Category: उत्तराखंड

  • नोएडा में आयोजित 15वें उत्तराखंड महाकौथिक में पहुंचे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी

    नोएडा में आयोजित 15वें उत्तराखंड महाकौथिक में पहुंचे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गौतमबुद्धनगर, उत्तर प्रदेश में पर्वतीय सांस्कृतिक संस्था द्वारा आयोजित 15वें उत्तराखंड महाकौथिक, नोएडा में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में प्रवासी उत्तराखंडी नागरिक, कलाकार, युवा एवं महिलाएं उपस्थित रहीं। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर पहुंचकर कलाकारों का उत्साहवर्धन किया और आयोजन की सराहना की।

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में रहते हुए भी उत्तराखंडी समाज द्वारा अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, लोक परंपराओं और पहचान को जीवंत बनाए रखना अत्यंत प्रशंसनीय है। उन्होंने कहा कि प्रवासी उत्तराखंडी राज्य की संस्कृति के सच्चे ब्रांड एम्बेसडर हैं, जो राज्य से दूर रहकर भी अपनी जड़ों से जुड़े हुए हैं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि विगत 15 वर्षों से निरंतर आयोजित हो रहा उत्तराखंड महाकौथिक लोक कला, लोक संगीत, पारंपरिक विरासत और पहाड़ी उत्पादों को व्यापक पहचान दिलाने का एक सशक्त मंच बन चुका है। ऐसे आयोजन न केवल उत्तराखंड की सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण और संवर्धन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, बल्कि विभिन्न क्षेत्रों से आए उत्तराखंडी भाई-बहनों को एक सूत्र में पिरोने का भी कार्य करते हैं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि महाकौथिक में पारंपरिक वेशभूषा, हस्तशिल्प, कारीगरी, जैविक उत्पादों और पहाड़ी व्यंजनों के साथ-साथ जागर, बेड़ा, मांगल, खुदेड़, छोपाटी जैसे लोकगीतों तथा छोलिया, पांडव और झोड़ा-छपेली जैसे लोकनृत्यों के माध्यम से उत्तराखंड की जीवंत लोकसंस्कृति के विविध रूप सजीव रूप में देखने को मिलते हैं। उन्होंने कहा कि इस आयोजन की बढ़ती लोकप्रियता को देखते हुए इसकी अवधि को पांच दिनों से बढ़ाकर सात दिन किया जाना इसकी सफलता को दर्शाता है।

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पर्वतीय सांस्कृतिक संस्था की पूरी टीम का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि संस्था द्वारा राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में उत्तराखंड की संस्कृति और परंपराओं को सहेजने का कार्य सराहनीय है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एक ओर देश की सांस्कृतिक विरासत को पुनर्जीवित किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘मेक इन इंडिया’ जैसी पहलों के माध्यम से स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी सशक्त किया जा रहा है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार देवभूमि उत्तराखंड को विश्व की आध्यात्मिक राजधानी के रूप में स्थापित करने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। केदारखंड और मानसखंड मंदिर क्षेत्रों के सौंदर्यीकरण, हरिपुर कालसी में यमुनातीर्थ के पुनरुद्धार, हरिद्वार-ऋषिकेश और शारदा कॉरिडोर, दिल्ली-देहरादून एलिवेटेड रोड, ऑल वेदर रोड, भारतमाला, पर्वतमाला और ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना जैसी योजनाओं से राज्य के बुनियादी ढांचे को नई मजबूती मिल रही है।

    उन्होंने कहा कि राज्य में स्थानीय अर्थव्यवस्था और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए ‘एक जनपद, दो उत्पाद’, ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’, स्टेट मिलेट मिशन, फार्म मशीनरी बैंक, एप्पल मिशन, नई पर्यटन नीति, नई फिल्म नीति, होम-स्टे, वेड इन उत्तराखंड और सौर स्वरोजगार योजना जैसी कई प्रभावी पहल की जा रही हैं। इन प्रयासों के परिणामस्वरूप उत्तराखंड ने सतत विकास लक्ष्यों में देश में प्रथम स्थान, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में एचीवर्स तथा स्टार्टअप रैंकिंग में लीडर्स की श्रेणी प्राप्त की है। इसके साथ ही किसानों की आय वृद्धि और मत्स्य विकास में भी राज्य को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिला है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार समग्र विकास के साथ-साथ उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान और डेमोग्राफी की रक्षा के लिए भी पूरी तरह संकल्पबद्ध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि देवभूमि की पवित्रता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और अवैध गतिविधियों, अतिक्रमण तथा राष्ट्रविरोधी मानसिकता के विरुद्ध सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

    कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड नफरत नहीं, संस्कार चाहता है; विभाजन नहीं, एकता चाहता है और सरकार का उद्देश्य देवभूमि उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाना है।

  • मुख्यमंत्री धामी ने किया हरिद्वार के बुग्गावाला में ‘मशरूम ग्राम’ का शुभारंभ

    मुख्यमंत्री धामी ने किया हरिद्वार के बुग्गावाला में ‘मशरूम ग्राम’ का शुभारंभ

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार जनपद के बुग्गावाला में एमबी फूड्स द्वारा विकसित ‘मशरूम ग्राम’ का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि यह पहल किसानों की आय बढ़ाने, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने और कृषि क्षेत्र में नवाचार को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। मुख्यमंत्री ने एमबी फूड्स की टीम के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि मशरूम उत्पादन कम भूमि, कम जल और कम समय में अधिक लाभ देने वाला प्रभावी उद्यम है, जिससे किसान अतिरिक्त आय अर्जित कर सकते हैं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि इस परियोजना के माध्यम से स्थानीय युवाओं और महिलाओं को स्वरोज़गार के नए अवसर प्राप्त होंगे तथा स्वयं सहायता समूहों को भी आर्थिक मजबूती मिलेगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ‘मशरूम ग्राम’ मॉडल राज्य के अन्य क्षेत्रों के लिए भी प्रेरणास्रोत बनेगा और कृषि आधारित उद्यमिता को नई दिशा प्रदान करेगा।

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में देश ‘विकसित भारत’ के संकल्प को साकार करने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। केंद्र सरकार किसानों की आय दोगुनी करने के लक्ष्य के साथ निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत देशभर के 11 करोड़ किसानों को आर्थिक सहायता दी जा रही है, जिसमें उत्तराखंड के लगभग 9 लाख किसान भी लाभान्वित हो रहे हैं। साथ ही न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृद्धि, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और मृदा स्वास्थ्य कार्ड जैसी योजनाओं से किसानों को व्यापक लाभ मिल रहा है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान मानधन योजना, मिलेट मिशन, बागवानी विकास मिशन, कृषि यंत्र सब्सिडी, बूंद-बूंद सिंचाई योजना और डिजिटल कृषि मिशन जैसी योजनाएं किसानों को सशक्त बना रही हैं। उन्होंने कहा कि इस वर्ष के बजट में किसान क्रेडिट कार्ड की सीमा को तीन लाख रुपये से बढ़ाकर पाँच लाख रुपये करना किसानों के लिए एक ऐतिहासिक निर्णय है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार भी किसानों के उत्थान के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। फार्म मशीनरी बैंक योजना के अंतर्गत कृषि उपकरणों पर 80 प्रतिशत तक सब्सिडी, तीन लाख रुपये तक ब्याजमुक्त ऋण तथा नहरों से मुफ्त सिंचाई की सुविधा दी जा रही है। उन्होंने बताया कि किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से पॉलीहाउस निर्माण हेतु 200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिसके तहत अब तक लगभग 350 पॉलीहाउस स्थापित किए जा चुके हैं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि गेहूं खरीद पर प्रति क्विंटल 20 रुपये का बोनस, गन्ने के दामों में 30 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि, नई सेब नीति, कीवी नीति, स्टेट मिलेट मिशन और ड्रैगन फ्रूट नीति जैसी योजनाएं राज्य में कृषि और बागवानी को नई ऊंचाइयों तक ले जा रही हैं। इसके साथ ही ‘महक क्रांति’ के माध्यम से सुगंध फसलों की खेती को बढ़ावा देकर हजारों किसानों को प्रत्यक्ष लाभ पहुंचाया जा रहा है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ ब्रांड के माध्यम से राज्य के स्थानीय कृषि उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इन सभी प्रयासों से उत्तराखंड कृषि क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनेगा और किसानों की समृद्धि सुनिश्चित होगी।

    कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने बुग्गावाला और हरिद्वार क्षेत्र के नागरिकों से सरकार के प्रयासों में सहयोग की अपील करते हुए कहा कि जनसहभागिता के माध्यम से ही देवभूमि उत्तराखंड को कृषि सहित सभी क्षेत्रों में अग्रणी राज्य बनाया जा सकता है।

    कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, विधायक प्रदीप बत्रा,जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सहित सभी जनपद स्तरीय अधिकारी तथा बड़ी संख्या में स्थानीय जनता उपस्थित थी।

  • उत्तरायणी मेले की तैयारियों को लेकर समीक्षा बैठक संपन्न, विभागों को दिए सख्त निर्देश

    उत्तरायणी मेले की तैयारियों को लेकर समीक्षा बैठक संपन्न, विभागों को दिए सख्त निर्देश

    बागेश्वर: ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक पहचान के प्रतीक उत्तरायणी मेले को भव्य, सुव्यवस्थित एवं आकर्षक बनाने के उद्देश्य से शुक्रवार को मुख्य विकास अधिकारी आर.सी. तिवारी ने विकास भवन में गूगल मीट के माध्यम से विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि 13 से 20 जनवरी तक आयोजित होने वाले इस मेले के दौरान किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

    बैठक में तोरण द्वारों की गुणवत्ता एवं डिजाइन पर विशेष जोर देते हुए सीडीओ ने निर्देशित किया कि सभी स्वागत द्वारों में एकरूपता सुनिश्चित करने के लिए बैनर एवं फ्लैक्सी का डिजाइन समान रखा जाए। उन्होंने सजावट में प्लास्टिक के प्रयोग से बचते हुए केले के पत्ते, आम के पत्ते एवं प्राकृतिक फूलों के उपयोग के निर्देश दिए।

    स्वागत द्वारों के निर्माण हेतु विभिन्न विभागों को दायित्व सौंपते हुए बताया गया कि राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग द्वारा ताकुला एवं कांडा रोड पर तोरण द्वार बनाए जाएंगे। पीएमजीएसवाई द्वारा कठायतबाड़ा क्षेत्र में गेट निर्माण की जिम्मेदारी निभाई जाएगी। लोक निर्माण विभाग पुलिस थाना बागेश्वर के समीप स्वागत द्वार तैयार करेगा, जबकि दुग बाजार के प्रवेश द्वार का दायित्व पेयजल निगम को सौंपा गया है। इसके अतिरिक्त जल संस्थान एवं सिंचाई विभाग द्वारा नुमाइशखेत के मुख्य एवं प्रदर्शनी गेटों का निर्माण किया जाएगा।

    मेले के दौरान नुमाइशखेत में विभिन्न विभागों द्वारा कुल 33 स्टॉल लगाए जाएंगे। सीडीओ ने निर्देश दिए कि प्रत्येक स्टॉल में ग्रीन मैटिंग, समान रंग के पर्दे, उपयुक्त फर्नीचर, दो बल्ब तथा एक चार्जिंग प्वाइंट की व्यवस्था अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाए। उन्होंने सभी अधिकारियों को समय रहते स्थलीय निरीक्षण कर सौंपे गए दायित्वों का गुणवत्तापूर्ण निर्वहन करने के निर्देश दिए।

    बैठक में परियोजना निदेशक शिल्पी पंत, डीडीओ संगीता आर्या, अधिशासी अभियंता संजय भारती, ईओ विनोद सिंह जीना सहित अन्य विभागीय अधिकारी वर्चुअल माध्यम से उपस्थित रहे।

  • भूकंप से पहले अलर्ट जारी करने में सक्षम है ‘भूदेव मोबाइल एप’

    भूकंप से पहले अलर्ट जारी करने में सक्षम है ‘भूदेव मोबाइल एप’

    जनपद रुद्रप्रयाग में भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावी बचाव एवं त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने की दिशा में जिला प्रशासन द्वारा एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। आमजन की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए जिला प्रशासन ने राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा विकसित ‘भूदेव’ मोबाइल एप के व्यापक उपयोग पर विशेष ज़ोर दिया है।

    जिलाधिकारी प्रतीक जैन ने बताया कि भूदेव मोबाइल एप भूकंप आने से कुछ सेकंड पूर्व अलर्ट जारी करने में सक्षम है, जिससे नागरिक समय रहते सुरक्षित स्थानों पर पहुंचकर जान-माल की संभावित क्षति को न्यूनतम कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक के माध्यम से पूर्व चेतावनी प्रणाली को सशक्त बनाना आपदा प्रबंधन की दिशा में एक निर्णायक कदम है, जिससे आपदा के समय त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई संभव हो सकेगी।

    जिलाधिकारी ने जानकारी दी कि राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा जारी निर्देशों के क्रम में जनपद के सभी विभागाध्यक्षों एवं कार्यदायी संस्थाओं को अपने-अपने कार्यालयों में भूदेव मोबाइल एप डाउनलोड करने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। इसके साथ ही भूकंप एवं अन्य प्राकृतिक आपदाओं से बचाव के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से समस्त संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे आमजनमानस को एप के उपयोग के बारे में जानकारी दें तथा अधिक से अधिक लोगों को इसे डाउनलोड करने के लिए प्रेरित करें।

    जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी रुद्रप्रयाग नंदन सिंह रजवार ने बताया कि भूदेव मोबाइल एप में भूकंपीय गतिविधियों से संबंधित दैनिक जानकारी, जियो-रेफरेंस्ड लोकेशन के साथ इंटरेक्टिव मैप, तथा आपात स्थिति में एसओएस फीचर के माध्यम से लाइव लोकेशन साझा करने जैसी महत्वपूर्ण सुविधाएं उपलब्ध हैं। ये सभी फीचर्स आपदा के समय राहत एवं बचाव कार्यों को और अधिक प्रभावी बनाने में सहायक सिद्ध होंगे।

    उन्होंने जनपदवासियों से अपील की कि वे अपनी एवं अपने परिवार की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए भूदेव मोबाइल एप को अवश्य डाउनलोड करें तथा आपदा के समय जारी होने वाले अलर्ट एवं दिशा-निर्देशों का पालन करें, ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित सहायता सुनिश्चित की जा सके।

  • भिलंगना के सुनार गांव में आयोजित हुआ रोजगार एवं सेवा शिविर

    भिलंगना के सुनार गांव में आयोजित हुआ रोजगार एवं सेवा शिविर

    टिहरी/दिनांक 19 दिसम्बर 2025: आज शुक्रवार, 19 दिसम्बर 2025 को विकासखंड भिलंगना के राजकीय प्राथमिक विद्यालय, सुनार गांव में रोजगार एवं सेवा शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ब्लॉक प्रमुख राजीव कंडारी तथा विशिष्ट अतिथि नगर पंचायत अध्यक्ष चमियाला गोविंद सिंह राणा रहे।

    सुनारगांव को गोद लेने वाले प्रवासी उत्तराखंडी एवं रतूड़ी फाउंडेशन के संस्थापक देव रतूड़ी के प्रयासों के माध्यम से इस शिविर के आयोजन में कुल 13 विभागों द्वारा प्रतिभाग किया गया, जिनमें उद्योग, समाज कल्याण, पशुपालन, उद्यान, सहकारिता, सेवायोजन, कृषि, जन आधार केंद्र, खाद्य एवं आपूर्ति, ग्राम्य विकास, पंचायती राज, राजस्व एवं स्वास्थ्य विभाग शामिल रहे।

    कार्यक्रम के दौरान 30 से अधिक आवेदन पत्र प्राप्त हुए। विभिन्न विभागों द्वारा विभागीय योजनाओं की जानकारी दी गई तथा विभागों से संबंधित समस्याओं का निराकरण मौके पर ही किया गया। शिविर में समाज कल्याण विभाग में सर्वाधिक पंजीकरण दर्ज किए गए।

    शिविर में उपस्थित लगभग 250 लोगों को केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।

  • सहकारिता से शहरी ग्रामीण एकता” की थीम पर देहरादून में 9 दिवसीय भव्य सहकारिता मेला

    सहकारिता से शहरी ग्रामीण एकता” की थीम पर देहरादून में 9 दिवसीय भव्य सहकारिता मेला

    देहरादून : जिले में 20 से 28 दिसंबर 2025 तक रेंजर्स ग्राउंड में सहकारिता मेले का भव्य आयोजन किया जाएगा। मेला प्रतिदिन प्रातः 11 बजे से रात्रि 09 बजे तक आमजन के लिए खुला रहेगा। इस मेले की थीम “सहकारिता से शहरी ग्रामीण एकता” निर्धारित की गई है। मेले को लेकर रेंजर्स ग्राउंड में तैयारियां पूरी हो गई है।

    जिलाधिकारी सविन बंसल ने मेले के सफल आयोजन के लिए जिला स्तर पर मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में जिला स्तरीय कार्यान्वयन समिति का गठन किया गया है। समिति द्वारा विभिन्न विभागों को उनके दायित्व सौंपे गए हैं, ताकि मेला सुव्यवस्थित एवं प्रभावी ढंग से आयोजित किया जा सके।

    मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह ने बताया कि संयुक्त राष्ट्र महासंघ द्वारा वर्ष 2025 को अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष घोषित किए जाने के उपलक्ष्य में उत्तराखंड सरकार के सहकारिता विभाग द्वारा राज्य के सभी जनपदों में थीम आधारित सहकारिता मेलों के आयोजन का निर्णय लिया गया है। इन मेलों का उद्देश्य सहकारिता की मूल भावना को स्थानीय स्तर पर साकार करना, राज्य की अर्थव्यवस्था में सहकारिता विभाग के योगदान को रेखांकित करना तथा सहकारिता से जुड़े सभी संस्थानों को एक साझा मंच प्रदान करना है।

    सहकारिता मेले में विभिन्न विभागों, सहकारी समितियों एवं स्वयं सहायता समूहों द्वारा स्थानीय उत्पादों के आकर्षक एवं विशिष्ट स्टॉल लगाए जाएंगे। मेले में जनपद की सभी स्थानीय सहकारी समितियों, संस्थाओं, स्वयं सहायता समूहों, किसानों एवं काश्तकारों को प्रतिभाग के लिए आमंत्रित किया गया है।

    मेले के दौरान प्रत्येक दिवस विषय विशेषज्ञों द्वारा पैनल चर्चाएं, तकनीकी सत्र, निर्यात परामर्श, उत्पाद पैकेजिंग एवं ब्रांडिंग, प्रशिक्षण सत्र, युवा उद्यमिता संवाद, स्टार्टअप एवं तकनीकी समाधान, किसान गोष्ठी, श्वेत क्रांति एवं दुग्ध क्रांति, डिजिटल साक्षरता, फूड स्टॉल, ई-कॉमर्स, वित्तीय समावेशन तथा महिला सशक्तिकरण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त विभिन्न प्रतियोगिता, मनोरंजन, झूले एवं मेले में उत्तराखंड की समृद्ध लोक संस्कृति को दर्शाते रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए जाएंगे, जो आगंतुकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहेंगे।

    सहकारिता मेला न केवल सहकारिता आंदोलन को नई दिशा देगा, बल्कि शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों के बीच आर्थिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक समन्वय को भी मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

  • रामपुर (न्यालसू) में भालू के हमले पर जिला प्रशासन की त्वरित कार्रवाई

    रामपुर (न्यालसू) में भालू के हमले पर जिला प्रशासन की त्वरित कार्रवाई

    रुद्रप्रयाग: जनपद के रामपुर (न्यालसू) निवासी 55 वर्षीय मंगल सिंह चौहान पर आज भालू द्वारा हमला किए जाने की सूचना प्राप्त होते ही जिला प्रशासन ने त्वरित एवं संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई की।

    घटना की जानकारी मिलते ही घायल व्यक्ति को तत्काल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, फाटा में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकों द्वारा प्राथमिक उपचार दिया गया। घायल की स्थिति को देखते हुए बेहतर उपचार सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उन्हें उच्च चिकित्सा केंद्र श्रीनगर रेफर किया गया है। प्रशासन द्वारा घायल को समुचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।

    जिलाधिकारी प्रतीक जैन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए उप जिलाधिकारी ऊखीमठ अनिल शुक्ला को निर्देशित किया कि वन विभाग, पुलिस एवं स्थानीय प्रशासन की संयुक्त टीम के साथ तत्काल घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति का मुआयना किया जाए तथा क्षेत्र में आवश्यक सुरक्षा उपाय सुनिश्चित किए जाएं।

    जिलाधिकारी के निर्देशों के क्रम में एसडीएम ऊखीमठ अनिल शुक्ला, पुलिस एवं वन विभाग की टीम के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। वन विभाग द्वारा क्षेत्र में वन्यजीव की गतिविधियों पर निगरानी बढ़ा दी गई है तथा संभावित खतरे को देखते हुए कल क्षेत्र में पिंजरा लगाए जाने की कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।

    इसके अतिरिक्त एसडीएम ऊखीमठ एवं वन विभाग की टीम द्वारा घायल व्यक्ति के परिजनों के आवास पर जाकर उनसे भेंट की गई। प्रशासन की ओर से पीड़ित परिवार को हरसंभव सहायता प्रदान करने तथा घायल को समुचित उपचार एवं आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया।

    जिला प्रशासन द्वारा क्षेत्रवासियों से भी अपील की गई है कि वे सतर्क रहें, विशेषकर सुबह एवं सायं के समय अकेले वन क्षेत्रों की ओर न जाएं तथा किसी भी आपात स्थिति में तुरंत प्रशासन को सूचित करें।

    जिला प्रशासन मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं को रोकने के लिए पूर्णतः सजग है और जनसुरक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम प्राथमिकता के आधार पर उठाए जा रहे हैं।

  • रामपुर (न्यालसू) में भालू के हमले पर जिला प्रशासन की त्वरित कार्रवाई

    रामपुर (न्यालसू) में भालू के हमले पर जिला प्रशासन की त्वरित कार्रवाई

    रुद्रप्रयाग: जनपद के रामपुर (न्यालसू) निवासी 55 वर्षीय मंगल सिंह चौहान पर आज भालू द्वारा हमला किए जाने की सूचना प्राप्त होते ही जिला प्रशासन ने त्वरित एवं संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई की।

    घटना की जानकारी मिलते ही घायल व्यक्ति को तत्काल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, फाटा में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकों द्वारा प्राथमिक उपचार दिया गया। घायल की स्थिति को देखते हुए बेहतर उपचार सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उन्हें उच्च चिकित्सा केंद्र श्रीनगर रेफर किया गया है। प्रशासन द्वारा घायल को समुचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।

    जिलाधिकारी प्रतीक जैन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए उप जिलाधिकारी ऊखीमठ अनिल शुक्ला को निर्देशित किया कि वन विभाग, पुलिस एवं स्थानीय प्रशासन की संयुक्त टीम के साथ तत्काल घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति का मुआयना किया जाए तथा क्षेत्र में आवश्यक सुरक्षा उपाय सुनिश्चित किए जाएं।

    जिलाधिकारी के निर्देशों के क्रम में एसडीएम ऊखीमठ अनिल शुक्ला, पुलिस एवं वन विभाग की टीम के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। वन विभाग द्वारा क्षेत्र में वन्यजीव की गतिविधियों पर निगरानी बढ़ा दी गई है तथा संभावित खतरे को देखते हुए कल क्षेत्र में पिंजरा लगाए जाने की कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।

    इसके अतिरिक्त एसडीएम ऊखीमठ एवं वन विभाग की टीम द्वारा घायल व्यक्ति के परिजनों के आवास पर जाकर उनसे भेंट की गई। प्रशासन की ओर से पीड़ित परिवार को हरसंभव सहायता प्रदान करने तथा घायल को समुचित उपचार एवं आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया।

    जिला प्रशासन द्वारा क्षेत्रवासियों से भी अपील की गई है कि वे सतर्क रहें, विशेषकर सुबह एवं सायं के समय अकेले वन क्षेत्रों की ओर न जाएं तथा किसी भी आपात स्थिति में तुरंत प्रशासन को सूचित करें।

    जिला प्रशासन मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं को रोकने के लिए पूर्णतः सजग है और जनसुरक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम प्राथमिकता के आधार पर उठाए जा रहे हैं।

  • मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दिए राजस्व वसूली बढाने के निर्देश

    मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दिए राजस्व वसूली बढाने के निर्देश

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में सचिवालय में वित्तीय वर्ष 2025-26 की राजस्व प्राप्ति की स्थिति की समीक्षा बैठक आयोजित हुई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि राजस्व वसूली बढ़ाने पर विशेष ध्यान देते हुए तय लक्ष्य समय पर पूरे किये जाएं

    संबंधित विभागों के उच्चाधिकारी एवं जिलाधिकारियों द्वारा जनपदों में इसकी नियमित निगरानी की जाए। कर चोरी पर प्रभावी नियंत्रण के लिए एआई आधारित तकनीक का अधिकतम इस्तेमाल किया जाए। निबंधन एवं रजिस्ट्रेशन से संबंधित सभी कार्यों का डिजिटाइजेशन किया जाए। सब रजिस्ट्रार कार्यालयों का जिलाधिकारियों एवं संबंधित वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा नियमित रूप से निरीक्षण किया जाए। रजिस्ट्री के दौरान संपति का उचित मूल्य दर्ज हो इसकी जाँच के लिए संपतियों का स्थलीय निरीक्षण भी किया जा जाए।

    प्रदेश से बाहर के वाहनों से ग्रीन सेस लेने की कार्यवाही में लेटलतीफी पर मुख्यमंत्री ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने परिवहन विभाग को ग्रीन सेस की वसूली जल्द शुरू करने के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि पर्यावरण संरक्षण का ध्यान रखते हुए राज्य के हित में वन संपदा का सही उपयोग किया जाए। तराई क्षेत्रों में कमर्शियल प्लांटेशन तथा जड़ी-बूटियों के क्षेत्र में बेहतर कार्य करने के लिए ठोस योजना बनाई जाए।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के समग्र विकास के लिए राजस्व में बढोतरी करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के “इस दशक को उत्तराखंड का दशक” बनाने के संकल्प को साकार करने के लिए संसाधन वृद्धि को मिशन मोड में लागू किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विशेष श्रेणी के राज्यों में उत्तराखंड को शीर्ष स्थान प्राप्त हुआ है। साथ ही, खनन सुधारों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए राज्य को ₹200 करोड़ की केंद्रीय प्रोत्साहन राशि प्राप्त हुई है, जो राज्य के सही दिशा में बढ़ने का परिचायक है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए ₹24,015 करोड़ का कर राजस्व लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसमें अब तक 62 प्रतिशत से अधिक प्राप्ति हो चुकी है। उन्होंने संबंधित विभागों से आगामी अवधि में लक्ष्य की शत-प्रतिशत पूर्ति के लिए समन्वित और सक्रिय प्रयास किए जाने के निर्देश दिए।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार दीर्घकालिक आर्थिक सुदृढ़ता के लिए पूंजीगत निवेश पर विशेष बल दे रही है। पूंजीगत व्यय में 34 प्रतिशत की वृद्धि की गई है, जिससे राज्य में इंफ्रास्ट्रक्चर विकास को नई गति मिलेगी और स्थायी परिसंपत्तियों का निर्माण होगा। उन्होंने कहा कि वित्तीय प्रबंधन को आधुनिक और उत्तरदायी बनाने के लिए नीति सुधार, नवाचार तथा नई तकनीकों पर निरंतर ध्यान दिया जाना जरूरी है। पारदर्शिता, जवाबदेह और जनहित में ठोस परिणाम देने वाला प्रशासन हमारा उद्देश्य है। जिसके लिए सभी अधिकारियों को कड़े वित्तीय अनुशासन, बेहतर प्रबंधन और सामूहिक उत्तरदायित्व के साथ कार्य में जुटे रहना होगा।

    बैठक में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर.के.सुधांशु, एल. फैनई, सचिव दिलीप जावलकर, युगल किशोर पंत, सी. रविशंकर, प्रमुख वन संरक्षक डॉ. रंजन कुमार मिश्रा अपर सचिव अहमद इकबाल, श्रीमती सोनिका, हिमांशु खुराना, श्रीमती अनुराधा पाल, डॉ. मेहरबान सिंह बिष्ट, मनमोहन मैनाली, विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष एवं वर्चुअल माध्यम से सभी जिलाधिकारियों ने प्रतिभाग किया।

  • मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दिए राजस्व वसूली बढाने के निर्देश

    मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दिए राजस्व वसूली बढाने के निर्देश

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में सचिवालय में वित्तीय वर्ष 2025-26 की राजस्व प्राप्ति की स्थिति की समीक्षा बैठक आयोजित हुई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि राजस्व वसूली बढ़ाने पर विशेष ध्यान देते हुए तय लक्ष्य समय पर पूरे किये जाएं

    संबंधित विभागों के उच्चाधिकारी एवं जिलाधिकारियों द्वारा जनपदों में इसकी नियमित निगरानी की जाए। कर चोरी पर प्रभावी नियंत्रण के लिए एआई आधारित तकनीक का अधिकतम इस्तेमाल किया जाए। निबंधन एवं रजिस्ट्रेशन से संबंधित सभी कार्यों का डिजिटाइजेशन किया जाए। सब रजिस्ट्रार कार्यालयों का जिलाधिकारियों एवं संबंधित वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा नियमित रूप से निरीक्षण किया जाए। रजिस्ट्री के दौरान संपति का उचित मूल्य दर्ज हो इसकी जाँच के लिए संपतियों का स्थलीय निरीक्षण भी किया जा जाए।

    प्रदेश से बाहर के वाहनों से ग्रीन सेस लेने की कार्यवाही में लेटलतीफी पर मुख्यमंत्री ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने परिवहन विभाग को ग्रीन सेस की वसूली जल्द शुरू करने के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि पर्यावरण संरक्षण का ध्यान रखते हुए राज्य के हित में वन संपदा का सही उपयोग किया जाए। तराई क्षेत्रों में कमर्शियल प्लांटेशन तथा जड़ी-बूटियों के क्षेत्र में बेहतर कार्य करने के लिए ठोस योजना बनाई जाए।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के समग्र विकास के लिए राजस्व में बढोतरी करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के “इस दशक को उत्तराखंड का दशक” बनाने के संकल्प को साकार करने के लिए संसाधन वृद्धि को मिशन मोड में लागू किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विशेष श्रेणी के राज्यों में उत्तराखंड को शीर्ष स्थान प्राप्त हुआ है। साथ ही, खनन सुधारों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए राज्य को ₹200 करोड़ की केंद्रीय प्रोत्साहन राशि प्राप्त हुई है, जो राज्य के सही दिशा में बढ़ने का परिचायक है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए ₹24,015 करोड़ का कर राजस्व लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसमें अब तक 62 प्रतिशत से अधिक प्राप्ति हो चुकी है। उन्होंने संबंधित विभागों से आगामी अवधि में लक्ष्य की शत-प्रतिशत पूर्ति के लिए समन्वित और सक्रिय प्रयास किए जाने के निर्देश दिए।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार दीर्घकालिक आर्थिक सुदृढ़ता के लिए पूंजीगत निवेश पर विशेष बल दे रही है। पूंजीगत व्यय में 34 प्रतिशत की वृद्धि की गई है, जिससे राज्य में इंफ्रास्ट्रक्चर विकास को नई गति मिलेगी और स्थायी परिसंपत्तियों का निर्माण होगा। उन्होंने कहा कि वित्तीय प्रबंधन को आधुनिक और उत्तरदायी बनाने के लिए नीति सुधार, नवाचार तथा नई तकनीकों पर निरंतर ध्यान दिया जाना जरूरी है। पारदर्शिता, जवाबदेह और जनहित में ठोस परिणाम देने वाला प्रशासन हमारा उद्देश्य है। जिसके लिए सभी अधिकारियों को कड़े वित्तीय अनुशासन, बेहतर प्रबंधन और सामूहिक उत्तरदायित्व के साथ कार्य में जुटे रहना होगा।

    बैठक में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर.के.सुधांशु, एल. फैनई, सचिव दिलीप जावलकर, युगल किशोर पंत, सी. रविशंकर, प्रमुख वन संरक्षक डॉ. रंजन कुमार मिश्रा अपर सचिव अहमद इकबाल, श्रीमती सोनिका, हिमांशु खुराना, श्रीमती अनुराधा पाल, डॉ. मेहरबान सिंह बिष्ट, मनमोहन मैनाली, विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष एवं वर्चुअल माध्यम से सभी जिलाधिकारियों ने प्रतिभाग किया।