के लिए सुरेंद्र सैनी, हरिद्वार ग्रामीण के लिए दर्शन लाल शर्मा को प्रभारी नियुक्त किया है।

    आपको बता दें कि बसपा के पश्चिमी यूपी एवं उत्तराखंड प्रभारी शमसुद्दीन राइन का कहना है कि 2022 के चुनाव में सभी सीटों पर प्रत्याशी घोषित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि सभी प्रभारी पार्टी अध्यक्ष मायावती के निर्देश के अनुरूप अपनी-अपनी विधानसभा सीटों में पूरी मेहनत के साथ जनता के बीच जाकर पार्टी के लिए काम करेंगे।सभी 70 विधानसभाओं पर प्रत्याशी खड़े करेगी और मजबूती के साथ चुनाव लड़ेगी। उन्होंने कहा कि बसपा प्रदेश में शिक्षा, सुरक्षा, बेरोजगारों को रोजगार मुहैया कराएगी।  बसपा ने पार्टी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से आह्लान किया है कि आगामी चुनाव को देखते हुए सभी कार्यकर्ता क्षेत्र में मजबूती के साथ कार्य करें, ताकि उत्तराखंड में बसपा की सरकार बन सके।

  • उत्तराखंड में बढ़ रहा कोरोना का कहर , आज इस जिले में मिले सबसे ज्यादा संक्रमित मरीज

    उत्तराखंड में बढ़ रहा कोरोना का कहर , आज इस जिले में मिले सबसे ज्यादा संक्रमित मरीज

    देहरादून: उत्तराखंड में लगातार के कोरोना के मामलों में बढ़ोतरी देखी जा रही है। कोरोन के नए वैरिएंट के खतरे के बीच बढ़ते केस परेशानी का सबब बन रहे है। लोगों की लापरवाही भारी पड़ रही है। राज्य में जैसे टेस्टिंग बढ़ाई जा रही है वैसे ही मामलों में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। बुधवार यानि आज को कोरोना के 53 नए मरीज मिले हैं। जिसमें सबसे ज्यादा नैनीताल में संक्रमित मिले है। नैनीताल जिले में कोरोना का बम फूटा है। कल ही यहां एक संक्रमित की मौत की खबर सामने आई थी। नैनीताल के जॉय विला क्षेत्र को माइक्रो कंटेनमेंट जोन घोषित कर दिया है। साथ ही स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए हैं कि जॉय विला क्षेत्र के सभी लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जाए और अग्रिम आदेशों तक क्षेत्र में किसी के भी आने जाने पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है।

    स्वास्थ्य विभाग के अनुसार बुधवार को नैनीताल में 29, राजधानी देहरादून में कोरोना के 8 नए मरीज सामने आए हैं. इसके साथ ही हरिद्वार में 14 और, पौड़ी गढ़वाल और पिथौरागढ़ में एक-एक नए कोरोना के मरीज मिले हैं। वहीं, बाकी जिलों में कोई नया केस सामने नहीं आया है। जबकि, 11 मरीज स्वस्थ होकर घर लौटे गए हैं. वहीं, बीते 24 घंटे में कोरोना से एक भी मरीज की मौत नहीं हुई है।  प्रदेश में इस समय एक्टिव (जिनका इलाज चल रहा) केसों की संख्या 183 है। देहरादून में दो कंटेनमेंट जोन बनाए गए हैं। प्रदेश में अभी तक कोरोना के कुल 3,44,303 मामले सामने आ चुके हैं। इनमें से 3,30,557 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं. रिकवरी रेट 96.01% है। प्रदेश में कोरोना से मरने वालों का आंकड़ा 7,408 पहुंच गया है. ऐसे में डेथ रेट 2.15% है।

  • पौड़ी में इन मांगों को लेकर अनशन पर बैठे नन्हें-नन्हें मासूम, जानिए वजह

    पौड़ी में इन मांगों को लेकर अनशन पर बैठे नन्हें-नन्हें मासूम, जानिए वजह

    पौड़ी। उत्तराखंड के राज्य बने 21 साल हो चुके हैं लेकिन आज भी उत्तराखंड मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। सड़क और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए आज भी पर्वतीय इलाकों में ग्रामीण आंदोलन करने को मजबूर हैं। अब नन्हे नन्हे बच्चे भी अनशन करने और धरने पर बैठने को मजबूर हो गए हैं। अंदाजा लगाया जा सकता है जहां एक ओर सीएम धामी बड़ी बड़ी योजनाओं का शिलान्यास और घोषणा कर रहे हैं वहीं दूसरी ओर पौड़ी के एक गांव में सड़क और पुल की मांग के लिए छोटे छोटे बच्चे जुलूस निकाल रहे हैं। जी हां आपको जानकर हैरानी होगी कि दुगड्डा ब्लाक के जुवा, बंगला और भैड़ गांव के बच्चों के हाथ में किताबों की जगह बैनर व तख्तियों ने ले ली है। लंगूरगाड नदी पर पुल के निर्माण की मांग को लेकर भूख बर्दाश्त न कर पाने वाले नौनिहाल दिनभर अनशन पर बैठे रहे। वैसे तो पुल निर्माण के लिए नदी के तट पर ग्रामीणों का अनशन 20 दिन से चल रहा है। अब ग्रामीणों को छोटे छोटे बच्चों का साथ मिल रहा है। जन आंदोलन के गर्भ से जन्मे राज्य की भावी पीढ़ी के हाथ में मांगों का बोझ राज्य के विकास के दावों की पोल खोलता है।

  • पौड़ी में इन मांगों को लेकर अनशन पर बैठे नन्हें-नन्हें मासूम, जानिए वजह

    पौड़ी में इन मांगों को लेकर अनशन पर बैठे नन्हें-नन्हें मासूम, जानिए वजह

    पौड़ी। उत्तराखंड के राज्य बने 21 साल हो चुके हैं लेकिन आज भी उत्तराखंड मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। सड़क और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए आज भी पर्वतीय इलाकों में ग्रामीण आंदोलन करने को मजबूर हैं। अब नन्हे नन्हे बच्चे भी अनशन करने और धरने पर बैठने को मजबूर हो गए हैं। अंदाजा लगाया जा सकता है जहां एक ओर सीएम धामी बड़ी बड़ी योजनाओं का शिलान्यास और घोषणा कर रहे हैं वहीं दूसरी ओर पौड़ी के एक गांव में सड़क और पुल की मांग के लिए छोटे छोटे बच्चे जुलूस निकाल रहे हैं। जी हां आपको जानकर हैरानी होगी कि दुगड्डा ब्लाक के जुवा, बंगला और भैड़ गांव के बच्चों के हाथ में किताबों की जगह बैनर व तख्तियों ने ले ली है। लंगूरगाड नदी पर पुल के निर्माण की मांग को लेकर भूख बर्दाश्त न कर पाने वाले नौनिहाल दिनभर अनशन पर बैठे रहे। वैसे तो पुल निर्माण के लिए नदी के तट पर ग्रामीणों का अनशन 20 दिन से चल रहा है। अब ग्रामीणों को छोटे छोटे बच्चों का साथ मिल रहा है। जन आंदोलन के गर्भ से जन्मे राज्य की भावी पीढ़ी के हाथ में मांगों का बोझ राज्य के विकास के दावों की पोल खोलता है।

  • सेनेटरी इंस्पेक्टर का यहां संदिग्ध परिस्थितियों में मिला शव, जांच में जुटी पुलिस

    सेनेटरी इंस्पेक्टर का यहां संदिग्ध परिस्थितियों में मिला शव, जांच में जुटी पुलिस

    विकासनगर: राजधानी देहरादून से सनसनीखेज खबर सामने आ रही है। यहां दून से सटे विकासनगर में जंगल में एक इंस्पेक्टर का शव संदिग्ध परिस्थितियों पेड़ से लटकता मिला है। शव की शिनाख्त चकराता कैंट में तैनात सेनेटरी इंस्पेक्टर सुरेश सिंह जयाड़ा के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि सुरेश 24 नवंबर से लापता थे। जिसके बाद से परिजन लगातार उनकी खोजबीन में थे। मोबाइल सर्विलांस  की लोकेशन के बाद आज सुरेश का शव जंगल में लटका मिला है। पुलिस ने शव कब्जें में लेकर जांच शुरू कर दी है। वहीं मृतक के परिजनों में कोहराम मच गया है।

    मीडिया रिपोर्टस के अनुसार सुरेश सिंह उत्तरकाशी के बड़कोट निवासी थे। छावनी परिषद में तैनात सेनेटरी इंस्पेक्टर सुरेश सिंह जयाड़ा पुत्र गोपाल सिंह हाल निवासी कैंट क्वार्टर छावनी परिषद चकरता बुधवार 24 नवंबर को साढ़े बजे गेट नंबर एक पर तैनात थे। लेकिन साढ़े नौ बजे के बाद वह अचानक गायब हो गए। काफी खोजबीन के बाद भी उनका कहीं कोई पता नहीं चल पाया।

    बताया जा रहा है कि दोपहर तीन बजे छावनी परिषद कार्यालय के अधीक्षक अमित साहू के मोबाइल नंबर पर एक मैसेज भी आया। लेकिन जिस नंबर से मैसेज आया, वह नंबर मैसेज भेजने के बाद बंद हो गया। इसके बाद पुलिस ने लापता सेनेटरी इंस्पेक्टर की तलाश शुरू कर दी थी। सर्विलांस में सुरेश के मोबाइल का अंतिम लोकेशन टीमली के जंगल में मिली थी। जिसके बाद विकासनगर पुलिस जंगल में लगातार उनकी तलाश कर रही थी।इसी दौरान एक दिसंबर को पुलिस को उनका शव रस्सी के सहारे एक पेड़ से लटकता मिला।

  • सेनेटरी इंस्पेक्टर का यहां संदिग्ध परिस्थितियों में मिला शव, जांच में जुटी पुलिस

    सेनेटरी इंस्पेक्टर का यहां संदिग्ध परिस्थितियों में मिला शव, जांच में जुटी पुलिस

    विकासनगर: राजधानी देहरादून से सनसनीखेज खबर सामने आ रही है। यहां दून से सटे विकासनगर में जंगल में एक इंस्पेक्टर का शव संदिग्ध परिस्थितियों पेड़ से लटकता मिला है। शव की शिनाख्त चकराता कैंट में तैनात सेनेटरी इंस्पेक्टर सुरेश सिंह जयाड़ा के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि सुरेश 24 नवंबर से लापता थे। जिसके बाद से परिजन लगातार उनकी खोजबीन में थे। मोबाइल सर्विलांस  की लोकेशन के बाद आज सुरेश का शव जंगल में लटका मिला है। पुलिस ने शव कब्जें में लेकर जांच शुरू कर दी है। वहीं मृतक के परिजनों में कोहराम मच गया है।

    मीडिया रिपोर्टस के अनुसार सुरेश सिंह उत्तरकाशी के बड़कोट निवासी थे। छावनी परिषद में तैनात सेनेटरी इंस्पेक्टर सुरेश सिंह जयाड़ा पुत्र गोपाल सिंह हाल निवासी कैंट क्वार्टर छावनी परिषद चकरता बुधवार 24 नवंबर को साढ़े बजे गेट नंबर एक पर तैनात थे। लेकिन साढ़े नौ बजे के बाद वह अचानक गायब हो गए। काफी खोजबीन के बाद भी उनका कहीं कोई पता नहीं चल पाया।

    बताया जा रहा है कि दोपहर तीन बजे छावनी परिषद कार्यालय के अधीक्षक अमित साहू के मोबाइल नंबर पर एक मैसेज भी आया। लेकिन जिस नंबर से मैसेज आया, वह नंबर मैसेज भेजने के बाद बंद हो गया। इसके बाद पुलिस ने लापता सेनेटरी इंस्पेक्टर की तलाश शुरू कर दी थी। सर्विलांस में सुरेश के मोबाइल का अंतिम लोकेशन टीमली के जंगल में मिली थी। जिसके बाद विकासनगर पुलिस जंगल में लगातार उनकी तलाश कर रही थी।इसी दौरान एक दिसंबर को पुलिस को उनका शव रस्सी के सहारे एक पेड़ से लटकता मिला।