Category: उत्तराखंड

  • रामपुर तिराहा शहीदों को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दी श्रद्धांजलि

    रामपुर तिराहा शहीदों को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दी श्रद्धांजलि

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को शहीद स्थल रामपुर तिराहा, मुजफ्फरनगर (उ.प्र.) में उत्तराखण्ड राज्य आंदोलनकारी शहीदों की पुण्य स्मृति में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग कर शहीद स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित कर शहीदों को श्रद्धांजलि दी।

    इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि रामपुर तिराहा शहीद स्थल के री-डेवलपमेंट का मास्टर प्लान तैयार किया जाएगा। संग्रहालय को भव्यता प्रदान करने के लिए कार्य किए जाएंगे।इस स्थल पर एक कैंटीन बनाई जाएगी और उत्तराखण्ड की बसों को ठहरने के लिए स्टॉपेज भी बनाया जाएगा।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि 2 अक्टूबर 1994 का रामपुर तिराहा गोलीकांड, उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलन के इतिहास में सबसे क्रूर और गहरे घाव देने वाले काले अध्याय के रूप में अंकित रहेगा।

    आज भी उस बर्बर गोलीकांड और महिलाओं की अस्मिता पर किए गए अमानवीय अत्याचारों को याद करके प्रत्येक उत्तराखंडी की रूह कांप उठती है। जिन पर जनता की रक्षा की जिम्मेदारी थी, उन्होंने ही हिंसा और बर्बरता की सारी हदें पार कर दी थीं। एक शांतिपूर्ण आंदोलन को निर्दयतापूर्वक कुचलने का प्रयास किया गया। उन्होंने कहा कि यह दिन हमें सदा याद दिलाता रहेगा कि उत्तराखंड की नींव हमारे शहीदों ने अपने खून से सींची है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे आंदोलनकारियों के त्याग, तपस्या और बलिदान के परिणामस्वरूप ही हमें अलग राज्य मिला।आंदोलनकारियों के सपनों का उत्तराखंड बनाने के लिए राज्य सरकार संकल्पबद्ध होकर कार्य कर रही है। राज्य आंदोलनकारियों और उनके आश्रितों के लिए राज्य सरकार ने नौकरियों में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण लागू किया है। शहीद आंदोलनकारियों के परिवारों के लिए 3000 रुपये मासिक पेंशन की सुविधा प्रारंभ की गई है। साथ ही घायल और जेल गए आंदोलनकारियों को 6000 रुपये तथा सक्रिय आंदोलनकारियों को 4500 रुपये प्रतिमाह पेंशन दी जा रही है। सरकार ने चिन्हित राज्य आंदोलनकारियों को पहचान पत्र जारी करने के साथ ही 93 आंदोलनकारियों को राजकीय सेवा में सेवायोजित भी किया है। आंदोलनकारियों को सरकारी बसों में निःशुल्क यात्रा की सुविधा भी दी जा रही है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड राज्य आंदोलन में हमारी मातृशक्ति की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। उनका सम्मान करते हुए राज्य सरकार की नौकरियों में महिलाओं के लिए 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण लागू किया गया। रामपुर गोलीकांड के समय इस क्षेत्र के लोगों द्वारा राज्य आंदोलनकारियों की सहायता को चिरस्थायी बनाने हेतु रामपुर, सिसौना, मेघपुर और बागोंवाली में जनमिलन केन्द्रों का निर्माण कराया गया है। शहीद स्मारक हेतु भूमि दान करने वाले स्वर्गीय महावीर शर्मा के योगदान को चिरस्थायी बनाने के लिए शहीद स्मारक में उनकी प्रतिमा भी स्थापित की गई है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड में सबसे पहले समान नागरिक संहिता कानून लागू कर राज्य में सभी नागरिकों के लिए समान अधिकार और कर्तव्य सुनिश्चित किए गए हैं। राज्य में सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया है, जिसके परिणामस्वरूप पिछले 4 वर्षों में उत्तराखंड के लगभग 24 हजार से अधिक युवाओं ने सरकारी नौकरियां प्राप्त की हैं। उन्होंने कहा कि सरकार देवभूमि उत्तराखंड की डेमोग्राफी को संरक्षित रखने के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। प्रदेश में सख्त धर्मांतरण विरोधी कानून लागू किया गया है। 9 हजार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया है। राज्य में सख्त दंगारोधी कानून बनाया गया है। उन्होंने कहा कि नया कानून लागू कर मदरसा बोर्ड को समाप्त करने का निर्णय भी लिया गया है। इस कानून के लागू होने के बाद 1 जुलाई 2026 से उत्तराखंड में केवल वही मदरसे संचालित हो पाएंगे, जिनमें सरकारी बोर्ड द्वारा निर्धारित पाठ्यक्रम पढ़ाया जाएगा। राज्य में सनातन संस्कृति को बदनाम करने वालों के विरुद्ध ‘ऑपरेशन कालनेमि’ के माध्यम से निरंतर सख्त कार्रवाई की जा रही है।

  • मुख्य सचिव ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री की जयंती पर भावपूर्ण स्मरण किया

    मुख्य सचिव ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री की जयंती पर भावपूर्ण स्मरण किया

    देहरादून: मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सचिवालय में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री स्व. लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर उनके चित्र पर माल्यार्पण कर उनका भावपूर्ण स्मरण किया। सचिवालय के अन्य उच्चाधिकारियों द्वारा भी गांधी जी तथा पूर्व प्रधानमंत्री स्व. लाल बहादुर शास्त्री के चित्रों पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी गई।

    मुख्य सचिव ने सचिवालय में परिसर में उपस्थित सभी अधिकारियों कर्मचारियों को ‘स्वच्छता ही सेवा‘ शपथ भी दिलायी। इस अवसर पर भारतखंडे संगीत महाविघालय द्वारा गांधी जी के प्रिय भजन वैष्णव जन का समवेत गायन किया गया।

    इस अवसर पर प्रमुख सचिव श्री आर.के. सुधांशु, सचिव श्री शैलेश बगौली, श्री नितेश कुमार झा, डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरूषोत्तम, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा, डॉ. आर. राजेश कुमार, दीपेन्द्र कुमार चौधरी एवं श्री विनोद कुमार सुमन सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों एवं कर्मचारी भी उपस्थित थे।

  • मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गांधी जयंती के अवसर पर श्रद्धा सुमन अर्पित किए

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गांधी जयंती के अवसर पर श्रद्धा सुमन अर्पित किए

    देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गांधी जयंती के अवसर पर मुख्यमंत्री आवास में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का स्मरण कर उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किए। मुख्यमंत्री ने कहा कि गांधी जी के सत्य व अहिंसा के सिद्धांत आज भी प्रासंगिक है। हमें अपने आचरण में अहिंसा का भाव जागृत करने के साथ ही मानवता के प्रति करूणा का भाव पैदा करना होगा। यही हमारी उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

    मुख्यमंत्री ने पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर उनका स्मरण करते हुए श्रद्धा सुमन अर्पित किए। मुख्यमंत्री ने कहा कि शास्त्री जी ने ‘जय जवान जय किसान’ का नारा देकर राष्ट्र को स्वाभिमान और एकजुटता के साथ मजबूती से खड़े होने का रास्ता दिखाया। उन्होंने सार्वजनिक जीवन में सादगी, सत्यनिष्ठा, लगन, नैतिकता व राष्ट्र के प्रति समर्पण की जो अदभुत मिसाल कायम की, वह हम सबके लिए प्रेरणादायी है।

  • मुख्यमंत्री धामी ने राज्य आन्दोलनकारी शहीदों को दी श्रद्धांजलि…

    मुख्यमंत्री धामी ने राज्य आन्दोलनकारी शहीदों को दी श्रद्धांजलि…

    देहरादून, गुरुवार। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को देहरादून स्थित शहीद स्थल, कचहरी परिसर में राज्य आन्दोलनकारी शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने शहीदों के चित्रों पर पुष्पांजलि अर्पित कर उनके अदम्य साहस और बलिदान को नमन किया।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य आन्दोलनकारियों के संघर्ष और बलिदान से ही उत्तराखण्ड राज्य का निर्माण संभव हो सका है। उन्होंने आश्वस्त किया कि राज्य सरकार शहीदों और आन्दोलनकारियों के परिजनों के कल्याण हेतु निरंतर संकल्पित है और उनके हितों व सम्मान की रक्षा के लिए हर संभव प्रयास करती रहेगी।

    उन्होंने कहा कि शहीदों के सपनों के अनुरूप एक समृद्ध और आत्मनिर्भर उत्तराखण्ड का निर्माण करना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। इस अवसर पर राज्य आंदोलनकारी और जिला प्रशासन के अधिकारी भी उपस्थित रहे।

  • मुख्यमंत्री धामी ने किया शहरी विकास की महत्वाकांक्षी योजनाओं का लोकार्पण

    मुख्यमंत्री धामी ने किया शहरी विकास की महत्वाकांक्षी योजनाओं का लोकार्पण

    देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज मुख्य सेवक सदन में शहरी विकास से जुड़ी कई महत्वाकांक्षी योजनाओं का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री द्वारा प्रदेश के 52 नगर निकायों में 115 अर्बन आयुष्मान आरोग्य मंदिर (Urban Health & Wellness Centre) की शुरुआत की गई।

    इसके साथ ही फेरी व्यवसायियों (Street Vendors) के पंजीकरण का वृहत अभियान एवं अंगीकार 2.0 को भी लॉन्च किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत बी.एल.सी. घटक से नवनिर्मित 15 हजार 6 सौ आवासों का लोकार्पण भी किया गया।

    सीएम द्वारा स्वच्छता सर्वेक्षण 2024-25 में उत्कृष्ट कार्य करने वाले नगर निकायों को अटल निर्मल नगर पुरस्कार प्रदान किए गए। मुख्यमंत्री ने रुद्रपुर नगर निगम को प्रथम, पिथौरागढ़ नगर निगम को द्वितीय तथा कोटद्वार नगर निगम को तृतीय अटल निर्मल नगर पुरस्कार 2025 से सम्मानित किया। इसके साथ ही मसूरी नगर पालिका परिषद को प्रथम, डोईवाला नगर पालिका परिषद को द्वितीय तथा भीमताल को तृतीय अटल निर्मल नगर पुरस्कार 2025 से सम्मानित किया गया।

    मुख्यमंत्री ने लालकुआं नगर पंचायत को प्रथम, गुलरभोज नगर पंचायत को द्वितीय तथा भिकियासैंण नगर पंचायत को तृतीय अटल निर्मल नगर पुरस्कार 2025 से सम्मानित किया। उन्होंने छावनी परिषद लैंसडौन को प्रथम, रानीखेत को द्वितीय तथा रुड़की छावनी परिषद को तृतीय अटल निर्मल नगर पुरस्कार 2025 से सम्मानित किया।

    मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर ठोस अपशिष्ट प्रबंधन से संबंधित वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। शहरी निकायों को ठोस अपशिष्ट प्रबंधन हेतु 244 नए वाहनों को राज्य को समर्पित किया गया।

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि इन योजनाओं से शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य, स्वच्छता और आवास की दिशा में ठोस सुधार होंगे और आम नागरिकों को सीधा लाभ मिलेगा।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि इन योजनाओं से प्रदेश के नगर निकायों में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार, शहरी गरीबों को आवास उपलब्ध कराने, फेरी व्यवसायियों को संगठित कर उन्हें आजीविका से जोड़ने तथा स्वच्छता एवं ठोस अपशिष्ट प्रबन्धन के क्षेत्र में बड़ा परिवर्तन देखने को मिलेगा। उन्होंने आशा व्यक्त की कि इन पहलों से उत्तराखण्ड के नगर निकाय देश के लिए आदर्श प्रस्तुत करेंगे और स्वच्छता सर्वेक्षण में उत्कृष्ट प्रदर्शन करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी ये सभी नवीन पहलें न केवल राज्य के नगरीय क्षेत्रों को और अधिक स्वच्छ, सुंदर एवं स्वस्थ बनाने में सहायक सिद्ध होंगी, बल्कि नागरिकों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने की दिशा में भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएँगी।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन के माध्यम से आज देश के लाखों शहरों, कस्बों और नगरों में साफ-सफाई की एक नई संस्कृति विकसित हुई है। अमृत योजना के द्वारा शहरी बुनियादी ढांचे जैसे जल आपूर्ति, सीवरेज और हरित स्थानों को सशक्त किया गया है। स्मार्ट सिटी मिशन द्वारा शहरी विकास को तकनीक और नागरिक सुविधा के साथ जोड़ते हुए एक आदर्श नगर विकास का मॉडल प्रस्तुत करने का प्रयास किया जा रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत लाखों गरीब परिवारों को अपने स्वयं के पक्के घर प्राप्त हुए हैं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन और सहयोग से हमारी राज्य सरकार भी उत्तराखंड के विकास को एक नई दिशा देने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत प्रत्येक नगर में ठोस कचरा प्रबंधन और सफाई व्यवस्था को सुदृढ़ किया जा रहा है। आज राज्य में स्मार्ट सिटी मिशन, पीएम स्वनिधि योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, अमृत मिशन जैसी विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ उत्तराखंड के प्रत्येक नागरिक को देने का प्रयास किया गया है।

    युवाओं के प्रकरण पर बोले सीएम
    सीएम धामी – “युवाओं के हित में मैं सर झुका भी सकता हूं और खुद को मिटा भी सकता हूं”

    सीएम धामी ने स्पष्ट किया कि हाल ही में एक नकल का मामले की जानकारी मिलते ही सरकार ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया और पूरी परीक्षा की जांच के लिए SIT का गठन किया। परंतु विपक्ष इस मामले की आड़ में हमारे युवाओं को ढाल बनाकर अपनी राजनीतिक रोटियाँ सेकने की कोशिश करने लगी और प्रदेश में अराजकता फैलाने के प्रयास किए जाने लगे। जो लोग अपने राजनीतिक स्वार्थ के चलते सीबीआई और ईडी की जांच पर सवाल उठाते रहे हैं वो लोग इस मामले में युवाओं को आगे कर सीबीआई जांच की मांग कर इस प्रकरण का राजनीतिक लाभ उठाने का प्रयास कर रहे थे।

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि हमारे बच्चों की परेशानियों को देखकर और अराजक तत्वों के षडयंत्र को विफल करने के लिए, मैंने स्वयं युवाओं से मुलाकात कर उन्हें आश्वस्त किया कि सीबीआई जांच कराने के साथ ही उनकी सभी न्यायोचित माँगों को पूरा किया जाएगा।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने भर्ती प्रक्रियाओं को पारदर्शी बनाने और नकल माफियाओं पर अंकुश लगाने के लिए देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया है। इसी का परिणाम है कि पिछले 4 वर्षों में राज्य के 25 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी प्राप्त हुई है जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है। इस कानून के लागू होने के पश्चात हमने बीते 4 वर्षों में 100 से अधिक नकल माफियाओं को सलाखों के पीछे पहुंचाया है जिन्होंने पूर्व की सरकारों के समय उत्तराखंड में नकल को एक उद्योग बना दिया था। ये सभी कदम हमारी सरकार ने युवाओं का भविष्य और हित सुनिश्चित करने के लिए ही उठाए हैं।

    मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि कुछ लोग तो ये भी कह रहे हैं कि हम युवाओं के आगे या CBI जांच की मांग करने वालों के आगे झुक गए। ऐसे सभी लोगों को ये स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि मैं, युवाओं के हितों की रक्षा के लिए सर झुका भी सकता हूं और स्वयं को मिटा भी सकता हूं।

    इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री श्री गणेश जोशी, राज्यसभा सांसद श्री नरेश बंसल, विधायक श्री उमेश शर्मा, श्रीमती सविता कपूर, मेयर देहरादून श्री सौरभ थपलियाल सहित विभिन्न नगर निकायों के मेयर, सचिव श्री नितेश कुमार झा सहित शहरी विकास विभाग व नगर निगम के अधिकारी उपस्थित थे।

  • मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को दी विजयदशमी व दशहरा पर्व की बधाई एवं शुभकामनाएं

    मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को दी विजयदशमी व दशहरा पर्व की बधाई एवं शुभकामनाएं

    देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशवासियों को विजयदशमी व दशहरा पर्व की बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। विजयदशमी की पूर्व संध्या पर जारी अपने संदेश में मुख्यमंत्री ने कहा कि विजयदशमी का पर्व अधर्म पर धर्म, बुराई पर अच्छाई तथा असत्य पर सत्य की जीत का प्रतीक है। हम सभी को अपने भीतर की बुराइयों को त्याग कर जीवन में सदाचार की राह पर चलने की प्रेरणा भी यह पर्व देता है।

    उन्होंने कहा कि आज जरूरत इस बात की है कि हम अपने जीवन में अहंकार से मुक्त होकर सच्चाई के रास्ते पर चलें और प्रदेश व देश की सामाजिक समरसता के लिए मिलजुल कर कार्य करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पावन पर्व हमें इस बात का भी स्मरण कराता है कि सच्चाई का साथ देने वालों की हमेशा जीत होती है।

    उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि बुराई पर अच्छाई की विजय के इस पावन पर्व पर भगवान श्रीराम की शिक्षाओं को आत्मसात कर जीवन को सार्थक बनायें। मुख्यमंत्री ने कहा कि धर्म और सत्य की विजय के इस मंगल पर्व पर प्रभु श्रीराम से यही प्रार्थना है कि सब सुखी हों, सबका कल्याण हो, हर घर में सुख-समृद्धि और खुशहाली आये।

  • टिहरी में श्रीमद् देवी भागवत कथा का भव्य शुभारंभ

    टिहरी में श्रीमद् देवी भागवत कथा का भव्य शुभारंभ

    टिहरी : शहीद स्मारक, नई टिहरी का प्रांगण आज भक्ति और आध्यात्मिकता के रंग में रंग गया, जब गंगा विश्व सद्भावना समिति, टिहरी गढ़वाल द्वारा आयोजित श्रीमद् देवी भागवत कथा अमृत महोत्सव का विधिवत शुभारंभ हुआ।

    यह नौ दिवसीय कथा समारोह भारत माता की रक्षा में शहीद हुए सैनिकों देवीय आपदा में दिवंगत आत्माओं की आत्म शांति के लिए आयोजित किया जा रहा है यह श्रीमद् देवी भागवत कथा भक्तों के लिए धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष की प्राप्ति का द्वार खोलेगा।

    कथा का शुभारंभ सत्येश्वर महादेव मंदिर मैं पूज्य व्यास डॉ दुर्गेश आचार्य जी महाराज और समिति के अध्यक्ष राकेश राणा समिति के सभी सदस्यों द्वारा पूजन के साथ भव्य कलश यात्रा के साथ हुआ। मातृशक्ति ने पारंपरिक परिधानों में सजे-धजे, सिर पर कलश धारण कर ढोल-नगाड़ों की धुन पर कथा स्थल तक यात्रा की, जिसने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया।

    देवी भागवत कथा धर्म (नैतिकता), अर्थ (समृद्धि), काम (इच्छापूर्ति) और मोक्ष (आध्यात्मिक मुक्ति) की प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त करती है। यह जीवन के सभी पहलुओं को संतुलित करने में मदद करती है।

    महाराज ने कथा में माँ भगवती के विभिन्न रूपों और उनकी लीलाओं का वर्णन करते हुए कहा कि, कथा का श्रवण मन को शांत करता है और तनाव, चिंता व नकारात्मक विचारों को दूर करने में सहायता करता है। यह कथा न केवल आत्मा को शांति प्रदान करती है, बल्कि जीवन के अंधकार को दूर कर मोक्ष की ओर ले जाती है।” उन्होंने यह भी बताया कि आज के संकटपूर्ण समय में यह कथा जन-जन को ईश्वर से जोड़कर आंतरिक शांति और सकारात्मकता प्रदान करती है।

    आचार्य महाराज ने कहा कि कथा का उद्देश्य देश के अमर शहीदों को नमन करना और आपदाओं में दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए सामूहिक प्रार्थना करना भी है।

    इस मौके पर श्री गंगा विश्व शांति सद्भावना समिति नई टिहरी के अध्यक्ष राकेश राणा ,संरक्षक मंडल के सदस्य गोविंद सिंह पुंडीर, नीलकंठ डिमरी, अनीता थपलियाल, कोषाध्यक्ष महावीर प्रसाद उनियाल लक्ष्मण रावत कंचन उनियाल उनियाल, सुषमा बहुगुणा, राजेश्वरी डंगवाल, बबीता जेना,शांति देवी ,हेमंत नौटियाल, कृष्णा मिश्रा, रचना उनियाल बिना सजवान राजकुमारी गुरुंग रश्मि चौहान सीता मंमगाई,मनोज उनियाल, कपिल उनियाल, नरोत्तम मिश्रा, राम रमैया भट्ट, रोशनी भट्ट अनीता चौहान आरती रमोला आशा रावत सोनी गुनसोला बबीता रावत ममता रावत सहित अनेक श्रद्धालुओं ने कथा श्रवण कर पुण्य अर्जित किया।

    यह कथा समारोह नौ दिनों तक चलेगा और प्रतिदिन भक्तों को आध्यात्मिक ज्ञान और भक्ति का अमृत प्रदान करेगा। टिहरी का यह पावन आयोजन निश्चित रूप से सभी के लिए प्रेरणा और शांति का स्रोत बनेगा।

  • CM धामी ने अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के अवसर पर राज्य स्तरीय कार्यक्रम में प्रतिभाग किया

    CM धामी ने अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के अवसर पर राज्य स्तरीय कार्यक्रम में प्रतिभाग किया

    देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को हिमालयन सांस्कृतिक केंद्र, नींबूवाला, देहरादून में अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के अवसर पर राज्य स्तरीय कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। उन्होंने प्रदेश के सभी वरिष्ठ नागरिकों को अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस की शुभकामनाएं दीं।

    इस अवसर पर उन्होंने वृद्धजनों को सम्मानित किया तथा वरिष्ठ नागरिक सम्मान संकल्प भी दिलाया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने एक पेड़ मां के नाम पर पौधा रोपण भी किया।इस दौरान मुख्यमंत्री ने वृद्धजनों की सेवा के लिए समर्पित निशुल्क एंबुलेंस वैन और वृद्धिजनों की वाकथन रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि वरिष्ठ नागरिक हमारे समाज के स्तंभ हैं, जिनका आशीर्वाद और अनुभव समस्त समाज के लिए मार्गदर्शक होता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार एवं केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से बुजुर्गों के सम्मान, सुरक्षा, स्वास्थ्य और कल्याण के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

    उन्होंने अटल वयोअभ्युदय योजना, प्रधानमंत्री वय वंदना योजना, राष्ट्रीय वयोश्री योजना, वृद्धावस्था पेंशन योजना सहित अनेक कल्याणकारी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश में लगभग 6 लाख बुजुर्गों को पेंशन की राशि सीधे उनके बैंक खातों में डीबीटी के जरिए उपलब्ध कराई जा रही है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में वृद्धाश्रमों की व्यवस्था को लगातार सुदृढ़ किया जा रहा है। बागेश्वर, चमोली और उत्तरकाशी जनपदों में राजकीय वृद्धाश्रम संचालित हो रहे हैं, जबकि देहरादून, अल्मोड़ा और चंपावत में नए भवन निर्माणाधीन हैं।

    केंद्र सरकार के सहयोग से उधम सिंह नगर जनपद के रुद्रपुर में मॉडल वृद्धाश्रम का निर्माण किया जा रहा है।रुद्रप्रयाग, टिहरी, पौड़ी और पिथौरागढ़ में भी वृद्धाश्रमों की स्थापना के लिए प्रक्रिया गतिमान है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि जेरियाट्रिक केयर गिवर प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत वरिष्ठ नागरिकों की देखभाल के लिए विशेषज्ञ प्रशिक्षित किए जा रहे हैं। राज्य में इस वर्ष 150 मास्टर ट्रेनर और केयर गिवर तैयार करने का लक्ष्य है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय वयोश्री योजना के अंतर्गत वृद्धजनों को सहायक उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इस वर्ष 1,300 वरिष्ठ नागरिकों की मोतियाबिंद की निशुल्क सर्जरी किए जाने का लक्ष्य रखा गया है।वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए राज्य में माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिक भरण पोषण अधिनियम भी लागू किया गया है।

    इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, अध्यक्ष वरिष्ठ नागरिक कल्याण परिषद रामचंद्र गौड़, उपाध्यक्ष श्रीमती शांति मेहरा, हरक सिंह नेगी, एससी आयोग के अध्यक्ष मुकेश कुमार, सचिव समाज कल्याण डॉ. श्रीधर बाबू अद्दांकी, निदेशक समाज कल्याण चंद्रसिंह धर्मशक्तू मौजूद थे।

  • “ग्रीन दून – क्लीन दून” विषय पर विशाल दौड़ एवं स्लोगन प्रतियोगिता का आयोजन

    “ग्रीन दून – क्लीन दून” विषय पर विशाल दौड़ एवं स्लोगन प्रतियोगिता का आयोजन

    देहरादून: प्रकृति की हरियाली और स्वच्छता का संदेश समेटे हुए, प्रिंसिपल्स प्रोग्रेसिव स्कूल्स एसोसिएशन के तत्वावधान में द पेस्टल वीड स्कूल, देहरादून आगामी 2 अक्टूबर 2025 (गुरुवार) को एक भव्य विशाल दौड़ एवं स्लोगन प्रतियोगिता का आयोजन करने जा रहा है। यह आयोजन सुबह 7:30 बजे विद्यालय परिसर से आरम्भ होगा और पर्यावरण संरक्षण के संकल्प को नई दिशा देगा। इस अवसर को गरिमामयी बनाने हेतु विभिन्न क्षेत्रों से प्रतिष्ठित हस्तियां उपस्थित रहेंगी|

    छह वर्गों में विभाजित इस दौड़ में कक्षा 2 से 12 तक के विद्यार्थी अपनी ऊर्जा और जोश से संदेश देंगे कि स्वच्छता और हरियाली ही जीवन का आधार है।

    ग्रुप A (कक्षा 10–12, लड़के): 10 किमी – मसूरी डायवर्जन रोड, राजपुर रोड, ओल्ड राजपुर होते हुए वापसी। ग्रुप B (कक्षा 10–12, लड़कियाँ): 3 किमी – राम तीर्थ आश्रम से कुठाल गेट होकर विद्यालय तक। ग्रुप C (कक्षा 7–9, लड़के): 5 किमी – ओल्ड मसूरी रोड से कुठाल गेट होकर विद्यालय तक। ग्रुप D (कक्षा 7–9, लड़कियाँ): 3 किमी – शिव मंदिर (कुठाल गेट) से विद्यालय तक। ग्रुप E (कक्षा 4–6, सभी): 3 किमी – राम तीर्थ आश्रम से विद्यालय तक। ग्रुप F (कक्षा 2–3, सभी): 2 किमी – कुठाल गेट से विद्यालय तक।

    दौड़ के साथ-साथ प्रतिभागी विद्यालय स्लोगन और पोस्टर प्रदर्शनी के माध्यम से वृक्षों की कटाई, तीव्र शहरीकरण एवं अव्यवस्थित निर्माण, सीवरेज व ड्रेनेज की कमी से नदियों का प्रदूषण, पॉलिथीन, रसायन एवं रासायनिक उर्वरकों के दुष्प्रभाव, ग्रीन हाउस इफेक्ट, वनस्पति एवं जीव-जंतुओं के बीच सामंजस्य की कमी, मानव अस्तित्व हेतु वन्यजीव संरक्षण का महत्व, भूमिगत जलस्तर में निरंतर गिरावट, ध्वनि एवं शोर प्रदूषण, वाहनों एवं उद्योगों से निकलने वाली जहरीली गैसें, नदी किनारे अनधिकृत झुग्गी-झोपड़ियां, अपर्याप्त जल निकासी व्यवस्था, बिना शुद्धिकरण का पेयजल, अपघटनीय पदार्थों हेतु रीसाइक्लिंग संयंत्रों की कमी, चौराहों पर ऑक्सीजन प्रदायक पौधों की जानकारी का अभाव, मीट शॉप्स / कसाईखाना / मछली मंडी, टूटी-फूटी सड़कों की अनदेखी, कूड़ेदान ‘यूज मि’ का अभाव, नियम तोड़ने वालों हेतु कठोर कानून का अभाव, बागवानी में प्रमाणपत्र का अभाव, नशा मुक्ति – से नो टू ड्रग्स जैसे गम्भीर मुद्दों पर अपनी संवेदनशीलता और रचनात्मकता प्रस्तुत करेंगे। श्रेष्ठ रचनाओं को सम्मानित किया जाएगा।

    सभी प्रतिभागियों को जलपान उपलब्ध कराया जाएगा तथा विजेताओं को प्रमाण पत्र एवं आकर्षक पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे।

    डॉ. प्रेम कश्यप, राष्ट्रीय अध्यक्ष, पीपीएसए एवं कार्यकारी निदेशक, द पेस्टल वीड स्कूल ने कहा—“यह केवल दौड़ नहीं, बल्कि एक जागरूकता अभियान है—एक ऐसा संकल्प जो स्वास्थ्य, जिम्मेदारी और सामूहिक चेतना को जोड़कर देहरादून को स्वच्छ और हरित बनाने का मार्ग प्रशस्त करेगा।”

    कार्यक्रम का समापन मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथि एवं माननीय वन मंत्री श्री सुबोध उनियाल के प्रेरणादायी उद्बोधन से होगा, जिसमें वे दून घाटी की पारिस्थितिकी और पर्यावरणीय संतुलन की रक्षा के लिए समाज की सामूहिक भूमिका पर प्रकाश डालेंगे।

  • 01 अक्टूबर 2025 को राज्य सरकार के सभी कार्यालयों में सार्वजनिक अवकाश घोषित

    01 अक्टूबर 2025 को राज्य सरकार के सभी कार्यालयों में सार्वजनिक अवकाश घोषित

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा जन भावनाओं को ध्यान में रखते हुए प्रदेश में शारदीय नवरात्रि के अवसर पर महानवमी को प्रदेश में सार्वजनिक अवकाश के निर्देश दिए गए थे।

    मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुपालन में सचिव सामान्य प्रशासन द्वारा इसके आदेश जारी कर दिये गए हैं। अब प्रदेश में दिनांक 01 अक्टूबर 2025 को राज्य सरकार के सभी कार्यालयों में सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया है। बैंक एवं कोषागारों में भी यह अवकाश रहेगा।

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशवासियों को महानवमी की बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि नवरात्रि का यह पर्व समाज में नारी के महत्व एवं सम्मान को प्रदर्शित करने वाला है। यह हमारी समृद्ध, सांस्कृतिक एवं धार्मिक परंपरा का भी प्रतीक है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर सभी प्रदेशवासियों के सुख समृद्धि एवं मंगलमय जीवन की कामना भी की है।