Category: उत्तराखंड

  • खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने मिलावटखोरी पर लगाम कसने के उद्देश्य से सघन निरीक्षण अभियान चलाया

    खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने मिलावटखोरी पर लगाम कसने के उद्देश्य से सघन निरीक्षण अभियान चलाया

    उत्तरकाशी: जिलाधिकारी प्रशांत आर्य के निर्देश पर दीपावली पर्व को ध्यान में रखते हुए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने मिलावटखोरी पर लगाम कसने के उद्देश्य से सघन निरीक्षण अभियान चलाया। विभाग की टीम ने गंगौरी बाजार से लेकर भटवाड़ी बाजार तक विभिन्न खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया।

    जानकारी देते हुए सहायक आयुक्त खाद्य संरक्षा अश्वनी सिंह ने बताया कि त्योहारी सीजन को देखते हुए आज टीम द्वारा जनरल स्टोर,मिठाई की दुकानें और अन्य खाद्य विक्रेता दुकानों का निरीक्षण किया गया। टीम ने कुल पाँच खाद्य पदार्थों के नमूने एकत्रित किए। जिसमें दो नमूने घी के, एक मिठाई का,एक माउथ फ्रेशनर का और एक लड्डू का नमूना लिया गया। तथा सभी नमूनों को परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है।

    सहायक आयुक्त ने बताया कि अभियान के दौरान दो खाद्य विक्रेताओं को एक्सपायरी तिथि के खाद्य पदार्थ बेचते हुए पकड़ा गया। दोनों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम की धारा 58 के अंतर्गत चालान किया गया है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने कहा कि दीपावली पर्व पर आम जनता को शुद्ध एवं सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना प्राथमिकता है। विभाग द्वारा यह अभियान आगामी दिनों में भी निरंतर जारी रहेगा।

  • डीएम टिहरी ने जनता दरबार में सुनी फरियादियों की समस्याएं

    डीएम टिहरी ने जनता दरबार में सुनी फरियादियों की समस्याएं

    जनपद मुख्यालय नई टिहरी में प्रत्येक सोमवार को जिलाधिकारी द्वारा जनता दरबार कार्यक्रम के माध्यम से लोगों की समस्याओं एवं शिकायतों को सुना जाता है।

    इसी क्रम में आज जिलाधिकारी टिहरी गढ़वाल नितिका खण्डेलवाल ने जनता दरबार में दर्ज विभिन्न विभागों से संबंधित 50 आवेदनों के माध्यम से लोगों की समस्याओं एवं शिकायतों सुना। जिलाधिकारी ने सभी शिकायतों को ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड करने तथा सभी अधिकारियों को समयान्तर्गत शिकायतों को निस्तारित करने को कहा।

    जिलाधिकारी ने कतिपय अधिकारियों के जनता दरबार में न पहुंचने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए सभी अधिकारियों को अनिवार्य रूप से जनता दरबार कार्यक्रम में उपस्थित होने हेतु कार्यालय आदेश निर्गत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अगर भविष्य में कोई भी अधिकारी बिना अनुमति के अनुपस्थित पाया जाता है तो वेतन रखने के साथ ही अनुशासनात्मक कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।

    इस मौके पर जिलाधिकारी ने सीएम हेल्पलाइन में दर्ज लंबित शिकायतों को।लेकर भी संबंधित अधिकारियों के साथ समीक्षा कर शीघ्र निस्तारित करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही जिलाधिकारी ने विरासतन के कार्यों को समय से करने एवं आपदा प्रभावित ग्राम पनेथ के शिफ्टिंग प्रस्ताव रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश सम्बन्धित अधिकारियों को दिए।

    जनता दरबार में गम्भीर सिंह ग्राम चामासारी द्वारा अवगत कराया कि उनके द्वारा धनोल्टी पार्किंग किराये पर ले रखी थी, जिसका तीन लाख, पचास हजार जमा किया गया है जबकि एक लाख पचास हजार और जमा किया जाना है किन्तु यात्रा सीजन बरसात के कारण धीमा रहा शेष राशि माफ करने की मांग की गई, जिस पर जिलाधिकारी द्वारा एसडीएम धनोल्टी को आवश्यक कार्यवाही करने निर्देश दिए गए। ग्राम-डोबरा, पटटी सारजूला निवासी राकेश चमोली द्वारा अवगत कराया कि उनकी पैतृक जमीन का अधिग्रहित भुगतान सहखातेदारों को टीएचीसी द्वारा कर दिया है तथा भुगतान उन्हें करवाने की मांग पर प्रभारी अधिकारी पुनर्वास को प्रकरण की जांचकर नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए।

    शेर सिंह बिष्ट ग्राम-थापला तहसील घनसाली द्वारा फिल्खी -द्वारी मार्ग पर भू धसांव से आवागमन में कठिनाईयां होने की शिकायत पर पीएमजीएसवाई को जांच कर आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए।
    सदस्य क्षेत्र पंचायत दिखोलगांव (मनियार) राविन्द्र सिंह रावत द्वारा ग्राम पंचायत में स्थित खेल मैदान की बाउंड्री, जाली व लाईट लगाये जाने की मांग की गयी जिस सम्बन्धित विभागों को आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए।

    इस मौके पर आईएसए प्रशिक्षु स्नेहिल कुंवर सिंह, एडीएम ए.के. सिंह, एसडीएम संदीप कुमार सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी भौतिक एवं वर्चुअल माध्यम से उपस्थित रहे।

  • सीमांत क्षेत्र कथियान के 15 गांवों की नेटवर्क समस्या जल्द होगी दूर, डीएम के निर्देश, मोबाइल टावर लगाने की कवायद शुरू

    सीमांत क्षेत्र कथियान के 15 गांवों की नेटवर्क समस्या जल्द होगी दूर, डीएम के निर्देश, मोबाइल टावर लगाने की कवायद शुरू

    देहरादून: जिलाधिकारी सविन बसंल ने सोमवार को ऋषिपर्णा सभागार में जनता दर्शन कार्यक्रम में जन समस्याएं सुनी। दूर दराज से पंहुचे लोगों ने भूमि विवाद, घरेलू हिंसा, निजी भूमि पर कब्जा, बाढ सुरक्षा, दैवीय आपदा में क्षतिपूर्ति, आर्थिक सहायता, मुआवजा आदि से जु़ड़ी 151 शिकायतें रखी। जिनमें से अधिकतर शिकायतों का जिलाधिकारी ने मौके पर ही निस्तारण किया गया। जिलाधिकारी ने विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि जन समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए उच्च प्राथमिकता पर उनका समाधान करना सुनिश्चित करें।

    जिला प्रशासन की मदद से अपनी भूमि पर कब्जा पाने तथा भूमि सीमांकन होने पर 75 वर्षीय बुजुर्ग राकेश तलवाड़ ने जनता दरबार में पहुंच कर प्रसन्न मन से डीएम को आर्शीवाद दिया। उन्होंने कहा कि उनकी एवं नगर निगम की भूमि के बीच सीमांकन को कार्यालयों के दो सालों से चक्कर काट रहे थे, जिलाधिकारी के संज्ञान में मामला आने पर निस्तारण हुआ है। वहीं एग्रीमेंट समाप्त होने और किराया डिफाल्टर होने के बाद भी कंपनी निजी भूमि से मोबाईल टावर नही हटाने पर व्यथित बुजुर्ग सुशीला देवी की गुहार पर डीएम ने मौके पर ही टावर सीज कराने के आदेश जारी किए। अपनी मां, परिजन, समस्त मौहल्ले वालों का जीना दूभर करने वाले दिव्यकांत लखेडा के विरूद्ध गुंडा एक्ट संस्थित करते हुए डीएम ने फास्ट्रेक सुनवाई में वाद दर्ज करवाया। मौहल्ले वासियों संग स्वयं पीडित मां डीएम दरबार पहुंची। गुडा एक्ट में दोषी पाए जाने पर उनका जिला बदर तय है।

    बुड्डी गांव निवासी बाबूलाल ने जिलाधिकारी से गुहार लगाई उनको 2017 में वृद्वावस्था पेंशन पट्टा स्वीकृत निरंतर पेंशन मिलती थी फरवरी के बाद वृद्वावस्था पेंशन नही मिली, जिस पर जिलाधिकारी ने समाज कल्याण विभाग को एरियर सहित पेंशन का भुगतान के निर्देश दिए। बुजुर्ग बाबूलाल की पेेंशन आधार सीडिंग न होने के कारण भुगतान नही हो पाई थी जिस पर समाज कल्याण विभाग द्वारा बुजुर्ग की आधार सीडिंग कराई जा रही है।

    अधोईवाला निवासी सुशीला देवी ने गुहार लगाई की उनके घर पर वर्ष 2007 से मोबाईल टावर लगा है जिसका अनुबन्ध समाप्त हो गया है तथा 2017 से किराया भी नही दिया जा रहा है उन्होंने गुहार लगाई कि उनकी सम्पत्ति से मोबाईल टावर को सील करते हुए अग्रिम कार्यवाही के निर्देश दिए। उद्योग से सम्बन्धी मामला आया जिलाधिकारी ने जीएमडीआईसी को बुलाया किन्तु उपस्थित नही हुए न ही कार्यालय द्वारा किया गया फोन उठाया जिस जिस पर जीएमडीआईसी का 01 दिन वेतन रोकने के निर्देश दिए।

    ऋषिविहार माजरीमाफी निवासियों ने डीएम से गुहार लगाई की मौहल्ले में एक व्यक्ति द्वारा उपद्रव गाली गलौज, महिलाओं पर अभद्र टिप्पणी की जाती है तथा वह व्यक्ति आदतन शातिर अपराधी है तथा जेल भी जा चुका है। आपराधिक प्रकृति का व्यक्ति है जिससे महिलाओं, बुजुर्गों, बच्चों की सुरक्षा को खतरा है जिस पर जिलाधिकारी ने गुंडा एक्त में मामला दर्ज करते हुए फास्ट ट्रेक सुनवाई के निर्देश दिए।

    जिलाधिकारी कार्यालय हेल्प डेस्क में निरंतर आनलाईन एफआईआर के दर्ज करने के प्रकरण आ रहे आज भी 06 प्रकरण आए जिनमें कैनाल रोड जाखन निवासी ने गुहार लगाई की उनके परिजनों द्वारा मारपीट कर प्रताड़ित किया जाता है, राजेन्द्र सिंह निवासी बंजारावाला, बालकराम शेरपुर आदि अपनी गुहार लेकर आए कि उनके मुकदतें दर्ज नही हो रहे जिस पर जिलाधिकारी हेल्पडेस्क के माध्यम आनलाईन मुकदमा दर्ज कराने के निर्देश दिए।

    जिले के सीमांत कथियान क्षेत्र के करीब 15 गांवों में नेटवर्क की समस्या पर जिलाधिकारी ने अपर जिलाधिकारी को बीएसएनएल टावर स्थापित करने हेतु प्राथमिकता पर कार्रवाई इसका प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। वहीं अधोईवाला निवासी सुशीला देवी ने अपनी निजी भूमि स्थापित रिलायंस मोबाइल टावर का 2017 में अनुबंध समाप्त होने, तब से उन्हें कोई किराया भुगतान न करने और जीर्णशीर्ण टावर से आवासीय भवनों को खतरा होने पर टावर हटाने की गुहार लगाई। जिस पर जिलाधिकारी ने एडीएम को तत्काल कार्रवाई करते हुए टावर हटाने के निर्देश दिए।

    बीमार रीतू के परिजनों ने डीएम से आर्थिक सहायता की गुहार लगाते हुए कहा कि रीतू की दोनों किडनी खराब है, उसके उपचार के लिए खर्च नहीं है। इस पर डीएम ने सीएमओ को बीमार रीतू को तत्काल कोरोनेशन में भर्ती कर निःशुल्क इलाज कराने के निर्देश दिए। वही फेफड़ों के कैंसर से पीड़ित हाथीबडकला निवासी सुनील ने इलाज के लिए आर्थिक सहायता मांगी। शास्त्री नगर निवासी गंगोत्री गुप्ता ने पति के निधन के बाद अपने पारिवारिक स्थिति का हवाला देते हुए आर्थिक सहायता की गुहार लगाई। वहीं प्रताप सिंह ने अपनी पोती की पढ़ाई जारी रखने के आर्थिक सहायता मांगी। अकेले जीवन यापन कर रहे 83 वर्षीय बुजुर्ग मुन्ना लाल ने अपने भरण पोषण के लिए आर्थिक सहायता की गुहार लगाई। जिलाधिकारी ने इन चारों मामलों की जांच कर आर्थिक सहायता हेतु तत्काल रायफल क्लब में प्रस्ताव उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

    असहाय 62 वर्षीय बुजुर्ग महिला डेन्डो देवी ने आधार कार्ड न बनने से सरकारी योजनाओं का लाभ न मिलने की समस्या रखी। बताया कि उसकी उम्र के कारण आंखों और अंगुलियों का बायोमेट्रिक मिलान न होने से आधार नामांकन अस्वीकृत हो रहा है। जिस पर डीएम ने ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर को प्राथमिकता पर समस्या का समाधान कर बुजुर्ग महिला का तत्काल आधार कार्ड बनवाने के निर्देश जारी किए।

    खुडबुडा निवासी 84 वर्षीय बुजुर्ग ने अपने व्यथा सुनाते हुए अपने दोनों बेटों पर उनकी संपत्ति हड़पने के बाद दुर्व्यवहार करने और जीवन यापन के लिए खर्च न देने की बात पर जिलाधिकारी ने एसडीएम को भरण पोषण में वाद दायर करते हुए प्राथमिकता पर निस्तारित करने के निर्देश दिए। वहीं 68 वर्षीय बुजुर्ग अशोक धवन ने अपने पुत्र पर भरण पोषण के लिए एसडीएम कोर्ट से पारित आदेश के बाद भी खर्चा न दिए जाने की शिकायत की। जिस पर डीएम ने सीओ सिटी को कोर्ट के आदेशों का अनुपालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। दो बच्चों के साथ जनता दरबार पहुंची हरप्रीत कौर ने अपने पति पर प्रताड़ित करने और बच्चों को जान से मारने का धमकी दिए जाने की शिकायत पर डीएम ने उत्पीड़न मामले में वाद दायर करने के निर्देश दिए।

    कावली रोड स्थित शिव कॉलोनी में दैवीय आपदा से क्षतिग्रस्त मकान का आर्थिक अनुदान की मांग पर तहसीलदार को एसडीआरएफ मानकों के अनुसार जांच कर सहायता राशि का वितरण करने के निर्देश दिए। प्रा.वि. भटाड संकुल केंद्र के सीआरसी भवन दैवीय आपदा में क्षतिग्रस्त होने से शैक्षिक कार्याे में हो रही परेशानी पर शिक्षा अधिकारी को जांच कर रिपोर्ट उपलब्ध कराने को कहा। वही एलोपैथिक चिकित्सालय भटाड में 2016 से अभी तक डाक्टर व फार्मासिस्ट की तैनाती न होने की शिकायत पर सीएमओ को रिपोर्ट देने को कहा। लाखमंडल में पाण्डवकालीन पारदर्शी शिवलिंग के पीछे क्षतिग्रस्त सुरक्षा दीवार निर्माण हेतु एसडीएम चकराता को शीघ्र कार्रवाई के निर्देश दिए। ग्राम पंचायत सिधवालगांव के सैबूवाला में दैवीय आपदा से क्षतिग्रस्त परिसंपत्तियों का आंकलन न होने की शिकायत पर तहसीलदार को मौका मुआयाना कर एसडीआरएफ मानक के अनुसार शीघ्र अनुदान सहायता वितरण करने के निर्देश दिए।

    चकराता के ग्राम कुन्ना में आवासीय छानी के नीचे रोड़ की सुरक्षा दीवार क्षतिग्रस्त होने पर लोनिवि चकराता को सुरक्षा दीवार निर्माण कराने के निर्देश दिए। विकासखंड चकराता के अंतर्गत क्षतिग्रस्त ग्राम पिंगवा लिंक रोड की मरम्मत को लेकर लोनिवि को शीघ्र मार्ग ठीक कराने को कहा।

    देहरादून से जौली होते हुए थानों तक परिवहन निगम की बसों संचालन बंद होने से ग्रामीणों का यातायात मे हो रही असुविधा की शिकायत पर डीएम ने ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन के महानिदेशक को पुनः परिवहन निगम की बसों का संचालन करने हेतु आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। कारगी चौक के पास एनएच-7 पर अवैध निर्माण की शिकायत एमडीडीए को त्वरित एक्शन लेने को कहा। हरिपुर नवादा में सरकारी जमीन पर अतिक्रमण की शिकायत पर एसडीएम को तत्काल कार्रवाई करने को कहा।

    इस दौरान पीडित लोगों ने भूमि का सीमांकन, रजिस्ट्री, अवैध कब्जा हटवाने से जुड़ी तमाम शिकायतें और समस्याएं जिलाधिकारी के समक्ष रखी। जनता दरबार में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, अपर जिलाधिकारी (एफआर) केके मिश्रा, एसडीमए स्मृता परमार, एसडीएम कुमकुम जोशी, एसडीमए विनोद कुमार, उप नगर आयुक्त संतोष कुमार पांडेय, डीडीओ सुनील कुमार, तहसीलदार सुरेन्द्र सिंह, विवेक राजौरी, जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट सहित विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद थे।

  • मुख्यमंत्री धामी ने सर्किट हाउस, हल्द्वानी में जनता से मुलाकात कर सुनी जनसमस्याएं

    मुख्यमंत्री धामी ने सर्किट हाउस, हल्द्वानी में जनता से मुलाकात कर सुनी जनसमस्याएं

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का सोमवार को हल्द्वानी आगमन पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों और नागरिकों ने गर्मजोशी से स्वागत किया। सर्किट हाउस, हल्द्वानी पहुंचने पर आयुक्त कुमाऊँ श्री दीपक रावत एवं पुलिस उपमहानिरीक्षक (आई.जी.) कुमाऊँ श्रीमती रिद्धिमा अग्रवाल ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया।

    मुख्यमंत्री धामी ने इसके उपरांत सर्किट हाउस के सभागार में जनता से सीधे संवाद स्थापित किया और उनकी समस्याएं, शिकायतें एवं सुझाव सुने। विभिन्न क्षेत्रों से आए प्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, व्यापारी संगठनों, महिला समूहों, युवाओं, किसानों एवं आम नागरिकों ने अपने-अपने क्षेत्रों की जनसमस्याओं से मुख्यमंत्री को अवगत कराया।

    जनसुनवाई के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार जनभावनाओं के अनुरूप कार्य कर रही है और सरकार का उद्देश्य जनता की हर समस्या का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनसुनवाई में प्राप्त प्रत्येक प्रकरण का गंभीरता से संज्ञान लेकर त्वरित निस्तारण करें।

    मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि शासन की सभी जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक बिना किसी भेदभाव के पहुँचे, यह सुनिश्चित करना सभी अधिकारियों की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि जनता की समस्याओं का समाधान करना ही सरकार की प्राथमिकता है। प्रशासनिक तंत्र को आम नागरिकों की सुविधा के अनुरूप और अधिक संवेदनशील एवं जवाबदेह बनना होगा।

    मुख्यमंत्री श्री धामी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विकास कार्यों की गति को और तेज किया जाए, लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण किया जाए और जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप शासन की योजनाओं को धरातल पर उतारा जाए। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य पारदर्शी शासन व्यवस्था स्थापित करना है, जिसमें आमजन को प्रशासन के पास बार-बार भटकना न पड़े।

    मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कुछ शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण करने हेतु संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देश भी जारी किए। उन्होंने उपस्थित जनता से कहा कि राज्य सरकार हर नागरिक के साथ खड़ी है और शासन जनता के द्वार तक पहुँचाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है।

    उन्होंने कहा कि “डबल इंजन की सरकार” का संकल्प उत्तराखण्ड को अग्रणी राज्य बनाने का है, और इसके लिए प्रत्येक स्तर पर जनसहभागिता आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि जनता से सीधा संवाद राज्य सरकार की पारदर्शी एवं संवेदनशील कार्यप्रणाली का प्रतीक है।

    इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती दीपा दरमवाल, विधायक कालाढूंगी श्री बंशीधर भगत, विधायक लालकुआं डॉ. मोहन सिंह बिष्ट, विधायक भीमताल श्री रामसिंह कैड़ा, विधायक रामनगर श्री दीवान सिंह बिष्ट, भाजपा जिला अध्यक्ष श्री प्रताप बिष्ट, राज्य सरकार में विभिन्न दायित्वधारी, आयुक्त कुमाऊँ श्री दीपक रावत, आईजी श्रीमती रिद्धिमा अग्रवाल, प्रभारी जिलाधिकारी श्रीमती अनामिका सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।

    मुख्यमंत्री श्री धामी के आगमन से हल्द्वानी में जनसामान्य में उत्साह का वातावरण रहा। नागरिकों ने मुख्यमंत्री के जनसंपर्क कार्यक्रम को जनता के प्रति उनकी संवेदनशीलता और जनहित के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का प्रतीक बताया।

  • मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हल्द्वानी में की सोशल मीडिया पदाधिकारियों के साथ बैठक

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हल्द्वानी में की सोशल मीडिया पदाधिकारियों के साथ बैठक

    हल्द्वानी: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सोमवार को हल्द्वानी पहुंचे, जहां उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के सोशल मीडिया प्रभारी और संगठन पदाधिकारियों के साथ समन्वय बैठक की। बैठक में मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए “स्वदेशी अपनाओ अभियान” को अधिक प्रभावी बनाने के लिए सोशल मीडिया टीम को सक्रिय रूप से जनता से जुड़ने का आह्वान किया।

    मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी ने जीएसटी दरों में कमी कर स्वदेशी उत्पादों को प्रोत्साहन देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने कहा कि राज्य में भी इस अभियान को व्यापक स्तर पर फैलाने के लिए लगातार जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।

    बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया टीम से कहा कि वे डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से स्वदेशी उत्पादों के उपयोग को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभाएं, ताकि “हर घर स्वदेशी, घर-घर स्वदेशी” का संदेश आम जनता तक पहुंच सके।

    मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि इस वर्ष राज्य में चारधाम यात्रा ऐतिहासिक और व्यवस्थित रही। उन्होंने बताया कि यात्रियों की सुविधा के लिए केंद्र सरकार की मदद से नई हेलीकॉप्टर सेवा नीति (SOP) तैयार की गई है, जिससे हवाई सेवाओं को राज्य के दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंचाया जा सकेगा।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार आमजन की सुविधा और विकास के लिए हर संभव कदम उठा रही है और “विकसित उत्तराखंड” के लक्ष्य की ओर तेजी से अग्रसर है।

  • मुख्यमंत्री धामी से उत्तराखंड बेरोजगार संघ के प्रतिनिधियों ने की भेंट

    मुख्यमंत्री धामी से उत्तराखंड बेरोजगार संघ के प्रतिनिधियों ने की भेंट

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से आज मुख्यमंत्री आवास में उत्तराखंड बेरोजगार संघ व तकनीकी डिप्लोमा प्राप्त छात्रों के प्रतिनिधिमंडल ने भेंट की। इस अवसर पर प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया कि राज्य सरकार ने युवाओं की भावनाओं का सम्मान करते हुए परीक्षा प्रक्रिया में अनियमितताओं की शिकायतों पर गंभीरता से संज्ञान लिया और संबंधित परीक्षा को निरस्त करने का निर्णय लिया।

    संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि सरकार द्वारा परीक्षा की पारदर्शिता एवं निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए उठाए गए कदम युवाओं में विश्वास और आशा का संचार करते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने जिस तत्परता और संवेदनशीलता के साथ इस मुद्दे पर कार्रवाई की, वह युवाओं के हित में एक ऐतिहासिक निर्णय है।

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रतिनिधियों को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार योग्यता और पारदर्शिता पर आधारित भर्ती प्रक्रिया के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सरकार का स्पष्ट संदेश है कि उत्तराखंड में किसी भी भर्ती परीक्षा में भ्रष्टाचार, नकल या अनुचित साधनों के लिए शून्य सहनशीलता (Zero Tolerance) की नीति अपनाई जाएगी।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं की मेहनत और प्रतिभा के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने नकल विरोधी कानून लागू कर परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में सशक्त कदम उठाया है। इस कानून के लागू होने से अब कोई भी व्यक्ति या संगठन परीक्षा प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास करेगा तो उसके विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार लगातार इस दिशा में कार्य कर रही है कि हर पात्र युवक-युवती को निष्पक्ष अवसर मिले और राज्य के सभी प्रतियोगी परीक्षाओं में पूर्ण पारदर्शिता और विश्वास का माहौल स्थापित हो। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के युवाओं की मेहनत, लगन और ईमानदारी ही राज्य के भविष्य की सबसे बड़ी पूंजी है, और सरकार उनके हितों की रक्षा के लिए हमेशा तत्पर है।

    संघ के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया कि भविष्य की परीक्षाओं में नकल-रोधी प्रावधानों को और अधिक सुदृढ़ किया जाए तथा भर्ती प्रक्रिया को समयबद्ध रूप से संचालित किया जाए। मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधियों के सुझावों की सराहना करते हुए कहा कि पारदर्शी भर्ती ही सुशासन की पहचान है, और राज्य सरकार इसी दिशा में निरंतर कार्य कर रही है।

    इस अवसर पर बेरोजगार संघ के अध्यक्ष राम कंडवाल सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।

  • एम्स ऋषिकेश में ट्रॉमा रथ के साथ विश्व आघात सप्ताह का आगाज़

    एम्स ऋषिकेश में ट्रॉमा रथ के साथ विश्व आघात सप्ताह का आगाज़

    अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ऋषिकेश में विश्व आघात सप्ताह विधिवत शुरू हो गया। इस अवसर पर एम्स की निदेशक प्रोफेसर (डॉ.) मीनू सिंह जी ने ट्रॉमा सेंटर के विभागाध्यक्ष प्रो. (डॉ) कमर आजम एवं डॉ. मधुर उनियाल जी के संचालन में ट्रॉमा रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया ।
    गौरतलब है कि उत्तराखंड प्रदेश की भौगोलिक स्थिति के मद्देनजर आए दिन बढ़ रही आपदाएं और सड़क दुर्घटनाओं से बचाव प्रशिक्षण हेतु
    विश्व आघात सप्ताह प्रतिवर्ष 11 से 17 अक्टूबर तक मनाया जाता है। इसके अंतर्गत लोगों को सड़क दुर्घटनाओं एवं आपात स्थितियों में त्वरित ट्रॉमा प्रबंधन, प्राथमिक उपचार और जीवनरक्षा की जानकारी दी जाती है ।

    बताया गया है कि ट्रॉमा रथ एम्स की ट्रॉमा टीम के साथ विभिन्न विद्यालयों, कॉलेजों, अस्पतालों और अन्य विभागों में पहुंचेगा,वहां टीम आमजन को यह प्रशिक्षण देगी कि ट्रॉमा की स्थिति में तत्काल क्या कदम उठाने चाहिए और कैसे समय रहते किसी दुर्घटना ग्रसित व्यक्ति की जान बचाई जा सकती है।

    कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में आघात प्रबंधन के प्रति जागरूकता बढ़ाना और दुर्घटनाओं में होने वाली मृत्यु दर को कम करना है।
    इस अवसर पर एम्स की संकायाध्यक्ष अकादमिक प्रो. (डॉ.) जया चतुर्वेदी , एवं चिकित्सा अधीक्षक प्रो. (डॉ.) बी. सत्या श्री, ट्रॉमा सर्जरी एवं क्रिटिकल केयर डिपार्टमेंट की फैकल्टी सदस्य डॉ. नीरज कुमार, डॉ. रूबी कटारिया , रिसर्च कंसल्टेंट डॉ. शांतम पोखरियाल , डॉ. आदित्य चौधरी , वरिष्ठ नर्सिंग अधिकारी अखिलेश उनियाल, दीपिका कांडपाल , दिनेश लुहार , गौरव शर्मा , जितेंद्र वर्मा , नर्सिंग ऑफिसर शशिकांत , वनेपाल ,मेघा भट्ट , अनामिका,शीला , सिक्योरिटी स्टाफ एवं अन्य स्टाफ उपस्थित थे ।

  • रुद्रप्रयाग में मिलेट मिशन को मिला बल-  मंडुवा (रागी) का MSP ₹48.86/किलो, 2500 क्विंटल खरीद का लक्ष्य

    रुद्रप्रयाग में मिलेट मिशन को मिला बल- मंडुवा (रागी) का MSP ₹48.86/किलो, 2500 क्विंटल खरीद का लक्ष्य

    रुद्रप्रयाग: राज्य सरकार द्वारा शुरू की गई स्टेट मिलेट मिशन योजना के अंतर्गत जनपद रुद्रप्रयाग में पारंपरिक फसल मंडुवा (रागी) के प्रोत्साहन एवं किसानों को उचित मूल्य सुनिश्चित करने हेतु महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। इस वर्ष के लिए सरकार द्वारा मंडुवा का न्यूनतम समर्थन मूल्य MSP ₹48.86 प्रति किलोग्राम निर्धारित किया गया है।

    इस योजना का मुख्य उद्देश्य पर्वतीय क्षेत्रों के कृषकों एवं स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और मोटे अनाजो की खेती को बढ़ावा देना है।

    इस क्रम में मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र सिंह रावत की अध्यक्षता में आयोजित एक समीक्षा बैठक में इस पहल को गति दी गई। एवं उक्त बैठक में ग्रामोत्थान परियोजना जिला ईकाइ रूद्रप्रयाग के जिला परियोजना प्रबंधक एवं USRLM के जुडे स्वयं सहायता समूहों SHGs द्वारा कुल 2500 क्विंटल मंडुवा का संग्रहण किये जाने का लक्ष्य की प्राप्ति के लिये विशेष अभियान चलाने की बात कही।

    यह संग्रहण लक्ष्य मुख्य रूप से जनपद के कृषकों, स्वयं सहायता समूहों SHGs उत्पादक समूहों, ग्राम संगठनों, कलस्टर लेवल फेडरेशन (CLF) एवं आजीविका संघों के माध्यम से प्राप्त किया जाएगा।

    मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र सिंह रावत ने बताया, इस पहल से न केवल कृषकों को उनकी उपज का उचित मूल्य प्राप्त होगा, बल्कि जनपद में मोटे अनाजों की दिशा में एक सकारात्मक वातावरण भी बनेगा। यह किसानों की आय बढ़ाने और स्वास्थ्यवर्धक मोटे अनाजों के उपयोग को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

    यह खरीद प्रक्रिया 1 अक्टूबर 2025 से 31 दिसंबर 2025 तक संचालित की जा रही है। जिला प्रशासन ने सभी संबंधित एजेंसियों को लक्ष्य प्राप्ति सुनिश्चित करने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।

  • मुख्यमंत्री धामी ने उत्तरांचल प्रेस क्लब द्वारा आयोजित दीपावली महोत्सव-2025 कार्यक्रम में प्रतिभाग किया

    मुख्यमंत्री धामी ने उत्तरांचल प्रेस क्लब द्वारा आयोजित दीपावली महोत्सव-2025 कार्यक्रम में प्रतिभाग किया

    देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को देहरादून में उत्तरांचल प्रेस क्लब द्वारा आयोजित दीपावली महोत्सव-2025 कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने लक्की ड्रॉ विजेताओं को पुरस्कार भी वितरित किए।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तरांचल प्रेस क्लब की भूमि के आवंटन की कार्यवाही गतिमान है। इस कार्यवाही के पूरे होने के बाद, उत्तरांचल प्रेस क्लब के लिए भव्य भवन का भी निर्माण कार्य किया जाएगा।

    मुख्यमंत्री ने पत्रकारों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि उत्तराखंड राज्य आंदोलन से लेकर आज तक, उत्तराखंड के अनेकों पत्रकारों ने प्रदेश के सर्वांगीण विकास में लेखनी के जरिए अपनी अहम भूमिका निभाई है।

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी पत्रकारों को दीपावली की अग्रिम शुभकामनाएं देते हुए कहा कि दीपावली का पर्व हम सभी के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है। उन्होंने कहा पत्रकारों का जीवन भी दीपावली के दीपकों की तरह है, जो दिन-रात समाज को दिशा दिखाने का कार्य करते हैं।

    मुख्यमंत्री ने सभी लोगों से इस दिवाली स्वदेशी उत्पादों को अपनाने का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा विकसित भारत और विकसित उत्तराखंड के निर्माण के लिए हमें अपने देश में स्वदेशी को बढ़ावा देना होगा।

    मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार, पत्रकारों की समस्याओं के प्रति संवेदनशील है। पत्रकारों की सुरक्षा, स्वास्थ्य बीमा, आकस्मिक सहायता और आवासीय योजनाओं को लेकर सरकार ने कई कदम उठाए हैं। वरिष्ठ पत्रकार सम्मान योजना के अंतर्गत अनेक वरिष्ठ पत्रकारों को सम्मानित किया जा रहा है। पत्रकारों की पेंशन में वृद्धि, विभिन्न जिलों से देहरादून आने वाले पत्रकारों को पूर्व की भांति सूचना विभाग के जरिये देहरादून में रहने की उचित व्यवस्था करने का भी प्रयास किया गया है।

    मुख्यमंत्री ने कहा मुख्यमंत्री पत्रकार पेंशन योजना के तहत पत्रकार कल्याण कोष का बजट 5 करोड़ रूपए से बढ़ाकर 10 करोड़ रुपए किया गया है। पत्रकारों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य शिविरों का भी आयोजन किया जा रहा है। राज्यभर में मीडिया सेन्टरों के आधुनिकीकरण और प्रेस क्लबों के सशक्तिकरण का कार्य शुरू किया गया है।

    मुख्यमंत्री ने कहा पत्रकार, सच्चाई और जनहित के लिए जिस समर्पण से कार्य करते हैं, वो प्रशंसनीय है। पत्रकार और पत्रकारिता राजनीतिक और सामाजिक विषयों के प्रचार-प्रसार से कई ज्यादा लोकतंत्र को जीवित रखते हैं। सरकार की विभिन्न योजनाओं को जन तक पहुंचाना या आमजन की समस्याओं से सरकार को अवगत कराना, इन दोनों महत्वपूर्ण दायित्वों को भी पत्रकार निभाते हैं।

    इस अवसर पर विधायक खजान दास, आपदा प्रबंधन सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष विनय रुहेला, दायित्वधारी हेमराज बिष्ट, महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी, उत्तरांचल प्रेस क्लब के अध्यक्ष भूपेंद्र कंडारी, महामंत्री सुरेंद्र डसीला एवं अन्य पत्रकार मौजूद थे।

  • मुख्यमंत्री धामी ने पंतनगर विश्वविद्यालय में 118वें अखिल भारतीय किसान मेले एवं कृषि उद्योग प्रदर्शनी का किया उद्घाटन

    मुख्यमंत्री धामी ने पंतनगर विश्वविद्यालय में 118वें अखिल भारतीय किसान मेले एवं कृषि उद्योग प्रदर्शनी का किया उद्घाटन

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पंतनगर विश्वविद्यालय में आयोजित 118वे अखिल भारतीय किसान मेले एवं कृषि उद्योग प्रदर्शनी में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने पंतनगर विश्वविद्यालय द्वारा उत्पादित नवीन दलहनी प्रजातियों का लोकार्पण व पंतनगर प्रवाह नामक पुस्तक का विमोचन किया।

    मेले में आयोजित रजत जयंती राज्य स्थापना गोष्ठी एवं संवाद कार्यक्रम में संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि इस वर्ष के किसान मेले और कृषि प्रदर्शनी में 400 से अधिक स्टॉल लगाए गए हैं, जिनमें से 200 से अधिक स्टॉल देश के विभिन्न राज्यों से आए कृषि क्षेत्र से जुड़े उद्योगों, स्टार्टअप्स और उद्यमियों द्वारा लगाए गए हैं।

    उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन मात्र कृषि उत्पादों और यंत्रों के प्रदर्शन तक सीमित नहीं होते, बल्कि ये किसानों, वैज्ञानिकों और उद्यमियों के बीच ज्ञान, अनुभव और नवाचार के आदान-प्रदान का महत्वपूर्ण माध्यम भी होते हैं। इस प्रकार के कृषि मेलों के माध्यम से जहां एक ओर हमारे किसान भाई एक ही स्थान पर नवीनतम कृषि तकनीकों, उन्नत बीजों, आधुनिक यंत्रों और नई शोधों की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं, वहीं उन्हें विशेषज्ञों के अनुभवों से सीखने और अपने अनुभव साझा करने का अवसर भी मिलता है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि मुझे पूर्ण विश्वास है कि इस मेले में प्रदर्शित की जा रही आधुनिक तकनीकों और नवाचारों के माध्यम से हमारे किसान भाई पारंपरिक तरीकों के साथ-साथ नई वैज्ञानिक विधियों को अपनाकर अपनी खेती को और भी अधिक उत्पादक, टिकाऊ और लाभकारी बना पाएंगे। उन्होंने कहा कि जिससे न केवल उनकी आय में वृद्धि होगी, बल्कि प्रदेश की कृषि व्यवस्था भी सशक्त और समृद्ध बनेगी।

    उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के दूरदर्शी नेतृत्व में आज भारत विकसित राष्ट्र के संकल्प को साकार करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसी संकल्प के साथ केंद्र सरकार द्वारा हमारे अन्नदाताओं की आय को दोगुना करने हेतु निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज, देशभर के 11 करोड़ किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के माध्यम से आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है, जिसके अंतर्गत उत्तराखंड के भी लगभग 9 लाख के करीब अन्नदाताओं को प्रतिवर्ष 6 हजार रुपए सहायता राशि प्रदान की जा रही है।

    आज जहां एक ओर सभी प्रमुख फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में अभूतपूर्व वृद्धि कर किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य प्रदान किया जा रहा है। वहीं, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के माध्यम से किसान को प्राकृतिक आपदाओं, फसल रोगों और कीटों से होने वाले नुकसान हेतु सुरक्षा कवच भी प्रदान किया जा रहा है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना के द्वारा खेतों की मिट्टी की वैज्ञानिक जांच कर किसानों को पोषक तत्वों की कमी और आवश्यक उर्वरकों की जानकारी भी दी जा रही है, जिससे उनकी उपज की गुणवत्ता और भूमि की उर्वरता दोनों में सुधार हो रहा है, और इसके साथ ही, किसान मानधन योजना, मिलेट मिशन, बागवानी विकास मिशन, कृषि यंत्र सब्सिडी, बूंदबूंद सिंचाई योजना, डिजिटल कृषि मिशन जैसी अनेकों योजनाओं द्वारा किसानों को लाभ पहुंचाने के प्रयास भी किए जा रहे हैं।

    उन्होंने कहा कि इस वर्ष के बजट में कृषि को विकास का प्रमुख इंजन मानते हुए जहां एक ओर किसान क्रेडिट कार्ड की लिमिट को 3 लाख रुपये से बढाकर 5 लाख रुपये करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया गया है, वहीं प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ सिंचाई और कृषि तकनीकों के विकास पर भी विशेष फोकस किया गया है। उन्होंने कहा कि आदरणीय प्रधानमंत्री जी ने देश के अन्नदाताओं को बड़ी सौगात देते हुए 24 हजार करोड़ रुपये की पीएम धन धान्य कृषि योजना और दलहन उत्पादन को बढ़ावा देने हेतु लगभग 11 हजार 500 करोड़ रुपये की लगात के दलहन उत्पादकता मिशन का शुभारंभ किया है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में हमारी राज्य सरकार भी प्रदेश के किसानों के उत्थान एवं समृद्धि हेतु संकल्पित होकर निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि हम एक ओर जहां प्रदेश में किसानों को तीन लाख रुपए तक का ऋण बिना ब्याज के उपलब्ध करा रहे हैं, वहीं कृषि उपकरण खरीदने हेतु फार्म मशीनरी बैंक योजना के माध्यम से 80 प्रतिशत तक की सब्सिडी भी प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमने किसानों के हित में नहरों से सिंचाई को पूरी तरह मुफ्त करने का काम किया है। साथ ही, हमने किसानों की आय बढ़ाने के लिए पॉलीहाउस के निर्माण हेतु 200 करोड़ रूपए की राशि का प्रावधान भी किया है। जिसके अंतर्गत अब तक राज्य में लगभग 115 करोड़ रुपए की सहायता से करीब 350 पॉलीहाउस स्थापित किए जा चुके हैं। इतना ही नहीं, हम जहां एक ओर गेहूं खरीद पर किसानों को 20 रूपए प्रति क्विंटल का बोनस प्रदान रहे हैं, वहीं हमने गन्ने के रेट में भी 20 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोत्तरी की है। उन्होंने कहा कि हमने उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में वर्षा आधारित खेती को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए लगभग 1,000 करोड़ रुपये की लागत से उत्तराखंड क्लाइमेट रिस्पॉन्सिव रेन-फेड फार्मिंग प्रोजेक्ट भी स्वीकृत किया है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार सब्जियों की तरह ही फलों के उत्पादन को बढ़ाने के लिए भी विभिन्न स्तरों पर काम कर रही है। हाल ही में हमारी सरकार ने 1200 करोड़ रुपये की लागत से नई सेब नीति, कीवी नीति, स्टेट मिलेट मिशन और ड्रैगन फ्रूट नीति जैसी कई महत्वपूर्ण योजनाओं को लागू किया है। उन्होंने कहा कि इन नीतियों के तहत बागवानी को प्रोत्साहन देने के लिए किसानों को 80 प्रतिशत तक सब्सिडी प्रदान की जा रही है। हम किसानों की उपज की गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए ग्रेडिंग सॉर्टिंग यूनिट के निर्माण के लिए भी अनुदान प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज इस अवसर पर मैं, आप सभी कृषि वैज्ञानिकों से आग्रह करना चाहता हूँ कि आप हमारी पारंपरिक कृषि व्यवस्था पर भी अनुसंधान करें, और जानें कि हमारे पूर्वजों ने हजारों वर्षों से अपनी कृषि सभ्यता को कैसे संरक्षित रखा, अपनी धरती की उर्वरकता को कैसे बनाए रखा और उत्पादन की गुणवत्ता को भी निरंतर सुनिश्चित किया। उन्होंने वैज्ञानिकों से आग्रह करते हुए कहा कि आप लोग अपने शोध कार्य और नवीनतम तकनीकी ज्ञान को शीघ्रता से किसानों तक पहुँचाएँ, ताकि ये ज्ञान उनके उत्पादन और आय में वृद्धि का माध्यम बन सके और हमारी कृषि अर्थव्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाया जा सके।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के इस अवसर पर हम किसानों की प्रगति पर चर्चा करने के साथ-साथ प्रदेश में नकल विरोधी कानून और समान नागरिक संहिता पर संवाद करने के लिए भी एकत्रित हुए हैं। उक्त दोनों विषयों पर जीबी पन्त कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय की छात्रा पूजा जोशी ने समान नागरिक संहिता, नीति शर्मा ने किसान मेले की प्रगति एवं छात्र निधि अवस्थी ने नकल विरोध कानून पर अपने विचार साझा किए जबकि समृद्धि किसान उत्पादक संगठन की सीमा रानी ने अपने सफल खेती के अनुभव साझा किए।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने राज्य में समान नागरिक संहिता को लागू कर सभी नागरिकों के लिए एक समान कानून और अधिकार स्थापित करने की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाया है। उन्होंने कहा कि हमने अनुभव किया कि समाज में कुछ समुदायों के लिए अलग-अलग व्यक्तिगत कानूनों के कारण भेदभाव, असमानता और अन्याय की स्थिति बनी हुई है। समान नागरिक संहिता का उद्देश्य इन्हीं भेदभावों को समाप्त कर राज्य के सभी नागरिकों के लिए एक समान कानूनी व्यवस्था सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि यूसीसी के लागू होने से न केवल राज्य से सभी नागरिकों को समान अधिकार प्राप्त हुए हैं, बल्कि प्रदेश में महिला सशक्तिकरण को भी बल मिला है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं,यह भी स्पष्ट करना चाहता हूं कि समान नागरिक संहिता किसी धर्म या पंथ के खिलाफ नहीं, बल्कि समाज की कुप्रथाओं को मिटाकर सभी नागरिकों के बीच समानता से समरसता स्थापित करने का एक संवैधानिक उपाय है। परन्तु ये देश का दुर्भाग्य रहा कि स्वतंत्रता के पश्चात कई दशकों तक देश में एक ऐसी पार्टी का शासन रहा जिसने अपने वोट बैंक के चक्कर में यूसीसी को लागू नहीं होने दिया। जबकि विश्व के प्रमुख मुस्लिम देशों सहित दुनिया के सभी सभ्य देशों में पहले से ही समान नागरिक संहिता लागू है। उन्होंने कहा कि हम भली-भांति जानते थे कि भारत में सर्वप्रथम यूसीसी लागू करने का मार्ग सरल नहीं होगा परंतु जब नीयत साफ हो और जनभावना साथ हो, तो कोई भी बदलाव असंभव नहीं रहता। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार देवभूमि उत्तराखंड के सांस्कृतिक मूल्यों और डेमोग्राफी को संरक्षित रखने के प्रति भी पूर्ण रूप से संकल्पबद्ध होकर काम कर रही है।

    कुलपति डॉ मनमोहन सिंह चौहान ने यूसीसी व नकल विरोधी कानून लागू करने के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन व निर्देशन में विश्वविद्यालय शोध व प्रगति के मार्ग पर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में पूरे प्रदेश में इंटिग्रेटेड फार्मिंग पर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि आज प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय बढ़कर 2 लाख 61 हजार हो गई है जो 26 प्रतिशत ग्रोथ रेट पर है। उन्होंने बताया कि मेले में 507 स्टॉल लगाए गए हैं व अभी तक लगभग 20 हजार किसानों द्वारा प्रतिभाग किया गया है।

    कार्यक्रम में विधायक शिव अरोरा, त्रिलोक सिंह चीमा, सुरेश गाड़िया, पूर्व विधायक राजेश शुक्ला, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मणिकांत मिश्रा सभी जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद थे।