ऋषिकेश। राजकीय चिकित्सालय में पढ़े लिखे डॉक्टर,प्रबंधन की अनपढों वाली हरकत तीर्थनगरी को शर्मसार कर रही है। कारण अस्पताल के मेन गेट पर opd के बोर्ड पर इंग्लिश स्पेलिंग का गलत होना है। General की जगह Genreal कर दिया गया है।
दरअसल,अगर बात बोर्ड लगाने वाले की बात करें तो कहा जा सकता है कि उससे जैसे बनाने के लिए कहा गया होगा,उसने वैसे ही बना दिया,लेकिन दुर्भाग्य यह है कि इतनी बड़ी बड़ी डिग्री हासिल किए हुए यंहा के चिकित्सक,प्रबंधन विभाग को यह मिस्टेक नजर नही आ सकी,शर्म और हया की हदों को पार कर रही ये तस्दीक कंही न कहीं अस्पताल प्रशासन की घोर लापरवाही को बयां कर रही है।
यह कोई पहला मामला नहीं है। यंहा के ट्रामा सेंटर में ड्यूटी बोर्ड पर भी ड्यूटी पर तैनात कोई और होता है और बोर्ड पर किसी और का नाम होता है। यही कारण हैं कि ऋषिकेश राजकीय अस्पताल हमेशा से सुर्खियों में रहता है।
देहरादून: उत्तराखंड में धामी सरकार के गठन के बाद मंगलवार को मंत्रालयों का भी बंटवारा हो गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने पास 23 विभाग रखे हैं। सतपाल महाराज को पीडब्ल्यूडी विभाग को जिम्मा सौंपा गया है। नई सरकार में वित्त मंत्रालय की जिम्मेदारी प्रेम चंंद्र अग्रवाल को दी गई है।
देहरादूनः उत्तराखंड में आज विधानसभा सत्र का पहला दिन हंगामेदार रहा। जहां विपक्ष ने सरकार को घेरने की कोशिश की। वहीं सीएम धामी ने इक्कीस हजार एक सौ सोलह करोड़ इक्यासी लाख चवालीस हजार का लेखानुदान पेश किया। विपक्ष अभिभाषण पर चर्चा की मांग पर अड़ा रहा, सदन कल सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित किया गया। बता दें कि सीएम वित्तीय वर्ष 2022-2023 हेतु वर्तमान में प्राक्कलित राज्य के समेकित निधि से रू0 624685064000 (रूपये बासठ हजार चार सौ अड़सठ करोड़ पचास लाख चौसठ हजार मात्र) की कुल मांग के सापेक्ष प्रथम चार माह हेतु रू० 211168144000 (रूपये इक्कीस हजार एक सौ सोलह करोड़ इक्यासी लाख चवालीस हजार मात्र) की धनराशि विधि अनुरूप वार्षिक वित्तीय विवरण पारित होने तक लेखानुदान के रूप में अग्रिम स्वीकृत करने का प्रस्ताव विधान सभा के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है।
मीडिया रिपोर्टस के अनुसार विधानसभा से पूर्ण बजट पर विस्तृत चर्चा के बाद विधेयक पारित कराने व इसके अधिनियम बनने में समय लग सकता है।जबकि वित्तीय वर्ष 2022-23 हेतु राज्य की समेकित निधि से धनराशि आहरण की आवश्यकता होगी। संविधान के अनुच्छेद 206 में उल्लिखित प्रावधानों के अनुसार मुख्यतः बचनबद्ध मदों के आहरण हेतु प्रथम चार माह का आय-व्ययक (लेखानुदान) सदन में प्रस्तुत किया गया है। विभागों से प्राप्त आकड़ों के आधार पर वित्त विभाग द्वारा वित्तीय वर्ष 2022-23 हेतु रू० 62468.50 करोड़ का बजट प्रस्ताव तैयार किया गया है। जिसके प्रथम चार माह (अप्रैल 2022 से जुलाई 2022) में होने वाले सम्भावित व्यय हेतु पूर्ण बजट का 1/3 भाग लेखानुदान रू0. 21116.81 करोड़ (इक्कीस हजार एक सौ सोलह करोड़ इक्यासी लाख) रखा गया है। लेखानुदान के अन्तर्गत कुल व्यय रू०. 21116.81 करोड़ में राजस्व व्यय के अन्तर्गत रू०. 16007.63 करोड़ तथा पूंजीगत व्यय के अन्तर्गत रू0 5109.18 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
बता दें कि केंद्र पोषित योजनाओं के अन्तर्गत कुल रू०. 3715 करोड, बाह्य सहायता प्राप्त परियोजनाओं के अन्तर्गत रू०. 593 करोड़ एवं नाबार्ड योजनाओं के अन्तर्गत रू०.270 करोड़ का प्रावधान किया गया है। वचनबद्ध व्यय में वेतन और भत्तों के अन्तर्गत रू०. 5796 करोड़, पेंशन और अन्य सेवानिवृत्ति लाभों के अन्तर्गत रू०. 2229 करोड़, ब्याज भुगतान के अन्तर्गत रू०. 2256 करोड़, ऋण अदायगी के अन्तर्गत रू०. 1563 करोड़ एवं स्थानीय निकायों को हस्तांतरण के अन्तर्गत कुल रू0 460 करोड़ का प्रावधान किया गया है। भारत के संविधान के अनुच्छेछ-202 के क्रम में प्रत्येक वर्ष के लिये प्राक्कलित प्राप्तियों और व्यय का विवरण (वार्षिक वित्तीय विवरण) बजट मैनुअल के प्रस्तर-71 के प्राविधानों के अधीन सामान्यतया फरवरी अथवा मार्च में विधान सभा के समक्ष विचारार्थ एवं अनुमोदनार्थ प्रस्तुत किया जाता है ताकि अगले वित्तीय वर्ष के प्रारम्भ से राज्य के समेकित निधि से सरकारी कार्यों के लिये आवश्यक धनराशि व्यय हेतु उपलब्ध रहे। इस क्रम में संविधान के अनुच्छेद-206 में निहित प्राविधानों के अनुसार वित्तीय वर्ष 2022-23 के प्रथम चार माह (अप्रैल 1, 2022 से जुलाई 31, 2022) हेतु विधान सभा के समक्ष लेखानुदान प्रस्तुत किया जाना प्रस्तावित है।
देहरादूनः उत्तराखंड में वाहनों के लिए 12 अप्रेल से नए नियम लागू होने जा रहे है।ऐसे मेंअगर आप भी सार्वनजनिक और मालवाहन वाहन चलाते हैं तो इन नियमों को पढ़ लीजिए वरना आपको परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। जी हां यह खबर आपके लिए है। क्योकि परिवहन विभाग चारधाम यात्रा को लेकर राज्य में नए नियम लागू करने जा रहा है। 12 अप्रैल से पहले प्रदेश के सभी सार्वजनिक व मालवाहक वाहनों में वैश्विक स्थान निर्धारण प्रणाली (जीपीएस) लगाना अनिवार्य हो गया है।
मीडिया रिपोर्टस के अनुसार सचिव परिवहन डाक्टर रणजीत कुमार सिन्हा ने निर्देश जारी कर दिए हैं। उन्होंने अपर परिवहन को पत्र लिखकर वाहनों में जीपीएस की व्यवस्था को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। सार्वजनिक वाहनों में टैक्सी, मैक्सी से लेकर बस तक सभी प्रकार के यात्री वाहन शामिल हैं। सभी सार्वजनिक व मालवाहक वाहनों के लिए 20 अप्रैल तक जीपीएस लगाना अनिवार्य किया गया है। इससे सरकार चारधाम यात्रा के दौरान संचालित होने वाले सार्वजनिक वाहनों पर भी नजर रख सकेगी।
गौरतलब है कि प्रदेश में सभी सार्वजनिक व मालवाहक वाहनों में जीपीएस लगाने की कवायद लंबे समय से की जा रही है। केंद्र सरकार वर्ष 2019 में इसके लिए राज्यों को निर्देशित कर चुकी है। पहले कोरोना संक्रमण और फिर विधानसभा चुनाव के कारण प्रदेश में इस व्यवस्था को अमल में नहीं लाया जा सका। अब ये नियम लागू होने जा रहा है। आप भी मालवाहक या सार्वजानिक वाहन चलाते है तो 21 अप्रैल से पहले जीपीएस लगवा लें। अगर ऐसा नहीं करते है तो आपको परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
उत्तराखंड। बैंकों के निजीकरण के विरोध और छह मांगों के लिए बैंकों की देशव्यापी हड़ताल का धर्मनगरी में मिलाजुला असर देखने को मिला। हड़ताल के कारण एक दिन में लगभग 50 करोड़ का कारोबार ठप रहा। उपभोक्ताओं को भी बैंकों के बंद रहने से परेशानियों का सामना करना पड़ा। इसके कारण एटीएम और नकदी जमा करने वाली मशीनों पर अधिक दबाव देखने को मिला। मंगलवार को भी हड़ताल जा रहेगी।
केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ सेंट्रल ट्रेड यूनियनों के संयुक्त मोर्चे के आह्वान पर बैंक, एलआईसी समेत विभिन्न कर्मचारियों की दो दिवसीय हड़ताल सोमवार से शुरू हुई। यूनियन के हड़ताल के आह्वान का धर्मनगरी में मिला-जुला असर दैखने को मिला। उत्तरांचल बैंक एंपलाइज यूनियन के बैनर तले पंचपुरी के बैंककर्मियों ने नगर निगम हरिद्वार में केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। बैंकों से जुड़ी आठ यूनियनों से जुड़े तीन यूनियनों के कर्मचारी बैंकों से निकलकर धरना-प्रदर्शन स्थल पर पहुंच गए। बीईयू के महामंत्री राजकुमार सक्सेना ने कहा कि केंद्री सरकार की जनविरोधी और कर्मचारी विरोधी नीतियों के चलते बैंकों के साथ ही उपभोक्ताओं को भी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। बैंकों का निजीकरण कर सरकार कर्मचारियों को सड़क पर लाना चाहती है। साथ ही इससे आने वाले समय में रोजगार के अवसर भी युवा खो देंगे। इस मौके पर बीईयू के संयुक्त महासचिव राहुल खुराना, अमित, प्रवीण, राजकुमार, अनुज केशव मौजूद थे।
30 मार्च से बढ़ेगा दबाव
हरिद्वार। दो दिवसीय हड़ताल से बैंकों में कामकाज प्रभावित रहा। इससे पहले शनिवार और रविवार को भी काम नहीं होने से और अब वित्तीय वर्ष के आखिरी सप्ताह में हो रही इस हड़ताल से उपभोक्ताओं का सोमवार को भी कोई काम नहीं हुआ। मंगलवार को भी यही स्थिति रहेगी। इससे बैंकों से जुड़े लोगों को बुधवार तक का इंतजार करना पड़ेगा। ऐसे में मार्च का महीना होने के कारण उपभोक्ताओं के पास वित्तीय वर्ष का लेखाजोखा पूरा करने के लिए दो दिन का समय रहेगा। इससे बैंकों में 30 मार्च और 31 मार्च को दबाव बढ़ सकता है।
बैंक कर्मियों की ये हैं प्रमुख मांगें
– बैंकों का निजीकरण रोका जाए।
– आउट सोर्सिंग व्यवस्था बंद की जाए।
– सभी ठेका कर्मचारियों एवं बिजनेश कॉरेस्पोंडेंट को नियमित किया जाए।
– हेयर कट्स पर रोक लगाई जाए।
– नेशनल पेंशन स्कीम समाप्त की जाए।
– महंगाई भत्ते से संबंध पेंशन योजना बहाल की जाए।
इन दिनों मार्च फाइनल का काम चल रहा है। इसकी वजह से दबाव अधिक है। हड़ताल से बैंकों पर तो असर पड़ा ही है 50 करोड़ रुपये के आसपास कारोबार प्रभावित हुआ है। फिर भी धर्मनगरी में सभी यूनियनों के हड़ताल में शामिल नहीं होने से मिलाजुला असर रहा है
देहरादून। मंत्री पद की शपथ लिए एक सप्ताह होने को है। मगर, अभी तक मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंत्रियों को विभाग नहीं सौंपे। परिणाम राज्य में मंत्रियों के विभागों को लेकर कयास ही लग रहे हैं। 23 मार्च को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के साथ आठ कैबिनेट मंत्रियों ने शपथ ली थी। माना जा रहा था कि मुख्यमंत्री एक-दो दिन में विभागों का बंटवारा कर देंगे।
बताया जा रहा है कि इस पर एक्सरसाइज भी हो चुकी है। बावजूद इसके अभी तक मंत्री विभागों के लिए तरह रहे हैं। ये भी सूचनाएं हैं कि कुछ माननीय विभागों को लेकर प्रेशर पॉलिटिक्स कर रहे हैं। खुद ही बोल रहे हैं कि उन्होंने फलां विभाग अच्छा चलाया यानि उन्हें इस बार भी वो विभाग अनिवार्य तौर पर चाहिए। इससे विभागों का बंटवारा लगातार उलझ रहा है।
माननीयों के पहले दो-तीन दिन तो बधाई लेने में किसी तरह से निकल गए। मगर, अब लोग मंत्री को विभाग के साथ देखना चाहते हैं। ऐसा ही कुछ विलंब मुख्यमंत्री हरीश रावत ने भी विभागों के बंटवारें में किया था। तब खूब सवाल उठे थे। यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यानाथ ने शपथ ग्रहण के 24 घंटे के ही मंत्रियों को विभाग भी बांटे दिए।
देहरादून: उत्तराखंड में आज (मंगलवार) से पांचवीं विधानसभा का प्रथम सत्र शुरू हो गया है। सदन में बीजेपी पूरे एक्शन में है तो वहीं कांग्रेस बिना नेता प्रतिपक्ष के है।सदन मे सुबह 11 बजे से राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) ने अभिभाषण शुरू किया। तो विपक्ष ने सदन में महंगाई के विरोध में बैनर दिखाए।र्व सीएम हरीश रावत की पुत्री व हरिद्वार ग्रामीण से विधायक अनुपमा रावत सदन की सीढियों पर अकेली विरोध प्रदर्शन करती दिखी। जिसके बाद सदन की कार्यवाही 3 बजे तक स्थगित हो गई है।
मीडिया रिपोर्टस के अनुसार आज से उत्तराखंड विधानसभा का तीन दिवसीय सत्र शुरू हो गया है, जो 31 मार्च तक चलेगा। उत्तराखंड का राज्यपाल गुरमीत का बनने के बाद यह उनका पहला अभिभाषण है। पहले बजट अभिभाषण के लिए विधानसभा पहुंचे राज्यपाल का मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्वागत किया। इस दौरान गार्ड तो आफ आनर दिया गया। राज्यपाल ने अभिभाषण में कहा कि सरकार शिक्षा के क्षेत्र में अभिनव प्रयोग कर रही है। संस्कृत शिक्षा को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। मातृ शिशु सेवा में सुधार हो रहा है। मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना के तहत तीन हज़ार रुपये दिए जा रहे हैं। बुजुर्गों व दिव्यांगों को पेंशन दी जा रही है। राज्यपाल के अभिभाषण के बाद सरकार नए वित्तीय वर्ष के प्रथम चार माह के लिए लगभग 21 हजार करोड़ रुपये का लेखानुदान पेश करेगी ।
गौरतलब है कि पांचवीं विधानसभा के पहले सत्र में विपक्ष कमजोर दिखा । बिना नेता प्रतिपक्ष के ही सदन की कार्यवाही शुरू की गई। पूर्व सीएम हरीश रावत की पुत्री व हरिद्वार ग्रामीण से विधायक अनुपमा रावत सदन की सीढियों पर अकेली विरोध प्रदर्शन करती दिखी। अनुपमा रावत ने अपने दुपट्टे पर स्लोगन लिखा हुआ था। वह महंगाई के खिलाफ सदन की सीढियों पर बैठकर प्रदर्शन करती दिखी। वहीं किच्छा से कांग्रेस विधायक तिलकराज बेहड़ ने विधानसभा सदस्यता की शपथ ली। पूर्व में स्वास्थ्य संबंधी परेशानी के कारण वह शपथ नहीं ले पाए थे। इसलिए आज सुबह 10 बजे विधानसभा सचिव ने अपने कक्ष में उन्हें शपथ दिलवाई। अब आगे की कार्रवाही तीन बजे के बाद होगी।
देहरादूनः उत्तराखंड में आज से विधानसभा सत्र का शुरू हो रहा है। सत्र को देखते हुए सीएम धामी अब अपनी नई टीम बना रहें है। जिसके लिए उन्होंने सत्र से पहले कुछ अधिकारियों को नई जिम्मेदारी सौंपी है। जिसका आदेश जारी कर दिया गया है। सीएम ने अभी निजी सचिवों के मामले में पुरानो पर ही भरोसा जताया है।
Big Breaking: सीएम धामी ने इन अधिकारियों को सौंपी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी, देखें आदेश… pic.twitter.com/bbxVGZGcsA
आदेश के अनुसार कृष्ण कुमार मदान को सीएम कार्यालय विधानसभा की जिम्मेदारी सौंपी गई है। जबकि प्रकाश चंद्र उपाध्याय को मुख्यमंत्री कार्यालय सचिवालय की जिम्मेदारी की सौंपी गई है। वहीं भूपेंद्र बसेड़ा को सीएम कार्यालय आवास की जिम्मेदारी दी गई है। उम्मीद है कि जल्द ही शासन में बड़ा फेरबदल होने वाला है।
गौरतलब है कि उत्तराखंड की पांचवीं विधानसभा का प्रथम सत्र आज से शुरू होने जा रहा है। विधानसभा सत्र राज्यपाल ले. जनरल (से) गुरमीत सिंह के अभिभाषण से शुरू होगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी वित्तीय वर्ष 2022-23 का लेखानुदान सदन पटल पर रखेंगे। विधानसभा सत्र में राज्य में समान नागरिक संहिता लागू करने समेत सरकार के पांच साल के कार्यों पर चर्चा हो सकती है।
देहरादूनः उत्तराखंड में विधानसभा सत्र शुरू होने जा रहा है। इसलिए कल घर से निकलने से पहले ये खबर जरूर पढ़ लें वरना आपको परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। जी हां 29 मार्च से 31 मार्च तक विधानसभा सत्र को लेकर दून पुलिस ने ट्रैफिक डायवर्ट किया है। तो वहीं सुरक्षा व्यवस्था के लिहाज से देहरादून डीएम ने धारा 144 लागू करने के आदेश दिए है। आदेश के अनुसार देहरादून विधानसभा परिसर के चारों ओर 300 मीटर की परिधि में तत्काल प्रभाव से दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा 144 लागू की जाएगी।
ये सब करना होगा प्रतिबंधित
मीडिया रिपोर्टस के अनुसार जिलाधिकारी डाॅ0 आर राजेश कुमार ने विधानसभा रिसर के चारों ओर 300 मीटर की परिधि में धारा 144 लागू कर दी है। अब इस क्षेत्र में कोई भी व्यक्ति अग्नेयास्त्र, लाठी, हाकी, स्टिक, तलवार अथवा अन्य कोई तेज धार वाला अस्त्र, बम और अन्य किसी प्रकार के बारूद वाले अस्त्र और हिंसा के प्रयोग के लिए ईंट पत्थर रोड़ा आदि एकत्र ही करेगा। इसके साथ ही किसी भी प्रकार की नारेबाजी, लाउडस्पीकर का प्रयोग सरकारी इमारतों पर साम्प्रदायिक भावना भड़काने वाले उत्तेजक भाषण करना, किसी प्रकार भा्रमक साहित्य के प्रचार-प्रसार तथा विरोध जुलूस आदि को भी प्रतिबंध किया गया है।
ये रहेगा रूट प्लान
वहीं विधानसभा-सत्र के दौरान धरना-प्रदर्शन और रैली आदि के मद्देनजर यातायात और कानून व्यवस्था बनाये रखने के लिए देहरादून के प्रगति विहार बैरियर, शास्त्री नगर बैरियर, बाईपास बैरियर, डिफेंस कॉलोनी बैरियर, विधानसभा तिराहे पर बैरियर लगाए गए है। वहीं आईएसबीटी से आने वाले सभी भारी वाहनों को कारगी चौक और डोईवाला से दुधली रोड की ओर डायवर्ट किया जायेगा। जोगीवाला से आने वाले सभी यातायात को रिस्पना पुल से बाईपास की ओर डायवर्ट करते हुए सभी वाहनों को माता मंदिर रोड से धर्मपुर की ओर भेजा जाएगा। वहीं प्रगति विहार बैरियर बंद होने के दौरान देहरादून से हरिद्वार से ऋषिकेश होते हुए टिहरी से चमोली जाने वाले वाहन नेहरू कालानी मोड़ और फव्वारा चौक से पुलिया नम्बर 6 की ओर डायवर्ट किये जायेंगे। धर्मपुर चौक से आईएसबीटी की ओर जाने वाला यातायात माता मन्दिर रोड होते हुए पुरानी बाईपास चौकी से आईएसबीटी की ओर भेजा जायेगा। मोहकमपुर की ओर से मसूरी जाने वाले वाहन जोगीवाला से रिंग रोड से लाडपुर से सहस्त्रधारा क्रासिंग से आईटी पार्क से मसूरी मार्ग की ओर भेजा जायेगा।
शास्त्री नगर बैरियर बन्द होने के दौरान मोहकमपुर की ओर से देहरादून शहर की ओर आने वाले वाहन जोगीवाला से 6 नम्बर पुलिया से फव्वारा चौक,आराघर, ईसी रोड होते हुए देहरादून भेजा जायेगा। जुलुस के बन्नू-स्कूल से प्रगति विहार बैरियर की ओर प्रस्थान करने पर रिस्पना से देहरादून शहर की ओर आने वाले वाहनों को हरिद्वार बाईपास से पुरानी बाईपास चौकी की ओर भेजा जायेगा। साथ ही फव्वारा चौक 6 नंबर पुलिया की ओर यातायात डाइवर्ट किया जायेगा। प्रत्येक सम्भावित जुलूस (अनुमति प्राप्त) केवल बन्नू स्कूल से प्रस्थान करेगा और इनके वाहन भी बन्नू स्कूल में पार्क किये जाएंगे। डोईवाला से देहरादून की ओर आने यातायात को डोईवाला से दूधली रोड से बाई पास रोड पर लाया जाएगा। डिफेंस कालोनी जाने वाले व्यवसायिक वाहनों को नेहरू कालोनी थाना कट से पुरानी बाईपास चौकी की ओर डायवर्ट किया जायेगा। स्थानीय निवासियों के व्यक्तिगत वाहनों को विशेष परिस्थितियों मे ही डायवर्ट किया जायेगा। सामान्य स्थिति में व्यक्गित वाहनों को डायवर्ट नहीं किया जायेगा।
देहरादूनः उत्तराखंड में विधानसभा सत्र शुरू होने जा रहा है। इसलिए कल घर से निकलने से पहले ये खबर जरूर पढ़ लें वरना आपको परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। जी हां 29 मार्च से 31 मार्च तक विधानसभा सत्र को लेकर दून पुलिस ने ट्रैफिक डायवर्ट किया है। तो वहीं सुरक्षा व्यवस्था के लिहाज से देहरादून डीएम ने धारा 144 लागू करने के आदेश दिए है। आदेश के अनुसार देहरादून विधानसभा परिसर के चारों ओर 300 मीटर की परिधि में तत्काल प्रभाव से दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा 144 लागू की जाएगी।
ये सब करना होगा प्रतिबंधित
मीडिया रिपोर्टस के अनुसार जिलाधिकारी डाॅ0 आर राजेश कुमार ने विधानसभा रिसर के चारों ओर 300 मीटर की परिधि में धारा 144 लागू कर दी है। अब इस क्षेत्र में कोई भी व्यक्ति अग्नेयास्त्र, लाठी, हाकी, स्टिक, तलवार अथवा अन्य कोई तेज धार वाला अस्त्र, बम और अन्य किसी प्रकार के बारूद वाले अस्त्र और हिंसा के प्रयोग के लिए ईंट पत्थर रोड़ा आदि एकत्र ही करेगा। इसके साथ ही किसी भी प्रकार की नारेबाजी, लाउडस्पीकर का प्रयोग सरकारी इमारतों पर साम्प्रदायिक भावना भड़काने वाले उत्तेजक भाषण करना, किसी प्रकार भा्रमक साहित्य के प्रचार-प्रसार तथा विरोध जुलूस आदि को भी प्रतिबंध किया गया है।
ये रहेगा रूट प्लान
वहीं विधानसभा-सत्र के दौरान धरना-प्रदर्शन और रैली आदि के मद्देनजर यातायात और कानून व्यवस्था बनाये रखने के लिए देहरादून के प्रगति विहार बैरियर, शास्त्री नगर बैरियर, बाईपास बैरियर, डिफेंस कॉलोनी बैरियर, विधानसभा तिराहे पर बैरियर लगाए गए है। वहीं आईएसबीटी से आने वाले सभी भारी वाहनों को कारगी चौक और डोईवाला से दुधली रोड की ओर डायवर्ट किया जायेगा। जोगीवाला से आने वाले सभी यातायात को रिस्पना पुल से बाईपास की ओर डायवर्ट करते हुए सभी वाहनों को माता मंदिर रोड से धर्मपुर की ओर भेजा जाएगा। वहीं प्रगति विहार बैरियर बंद होने के दौरान देहरादून से हरिद्वार से ऋषिकेश होते हुए टिहरी से चमोली जाने वाले वाहन नेहरू कालानी मोड़ और फव्वारा चौक से पुलिया नम्बर 6 की ओर डायवर्ट किये जायेंगे। धर्मपुर चौक से आईएसबीटी की ओर जाने वाला यातायात माता मन्दिर रोड होते हुए पुरानी बाईपास चौकी से आईएसबीटी की ओर भेजा जायेगा। मोहकमपुर की ओर से मसूरी जाने वाले वाहन जोगीवाला से रिंग रोड से लाडपुर से सहस्त्रधारा क्रासिंग से आईटी पार्क से मसूरी मार्ग की ओर भेजा जायेगा।
शास्त्री नगर बैरियर बन्द होने के दौरान मोहकमपुर की ओर से देहरादून शहर की ओर आने वाले वाहन जोगीवाला से 6 नम्बर पुलिया से फव्वारा चौक,आराघर, ईसी रोड होते हुए देहरादून भेजा जायेगा। जुलुस के बन्नू-स्कूल से प्रगति विहार बैरियर की ओर प्रस्थान करने पर रिस्पना से देहरादून शहर की ओर आने वाले वाहनों को हरिद्वार बाईपास से पुरानी बाईपास चौकी की ओर भेजा जायेगा। साथ ही फव्वारा चौक 6 नंबर पुलिया की ओर यातायात डाइवर्ट किया जायेगा। प्रत्येक सम्भावित जुलूस (अनुमति प्राप्त) केवल बन्नू स्कूल से प्रस्थान करेगा और इनके वाहन भी बन्नू स्कूल में पार्क किये जाएंगे। डोईवाला से देहरादून की ओर आने यातायात को डोईवाला से दूधली रोड से बाई पास रोड पर लाया जाएगा। डिफेंस कालोनी जाने वाले व्यवसायिक वाहनों को नेहरू कालोनी थाना कट से पुरानी बाईपास चौकी की ओर डायवर्ट किया जायेगा। स्थानीय निवासियों के व्यक्तिगत वाहनों को विशेष परिस्थितियों मे ही डायवर्ट किया जायेगा। सामान्य स्थिति में व्यक्गित वाहनों को डायवर्ट नहीं किया जायेगा।