दुनिया के लिए 2025 सिर्फ एक और कैलेंडर का साल नहीं था, बल्कि जलवायु संकट की वह तस्वीर थी जिसे अब नज़रअंदाज़ करना नामुमकिन हो चुका है। Christian Aid की नई रिपोर्ट Counting the Cost 2025 बताती है कि बीते साल जलवायु से जुड़ी आपदाओं ने दुनिया को 120 अरब डॉलर से ज़्यादा का नुकसान पहुंचाया। ये नुकसान सिर्फ पैसों का नहीं है, बल्कि ज़िंदगियों का, घरों का, और उन सपनों का भी, जो हर आपदा के साथ थोड़ा और बिखर जाते हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक 2025 में दुनिया भर में कम से कम दस ऐसी बड़ी जलवायु आपदाएं हुईं, जिनमें से हर एक ने एक अरब डॉलर से ज़्यादा का नुकसान किया। कैलिफ़ोर्निया के जंगलों में लगी आग अकेले 60 अरब डॉलर से ज़्यादा का नुकसान कर गई। वहीं दक्षिण और दक्षिण-पूर्व एशिया में आए तूफानों और बाढ़ ने 1,700 से ज़्यादा लोगों की जान ली और करीब 25 अरब डॉलर का आर्थिक नुकसान हुआ।
भारत और उसके पड़ोसी देशों के लिए यह साल खास तौर पर भारी रहा। भारत और पाकिस्तान में आई भीषण बाढ़ ने 1,860 से ज़्यादा लोगों की जान ली और करीब 5.6 अरब डॉलर का नुकसान हुआ। रिपोर्ट बताती है कि एशिया दुनिया के उन हिस्सों में शामिल रहा जहां सबसे ज़्यादा तबाही दर्ज की गई, जबकि इन देशों का वैश्विक उत्सर्जन में योगदान अपेक्षाकृत कम है।
Christian Aid की यह रिपोर्ट साफ कहती है कि ये आपदाएं “प्राकृतिक” नहीं हैं। ये दशकों से जारी जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता और राजनीतिक टालमटोल का नतीजा हैं। इम्पीरियल कॉलेज लंदन की प्रोफेसर जोआना हेग के शब्दों में, “ये घटनाएं किसी अनहोनी का नतीजा नहीं, बल्कि उस रास्ते का परिणाम हैं जिसे हमने खुद चुना है। जब तक उत्सर्जन घटाने और अनुकूलन पर गंभीरता से काम नहीं होगा, तब तक यह तबाही बढ़ती ही जाएगी।”
रिपोर्ट यह भी दिखाती है कि आर्थिक नुकसान का बोझ अमीर देशों में ज़्यादा दिखाई देता है, क्योंकि वहां बीमा और संपत्ति का दायरा बड़ा है। लेकिन असल पीड़ा गरीब देशों में है, जहां लोग सब कुछ खो देते हैं और फिर भी आंकड़ों में उनकी तकलीफ पूरी तरह दर्ज नहीं हो पाती। नाइजीरिया, कांगो, ईरान और अफ्रीका के कई हिस्सों में आई आपदाएं इसका उदाहरण हैं, जहां हजारों लोग प्रभावित हुए लेकिन दुनिया की नजरें अक्सर वहां तक नहीं पहुंच पाईं।
Christian Aid के सीईओ पैट्रिक वॉट कहते हैं कि जलवायु संकट अब भविष्य की चेतावनी नहीं, बल्कि आज की सच्चाई है। उनके मुताबिक, “यह पीड़ा एक राजनीतिक विकल्प का नतीजा है। अगर सरकारें अब भी जीवाश्म ईंधन से दूरी नहीं बनातीं और जलवायु वित्त पर अपने वादे पूरे नहीं करतीं, तो इसकी कीमत सबसे कमजोर लोगों को चुकानी पड़ेगी।”
रिपोर्ट यह भी याद दिलाती है कि 2025 में रिकॉर्ड तोड़ गर्मी, जंगलों की आग, सूखा और तूफान दुनिया के हर कोने में महसूस किए गए। स्कॉटलैंड जैसे ठंडे इलाकों में भी जंगल जल उठे, जबकि समुद्रों का तापमान रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गया। यह सब इस बात का संकेत है कि जलवायु संकट अब सीमाओं को नहीं मानता।
हमारे लिए यह रिपोर्ट सिर्फ आंकड़ों का दस्तावेज़ नहीं, बल्कि एक चेतावनी होनी चाहिए। एक ऐसी चेतावनी जो कहती है कि अगर आज फैसले नहीं बदले गए, तो आने वाले सालों में नुकसान सिर्फ बढ़ेगा। सवाल अब यह नहीं है कि हम कितना खो चुके हैं, बल्कि यह है कि क्या हम आगे होने वाली तबाही को रोकने का साहस दिखा पाएंगे।
देहरादून: जनहित एवं सार्वजनिक यातायात की सुचारु व्यवस्था के दृष्टिगत जिलाधिकारी सविन बसंल के निर्देश पर लैंसडाउन चौक के निकट रेंजर्स ग्राउण्ड में लगने वाले रविवार साप्ताहिक बाजार के संचालन को आई०एस०बी०टी०, देहरादून के समीप मेट्रो रेल लिमिटेड की भूमि पर स्थानान्तरित कर दिया गया है। शहर में जाम का सबब बन चुके यातायात व्यवस्था का दम घोटने वाले संडे बाजार को जिलाधिकारी ने स्थानांतरित करने के आदेश आदेश दिए है। बुजुर्गों, बच्चों तथा आकस्मिक सेवाओं के लिए के फलस्वरूप जिला प्रशासन ने कड़े कदम उठाते हुए बाजार को अनयंत्र स्थानान्तरित करने का निर्णय लिया है।
रेंजर्स ग्राउण्ड में प्रत्येक रविवार बाजार के आयोजन के दौरान बड़ी संख्या में आमजन एवं वाहनों का आगमन से वाहनों की अव्यवस्थित पार्किंग के कारण लैंसडाउन चौक, दर्शनलाल चौक, बुद्धा चौक, दून अस्पताल चौक तथा क्रॉस रोड तिराहा/चौराहा सहित आसपास के क्षेत्रों में यातायात जाम की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। इससे आम नागरिकों के साथ-साथ दून मेडिकल कॉलेज/दून चिकित्सालय आने-जाने वाले रोगियों, उनके परिजनों तथा एम्बुलेंस सेवाओं के आवागमन में भी गंभीर बाधा उत्पन्न होती है।
रेंजर्स ग्राउण्ड के समीप दून अस्पताल सहित शहर के प्रमुख मार्ग, तिराहे, चौराहे एवं विभिन्न कार्यालय स्थित हैं। ऐसे में रविवार बाजार के कारण उत्पन्न यातायात अवरोध का प्रतिकूल प्रभाव बीमार व्यक्तियों एवं आवश्यक सेवाओं पर पड़ता है, जिसके फलस्वरूप जिला प्रशासन ने संडे बाजार को स्थानान्तरित करने का निर्णय लिया गया है।
रविवार वीकली बाजार कल्याण समिति द्वारा रेंजर्स ग्राउण्ड में संचालित रविवार बाजार को निरस्त कर शहर के किसी अन्य उपयुक्त स्थान पर स्थानान्तरित किए जाने का अनुरोध किया गया। इस संबंध में आहूत बैठक में हुई चर्चा के उपरान्त जिलाधिकारी, नेें लोकहित में रेंजर्स ग्राउण्ड में रविवार साप्ताहिक बाजार के संचालन पर रोक लगाते हुए आई०एस०बी०टी०, देहरादून के समीप उत्तराखण्ड मेट्रो रेल शहरी अवस्थापना एवं भवन निर्माण निगम लिमिटेड की भूमि पर स्थानान्तरित करने के निर्देश दिए।
जिला प्रशासन द्वारा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163(1) में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए सार्वजनिक परिवहन तथा आवश्यक सेवाओं के निर्बाध संचालन के उद्देश्य से यह आदेश निर्गत किया गया है कि रविवार साप्ताहिक बाजार का संचालन आई०एस०बी०टी०, देहरादून के समीप उत्तराखण्ड मेट्रो रेल शहरी अवस्थापना एवं भवन निर्माण निगम लिमिटेड की उस भूमि पर किया जाएगा, जो उत्तराखण्ड शासन के शासनादेश 02.03.2023 के अंतर्गत देहरादून में नियो (मेट्रो) परियोजना हेतु लीज पर हस्तान्तरित की गई है, तथा वर्तमान में खाली है और एम०डी०डी०ए० के कब्जे एवं नियंत्रण में है। निर्देशित किया गया है कि यह व्यवस्था तब तक प्रभावी रहेगी, जब तक उक्त भूमि पर मेट्रो परियोजना से संबंधित कोई वास्तविक कार्य प्रारम्भ नहीं हो जाता।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड सरकार देवभूमि की सांस्कृतिक, धार्मिक और सामाजिक अस्मिता की रक्षा के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री का स्पष्ट दृष्टिकोण है कि उत्तराखंड केवल एक भौगोलिक राज्य नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था, परंपरा और विश्वास का केंद्र है, और इसकी गरिमा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
इसी नीति के तहत राज्य सरकार द्वारा धर्म और आस्था की आड़ में पाखंड, ठगी, अवैध गतिविधियों और संदिग्ध तत्वों के विरुद्ध “ऑपरेशन कालनेमि” को 10 जुलाई से प्रदेशभर में प्रभावी रूप से लागू किया गया। इस अभियान का उद्देश्य देवभूमि की पवित्रता को बनाए रखते हुए कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करना और जनता के विश्वास की रक्षा करना है।
ऑपरेशन कालनेमि के अंतर्गत हरिद्वार, देहरादून एवं ऊधमसिंहनगर जैसे संवेदनशील जनपदों में व्यापक स्तर पर सत्यापन एवं प्रवर्तन कार्रवाई की गई।
हरिद्वार जनपद में 3,091 व्यक्तियों का सत्यापन किया गया, जिनमें से 715 मामलों में अभियोग पंजीकृत किए गए तथा 305 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया।
देहरादून जनपद में 1,711 व्यक्तियों का सत्यापन करते हुए 206 गिरफ्तारियाँ की गईं, 09 अभियोग पंजीकृत किए गए तथा 380 व्यक्तियों के विरुद्ध निरोधात्मक कार्रवाई की गई। इसके साथ ही अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों के विरुद्ध भी सख़्त कार्रवाई की गई।
ऊधमसिंहनगर जनपद में 220 संदिग्ध व्यक्तियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई करते हुए गंभीर मामलों में अभियोग दर्ज किए गए।
प्रदेश स्तर पर अब तक कुल 4,802 से अधिक व्यक्तियों का सत्यापन, 724 अभियोग पंजीकरण तथा 511 गिरफ्तारियाँ की गई हैं। इसके अतिरिक्त अवैध रूप से रह रहे 19 बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें से 10 को डिपोर्ट किया जा चुका है, जबकि शेष मामलों में विधिक प्रक्रिया प्रचलित है।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान किसी वर्ग या समुदाय के विरुद्ध नहीं, बल्कि कानून, व्यवस्था और देवभूमि की गरिमा की रक्षा के लिए है। आस्था का सम्मान किया जाएगा, लेकिन आस्था की आड़ में अपराध, पाखंड और धोखाधड़ी को किसी भी परिस्थिति में संरक्षण नहीं मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि इस प्रकार की गतिविधियों पर निरंतर निगरानी रखी जाए तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त न की जाए। देवभूमि की अस्मिता से खिलवाड़ करने वालों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
उत्तराखंड सरकार मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में विकास के साथ-साथ सांस्कृतिक और धार्मिक मूल्यों की रक्षा के लिए संकल्पबद्ध है, और ऑपरेशन कालनेमि इसी प्रतिबद्धता का सशक्त उदाहरण है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए उत्तराखण्ड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के अंतर्गत विभिन्न योजनाओं के 4224 लाभार्थी श्रमिकों के खातों में डीबीटी के माध्यम से ₹ 12 करोड़ 89 लाख 85 हजार की धनराशि हस्तान्तरित की।
मुख्यमंत्री ने राज्य के 191 कॉमन सर्विस सेन्टर में श्रमिकों की सहायता के लिए विशेष व्यवस्था का भी शुभारंभ किया, जिससे श्रमिकों को योजनाओं से संबंधित जानकारी, पंजीकरण तथा अन्य सेवाएं सुगमता से उपलब्ध हो सकेंगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा श्रमिकों की हर समस्या का निस्तारण किया जा रहा है। श्रमिकों एवं उनके आश्रितों के लिए विभिन्न कल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं। जिनके माध्यम से उन्हें आर्थिक सुरक्षा, सामाजिक संरक्षण तथा सम्मानजनक जीवन प्रदान किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार द्वारा श्रमिकों एवं उनके आश्रितों की आजीविका के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाकर उनके कौशल विकास से भी जोड़ने का कार्य भी किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रमिक हमारे राज्य के विकास की सबसे मजबूत नींव हैं। बुनियादी ढांचे के निर्माण में श्रमिकों का योगदान अतुलनीय है। उन्होंने कहा राज्य सरकार का दायित्व है कि जो लोग प्रदेश के विकास में अपनी अहम भूमिका निभाते हैं उनका एवं उनके परिजनों का भविष्य भी सुरक्षित हो।
उन्होंने कहा राज्य के 191 कॉमन सर्विस सेंटरों में श्रमिकों के लिए शुरू की गई विशेष व्यवस्था से अब उन्हें सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। साथ ही ब्लॉक तहसील एवं गांव स्तर में ही सीएससी के माध्यम से श्रमिकों को पंजीकरण, नवीनीकरण और योजनाओं से जुड़ी हर सहायता एक ही स्थान पर मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कर्मकार बोर्ड द्वारा अब तक 51 करोड़ रुपये की धनराशि विगत 06 माह में श्रमिकों एवं उनके परिजनों के खातों में हस्तान्तरित की जा चुकी है। पूर्व में कर्मकार बोर्ड द्वारा श्रमिकों के पंजीकरण/नवीनीकरण तथा लाभ के आवेदन हेतु विकासखण्ड स्तर पर व्यवस्था का शुभारम्भ भी किया जा चुका है।
श्रम आयुक्त श्री पी.सी. दुम्का ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री धामी के नेतृत्व में बोर्ड द्वारा निरंतर श्रमिकों के हित में कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया मुख्यमंत्री द्वारा 4224 लाभार्थी श्रमिकों के खातों में डीबीटी के माध्यम से ₹ 12 करोड़ 89 लाख 85 हज़ार की धनराशि हस्तान्तरित की गई है। उन्होंने कहा भविष्य में भी बोर्ड द्वारा मुख्यमंत्री के विजन सरलीकरण समाधान निस्तारण और संतुष्टि के अनुसार ही कार्य किया जाएगा।
इस अवसर पर अध्यक्ष राज्य संविदा श्रम सलाहकार बोर्ड श्री कैलाश पंत, उप श्रम आयुक्त श्री विपिन कुमार, सहायक श्रम आयुक्त श्री धर्मराज, आई०टी० एक्सपर्ट श्रीमती दुर्गा चमोली एवं अन्य लोग मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में संचालित “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” कार्यक्रम प्रदेश में सुशासन का सशक्त उदाहरण बन चुका है। सरकार अब केवल सचिवालय तक सीमित नहीं, बल्कि हर गांव, हर द्वार और हर जरूरतमंद तक स्वयं पहुँच रही है।
आज 27 दिसंबर 2025 तक प्रदेश के 13 जनपदों में 135 शिविरों का आयोजन कर 74,087 से अधिक नागरिकों के आवेदन मौके पर ही प्राप्त किए गए, जिनमें से 8,408 आवेदनों का तत्काल निस्तारण किया गया। इन शिविरों के माध्यम से 13,934 प्रमाण पत्र जारी किए गए तथा 47,878 नागरिकों को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ प्रदान किया गया।
यह अभियान केवल प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि जनता के प्रति सरकार की संवेदनशीलता, जवाबदेही और प्रतिबद्धता का प्रमाण है। मुख्यमंत्री श्री धामी के निर्देश पर अधिकारी अब जनता को कार्यालयों के चक्कर नहीं लगवा रहे, बल्कि समस्या तक स्वयं पहुँच रहे हैं।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि “मेरे लिए शासन का अर्थ केवल आदेश देना नहीं, बल्कि जनता की समस्या को समझ कर उसका त्वरित समाधान करना है। ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान के माध्यम से हमने यह सुनिश्चित किया है कि प्रदेश का कोई भी नागरिक शासन से वंचित न रहे। अधिकारी अब फाइलों में नहीं, बल्कि मैदान में दिखाई देने चाहिए।
उत्तराखण्ड में शासन अब सत्ता का नहीं, सेवा का माध्यम है।”
मुख्यमंत्री के सख्त निर्देश हैं कि प्रत्येक पात्र नागरिक तक योजनाओं का लाभ अनिवार्य रूप से पहुँचाया जाए। बुजुर्ग, दिव्यांग एवं दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों के लिए घर-घर समाधान सुनिश्चित हो। शिविरों में प्राप्त हर आवेदन का समयबद्ध और पारदर्शी निस्तारण किया जाए। लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
धामी मॉडल आज उत्तराखण्ड में सुशासन की पहचान बन चुका है, जहाँ सरकार जनता के दरवाजे पर है – न सुनवाई का इंतज़ार, न सिफारिश की जरूरत है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नैनीताल में 121 करोड़ 52 लाख 46 हजार रुपये की लागत के 13 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया।
42 करोड़ 77 लाख 31 हजार रुपये की लागत से बनने वाली बहु प्रतीक्षित मेट्रोपोल सर्फेस पार्किंग का भूमि पूजन किया गया जिसमें 30 करोड़ 66 लाख रुपए की लागत के दो योजनाओं का लोकार्पण किया तथा 90 करोड़ 86 लाख 46 हजार रूपये की लागत के 11 योजनाओं का शिलान्यास किया गया।
लोकार्पण योजनाओं में – 29 करोड़ 16 लाख की लागत से सूखाताल झील को रिचार्जिंग जोन एवं टूरिस्ट डेस्टिनेशन प्वाइंट के रूप में विकसित किया गया जिसके अंतर्गत सूखाताल झील का संवर्धन एवं सौंदर्यीकरण का कार्य कराया गया। योजना अंतर्गत स्थल पर दो झीलों का निर्माण व उनके मध्य डक्ट का निर्माण , झील में पानी की शुद्धता हेतु एयरेशन प्लांट की स्थापना, 9 दुकानों का निर्माण, शौचालय ब्लॉक का निर्माण व विकसित स्थल पर प्रवेश हेतु मुख्य मार्ग से लगते हुए लिफ्ट एवं ट्रांजिट भवन का निर्माण एवं झील के चारों तरफ पैदल पथ का निर्माण कराया गया।
इसके अतिरिक्त 1 करोड़ 50 लाख रूपये की लागत से हल्द्वानी में जिला खनिज न्यास योजना अंतर्गत स्वीकृत कालाढूंगी रोड स्थित राजकीय बालिका इंटर कॉलेज हल्द्वानी में पुस्तकालय के संरचनात्मक दृढ़ता एवं पुनरुद्धार का कार्य कराया गया।
इस दौरान मुख्यमंत्री द्वारा जिले के विभिन्न क्षेत्रों के विकास हेतु कुल 11 योजनाओं का शिलान्यास भी किया जिसमें 9 करोड़ 63 लाख 9 हजार रूपये की लागत से जनपद नैनीताल के विधानसभा क्षेत्र नैनीताल के विकासखंड बेतालघाट में दूनीखाल से रातीघाट पाडली मोटर मार्ग के किलोमीटर 11 में 74.15 मीटर स्थान के प्री स्ट्रेस सेतु (मोटर पुल) का निर्माण किया जाएगा, जिससे क्षेत्र में सुगम आवागमन, आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ ही क्षेत्र की सामाजिक आर्थिकी में सुधार आएगा।
नैनीताल जिला मुख्यालय में 34 करोड़ 3 लाख 13 हजार रुपये की लागत से नेशनल होटल तल्लीताल में प्राधिकरण की कार पार्किंग से लगती नगर पालिका की भूमि पर ऑटोमेटेड मैकेनाइज्ड मल्टीलेवल पार्किंग का निर्माण किया जाएगा, जिसमें 202 चार पहिया एवं 96 दो पहिया वाहनों हेतु पार्किंग का निर्माण किया जाएगा। पार्किंग निर्माण से जन सामान्य में पर्यटकों को पार्किंग सुविधा का लाभ मिलेगा।
रामनगर में 38 करोड़ 57 लाख 64 हजार रुपए की लागत से माननीय मुख्यमंत्री की घोषणा रामनगर पुरानी तहसील की खाली भूमि पर बहु मंजिला पार्किंग निर्माण किया जाएगा। पार्किंग स्थल पर 343 वाहनों हेतु पार्किंग सुविधा एवं 16 दुकानों का निर्माण कार्य किया जाएगा जिससे क्षेत्र वासियों एवं पर्यटकों को वाहन पार्किंग की सुविधा मिलेगी।
रामनगर में 10 लाख 29 हजार की धनराशि से जिला खनन न्यास निधि के अंतर्गत विकासखंड रामनगर के पेयजल से जुड़े राजकीय नलकूपों से 62 आर0जी0 ग्राम शंकरपुर में एक सर्वाे वोल्टेज स्टेबलाइजर की स्थापना की जाएगी जिससे क्षेत्र में लो वोल्टेज की समस्या का समाधान होगा।
रामनगर में 10 लाख 29 हजार रुपये की लागत से जिला खनन न्यास निधि के अंतर्गत विकासखंड रामनगर के पेयजल से जुड़े राजकीय नलकूपों से 17 आर0जी0 ग्राम जोगीपुरा में एक सर्वाे वोल्टेज स्टेबलाइजर की स्थापना की जाएगी जिससे क्षेत्र में लो वोल्टेज की समस्या का समाधान होगा।
जनपद नैनीताल के विकासखंड बेतालघाट में 60 लाख 57 हजार रुपये की लागत से ग्राम अमेल में नलकूप के स्थान 1 लिफ्ट सिंचाई योजना का निर्माण किया जाएगा, जिससे किसानों की सिंचाई का समाधान होगा।
विधानसभा हल्द्वानी में 61 लाख 23 हजार रुपए की लागत से चार विद्यालयों की मरम्मत एवं निर्माण का कार्य किया जाएगा। जिससे छात्र-छात्राओं को अधिक सुरक्षित व स्वच्छ माहौल एवं पठन-पाठन में सुविधा मिलेगी।
विधानसभा लालकुआं अंतर्गत 4 करोड़ 4 लाख 33 हजार रुपए की लागत से 14 विद्यालयों एवं 1 आंगनबाड़ी केंद्र की मरम्मत एवं निर्माण का कार्य किया जाएगा, जिससे छात्र-छात्राओं को बेहतर पठन पाठन व सुविधा का लाभ मिलेगा।
विधानसभा कालाढूंगी में 2 करोड़ 8 लाख 85 हजार की लागत से पांच विद्यालयों, एक सड़क निर्माण, एक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तथा एक उपकेंद्र के मरम्मत व निर्माण के कार्य किए जाएंगे।
विधानसभा रामनगर के अंतर्गत 78 लाख 22 हजार की लागत से 4 विद्यालयों में मरम्मत व निर्माण के कार्य किए जाएंगे।
जिले के गोला नदी के दानीजाला में 28 लाख ब्याज 82 हजार रुपए की लागत से रिवर क्रॉसिंग केबल का निर्माण कार्य कराया जाएगा। जिससे स्थानीय लोगों को लाभ मिलेगा।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सभी विकास कार्य जनपद नैनीताल के आधारभूत ढांचे को मजबूत करने,पर्यटन सुविधाओं को बढ़ाने, जनोपयोगी विकास कार्यों को आगे बढ़ाने तथा रोजगार के नए अवसर सृजित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार राज्य में निरंतर आधारभूत जनसुविधाओं को और अधिक सुदृढ़ करने, अंतिम छोर में खड़े व्यक्ति को सरकारी योजनाओं का लाभ प्रदान करने हेतु निरंतर संकल्पबद्ध है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सरकार राज्य के समग्र विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है ताकि आम जनता को इसका सीधा लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि आज जिन योजनाओं का शिलान्यास हुआ है यह सभी कार्य समय बद्धता एवं गुणवत्ता युक्त हों इसका विशेष ध्यान रखा जाय।
इस अवसर पर माननीय विधायक नैनीताल सरिता आर्या, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट, उत्तराखंड सरकार में दायित्व धारी डॉ अनिल कपूर डब्बू, दिनेश आर्या, नवीन वर्मा, मंडी परिषद के सलाहकार सदस्य मनोज जोशी, आयुक्त कुमाऊँ व सचिव मुख्यमंत्री दीपक रावत, जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ मंजूनाथ टी सी सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि आदि मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को पर्यटन नगरी नैनीताल में आयोजित विंटर कार्निवाल में प्रतिभाग किया। उन्होंने शीतकालीन पर्यटन को जन आंदोलन बनाने और उत्तराखंड को समृद्ध एवं आत्मनिर्भर बनाने में सहयोग का आह्वान करते हुए कहा कि शीतकालीन पर्यटन आत्मनिर्भर उत्तराखंड की मजबूत नींव है। उन्होंने कहा कि नैनीताल कार्निवाल उत्तराखंड की आस्था, संस्कृति, परंपरा और स्वाभिमान का उत्सव होने के साथ-साथ “विकास भी–विरासत भी” की सोच को साकार करता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के शीतकालीन यात्रा के आह्वान से राज्य के सभी पर्यटन क्षेत्रों में शीतकालीन पर्यटन को लेकर अभूतपूर्व उत्साह देखने को मिल रहा है। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं। युवा ट्रेकिंग गाइड, होम-स्टे, होटल एवं पर्यटन से जुड़े अन्य कार्यों के माध्यम से आत्मनिर्भर बन रहे हैं और इन क्षेत्रों में पलायन में कमी आई है। उन्होंने कहा कि शीतकालीन पर्यटन से लोक कलाकारों, हस्तशिल्प, पारंपरिक व्यंजनों और स्थानीय उत्पादों को नया बाजार मिलेगा। उन्होंने कहा कि सरकार विकास के साथ-साथ सांस्कृतिक मूल्यों, कानून व्यवस्था और पारदर्शिता को भी सशक्त बना रही है। समान नागरिक संहिता, नकल विरोधी कानून, सख्त भू-कानून और भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति से उत्तराखंड देश के अग्रणी राज्यों में अपनी पहचान बना रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नैनीताल में आयोजित विंटर कार्निवाल से क्षेत्र में बढ़ते पर्यटन विकास को और अधिक गति मिलेगी। उन्होंने नैनीताल विंटर कार्निवाल की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह शीतकालीन कार्निवाल कई मायनों में विशेष है क्योंकि आज हम जहां एक ओर नैनीताल में इस भव्य विंटर कार्निवाल के लिए एकत्रित हुए हैं वहीं नैनीताल के समग्र विकास के लिए सैंकड़ों करोड़ रुपए की परियोजनाओं को भी जनता को समर्पित किया है। आज का यह दिन इसलिए भी अत्यंत विशेष है क्योंकि आज हमारे पृथक राज्य निर्माण के स्वप्न को साकार करने वाले भारतीय राजनीति के अजातशत्रु पूर्व प्रधानमंत्री परम श्रद्धेय भारत रत्न स्व अटल बिहारी वाजपेयी जी की जन्म जयंती भी है, इस अवसर पर समस्त प्रदेश वासियों की ओर से श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी को कोटि कोटि नमन करते हुए उन्हें भावांजलि अर्पित करता हूं।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर नैनीताल जनपद के अंतर्गत 121 करोड़ रुपये से अधिक की लागत की 13 महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास का भी जिक्र करते हुए कहा कि नैनीताल जिला निरंतर विकास की ओर अग्रसर है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सभी के लिए अत्यंत प्रसन्नता का विषय है कि नैनीताल की पावन भूमि पर सात वर्षों के लंबे अंतराल के बाद शीतकालीन कार्निवल का आयोजन इतने भव्य रूप में किया जा रहा है। इस शीतकालीन कार्निवल के माध्यम से जहां एक ओर यहां आने वाले लोगों को हमारी समृद्ध संस्कृति, परम्पराओं और प्राकृतिक सुंदरता को नजदीक से अनुभव करने का अवसर प्राप्त हो रहा है। वहीं पर्यटक हमारी लोक संस्कृति, कारीगरी और पारंपरिक स्वाद से भी परिचित हो रहे हैं।
इस महोत्सव के दौरान जहाँ एक ओर प्रतिदिन अनेक सांस्कृतिक कार्यक्रमों में देश और राज्य के कई प्रख्यात कलाकारों द्वारा अपनी प्रस्तुतियाँ दी गई,वहीं, बोट रेस, सांस्कृतिक झांकियो, लाइट एंड साउंड शो तथा मनमोहक बैंड प्रस्तुतियों के माध्यम से दर्शकों का भरपूर मनोरंजन भी हुआ। इस कार्निवाल में पर्यटकों के लिए प्रकृति भ्रमण, ट्रेकिंग, एस्ट्रो टूरिज़्म तथा आर्टिफ़िशियल रॉक क्लाइंबिंग जैसी गतिविधियों का भी आयोजन किया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह विंटर कार्निवल न केवल हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और लोक कलाओं को प्रस्तुत करने का एक उत्कृष्ट मंच सिद्ध होगा, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था और पर्यटन को भी नई ऊर्जा प्रदान करेगा।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में राज्य सरकार उत्तराखंड को विश्व की आध्यात्मिक राजधानी के रूप में स्थापित करने के संकल्प के साथ-साथ राज्य में तीर्थाटन और पर्यटन को प्रोत्साहित करने के लिए भी संकल्पित होकर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार केदारखंड की भांति ही मानसखंड के पौराणिक मंदिरों के पुनरुत्थान एवं सौंदर्यीकरण की दिशा में भी योजनाबद्ध तरीके से कार्य कर रही है। सिद्धपीठ नैनादेवी मंदिर के साथ-साथ कैंची धाम, तल्लीताल में हनुमानगढ़ी और मुक्तेश्वर धाम सहित क्षेत्र के विभिन्न पौराणिक मंदिरों का भी विकास किया जा रहा है। आज एक ओर जहां प्रदेश में धार्मिक पर्यटन के साथ-साथ वेलनेस टूरिज्म, एडवेंचर टूरिज्म, फिल्म शूटिंग डेस्टिनेशन और वेडिंग डेस्टिनेशन के क्षेत्रों का विकास किया जा रहा है, वहीं राज्य में साहसिक पर्यटन जैसे ट्रेकिंग, रिवर राफ्टिंग, पैराग्लाइडिंग, स्कीइंग और माउंटेनियरिंग को भी बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में बारहों महीने पर्यटन की निरंतरता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से “शीतकालीन यात्रा” की शुरुआत भी की है। इतना ही नहीं, सरकार प्रदेश में आयुर्वेदिक एवं प्राकृतिक चिकित्सा, योग और आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए गढ़वाल और कुमाऊं मंडलों में एक-एक ”स्पिरिचुअल इकोनॉमिक जोन” की स्थापना भी करने जा रहे है।
इसके साथ ही सरकार अपने पारंपरिक मेलों, उत्सवों और लोक संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन फेस्टिवल’ के रूप में विकसित करने की दिशा में भी कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नैनीताल का विंटर कार्निवल भी शीतकाल के दौरान पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ हमारी लोक संस्कृति, कला और पारंपरिक विरासत को प्रदर्शित करने का उत्कृष्ट मंच रहा।
मुख्यमंत्री ने स्थानीय लोगों से अपील की, कि जिस प्रकार पूर्व में नवरात्रों के अवसर पर नैनीताल में शरदोत्सव तथा ओटम फेस्टिवल का आयोजन किया जाता था।
हमें ऐसे आयोजनों को पुनः शुरू करना चाहिए, ताकि क्षेत्र में सांस्कृतिक गतिविधियों और पर्यटन को बढ़ावा मिल सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पहाड़ों से हो रहे पलायन को रोकने तथा स्थानीय अर्थव्यवस्था और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए भी कई महत्वपूर्ण योजनाओं पर कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में जहॉं एक ओर एक जनपद, दो उत्पाद योजना के माध्यम से स्थानीय आजीविका के अवसरों को बढ़ावा दिया है, वहीं हाउस ऑफ हिमालयाज ब्रांड ने स्थानीय उत्पादों को व्यापक पहचान दिलाने का काम किया है। इसके साथ ही राज्य में ‘स्टेट मिलेट मिशन’, ‘फार्म मशीनरी बैंक’, ‘एप्पल मिशन’, ‘नई पर्यटन नीति’, ‘नई फिल्म नीति’, ‘होम स्टे’, और ‘वेड इन उत्तराखंड’ जैसी योजनाओं के माध्यम से अपनी स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करने का कार्य भी राज्य में किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज जिले में सैकड़ों की संख्या में होम स्टे संचालित हो रहे हैं, जिनके माध्यम से स्थानीय लोगों को रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर प्राप्त हो रहे हैं। इन्हीं प्रयासों के परिणामस्वरूप, आज उत्तराखंड राज्य विभिन्न चुनौतियों के बावजूद भी अनेकों क्षेत्रों में नए-नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है, इसी क्रम में उत्तराखंड राज्य ने पलायन निवारण आयोग की सर्वे रिपोर्ट में रिवर्स पलायन में 44 प्रतिशत की उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की है। इसके साथ ही राज्य को पर्यटन क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए Best Wildlife तथा Best Adventure Destination जैसे राष्ट्रीय पुरस्कार भी प्राप्त हुए हैं।
इसके साथ ही सतत पर्यटन के लिए World Responsible Tourism Award में “One to Watch” पुरस्कार भी प्राप्त हुआ है। वहीं केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय की ओर से राज्य के चार गांवों जखोल, हर्षिल, गूंजी और सूपी को “सर्वश्रेष्ठ पर्यटन ग्राम पुरस्कार” से भी सम्मानित किया गया है।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड सरकार, राज्य के समग्र विकास के साथ-साथ अपने सांस्कृतिक मूल्यों और डेमोग्राफी को संरक्षित रखने हेतु भी पूर्ण रूप से संकल्पबद्ध है, इसलिए सरकार ने देवभूमि के देवत्व की रक्षा के लिए अनेकों कठोर निर्णय लिए हैं। सरकार ने सुनियोजित लैंड जिहाद के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए अभी तक 10 हजार हेक्टेयर से अधिक भूमि को कब्जा मुक्त कराया है। राज्य में अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए 500 से अधिक अवैध निर्माणों को ध्वस्त किया है,और आगे भी इस अभियान को जारी रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में एक सख्त भू-कानून भी लागू कर दिया है, जिससे राज्य के मूल स्वरूप के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। इसके साथ ही राज्य में सख्त दंगारोधी कानून लागू कर दंगा फैलाने वालों पर भी कड़ी कार्रवाई की जा रही है। प्रदेश में सबसे पहले समान नागरिक संहिता कानून लागू कर सभी धर्मों के नागरिकों के लिए एक समान कानून लागू किया,जिससे बहुविवाह, हलाला जैसी कुकृत्यों से महिलाओं को आजादी मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने जहां एक ओर राज्य में नकल माफियाओं पर अंकुश लगाने के लिए सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया है वहीं भ्रष्टाचार को जड़ से समाप्त करने के लिए कड़ी कार्रवाई भी सुनिश्चित की है। जिसके माध्यम से पिछले साढ़े 4 वर्षों में राज्य के 26 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी प्राप्त हुई है, वहीं, 100 से अधिक नकल माफियाओं को सलाखों के पीछे भी पहुंचाया गया है। राज्य में भ्रष्टाचार करने वाले आईएएस और पीसीएस स्तर के अधिकारियों सहित 200 से अधिक लोगों पर सख्त कार्रवाई कर प्रशासन को पारदर्शी बनाने का प्रयास भी किया है।
इस अवसर पर अपने संबोधन के माध्यम से मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री जी के “स्वदेशी अपनाओ देश को मजबूत बनाओ’’ के मंत्र को आत्मसात करते हुए अधिक से अधिक स्वदेशी उत्पादों का प्रयोग करने की अपील उपस्थित जनता से की। उन्होंने कहा कि हम स्वदेशी वस्तुओं को प्राथमिकता देंगे, तो हमारा ये कदम न केवल हमारे कारीगरों, किसानों और उद्यमियों को सशक्त बनाएगा, बल्कि आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को भी मजबूती प्रदान करेगा।
इस दौरान माननीय मुख्यमंत्री द्वारा उत्तराखंड के लोक कलाकारों द्वारा प्रस्तुत की गई विभिन्न प्रस्तुतियों का भी आनंद लिया गया।
इस अवसर पर विधायक नैनीताल सरिता आर्या, विधायक कालाढूंगी बंशीधर भगत, भाजपा जिला अध्यक्ष प्रताप बिष्ट, उत्तराखंड सरकार में दायित्वधारी डॉ अनिल कपूर डब्बू,सुरेश भट्ट, दिनेश आर्या,शांति मेहरा नवीन वर्मा,आयुक्त कुमाऊं व सचिव मुख्यमंत्री दीपक रावत, जिला अधिकारी ललित मोहन रयाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ मंजूनाथ टीसी सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि,देश के विभिन्न राज्यों से आए पर्यटक, क्षेत्रीय जनता आदि उपस्थित रही।
देहरादून:
पारंपरिक कृषि, मूल्य संवर्धन तथा महिला नेतृत्व वाले ग्रामीण उद्यमों को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत पारंपरिक दून बासमती चावल तथा विभिन्न पोषक आटा उत्पादों का मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह द्वारा विकास भवन परिसर स्थित हिलांस बेकरी एवं आउटलेट परिसर में औपचारिक शुभारंभ किया गया।
इस अवसर पर पारंपरिक दून बासमती चावल, गेहूं आटा, मक्का आटा, मल्टीग्रेन आटा तथा मंडुवा (फिंगर मिलेट) आटा का लोकार्पण किया गया। ये सभी उत्पाद सक्षम क्लस्टर लेवल फेडरेशन, स्वाभिमान महिला क्लस्टर लेवल फेडरेशन एवं उड़ान क्लस्टर लेवल फेडरेशन द्वारा उत्पादित एवं प्रसंस्कृत किए गए हैं। यह पहल ग्रामीण उद्यम वेग वृद्धि परियोजना (रीप) के अंतर्गत उत्तराखंड ग्राम्य विकास समिति द्वारा ग्राम्य विकास विभाग, उत्तराखंड सरकार के सहयोग से संचालित की जा रही है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्य विकास अधिकारी ने स्थानीय उत्पादों, पारंपरिक फसलों तथा सामुदायिक संस्थाओं को सशक्त बनाने के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की पहलें किसानों और स्वयं सहायता समूहों को सशक्त बाजार से जोड़ने के साथ-साथ उत्तराखंड में सतत आजीविका और ग्रामीण आर्थिक विकास को नई गति देती हैं।
रीप परियोजना के अंतर्गत क्लस्टर लेवल फेडरेशनों को प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना हेतु वित्तीय एवं तकनीकी सहयोग प्रदान किया गया है। उड़ान सीएफएफ द्वारा आटा प्रसंस्करण इकाई स्थापित की गई है, जिससे स्थानीय किसानों से सीधे गेहूं मंडुआ एवं मक्का की खरीद संभव हुई है। वहीं सक्षम सीएलएफ पारंपरिक दून बासमती चावल के उत्पादन, प्रसंस्करण एवं विपणन को बढ़ावा दे रही है. जबकि स्वाभिमान महिला सीएलएफ मिलेट आधारित उत्पादों के माध्यम से पोषण सुरक्षा एवं पारंपरिक खाद्य प्रणाली के पुनर्जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
इन उद्यमों के माध्यम से कच्चे माल की आपूर्ति, प्रसंस्करण, पैकेजिंग एवं विपणन गतिविधियों में 2500 से अधिक महिलाएं प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित हो रही हैं। सभी उत्पादों का विपणन हिलांस ब्रांड के अंतर्गत किया जा रहा है, जिससे उपभोक्ताओं को शुद्ध, उच्च गुणवत्ता वाले स्थानीय हिमालयी उत्पाद उपलब्ध हो रहे हैं तथा ग्रामीण महिलाओं की मेहनत और उद्यमशीलता को पहचान मिल रही है।
इस अवसर पर जिला परियोजना प्रबंधक कैलाश चन्द्र भट्ट ने कहा कि यह पहल स्थानीय समुदायों को सशक्त बनाने, उत्पादक संस्थाओं को मजबूत करने तथा पारंपरिक एवं मूल्यवर्धित उत्पादों की बाजार तक पहुंच सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
इस अवसर पर जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार, जिला मिशन प्रबंधक/सहायक परियोजना निदेशक, सोनम गुप्ता सिंघल तथा रीप स्टाफ एवं कलस्टर लेवल फेडरेशनों के बोर्ड सदस्य उपस्थित रहे।
बागेश्वर: जिलाधिकारी आकांक्षा कोंडे ने बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में डेयरी विकास विभाग की बैठक ली। बैठक में दुग्ध उत्पादन, दुग्ध संग्रहण, दुग्ध सहकारी समितियों के संचालन, विभागीय योजनाओं की प्रगति तथा आगामी लक्ष्य पूर्ति के लिए तैयार की जाने वाली कार्ययोजना की विस्तार से समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जनपद बागेश्वर को दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाया जाए।
वर्तमान में जनपद की प्रतिदिन दुग्ध मांग लगभग 2500 लीटर है और 1900 लीटर उत्पादन किया जा रहा है, जिलाधिकारी ने जिसे शीघ्र पूरा करने के लिए मिशन मोड में कार्य किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने सहायक निदेशक, डेयरी को दुग्ध उत्पादन बढ़ाने हेतु एक प्रभावी, व्यवहारिक एवं समयबद्ध प्रोजेक्ट तैयार करने तथा एक सप्ताह के भीतर स्पष्ट टाइमलाइन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने 15 निष्क्रिय दुग्ध सहकारी समितियों को तत्काल सक्रिय करने, सक्रिय समितियों को और अधिक सुदृढ़ करने तथा आगामी चार माह में जनपद की संपूर्ण दुग्ध मांग स्थानीय स्तर पर पूरी करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि दुग्ध उत्पादन बढ़ाने में जहां भी कोई व्यावहारिक समस्या आएगी, वहां प्रशासन स्तर से हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि दुग्ध उत्पादन में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले काश्तकारों को मास्टर ट्रेनर के रूप में विकसित किया जाए, ताकि वे अन्य पशुपालकों से अपने अनुभव साझा कर सकें। साथ ही पशुपालकों को विभागीय योजनाओं का अधिकतम लाभ दिलाने के लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाने एवं तकनीकी सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में सहायक निदेशक, डेयरी अनुराग मिश्रा ने बताया कि वर्तमान में जनपद में 169 दुग्ध सहकारी समितियां गठित हैं, जिनके माध्यम से प्रतिदिन लगभग 1900 लीटर दुग्ध उपार्जन किया जा रहा है।
बैठक में अपर जिलाधिकारी एन.एस. नबियाल, अर्थ एवं संख्या अधिकारी दिनेश रावत सहित दुग्ध विकास विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
उत्तराखंड राज्य स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित तीन दिवसीय देवभूमि रजत उत्सव एवं शीतकालीन चारधाम यात्रा पर आधारित कार्यक्रम के अंतिम दिन के कार्यक्रम का मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा दीप प्रज्वलित कर शुभारम्भ किया गया।
इस ऐतिहासिक अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेश की जनता को रजत जयंती वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए उन सभी वीर शहीदों और आंदोलनकारियों को नमन किया, जिनके संघर्षों के फलस्वरूप उत्तराखंड राज्य का सपना साकार हुआ।
उन्होंने विशेष रूप से मातृशक्ति के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि राज्य के निर्माण में महिलाओं की भूमिका अविस्मरणीय रही है और आज वे ही ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों पर ले जा रही हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड आंदोलनकारियों को भी सम्मानित किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज पृथक राज्य बनाने में अहम भूमिका निभाने वाले और उत्तराखंड के गांधी स्व. श्री इंद्रमणि बडोनी जी की भी जयंती है बडोनी जी को नमन करते हुए उनके संघर्षों को याद किया। देवभूमि रजत उत्सव से रजत जयंती वर्ष पर आयोजित देवभूमि रजत उत्सव एवं शीतकालीन चारधाम यात्रा को प्रोत्साहन कर उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत को संजोया जा रहा है।
आज शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, विद्युत आदि सेवाओं को विकसित करने का कार्य किया जा रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के लोकल फॉर वोकल, मेड इन इंडिया से देश को विकसित भारत बनाने का अभियान को गति दी जा रही है। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में मुखवा हर्षिल से शीतकालीन यात्रा को प्रोत्साहन कर आज पूरे वर्ष पर्यटन को गति दी जा रही है। आज हमारी सरकार एक जिला एक फेस्टिवल पर कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में औद्योगिक क्षेत्र में गति लाने हेतु इन्वेस्टर समिट आयोजित कर 1 लाख करोड़ से अधिक के निवेश धरातल उतारकर औद्योगिक क्षेत्र को नई गति और सफलता प्राप्त की है। राज्य की स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती हेतु हाउस ऑफ हिमालयाज, हस्तशिल्प, स्वयं सहायता समूह, शिल्प और बुनाई आदि को विशेष पहचान दी जा रही है। अर्थव्यवस्था को बढ़ाने हेतु होमस्टे, लखपति दीदी, वेडिंग डेस्टिनेशन आदि कार्यों को गति देकर उत्तरकाशी जनपद में ही आज 12 हजार से अधिक लखपति दीदी बन चुकी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार के प्रयास से ही आज उत्तराखंड पलायन निवारण आयोग की रिपोर्ट में रिवर्स पलायन में लगभग 44 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। आज उत्तराखंड राज्य युवाओं को रोजगार देने के मामले में भी देश में अग्रणी है अभी तक हमारी सरकार ने 26 हजार 500 से अधिक युवाओं को योग्यता एवं पारदर्शिता के साथ नौकरी दी है। नीति आयोग द्वारा जारी सतत् विकास लक्ष्य इंडेक्स में उत्तराखंड देश का प्रथम राज्य बना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के साथ अस्तित्व में आए झारखंड और छत्तीसगढ़ राज्यों की तुलना में आज हम कुछ क्षेत्रों में बेहतर कार्य कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि जनपद की स्वास्थ्य सेवाओं को सुधार करने हेतु 23 करोड़ की लागत से उत्तरकाशी में 50 बेड का क्रिटिकल केयर यूनिट बन रहा है। 46 करोड़ की राशि से पुरोला में उपजिला अस्पताल का निर्माण किया जा रहा है। प्रत्येक गांव को सड़क मार्ग से जोड़ा जा रहा है। उत्तरकाशी में निर्माणाधीन सिल्क्यारा टनल का कार्य भी अंतिम चरण में है जिससे यमुनोत्री से गंगोत्री की दूरी कम होकर आम नागरिकों को सहूलियत के साथ पर्यटन को एक नई गति मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं को रोकना तो असंभव है परन्तु अपनी तैयारियों को बेहतर कर उनके नुकसान को कम कर सकते है जिसके लिए अधिक ऊंचाई पर स्थित झीलों की निगरानी हेतु निगरानी सिस्टम लगाने पर कार्य हो रहा है। धराली आपदा पीड़ितों के लिए अपनी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए उनके लिए सभी जरूरी कदम उठाने का आश्वासन दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने समान नागरिक संहिता कानून, धर्मांतरण कानून, लैंड जिहाद, लव जिहाद आदि कानूनों को लागू कर सरकारी भूमि पर अवैध कबजे वाली भूमि को मुक्त कराया है और कहा कि देवभूमि की संस्कृति के साथ किसी को भी छेड़-छाड़ की इजाजत नहीं दी जाएगी। यूसीसी को लागू कर सभी के लिए एक समान कानून की व्यवस्था की है।
गंगोत्री विधायक सुरेश चौहान ने कहा कि उत्तराखंड 25 वर्ष पूरे कर आज हमारा राज्य शीतकालीन चारधाम यात्रा पर आधारित रजत जयंती वर्ष मना रहा है। उत्तराखंड निर्माण का सपना पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने साकार किया था। जिसे आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में देश का अग्रणी राज्य बनाने का कार्य किया जा रहा है। राज्य की अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने हेतु शीतकालीन यात्रा का प्रोत्साहन कर नई गति दी जा रही है।
आज कार्यक्रम में निबंध प्रतियोगिता व स्कूली छात्र-छात्राओं द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ ही चित्रकला, रंगोली, नृत्य और निबंध प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया। देवभूमि रजत उत्सव पर लगाई गई विकास प्रदर्शनी भी आकर्षण का केंद्र बनकर उभरी, जिसमें राज्य के पिछले 25 वर्षों के विकास सफर को चित्रों और वीडियो के माध्यम से दर्शाया गया है। ये डिजिटल प्रदर्शनियों ने लोगो को खूब अपनी और आकर्षित कर रही है। डिजिटल प्रदर्शनी में आधुनिक तकनीक, इंटरएक्टिव गेम्स एवं डिजिटल माध्यमों के जरिए उत्तराखण्ड की विकास यात्रा को प्रदर्शित जा रहा है।
सायंकाल में आज देवभूमि रजत उत्सव समारोह में संगीता ढौंडियाल व पांडावाज बैंड की मनमोहक प्रस्तुति प्रस्तुत की जाएगी। बीते दो दिनों में अजय भारती समूह, अज्जू तोमर व श्वेता महारा की रंगारंग प्रस्तुतियों ने लोगो को झूमने पर मजबूर कर दिया है।
कार्यक्रम में जिलाध्यक्ष भाजपा नागेन्द्र चौहान, दर्जाधारी राज्य मंत्री राम सुंदर नौटियाल, प्रताप सिंह पंवार, प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. स्वराज विद्वान, पूर्व विधायक विजयपाल सजवाण, केदार सिंह रावत, प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर चौहान, ब्लॉक प्रमुख ममता पंवार, गढ़वाल समन्वयक किशोर भट्ट, जिला महामंत्री महावीर सिंह नेगी, प्रशुराम जगुड़ी, जिलाधिकारी प्रशांत आर्य, एसएसपी टिहरी आयुष अग्रवाल, अपर निदेशक सूचना आशीष कुमार त्रिपाठी सहित अन्य अधिकारी और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।