Category: उत्तराखंड

  • उत्तराखंड में ₹3.56 लाख करोड़ के निवेश समझौते, 1 लाख करोड़ के प्रस्तावों पर काम शुरू

    उत्तराखंड में ₹3.56 लाख करोड़ के निवेश समझौते, 1 लाख करोड़ के प्रस्तावों पर काम शुरू

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आज नई दिल्ली में PHD चैम्बर ऑफ़ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के 120वें वार्षिक सत्र में सम्मिलित हुए | मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कार्यक्रम में उपस्थित उद्यमियों व विभिन्न औद्योगिक संस्थानों के प्रतिनिधिगणों का स्वागत करते हुए कहा कि PHD चैंबर ने बीते 120 वर्षों में देश की आर्थिक प्रगति, औद्योगिक विकास और उद्यमशीलता की भावना को सशक्त करने में जो भूमिका निभाई है वो अतुलनीय है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि आज हम इस महत्वपूर्ण सत्र में “भारत की एक विश्वसनीय वैश्विक साझेदार के रूप में उभरती भूमिका” और उसमें उत्तराखंड राज्य के योगदान जैसे विषय पर सार्थक विचार-विमर्श के लिए एकत्रित हुए हैं।

    हम सभी जानते हैं कि किसी भी देश की आर्थिक प्रगति में उद्योगों की अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उद्योग न केवल रोजगार के अवसर उत्पन्न करते हैं, बल्कि समाज के प्रत्येक वर्ग के जीवन स्तर को सुधारने में भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि जब देश के उद्योगपति, उद्यमी और नीति-निर्माता एक साथ राष्ट्र उत्थान पर चिंतन और मंथन के लिए जुटते हैं, तो उसका प्रभाव केवल उद्योग जगत तक ही सीमित नहीं रहता, बल्कि समाज के प्रत्येक वर्ग के कल्याण और राष्ट्र के समग्र विकास का मार्ग भी प्रशस्त करता है। यह कॉन्क्लेव केवल उद्योग जगत का सम्मेलन भर नहीं, बल्कि भारत की आर्थिक शक्ति, सांस्कृतिक चेतना और वैश्विक नेतृत्व की नई संभावनाओं के द्वार खोलने वाला एक सशक्त मंच है।

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के दूरदर्शी नेतृत्व में “रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म” की नीति ने भारत को एक नई दिशा प्रदान की है। आज भारत में न केवल निवेश के लिए अनुकूल वातावरण तैयार हुआ है, बल्कि इंफ्रास्ट्रक्चर, शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक न्याय जैसे क्षेत्रों में भी व्यापक परिवर्तन आया है| आदरणीय मोदी जी देश के पहले प्रधानमंत्री हैं जिन्होंने भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प लिया और इस संकल्प को साकार करने के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य भी किया जा रहा है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि आज ‘स्टार्टअप इंडिया’, ‘वोकल फॉर लोकल’, ‘मेक इन इंडिया’, ‘स्किल इंडिया’ और ‘डिजिटल इंडिया’ जैसी पहलों के माध्यम से देश आत्मनिर्भर बनने की दिशा में तीव्र गति से आगे बढ़ रहा है। यही नहीं, आज भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम खड़ा करने वाला देश बन चुका है। आज हमारे स्टार्टअप्स ग्लोबल इनोवेशन में अपनी पहचान बना रहे हैं, डिजिटल इंडिया ने आम नागरिक तक तकनीक को पहुँचाया है और आत्मनिर्भर भारत अभियान ने देश को उत्पादन और विनिर्माण का हब बनाने का मार्ग प्रशस्त किया है।

    आज विश्व के बड़े बड़े देश ये देखकर अचंभित हैं कि भारत में सब्जी की एक छोटी सी दुकान लगाने वाली महिला भी UPI के के माध्यम से मोबाइल से पेमेंट का लेनदेन कर रही है।आज देश के 55 करोड़ से अधिक लोग बैंकिंग व्यवस्था से जुड़ चुके हैं।चाहे कृषि उत्पादन हो, रक्षा का क्षेत्र हो, चिकित्सा, ऊर्जा, या विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी हो या फिर अंतरिक्ष अनुसंधान का क्षेत्र हो, भारत प्रत्येक क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनकर विकास और समृद्धि के नए-नए आयाम स्थापित कर रहा है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि आज भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है और आने वाले समय में तीसरे स्थान पर पहुँचने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रहा है। जो देश पहले भारत को केवल एक बड़े उपभोक्ता बाजार के रूप में देखा करते थे, आज वही देश भारत की प्रौद्योगिकी और नवाचार की क्षमता को चुनौती के रूप में देखने लगे हैं |क्योंकि भारत अब केवल सामान आयात करने वाला देश नहीं रहा, बल्कि निर्यात, विनिर्माण और तकनीकी विकास में विश्व का अग्रणी साझेदार बन रहा है।

    हमारी बढ़ती शक्ति से घबराकर कुछ देश हमारे बढ़ते कदमों को रोकने के असफल प्रयास भी कर रहे हैं। परन्तु भारत के उद्योग जगत के संकल्प, सामर्थ्य और नवाचार ने ये सिद्ध कर दिया है कि कोई भी शक्ति हमारे विकास के मार्ग में बाधा नहीं बन सकती। भारत के दो दिवसीय दौरे पर आए ब्रिटेन के प्रधानमंत्री श्री कीर स्टार्मर ने भी इस तथ्य को स्वीकार किया है कि “भारत 2028 तक विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में उभरेगा और आज के दौर में भारत वैश्विक निवेश के लिए सबसे भरोसेमंद और सुरक्षित गंतव्य बन चुका है।”

    मुख्यमंत्री ने कहा कि आज प्रधानमंत्री जी जहाँ एक ओर ‘स्वदेशी अपनाओ’ के मंत्र के साथ आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को सशक्त बना रहे हैं। वहीं नेक्स्ट जनरेशन जीएसटी सुधारों के माध्यम से नागरिकों को राहत प्रदान करने के साथ-साथ हमारे स्थानीय उद्योगों और व्यापारियों को भी एक नई ऊर्जा प्रदान कर रहे हैं। प्रधानमंत्री जी के दूरदर्शी नेतृत्व में हमारी सरकार भी उत्तराखंड में औद्योगिक विकास की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। हमारी सरकार ने राज्य में निवेश को बढ़ावा देने के लिए वर्ष 2023 में ग्लोबल इनवेस्टर्स समिट का आयोजन किया। हमारे लिए अत्यंत गर्व का विषय है कि हमें इस समिट के अंतर्गत प्राप्त हुए 3.56 लाख करोड़ रुपए से अधिक के निवेश समझौतों में से लगभग 1 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारने में सफलता मिली है। हमने राज्य में निवेशक केंद्रित नीतियों, बुनियादी ढांचे, कुशल जनशक्ति और सुशासन के द्वारा स्वस्थ निवेश वातावरण की उपलब्धता सुनिश्चित की है।

    पहले राज्य में मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लगाने के लिए अलग-अलग विभागों से विभिन्न प्रकार की स्वीकृतियां लेनी पड़ती थी जिसमें बहुत समय लगता था। इस समस्या के समाधान के लिए हमने जहां एक ओर उद्योगों की लाइसेंसिंग प्रोसेस को आसान बनाते हुए सिंगल विंडो सिस्टम की व्यवस्था में सुधार किया,वहीं औद्योगिक नीति, लॉजिस्टिक नीति, स्टार्टअप नीति और MSME नीति सहित 30 से अधिक नीतियां लाकर राज्य में उद्योगों को बेहतर माहौल उपलब्ध कराने का प्रयास भी किया।इसके साथ ही, विनिर्माण क्षेत्र में बड़े उद्यमों को प्रोत्साहित करने के लिए हमारी सरकार ने राज्य में मेगा इंडस्ट्रियल पॉलिसी भी लागू की है। इसके अलावा जहां हम स्टार्टअप को इनक्यूबेशन सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 60 करोड़ रुपए की लागत से विश्वस्तरीय यू-हब की स्थापना कर रहे हैं, वहीं, उन्हें आसानी से फंड उपलब्ध कराने हेतु 200 करोड़ रुपए के वेंचर फंड की स्थापना भी की गई है। यही नहीं, राज्य में निवेश प्रोत्साहन के लिये यूके-स्पाईस नाम से निवेश प्रोत्साहन एजेंसी स्थापित कर निवेशकों को समर्पित “निवेश मित्र” की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने जहां एक ओर काशीपुर में अरोमा पार्क, सितारगंज में प्लास्टिक पार्क, काशीपुर में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर, पंतनगर में मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक पार्क की स्थापना की है, वहीं, MSME क्षेत्र के उद्यमियों को प्लग एंड प्ले मॉडल पर उद्यम स्थापना हेतु SIDCUL द्वारा रुद्रपुर, सेलाकुई और हरिद्वार में कम लागत वाली फ्लैटेड फैक्ट्रियाँ भी तैयार की जा रही हैं। इतना ही नहीं, हम किच्छा फार्म में हजार एकड़ से अधिक भूमि पर एक स्मार्ट इंडस्ट्रियल टाउनशिप विकसित करने की दिशा में भी कार्य कर रहे हैं।

    इसके अतिरिक्त, हम औद्योगिक क्षेत्र में कार्य करने वाले लोगों को सुविधाजनक आवास सुलभ कराने हेतु “रेंट बेस्ड एकोमोडेशन” सुविधा भी विकसित कर रहे हैं।आज हमारी पहल “हाउस ऑफ हिमालयाज ब्रांड” राज्य के सभी आर्गेनिक उत्पादों को एक अम्ब्रेला के नीचे लाने में कारगर सिद्ध हो रही है। इसके अंतर्गत, राज्य के विभिन्न उत्पादों की जीआई टैगिंग कर विश्व स्तरीय पहचान दिलाने का कार्य किया जा रहा है। राज्य की महिला स्वयं सहायता समूह द्वारा बनाए गए उत्पाद वैश्विक पहचान बना रहे हैं | हमारी सरकार राज्य में मिनिमम गवर्नमेंट, मैक्सिमम गवर्नेंस की अवधारणा को मूर्त रूप देने का प्रयास कर रही है। हमने मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के माध्यम से राज्य में 10 हजार से अधिक नए उद्यमियों को लाभान्वित किया गया है। आज हम प्रदेश में 260 से अधिक व्यावसायिक सेवाओं को पूर्णतः ऑनलाइन उपलब्ध करा रहे हैं। इससे उद्यमियों को विभिन्न विभागों के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं रह गई है और व्यवस्था में पारदर्शिता तथा गति दोनों सुनिश्चित हुई है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे इन सभी प्रयासों का परिणाम है कि आज ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में उत्तराखंड को एचीवर्स तथा स्टार्टअप रैंकिंग में लीडर्स की श्रेणी प्राप्त हुई है। हमारी सख्ती और पारदर्शिता का सीधा लाभ हमारे उद्यमियों को मिल रहा है और उन्हें योजनाओं की स्वीकृति, जमीन आवंटन, औद्योगिक लाइसेंस या अन्य व्यावसायिक गतिविधियों में अब अनावश्यक बाधा का सामना नहीं करना पड़ता। हम उत्तराखंड को देश के अग्रणी “इन्वेस्टमेंट फ्रेंडली स्टेट” के रूप में स्थापित कर देश का अग्रणी राज्य बनाने के अपने “विकल्प रहित संकल्प” को पूर्ण करने हेतु निरंतर कार्य कर रहे हैं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि देहरादून में 28 से 30 नवंबर 2025 तक आपदा प्रबंधन पर विश्व शिखर सम्मेलन (WSDM) आयोजित होने वाला है, जिसमें वैश्विक नेता और विशेषज्ञ जलवायु परिवर्तन के प्रभावों पर चर्चा करेंगे। इस पहले WSDM प्री-समिट का उद्देश्य आपदाओं से निपटने के लिए नवाचार और सहयोग को बढ़ावा देना है।

  • रंगोली एवं फोटोग्राफी प्रतियोगिता से समझाया मानसिक स्वास्थ्य का महत्व

    रंगोली एवं फोटोग्राफी प्रतियोगिता से समझाया मानसिक स्वास्थ्य का महत्व

    एम्स में मनाए जा रहे विश्व मानसिक स्वास्थ सप्ताह के अवसर पर रंगोली और फोटोग्राफी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जिसमें प्रतिभागियों ने आपातकाल के दौरान मनोवेदना को प्रदर्शित करते जीवंत चित्रण प्रस्तुत किए।

    मानसिक स्वास्थ्य के बारे में जन जागरूकता के कार्यक्रमों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से इन दिनों एम्स ऋषिकेश में सप्ताह व्यापी कार्यक्रम ’विश्व मानसिक स्वास्थ्य सप्ताह’ मनाया जा रहा है। इस श्रृंखला के तहत अलग-अलग दिनों में ’आपातकाल में मानसिक स्वास्थ्य’ विषय पर रंगोली और फोटोग्राफी प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। संस्थान के मनोचिकित्सा विभाग, कॉलेज ऑफ नर्सिंग और आयुष विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इन प्रतियोगिताओं में संस्थान के मेडिकल स्टूडेंन्ट्स, नर्सिंग छात्राओं और अन्य स्टाफ ने प्रतिभाग किया। इस दौरान रंगोली प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने आपात काल में मानसिक मनोवेदना को प्रदर्शित करते जीवंत चित्रण प्रदर्शित किए वहीं फोटोग्राफी प्रतियोगिता में मानसिक स्वास्थ्य के लाभ को दर्शाते सुन्दर फोटो दर्शाए गए। मनोचिकित्सा विभाग के हेड डाॅ.अनिंद्या दास ने बताया कि रंगोली प्रतियोगिता में पूजा व अनुप्रिया की जोड़ी को प्रथम, रिया और काजल की जोड़ी को द्वितीय तथा पायल और अंजली की जोड़ी को तीसरा स्थान प्राप्त हुआ। सभी रंगोलियां आपातकाल में मनोवेदना की जीवंत चित्रण को वया कर रही थी। प्रतियोगिता में सुंदरपाल को प्रथम, संजना कामरा को द्वितीय एवं अरुण रवि को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ।

    इस अवसर पर निर्णायक मंडल की भूमिका में मनोचिकित्सा विभाग के डॉ अनिंद्या दास, डाॅ. रवि गुप्ता, डॉ जितेंद्र रोहिल्ला के अलावा फोरेंसिक मेडिसिन विभाग के डाॅ. आशीष भूते व डाॅ. राजेश कुमार सहित काॅलेज ऑफ नर्सिंग की डॉ. मलार कोटी व प्रतियोगिता की कॉर्डिनेटर प्रिया सिंह आदि शामिल रहे।

  • राजधानी दून में समूह की महिलाओं ने तैयार की दिवाली के लिए एलइडी लाइट

    राजधानी दून में समूह की महिलाओं ने तैयार की दिवाली के लिए एलइडी लाइट

    देहरादून: राजधानी देहरादून की विकासखंड रायपुर में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत समूह की महिलाओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के वोकल फॉर लोकल मिशन की ओर तेजी से कदम बढ़ा रही है।

    मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना के अंतर्गत रायपुर ब्लॉक की महिलाओं ने आगामी दीपावली त्यौहार को लेकर घर की सजावट में उपयोग में आने वाली एलईडी लड़ी खुद बनाकर बाजार में उचित मूल्य पर बेच रही है। साथ ही चाइनीज़ सजावटी आइटमों के उपयोग को भी कम करने का संदेश दे रही है।

    वोकल फॉर लोकल की मुहीम को आगे बढ़ाते हुए रायपुर ब्लॉक की सभी महिलाओं ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की मदद लेकर 01 लाख 20 हज़ार एलईडी लड़ी के पैकेट बनाने का लक्ष्य रखा है। जिसमें से उन्होंने अभी तक 01 लाख से अधिक एलइडी लड़ी के पैकेट बनाकर बाजारों में उचित मूल्य पर बेच दी है। प्रत्येक एलईडी लड़ी के पैकेट में 12 फीट की 10 लड़िया मौजूद हैं। जिसकी पैकेजिंग भी खुद महिलाएं अपने आप मिलकर कर रही हैं। प्रत्येक पैकेट का बाजार मूल्य 1000 से 1200 रुपए है। जिसमें महिलाएं प्रत्येक पैकेट से 100 से 150 रुपए की आर्थिक आय अर्जित करने में सफल है।

    एनआरएलएम द्वारा थानो न्याय पंचायत के अधीन आने वाली सभी समूह की महिलाओं को एलईडी लड़ी के प्रोजेक्ट के लिए 6 ब्याज में 12 लाख का कम्युनिटी इन्वेस्टमेंट फंड (सीआईएफ) और 0ः ब्याज में 5 लाख का कोऑपरेटिव लोन उपलब्ध कराया गया। जिसकी बदौलत विभिन्न स्वयं सहायता समूह की 300 महिलाओं ने मिलकर मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना की सराहना करते हुए ग्रामीण महिलाओं के लिए लाभदायक बताया।

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा लगातार ग्रामीण महिलाओं को राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से जोड़कर स्थानीय उत्पादों से विभिन्न प्रकार की सजावटी चीजे बनाकर अपनी आजीविका को मजबूत कर रही है। समूह की महिलाएं भी आत्मनिर्भर बनने के साथ लोकल प्रोडक्ट्स को भी ग्लोबल पहचान दिलाने में पीछे नहीं है।

    दिव्य ज्योति स्वयं सहायता समूह अध्यक्ष ममता कोठियाल ने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना सच में ग्रामीण महिलाओं के लिए वरदान समान है। उन्होंने बताया कि इस योजना के अंतर्गत हमें राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से 01 लाख 20 हज़ार एलईडी लाइट बनाने का टारगेट मिला था। जिसे हमने बखूबी बनाकर तैयार कर दिया है। जिसे हम अब मार्केट में भी उचित दामों में बेच रही हैं।

    मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह ने बताया कि त्योहार सीजन को देखते हुए रायपुर ब्लॉक के वाइब्रेट ग्रोथ सेंटर में स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा एलईडी लाइट बनाई जा रही है। उन्होंने बताया कि मा0 मुख्यमंत्री के नेतृत्व में चल रही मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना के अंतर्गत समूह की महिलाओं ने 10-10 के पैकेजिंग में एलईडी लाइट बनाई है, जिसे वहां बाजार में सेल कर रही है। उन्होंने बताया कि अलग-अलग स्थान में इन महिलाओं के स्टाल लगाए जा रहे हैं। ताकि इन सभी समूह की महिलाओं को अच्छा मार्केट मिल सके साथ ही वह आत्मनिर्भर बन सकें।

  • मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने प्रदेश में झुग्गी बस्तियों के पुनर्विकास से सम्बंधित बैठक ली

    मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने प्रदेश में झुग्गी बस्तियों के पुनर्विकास से सम्बंधित बैठक ली

    मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने बुधवार को सचिवालय में प्रदेश में झुग्गी बस्तियों के पुनर्विकास से सम्बंधित बैठक ली। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को झुग्गियों का पुनः सर्वे कराए जाने के निर्देश दिए हैं।

    मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि वर्ष 2011-12 में किए गए सर्वे में चिन्हित श्रेणी 1 एवं श्रेणी 2 के पात्र लोगों का स्थानीय निकायों और जिलाधिकारियों की सहायता से अभियान चला कर विनियमित किया जाए। उन्होंने कहा कि झुग्गियों के पुनर्विकास के लिए गठित जिला स्तरीय समितियों की बैठकों को आयोजित कर लिए जाए। इसके उपरांत राज्य स्तरीय बैठक का भी शीघ्र आयोजन किया जाए।

    मुख्य सचिव ने काठबंगला प्रोजेक्ट में निर्मित आवासों का आबंटन नवम्बर 2025 तक कर लिया जाए। उन्होंने सचिव शहरी विकास को इसकी निरन्तर मॉनिटरिंग किए जाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने निर्देश दिए कि भूमि चिन्हीकरण, आबंटन के लिए नियम, आंकलन, पात्रता एवं डीपीआर तैयार किए जाने हेतु सचिव शहरी विकास, सचिव लोक निर्माण विभाग, एमडीडीए और नगर निगम संयुक्त बैठक लेकर निर्णय लें।

    इस अवसर पर सचिव नितेश कुमार झा, उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी, अपर सचिव गौरव कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

  • मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने प्रदेश में झुग्गी बस्तियों के पुनर्विकास से सम्बंधित बैठक ली

    मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने प्रदेश में झुग्गी बस्तियों के पुनर्विकास से सम्बंधित बैठक ली

    मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने बुधवार को सचिवालय में प्रदेश में झुग्गी बस्तियों के पुनर्विकास से सम्बंधित बैठक ली। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को झुग्गियों का पुनः सर्वे कराए जाने के निर्देश दिए हैं।

    मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि वर्ष 2011-12 में किए गए सर्वे में चिन्हित श्रेणी 1 एवं श्रेणी 2 के पात्र लोगों का स्थानीय निकायों और जिलाधिकारियों की सहायता से अभियान चला कर विनियमित किया जाए। उन्होंने कहा कि झुग्गियों के पुनर्विकास के लिए गठित जिला स्तरीय समितियों की बैठकों को आयोजित कर लिए जाए। इसके उपरांत राज्य स्तरीय बैठक का भी शीघ्र आयोजन किया जाए।

    मुख्य सचिव ने काठबंगला प्रोजेक्ट में निर्मित आवासों का आबंटन नवम्बर 2025 तक कर लिया जाए। उन्होंने सचिव शहरी विकास को इसकी निरन्तर मॉनिटरिंग किए जाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने निर्देश दिए कि भूमि चिन्हीकरण, आबंटन के लिए नियम, आंकलन, पात्रता एवं डीपीआर तैयार किए जाने हेतु सचिव शहरी विकास, सचिव लोक निर्माण विभाग, एमडीडीए और नगर निगम संयुक्त बैठक लेकर निर्णय लें।

    इस अवसर पर सचिव नितेश कुमार झा, उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी, अपर सचिव गौरव कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

  • मुख्यमंत्री ने प्रदान की विभिन्न विकास योजनाओं के लिए 14.62 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति

    मुख्यमंत्री ने प्रदान की विभिन्न विकास योजनाओं के लिए 14.62 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति

    देहरादून: मुख्यमंत्री ने राज्य योजना के अन्तर्गत जनपद नैनीताल के विधानसभा क्षेत्र नैनीताल के विकासखण्ड बेतालघाट में दूनीखाल से रातीधाट (पाडली) तक मोटर मार्ग के निर्माण किये जाने हेतु ₹ 9.81 करोड़ की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया है।

    मुख्यमंत्री ने एसडीआरएफ में विभिन्न आपदा प्रबन्धन सम्बन्धी सूचनाओं के आदान-प्रदान हेतु एसडीआरएफ वाहिनी कन्ट्रोल रूम को कमाण्ड एंड कंट्रोल सेंटर के रूप में स्थापित किये जाने तथा आधुनिक तकनीकों के साथ उच्चीकृत किये जाने हेतु ₹ 25 लाख राज्य आपदा मोचन निधि के क्षमता विकास से स्वीकृत किये जाने हेतु अनुमोदन प्रदान किया है।

    मुख्यमंत्री ने जनपद पिथौरागढ़ के अन्तर्गत तहसील थल के कार्यालय भवन निर्माण हेतु ₹4.56 करोड की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया है।

    मुख्यमंत्री ने किया राज्य आन्दोलनकारी आश्रित पेंशन अनुमन्य किये जाने का अनुमोदन
    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य आन्दोलनकारी स्व० धर्मानन्द बमराडा की आश्रित पत्नी श्रीमती सीता देवी, निवासी ओम विहार, अजबपुर कला देहरादून को उनके पति की मृत्यु की तिथि दिनांक 10.07.2023 के उपरान्त अनुमन्य की गयी ₹ 4500.00 प्रतिमाह पेंशन को समायोजित करते हुए उन्हें ₹ 6000.00 प्रतिमाह राज्य आन्दोलनकारी आश्रित पेंशन प्रदान किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया है।

  • मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने बुधवार को सचिवालय में कौशल विकास एवं सेवायोजन विभाग की समीक्षा की

    मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने बुधवार को सचिवालय में कौशल विकास एवं सेवायोजन विभाग की समीक्षा की

    मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने बुधवार को सचिवालय में कौशल विकास एवं सेवायोजन विभाग की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश के युवाओं को प्रदेश के भीतर एवं अन्य राज्यों सहित भारत के बाहर विदेशों में नौकरी के अवसर नौकरी दिलाने की दिशा में काम किए जाने की जरूरत है। उन्होंने इसके लिए ओवरसीज एंप्लॉयमेंट सेल और पैनलबद्ध भर्ती एजेंसियों के माध्यम से विदेशों में नौकरी के अवसर उपलब्ध कराए जाएं।

    मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेशभर में स्किल गैप असेसमेंट करा लिया जाए। उन्होंने अपने प्रशिक्षण कार्यक्रमों में नर्सिंग का टूर गाइड्स एवं पर्यटन की बढ़ती संभावनाओं को देखते हुए वाइल्ड लाइफ गाइड प्रशिक्षण को भी शामिल किया जाए। इसके लिए विभाग को युवाओं को प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के साथ ही हैंड होल्डिंग किए जाने की आवश्यकता है।

    मुख्य सचिव ने कहा कि विदेशों में नौकरी की संभावनाओं को देखते हुए युवाओं को अपेक्षित प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि युवाओं की हैंड होल्डिंग के साथ ही इच्छुक अभ्यर्थियों को इंटेंसिव ट्रेनिंग भी कराई जा सकती है। उन्होंने कहा कि विदेश में जॉब के लिए जाने वाले अभ्यर्थियों को विदेशी भाषाओं व्यावहारिक बातचीत का प्रशिक्षण भी अनिवार्य रूप से कराया जाए ताकि विदेशों में सामान्य बोलचाल की समस्या उत्पन्न न हो। मुख्य सचिव ने कहा कि विभाग द्वारा विदेशों में नौकरी के अवसर का भी लक्ष्य निर्धारित किया जा सकता है, ताकि अधिक से अधिक लोग इसका लाभ उठा सकें।

    सचिव श्री सी. रविशंकर ने बताया कि विभाग द्वारा ओवरसीज एम्प्लॉयमेंट सेल का गठन कर लिया गया है। अभी तक 63 युवाओं को जापान और सऊदी अरेबिया में प्रशिक्षण और रोजगार प्रदान किया गया है। उन्होंने कहा कि सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के माध्यम से 351 युवाओं को प्रशिक्षण उपलब्ध कराया गया है, जिसमें से 315 को प्लेसमेंट मिल गया है। सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में वर्तमान में 169 युवाओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

    इस अवसर पर सचिव श्री सी रविशंकर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

  • लार्सन एंड टुब्रो ने ₹5 करोड़ की सहायता राशि मुख्यमंत्री राहत कोष में प्रदान की

    लार्सन एंड टुब्रो ने ₹5 करोड़ की सहायता राशि मुख्यमंत्री राहत कोष में प्रदान की

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से बुधवार को नई दिल्ली में लार्सन एंड टुब्रो (L&T) के प्रतिनिधिमंडल ने शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश में हाल ही में हुई प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित लोगों की सहायता एवं राहत-पुनर्वास कार्यों में सहयोग हेतु ₹5 करोड़ (पांच करोड़ रुपये) की सहायता राशि मुख्यमंत्री राहत कोष में प्रदान की।

    मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने एल.एंड.टी. के इस सराहनीय सहयोग के लिए कंपनी के प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि संकट की घड़ी में कॉर्पोरेट सेक्टर का यह योगदान राज्य सरकार के लिए बड़ी सहायता साबित होगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार लगातार आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत, पुनर्वास एवं पुनर्निर्माण के कार्यों को प्राथमिकता के साथ कर रही है। ऐसे में निजी क्षेत्र की सहभागिता से इन कार्यों में और तेजी आएगी तथा प्रभावित लोगों को शीघ्र राहत पहुंचाई जा सकेगी।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड एक आपदा संवेदनशील राज्य है, जहां भौगोलिक परिस्थितियों के कारण समय-समय पर प्राकृतिक आपदाओं का सामना करना पड़ता है। राज्य सरकार ने आपदा प्रबंधन को सुदृढ़ बनाने और राहत तंत्र को और अधिक सक्षम करने के लिए कई ठोस कदम उठाए हैं।

    इस अवसर पर एल.एंड.टी. समूह के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे |

  • धामी सरकार का सख्त कदम, बच्चों की सुरक्षा के लिए प्रदेशभर में कफ सिरप पर बड़ी कार्रवाई

    धामी सरकार का सख्त कदम, बच्चों की सुरक्षा के लिए प्रदेशभर में कफ सिरप पर बड़ी कार्रवाई

    देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड सरकार ने बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए राज्यभर में अवैध, असुरक्षित और निम्न गुणवत्ता वाली कफ सिरप दवाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) की टीमें प्रदेश के हर जिले में सक्रिय हैं।

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के मार्गदर्शन में शुरू यह अभियान अब तक की सबसे व्यापक कार्रवाई के रूप में सामने आया है। स्वास्थ्य सचिव व आयुक्त डॉ. आर. राजेश कुमार और अपर आयुक्त व ड्रग कंट्रोलर ताजबर सिंह जग्गी की देखरेख में पूरे प्रदेश में दवा विक्रेताओं, थोक आपूर्तिकर्ताओं और मेडिकल स्टोरों पर औचक निरीक्षण चल रहा है।

    देहरादून में सबसे बड़ी छापेमारी
    आज एफडीए की टीम ने देहरादून में बड़े पैमाने पर छापेमारी की। आयुक्त, खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन के निर्देश पर औषधि निरीक्षक मानेंद्र सिंह राणा के नेतृत्व में टीम ने चकराता रोड, किशननगर चौक, बल्लूपुर चौक, कांवली रोड, बल्लीपुर चौक और प्रेमनगर क्षेत्रों में मेडिकल स्टोरों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण में बच्चों को दी जाने वाली खांसी और सर्दी-जुकाम की दवाओं के क्रय-विक्रय पर तत्काल रोक लगाई गई।

    जिन दुकानों में यह दवाएं भंडारित थीं, उन्हें मौके पर सील कर दिया गया। विक्रेताओं को निर्देशित किया गया कि इन औषधियों का विक्रय अगली सूचना तक न करें। निरीक्षण के दौरान यह भी पाया गया कि कई विक्रेताओं ने स्वयं संज्ञान लेकर इन दवाओं को पहले ही दुकान से हटा दिया था। टीम ने मौके पर 11 सिरप के नमूने जांच के लिए लिए। जांच में Coldrif, Respifresh-TR और Relife जैसे सिरप किसी भी मेडिकल स्टोर में उपलब्ध नहीं पाए गए।

    उधम सिंह नगर में 40 नमूनों की जांच हेतु भेजे
    प्रदेश में बच्चों के लिए बनाए गए खांसी के सिरप पर कार्रवाई के तहत उधम सिंह नगर जनपद में औषधि विभाग की टीम ने अभियान तेज कर दिया है। वरिष्ठ औषधि निरीक्षक नीरज कुमार और औषधि निरीक्षक निधि शर्मा के नेतृत्व में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से कुल 10 पेडियाट्रिक कफ सिरप के नमूने जांच हेतु लिए गए हैं। इन सिरप में Dextromethorphan Hydrobromide, Chlorpheniramine Maleate और Phenylepherine Hydrochloride जैसे तत्व पाए गए हैं। अब तक जिले से कुल 40 कफ सिरप नमूने फॉर्म-17 में लेकर विश्लेषण के लिए प्रयोगशाला भेजे जा चुके हैं।

    हरिद्वार व रुड़की में भी सख्त कार्रवाई, 15 नमूने जांच हेतु भेजे
    इसी क्रम में हरिद्वार जनपद में भी औषधि विभाग ने अभियान को और तेज किया है। अपर आयुक्त के निर्देशों पर रुड़की के एयरन हॉस्पिटल, विनय विशाल हॉस्पिटल तथा हरिद्वार के मेट्रो हॉस्पिटल से कुल 15 कफ सिरप के नमूने परीक्षण हेतु लिए गए हैं। औषधि निरीक्षक अनीता भारती के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई के दौरान संबंधित प्रतिष्ठानों से लिए गए नमूनों को विश्लेषण के लिए भेज दिया गया है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार, हरिद्वार जिले से अब तक कुल 39 नमूने जांच हेतु लिए जा चुके हैं।

    हल्द्वानी में सरकारी अस्पताल से लिए गए नमूने
    नैनीताल जनपद के हल्द्वानी में भी एफडीए की कार्रवाई जारी रही। Soban Singh Jeena Base Hospital की ड्रग स्टोर से तीन कफ सिरप के नमूने जांच के लिए लिए गए। सभी नमूनों को गुणवत्ता परीक्षण हेतु औषधि विश्लेषणशाला, देहरादून भेजा गया है।

    कोटद्वार में ‘Respifresh TR’ सिरप का स्टॉक सीज
    पौड़ी जिले के कोटद्वार में एफडीए टीम ने कल रात से छापेमारी अभियान चलाया, जो आज भी जारी रहा। कार्रवाई के दौरान जानलेवा घोषित Respifresh TR कफ सिरप का स्टॉक कई मेडिकल स्टोरों से सीज किया गया। आज भी टीम ने विभिन्न प्रतिष्ठानों से तीन नए नमूने परीक्षण के लिए लिए हैं।

    चौखुटिया-चांदीखेत में भी सख्त कार्रवाई
    अल्मोड़ा जिले के चौखुटिया और चांदीखेत में आज एफडीए की टीम ने छह मेडिकल स्टोरों पर छापेमारी की। निरीक्षण के दौरान Respifresh TR सिरप (Batch No. R01GL2523) की 12 बोतलें जब्त की गईं। यह सिरप पहले ही एनएसक्यू (Non-Suitable Quality) घोषित किया जा चुका है। टीम ने चार कफ सिरप के नमूने जांच हेतु एकत्र किए।

    रुद्रप्रयाग में 4 नमूने लिए गए, सैंपल भेजे जांच को
    रुद्रप्रयाग जनपद के तिलवाड़ा क्षेत्र में औषधि निरीक्षकों की टीम ने रिटेल और थोक प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर चार नमूने कफ सिरप के लिए संकलित किए। दवाओं की गुणवत्ता जांच प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

    उत्तरकाशी में चार सिरपों पर प्रतिबंध
    जनपद उत्तरकाशी में औषधि निरीक्षक मोहम्मद ताजिम के नेतृत्व में छापेमारी की गई। टीम ने बच्चों में प्रयुक्त चार प्रकार के कफ सिरपों के नमूने लिए और देहरादून की प्रयोगशाला को भेजे। औषधि निरीक्षक ने सभी मेडिकल स्टोर संचालकों को चेतावनी दी कि निम्नलिखित सिरप किसी भी हालत में न रखें और न बेचें — Dextromethorphan Hydrobromide Syrup (KL-25/148), Coldrif (SR-13), Respifresh TR (R01GL2523) और Relife (LSL25160)। साथ ही निर्देश दिए गए कि 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को कफ सिरप बिल्कुल न दिया जाए और वयस्कों को भी केवल डॉक्टर की सलाह पर ही दवाएं दी जाएं।

    अब तक 148 नमूने जांच के लिए भेजे गए
    प्रदेशभर में जारी छापेमारी के दौरान अब तक 148 नमूने जांच के लिए भेजे गये। इसके साथ ही आज देहरादून में 11, कोटद्वार में 3, हल्द्वानी में 3, अल्मोड़ा में 4, रुद्रप्रयाग में 4 और उत्तरकाशी में 4 नमूने लिए गए हैं। अभियान के दौरान दर्जनों प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी किया गया है और कई स्थानों पर संदिग्ध स्टॉक जब्त कर सीलिंग की कार्रवाई की गई है।

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का बयान
    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा बच्चों के स्वास्थ्य से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। हमारी सरकार हर उस तत्व के खिलाफ सख्त है जो बच्चों की जान से खिलवाड़ करने की कोशिश करेगा। दवाओं की गुणवत्ता और सुरक्षा पर किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। यह कार्रवाई बच्चों के जीवन की सुरक्षा के लिए सरकार की प्रतिबद्धता का प्रतीक है।

    स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत का बयान
    स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा एफडीए की कार्रवाई यह संदेश दे रही है कि उत्तराखंड में बच्चों की सेहत सर्वोच्च प्राथमिकता है। जनता से अपील है कि बिना डॉक्टर की सलाह के कोई भी सिरप या दवा बच्चों को न दें। राज्य सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि केवल प्रमाणित और सुरक्षित औषधियां ही जनता तक पहुंचें।

    स्वास्थ्य सचिव व आयुक्त डॉ. आर. राजेश कुमार का बयान
    स्वास्थ्य सचिव एवं आयुक्त डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा राज्यभर में एफडीए की टीमें सक्रिय हैं। जिन सिरपों को जांच के लिए भेजा गया है, उनकी रिपोर्ट आने के बाद दोषियों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सभी जिलों में मेडिकल स्टोरों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि संदिग्ध बैच नंबर की औषधियां तुरंत हटाई जाएं।

    ड्रग कंट्रोलर ताजबर सिंह जग्गी का बयान
    अपर आयुक्त और ड्रग कंट्रोलर ताजबर सिंह जग्गी ने कहा एफडीए का अभियान निरंतर जारी रहेगा। पिछले चार दिनों में 27 नमूने जांच हेतु लिए जा चुके हैं और कई प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी किए गए हैं। विभाग की टीमें दिन-रात फील्ड में सक्रिय हैं। हमारा लक्ष्य है कि किसी भी असुरक्षित औषधि को बाजार से पूरी तरह समाप्त किया जाए।

    एफडीए की जनता से अपील
    एफडीए ने प्रदेशवासियों से अपील की है कि यदि किसी मेडिकल स्टोर या वितरक के पास उपरोक्त प्रतिबंधित सिरप पाया जाए तो तुरंत स्थानीय औषधि निरीक्षक या एफडीए कार्यालय को सूचित करें। विभाग ने स्पष्ट किया है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषी पाए जाने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ लाइसेंस निरस्तीकरण, जुर्माना और अन्य कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड सरकार ने बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर जो निर्णायक कदम उठाया है, वह प्रदेश में स्वास्थ्य सुरक्षा की नई मिसाल है। औषधि विभाग की यह मुहिम न सिर्फ संदिग्ध औषधियों पर रोक लगाने में अहम भूमिका निभा रही है, बल्कि यह संदेश भी दे रही है कि धामी सरकार बच्चों की सुरक्षा और जनस्वास्थ्य के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

  • सरस मेले के तीसरे दिन लखपति दीदी कार्यक्रम आयोजित हुआ

    सरस मेले के तीसरे दिन लखपति दीदी कार्यक्रम आयोजित हुआ

    टिहरी: सरस मेला-2025 के तृतीय दिवस के निर्धारित कार्यक्रम में लखपति दीदी कार्यक्रम आयोजित हुआ, जिसमें 09 जिलों की 52 लखपति दीदियों ने प्रतिभाग किया। इस कार्यक्रम में 25 लखपति दीदियों ने अपनी सफलता की कहानी साझा की। जिसमें सभी लखपति दीदियों का कहना है कि भारत सरकार, राज्य सरकार और जिला प्रशासन की मदद से आज हम अपनी आजीविका में सुधार करके लखपति दीदी बनी हैं।

    इस अवसर पर जिला विकास अधिकारी टिहरी गढ़वाल मो. असलम ने लखपति दीदी कार्यक्रम में ग्राम्य विकास विभाग की योजनाओं मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन योजना(NRLM) एवं ग्रामोत्थान परियोजना के बारे में विस्तृत जानकारी दी। इसके साथ ही कार्यक्रम में अमन पब्लिक स्कूल की छात्राओं ने अपनी गढ़वाली गीत में रंगारंग प्रस्तुति दी तथा सूचना विभाग में पंजीकृत दल जौनपूर लोक कला मंच द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुति दी गयी मंच का सफल संचालन जिला विकास अधिकारी टिहरी गढ़वाल मो. असलम द्वारा किया गया ।

    इस अवसर पर पीडी डीआरडी पीएस चौहान, डीटीडीओ एसएस राणा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे ।