Category: उत्तराखंड

  • पेपर लीक मामला..एकल सदस्यीय आयोग 08 अक्टूबर को राजधानी में करेगा जनसुनवाई

    पेपर लीक मामला..एकल सदस्यीय आयोग 08 अक्टूबर को राजधानी में करेगा जनसुनवाई

    पेपर लीक मामले की जांच के लिए बना एकल सदस्यीय आयोग देहरादून में आठ अक्तूबर को जनसुनवाई व संवाद करेगा। इस दौरान आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति यूसी ध्यानी इससे संबंधित सभी लोगों की शिकायतें और तथ्यों को जानेंगे। इससे पहले आयोग हल्द्वानी और टिहरी में जनसुनवाई कर चुका है।

    देहरादून में सर्वे चौक स्थित आईआरडीटी सभागार में जनसुनवाई के लिए लोगों को बुलाया जाएगा। बता दें कि 21 सितंबर को यूकेएसएसएससी की परीक्षा में पेपर लीक के आरोप के बाद एसआईटी का गठन किया गया था। इसमें युवाओं ने आठ दिन तक प्रदर्शन किया। इसके बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने युवाओं के बीच जाकर सीबीआई जांच की संस्तुति की थी। इसकी जांच के लिए पूर्व न्यायमूर्ति यूसी ध्यानी की अध्यक्षता में एक एकल सदस्यीय आयोग का गठन भी किया गया था।

  • एम्स में हुआ विश्व मानसिक स्वास्थ्य सप्ताह का शुभारंभ

    एम्स में हुआ विश्व मानसिक स्वास्थ्य सप्ताह का शुभारंभ

    ऋषिकेश: मानसिक स्वास्थ्य के बारे में विभिन्न जन जागरूकता कार्यक्रमों को बढ़ावा देते हुए एम्स ऋषिकेश में विश्व मानसिक स्वास्थ्य सप्ताह का शुभारम्भ किया गया। सप्ताह व्यापी कार्यक्रम के पहले दिन सजीव लघु नाटक की प्रस्तुति द्वारा रोगियों और उनके तीमारदारों को इस संबन्ध में लाभकारी जानकारी देकर जागरूक किया गया।

    विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस (10 अक्टूबर 2025) के उपलक्ष्य में एम्स ऋषिकेश के मनोचिकित्सा विभाग द्वारा कॉलेज ऑफ नर्सिंग एवं आयुष विभाग के सहयोग से 11 अक्टूबर तक विश्व मानसिक स्वास्थ्य सप्ताह का आयोजन किया जा रहा है। संस्थान की कार्यकारी निदेशक प्रो. मीनू सिंह के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रम के पहले दिन संस्थान के कॉलेज ऑफ नर्सिंग की छात्राओं द्वारा विश्व स्वास्थ्य संगठन की थीम पर आधारित एक लघु नाट्य प्रस्तुत किया गया।

    “आपदा ग्रस्त मरीजों एवं उनके परिजनों का मानसिक स्वास्थ्य” विषय पर आधारित इस नाटक द्वारा विद्यार्थियों ने अत्यंत प्रभावशाली एवं संवेदनशील प्रस्तुति के माध्यम से दर्शाया कि बाढ़ या दुर्घटना जैसी आपदाओं के पश्चात प्रभावितोें और उनके परिजनों की मानसिक अवस्था किस प्रकार प्रभावित होती है और ऐसे समय में मनोचिकित्सा एवं पुनर्वास सेवाएँ किस प्रकार सहायक सिद्ध होती हैं।

    आयोजन के बारे में जानकारी देते हुए मनोचिकित्सा विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. अनिंद्य दास ने बताया कि मानसिक स्वास्थ्य का महत्व व्यक्ति के समग्र शारीरिक कल्याण से जुड़ा है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ समाज की रचना के लिए जरूरी है कि समाज में रहने वाले प्रत्येक व्यक्ति मानसिक रूप से भी स्वस्थ हो।

    उन्होंने बताया कि विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस का समग्र उद्देश्य दुनिया भर में मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दों के बारे में जागरूकता बढ़ाना है। कार्यक्रम में डीन एकेडमिक प्रो. जया चतुर्वेदी, प्रभारी प्रधानाचार्य काॅलेज ऑफ नर्सिंग डॉ. जेवियर बेल्सी, मनोचिकित्सा विभाग के एसोशिएट प्रो. डाॅ. जितेन्द्र रोहिला, विभाग के एसआर, जेआर सहित कई अन्य मौजूद रहे।

  • त्योहारी सीजन में मावा, पनीर, घी और मिठाइयों की जांच समेत अन्य खाध्य पदार्थों की जांच तेज

    त्योहारी सीजन में मावा, पनीर, घी और मिठाइयों की जांच समेत अन्य खाध्य पदार्थों की जांच तेज

    देहरादून: त्योहारी सीजन को देखते हुए प्रदेशभर में मिलावटखोरों के खिलाफ खाद्य संरक्षा एंव औषधि प्रशासन विभाग यानि एफडीए का सघन अभियान जारी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने मिलावट करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के आदेश दिए हैं।

    मुख्यमंत्री ने कहा है कि त्योहारी मौसम में उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार्य नहीं होगा। इस अवसर पर उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बाजार में बिक रहे मावा, पनीर, घी, दूध और मिठाइयों की गुणवत्ता पर सख्त निगरानी रखी जाए ताकि मिलावटखोरी पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।

    सभी जनपदों में सघन छापेमारी अभियान जारी
    स्वास्थ्य सचिव एवं आयुक्त, खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग, डॉ. आर. राजेश कुमार ने त्योहारी सीजन में अपर आयुक्त (खाद्य सुरक्षा) ताजबर सिंह जग्गी को निर्देशित किया है कि सभी जनपदों में निरंतर निरीक्षण और छापेमारी अभियान चलाया जाए। राज्य के सीमावर्ती जिलों में भी विशेष सतर्कता बरती जा रही है ताकि बाहरी राज्यों से नकली और बिना मानक खाद्य सामग्री की आपूर्ति पर रोक लगाई जा सके।

    विभागीय टीमें मोबाइल वैन के माध्यम से तेजी से सैंपलिंग कार्य कर रही हैं। डॉ. राजेश कुमार ने कहा कि प्रयोगशालाओं को निर्देश दिए गए हैं कि सैंपलों की जांच शीघ्रता से की जाए, जिससे दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई तुरंत सुनिश्चित हो सके।

    त्योहारी सीजन में जांच की रफ्तार तेज
    आयुक्त डॉ आर राजेश कुमार ने बताया कि मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब्स लगातार बाजारों में जाकर मावा, खोया, पनीर, मिठाई और तेल जैसे उत्पादों की मौके पर जांच कर रही हैं। विभागीय टीमें प्रदेश के हर जिले, कस्बे और प्रमुख बाजारों में सैंपलिंग कर रही हैं ताकि हर उपभोक्ता तक सुरक्षित, शुद्ध और गुणवत्ता युक्त खाद्य पदार्थ पहुंच सकें। सरकार का स्पष्ट संदेश है “मिलावटखोरी के खिलाफ कोई रियायत नहीं, उपभोक्ता की सेहत सर्वाेपरि।”

    अपर आयुक्त ताजबर जग्गी कर रहे हैं अभियान का नेतृत्व
    अपर आयुक्त ताजबर सिंह जग्गी स्वयं विभिन्न जिलों में चल रहे छापेमारी अभियानों का नेतृत्व कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि देहरादून, हरिद्वार, उधमसिंह नगर और नैनीताल जिलों के साथ चारधाम यात्रा मार्गों व पर्यटन स्थलों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। इन क्षेत्रों में अतिरिक्त टीमें तैनात की गई हैं, जो मावा, पनीर, घी और मिठाइयों के सैंपल एकत्र कर प्रयोगशालाओं में जांच हेतु भेज रही हैं। जांच में दोषी पाए जाने वाले प्रतिष्ठानों के विरुद्ध तत्काल सीलिंग, लाइसेंस निरस्तीकरण और जुर्माने की कार्रवाई की जा रही है।

    भगवानपुर में नकली डेयरी उत्पादों की बड़ी खेप पकड़ी गई
    खाद्य सुरक्षा विभाग एवं पुलिस की संयुक्त टीम ने आज सुबह लगभग 5 बजे भगवानपुर के बालेकी युसुफपुर गांव में एक वाहन को रोककर जांच की। वाहन में बिना गुणवत्ता प्रमाणीकरण और स्वास्थ्य मानकों के पनीर सप्लाई की जा रही थी। जांच में यह भी पाया गया कि उत्पादों पर किसी प्रकार का एफएसएसएआई मानक अंकन या लेबलिंग नहीं थी, जो उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा है। टीम ने मौके पर ही उत्पादों को जब्त कर वाहन चालक और सप्लायर के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत मामला दर्ज किया। अपर आयुक्त ताजबर सिंह जग्गी ने बताया कि भगवानपुर क्षेत्र में नकली डेयरी उत्पादों की आपूर्ति करने वाले गिरोहों पर विभाग की विशेष नजर है। आने वाले दिनों में लगातार कार्रवाई की जाएगी।

    ऋषिकेश में भी मिली नकली घी और मिल्क पाउडर की खेप
    इसी क्रम में ऋषिकेश में भी खाद्य सुरक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई की। एक वाहन को रोककर जांच की गई, जिसमें 5 क्विंटल क्रीम, 35 किलोग्राम घी और 50 किलोग्राम स्किम्ड मिल्क पाउडर सप्लाई करते हुए पाया गया। इन सभी उत्पादों के पास गुणवत्ता प्रमाण पत्र या अनुमोदन दस्तावेज नहीं थे। टीम ने मौके पर उत्पाद जब्त किए और नमूने जांच हेतु भेज दिए हैं। प्रारंभिक जांच में संभावना है कि ये उत्पाद अन्य राज्यों से अवैध रूप से लाए गए नकली उत्पाद हैं। विभाग ने स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी और दोषियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।

    उपभोक्ता हित में जीरो टॉलरेंस नीति-सीएम धामी
    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि सरकार की प्राथमिकता जनस्वास्थ्य और उपभोक्ता सुरक्षा है। उन्होंने कहा कि राज्य में मिलावटखोरी के लिए कोई स्थान नहीं है। त्योहारी सीजन में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर समझौता करने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति लागू की जाएगी। मुख्यमंत्री ने जनता से भी अपील की है कि वे गुणवत्ता वाले उत्पादों का उपयोग करें, असत्यापित उत्पाद खरीदने से बचें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी विभाग को दें।

    स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत की अपील
    स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि स्वच्छ और सुरक्षित भोजन न केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य बल्कि समाज के समग्र विकास की नींव है। सरकार इस दिशा में पूरी गंभीरता से काम कर रही है। उन्होंने कहा कि मिलावटखोरी रोकने के लिए विभाग को हर संभव संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं। साथ ही उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे “त्योहारी सीजन में चौकन्ने रहें और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”

    जनजागरूकता अभियान भी जारी
    अपर आयुक्त ने बताया कि खाद्य संरक्षा एंव औषधि प्रशासन विभाग राज्यभर में जनजागरूकता अभियान भी चला रहा है, जिसमें स्कूली बच्चों, व्यापारियों और उपभोक्ताओं को सुरक्षित खाद्य पहचानने के तरीके बताए जा रहे हैं। इस अभियान के तहत विभाग द्वारा सुरक्षित भोजन-स्वस्थ जीवन थीम पर पोस्टर, सोशल मीडिया कैंपेन और स्थानीय कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

    अपर आयुक्त एफडीए ताजबर सिंह जग्गी ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे खाद्य पदार्थ खरीदते समय पैकेजिंग, लेबलिंग और निर्माण तिथि की जांच अवश्य करें। उन्होंने कहा है कि हमारे उपभोक्ता हमारे लिए सर्वाेपरि हैं। किसी भी मिलावटखोर को बख्शा नहीं जाएगा। विभाग ने यह भी कहा कि उपभोक्ता किसी संदिग्ध खाद्य उत्पाद या विक्रेता की सूचना खाद्य संरक्षा एंव औषधि प्रशासन विभाग की हेल्पलाइन या स्थानीय कार्यालय में तुरंत दें।

  • बच्चों के लिए प्रतिबंधित कफ सिरप पर सख्त हुई सरकार, मेडिकल स्टोरों से किया गया जब्त

    बच्चों के लिए प्रतिबंधित कफ सिरप पर सख्त हुई सरकार, मेडिकल स्टोरों से किया गया जब्त

    देहरादून: केंद्र सरकार द्वारा बच्चों के लिए प्रतिबंधित कफ सिरप को लेकर जारी गाइडलाइन के सख्त अनुपालन हेतु उत्तराखंड सरकार ने कार्रवाई तेज कर दी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के दिशा-निर्देशों में खाघ सरंक्षा व औषधि प्रशासन विभाग की टीमें प्रदेशभर में औचक निरीक्षण अभियान चला रही हैं।

    इसी क्रम में देहरादून क्षेत्र में औषधि विभाग ने कई मेडिकल स्टोरों और शिशु रोग अस्पतालों के मेडिकल स्टोरों का निरीक्षण किया, जहां से पेडियाट्रिक कफ सिरप के नमूने जब्त कर परीक्षण के लिए राज्य औषधि प्रयोगशाला भेजे गए हैं।

    स्वास्थ्य सचिव एवं आयुक्त डॉ. आर. राजेश कुमार के निर्देशों में यह सघन अभियान लगातार सभी जनपदों में जारी है। विभाग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी मेडिकल स्टोर या अस्पताल में प्रतिबंधित, असुरक्षित या बिना अनुमति वाली औषधियाँ न बेची जाएं और बच्चों की सेहत के साथ किसी भी प्रकार का जोखिम न उठाया जाए।

    देहरादून क्षेत्र में औचक निरीक्षण अभियान
    स्वास्थ्य सचिव एवं आयुक्त डॉ. आर. राजेश कुमार से प्राप्त आदेशों तथा अपर आयुक्त एफडीए व ड्रग कंट्रोलर ताजबर सिंह जग्गी के दिशा-निर्देशों के अनुसार औषधि विभाग की टीम ने आज देहरादून क्षेत्र में स्थित मेडिकल स्टोरों एवं शिशु रोग (Paediatric) अस्पतालों के मेडिकल स्टोरों का औचक निरीक्षण किया। अपर आयुक्त एफडीए व ड्रग कंट्रोलर ताजबर सिंह जग्गी ने कहा निरीक्षण के दौरान कई मेडिकल स्टोरों में Dextromethorphan Hydrobromide, Chlorpheniramine Maleate एवं Phenylephrine Hydrochloride युक्त पेडियाट्रिक कफ सीरप्स का भंडारण पाया गया।

    इन औषधियों को नियमानुसार सीज़ (जब्त) करने की कार्यवाही की गई। साथ ही, कुल 06 पेडियाट्रिक कफ सीरप्स के नमूने फॉर्म-17 में परीक्षण हेतु एकत्रित किए गए हैं। नमूने अब राज्य औषधि परीक्षण प्रयोगशाला को भेजे जाएंगे, जहाँ उनकी गुणवत्ता और वैधता का परीक्षण किया जाएगा।


    नियमों के पालन को लेकर विभाग सख्त

    अपर आयुक्त एफडीए व ड्रग कंट्रोलर ताजबर सिंह जग्गी ने कहा निरीक्षण के दौरान यह भी पाया गया कि किसी भी मेडिकल स्टोर पर Coldrif, Respifresh TR, Relife कफ सीरप उपलब्ध नहीं थी। विभाग ने स्पष्ट किया कि निरीक्षण का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रदेश में केवल अनुमोदित, सुरक्षित और चिकित्सकीय रूप से स्वीकृत औषधियाँ ही उपलब्ध हों। विभाग ने सभी औषधि विक्रेताओं को चेतावनी दी है कि यदि किसी भी स्टोर पर बिना अनुमति या प्रतिबंधित औषधियाँ पाई जाती हैं, तो उनके विरुद्ध खाद्य, औषधि एवं प्रसाधन अधिनियम, 1940 तथा संबंधित नियमों के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

    सरकार की प्रतिबद्धता, जनस्वास्थ्य सर्वोपरि- पुष्कर सिंह धामी
    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि सरकार की प्राथमिकता प्रदेशवासियों को सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण और प्रमाणित औषधियाँ उपलब्ध कराना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि औषधि विक्रेताओं और अस्पतालों में नियमित निरीक्षण और सैंपलिंग प्रक्रिया को और तेज किया जाए।

    लापरवाही या नियम उल्लंघन बर्दाश्त नहीं- डॉ. धन सिंह रावत
    स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि औषधि विभाग का यह अभियान जनस्वास्थ्य की रक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक कदम है। किसी भी स्तर पर लापरवाही या नियम उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विभाग ने आम जनता से भी अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध या बिना लेबल औषधि की जानकारी निकटतम औषधि निरीक्षक या विभागीय हेल्पलाइन को दें, ताकि त्वरित कार्रवाई की जा सके।

    निरीक्षण टीम और नेतृत्व
    इस निरीक्षण अभियान का नेतृत्व उप औषधि नियंत्रक हेमंत सिंह नेगी ने किया। उनके साथ
    सहायक औषधि नियंत्रक सुधीर सिंह, औषधि निरीक्षक मानेंद्र सिंह राणा, औषधि निरीक्षक श्रीमती निधि रतूड़ी, तथा औषधि निरीक्षक विनोद जगुड़ी टीम में सम्मिलित रहे। टीम ने कहा कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और सभी जिलों में मेडिकल स्टोरों की निरंतर निगरानी की जाएगी ताकि आमजन तक केवल सुरक्षित और मानक औषधियाँ ही पहुँच सकें।

  • एफ.डी.ए. की ताबड़तोड़ कार्रवाई, 63 औषधियों के सैंपल जांच हेतु भेजे गए

    एफ.डी.ए. की ताबड़तोड़ कार्रवाई, 63 औषधियों के सैंपल जांच हेतु भेजे गए

    देहरादून: प्रदेश में बच्चों की सुरक्षा और जनस्वास्थ्य को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के दिशा-निर्देश पर खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफ.डी.ए.) उत्तराखंड द्वारा पूरे राज्य में प्रतिबंधित और संदिग्ध कफ सिरप की बिक्री एवं वितरण के खिलाफ सघन अभियान चलाया जा रहा है।

    आयुक्त, खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन डॉ. आर. राजेश कुमार के आदेशों के क्रम में प्रदेशभर में लगातार छापेमारी की जा रही है। टीमों द्वारा विभिन्न मेडिकल स्टोर्स, थोक विक्रेताओं और अस्पतालों की औषधि दुकानों से सैंपल एकत्र कर उन्हें परीक्षण के लिए प्रयोगशालाओं को भेजा जा रहा है।

    एफ.डी.ए. मुख्यालय में अपर आयुक्त ताजवर सिंह जग्गी की पत्रकार वार्ता
    इसी कड़ी में सोमवार को एफ.डी.ए. मुख्यालय, देहरादून में अपर आयुक्त व ड्रग कंट्रोलर (एफ.डी.ए.) एवं ड्रग कंट्रोलर ताजवर सिंह जग्गी ने पत्रकारवार्ता का आयोजन किया। पत्रकारवार्ता में उन्होंने प्रदेशभर में संदिग्ध औषधियों की जांच, सैंपलिंग और बाजार नियंत्रण की वर्तमान स्थिति पर विस्तार से जानकारी साझा की गई। अपर आयुक्त व ड्रग कंट्रोलर ताजबर सिंह जग्गी ने बताया कि राजस्थान और मध्य प्रदेश में कफ सिरप के सेवन से बच्चों के बीमार होने और मृत्यु की घटनाओं के बाद उत्तराखंड सरकार ने यह कदम एहतियातन और जनहित में उठाया है। उन्होंने कहा कि यह अभियान पूरी संवेदनशीलता के साथ प्रदेश के हर जिले में चलाया जा रहा है, ताकि किसी भी स्थिति में बच्चों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।

    सभी जिलों में सैंपलिंग और जांच अभियान तेज
    अपर आयुक्त व ड्रग कंट्रोलर ताजबर सिंह जग्गी ने बताया कि प्रदेश के सभी जनपदों में औषधि नियंत्रण अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे सीएफटीओ, मेडिकल स्टोर्स, थोक विक्रेताओं और अस्पतालों की औषधि दुकानों से कफ सिरप के नमूने एकत्र करें और परीक्षण हेतु अधिकृत प्रयोगशालाओं को भेजें। उन्होंने कहा कि निर्माण कंपनियों से भी कच्चे माल जैसे पॉलीइथिलीन ग्लाइकॉल, सॉर्बिटॉल और अन्य रासायनिक तत्वों के सैंपल लेकर गुणवत्ता जांच की जा रही है, ताकि उत्पादन स्तर पर भी किसी प्रकार की कमी या गड़बड़ी की संभावना समाप्त की जा सके।

    अब तक प्रदेशभर में 63 औषधियों के नमूने एकत्र किए जा चुके हैं, जिनकी जांच प्रक्रिया जारी है। विभाग द्वारा प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

    बिना डॉक्टरी परामर्श बच्चों को न दें दवा
    अपर आयुक्त व ड्रग कंट्रोलर ताजवीर सिंह जग्गी ने आम जनता से अपील की कि वे बिना चिकित्सक की सलाह के बच्चों को कोई भी कफ सिरप या औषधि न दें। उन्होंने कहा बच्चों के स्वास्थ्य से किसी भी तरह का जोखिम न लिया जाए। यदि बच्चे में सर्दी, खांसी या बुखार जैसे लक्षण दिखाई दें, तो केवल योग्य चिकित्सक से परामर्श लेकर ही दवा दें। उन्होंने कहा यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा, ताकि किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य जोखिम की स्थिति उत्पन्न न हो। उन्होंने बताया कि विभागीय टीमें इस अभियान की सतत निगरानी कर रही हैं और प्रत्येक जिले में औषधि दुकानों व थोक विक्रेताओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

    अपर आयुक्त ने यह भी बताया कि आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन डॉ. आर. राजेश कुमार ने सभी जिलाधिकारियों और मुख्य चिकित्साधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि भारत सरकार की एडवाइजरी को तत्काल प्रभाव से लागू कराया जाए। साथ ही औषधि दुकानों और निर्माण इकाइयों की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के आदेश दिए गए हैं।

    पुरानी या खुली दवाइयाँ बच्चों को बिल्कुल न दें
    अपर आयुक्त एवं ड्रग कंट्रोलर ताजवीर सिंह जग्गी ने आम जनता से अपील की है कि अपने घरों में पहले से खुली हुई कफ सिरप या किसी भी प्रकार की दवाई बच्चों को बिल्कुल न दें। उन्होंने कहा कि कई बार पुरानी या खुली दवाइयाँ अपनी प्रभावशीलता खो देती हैं और बच्चों के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक साबित हो सकती हैं। इसलिए ऐसी किसी भी खुली बोतल या अधूरी दवाई को सुरक्षित तरीके से नष्ट करें और घर में दवाइयाँ खुले रूप में न रखें। उन्होंने आम लोगों से आग्रह किया कि दवाइयाँ केवल चिकित्सक की सलाह पर ही उपयोग करें और हर दवा की एक्सपायरी डेट अवश्य जांचें, ताकि किसी प्रकार की अनचाही स्वास्थ्य समस्या से बचा जा सके।

    मुख्यमंत्री व स्वास्थ्य मंत्री के निर्देश-“बच्चों की सुरक्षा सर्वाेच्च
    अपर आयुक्त ने कहा मुख्यमंत्री जी, स्वास्थ्य मंत्री जी व आयुक्त महोदय अभियान की लगातार अपडेट ले रहे हैं। उनके सख्त निर्देश हैं कि हर घर की थाली शुद्ध रहे और हर बच्चे का स्वास्थ्य सुरक्षित रहे। उन्होंने कहा राज्य सरकार बच्चों की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह सजग है। औषधि और खाद्य सुरक्षा से जुड़ी सभी गतिविधियों की कड़ी निगरानी की जा रही है। प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण औषधियां ही आमजन तक पहुंचें, यह सुनिश्चित किया जा रहा है।

    दीपावली से पहले खाद्य पदार्थों पर भी सख्त निगरानी
    अपर आयुक्त व ड्रग कंट्रोलर ताजवर सिंह जग्गी ने बताया कि राज्य में दवाइयों के साथ ही खाद्य पदार्थों में मिलावट के खिलाफ निरीक्षण और सैंपलिंग अभियान भी तेजी से चलाया जा रहा है। दीपावली पर्व को देखते हुए विभाग ने विशेष अभियान शुरू किया है, जिसके तहत राज्य की सीमाओं पर निगरानी बढ़ाई गई है, और मिठाइयों व खाद्य पदार्थों के सैंपल लेकर जांच की जा रही है। उन्होंने कहा त्योहारों के समय मिलावटखोरी पर अंकुश लगाना हमारी प्राथमिकता है। विभाग की टीमें फील्ड में सक्रिय हैं और दोषी पाए जाने पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

    एफ.डी.ए. की अपील
    प्रेस वार्ता के अंत में अपर आयुक्त ने कहा कि एफ.डी.ए. की यह कार्रवाई सरकार की जनहित प्रतिबद्धता का हिस्सा है। उन्होंने कहा उत्तराखंड सरकार जनता के स्वास्थ्य को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है। किसी भी स्तर पर लापरवाही या गुणवत्ता से समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह अभियान प्रदेशव्यापी है और निरंतर जारी रहेगा। उन्होंने आम जनता के साथ ही मीडिया के साथियों से भी सहयोग की अपील की। ताकि अधिक से अधिक लोगों को जागरूक किया जा सके।

  • जन सुनवाई में दर्ज हुई 121 शिकायत, अधिकांश का मौके पर समाधान

    जन सुनवाई में दर्ज हुई 121 शिकायत, अधिकांश का मौके पर समाधान

    देहरादून: जिलाधिकारी सविन बसंल ने सोमवार को ऋषिपर्णा सभागार में जनता दर्शन कार्यक्रम में जन समस्याएं सुनी। दूर दराज से पंहुचे लोगों ने निजी भूमि पर कब्जा, भूमि विवाद, घरेलू हिंसा, सिंचाई गूल, बाढ सुरक्षा, बिजली का बिल माफी, आर्थिक सहायता, दैवीय आपदा में क्षति, मुआवजा आदि से जु़ड़ी 121 शिकायतें रखी।

    जिनमें से अधिकतर शिकायतों का जिलाधिकारी ने मौके पर ही समाधान किया गया। जिलाधिकारी ने विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि जन समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए प्राथमिकता पर उनका निस्तारण करना सुनिश्चित करें।

    नींबू वाला निवासी विशाखा वर्मा ने बैंक ऋण माफ कराने को लेकर जिलाधिकारी ने शीघ्र प्रकरण की जांच कर सीएसआर से पीडित महिला की मदद हेतु सीएसआर में प्रस्ताव उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। नवाकोट निवासी जयमल सिंह ने भूमि की अदला बदली में कूटरचित हस्ताक्षर कर जमीन धोखाधड़ी की शिकायत पर एसडीएम को 15 दिनों के भीतर मामले की जांच कर आख्या उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। वही नेहरूग्राम निवासी सुषमा ने न्यायालय के द्वारा पारित वादग्रस्त भूमि का विभाजन न होने तक निर्माण कार्य पर रोक के आदेश के बावजूद अवैध तरीके से बाहरी लोगों बसाए जाने की शिकायत पर एमएनए नगर निगम को न्यायालय के आदेशों का सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। दिव्यांग गौरव कुमार ने रोजगार चाहने की बात पर एएसडीएम को प्रार्थी को किसी कंपनी में रोजगार हेतु व्यवस्था करने को कहा। ग्राम पंचायत सहसपुर के वार्ड-4 में खाली की पुलिया से जंगलात चौकी तक सड़क की स्थिति बेहद खराब होने की शिकायत पर डीडीओ सहसपुर और एएमए जिला पंचायत को मार्ग ठीक कराने के निर्देश दिए गए।

    ग्राम फूलेत माजरा भैकली खाल में आपदा प्रभावितों ने दैवीय आपदा से हुई क्षतिपूर्ति हेतु आर्थिक सहायता के लिए एसडीएम सदर को शीघ्र आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए। ग्राम सैबूवाला निवासी मेहर सिंह ने दैवीय आपदा में पूरा घर और कृषि भूमि क्षतिग्रस्त होने पर आर्थिक सहायता की गुहार लगाई। जिस पर तहसीलदार को मौका मुआयना कर आपदा मानकों के अनुसार सहायता राशि वितरण कराने के निर्देश दिए। भूस्खलन से प्रभावित जाखन के समस्त ग्राम वासियों ने क्षतिग्रस्त भवनों का स्थायी समाधान होने तक विस्थापित परिवारों को नियमित किराया सहायता उपलब्ध कराने का अनुरोध पत्र प्रस्तुत किया। जिस पर एसडीएम विकास नगर को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

    हरर्बटपुर में नगर पालिका की सड़क पर अवैध कब्जे की शिकायत पर ईओ नगर पालिका को तत्काल अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए। रानीपोखरी क्षेत्र में हो रहे अवैध निर्माण की शिकायत पर एमडीडीए और एसडीएम ऋषिकेश को कार्रवाई के निर्देश दिए गए। हिलांसवाली जन कल्याण समिति ने हिलांसवाली में सभी खसरा नंबर विपरीत दिशा में दर्शाए जाने की शिकायत पर तहसीलदार को जांच कर शिकायत का समाधान करने को कहा गया। डीएल रोड, डालनवाला में सार्वजनिक रास्ते पर अवैध निर्माण कर रास्ता अवरुद्ध किए जाने की शिकायत पर एएमएनए को शीघ्र अतिक्रमण हटाने को कहा गया।

    शिव कॉलोनी कंडवाली रोड निवासी शैली गुप्ता ने आर्थिक सहायता की गुहार लगाते हुए बताया कि पति की मृत्यु के बाद उनके दो बच्चों की पढ़ाई पर संकट आ गया है। बच्चों की पढ़ाई को देखते हुए जिलाधिकारी ने सीडीओ व मुख्य शिक्षा अधिकारी को संबंधित स्कूल प्रबंधक से वार्ता करते हुए आवश्यक सहयोग प्रदान कराने के निर्देश दिए। चायबाग अम्बीवाला निवासी राजेश कुमार ने अपनी 80 प्रतिशत दिव्यांग पुत्री का आधार कार्ड बनाने में आ रही समस्या को रखा। जिस पर ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर को आज ही समस्या का समाधान करने के निर्देश दिए गए।

    जनता दरबार में एसडीएम अपूर्वा सिंह, एसडीएम कुमकुम जोशी, एसडीएम विकासनगर विनोद कुमार, जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार, मुख्य शिक्षा अधिकारी वीके ढौंडियाल, जिला कार्यक्रम अधिकारी जीतेन्द्र कुमार, जिला समाज कल्याण अधिकारी दीपांकर घिल्डियाल, जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट, तहसीलदार सुरेन्द्र देव सहित विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद थे।

  • मुख्यमंत्री ने किया सरस आजीविका मेले में 12 आर्थिक गतिविधियों का लोकार्पण

    मुख्यमंत्री ने किया सरस आजीविका मेले में 12 आर्थिक गतिविधियों का लोकार्पण

    टिहरी गढ़वाल: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ऋषिकेश में आयोजित ’’सरस आजीविका मेले’’ में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के सी.एल.एफ. हेतु 1.20 करोड़ रुपये की 12 आर्थिक गतिविधियों का लोकार्पण किया, इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने 10 अन्य सी.एल.एफ. के लिए 1 करोड़ रुपये की प्रस्तावित आर्थिक गतिविधियों का शिलान्यास भी किया ।

    उन्होंने आज Rising Tehri – Physics Wala Online Coaching Class का भी लोकार्पण किया गया है। इस कोचिंग क्लास में अब युवा जेईई और नीट आदि की प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी अपने गाँव-घर में रहते हुए भी कर सकेंगे।

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मेले में ग्राम्य विकास विभाग और जिला प्रशासन द्वारा ’ग्रामोत्थान परियोजना’ के अंतर्गत की गई पहल की सराहना की।

    मेले में बड़ी संख्या में उपस्थित स्वयं सहायता समूह के लोगों एवं ग्रामीण उद्यमियों को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि यह मेला हमारे ग्रामीण क्षेत्रों की समृद्ध सांस्कृतिक परम्परा, कौशल और उद्यमिता को प्रदर्शित करने का एक अनूठा प्रयास है।

    आजीविका मेलों के माध्यम से, जहाँ एक ओर स्थानीय उत्पादों को प्रदर्शित करने का एक उत्कृष्ट मंच मिलता है, वहीं ये मेले आदरणीय प्रधानमंत्री जी के ’’आत्मनिर्भर भारत’’ और ‘’वोकल फॉर लोकल’’ के मंत्र को भी साकार करने में सहायक सिद्ध होते हैं।

    ऐसे मेलों के माध्यम से हम ग्रामीण कारीगरों, महिला स्वयं सहायता समूहों, हस्तशिल्पियों, ग्रामीण उद्यमियों के साथ साथ कृषि उत्पादों और ग्रामीण कौशल को भी राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों से जोड़ने का प्रयास कर रहे हैं। इस मेले में स्वयं सहायता समूहों द्वारा लगाए गए स्टॉल ’’स्वदेशी अपनाओ’’ के उस संदेश को आगे बढ़ा रहे हैं, जिसमें हमें अपने गाँव, अपने प्रदेश और अपने देश में बने उत्पादों को प्राथमिकता देने का संकल्प लेना है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि जब हम स्वदेशी उत्पाद खरीदते हैं तो वो सिर्फ एक सामान की खरीद नहीं होती, बल्कि वो हमारे ग्रामीण कारीगरों, मातृशक्ति और उद्यमियों के सपनों में निवेश होता है। इसलिए स्वदेशी अपनाना न केवल हमारी संस्कृति और परंपरा को जीवित रखता है, बल्कि यह हमारे किसानों, हस्तशिल्पियों और स्थानीय उद्यमियों की आजीविका को भी सुरक्षित करता है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री जी ने कहा है कि आत्मनिर्भर भारत की नींव स्वदेशी पर टिकी है। यह मेला उसी दिशा में एक सशक्त कदम है, जो हमारे स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने का माध्यम बनेगा। प्रधानमंत्री जी के इस आव्हान को हमारी मातृशक्ति ने सबसे पहले आत्मसात किया और आज हमारे स्वयं सहायता समूहों की दीदियाँ अपने श्रम और कौशल से स्वदेशी उत्पादों को नए आयाम दे रही हैं। आप सभी से अपील करता हूँ कि इस मेले में लगे स्टॉल से स्वदेशी उत्पादों को खरीद कर ’’स्वदेशी अपनाओ’’ के अभियान को और मजबूती प्रदान करने के साथ महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाएं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि जब एक महिला आर्थिक रूप से सशक्त होती है तो वो न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे समाज को सशक्त बनाने का कार्य करती है। इसी को देखते हुए हमने ’‘लखपति दीदी योजना’’, ‘’मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना’’ और ‘’मुख्यमंत्री महिला स्वयं सहायता समूह सशक्तिकरण योजना’’ के माध्यम से महिलाओं के सशक्तिकरण पर विशेष फोकस किया है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि लखपति दीदी योजना के तहत अब तक हमारे राज्य की 1.65 लाख रुपए से अधिक महिलाओं ने लखपति बनने का गौरव प्राप्त किया है।साथ ही, ’’मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना’’ के अर्तंगत महिलाओं द्वारा लगभग 2000 स्टाल लगाकर लगभग 5.5 करोड़ रुपये के विपणन ने उद्यमशीलता की एक नई मिसाल कायम की है।

    इतना ही नहीं, हमारी सरकार द्वारा लॉन्च किए गए ’‘हाउस ऑफ हिमालयाज’’ ब्रांड के माध्यम से भी हमारी बहनों द्वारा बनाए जा रहे विभिन्न स्थानीय उत्पाद अब विश्व के कोने-कोने तक पहुंच रहे हैं। राज्य में ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत 68 हजार से अधिक स्वयं सहायता समूहों में 5 लाख से अधिक सदस्य जुड़े हैं, साथ ही, साढ़े सात हजार से अधिक ग्राम संगठन और 534 क्लस्टर स्तर के संगठन भी बनाए गए हैं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार महिला किसानों को भी सशक्त बनाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। हमने फार्म लाइवलीहुड और महिला किसान सशक्तिकरण योजना के तहत राज्य की लगभग 3 लाख से अधिक महिला किसानों की क्षमता एवं कौशल का विकास करने का काम किया है। इसके अलावा हमने 2.5 लाख एग्रीन्यूट्री गार्डन और किचन गार्डन की स्थापना की है और लगभग 500 फार्म मशीनरी बैंक भी उपलब्ध कराए हैं।

    इतना ही नहीं हमारी सरकार राज्य की 5 हजार से अधिक महिला किसानों को आर्गेनिक खेती से जोड़ने का कार्य भी कर रही है। इन सभी प्रयासों के माध्यम से आज हमारे प्रदेश की महिलाओं की आर्थिक स्थिति में सुधार आया है।आज मातृशक्ति आत्मनिर्भरता की नई कहानी लिख रही हैं, जो इस सरस मेले में भी स्पष्ट रूप से परिलक्षित हो रहा है।

    कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, सुबोध उनियाल, स्वयं सहायता समूह के सदस्य, ग्रामीण उद्यमी तथा स्थानीय लोग उपस्थित रहे।

  • हल्द्वानी में खेल विश्वविद्यालय और लोहाघाट में महिला स्पोर्ट्स कॉलेज की कार्यवाही में तेजी लाई जाए

    हल्द्वानी में खेल विश्वविद्यालय और लोहाघाट में महिला स्पोर्ट्स कॉलेज की कार्यवाही में तेजी लाई जाए

    देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को मुख्यमंत्री आवास में खेल विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को राज्य में खेल अवसंरचना के सुदृढ़ीकरण एवं युवाओं को खेलों के प्रति और अधिक प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि 38वें राष्ट्रीय खेलों के दौरान तैयार किए गए खेल अवसंरचना का नियमित रख-रखाव और उसके प्रभावी उपयोग पर विशेष ध्यान दिया जाए, ताकि राज्य में खेल गतिविधियों को निरंतर गति मिल सके। उन्होंने निर्देश दिए कि इन परिसंपत्तियों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने के लिए राज्यभर में नियमित खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाए।

    मुख्यमंत्री ने हल्द्वानी में प्रस्तावित खेल विश्वविद्यालय तथा लोहाघाट में बनने वाले महिला स्पोर्ट्स कॉलेज की कार्यवाही में तेज़ी लाने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं के शीघ्र क्रियान्वयन से प्रदेश के खिलाड़ियों को उच्चस्तरीय प्रशिक्षण सुविधाएं मिलेंगी, जिससे राज्य खेल क्षेत्र में नई पहचान बनाएगा।

    बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने युवाओं में खेलों के प्रति उत्साह और भागीदारी बढ़ाने के लिए न्याय पंचायत स्तर से लेकर विधायक, सांसद एवं मुख्यमंत्री चैंपियनशिप ट्रॉफी जैसी प्रतियोगिताओं का भव्य आयोजन सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि खेल एवं युवा कल्याण विभाग अग्निवीर भर्ती की तैयारी कर रहे युवाओं को भी आवश्यक सहयोग प्रदान करे।

    मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि 39वें राष्ट्रीय खेलों के दृष्टिगत प्रदेश के खिलाड़ियों को और बेहतर प्रशिक्षण एवं संसाधन उपलब्ध कराए जाएं। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को समयबद्ध रूप से पुरस्कार, छात्रवृत्ति एवं बीमा सुरक्षा के लाभ सुनिश्चित किए जाएं। उन्होंने कहा कि खेल विभाग द्वारा निजी क्षेत्र एवं कॉरपोरेट जगत की भागीदारी से खेल अवसंरचना के विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जाए, ताकि खेल सुविधाओं का विस्तार जन-जन तक हो सके।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि खिलाड़ियों को गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए अनुभवी प्रशिक्षकों की नियुक्ति की जाए तथा राज्य में विभिन्न खेल अकादमियों की स्थापना से संबंधित कार्यों में गति लाई जाए। उन्होंने कहा कि सरकार का संकल्प प्रदेश में खेल संस्कृति को बढ़ावा देना और युवाओं की ऊर्जा को सकारात्मक दिशा देना है।

    बैठक में खेल मंत्री श्रीमती रेखा आर्या, उत्तराखंड राज्य स्तरीय खेल परिषद के उपाध्यक्ष हेमराज बिष्ट, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, विशेष प्रमुख सचिव खेल अमित सिन्हा, सचिव शैलेश बगोली, निदेशक खेल आशीष चौहान तथा खेल विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

  • उत्तराखंड के मुख्य सचिव ने जलवायु लचीलापन व जल स्थिरता पर अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन किया

    उत्तराखंड के मुख्य सचिव ने जलवायु लचीलापन व जल स्थिरता पर अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन किया

    रुड़की: भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की (आईआईटी रुड़की) ने आज अंतर्राष्ट्रीय जल विज्ञान संघ (आईएएचएस)की बारहवीं वैज्ञानिक सभा का उद्घाटन किया। इस सभा में दुनिया भर के प्रमुख वैज्ञानिक, शोधकर्ता एवं नीति निर्माता सतत जल संसाधन प्रबंधन, जल विज्ञान संबंधी नवाचारों एवं जलवायु परिवर्तन के प्रति सहनशीलता पर विचार-विमर्श करने के लिए एकत्रित हुए।

    इस सभा में 49 देशों के 627 से अधिक प्रतिभागी और 682 वैज्ञानिक योगदान शामिल हैं, जो इसे आईएएचएस के इतिहास की सबसे बड़ी सभाओं में से एक बनाता है। सप्ताह भर चलने वाला यह कार्यक्रम जल स्थिरता एवं जलवायु अनुकूलन को बढ़ावा देने के लिए व्यापक चर्चाओं, कार्यशालाओं व नेटवर्किंग के माध्यम से वैश्विक सहयोग को बढ़ावा देगा।

    मुख्य अतिथि के रूप में मुख्य सचिव उत्तराखण्ड, श्री आनंद बर्द्धन ने सत्र का उद्घाटन किया और जल विज्ञान अनुसंधान और इसके सामाजिक अनुप्रयोगों को आगे बढ़ाने में उनके वैश्विक योगदान के लिए आईआईटी रुड़की एवं आईएएचएस की सराहना की। मुख्य सचिव श्री बर्द्धन ने कहा, ष्जल विज्ञान जलवायु परिवर्तन के प्रति लचीलापन, आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं सतत विकास के लिए महत्वपूर्ण है। आईआईटी रुड़की जैसे संस्थान वैश्विक ज्ञान को स्थानीय समाधानों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं जो समुदायों और नीति निर्माताओं दोनों को सशक्त बनाते हैं।ष्

    कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक दीप प्रज्वलन एवं आईआईटी रुड़की कुलगीत के साथ हुई, जिसके बाद प्रमुख गणमान्य व्यक्तियों ने अपने संबोधन दिए, जिनमें आईआईटी रुड़की के निदेशक प्रो. के.के. पंत, आईएएचएस के अध्यक्ष प्रो. साल्वातोरे ग्रिमाल्डी, आईएनएसए के उपाध्यक्ष एवं सीएसआईआर-एनईआईएसटी के निदेशक डॉ. वी.एम. तिवारी, आईएएचएस एसए 2025 के अध्यक्ष प्रो. सुमित सेन तथा संयोजक प्रो. अंकित अग्रवाल शामिल थे।

    आईआईटी रुड़की में आयोजित यह आईएएचएस वैज्ञानिक सभा नवाचार, सहयोग एवं ज्ञान के आदान-प्रदान के माध्यम से वैश्विक जल चुनौतियों के समाधान के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाती है। यह जल विज्ञान अनुसंधान एवं सतत जल प्रबंधन में भारत की अग्रणी भूमिका को सुदृढ़ करती है। आईआईटी रुड़की के निदेशक प्रो. के.के. पंत ने कहा, मुझे पूर्ण विश्वास है कि यह छह दिवसीय सभा नए विचारों, दीर्घकालिक साझेदारियों और परिवर्तनकारी नवाचारों को प्रेरित करेगी, जो जल विज्ञान एवं समाज दोनों के लिए सार्थक योगदान देंगी। सत्र के दौरान आईएएचएस वैज्ञानिक सभा 2025 की कार्यवाही का विमोचन भी किया गया, जो एक सप्ताह तक चलने वाले वैज्ञानिक विचार-विमर्श, तकनीकी सत्रों, प्रदर्शनी एवं अंतरराष्ट्रीय सहयोगों की शुरुआत का प्रतीक है।

  • मुख्यमंत्री के जन सेवा संकल्प को देहरादून प्रशासन दे रहा गति, जनता की समस्याओं पर त्वरित कार्रवाई… 

    मुख्यमंत्री के जन सेवा संकल्प को देहरादून प्रशासन दे रहा गति, जनता की समस्याओं पर त्वरित कार्रवाई… 

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के जन सेवा संकल्प और सुशासन की भावना को मूर्त रूप देते हुए देहरादून जिला प्रशासन जनता की समस्याओं के समाधान में सक्रिय भूमिका निभा रहा है। सोमवार को जिलाधिकारी सविन बसंल ने ऋषिपर्णा सभागार में आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम में नागरिकों की समस्याएं सुनीं।

    जिलाधिकारी के समक्ष भूमि विवाद, कब्जा, सिंचाई गूल, बिजली बिल माफी, आपदा क्षति, मुआवजा, घरेलू हिंसा और आर्थिक सहायता जैसी 121 शिकायतें रखी गईं। इनमें से अधिकांश मामलों का समाधान मौके पर ही कर दिया गया।

    डीएम ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनता की हर समस्या को गंभीरता से लेते हुए प्राथमिकता पर निस्तारण सुनिश्चित करें। नवाकोट निवासी जयमल सिंह की भूमि अदला-बदली में कूटरचित हस्ताक्षर की शिकायत पर जिलाधिकारी ने एसडीएम को 15 दिनों में जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा।

    ग्राम फूलेत माजरा व सैबूवाला के आपदा प्रभावितों की आर्थिक सहायता की मांग पर संबंधित एसडीएम और तहसीलदारों को मौका मुआयना कर राहत राशि वितरण के निर्देश दिए गए।
    नींबूवाला निवासी विशाखा वर्मा के बैंक ऋण माफी प्रकरण में डीएम ने सीएसआर के माध्यम से सहायता का प्रस्ताव तैयार करने को कहा। दिव्यांग गौरव कुमार के रोजगार संबंधी अनुरोध पर एएसडीएम को किसी कंपनी में रोजगार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। कंडवाली रोड निवासी शैली गुप्ता के पति की मृत्यु के बाद बच्चों की पढ़ाई पर संकट की जानकारी पर डीएम ने सीडीओ और मुख्य शिक्षा अधिकारी को स्कूल प्रबंधक से समन्वय कर बच्चों की पढ़ाई जारी रखने के निर्देश दिए।

    हरबर्टपुर, रानीपोखरी और डालनवाला क्षेत्रों में अवैध कब्जे व निर्माण की शिकायतों पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए। हिलांसवाली क्षेत्र में खसरा नंबरों की त्रुटि संबंधी शिकायत पर तहसीलदार को जांच कर समाधान के आदेश दिए गए।

    जनता दरबार में एसडीएम अपूर्वा सिंह, एसडीएम कुमकुम जोशी, एसडीएम कुमकुम जोशी, एसडीएम विनोद कुमार, जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार, मुख्य शिक्षा अधिकारी वी.के. ढौंडियाल, जिला कार्यक्रम अधिकारी जीतेन्द्र कुमार, जिला समाज कल्याण अधिकारी दीपांकर घिल्डियाल, जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट, तहसीलदार सुरेन्द्र देव सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।