रुद्रप्रयाग: जनपद रुद्रप्रयाग में आयोजित माल्टा महोत्सव किसानों को प्रोत्साहित करने, माल्टा आधारित उत्पादों के प्रचार-प्रसार तथा पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हो रहा है। इस महोत्सव का उद्देश्य स्थानीय कृषकों, स्वयं सहायता समूहों एवं उद्यमियों को मंच प्रदान कर स्वरोजगार के अवसर सृजित करना तथा क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करना है।
महोत्सव के दौरान जिलाधिकारी प्रतीक जैन द्वारा स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने महिलाओं से संवाद कर उनके द्वारा तैयार किए जा रहे माल्टा से बने उत्पादों की जानकारी ली तथा उत्पादों की गुणवत्ता एवं प्रस्तुति की सराहना की। जिलाधिकारी ने स्वयं माल्टा से बने विभिन्न उत्पादों खटाई आदि का स्वाद भी लिया।
इस अवसर पर ग्रामोत्थान परियोजना के अंतर्गत कार्यरत उन्नति स्वायत सहकारिता नारी, उमंग स्वायत सहकारिता मक्कुमठ, जीवन ज्योति स्वायत सहकारिता देड़ा एवं उन्नति स्वायत सहकारिता कोतमा की महिलाओं द्वारा स्थानीय उत्पादों की प्रदर्शनी एवं बिक्री की गई। महिला समूहों द्वारा माल्टा जूस, स्क्वैश, जैम, कैंडी सहित अन्य स्थानीय उत्पादों को प्रदर्शित किया गया, जिसे आगंतुकों द्वारा खूब सराहा गया।
जिलाधिकारी प्रतीक जैन ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि शीतकालीन यात्रा के दौरान प्रमुख मंदिरों एवं पर्यटन स्थलों के आसपास माल्टा से बने उत्पादों के विक्रय की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, जिससे स्थानीय उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध हो सके और महिला समूहों की आय में वृद्धि हो।
इस दौरान जिलाधिकारी ने बताया कि ऐसे आयोजनों से एक ओर जहां माल्टा के प्रचार-प्रसार को बल मिलता है, वहीं दूसरी ओर स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को आर्थिक सशक्तिकरण का स्थायी साधन प्राप्त होता है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा महिला समूहों को आगे भी हर संभव सहयोग प्रदान किया जाएगा।
माल्टा महोत्सव जैसे आयोजनों से स्थानीय किसानों, महिला समूहों एवं उद्यमियों को लाभ पहुंचने के साथ-साथ जनपद की आर्थिकी को मजबूती मिल रही है, जो आत्मनिर्भर रुद्रप्रयाग की दिशा में एक सार्थक कदम है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत 3848 लाभार्थियों के बैंक खातों में 33.22 करोड़ रुपये की धनराशि का मुख्यमंत्री आवास से ऑनलाइन माध्यम से वितरण किया।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का संकल्प है कि उत्तराखंड का युवा नौकरी ढूंढने वाला नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला बने। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना राज्य की उन प्रमुख योजनाओं में से एक है, जिसने वास्तविक रूप से पलायन को रोकने, रिवर्स माइग्रेशन को बढ़ावा देने और स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड-19 के दौरान लौटे प्रवासी, युवा उद्यमी, कारीगर, हस्तशिल्पी एवं शिक्षित बेरोजगार इस योजना के प्रमुख लाभार्थी हैं। योजना के अंतर्गत राज्य के मूल और स्थायी निवासियों को विनिर्माण, सेवा एवं व्यापार क्षेत्र में राष्ट्रीयकृत, सहकारी एवं क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों के माध्यम से ऋण सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। विनिर्माण इकाइयों के लिए ₹25 लाख तक और सेवा एवं व्यापार इकाइयों के लिए ₹10 लाख तक की परियोजना लागत अनुमन्य है। योजना के अंतर्गत परियोजना लागत का 15 से 25 प्रतिशत तक मार्जिन मनी उपादान (सब्सिडी) के रूप में प्रदान किया जा रहा है। योजना के अंतर्गत लगभग 32 हजार लाभार्थियों को जोड़ने का लक्ष्य रखा गया था, इस योजना से अब तक 35 हजार से अधिक लाभार्थी लाभान्वित हो चुके हैं। योजना के तहत अब तक ₹1,389 करोड़ से अधिक का ऋण वितरण किया गया है, जिससे लगभग 64,966 नए रोजगार सृजित हुए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह प्रमाण है कि योजना केवल कागज़ों में नहीं, बल्कि धरातल पर सशक्त रूप से कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री ने इसे छोटे व्यापारियों और आत्मनिर्भरता की दिशा में प्रदेश के लिए एक “गेम चेंजर योजना” बताया। उन्होंने कहा कि योजना की सफलता को देखते हुए वर्ष 2025 से मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना 2.0 (MSY 2.0) प्रारंभ की गई है, जिसमें MSY और नैनो योजना का एकीकरण किया गया है। नई व्यवस्था में सब्सिडी की सीमा 15 प्रतिशत से बढ़ाकर 30 प्रतिशत तक कर दी गई है। साथ ही भौगोलिक, सामाजिक और उत्पाद बूस्टर की अवधारणा के अंतर्गत अतिरिक्त 5 प्रतिशत सब्सिडी का प्रावधान किया गया है, जिससे योजना आर्थिक के साथ-साथ सामाजिक रूप से भी सशक्त बनेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लाभार्थियों को सब्सिडी ऑनलाइन माध्यम से सीधे बैंक खातों में ट्रांसफर की गई है। यह सरकार की पारदर्शिता, टेक्नोलॉजी-आधारित और भ्रष्टाचार-मुक्त कार्यप्रणाली का प्रमाण है। मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना केवल एक योजना नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर उत्तराखंड की मजबूत नींव है। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य है कि हर जिले में स्थानीय उद्यम, हर गांव में रोजगार और हर युवा के हाथ में काम हो। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार करते हुए डबल इंजन सरकार उत्तराखंड के युवाओं को स्वरोजगार के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री ने इस दौरान मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना से लाभार्थियों से संवाद भी किया। लोहाघाट, चंपावत के श्री कमल सिंह पार्थोली ने कहा कि उन्होंने स्मार्ट लाइब्रेरी के लिए इस योजना के तहत 10 लाख रुपये का लोन लिया। अभी यहां 130 बच्चे पढ़ रहे हैं, वे अब ई-लाइब्रेरी भी बनाएंगे। उधम सिंह नगर के श्री प्रदीप अग्रवाल ने बताया कि उन्होंने गाड़ी सर्विस के कार्य के लिए 10 लाख रुपये का लोन लिया; वे पहले साइकिल रिपेयरिंग का कार्य करते थे। उत्तरकाशी के श्री जसपाल ने बताया कि उन्होंने फिटनेस क्लब की स्थापना के लिए 10 लाख रुपये का लोन लिया, अब वे इसका और विस्तार कर रहे हैं। पौड़ी गढ़वाल के श्री अयान मंसूरी ने बताया कि उन्होंने रजाई और गद्दा निर्माण के कार्य के लिए 10 लाख रुपये का लोन लिया, उनके साथ इस रोजगार से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से कई लोग जुड़े हैं। इस साल उनका कारोबार तीन करोड़ रुपये होने का अनुमान है। बागेश्वर की श्रीमती चंपा देवी ने कहा कि उन्होंने मोबाइल सेल एंड सर्विस के लिए सात लाख रुपये का लोन लिया था। इस कार्य से उनकी आजीविका बढ़ी है।
इस अवसर पर सचिव उद्योग श्री विनय शंकर पांडेय, महानिदेशक उद्योग एवं एमडी सिडकुल डॉ. सौरभ गहरवार, उप सचिव श्री शिव शंकर मिश्रा, उद्योग विभाग से अपर निदेशक श्री मृत्युंजय सिंह, संयुक्त निदेशक श्री अनुपम द्विवेदी, श्री दीपक मुरारी, उप निदेशक श्री महावीर सजवान, श्री राजेंद्र कुमार, उद्योग मित्र श्री अभिषेक नैनवाल एवं श्री अनुराग गुप्ता मौजूद थे।
बागेश्वर: जिलाधिकारी आकांक्षा कोंडे की अध्यक्षता में बुधवार को न्याय पंचायत गढ़सेर अंतर्गत ब्लॉक सभागार गरूड़ में प्रदेश सरकार द्वारा संचालित “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान का शुभारंभ किया गया।
पहले दिन आयोजित कैम्प में आमजन को केन्द्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई तथा पात्र लाभार्थियों को मौके पर ही आवेदन, शिकायत निस्तारण एवं लाभ स्वीकृति की सुविधा उपलब्ध कराई गई।
जिलाधिकारी ने शिविर में उपस्थित आमजन की शिकायतें सुनीं तथा संबंधित विभागों को त्वरित एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने शिविर में लगाए गए विभिन्न विभागीय स्टॉलों का निरीक्षण किया और लाभार्थियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए व्यवस्थाएं सुचारू रखने के निर्देश दिए।
यह अभियान राज्य सरकार की एक महत्त्वपूर्ण पहल है, जिसके अंतर्गत 17 दिसंबर 2025 से 45 दिनों तक प्रदेशभर में न्याय पंचायत एवं ग्राम पंचायत स्तर पर बहुउद्देशीय कैम्प आयोजित किए जा रहे हैं। इन कैम्पों के माध्यम से स्वास्थ्य, सामाजिक कल्याण, ग्रामीण विकास, शिक्षा, कृषि, पशुपालन एवं आपदा प्रबंधन सहित विभिन्न विभागों की सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जा रही हैं, ताकि आम नागरिकों की समस्याओं का त्वरित एवं प्रभावी समाधान हो सके।
अभियान का उद्देश्य ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में निवासरत नागरिकों तक सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे पहुँचाना है, जिससे उन्हें कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर न लगाने पड़ें। यह पहल शासन और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित करते हुए पारदर्शी, जन-सुलभ एवं जवाबदेह प्रशासन को सुदृढ़ करती है।
इसी क्रम में 18 दिसंबर 2025 को कपकोट ब्लॉक के राजकीय हाईस्कूल उत्तरोड़ा तथा बागेश्वर ब्लॉक के इंटर कॉलेज सैंज में विशेष कैम्प आयोजित किए जाएंगे।
इस दौरान ब्लॉक प्रमुख किशन बोरा, एसडीएम वैभव कांडपाल सहित सभी जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
देहरादून: केंद्र सरकार ने उत्तराखंड राज्य को विशेष पूंजी निवेश सहायता योजना 2025-26 के अंतर्गत ₹249.56 करोड़ की दूसरी किस्त जारी कर दी है। यह राशि भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग द्वारा राज्य सरकार को प्रदान की गई है। इस सहायता से राज्य में विकास से जुड़ी महत्वपूर्ण परियोजनाओं को और अधिक गति मिलने की उम्मीद है।
इस संबंध में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्र सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ” यह वित्तीय सहायता उत्तराखंड के आधारभूत ढांचे को मजबूत करने, जनोपयोगी विकास कार्यों को आगे बढ़ाने तथा रोजगार के नए अवसर सृजित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार का यह सहयोग राज्य के आर्थिक सुदृढ़ीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सरकार केंद्र और राज्य के समन्वय से प्रदेश के समग्र विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्राप्त धनराशि का उपयोग पूंजीगत परियोजनाओं, जैसे सड़क, पुल, शहरी एवं ग्रामीण अधोसंरचना, पेयजल, ऊर्जा और अन्य विकास कार्यों में पारदर्शी, प्रभावी और समयबद्ध तरीके से किया जाएगा, ताकि आम जनता को इसका सीधा लाभ मिल सके।
मुख्यमंत्री श्री धामी ने यह भी कहा कि राज्य सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि सभी परियोजनाएं गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पूर्ण हों और उनके क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की देरी न हो। उन्होंने बताया कि इन परियोजनाओं के माध्यम से न केवल प्रदेश की आर्थिक गतिविधियों को बल मिलेगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन को भी प्रोत्साहन मिलेगा।
गौरतलब है कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक केंद्र सरकार द्वारा उत्तराखंड को कुल ₹847.49 करोड़ की सहायता ऋण स्वरूप प्रदान की जा चुकी है। इस वित्तीय सहयोग से राज्य में विभिन्न विकासात्मक योजनाओं और परियोजनाओं को नई गति मिली है, जिससे उत्तराखंड के संतुलित, समावेशी और सतत विकास को मजबूती मिलेगी।
रुद्रप्रयाग:अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए एक अच्छी खबर है। शिक्षण एवं मार्गदर्शन केंद्र के माध्यम से जनवरी 2026 से दिसंबर 2026 तक आयोजित होने वाले प्रशिक्षण सत्र के अंतर्गत एक वर्षीय आशुलिपि (हिंदी) व्यवसाय तथा जनवरी 2026 से जून 2026 तक के सत्र के लिए कंप्यूटर टंकण व्यवसाय में निःशुल्क प्रशिक्षण हेतु आवेदन आमंत्रित किए गए हैं।
जिला सेवायोजन अधिकारी सुशील चंद्र चमोली ने जानकारी देते हुए बताया कि इच्छुक एवं पात्र अभ्यर्थी इस अवसर का लाभ उठाने के लिए जल्द से जल्द आवेदन करें। यह प्रशिक्षण युवाओं को रोजगारोन्मुखी कौशल प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जिससे वे आत्मनिर्भर बन सकेंगे।
यह योजना विशेष रूप से समाज के वंचित एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने और उनके भविष्य को सशक्त बनाने में सहायक सिद्ध होगी।
देहरादून: जन सुविधाओं को बेहतर बनाने और उनकी समस्याओं का मौके पर निस्तारण हेतु जिलाधिकारी सविन बंसल की अध्यक्षता में बुधवार, 17 दिसंबर, 2025 को प्रातः 11 बजे से अपराह्न 4ः00 बजे तक विकासखंड चकराता स्थित ग्राम क्वासी इंटर कॉलेज प्रांगण में बहुउद्देशीय शिविर का आयोजन किया जाएगा। मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह ने बताया कि बहुउद्देशीय शिविर में जनपद स्तरीय अधिकारियों द्वारा स्वयं उपस्थित रहकर जन समस्याओं का मौके पर निस्तारण किया जाएगा और विभागीय स्टॉल लगाकर योजनाओं का प्रचार प्रसार किया जाएगा।
जिलाधिकारी ने कहा कि शासन की प्राथमिकता के अनुसार यह शिविर सुदूरवर्ती क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं को उपलब्ध कराने एवं जनसमस्याओं के निस्तारण हेतु आयोजित किया जा रहा है। विभिन्न विभागों के स्टॉल्स के माध्यम से सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए है कि शिविर में पूर्ण तैयारी के साथ प्रतिभाग करें और जनता को मौके पर ही सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाए। सभी विभाग आवेदन फॉर्म और योजनाओं की पूर्ण जानकारी के साथ स्वयं शिविर में उपस्थित रहे।
बहुउद्देशीय शिविर में समाज कल्याण, महिला कल्याण एवं प्रोबेशन विभाग द्वारा वृद्धावस्था, विधवा, दिव्यांग, किसान व परित्यक्ता पेंशन प्रकरणों सत्यापन के साथ छात्रवृत्ति, राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना, शादी अनुदान फार्म भरवाए जाएंगे। डीडीआरसी के माध्यम से दिव्यांगों के यूडीआईडी कार्ड, कुपोषित बच्चों का चिन्हीकरण, उपचार, दिव्यांग एवं कृत्रिम अंगों का वितरण किया जाएगा।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा शिविर में दो स्तरीय व्यवस्था रहेगी। पहला सामान्य जांच शिविर का आयोजन और दूसरा विभिन्न प्रकार के दिव्यांग प्रमाण पत्र ऑफलाइन बनाने के उपरांत बाद में ऑनलाइन करने हेतु एसडीएम को दिए जाएंगे। आरबीएस की टीम कुपोषित बच्चों का सर्वे कर उपचार प्रदान करेगा। शिविर में नशामुक्ति काउंसलिंग, पोषण, परिवार कल्याण, टीकाकरण, गर्भवती महिलाओं की निःशुल्क जांच व औषधि वितरण किया जाएगा। अटल आयुष्मान कार्ड के लिए पृथक सीएचसी संचालित कर कैंप में ही आवेदकों को कार्ड निर्गत किए जाएंगे। शिविर में नेत्र परीक्षण व चश्में भी वितरित किए जाएंगे। आईसीडीएस विभाग द्वारा कुपोषित शिशु, किशोरियों, महिलाओं का चिन्हीकरण कर पोषाहार उपलब्ध कराया जाएगा। नंदागौरा, पीएम मातृ वंदना योजना, मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट, किशोरी किट के फॉर्म भरे जाएंगे।
ग्राम्य विकास द्वारा मनरेगा कार्य की मांग, जॉबकार्ड, भुगतान संबधी प्रकरणों का निराकरण, पीएमएवाई आवास के आवेदन, एनआरएलएम व रीप में नए सदस्यों को जोड़ना और समूहों को सीसीएल के प्रस्तावों पर स्वीकृति प्रदान की जाएगी। पंचायत राज द्वारा परिवार रजिस्टर की नकल, जन्ममृत्यु पंजीकरण, सेवायोजन द्वारा रोजगार मेला आयोजन व युवाओं की काउंसलिंग तथा शिक्षा विभाग द्वारा एमडीएम, रमसा व आरटीई से जुड़े विषयों पर सेवाएं प्रदान की जाएगी। खाद्य विभाग राशन कार्डाे का सत्यापन, संशोधन व दुरस्तीकरण व राज्य खाद्य योजना के राशन कार्ड निर्गत करेगा। कृषि व उद्यान विभाग कीटनाशक दवाओं, बीज, लघु यंत्रों का वितरण एवं कृषकों की समस्या का समाधान करेंगे। सहकारिता, रेशम, मत्स्य, दुग्ध विभाग खाद्य बीज की उपलब्धता, समितियों के सदस्य बनने, केसीसी लाभार्थियों का चयन करेंगे। विद्युत व पेयजल विभाग विद्युत बिल, पेयजल बिलों का सुधार, भुगतान, नए कनेक्शन वितरण करेंगे।
लोनिवि, एनएचएआई, पीएमजीएसवाई द्वारा राजमार्ग, राज्य मार्ग, ग्रामीण मार्गाे से संबंधित समस्याओं का समाधान तथा सिंचाई विभाग द्वारा सिंचन क्षमता विस्तार संबधी विषयों पर कार्रवाई की जाएगी। उद्योग व खादी ग्रामोद्योग द्वारा स्वरोजगार आवेदन प्राप्त करना, प्रशिक्षण तथा राजस्व विभाग द्वारा नए आधार कार्ड बनाने, आधार संशोधन के साथ आय, जाति चरित्र, स्थायी निवास, निर्विवाद उत्तराधिकार के मामलों का निस्तारण किया जाएगा। लीड बैंक द्वारा वंचित परिवारों का शत प्रतिशत बैंक लिंकेज, पीएम जीवन ज्योति, पीएम जीवन सुरक्षा योजना, सीसीएल व स्वरोजगार योजनाओं के आवेदनों का निस्तारण किया जाएगा। पर्यटन द्वारा होम स्टे, वीरचन्द्र सिंह गढ़वाली स्वरोजगार योजना के लाभार्थियों का चयन तथा श्रम विभाग द्वारा श्रमिक कार्ड बनाने, रिन्युवल करने, पंजीकृत श्रमिकों को सामग्री वितरण का काम किया जाएगा। शिविर में यूसीसी के तहत पंजीकरण भी किए जाएगें। जिलाधिकारी ने क्षेत्रीय जनमानस से संचालित विभिन्न सरकारी योजना का लाभ प्राप्त करने एवं अपनी समस्या का निराकरण करने हेतु आयोजित शिविर में प्रतिभाग करने की अपील की है।
देहरादून: जन सुविधाओं को बेहतर बनाने और उनकी समस्याओं का मौके पर निस्तारण हेतु जिलाधिकारी सविन बंसल की अध्यक्षता में बुधवार, 17 दिसंबर, 2025 को प्रातः 11 बजे से अपराह्न 4ः00 बजे तक विकासखंड चकराता स्थित ग्राम क्वासी इंटर कॉलेज प्रांगण में बहुउद्देशीय शिविर का आयोजन किया जाएगा। मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह ने बताया कि बहुउद्देशीय शिविर में जनपद स्तरीय अधिकारियों द्वारा स्वयं उपस्थित रहकर जन समस्याओं का मौके पर निस्तारण किया जाएगा और विभागीय स्टॉल लगाकर योजनाओं का प्रचार प्रसार किया जाएगा।
जिलाधिकारी ने कहा कि शासन की प्राथमिकता के अनुसार यह शिविर सुदूरवर्ती क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं को उपलब्ध कराने एवं जनसमस्याओं के निस्तारण हेतु आयोजित किया जा रहा है। विभिन्न विभागों के स्टॉल्स के माध्यम से सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए है कि शिविर में पूर्ण तैयारी के साथ प्रतिभाग करें और जनता को मौके पर ही सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाए। सभी विभाग आवेदन फॉर्म और योजनाओं की पूर्ण जानकारी के साथ स्वयं शिविर में उपस्थित रहे।
बहुउद्देशीय शिविर में समाज कल्याण, महिला कल्याण एवं प्रोबेशन विभाग द्वारा वृद्धावस्था, विधवा, दिव्यांग, किसान व परित्यक्ता पेंशन प्रकरणों सत्यापन के साथ छात्रवृत्ति, राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना, शादी अनुदान फार्म भरवाए जाएंगे। डीडीआरसी के माध्यम से दिव्यांगों के यूडीआईडी कार्ड, कुपोषित बच्चों का चिन्हीकरण, उपचार, दिव्यांग एवं कृत्रिम अंगों का वितरण किया जाएगा।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा शिविर में दो स्तरीय व्यवस्था रहेगी। पहला सामान्य जांच शिविर का आयोजन और दूसरा विभिन्न प्रकार के दिव्यांग प्रमाण पत्र ऑफलाइन बनाने के उपरांत बाद में ऑनलाइन करने हेतु एसडीएम को दिए जाएंगे। आरबीएस की टीम कुपोषित बच्चों का सर्वे कर उपचार प्रदान करेगा। शिविर में नशामुक्ति काउंसलिंग, पोषण, परिवार कल्याण, टीकाकरण, गर्भवती महिलाओं की निःशुल्क जांच व औषधि वितरण किया जाएगा। अटल आयुष्मान कार्ड के लिए पृथक सीएचसी संचालित कर कैंप में ही आवेदकों को कार्ड निर्गत किए जाएंगे। शिविर में नेत्र परीक्षण व चश्में भी वितरित किए जाएंगे। आईसीडीएस विभाग द्वारा कुपोषित शिशु, किशोरियों, महिलाओं का चिन्हीकरण कर पोषाहार उपलब्ध कराया जाएगा। नंदागौरा, पीएम मातृ वंदना योजना, मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट, किशोरी किट के फॉर्म भरे जाएंगे।
ग्राम्य विकास द्वारा मनरेगा कार्य की मांग, जॉबकार्ड, भुगतान संबधी प्रकरणों का निराकरण, पीएमएवाई आवास के आवेदन, एनआरएलएम व रीप में नए सदस्यों को जोड़ना और समूहों को सीसीएल के प्रस्तावों पर स्वीकृति प्रदान की जाएगी। पंचायत राज द्वारा परिवार रजिस्टर की नकल, जन्ममृत्यु पंजीकरण, सेवायोजन द्वारा रोजगार मेला आयोजन व युवाओं की काउंसलिंग तथा शिक्षा विभाग द्वारा एमडीएम, रमसा व आरटीई से जुड़े विषयों पर सेवाएं प्रदान की जाएगी। खाद्य विभाग राशन कार्डाे का सत्यापन, संशोधन व दुरस्तीकरण व राज्य खाद्य योजना के राशन कार्ड निर्गत करेगा। कृषि व उद्यान विभाग कीटनाशक दवाओं, बीज, लघु यंत्रों का वितरण एवं कृषकों की समस्या का समाधान करेंगे। सहकारिता, रेशम, मत्स्य, दुग्ध विभाग खाद्य बीज की उपलब्धता, समितियों के सदस्य बनने, केसीसी लाभार्थियों का चयन करेंगे। विद्युत व पेयजल विभाग विद्युत बिल, पेयजल बिलों का सुधार, भुगतान, नए कनेक्शन वितरण करेंगे।
लोनिवि, एनएचएआई, पीएमजीएसवाई द्वारा राजमार्ग, राज्य मार्ग, ग्रामीण मार्गाे से संबंधित समस्याओं का समाधान तथा सिंचाई विभाग द्वारा सिंचन क्षमता विस्तार संबधी विषयों पर कार्रवाई की जाएगी। उद्योग व खादी ग्रामोद्योग द्वारा स्वरोजगार आवेदन प्राप्त करना, प्रशिक्षण तथा राजस्व विभाग द्वारा नए आधार कार्ड बनाने, आधार संशोधन के साथ आय, जाति चरित्र, स्थायी निवास, निर्विवाद उत्तराधिकार के मामलों का निस्तारण किया जाएगा। लीड बैंक द्वारा वंचित परिवारों का शत प्रतिशत बैंक लिंकेज, पीएम जीवन ज्योति, पीएम जीवन सुरक्षा योजना, सीसीएल व स्वरोजगार योजनाओं के आवेदनों का निस्तारण किया जाएगा। पर्यटन द्वारा होम स्टे, वीरचन्द्र सिंह गढ़वाली स्वरोजगार योजना के लाभार्थियों का चयन तथा श्रम विभाग द्वारा श्रमिक कार्ड बनाने, रिन्युवल करने, पंजीकृत श्रमिकों को सामग्री वितरण का काम किया जाएगा। शिविर में यूसीसी के तहत पंजीकरण भी किए जाएगें। जिलाधिकारी ने क्षेत्रीय जनमानस से संचालित विभिन्न सरकारी योजना का लाभ प्राप्त करने एवं अपनी समस्या का निराकरण करने हेतु आयोजित शिविर में प्रतिभाग करने की अपील की है।
देहरादून: जिले के बड़े बकायेदारों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत जिला प्रशासन ने सुभारती समूह पर अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देशों के अनुपालन में लंबित बकाया वसूली के तहत रू 87.50 करोड़ की कुर्की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है।
जिलाधिकारी ने सुभारती समूह से बकाया राजस्व वसूली सुनिश्चित करने के लिए संबंधित अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। जिला प्रशासन का कहना है कि भविष्य में भी किसी बड़े या छोटे बकायेदार को बकाया राशि न जमा करने पर कानूनी कार्रवाई से नहीं बख्शा जाएगा। जनपद में राजस्व वसूली को गति देने तथा सरकारी धन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह कार्यवाही कर कड़ा संदेश दिया है। जिलाधिकारी ने द्वारा जारी कुर्की वारंट से स्पष्ट किया गया है कि बार-बार नोटिस दिए जाने के बावजूद भुगतान न होने पर यह कठोर कदम उठाया गया है।
जिलाधिकारी ने कहा कि ‘जनता के धन की लूट करने वालों को किसी भी स्थिति में छोड़ा नहीं जाएगा।” उन्होंने निर्देशित किया है कि समस्त उप जिलाधिकारी अपने-अपने तहसील क्षेत्रों में ऐसे सभी छोटे एवं बड़े बकायेदारों की सूची तैयार करें, जिन्होंने लंबे समय से देय राशि जमा नहीं की है या जानबूझकर भुगतान से बच रहे हैं। जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि इनके विरुद्ध विशेष वसूली अभियान चलाकर तत्परता से वसूली सुनिश्चित की जाए।
संस्थान को 6 वर्षों से 300 छात्रों से पूर्ण शुल्क वसूलने के बावजूद संरचना विहीन संस्थान में रखना भारी पड़ गया है, जिला प्रशासन ने वसूली वारंट जारी कर दिया है, अगले कुछ ही दिवसों में संस्थान का बैंक खाता सीज संपत्ति कुर्क करने की कार्रवाई की जा सकती है।चिकित्सा शिक्षा निदेशक ने डीएम से की सिफारिशचिकित्सा शिक्षा निदेशक ने संस्थान से पूर्ण वसूली के जाने के सिफारिश जिलाधिकारी को की थी।
शैक्षिणक सत्र 2017-18 में प्रवेश पाये द्वितीय बैच के कुल 74 छात्रों द्वारा मा० उच्चतम न्यायालय में एंव रिट याचिका (सिविल) योजित की गई थी, जिसमें में छात्रों की ओर से संस्थान में संरचना उपलब्ध नहीं है, से लगतार शिक्षा प्राप्त नही कर सकते है। याचिका में एम०सी०आई० द्वारा अपने तथ्य रखे गये थे और याचिका में यह प्रश्न था कि छात्रों को अन्य संस्थान में प्रवेश देकर अन्तरित किया जायें। वर्ष 2019 में मा0 उच्चतम न्यायालय ने यह निर्देश दिया गया था कि 300 छात्राओं को राज्य के तीन राजकीय मेडिकल कॉलेजों में अन्तरित किया जाये। मा० उच्चतम न्यायालय ने यह भी आदेश दिया गया था कि यह छात्र केवल राजकीय मेडिकल कॉलेज में लागू फीस का ही भुगतान करेगे। मा० उच्चतम न्यायालय ने अपने आदेश को 12 अप्रैल 2019 के आदेश में पुनः पुष्ट किया गया था। श्रीदेव सूमन सुभारती मेडिकल कॉलेज में इन सभी 300 छात्राओं को राजकीय मेडिकल कॉलेजों में समयोजित किये जाने हेतु लगभग एक नये मेडिकल कॉलेज को खोलने के अनुरूप अपेक्षित संरचना स्थापित करने की आवश्यकता थी, जिसमें राज्य सरकार पर अनापेक्षित वित्तीय भार आ गया था, जबकि उक्त संस्था द्वारा इन छात्रों से शुल्क बिना किसी काम के संग्रहित किया गया था।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि राजस्व की हानि किसी भी प्रकार से स्वीकार्य नहीं है। बकायेदारों द्वारा देरी या भुगतान से बचने की प्रवृत्ति पर अब सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी राजस्व अधिकारियों को निर्देश दिए कि बकायेदारों की विस्तृत रिपोर्ट तत्काल तैयार करें, प्राथमिकता के आधार पर बड़े बकायेदारों पर कार्रवाई करें, लगातार फॉलोअप करते हुए वसूली की दैनिक प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करें, आवश्यक होने पर कुर्की, नोटिस, बैंक खाता कुर्की या अन्य विधिक कार्रवाई भी अमल में लाई जाए।
जिलाधिकारी ने कहा कि सरकारी योजनाओं एवं विकास कार्यों के लिए जनता की कमाई से जुटाया गया धन अत्यंत महत्वपूर्ण है। ऐसे में किसी भी प्रकार की लापरवाही या लूट बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने निर्देशित किया कि अभियान को पूरी गंभीरता और पारदर्शिता के साथ चलाया जाए ताकि जनपद में राजस्व वसूली की स्थिति मजबूत हो सके।
रुद्रप्रयाग: दिनांक 13 दिसंबर 2025 को रात्रि लगभग 10 बजे वन विभाग की टीम द्वारा जोंडला, अगस्त्यमुनि क्षेत्र के समीप एक गुलदार (तेंदुआ) का सफलतापूर्वक रेस्क्यू एवं ट्रैपिंग की गई। इस कार्रवाई से क्षेत्र में लंबे समय से बनी दहशत का माहौल समाप्त हुआ है तथा स्थानीय ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है।
उल्लेखनीय है कि लगभग एक माह पूर्व जोंडला (पाला मल्लि ग्राम) क्षेत्र में एक दुर्भाग्यपूर्ण मृत्युदर घटना में गुलदार की संलिप्तता की सूचना प्राप्त हुई थी। इसके पश्चात वन विभाग द्वारा मामले को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए क्षेत्र में सतत निगरानी, गश्त एवं तकनीकी निगरानी उपाय लागू किए गए।
वन विभाग की टीम द्वारा लगातार प्रयास करते हुए सभी निर्धारित मानक कार्यविधियों (SOPs) एवं वन्यजीव प्रबंधन प्रोटोकॉल का पूर्णतः पालन किया गया। रणनीतिक योजना के तहत पिंजरा स्थापित कर गुलदार की गतिविधियों पर नजर रखी गई, जिसके फलस्वरूप 13 दिसंबर की रात्रि गुलदार को सुरक्षित तरीके से ट्रैप कर रेस्क्यू कर लिया गया।
रेस्क्यू अभियान के दौरान किसी भी प्रकार की जनहानि या संपत्ति क्षति नहीं हुई। पकड़े गए गुलदार को आवश्यक परीक्षण एवं आगे की कार्रवाई हेतु सुरक्षित रूप से वन विभाग के सुपुर्द किया गया है, ताकि विशेषज्ञों द्वारा नियमानुसार आगे की प्रक्रिया पूरी की जा सके।
वन विभाग ने स्थानीय ग्रामीणों से अपील की है कि वे वन्यजीवों से संबंधित किसी भी प्रकार की सूचना तत्काल विभाग को उपलब्ध कराएं तथा अफवाहों से बचें।
वन विभाग द्वारा आश्वस्त किया गया है कि क्षेत्र में आगे भी निरंतर निगरानी एवं सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी जाएगी, जिससे मानव–वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं को रोका जा सके।
इस सफल अभियान में रेंजर एच.एस. रावत, योगेंद्र पुरोहित, वन रक्षक भूपेंद्र सिंह राणा, बीट अधिकारी जय वीर लाल एवं वन दरोगा सहित पूरी टीम की सक्रिय, सतर्क एवं समन्वित भूमिका रही।
टिहरी: 17 दिसंबर से सभी विकास खण्ड कार्यालयों में क्रमवार 2 दिवसीय एसआईएस इंडिया लिमिटेड देहरादून के द्वारा बेरोजगारों को रोजगार उपलब्ध कराने हेतु पंजीकरण शिविर का आयोजन किया जाएगा।
परियोजना निदेशक, जिला ग्राम्य विकास अभिकरण, टिहरी गढ़वाल पुष्पेन्द्र सिंह चौहान द्वारा अवगत कराया कि एसआईएस (सिक्योरिटी एण्ड सर्विस) देहरादून (उत्तराखण्ड) के द्वारा सिक्योरिटी गाई / सुपरवाइजर पद हेतु टिहरी गढ़वाल के शिक्षित बेरोजगारों को रोजगार उपलब्ध कराये जाने हेतु ब्लॉकवार रोजगार मेला, जनपद के सभी विकास खण्डों में आयोजित किया जाएगा।
सभी विकासखण्डों पर सुरक्षा गार्ड, सुपरवाइजर की भर्ती प्रक्रिया में विकासखण्ड जौनपुर में 17 एवं 18 दिसंबर,
19 एवं 20 दिसंबर को थौलधार, 22 एवं 23 दिसंबर को प्रतापनगर, 24 एवं 25 दिसंबर को भिलंगना, 26 एवं 27 दिसंबर को कीतिनगर, 29 एवं 30 दिसंबर को देवप्रयाग (हिन्डोलाखाल), 31दिसम्बर एवं 01 जनवरी 2026 को जाखणीधार, 02 एवं 03 जनवरी को चम्बा तथा
05 जनवरी एवं 06 जनवरी को नरेंद्रनगर (फकोट) में प्रातः 11 बजे से अपराह्न 03 बजे तक शिविर का आयोजन किया जायेगा, जिसमें शारीरिक मापदंड एवं मौखिक परीक्षा लेने के बाद चयनित उमीदवार का पंजीकरण किया जायेगा और चयनित उमीदवार ट्रेनिंग के लिए SiS ट्रेनिंग सेंटर देहरादून सेलाकुई जायेंगे, वहा 1 माह की ट्रेनिंग होगी, उसके पश्चात उनकी पोस्टिंग वंही से की जायेगी। जो बच्चे अपने ब्लॉक के शिविर में नही पहुँच पाए, वह हमारे दूसरे शिविर में भाग ले सकते है।
सिक्योरिटी गार्ड की भर्ती हेतु साक्षातकार / लिखित परीक्षा हेतु योग्यता कम से कम नवीं पास उत्तीर्ण हों एंव सुपरवाइजर हेतु शैक्षिक योग्यता इण्टर मीडिएट उत्तीर्ण होना अनिवार्य है। आयु 19 से 40 वर्ष, लम्बाई 168 सेमी (सुरक्षा गार्ड) / 170 सेमी० (सुपरवाइजर) वजन 55 से 90 किग्रा०, सीना 80 से 85 सेमी और मेडिकल फिट हो, उस अभ्यर्थी का पंजीकरण होगा।
चयनित इच्छुक अभ्यार्थियों से रजिस्ट्रेशन प्रोस्पेक्टस शुल्क रु. 350/ऑनलाईन निर्धारित है, जो कि कैम्प के मध्य संग्रहीत किया जायेगा। इसी प्रकार चयनित अभ्यार्थियों से रीजनल ट्रेनिंग एकेडमी, देहरादून में सुरक्षागार्ड प्रशिक्षण हेतु शुल्क रु. 10500.00 प्रति अभ्यर्थी एवं प्रशिक्षण अवधि 01 माह तथा सुपरवाइजर हेतु शुल्क रू. 40500/प्रति अभ्यर्थी एंव प्रशिक्षण अवधि 02 माह निर्धारित है। इसके अन्तर्गत प्रशिक्षण के दौरान किट के रूप में वर्दी-2, जैकेट-1, हाफपैंट-2, मोजा-2, डीएमएस-1, लाईनयार्ड-1, कैप-1. बेल्ट-1, टी-शर्ट-1, पीटी शू-1, टाई-1 और प्रशिक्षण प्रमाण-पत्र भी प्रदान किया जायेगा।
विशेष जानकारी के लिए संस्था के अधिकृत वेबसाइट http://www.ssciindia.com/ को देखा जा सकता है। 6204765204 या 7905086105 पर सम्पर्क कर सकते हैं।
https://sisrnt.ssciindia.com:8443/ssci/landingpage. पर ऑनलाईन आवेदन करने https://youtu.be/-4LS0V16oU0?si=h4Gs_8HHvZcolRw_ संबंधी जानकारी दी गई।