मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को अपने विधानसभा क्षेत्र चम्पावत का सड़क मार्ग से दौरा किया। उन्होंने चम्पावत से टनकपुर तक के मार्ग में विभिन्न गांवों में रुककर ग्रामीणों से मुलाकात की और सीधा जनसंवाद स्थापित किया।
मुख्यमंत्री धामी ने अपने दौरे के दौरान मुड़ियानी, धौन, स्वाला, अमोड़ी, चल्थी, सिंयाड़ी, सूखीढांग और बस्तियां जैसे ग्राम क्षेत्रों का भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति, चल रहे विकास कार्यों, तथा जनसमस्याओं की जानकारी ली।
हर स्थान पर मुख्यमंत्री का स्वागत अत्यंत गर्मजोशी से किया गया। पारंपरिक वेशभूषा में सजी महिलाओं ने मुख्यमंत्री का स्वागत फूलों और मंगल गीतों के साथ किया। मातृशक्ति द्वारा दिए गए फूलों और आशीर्वाद को मुख्यमंत्री ने बड़े स्नेह से स्वीकार किया और कहा कि “यह आशीर्वाद ही मेरे कार्यों की सच्ची ऊर्जा है।” उन्होंने कहा कि चम्पावत की जनता का स्नेह और विश्वास ही मेरी सबसे बड़ी पूंजी है।
मुख्यमंत्री ने विभिन्न स्थानों पर बच्चों से भी संवाद स्थापित किया। उन्होंने बच्चों से उनकी पढ़ाई, सपनों और करियर के बारे में पूछा तथा उन्हें मन लगाकर पढ़ने और आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। मुख्यमंत्री ने कहा “आप सभी बच्चे हमारे प्रदेश का भविष्य हैं। जिस दिन आप सभी आत्मविश्वास से अपने सपने पूरे करेंगे, उस दिन उत्तराखण्ड अपने विकास के सर्वोत्तम शिखर पर होगा।”
मुख्यमंत्री ने बच्चों को शिक्षा का महत्व समझाते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दीं और कहा कि सरकार लगातार शिक्षा और कौशल विकास के लिए ठोस कदम उठा रही है।
स्थानीय उत्पादों को दिया बढ़ावा-खरीदी पहाड़ी गडेरी और अदरक
चल्थी में मुख्यमंत्री श्री धामी एक स्थानीय दुकान पर पहुँचे, जहाँ उन्होंने स्वयं स्थानीय कृषि उत्पाद-गडेरी (पहाड़ी बड़ी अर्बी) और अदरक खरीदी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार “वोकल फॉर लोकल” के संकल्प को धरातल पर उतारने के लिए प्रतिबद्ध है और हर व्यक्ति को स्थानीय उत्पादों के उपयोग को बढ़ावा देना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि चम्पावत का हर कोना उन्हें नई ऊर्जा और प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा-“मैं स्वयं को सौभाग्यशाली मानता हूँ कि मुझे चम्पावत की सेवा करने का अवसर मिला है। यहाँ की जनता का स्नेह और विश्वास मेरे लिए सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। हम सब मिलकर चम्पावत को एक आदर्श विधानसभा क्षेत्र बनाएँगे।”
उन्होंने ग्रामीणों को दीपावली, धनतेरस और भैया दूज की अग्रिम बधाई एवं शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि यह त्यौहार प्रदेश में सुख, समृद्धि और खुशहाली लाएँ।
मुख्यमंत्री ने अपने दौरे के दौरान ग्रामीणों के साथ विकास कार्यों, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, सड़क, सिंचाई, कृषि और स्थानीय रोजगार से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनहित के सभी कार्य समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूर्ण किए जाएँ।
उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता जनता की सुविधा, सुरक्षा और विकास सुनिश्चित करना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरना ही उनका सबसे बड़ा लक्ष्य है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को अपने विधानसभा क्षेत्र चम्पावत के अमोड़ी में लगभग ₹1.60 करोड़ की लागत से बनने वाली “वे साइड एमिनिटी (Way Side Amenities)” परियोजना का शिलान्यास एवं भूमिपूजन किया। यह परियोजना मुख्यमंत्री की घोषणा के अंतर्गत ग्राम उत्थान परियोजना (REAP) तथा उत्तराखण्ड कृषि उत्पादन एवं विपणन बोर्ड, रुद्रपुर के सहयोग से स्थापित की जा रही है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि यह परियोजना ‘आदर्श चम्पावत’ की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो न केवल क्षेत्र के पर्यटन ढांचे को सुदृढ़ करेगी, बल्कि स्थानीय युवाओं और महिलाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित करेगी। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की परियोजनाएँ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देने और स्थानीय उत्पादों को बाजार से जोड़ने में अहम भूमिका निभाएँगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस वे साइड एमिनिटी कॉम्प्लेक्स में आने वाले यात्रियों और पर्यटकों के लिए आरामदायक विश्राम स्थल, स्वच्छ एवं आधुनिक शौचालय, जलपान एवं कैफेटेरिया की सुविधा, साथ ही स्थानीय हस्तशिल्प, कृषि एवं वन उत्पादों के बिक्री केंद्र जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इसके साथ ही वाहन पार्किंग, हरित क्षेत्र (ग्रीन जोन), और सूचना केंद्र भी प्रस्तावित हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य चम्पावत को विकास के मॉडल जनपद के रूप में स्थापित करना है, जहाँ पर्यटन, कृषि, बुनियादी ढांचा और स्थानीय उद्यमिता मिलकर प्रदेश के लिए एक आदर्श उदाहरण प्रस्तुत करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के “वोकल फॉर लोकल” और “आत्मनिर्भर भारत” के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए प्रत्येक क्षेत्र में स्थानीय संसाधनों के अधिकतम उपयोग पर बल दे रही है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि उत्तराखण्ड सरकार ने ग्रामीण पर्यटन, होमस्टे, जैविक उत्पाद, और पारंपरिक हस्तकला को प्रोत्साहन देने के लिए अनेक योजनाएँ लागू की हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी परियोजनाएँ न केवल पर्यटन विकास को नई दिशा देंगी, बल्कि युवा पीढ़ी के लिए स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता का मार्ग भी प्रशस्त करेंगी।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने उपस्थित ग्रामीणों से संवाद करते हुए कहा कि राज्य सरकार जनता के सहयोग से चम्पावत को सर्वांगीण विकास का केंद्र बनाने के लिए संकल्पित है। उन्होंने कहा कि “जनभागीदारी से ही विकास की परिकल्पना साकार हो सकती है।”
इस अवसर पर दायित्वधारी श्याम नारायण पांडे, अनिल डब्बू, शंकर कोरंगा, भाजपा जिला अध्यक्ष गोविंद सामंत, जिला पंचायत अध्यक्ष आनंद अधिकारी, भाजपा प्रदेश मंत्री निर्मल मेहरा, जिलाधिकारी मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक अजय गणपति सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारीगण एवं स्थानीय ग्रामीण बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का संचालन स्थानीय प्रशासन द्वारा किया गया तथा अंत में मुख्यमंत्री ने परियोजना से जुड़े विभागों को समयबद्ध रूप से निर्माण कार्य प्रारंभ करने के निर्देश दिए।
देहरादून: दीपावली और अन्य त्योहारी पर्वों को देखते हुए उत्तराखंड सरकार ने प्रदेशभर में मिलावटी खाद्य पदार्थों के खिलाफ़ बड़ा अभियान शुरू किया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के सख्त निर्देशों पर, स्वास्थ्य सचिव एवं खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन आयुक्त डॉ. आर. राजेश कुमार के नेतृत्व में यह कार्रवाई पूरे राज्य में तेज़ी से जारी है।
अपर आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ताजबर सिंह जग्गी के नेतृत्व में सभी जनपदों में लगातार निरीक्षण और सैंपलिंग की जा रही है। सरकार का स्पष्ट संदेश है, खाद्य सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होगा।
देहरादून जिले में रातभर चला औचक निरीक्षण अभियान
जनपद देहरादून में मिलावटी खाद्य पदार्थों के विरुद्ध विशेष अभियान चलाया गया। इस अभियान का उद्देश्य त्योहारी सीजन में आमजन को शुद्ध, सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना है। आयुक्त के निर्देशों के अनुपालन में बुधवार को प्रातः 4 बजे से ही विशेष जांच अभियान शुरू किया गया, जिसके अंतर्गत सेलाकुई, विकासनगर, ऋषिकेश और मसूरी क्षेत्रों में खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीमों ने औचक निरीक्षण किया।
वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी विकासनगर, संजय तिवारी ने बताया कि सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा, जनपद देहरादून, मनीष सयाना के नेतृत्व में विभागीय टीम ने देर रात और तड़के सुबह तक अभियान चलाया। इस दौरान वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी नगर निगम क्षेत्र, रमेश सिंह के साथ विकासनगर क्षेत्र में स्कूटी से अस्वच्छ स्थिति में वितरित किए जा रहे लगभग 60 किलो पनीर को मौके पर नष्ट किया गया। वहीं, सेलाकुई में होंडा सिटी वाहन (UP 17 H 1400) से लगभग 120 किलो पनीर को भी अनहाइजेनिक स्थिति में वितरित करते हुए पकड़ा गया। विभागीय टीम ने उसका नमूना लेकर शेष पनीर को शीशमवाड़ा ट्रेंचिंग ग्राउंड में नष्ट कराया।
कुल 15 नमूने जांच को भेजे गए
सहायक आयुक्त खाद्य संरक्षा जनपद देहरादून मनीष सयाना ने बताया कि दीपावली को देखते हुए जनपद में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। आज जनपद देहरादून के विभिन्न क्षेत्रों विकासनगर, सेलाकुई, ऋषिकेश और मसूरी में अभियान चलाकर दूध, पनीर और मिठाई के कुल 15 नमूने जांच हेतु लिए गए हैं। सभी नमूनों को खाद्य विश्लेषणशाला भेजा गया है।
रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद दोषियों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस पूरे अभियान में सहायक आयुक्त मनीष सयाना, वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी रमेश सिंह (नगर निगम क्षेत्र), वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी संजय तिवारी (विकासनगर क्षेत्र), वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी संतोष कुमार सिंह (ऋषिकेश क्षेत्र), और वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी कपिल देव (मसूरी क्षेत्र) सहित विभाग के कई अधिकारी शामिल रहे। सभी टीमों ने मिलकर जिले के संवेदनशील क्षेत्रों में सुबह से शाम तक निरीक्षण अभियान चलाया।
हरिद्वार में मिठाई निर्माण इकाइयों पर बड़ी कार्रवाई
खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन और हरिद्वार पथरी पुलिस की संयुक्त टीम ने बुधवार को पदार्था हरिद्वार मुस्तफाबाद क्षेत्र में छापेमारी कर दो मिठाई निर्माण इकाइयों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान टीम ने पाया कि इकाइयों में गंदगी और कीचड़ के बीच मिठाई तैयार की जा रही थी। स्वच्छता मानकों का उल्लंघन पाए जाने पर मौके पर ही करीब दो कुंतल बतीसा नष्ट कराया गया।
वहीं, फूड लाइसेंस न होने पर एक फैक्ट्री को तत्काल प्रभाव से बंद करने के निर्देश दिए गए। टीम ने गुलाब जामुन और सफेद रसगुल्ले के एक-एक तथा बतीसा के तीन नमूने लेकर जांच के लिए राज्य खाद्य प्रयोगशाला भेजे। यह कार्रवाई जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी महिमानंद जोशी के नेतृत्व में वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी दिलीप जैन, योगेंद्र पांडेय और पथरी पुलिस टीम की मौजूदगी में की गई। विभाग ने साफ किया कि मिलावटी और अस्वच्छ खाद्य पदार्थ बनाने वालों के खिलाफ सख्त कदम जारी रहेंगे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी बोले- सेहत से समझौता नहीं
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा त्योहारों के समय बाजारों में मिलावटखोर सक्रिय हो जाते हैं। मैं साफ कहना चाहता हूं कि नागरिकों के स्वास्थ्य से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। जो लोग मिलावट का कारोबार कर रहे हैं, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। राज्य सरकार हर नागरिक को शुद्ध और सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने दिए सख्त निर्देश
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा हमारी प्राथमिकता जनता का स्वास्थ्य है। सभी जिलों के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि जहां कहीं मिलावट की आशंका हो, वहां तत्काल छापेमारी करें। खाद्य सुरक्षा से जुड़ी कोई भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। हर जिले में अभियान लगातार जारी रहेगा।
जनता को मिल रहा सकारात्मक संदेश
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के आयुक्त डॉ. आर. राजेश कुमार ने बताया कि त्योहारी सीजन में विभाग ने सभी जिलों में निगरानी बढ़ा दी है। हमारी टीमें सीमांत क्षेत्रों और मंडियों में तैनात हैं ताकि अन्य राज्यों से आने वाले संदिग्ध खाद्य उत्पादों को सीमाओं पर ही रोका जा सके। अभियान का उद्देश्य केवल कार्रवाई नहीं बल्कि उपभोक्ताओं के प्रति जागरूकता भी है। जनता को भरोसा होना चाहिए कि सरकार उनके स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए पूरी तरह सतर्क है।
टीमें सुबह और देर रात तक सक्रिय रहेंगी
अपर आयुक्त ताजबर सिंह जग्गी ने कहा त्योहारी सीजन के दौरान दूध, मिठाई, पनीर, तेल, घी और मसालों की विशेष जांच की जा रही है। टीमें सुबह और देर रात तक सक्रिय रहेंगी। जहां से शिकायतें मिलेंगी, वहां तुरंत कार्रवाई होगी। इन सख्त कार्रवाइयों से उपभोक्ताओं में राहत और भरोसा दोनों बढ़ा है। सरकार का यह रुख साफ है राज्य की पहचान विकास, विश्वास और स्वच्छता से है, मिलावट और अस्वच्छता से नहीं।
विश्व मानसिक स्वास्थ्य सप्ताह के समापन पर एम्स में जन जागरूकता रैली आयोजित की गयी। इस दौरान प्रतिभागियों द्वारा रैली के माध्यम से मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने का संदेश दिया गया।
एम्स ऋषिकेश में पिछले एक सप्ताह से मनाये जा रहे विश्व मानसिक स्वास्थ्य सप्ताह के समापन पर जागरूकता के विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस दौरान मनोचिकित्सा विभाग, काॅलेज ऑफ नर्सिंग और आयुष विभाग के संयुक्त तत्वाधान में एक जन जागरूकता रैली भी निकाली गयी। रैली संस्थान परिसर के विभिन्न मार्गों से होती हुई मुख्य आडिटोरियम के निकट समाप्त हुई।
संस्थान की कार्यकारी निदेशक प्रो. मीनू सिंह के मार्गदर्शन में आयोजित इस रैली के समापन पर वक्ताओं ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता ही एक स्वस्थ और सशक्त समाज की आधार शिला है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रो. मीनू सिंह ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य के बिना शारीरिक स्वास्थ्य की कल्पना नहीं की जा सकती है।
उन्होंने कहा कि मानवीय आपदा की परिस्थितियों में मानसिक स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देना व्यक्ति के समग्र स्वास्थ्य संवर्धन के लिए अत्यंत आवश्यक है। मनोचिकित्सा विभाग के हेड डाॅ. अनिन्द्या दास ने सप्ताह भर आयोजित विभिन्न गतिविधियों का संक्षिप्त विवरण प्रस्तुत किया। रैली में नर्सिग छात्राओं और अन्य विभागीय स्टाफ द्वारा स्लोगन लिखी तख्तियों के साथ “मानसिक स्वास्थ्य-हर कदम साथ” का संदेश दिया गया।
इस अवसर पर डीन एकेडमिक प्रो. जया चतुर्वेदी, चिकित्सा अधीक्षक प्रो. सत्या श्री बलिजा, कॉलेज ऑफ नर्सिंग की प्रिंसिपल प्रो. (डॉ.) स्मृति अरोड़ा, सीएनओ डाॅ. अनिता रानी कंसल, मनोचिकित्सा विभाग के डॉ. विशाल धीमान, डॉ. जितेंद्र रोहिल्ला, प्रिया सिंह, डॉ. सचिन कुमार द्विवेदी, एसआर, जेआर, कॉलेज ऑफ नर्सिंग से डॉ. जेवियर बेल्सी सी, डॉ. राजेश कुमार, प्रियंका, मुकेश व अन्नपूर्णा आदि कई शामिल थे।
देहरादून:आज परेड ग्राउण्ंड से यातायात प्रबन्धन एवं टेªफिक जाम से निजात दिलाने के लिए जिला प्रशासन देहरादून द्वारा सखी सटल सेवा के 02 नए ईवी वाहन को मा0 विधायक खजानदास ने महापौर नगर निगम, जिलाधिकारी सविन बसंल एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह, मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह की उपस्थित में हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया।
यह वाहन परेडग्राउड ओटोमेटेड पार्किंग से 5 किमी के दायरे तक जनमानस को ड्राप करने की सुविधा उपलब्ध है जिससे वे अपने वाहन पार्किंग में पार्क कर सखी वाहन से निःशुल्क जा पाएंगे। इन वाहने के लिए जल्द ही शहर में 05 चिन्हित स्थानों पर स्टॉप बनाए जाएंगें। आटोमेटेड पार्किंग सहित सह वाहन भी महिला स्वयं सहायता समूह के अधीन रहेंगे।
वर्तमान में कृष्णा स्वंय सहायता समूह द्वारा पार्किंग का संचालन किया जा है। स्वयं सहायता समूह को अभी पार्किंग से धनराशि रू0 29120 प्रतिदिन आय हो रही है तथा यह निरंतर बढती जा रही है, तथा सखी वाहन लगने से इसकी आय और अधिक बढेगी।
जिला प्रशासन द्वारा ऑटोमेटेड पार्किंग सुविधा के अन्तर्गत ‘‘फ्री सखी कैब सुविधा’’ का भी शुभारंभ किया गया है, जिसके अन्तर्गत जिला प्रशासन द्वारा जिला ग्राम्य विकास अभिकरण, देहरादून को 02 ई०वी० नये वाहन (टाटा पंच) आंवटित किए गए है। ‘‘फ्री सखी कैब सुविधा’’ के द्वारा ऑटोमेटेड पार्किंग सुविधा में वाहन पार्क करने वाले वाहन स्वामियों को नजदीकी भीड-भाड़ व व्यस्ततम वाले स्थानों तक छोडने हेतु फ्री कैब सुविधा आज से उपलब्ध है। जिला प्रशासन द्वारा वाहनों के संचालन हेतु 02 ड्राईवर भी उपलब्ध करवाये गये है।
इस अवसर पर मा0 विधायक ने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा शहर में विभिन्न क्षेत्रों में अच्छा कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा शहर को जाम से निजात दिलाने की सोच से तैयार किए गए प्रोजेक्ट आटोमेटड पार्किंग की प्रशंसा की तथा कहा कि 02 सखी वाहन जनमानस को सुविधा दी है तथा जल्द ही 8 अन्य वाहन भी जल्द दिए जा रहे हैं उन्होंने धनराशि जनहित के कार्य धन का सदुपयोग करने शहर में होने वाले अच्छे कार्यों एवं नए प्रोजेक्ट के लिए जिलाधिकारी एवं समस्त जिला प्रशासन की टीम को धन्यवाद दिया।
जिलाधिकारी ने कहा कि मा0 मुख्यमंत्री जी के मार्गदर्शन में यह आटोमेटेड पार्किंग निर्मित की गई हैं तथा इनकी लागत निर्माण परम्परागत पार्किंग से 03 गुना सस्ता है तथा यह कम समय में निर्माण हो जाती है। पार्किंग का इस्तेमाल करने से बहुत हद तक जाम से निजात मिल पाएगा, इसके लिए जनमानस को प्रेरित करेगे।
सखी फ्री वाहन कैब का उद्देश्य जनमानस को सुविधा प्रदान करना है अभी 02 वाहन दिए गए हैं शीघ्र 6 नए वाहन दिए जाएंगे तथा इनका संचालन पीपीपी मोड पर किया जाएगा वाहन स्टॉप हेतु 05 स्थान चिन्हित किए गए हैं जिनमें परेडग्राउंड से पल्टन बाजार रूट पर परेडग्राउण्ड, गांधी पार्क, पल्टन बाजार, घंटाघर, राजपुर रोड रूट पर परेडग्राउंड, कांग्रेस भवन, क्रासरोड मॉल, होटल बाउलवर्ड, एस्लेहॉल ग्लोब चौक, परेडग्रांड से सचिवालय आदि शटल सेवा के स्टॉप चिन्हित किए गए हैं।
जिला प्रशासन देहरादून के शहर को जाम से निजात दिलाने तथा पार्किंग व्यवस्था में सुधार हेतु 3 नई आटोमेटेड पार्किंग निर्माण करवया गया है जिनमें परेडग्राउण्ड 111 वाहन क्षमता, तिब्बती मार्केट 132 तथा कोरोनेशन 18 वाहन क्षमता है। उक्त तीनों 261 वाहन क्षमता वाली पार्किंग जल्द ही मा0 मुख्यमंत्री द्वारा विधिवत् जनमानस को समर्पित की जाएगी।
वहीं अब फ्री सटल सेवा सुविधा उपरान्त घंटाघर, सुभाष रोड, गांधीपार्क, परेडग्राउण्ड आसपास 5 किमी के दायरे में फ्री कैब की सेवा दी जाएगी। फ्री कैब फैसिलिटी से सड़क पर वाहन पार्क करने वालो के विरूद्ध अभियान चलाकर वाहन सीज किए जाएंगे। प्रशासन एवं पुलिस द्वारा अनाधिकृत रूप से सड़क पर पार्क किए गए वाहनों पर अब कड़ी कार्यवाही की जाएगी। पिछले 1 माह से एक डेडिकेटेड क्रेन स्थापित की गई है।
वर्तमान में देहरादून शहर में लगातार बढ़ती वाहनों की भीड भाड और अपर्याप्त पार्किन सुविधाओं के दृष्टिर्गत जिला प्रशासन की अभिनव पहल पर परेड ग्राउण्ड के समीप, कोरोनेशन हॉस्पिटल, तिब्बती मार्केट में ऑटोमेटेड पार्किंग सुविधा का निर्माण किया गया है।
3 नई पार्किंग सुविधाओं में से परेड ग्राउण्ड के समीप निर्मित ऑटोमेटेड पार्किंग का संचालन वर्तमान में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एन०आर०एल०एम०) योजना के अन्तर्गत गठित कृष्णा स्वयं सहायता समूह, विकास खण्ड विकासनगर के द्वारा किया जा रहा है। साथ ही कोरोनेशन हॉस्पिटल एवं तिब्बती मार्केट में निर्माणाधीन ऑटोमेटेड पार्किंग सुविधा का संचालन जल्द से जल्द करने की प्राक्रिया गतिमान है।
जिला प्रशासन की इस अभिनव पहल से देहरादून शहर के भीड-भाड, व व्यस्ततम स्थानों पर आम जनमानस को उचित दरों पर अपने वाहनों को सुरक्षित व विश्वसनीय पार्किंग की सुविधा उपलब्ध हो पायी है, साथ ही कृष्णा स्वयं सहायता समूह को ऑटोमेटेड पार्किंग के आवंटन / संचालन से आजीविका सर्म्वद्वन का पर्याप्त अवसर प्राप्त हुआ है. व उसकी आर्थिकी में भी निरन्तर वृद्धि हो रही है व उक्त समूह की महिलायें लखपति दीदी बनने की ओर अग्रसर है। इस प्रकार के अभिनव पहल से जहाँ ग्रामीण परिवेश के स्वयं सहायता समूहों को आजीविका के नये-नये अवसर प्राप्त हो रहे है. वही शहर में पार्किंग हेतु पर्याप्त स्थान के बढ़ते बोझ को कम करने हेतु जिला प्रशासन का एक सकरात्मक कदम है। जो कि भविष्य की मांग व आवश्यकता के अनुरूप है।
इस अवसर पर मा0 महापौर नगर निगम देहरादून सौरभ थपलियाल, जिलाधिकारी सविन बसंल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह, मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, पुलिस अधीक्षक नगर प्रमोद कुमार, नगर मजिस्टेªट प्रत्युष सिंह, पुलिस अधीक्षक यातायात लोकजीत सिंह, निदेशक ग्राम्य विकास अभिकरण विक्रम सिंह, संभागीय परिवहन अधिकारी दीपक सैनी व अनिता चमोला, जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार सहित सम्बन्धित अधिकारी कार्मिक तथा कृष्णा महिला स्वयं सहायता के सदस्यगण उपस्थित रहे।
देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के दिशा-निर्देशों पर स्वास्थ्य सचिव एवं आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन डॉ. आर. राजेश कुमार के आदेशानुसार राज्यभर में औषधि विभाग द्वारा निम्न गुणवत्ता की औषधियों के विरुद्ध सघन औचक निरीक्षण अभियान संचालित किया जा रहा है। अभियान का नेतृत्व अपर आयुक्त (एफडीए) एवं ड्रग कंट्रोलर ताजबर सिंह जग्गी कर रहे हैं।
उनके निर्देशन में राज्य के सभी जिलों में औषधि निरीक्षकों की टीमें लगातार फील्ड पर सक्रिय हैं। अब तक 370 से अधिक सैंपल जांच हेतु संकलित किए जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि राज्यभर की औषधि निरीक्षक टीमें सक्रिय रूप से काम कर रही हैं और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
रामनगर, देहरादून व रुड़की में औचक छापेमारी
जनपद नैनीताल में 14 अक्टूबर 2025 को खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम द्वारा रामनगर के खताड़ी क्षेत्र में औचक निरीक्षण अभियान संचालित किया गया। बच्चों की सुरक्षा एवं कफ सिरप की गुणवत्ता को देखते हुए की गई इस कार्रवाई के दौरान गंभीर अनियमितताएं पाए जाने पर एक मेडिकल स्टोर को तत्काल प्रभाव से बंद कराया गया, जबकि दो मेडिकल स्टोरों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए एवं दो स्टोर मौके पर बंद पाए गए।
संयुक्त टीम ने एक क्लीनिक का भी निरीक्षण किया, जहां से पांच औषधीय नमूने जांच हेतु संकलित किए गए। सभी प्रतिष्ठानों को शासन के निर्देशों एवं औषधि अधिनियम के प्रावधानों का पूर्ण पालन सुनिश्चित करने के आदेश दिए गए हैं। इस निरीक्षण में श्रीमती मीनाक्षी बिष्ट (वरिष्ठ औषधि निरीक्षक, नैनीताल), श्री नीरज कुमार (वरिष्ठ औषधि निरीक्षक, ऊधमसिंहनगर), श्रीमती अर्चना (औषधि निरीक्षक, नैनीताल), श्रीमती निधि शर्मा एवं श्री शुभम कोटनाला (औषधि निरीक्षक, ऊधमसिंहनगर) सम्मिलित रहे।
सेलाकुई स्थित औषधि विनिर्माण इकाइयों का निरीक्षण
इसी क्रम में देहरादून में औषधि निरीक्षक श्री मानेंद्र सिंह राणा के नेतृत्व में टीम द्वारा दून मेडिकल कॉलेज के समीप स्थित मेडिकल स्टोर्स और थोक विक्रेता फर्मों का औचक निरीक्षण किया गया। जांच के दौरान बच्चों के लिए प्रयुक्त खांसी एवं सर्दी-जुकाम की दवाएं अलग कर भंडारित पाई गईं, जिनके विक्रय पर रोक लगाई गई थी। टीम ने मौके पर उक्त दवाओं को सील कर अग्रिम आदेशों तक विक्रय न किए जाने के निर्देश दिए। साथ ही सेलाकुई स्थित औषधि विनिर्माण इकाइयों का भी निरीक्षण किया गया, जहां से चार नमूने गुणवत्ता जांच हेतु संकलित किए गए।
सरकारी दवाओं का अवैध भंडारण व बिक्री
वहीं जनपद हरिद्वार के रुड़की क्षेत्र में औषधि निरीक्षक श्री हरीश सिंह एवं श्रीमती मेघा द्वारा गुप्त सूचना के आधार पर एम/एस फलख नाज़ (ग्राम सलीयर) में छापेमारी की गई। इस दौरान बिना लाइसेंस के सरकारी दवाओं का अवैध भंडारण व बिक्री करते हुए पाया गया। टीम ने मौके से 12 प्रकार की एलोपैथिक दवाएं जब्त कीं, जिनमें राजस्थान व मध्यप्रदेश सरकार की सप्लाई की गई औषधियां भी सम्मिलित थीं। सभी दवाएं मौके पर सील कर फार्म 17–17ए के अंतर्गत जांच हेतु नमूने लिए गए। आगे की कार्रवाई Drugs and Cosmetics Act, 1940 के अंतर्गत की जाएगी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने यह स्पष्ट किया है कि बच्चों की सुरक्षा और जनस्वास्थ्य सर्वोच्च प्राथमिकता है, तथा दो वर्ष से कम आयु के बच्चों को किसी भी स्थिति में प्रतिबंधित सिरप न दिए जाने के निर्देश जारी किए गए हैं।
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा विभाग की कार्रवाई सतत और प्रभावी रहेगी। बच्चों की सुरक्षा में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने जोड़ा औषधि निरीक्षण अभियान लगातार जारी रहेगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
अपर आयुक्त ताजबर सिंह जग्गी ने कहा कि विभाग द्वारा यह अभियान सतत जारी रहेगा। बच्चों के स्वास्थ्य व जनसुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। अनधिकृत बिक्री, भंडारण या मिलावट में लिप्त पाए जाने वालों पर कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। सरकार की प्राथमिकता स्पष्ट है नागरिकों, खासकर बच्चों को केवल सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण औषधियां ही मिलें।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि राज्य के सभी मनरेगा श्रमिकों को शीघ्रता पूर्वक भवन एवं सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के अंतर्गत आच्छादित किया जाए। उन्होंने कहा कि यह कार्य प्राथमिकता के आधार पर किया जाए और इसमें किसी प्रकार की शिथिलता या विलंब स्वीकार्य नहीं होगा।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि अगले तीन महीनों के भीतर कम से कम 5 से 6 लाख श्रमिकों को बोर्ड के अंतर्गत पंजीकृत किया जाए। उन्होंने कहा कि श्रमवीरों के कल्याण के लिए संचालित योजनाएँ तभी प्रभावी सिद्ध होंगी जब अधिकतम श्रमिक इन योजनाओं से सीधे तौर पर लाभान्वित होंगे।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि श्रम विभाग एवं बोर्ड के अधिकारियों का यह दायित्व है कि वे प्रत्येक श्रमिक तक पहुँच बनाएं और उन्हें सरकार द्वारा संचालित कल्याणकारी योजनाओं एवं सुविधाओं की पूरी जानकारी प्रदान करें। उन्होंने कहा कि कई बार जानकारी के अभाव में पात्र श्रमिक योजनाओं के लाभ से वंचित रह जाते हैं, जो किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट किया कि श्रमिकों के कल्याण से जुड़ी किसी भी योजना में लापरवाही या ढिलाई नहीं की जानी चाहिए। सभी अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि योजनाओं की जानकारी पंचायत स्तर तक पहुँचाई जाए और श्रमिकों के पंजीकरण की प्रक्रिया को अभियान रूप में चलाया जाए।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार श्रमवीरों के सामाजिक एवं आर्थिक उत्थान के लिए संकल्पबद्ध है। श्रमिकों की मेहनत और समर्पण ही राज्य की प्रगति की वास्तविक नींव है, और ऐसे में सरकार का दायित्व है कि उन्हें हर संभव सुरक्षा, सुविधा और सम्मान प्रदान किया जाए।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा –
“राज्य का विकास हमारे श्रमिक भाइयों-बहनों के परिश्रम पर आधारित है। उनके कल्याण में कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी। सभी मनरेगा श्रमिकों को कल्याण बोर्ड के अंतर्गत लाना हमारा लक्ष्य ही नहीं, यह सरकार की जिम्मेदारी है।”
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में कैंप कार्यालय मुख्यमंत्री आवास में उत्तराखण्ड भवन एवं सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड (UKBCWB) की बैठक आयोजित हुई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने बोर्ड में पंजीकृत निर्माण श्रमिकों एवं उनके आश्रितों के कल्याणार्थ ऑनलाइन पोर्टल एवं डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से लगभग 10,000 श्रमिकों एवं उनके परिजनों को कुल ₹11 करोड़ 50 लाख की आर्थिक सहायता राशि हस्तांतरित की।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यह केवल धनराशि हस्तांतरण का कार्यक्रम नहीं, बल्कि हमारे परिश्रमी श्रमवीरों के प्रति सम्मान एवं आभार प्रकट करने का एक अवसर है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार निरंतर प्रयास कर रही है कि श्रमिकों एवं उनके परिवारों को शिक्षा, स्वास्थ्य, विवाह सहायता, मृत्यु उपरांत सहायता जैसी योजनाओं का सीधा लाभ समयबद्ध और पारदर्शी रूप से प्राप्त हो सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे श्रमिक भाई-बहन राज्य की विकास यात्रा के सच्चे साथी हैं। उनके परिश्रम, त्याग और निष्ठा से ही उत्तराखण्ड का निर्माण संभव हुआ है। सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि प्रत्येक श्रमिक परिवार को उनकी मेहनत का पूरा सम्मान मिले और उनके बच्चों को एक बेहतर भविष्य प्रदान किया जा सके। उन्होंने कहा कि बोर्ड द्वारा संचालित सभी योजनाओं को अब डिजिटल माध्यमों से जोड़ा जा रहा है ताकि पात्र लाभार्थियों तक सहायता शीघ्रता से पहुँच सके।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे समय-समय पर श्रमिकों एवं उनके आश्रितों तक बोर्ड की सभी योजनाओं की जानकारी पहुँचाएँ। उन्होंने कहा कि प्रत्येक अधिकारी एवं कर्मचारी का दायित्व है कि वह श्रमिकों के बीच जाकर उन्हें नई योजनाओं के प्रति जागरूक करें और उन्हें आवेदन एवं लाभ प्राप्त करने की प्रक्रिया में सहयोग दें।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि श्रमिकों को भी अपने अधिकारों के प्रति सजग रहना चाहिए तथा समय-समय पर बोर्ड द्वारा संचालित कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी प्राप्त करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार श्रमवीरों के हर सुख-दुःख में सहभागी है। श्रम और मेहनत का सदैव सम्मान होना चाहिए, क्योंकि मेहनतकश व्यक्ति का भविष्य सदैव उज्जवल होता है।
मुख्यमंत्री ने कहा – “ मेहनत हमारी ताकत है, एकता हमारी पहचान है। राज्य सरकार हमारे परिश्रमी श्रमवीरों के हर सुख-दुःख की सहभागी है। उनका कल्याण ही हमारी सरकार का सर्वाेच्च लक्ष्य है।”
मुख्यमंत्री ने बोर्ड से जुड़े सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों से अपेक्षा की कि वे श्रमिकों के उत्थान हेतु हर संभव प्रयास करें और उनके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए समर्पण के साथ कार्य करें।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य के विभिन्न विभागों द्वारा जनहित एवं राजस्व वृद्धि के क्षेत्र में सराहनीय कार्य किया जा रहा है, जिनमें विशेष रूप से खनन विभाग ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। उन्होंने कहा कि राज्य के खनन राजस्व में हुई अप्रत्याशित बढ़ोतरी इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि सरकार की नवीन खनन नीति प्रभावी, पारदर्शी और सशक्त रूप से लागू की गई है।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि आज उत्तराखण्ड में खनन क्षेत्र में पारदर्शिता, जवाबदेही और सख्त निगरानी व्यवस्था के कारण कहीं भी लीकेज या अनियमितता की कोई संभावना नहीं रह गई है। उन्होंने कहा कि राज्य की यह नीति और कार्यप्रणाली अब अन्य राज्यों के लिए भी एक मॉडल बन चुकी है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर जैसे राज्यों के प्रतिनिधि अधिकारी भी उत्तराखण्ड आकर खनन क्षेत्र में लागू क्रियान्वित मॉडल का अध्ययन कर रहे हैं तथा यहाँ की नीतियों और व्यवस्थाओं को अपने-अपने राज्यों में लागू करने के प्रयास कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि खनन विभाग ने यह सिद्ध कर दिया है कि ईमानदार नीयत, स्पष्ट नीति और कठोर क्रियान्वयन से किसी भी क्षेत्र में उल्लेखनीय परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि अन्य विभागों, विशेषकर श्रम विभाग सहित सभी विभागों को खनन विभाग की कार्य संस्कृति, पारदर्शिता और अनुशासन से सीख लेते हुए अपने कार्यों को और अधिक प्रभावी ढंग से लागू करना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने विभागों में भी ऐसी ही दक्ष, पारदर्शी और परिणामोन्मुख व्यवस्था स्थापित करें जिससे जनता को योजनाओं का वास्तविक लाभ समय पर मिल सके और राज्य के राजस्व में सतत वृद्धि सुनिश्चित हो।
बैठक में सचिव श्रीधर बाबू अदांकी, अपर सचिव विनीत कुमार व श्रम विभाग एवं भवन एवं सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के अधिकारीगण उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य योजना के अन्तर्गत जनपद देहरादून के विधानसभा क्षेत्र मसूरी के अनारवाला मालसी मोटर मार्ग पर अतिक्रमण हटाने के पश्चात् उपलब्ध भूमि पर मार्ग पुर्ननिर्माण कार्य हेतु 3.19 करोड़, जनपद बागेश्वर के विधानसभा क्षेत्र बागेश्वर के गरखेत से तल्ला मेजुलिया तक मोटर मार्ग के निर्माण मार्ग निर्माण हेतु 1.01 करोड़, जनपद पौड़ी के विधानसभा क्षेत्र लैंसडाउन नैनीडांडा के अन्तर्गत कोटा से पिन्जोली तक मोटर मार्ग निर्माण हेतु 83.34 लाख की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है।
मुख्यमंत्री द्वारा इस वित्तीय वर्ष के लिए लोक निर्माण विभाग हेतु चालू निर्माण कार्य वृहद निर्माण मद में 155 करोड़ की स्वीकृति प्रदान की है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री द्वारा एस.सी.एस.पी. के अन्तर्गत विधानसभा क्षेत्र काशीपुर में ग्राम दोहरी वकील में आईआईएम के सामने नमो रेस्टोरेंट से बूटा सिंह आदि के घरों तक मार्ग निर्माण कार्य हेतु 50.16 लाख की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है। शासन द्वारा इन योजनाओं से सम्बन्धित शासनादेश भी निर्गत कर दिए गये हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को दून मेडिकल कॉलेज, पटेल नगर में 1456 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किये। इसमें लोक सेवा आयोग के माध्यम से चयनित 109 समीक्षा अधिकारी एवं सहायक समीक्षा अधिकारी और उत्तराखण्ड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के माध्यम से चयनित 1347 सहायक अध्यापक (एल.टी.) शामिल हैं।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने नियुक्ति पत्र प्राप्त करने वाले सभी अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए कहा कि यह अवसर नियुक्ति अभ्यर्थियों के जीवन का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है, साथ ही राज्य के उज्ज्वल भविष्य की नींव निर्धारण के लिए भी महत्वपूर्ण है।
उन्होंने नवनियुक्त युवाओं से अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी निष्ठा, पारदर्शिता और समर्पण की भावना के साथ करने की अपेक्षा करते हुए कहा कि अपने कार्य क्षेत्र में उत्कृष्टता के नए मानक स्थापित करेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी राज्य की शासन व्यवस्था का सबसे महत्वपूर्ण आधार उसका प्रशासनिक तंत्र होता है। सचिवालय को राज्य की शासन व्यवस्था का मस्तिष्क कह सकते हैं, क्योंकि यहीं पर नीतियां बनती हैं, निर्णय लिए जाते हैं और विकास परियोजनाओं को धरातल पर उतारने का खाका तैयार किया जाता है। इस पूरी व्यवस्था को प्रभावी बनाने में समीक्षा अधिकारियों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब एक बच्चे को अच्छी शिक्षा मिलती है, तो वह अपने जीवन को बेहतर बनाने के साथ समाज और देश के लिए भी अमूल्य योगदान देता है। शिक्षक के कर्तव्य है कि वे बच्चों को अच्छी शिक्षा देने के साथ ही उनके भीतर समाज और देश के प्रति जिम्मेदारी की भावना का भी संचार करें, जिससे वे अच्छे नागरिक बन सकें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। राज्य में विद्यालयों के इन्फ्रास्ट्रक्चर से लेकर डिजिटलाइजेशन तक, प्रत्येक स्तर पर व्यापक सुधार लाने के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। प्रदेश में भर्ती की प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले चार सालों में राज्य में 26 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी में सेवायोजित किया जा चुका है। यह संख्या राज्य के गठन के पश्चात् से पूर्ववर्ती सरकारों के कार्यकाल में मिली कुल नौकरियों से दो गुना से भी अधिक हैं। आज हमारे युवा पारदर्शी व्यवस्था और मेरिट के आधार पर सरकारी नौकरियों में अवसर पा रहे हैं।
हाल ही में हरिद्वार के एक परीक्षा सेंटर पर एक व्यक्ति द्वारा नकल का एक प्रकरण सामने आया था। सरकार ने तुरंत एक्शन लेते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया और मामले की जांच के एसआईटी का गठन किया। युवाओं के हितों की रक्षा के लिए और युवाओं की मांग पर सीबीआई जांच की संस्तुति प्रदान कर पेपर को निरस्त करने का भी निर्णय लिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने स्वयं युवाओं के पास धरनास्थल पर जाकर उनकी सभी न्यायोचित मांगों को मानने का आश्वासन दिया।
शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा शिक्षा विभाग में नियुक्तियों का सिलसिला लगातार जारी रहेगा जल्द ही बीआरपी, सीआरपी, बेसिक अध्यापकों और चतुर्थ श्रेणी में नियुक्तियां प्रदान की जायेगी। उन्होंने नियुक्ति प्राप्त करने वाले सभी अध्यापकों से कहा कि सबको दुर्गम क्षेत्रों में नियुक्ति प्रदान की जा रही है। कुछ साल सभी को अनिवार्य रूप से दुर्गम क्षेत्रों में सेवाएं देनी है।
इस अवसर पर राज्यसभा सांसद एवं भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, विधायक विनोद चमोली, सचिव रविनाथ रमन, दीपेन्द्र चौधरी एवं शिक्षा विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।
हल्द्वानी शहर के आम नागरिकों के लिए मंगलवार का दिन नई राहत लेकर आया, जब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हल्द्वानी सिटी बस सेवा का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने सर्किट हाउस परिसर से हरी झंडी दिखाकर बसों को रवाना किया।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि सिटी बस सेवा का शुभारंभ शहर के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस सेवा से नागरिकों को सस्ती, सुलभ और सुरक्षित परिवहन सुविधा मिलेगी। उन्होंने कहा कि इस पहल से शहर के यातायात दबाव में कमी आएगी, प्रदूषण घटेगा और ऊर्जा संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य उत्तराखंड के प्रत्येक नगर में आधुनिक, पर्यावरण अनुकूल और सुरक्षित परिवहन व्यवस्था विकसित करना है, ताकि आम जन को बेहतर आवागमन सुविधा उपलब्ध हो सके।
परिवहन विभाग के अधिकारियों ने जानकारी दी कि सिटी बस सेवा को चरणबद्ध तरीके से शहर के प्रमुख मार्गों पर प्रारंभ किया जाएगा, जिससे स्थानीय नागरिकों, विद्यार्थियों तथा नौकरीपेशा लोगों को अधिक सुविधा मिलेगी।
इस अवसर पर विधायक बंशीधर भगत (कालाढूंगी), राम सिंह कैड़ा (भीमताल), भाजपा जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत, आईजी श्रीमती रिद्धिम अग्रवाल, मुख्य विकास अधिकारी सुश्री अनामिका सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।