Category: उत्तराखंड

  • मुख्यमंत्री ने प्रदान की विभिन्न विकास योजनाओं के लिए 986 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति

    मुख्यमंत्री ने प्रदान की विभिन्न विकास योजनाओं के लिए 986 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति

    देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद चम्पावत के अर्न्तगत तहसील बाराकोट के अनावसीय भवन निर्माण कार्य हेतु 3.03 करोड, जनपद मुख्यालय हरिद्वार के ऑफिसर्स कॉलोनी में श्रेणी-05 के 02 शासकीय आवासों के निर्माण कार्य हेतु 1.86 करोड, जनपद पौडी गढ़वाल के तहसील कार्यालय पौड़ी में मीटिंग हॉल एवं अतिरिक्त कक्षों के निर्माण कार्य हेतु 2.08 करोड तथा जनपद चम्पावत के लोहाघाट बस स्टेशन में कार्यालय भवन, कार्यशाला और स्टोर कक्ष निर्माण कार्य हेतु 7.16 करोड की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया है।

    मुख्यमंत्री ने पंचम राज्य वित्त आयोग उत्तराखण्ड की संस्तुतियों पर समस्त जिला पंचायतों को वित्तीय वर्ष 2025-26 की तृतीय किश्त हेतु 83.25 करोड़, क्षेत्र पंचायतों को द्वितीय छमाही किश्त हेतु 78.00 करोड एवं ग्राम पंचायतों को द्वितीय छमाही किश्त हेतु 200.00 करोड़ की धनराशि अवमुक्त किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया है के साथ ही पंचम राज्य वित आयोग की संस्तुतियों पर शहरी स्थानीय निकायों को वित्तीय वर्ष 2025-26 की तृतीय त्रैमासिक किश्त हेतु 333 करोड तथा तीन गैर-निर्वाचित निकायों को द्वितीय छमाही हेतु कुल 3.00 करोड़ की धनराशि अवमुक्त किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया है।

    मुख्यमंत्री ने राज्य योजना के अंतर्गत जनपद देहरादून के विधानसभा क्षेत्र मसूरी के अनास्वाला मालसी मोटर मार्ग पर अतिक्रमण हटाने के पश्चात उपलब्ध भूमि पर मार्ग के किमी 4 से किमी 7 तक एज से एज तक पुनः निर्माण कार्य हेतु 3.19 करोड की योजना की स्वीकृति प्रदान किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया है।

    मुख्यमंत्री ने शहरी विकास विभाग के अंतर्गत मिसिंग लिंक परियोजना में नगर पालिका परिषद, बागेश्वर क्षेत्रान्तर्गत सरयू नदी पर स्थित 113 वर्ष पुराने 51 मीटर स्पान पैदल झूला पुल का जीर्णोद्धार एवं नगर निगम देहरादून के काठ बंगला की निम्न आय वर्ग हाउसिंग सोसाइटी में बाह्य विद्युत कनेक्शन तथा पेयजल लाइन बिछाने हेतु 4.16 करोड धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया है।

    मुख्यमंत्री ने राज्य योजना के अंतर्गत जनपद ऊधमसिंहनगर नगर के विधानसभा क्षेत्र सितारगंज के अंतर्गत खनिया नम्बर-4 में जयनगर रोड से शिव मंदिर होते हुए किमी 2 तक हॉट मिक्स एवं खमिया नंबर-4 में जयनगर रोड से शिव मन्दिर होते हुए किमी 2 से किमी 4 तक हॉट मिक्स रोड तथा खमिया नंबर-4 में शिव मंदिर से गडरियाबाग में मोनीबाबा की मजार तक मार्ग सुदृढ़ीकरण कार्य हेतु 2.43 करोड़ की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया है।

    मुख्यमंत्री ने जनपद पौड़ी गढ़वाल विकास खण्ड दुगड्डा के कोटद्वार क्षेत्रार्न्तगत खोह नदी के बांये तट पर स्थित ग्राम ग्रास्टनंगज की बाढ़ सुरक्षा कार्य हेतु 5.81 करोड़ की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया है।

    मुख्यमंत्री ने राज्य योजना के अन्तर्गत जनपद देहरादून के विधानसभा क्षेत्र विकासनगर में नबावगढ़ पुल नं0-1 से खादर तक मोटर मार्ग का पुनः निर्माण एवं सुदृढीकरण कार्य हेतु 3.13 करोड की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया है।

    मुख्यमंत्री ने सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय चम्पावत के परिसर में केन्द्रीय पुस्तकालय, चाहरदीवारी तथा मिनी स्टेडियम के निर्माण कार्य हेतु 2.00 करोड़ की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया है।

    मुख्यमंत्री द्वारा नाबार्ड वित्त पोषण से सम्बन्धित विभिन्न जनपदों के अन्तर्गत सिंचाई विभाग की विभिन्न 16 योजनाओं के लिए 52.81 करोड़ की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया है।

    मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड ट्रांसमिशन स्ट्रेन्थनिंग एण्ड डिस्ट्रिव्यूशन इम्पू्रवमेंट प्रोग्राम के अन्तर्गत कराये जा रहे कार्यों के सम्पादन के लिए विभिन्न मदों में ए०डी०बी० योजना के अन्तर्गत प्रथम किश्त के रूप में धनराशि 200.00 करोड़ की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया है।

    मुख्यमंत्री द्वारा जनपद बागेश्वर के विधानसभा क्षेत्र कपकोट हेतु की गई घोषणा के तहत ग्राम सभा सीमा में श्री एंजेडी बूबू मन्दिर स्थल का विकास कार्य के क्रियान्वयन हेतु 97.20 लाख की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

    मुख्यमंत्री ने जनपद पिथौरागढ़ के विधानसभा क्षेत्र पिथौरागढ़ हेतु की गई घोषण के तहत ग्राम रौछडा से रा.इ.का. मढ़मानले तक सम्पर्क खंडज्जा मार्ग बनाये जाने हेतु 23.74 लाख की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया है।

  • मुख्यमंत्री ने प्रदान की विभिन्न विकास योजनाओं के लिए 986 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति

    मुख्यमंत्री ने प्रदान की विभिन्न विकास योजनाओं के लिए 986 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति

    देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद चम्पावत के अर्न्तगत तहसील बाराकोट के अनावसीय भवन निर्माण कार्य हेतु 3.03 करोड, जनपद मुख्यालय हरिद्वार के ऑफिसर्स कॉलोनी में श्रेणी-05 के 02 शासकीय आवासों के निर्माण कार्य हेतु 1.86 करोड, जनपद पौडी गढ़वाल के तहसील कार्यालय पौड़ी में मीटिंग हॉल एवं अतिरिक्त कक्षों के निर्माण कार्य हेतु 2.08 करोड तथा जनपद चम्पावत के लोहाघाट बस स्टेशन में कार्यालय भवन, कार्यशाला और स्टोर कक्ष निर्माण कार्य हेतु 7.16 करोड की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया है।

    मुख्यमंत्री ने पंचम राज्य वित्त आयोग उत्तराखण्ड की संस्तुतियों पर समस्त जिला पंचायतों को वित्तीय वर्ष 2025-26 की तृतीय किश्त हेतु 83.25 करोड़, क्षेत्र पंचायतों को द्वितीय छमाही किश्त हेतु 78.00 करोड एवं ग्राम पंचायतों को द्वितीय छमाही किश्त हेतु 200.00 करोड़ की धनराशि अवमुक्त किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया है के साथ ही पंचम राज्य वित आयोग की संस्तुतियों पर शहरी स्थानीय निकायों को वित्तीय वर्ष 2025-26 की तृतीय त्रैमासिक किश्त हेतु 333 करोड तथा तीन गैर-निर्वाचित निकायों को द्वितीय छमाही हेतु कुल 3.00 करोड़ की धनराशि अवमुक्त किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया है।

    मुख्यमंत्री ने राज्य योजना के अंतर्गत जनपद देहरादून के विधानसभा क्षेत्र मसूरी के अनास्वाला मालसी मोटर मार्ग पर अतिक्रमण हटाने के पश्चात उपलब्ध भूमि पर मार्ग के किमी 4 से किमी 7 तक एज से एज तक पुनः निर्माण कार्य हेतु 3.19 करोड की योजना की स्वीकृति प्रदान किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया है।

    मुख्यमंत्री ने शहरी विकास विभाग के अंतर्गत मिसिंग लिंक परियोजना में नगर पालिका परिषद, बागेश्वर क्षेत्रान्तर्गत सरयू नदी पर स्थित 113 वर्ष पुराने 51 मीटर स्पान पैदल झूला पुल का जीर्णोद्धार एवं नगर निगम देहरादून के काठ बंगला की निम्न आय वर्ग हाउसिंग सोसाइटी में बाह्य विद्युत कनेक्शन तथा पेयजल लाइन बिछाने हेतु 4.16 करोड धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया है।

    मुख्यमंत्री ने राज्य योजना के अंतर्गत जनपद ऊधमसिंहनगर नगर के विधानसभा क्षेत्र सितारगंज के अंतर्गत खनिया नम्बर-4 में जयनगर रोड से शिव मंदिर होते हुए किमी 2 तक हॉट मिक्स एवं खमिया नंबर-4 में जयनगर रोड से शिव मन्दिर होते हुए किमी 2 से किमी 4 तक हॉट मिक्स रोड तथा खमिया नंबर-4 में शिव मंदिर से गडरियाबाग में मोनीबाबा की मजार तक मार्ग सुदृढ़ीकरण कार्य हेतु 2.43 करोड़ की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया है।

    मुख्यमंत्री ने जनपद पौड़ी गढ़वाल विकास खण्ड दुगड्डा के कोटद्वार क्षेत्रार्न्तगत खोह नदी के बांये तट पर स्थित ग्राम ग्रास्टनंगज की बाढ़ सुरक्षा कार्य हेतु 5.81 करोड़ की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया है।

    मुख्यमंत्री ने राज्य योजना के अन्तर्गत जनपद देहरादून के विधानसभा क्षेत्र विकासनगर में नबावगढ़ पुल नं0-1 से खादर तक मोटर मार्ग का पुनः निर्माण एवं सुदृढीकरण कार्य हेतु 3.13 करोड की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया है।

    मुख्यमंत्री ने सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय चम्पावत के परिसर में केन्द्रीय पुस्तकालय, चाहरदीवारी तथा मिनी स्टेडियम के निर्माण कार्य हेतु 2.00 करोड़ की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया है।

    मुख्यमंत्री द्वारा नाबार्ड वित्त पोषण से सम्बन्धित विभिन्न जनपदों के अन्तर्गत सिंचाई विभाग की विभिन्न 16 योजनाओं के लिए 52.81 करोड़ की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया है।

    मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड ट्रांसमिशन स्ट्रेन्थनिंग एण्ड डिस्ट्रिव्यूशन इम्पू्रवमेंट प्रोग्राम के अन्तर्गत कराये जा रहे कार्यों के सम्पादन के लिए विभिन्न मदों में ए०डी०बी० योजना के अन्तर्गत प्रथम किश्त के रूप में धनराशि 200.00 करोड़ की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया है।

    मुख्यमंत्री द्वारा जनपद बागेश्वर के विधानसभा क्षेत्र कपकोट हेतु की गई घोषणा के तहत ग्राम सभा सीमा में श्री एंजेडी बूबू मन्दिर स्थल का विकास कार्य के क्रियान्वयन हेतु 97.20 लाख की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

    मुख्यमंत्री ने जनपद पिथौरागढ़ के विधानसभा क्षेत्र पिथौरागढ़ हेतु की गई घोषण के तहत ग्राम रौछडा से रा.इ.का. मढ़मानले तक सम्पर्क खंडज्जा मार्ग बनाये जाने हेतु 23.74 लाख की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया है।

  • ऋषिकेश के गुलर में भारत का पहला ब्रिज-होटल खुला

    ऋषिकेश के गुलर में भारत का पहला ब्रिज-होटल खुला

    ऋषिकेश: उत्तराखंड में भारतीय पर्यटन इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए एक ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित हुए, ऋषिकेश के गुलर में बिग ब्रिज होटल का उद्घाटन आज उत्तराखंड सरकार के माननीय पर्यटन, सिंचाई एवं संस्कृति मंत्री श्री सतपाल महाराज और उत्तराखंड सरकार के माननीय वन एवं पर्यावरण मंत्री श्री सुबोध उनियाल ने किया।

    “डीबीएफओटी आधार पर सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मोड में यात्रा मार्गों पर परित्यक्त पुलों का विकास” परियोजना के तहत विकसित, यह भारत का पहला होटल और विश्राम स्थल है जो एक बहती जलधारा पर बने पुल पर बना है। यह पहल चार धाम यात्रा मार्ग पर विकसित की जा रही आतिथ्य और सड़क किनारे सुविधाओं की श्रृंखला में पहली है।

    संरचनात्मक अखंडता और जन सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए, निर्माण शुरू होने से छह महीने पहले, परियोजना का सरकारी लोक निर्माण विभाग और निजी विशेषज्ञों द्वारा कई सर्वेक्षण किए गए। आईआईटी-बीएचयू के विशेषज्ञों की देखरेख में निर्माण से पहले और बाद में संरचनात्मक सुरक्षा की जाँच की गई।

    बिग ब्रिज होटल आधुनिक आवास, स्वच्छ भोजन, स्वच्छ शौचालय, स्नान सुविधाएँ, सुविधाजनक स्टोर, पार्किंग स्थल और सुरक्षित विश्राम क्षेत्र प्रदान करता है, जिसे स्थानीय कोटि-बनाल वास्तुकला और विश्व स्तरीय सुविधाओं के मिश्रण से डिज़ाइन किया गया है।

    उद्घाटन अवसर पर बोलते हुए, श्री सतपाल महाराज ने कहा, “यह अग्रणी परियोजना उत्तराखंड की आध्यात्मिक विरासत के साथ विश्व स्तरीय सुविधाओं को जोड़ते हुए, चार धाम यात्रा मार्ग पर पर्यटन को नए सिरे से परिभाषित करने के हमारी सरकार के दृष्टिकोण को दर्शाती है।”

    कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सुबोध उनियाल ने कहा, “प्राकृतिक सद्भाव को बनाए रखते हुए सतत और सुरक्षित विकास का एक उदाहरण स्थापित करना राज्य के लिए गर्व का क्षण है।”

    गुलर को पहला पड़ाव मानते हुए, स्वातोली बरपाला, देवप्रयाग, देवली बागर-नंद प्रयाग और जलग्वार-जोशीमठ में अगले विकास कार्यों की योजना बनाई गई है, जिससे यात्रा मार्ग पर सुरक्षित, टिकाऊ और सांस्कृतिक रूप से जुड़ी सुविधाओं की एक श्रृंखला तैयार होगी।

  • देहरादून: एनीमिया मुक्त कार्यक्रम, 06 अक्टूबर से विद्यालयों में पंजीकृत बच्चों को खिलाई जाएगी टेबलेट

    देहरादून: एनीमिया मुक्त कार्यक्रम, 06 अक्टूबर से विद्यालयों में पंजीकृत बच्चों को खिलाई जाएगी टेबलेट

    देहरादून : एनीमिया मुक्त भारत कार्यक्रम और राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस की तैयारियों को लेकर जिलाधिकारी के निर्देशों पर मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह की अध्यक्षता में शुक्रवार को ऋषिपर्णा सभागार में बैठक हुई। जिसमें स्वास्थ्य, शिक्षा और बाल विकास विभागों को समन्वय स्थापित करते एनीमिया मुक्त कार्यक्रम और राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस पर शत प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने के निर्देश दिए गए। मुख्य विकास अधिकारी ने निर्देशित किया कि कोई भी बच्चा दवा लेने से वंचित न रहे।

    एनीमिया मुक्त भारत कार्यक्रम के अंतर्गत जनपद देहरादून में 06 अक्टूबर 2025 से निजी विद्यालयों में अनीमिया मुक्त भारत कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यालय में पंजीकृत बच्चों को कक्षा 01 से कक्षा 05 तक साप्ताहिक आयरन पिंक टेबलेट एवं कक्षा 06 से 12 तक नीली गोली आयरन टेबलेट बच्चों को खिलाई जाएगी। यह टेबलेट सप्ताह के प्रत्येक सोमवार को खिलाई जाएगी।

    वहीं राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस, 08 अक्टूबर 2025 को 01 वर्ष से 19 वर्ष तक के सभी बच्चों को पेट के कीड़े मारने वाली दवा एल्बेंडाजोल की टेबलेट खिलाई जाएगी। किसी कारण से इस दिवस पर कोई बच्चा दवा नहीं खा पाया तो उन बच्चों को मॉप अप दिवस 15 अक्टूबर, 2025 को एल्बेंडाजोल दवा खिलाई जाएगी।

  • देहरादून: एनीमिया मुक्त कार्यक्रम, 06 अक्टूबर से विद्यालयों में पंजीकृत बच्चों को खिलाई जाएगी टेबलेट

    देहरादून: एनीमिया मुक्त कार्यक्रम, 06 अक्टूबर से विद्यालयों में पंजीकृत बच्चों को खिलाई जाएगी टेबलेट

    देहरादून : एनीमिया मुक्त भारत कार्यक्रम और राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस की तैयारियों को लेकर जिलाधिकारी के निर्देशों पर मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह की अध्यक्षता में शुक्रवार को ऋषिपर्णा सभागार में बैठक हुई। जिसमें स्वास्थ्य, शिक्षा और बाल विकास विभागों को समन्वय स्थापित करते एनीमिया मुक्त कार्यक्रम और राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस पर शत प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने के निर्देश दिए गए। मुख्य विकास अधिकारी ने निर्देशित किया कि कोई भी बच्चा दवा लेने से वंचित न रहे।

    एनीमिया मुक्त भारत कार्यक्रम के अंतर्गत जनपद देहरादून में 06 अक्टूबर 2025 से निजी विद्यालयों में अनीमिया मुक्त भारत कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यालय में पंजीकृत बच्चों को कक्षा 01 से कक्षा 05 तक साप्ताहिक आयरन पिंक टेबलेट एवं कक्षा 06 से 12 तक नीली गोली आयरन टेबलेट बच्चों को खिलाई जाएगी। यह टेबलेट सप्ताह के प्रत्येक सोमवार को खिलाई जाएगी।

    वहीं राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस, 08 अक्टूबर 2025 को 01 वर्ष से 19 वर्ष तक के सभी बच्चों को पेट के कीड़े मारने वाली दवा एल्बेंडाजोल की टेबलेट खिलाई जाएगी। किसी कारण से इस दिवस पर कोई बच्चा दवा नहीं खा पाया तो उन बच्चों को मॉप अप दिवस 15 अक्टूबर, 2025 को एल्बेंडाजोल दवा खिलाई जाएगी।

  • शिकायतकर्ता की संतुष्टि को मानक बनाकर किया जाए समस्याओं का निस्तारण-मुख्यमंत्री

    शिकायतकर्ता की संतुष्टि को मानक बनाकर किया जाए समस्याओं का निस्तारण-मुख्यमंत्री

    देहरादून: श्रीदेव सुमन विश्वविद्यालय टिहरी की छात्रा साक्षी द्वारा विवि के स्तर से डिग्री नहीं दिए जाने की शिकायत सीएम हेल्पलाइन किए जाने के बावजूद इस प्रकरण का निस्तारण नहीं किया गया।

    शुक्रवार को सचिवालय में सीएम हेल्पलाइन 1905 की समीक्षा के दौरान उक्त प्रकरण जब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के संज्ञान में आया तो उन्होंने इस पर सख़्त नाराज़गी व्यक्त करते हुए सचिव आईटी और सचिव उच्च शिक्षा एक सप्ताह में इस प्रकरण की जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के साथ ही संबंधित अधिकारी पर सख़्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि अभ्यर्थी को एक सप्ताह के अंदर डिग्री उपलब्ध कराई जाए।

    छात्र-छात्राओं की शिकायतों के निस्तारण के लिए विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में हेल्प डेस्क बनाई जाए। सेवा के अधिकार के तहत दी जाने वाली सेवाओं को कार्यालयों के डिस्प्ले बोर्ड पर दर्ज किया जाए। सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज बिजली, पानी, सड़क और अन्य मूलभूत सुविधाओं से संबंधित शिकायतों का त्वरित निस्तारण तेजी से किया जाए। इसके लिए संबंधित अधिकारी कार्यालय के नोटिस बोर्ड पर चस्पा करें कि वे किस निर्धारित दिन समस्याओं के समाधान के लिए बैठेंगे।

    समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शिकायतकर्ताओं से बात कर उनकी समस्याओं के यथाशीघ्र समाधान के निर्देश अधिकारियों को दिए। मुख्यमंत्री ने बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि आपदा से प्रभावित क्षेत्रों के लोगों की शिकायतों और समस्याओं का समाधान प्राथमिकता पर किया जाए। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को प्रत्येक सप्ताह, सचिवगणों को माह में दो बार और मुख्य सचिव को प्रत्येक माह में सीएम हेल्पलाइन की समीक्षा करने के निर्देश दिए, साथ ही कहा कि 3 माह से अधिक लंबित प्रकरणों को अभियान चलाकर निस्तारित किया जाए।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि जन समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए जिलाधिकारियों को जनता मिलन कार्यक्रमों का आयोजन नियमित तौर पर करना होगा, साथ ही शिकायतों का समाधान निर्धारित समय सीमा के भीतर न करने वाले अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करते हुए कार्रवाई की जाएगी। आपदा से क्षतिग्रस्त लाइनों, सुरक्षा दीवारों का कार्य प्राथमिकता के आधार पर करने के साथ ही रिपोर्ट शीघ्र प्रस्तुत करने के निर्देश मुख्यमंत्री ने दिए।

    उन्होंने कहा कि समस्या का समाधान तभी माना जाएगा, जब शिकायतकर्ता पूर्ण रूप से संतुष्ट होगा। प्रत्येक माह की 5 तारीख तक सभी विभागों को हेल्पलाइन 1905 पर प्राप्त शिकायतों की स्थिति रिपोर्ट मुख्यमंत्री कार्यालय में प्रस्तुत करने के निर्देश मुख्यमंत्री ने दिए हैं।

    निदेशक आईटीडीए गौरव कुमार ने सीएम हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायतों और विभागों द्वारा समाधान के लिए की गई कार्यवाही के बारे में विस्तार से जानकारी दी। बैठक में जानकारी दी गई कि उत्तराखंड पेयजल, गृह विभाग, ऊर्जा से संबंधित लोगों की अधिक शिकायतें प्राप्त हो रही हैं।

    बैठक में अवस्थापना अनुश्रवण परिषद के उपाध्यक्ष विश्वास डाबर, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिवगण, विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष एवं वर्चुअल माध्यम से सभी जिलाधिकारी उपस्थित थे।

  • मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया वन्य जीव प्राणी सप्ताह का शुभारंभ

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया वन्य जीव प्राणी सप्ताह का शुभारंभ

    देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को देहरादून जू में वन्य जीव प्राणी सप्ताह का शुभारंभ करते हुए कहा कि प्रदेश में वन्य जीवों के हमले में होने वाली जनहानि पर मिलने वाली सहायता राशि को बढ़ाकर 10 लाख रुपए किया जाएगा।

    मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि वन्यजीव हमारी आस्था, संस्कृति और परंपरा का अभिन्न अंग हैं, हमारे देवी-देवताओं ने भी इनके साथ सह-अस्तित्व का संदेश दिया है। मां दुर्गा का वाहन शेर, गणेश जी का वाहन मूषक, मां सरस्वती का हंस, भगवान कार्तिकेय का मोर, लक्ष्मी जी का उल्लू और देवाधिदेव महादेव के कंठ पर विराजमान नागराज और साथ बैठे नंदी हमारी सनातन संस्कृति में मानव और जीव-जगत के बीच एकात्म भाव के प्रतीक हैं। यही कारण है कि आदिकाल से वन्यजीवों का संरक्षण भारत की जीवन पद्धति का स्वाभाविक हिस्सा रहा है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की लगभग 14.77 प्रतिशत भूमि, 6 राष्ट्रीय उद्यानों, 7 वन्यजीव विहारों और 4 संरक्षण आरक्षित क्षेत्रों के रूप में संरक्षित है, जबकि पूरे देश में ये अनुपात मात्र 5.27 प्रतिशत ही है।

    ये अंतर हमारे राज्य की पर्यावरणीय प्रतिबद्धता का स्पष्ट प्रमाण है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की हरियाली और इसमें स्वच्छंद विचरण करते वन्य जीव वर्ष भर देश-विदेश से आने वाले लाखों पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। पर्यटकों की सुविधाओं का ध्यान रखने के साथ – साथ राज्य सरकार वनों के प्राकृतिक स्वरूप को अक्षुण्ण बनाए रखने और वन्य जीवों को सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।

    मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से राज्य सरकार इकोनॉमी, इकोलॉजी और टेक्नोलॉजी के बीच संतुलन स्थापित करते हुए विकास के साथ-साथ प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के लिए कार्य कर रही है।

    मुख्यमंत्री ने वन विभाग से कहा कि हर जिले में कम से कम एक नए पर्यटन स्थल की पहचान करते हुए उसे विकसित करें, साथ ही बिना प्राकृतिक स्वरूप को बदले, उसे पर्यटकों के लिए सुलभ बनाया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में नए इको-टूरिज्म मॉडल पर काम चल रहा है, ताकि लोग जंगलों से जुड़ें, लेकिन प्रकृति को नुकसान न पहुंचे।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार के सामूहिक प्रयासों से बाघ, गुलदार, हाथी, हिम तेंदुवे जैसे दुर्लभ वन्य प्राणियों की संख्या में उत्साहजनक वृद्धि हुई है। परंतु इनके साथ मानव-वन्यजीव संघर्ष की चुनौतियाँ भी बढ़ रही हैं। इस संघर्ष को कम करने के लिए सरकार आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक उपायों का उपयोग कर रही है।

    वन विभाग को ड्रोन और जीपीएस की तकनीकी सुविधा दी जा रही है, ताकि वन्यजीवों की निगरानी और सुरक्षा और बेहतर ढंग से हो सके। स्थानीय लोगों के लिए आजीविका के नए अवसर पैदा किए जा रहे हैं, ताकि वे जंगलों की रक्षा और वन्यजीवों की सुरक्षा में सक्रिय भागीदार बन सकें।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने एक लाख युवाओं को ’’सीएम यंग ईको-प्रिन्योर’’ बनाने की बात कही थी, अब ये स्कीम रंग ला रही है। इस स्कीम के अंतर्गत नेचर गाइड, ड्रोन पाइलट, वाइल्डलाइफ फोटोग्राफर, ईकोटूरिज्म, वन्यजीव टूरिज्म आधारित कौशल कार्यों को एक उद्यम के रूप में परिवर्तित किए जाने की दिशा में काम आगे बढ़ चुका है। इस सबके साथ- साथ अब प्रदेश के प्रत्येक जिले में छात्रों के लिए इको क्लब के जरिए वन्यजीवों से संबंधित शैक्षिक यात्रा के आयोजन भी कराए जा रहे हैं।

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने भी विश्व मंच से ’’लाइफ स्टाइल फॉर एनवायरनमेंट’’ का आह्वान किया है जो मात्र एक नारा नहीं, बल्कि धरती मां को बचाने का एक मंत्र है। मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड आने वाले सभी पर्यटकों से ये आह्वान करते हुए कहा कि वे जब भी जंगल सफारी या किसी धार्मिक पर्यटन स्थल पर जाएं तो वहां गंदगी न फैलाएं।

    इस मौके पर वन मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि वन और वन्य जीवों को बचाना हम सबकी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि इकोनॉमी, इकोलॉजी और टैक्नोलॉजी के मेल से ही प्रदेश आगे बढ़ सकता है।

    इस मौके पर कृषि मंत्री गणेश जोशी, राज्य सभा सांसद नरेश बसंल, प्रमुख सचिव आरके सुधांशु, प्रमुख मुख्य वन संरक्षक समीर सिन्हा, प्रमुख वन संरक्षक वन्यजीव रंजन कुमार मिश्रा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित हुए।

  • 06 को विकासखंड जखोली व 08 अक्टूबर को अगस्त्यमुनि में आयोजित होगा सुरक्षा जवान पंजीयन एवं भर्ती शिविर

    06 को विकासखंड जखोली व 08 अक्टूबर को अगस्त्यमुनि में आयोजित होगा सुरक्षा जवान पंजीयन एवं भर्ती शिविर

    रुद्रप्रयाग: बेरोजगार युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराए जाने के उद्देश्य से मल्टीनेशनल सुरक्षा कंपनी एसआईएस द्वारा विकास खंड स्तर पर शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। 03 अक्टूबर को विकासखंड ऊखीमठ में जबकि 06 अक्टूबर को जखोली व 08 अक्टूबर को विकास खंड अगस्त्यमुनि में सुरक्षा जवान पंजीयन एवं भर्ती शिविर का आयोजन किया जाएगा। मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र सिंह रावत ने समस्त खंड विकास अधिकारियों को शिविरों के सफलता पूर्वक संचालन के लिए निर्देशित किया है।

    भर्ती अधिकारी विजयपाल मौर्य ने बताया कि एसआईएस लिमिटेड सुरक्षा सेवाएं, कैश लॉजिस्टिक, प्रशिक्षण आदि सेवाएं प्रदान करती है। प्रतिवर्ष हजारों युवाओं को सुरक्षाकर्मी के रूप में चयन कर देशभर में स्थित अपने 25 प्रशिक्षण केंद्रों में विशेष प्रशिक्षण फायर सेफ्टी, आपातकालीन प्रबंधन और सिविल डिफेंस की ट्रेनिंग देकर एसआईएस लिमिटेड में सीधी नियुक्ति देकर 65 वर्ष की आयु तक अस्थाई रोजगार प्रदान करती है।

    उन्होंने बताया कि कर्मचारियों को ईपीएफ, ईएसआई अन्य मेडिकल सुविधा, ग्रेच्युटी वर्ष में दो बार बोनस, आवास एवं मेश की सुविधा प्रदान करती है। कंपनी द्वारा प्रतिमाह 15 से 25 हजार सैलरी प्रदान की जाती है। साथ ही कंपनी भारत व राज्य सरकार के विभिन्न उपक्रम जैसे लाल किला, ताजमहल, एम्स, आईआईएम इत्यादि के साथ-साथ बड़े-बड़े औद्योगिक संस्थानों में ड्यूटी देती है। भर्ती से संबंधित अन्य जानकारी के लिए 9592903771 पर संपर्क किया जा सकता है।

  • मुख्यमंत्री ने परेड ग्राउंड में रावण दहन कार्यक्रम में किया प्रतिभाग

    मुख्यमंत्री ने परेड ग्राउंड में रावण दहन कार्यक्रम में किया प्रतिभाग

    देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विजयदशमी पर्व के अवसर पर परेड ग्राउंड में आयोजित दशहरा महोत्सव व रावण दहन में प्रतिभाग किया।

    समस्त प्रदेशवासियों को विजयदशमी की शुभकामनाएं देते हुए मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने भगवान श्रीराम से सभी प्रदेशवासियों के लिए स्वस्थ जीवन, उज्ज्वल भविष्य, सुख और समृद्धि का आशीर्वाद प्रदान करने की प्रार्थना की।

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि दशहरे का पर्व न केवल हमारी सांस्कृतिक धरोहर का अमूल्य हिस्सा है बल्कि यह पर्व हमें मानव जीवन में धर्म, सत्य और मर्यादा के महत्व का बोध भी कराता है। यह हमें रावण जैसे अहंकारी और अधर्मी के अंत और भगवान श्रीराम के आदर्श जीवन के गुणों का स्मरण कराता है।

    दशहरे का पर्व हमें ये संदेश देता है कि अधर्म, अन्याय और अहंकार चाहे कितना भी बड़ा क्यों न हो, अंततः उसकी हार निश्चित है। रावण के पास अपार बल, सोने की लंका और शक्तिशाली सेना थी, लेकिन वह अपने अहंकार और अधर्म के कारण पराजित हुआ। यह त्यौहार हमें सिखाता है कि अहंकार की ज्वाला स्वयं उस व्यक्ति का नाश करती है, जिसके भीतर अहंकार होता है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि आज हमें यहां सिर्फ पुतला दहन नहीं करना है, बल्कि इस त्योहार से प्रेरणा लेकर हम सभी को अपने अंदर की बुराइयों का त्याग कर सत्य, धर्म और मानवता की राह पर चलने का संकल्प भी लेना है।

    दुनिया भर के करोड़ों सनातन प्रेमियों के आस्था के केंद्र भगवान श्रीराम ने सद्गुण और धर्म के महत्व को रेखांकित करने के लिए ही इस संसार में जन्म लिया। उनके द्वारा स्थापित मानव मूल्यों ने न केवल सनातन भारतीय संस्कृति को आकार दिया, बल्कि सम्पूर्ण मानवता को प्रेरित करने का कार्य भी किया। उनका आदर्श जीवन हमें यह सिखाता है कि जीवन में कितनी भी विपरीत परिस्थितियां क्यों न हों, हमें अपने सिद्धांतों और वचनों का पालन अवश्य करना चाहिए।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि विजयादशमी पर्व हमें हर वर्ष यह भी याद दिलाता है कि अभी भी समाज में कई ’’रावणों’’ का संहार करना बाकी है। क्योंकि, समय बदल गया है, लेकिन रावण आज भी अलग-अलग रूपों में हमारे बीच मौजूद है।

    मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि जीएसटी के क्षेत्र में केंद्र सरकार द्वारा किए गए सकारात्मक निर्णय से उत्तराखंड सहित पूरे देश के व्यापारियों एवं उपभोक्ताओं को बड़ा लाभ प्राप्त होगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता की ओर से वे प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी का हृदय से आभार प्रकट करते हैं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि दीपावली से पहले लिया गया यह निर्णय प्रदेशवासियों के लिए एक सुखद और लाभकारी तोहफा है। इससे न केवल व्यापारियों को राहत मिलेगी बल्कि उपभोक्ताओं को भी प्रत्यक्ष रूप से फायदा होगा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा समय-समय पर लिए जा रहे ऐसे फैसले देश की अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने और आमजन को सुविधा प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो रहे हैं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि विजयदशमी के अवसर पर सभी उत्तराखंडवासी यह संकल्प लें कि हम प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को सफल बनाने में अपना पूरा योगदान देंगे। साथ ही देश को विश्व गुरु बनाने के प्रधानमंत्री के संकल्प को साकार करने के लिए भी हम सब मिलकर कार्य करेंगे।

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने केदारनाथ धाम से यह संकल्प व्यक्त किया था कि इस सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का दशक होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस संकल्प को पूर्ण करने की जिम्मेदारी केवल सरकार की नहीं, बल्कि पूरे उत्तराखंड की है।

    उन्होंने कहा कि प्रदेश का प्रत्येक नागरिक यदि अपने-अपने क्षेत्र में योगदान देगा तो यह लक्ष्य शीघ्र ही प्राप्त होगा। चाहे वह शिक्षा का क्षेत्र हो, पर्यटन, उद्योग, कृषि या स्वरोजगार हर क्षेत्र में उत्तराखंड वासियों की सक्रिय भागीदारी से प्रदेश देश का अग्रणी राज्य बनेगा।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के इस विश्वास और आशीर्वाद को पूरा करने के लिए राज्य सरकार निरंतर संकल्पबद्ध होकर कार्य कर रही है। हमारी कोशिश है कि आत्मनिर्भर उत्तराखंड के साथ-साथ आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में भी उत्तराखंड की महत्वपूर्ण भूमिका सुनिश्चित हो।

    उन्होंने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे एकजुट होकर प्रधानमंत्री के सपनों और संकल्प को साकार करने में अपना सक्रिय योगदान दें, ताकि उत्तराखंड आने वाले वर्षों में पूरे देश और विश्व के लिए एक आदर्श राज्य बन सके।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में आज देश हर क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू रहा है। जनकल्याणकारी योजनाओं और सुधारात्मक कदमों से आम नागरिकों के जीवन स्तर में लगातार सुधार हो रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में भी इसी प्रकार केंद्र और राज्य सरकार मिलकर प्रदेशवासियों के जीवन को सुखद, समृद्ध और उज्ज्वल बनाने के लिए निरंतर कार्य करती रहेंगी।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि हम प्रभु श्री राम के आदर्शों से प्रेरणा लेकर उत्तराखंड को देश का अग्रणी राज्य बनाने के अपने “विकल्प रहित संकल्प’’ को पूर्ण करने के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। मुझे पूर्ण विश्वास है कि हमारे इस संकल्प को पूर्ण करने के लिए आप सभी अपने जीवन में सत्य, ईमानदारी और कर्तव्यपरायणता जैसे मूल्यों को अपनाकर एक सशक्त, समृद्ध और न्यायपूर्ण समाज की नींव रखेंगे और अपने राज्य और देश को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाने का प्रयास करेंगे।

    इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, विधायक खजानदास, श्रीमती सविता कपूर सहित जनप्रतिनिधि, बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित थे।

  • वन्यजीव सप्ताह के शुभारंभ अवसर पर मुख्यमंत्री धामी ने बाइक रैली को हरी झंडी दिखाकर किया गया रवाना

    वन्यजीव सप्ताह के शुभारंभ अवसर पर मुख्यमंत्री धामी ने बाइक रैली को हरी झंडी दिखाकर किया गया रवाना

    देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में वन्यजीव सप्ताह का राज्य में विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने वन विभाग की बाइक रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

    यह बाइक रैली वन्यजीव संरक्षण के संदेश का प्रचार-प्रसार करते हुए मुख्य स्थलों घंटाघर, परेड ग्राउंड, सर्वे चौक से होते हुए मालसी जू तक पहुँची। हर वर्ष अक्टूबर के प्रथम सप्ताह में वन्यजीव सप्ताह मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य वन्यजीवों के संरक्षण तथा उनके प्रति जनजागरूकता बढ़ाना है।

    इस वर्ष वन्यजीव सप्ताह की 74वीं थीम “मानव वन्यजीव सह-अस्तित्व“ रखी गई है।

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि वन और वन्यजीव हमारे पारिस्थितिक तंत्र के महत्वपूर्ण अंग हैं जिनके संरक्षण के बिना जीवन संभव नहीं। मानव और वन्यजीव के बीच सह-अस्तित्व ही प्रकृति की स्थिरता और पर्यावरण संरक्षण की कुंजी है।

    उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड की हरित विरासत को बचाना हमारी ज़िम्मेदारी है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर सभी से अपील की कि वे वन्यजीव संरक्षण के इस अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लें और अपनी आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्वच्छ, सुरक्षित और समृद्ध पर्यावरण सुनिश्चित करें।

    इस वर्ष उत्तराखण्ड राज्य स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में वन्यजीव सप्ताह के दौरान 02 से 08 अक्टूबर तक दून पुस्तकालय एवं शोध केन्द्र में वन्यजीव संरक्षण एवं जागरूकता हेतु वन्यजीव फोटोग्राफी प्रदर्शनी भी आयोजित की जा रही है। वन्यजीव सप्ताह के अंतर्गत आगामी दिनांक 03 अक्टूबर को मालसी जू, देहरादून में वन्यजीव संरक्षण जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें विभिन्न जनप्रतिनिधि, पर्यावरण विशेषज्ञ एवं नागरिक भाग लेंगे।