Category: उत्तराखंड

  • डीएम प्रशांत आर्य ने धराली, हर्षिल स्यानाचट्टी प्रभावित क्षेत्रों में चल रहे राहत कार्यों की जानकारी दी

    डीएम प्रशांत आर्य ने धराली, हर्षिल स्यानाचट्टी प्रभावित क्षेत्रों में चल रहे राहत कार्यों की जानकारी दी

    उत्तराखंड: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को प्रदेश में आपदा प्रभावित जिलों के जिलाधिकारियों की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक लेते राहत कार्यों,पुनर्वास और पुनःर्स्थापना कार्यों की समीक्षा करते हुए जरूरी दिशा निर्देश दिए।

    उत्तरकाशी की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने धराली, हर्षिल स्यानाचट्टी प्रभावित क्षेत्रों में चल रहे राहत, पुनर्वास और पुनःर्स्थापना कार्यों की जानकारी देते हुए बताया कि स्यानाचट्टी में बनी अस्थायी झील के मुहाने में जमा मलबा हटाने और चौड़ीकरण का कार्य युद्ध स्तर पर किया जा रहा है। लगातार हो रही वर्षा के कारण नदी में दुबारा मलबा जमा हो रहा है।

    जिसके चलते मलबा हटाने एवं चेनेलाइजेशन कार्यों में व्यवधान उत्पन्न हो रहा है। हालांकि नदी से काफी मलबा हटाया जा चुका है,मौसम के साफ होते ही नदी से मलबा हटाने एवं चेनेलाइजेशन कार्यों को युद्ध स्तर पर किया जाएगा।

    जिलाधिकारी ने कहा कि भविष्य की आवश्कताओं को देखते हुए मानसून सीजन के बाद आपदा प्रभावित धराली,हर्षिल,स्यानाचट्टी आदि क्षेत्रों से मलबा हटाकर चिन्हित डंपिंग जोन में डाला जाएगा। ताकि उन क्षेत्रों में जलभराव आदि की समस्या उत्पन्न न हो सके। उन्होंने कहा कि हर्षिल धराली में सड़क मार्ग को सुचारू किया गया है। तथा प्रभावित परिवारों को रोजमर्रा व जरूरत का सामान भी समय समय पर भेजा जा रहा है।

    बैठक में एडीएम मुक्ता मिश्र,अधीक्षण अभियंता लोनिवि विजय कुमार,एसडीएम शालनी नेगी, ईई सिंचाई सचिन सिंघल,ईई लोनिवि अनदीप राणा,आपदा समन्वयक जय पंवार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

  • सीएम घोषणा के अनुरूप प्रभावित क्षेत्रों में वितरित किये राहत राशि के चेक

    सीएम घोषणा के अनुरूप प्रभावित क्षेत्रों में वितरित किये राहत राशि के चेक

    जनपद पौड़ी गढ़वाल में आपदा से प्रभावित परिवारों के लिए मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा घोषित राहत राशि बाँट दी गयी है। प्रभावितों ने इस निर्णय के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताते हुए इसे संकट की घड़ी में बड़ी राहत बताया है।

    मुख्यमंत्री श्री धामी ने 26 अगस्त की शाम को घोषणा की थी कि धराली और थराली के अतिरिक्त पौड़ी में भी आपदा से पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त आवासीय भवनों के स्वामियों तथा मृतकों के परिजनों को ₹5-5 लाख की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। इसमें से एक हिस्सा एसडीआरएफ मद से तथा शेष राशि मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से उपलब्ध करायी जा रही है।

    मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए थे कि राहत राशि शीघ्रता एवं पारदर्शिता के साथ लाभार्थियों तक पहुंचाई जाए। उन्होंने कहा कि सरकार इस कठिन समय में प्रभावित परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी है।

    शनिवार को जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया के त्वरित निर्देशन पर कार्यवाही करते हुए तहसीलदार पौड़ी दीवान सिंह राणा के नेतृत्व में राजस्व विभाग की टीम ने प्रभावित क्षेत्रों में जाकर राहत राशि के चेक वितरित किये। उन्होंने बताया कि आपदा से आवासीय भवन ध्वस्त होने से प्रभावित ग्रामीणों और मृतकों के वारिसों को राहत राशि के चेक सौंपे गये हैं।

    गौरतलब है कि भारी बारिश और भूस्खलन से तहसील पौड़ी के ग्राम सैंजी, बुराँसी, रैदुल, फलद्वाड़ी, क्यार्द, कलूण एवं मणकोली में कुल 22 आवासीय भवन पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त हो गए थे, जबकि 6 लोगों की मृत्यु हुई थी। इसके पश्चात मुख्यमंत्री ने 7 अगस्त को स्वयं आपदा प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया था तथा प्रशासन को त्वरित राहत पहुंचने के निर्देश दिए थे।

    प्रभावितों ने राहत राशि मिलने पर कहा कि यह सहायता उन्हें नए सिरे से जीवन स्थापित करने में मददगार साबित होगी। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी का धन्यवाद देते हुए कहा कि सरकार ने कठिन परिस्थिति में त्वरित कार्रवाई कर हर स्तर पर सहयोग सुनिश्चित किया।

  • उत्तराखंड का मौसम: देहरादून, सहित पांच जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी

    उत्तराखंड का मौसम: देहरादून, सहित पांच जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी

    उत्तराखंड में अगले एक दो दिन बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने 31 अगस्त को पांच जिलों में जिसमें देहरादून, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली और बागेश्वर में कहीं-कहीं भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। राज्य के अन्य जिलों में व उधमसिंह नगर के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। इसी तरह एक सितम्बर को भी राज्य के कई जिलों में बारिश की संभावना है। मौसम विभाग ने 1 सितम्बर के लिए देहरादून नैनीताल बागेश्वर पिथौरागढ़ जनपदों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।

    उत्तराखंड में मॉनसून सीजन में काफी नुकसान हुआ है। पर्वतीय इलाकों में कई जगहों पर बादल फटने से जन और धन की हानि हुई है। शुक्रवार को भी चार जगह बादल फटने से नुकसान हुआ है। प्रदेश की कई हिस्सों में गुरुवार रात से शुरू हुई बारिश शुक्रवार सुबह तक लगातार होती रही। जिससे नदी नाले तूफान पर आ गए और अपने साथ सब कुछ बाहर कर ले गए। पर्वतीय क्षेत्र में भूस्खलन होने से 40 से अधिक भवन और गौशाला के साथ ही कई सड़क क्षतिग्रस्त हो गई। खेतों में मलबा भर गया है तो वहीं विद्युत पोल और पेयजल लाइन में भी क्षतिग्रस्त हो गई है जिसकी वजह से लोगों को बिजली पानी की सुविधा भी नहीं मिल पा रही है।

  • अवैध अतिक्रमण पर थम नहीं रहा जिला प्रशासन का प्रहार; दो स्थानों पर अतिक्रमण ध्वस्त

    अवैध अतिक्रमण पर थम नहीं रहा जिला प्रशासन का प्रहार; दो स्थानों पर अतिक्रमण ध्वस्त

    सरकारी भूमि पर अवैध निर्माण ध्वस्त; जिला प्रशासन का अतिक्रमण पर कड़ा प्रहार निरंतर जारी;

    नेहरूग्राम; एनआईवीएच में सरकारी भूमि पर अतिक्रमण कर बनाई गई मजार ध्वस्त

    देहरादून: जिलाप्रशासन देहरादून ने नेहरू ग्राम में सिंचाई विभाग की भूमि तथा राजपुर रोड में एनआईवीएच में अतिक्रमण कर किए गए निर्माण को हटा दिया गया है। नेहरू ग्राम में सिंचाई विभाग की नहर किनारे तथा एनआईवीएच भूमि पर अवैध निर्माण कर बनाई गई मजार को आज ध्वस्त कर दिया। जिला प्रशासन को दोनों ही स्थानों पर सरकारी भूमि पर अवैध निर्माण कर मजार बनी होने की शिकायत प्राप्त हो रही थीं।

    इन मजार को लेकर विभिन्न संगठनों द्वारा जिला प्रशासन से आपत्ति दर्ज कराई गई थी, जिला प्रशासन ने नियत प्रक्रिया के अंतर्गत नगर मजिस्ट्रेट प्रत्युष सिंह एवं उप जिलाधिकारी सदर हरिगिरि के नेतृत्व में जिला प्रशासन की टीम ने जेसीबी मशीन की मदद से उक्त अवैध ढांचे को ध्वस्त कर दिया।
    इस दौरान सिंचाई, पुलिस के अधिकारी सहित जिला प्रशासन के अधिकारी कार्मिक उपस्थित रहे।

  • चारधाम यात्रा की तैयारियों एवं यात्रा को सुगम सुरक्षित संचालित कराने को लेकर बैठक

    चारधाम यात्रा की तैयारियों एवं यात्रा को सुगम सुरक्षित संचालित कराने को लेकर बैठक

    उत्तरकाशी: जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने शनिवार को मानसून सीजन के बाद चारधाम यात्रा की तैयारियों एवं यात्रा को सुगम सुरक्षित रूप से संचालित कराने को लेकर होटल,टैक्सी,मैक्सी और बस यूनियन के संचालकों के साथ बैठक की।

    जिला मुख्यालय में आयोजित बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि गतिमान मानसून सीजन में गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग भारी बारिश और भूस्खलन के कारण अनेक स्थानों पर क्षतिग्रस्त हुआ था। जिसे यातायात के लिए खोल दिया गया है। वहीं यमुनोत्री नेशनल हाइवे अनेक स्थानों पर अवरुद्ध हुआ है जिसे सुचारू करने का कार्य युद्ध स्तर पर जारी है।

    मौसम पूर्वानुमान एवं अलर्ट को देखते हुए अगले दो दिन के बाद गंगोत्री यात्रा को शुरू कराने का निर्णय लिया जाएगा। वहीं एक सप्ताह के भीतर यमुनोत्री नेशनल हाइवे के बहाल होते ही यात्रा शुरू करा ली जाएगी।

    जिलाधिकारी ने कहा कि जिले में स्थित दोनों धाम यमुनोत्री एवं गंगोत्री धाम की यात्रा मानसून सीजन में प्रभावित हुई है। मौसम पूर्वानुमान को देखते हुए एवं सड़क मार्ग के सुचारू होते ही दोनों धाम की यात्रा शुरू करा ली जाएगी।

    वहीं बैठक में चारधाम यात्रा के अलावा तीर्थाटन व पर्यटन को बढ़ावा देने पर भी चर्चा हुई। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए अक्टूबर माह के पहले सप्ताह में कॉन्क्लेव आयोजित कराने का निश्चय किया गया। जिलाधिकारी ने होटल एसोसिएशन,पर्यटन आदि विभागों की पांच सदस्यीय टीम की कमेटी गठित कर कार्यक्रम की रूपरेखा तय करने के निर्देश दिए।

    बैठक में चारधाम यात्रा होटल एसोसिएशन अध्यक्ष अजय पुरी,होटल एसोसिएशन अध्यक्ष शैलेन्द्र मटूड़ा,व्यापार मंडल उपाध्यक्ष अंकित उप्पल,टीजीएमओ यूनियन अध्यक्ष गजपाल रावत,गंगोत्री होटल एसोसिएशन अध्यक्ष अनिल नोटियाल, सुरेश राणा, धीरज सेमवाल,आशीष राणा,इंद्रमोहन समेत अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।

  • चारधाम यात्रा की तैयारियों एवं यात्रा को सुगम सुरक्षित संचालित कराने को लेकर बैठक

    चारधाम यात्रा की तैयारियों एवं यात्रा को सुगम सुरक्षित संचालित कराने को लेकर बैठक

    उत्तरकाशी: जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने शनिवार को मानसून सीजन के बाद चारधाम यात्रा की तैयारियों एवं यात्रा को सुगम सुरक्षित रूप से संचालित कराने को लेकर होटल,टैक्सी,मैक्सी और बस यूनियन के संचालकों के साथ बैठक की।

    जिला मुख्यालय में आयोजित बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि गतिमान मानसून सीजन में गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग भारी बारिश और भूस्खलन के कारण अनेक स्थानों पर क्षतिग्रस्त हुआ था। जिसे यातायात के लिए खोल दिया गया है। वहीं यमुनोत्री नेशनल हाइवे अनेक स्थानों पर अवरुद्ध हुआ है जिसे सुचारू करने का कार्य युद्ध स्तर पर जारी है।

    मौसम पूर्वानुमान एवं अलर्ट को देखते हुए अगले दो दिन के बाद गंगोत्री यात्रा को शुरू कराने का निर्णय लिया जाएगा। वहीं एक सप्ताह के भीतर यमुनोत्री नेशनल हाइवे के बहाल होते ही यात्रा शुरू करा ली जाएगी।

    जिलाधिकारी ने कहा कि जिले में स्थित दोनों धाम यमुनोत्री एवं गंगोत्री धाम की यात्रा मानसून सीजन में प्रभावित हुई है। मौसम पूर्वानुमान को देखते हुए एवं सड़क मार्ग के सुचारू होते ही दोनों धाम की यात्रा शुरू करा ली जाएगी।

    वहीं बैठक में चारधाम यात्रा के अलावा तीर्थाटन व पर्यटन को बढ़ावा देने पर भी चर्चा हुई। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए अक्टूबर माह के पहले सप्ताह में कॉन्क्लेव आयोजित कराने का निश्चय किया गया। जिलाधिकारी ने होटल एसोसिएशन,पर्यटन आदि विभागों की पांच सदस्यीय टीम की कमेटी गठित कर कार्यक्रम की रूपरेखा तय करने के निर्देश दिए।

    बैठक में चारधाम यात्रा होटल एसोसिएशन अध्यक्ष अजय पुरी,होटल एसोसिएशन अध्यक्ष शैलेन्द्र मटूड़ा,व्यापार मंडल उपाध्यक्ष अंकित उप्पल,टीजीएमओ यूनियन अध्यक्ष गजपाल रावत,गंगोत्री होटल एसोसिएशन अध्यक्ष अनिल नोटियाल, सुरेश राणा, धीरज सेमवाल,आशीष राणा,इंद्रमोहन समेत अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।

  • टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड को सीएसआर विद ह्यूमन हार्ट के लिए “जीईईएफ ग्लोबल अवार्ड 2025” से सम्मानित किया गया

    टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड को सीएसआर विद ह्यूमन हार्ट के लिए “जीईईएफ ग्लोबल अवार्ड 2025” से सम्मानित किया गया

    ऋषिकेश, 30 अगस्त, 2025: टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड को नई दिल्ली के आईटीसी मौर्य होटल में आयोजित ग्लोबल वाटर टेक समिट 2025 में “मानव हृदय के साथ सीएसआर – वर्ष 2025 की सर्वश्रेष्ठ कंपनी” श्रेणी के अंतर्गत प्रतिष्ठित “जीईईएफ ग्लोबल अवार्ड 2025” (“The GEEF Global Award 2025” under the category “CSR with a Human Heart – Company of the Year 2025” ) से सम्मानित किया गया।

    टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, श्री आर. के. विश्नोई ने “जीईईएफ ग्लोबल अवार्ड 2025” के लिए हार्दिक बधाई दी और कहा कि यह सम्मान समावेशी और सतत विकास के प्रति टीएचडीसीआईएल की दृढ़ प्रतिबद्धता को मान्यता देता है।

    श्री विश्नोई ने इस बात पर भी जोर दिया कि कंपनी की प्रमुख सीएसआर पहल “टीएचडीसी सहृदय – मानवीय हृदय वाला कॉर्पोरेट” समाज के प्रति करुणा, जिम्मेदारी और सेवा के टीएचडीसीआईएल के मूल मूल्यों को मूर्त रूप देती है।

    अपनी प्रमुख सीएसआर पहलों के माध्यम से, टीएचडीसीआईएल ने विभिन्न क्षेत्रों में सामुदायिक कल्याण को बढ़ावा दिया है, जिसमें डिस्पेंसरियों, चिकित्सा अवसंरचना, स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से स्वास्थ्य सेवा को मजबूत करना; स्कूल उन्नयन, स्वच्छता सुविधाओं और जरूरतमंद बच्चों को सहायता के माध्यम से उनकी शिक्षा को आगे बढ़ाना, साथ ही युवाओं और महिला सशक्तिकरण के लिए व्यावसायिक प्रशिक्षण के माध्यम से आजीविका को बढ़ावा देना शामिल है।

    कंपनी ने ग्रामीण बुनियादी ढांचे और सिंचाई, वनीकरण और जल संरक्षण के माध्यम से पर्यावरणीय स्थिरता में भी योगदान दिया है, जबकि टिहरी झील में जल क्रीड़ाओं सहित कला, संस्कृति और खेलों को सक्रिय रूप से बढ़ावा दिया है और उभरते एथलीटों को समर्थन दिया है।
    यह सम्मान समावेशी विकास और सतत सामुदायिक विकास के प्रति टीएचडीसीआईएल की अटूट प्रतिबद्धता की पुष्टि करता है। यह पुरस्कार टीएचडीसीआईएल की ओर से श्री हर्ष कुमार जिंदल, महाप्रबंधक (एस एंड ई विभाग) और श्रीमती महक शर्मा, उप प्रबंधक (एस एंड ई विभाग) द्वारा प्राप्त किया गया।

  • डीएम बागेश्वर पहुंचे पौंसारी एवं बैसानी क्षेत्र का निरीक्षण करने, दिए ये निर्देश…

    डीएम बागेश्वर पहुंचे पौंसारी एवं बैसानी क्षेत्र का निरीक्षण करने, दिए ये निर्देश…

    जनपद बागेश्वर के कपकोट विकासखण्ड के ग्राम पौंसारी एवं बैसानी क्षेत्र में गुरुवार देर रात भारी वर्षा एवं बादल फटने की घटना से जनहानि के साथ मकान, खेत, रास्ते और पुलिया क्षतिग्रस्त हुए हैं। सूचना मिलते ही जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिए।

    जिलाधिकारी आशीष भटगांई और माननीय विधायक कपकोट सुरेश गढ़िया स्वयं मौके पर पहुँचकर स्थिति का जायज़ा ले रहे हैं। दुर्गम मार्गों और प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद प्रशासनिक टीम ने जान जोखिम में डालकर घटनास्थल तक पहुँच बनाई और प्रभावित परिवारों को तात्कालिक सहायता उपलब्ध कराई।

    खाने-पीने की व्यवस्था, सुरक्षित आश्रय, त्रिपाल, राशन किट और आवश्यक चिकित्सा सुविधाएँ सुनिश्चित कर दी गई हैं ताकि किसी भी परिवार को बुनियादी जरूरतों की कमी न हो।

    अब तक दो शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि तीन व्यक्तियों की खोजबीन एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें कर रही हैं। एक घायल व्यक्ति को ग्रामीणों ने सुरक्षित निकाल लिया। प्रभावित लोगों की सुरक्षा को देखते हुए राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बैसानी में राहत शिविर स्थापित किया गया है और वहां आश्रय एवं आवश्यक प्रबंध निरंतर मॉनिटरिंग के साथ सुनिश्चित किए जा रहे हैं। राहत एवं बचाव कार्यों के लिए अधिकारियों प्रवीण सिंह गोस्वामी, अर्जुन सिंह रावत और बृजेश रतूड़ी को नोडल अधिकारी नामित किया गया है।

    मार्गों की आवाजाही बहाल करने हेतु पीडब्ल्यूडी व पीएमजीएसवाई की टीमें युद्धस्तर पर कार्य कर रही हैं। मलबा हटाने और वैकल्पिक रास्तों की पहचान के निर्देश जिलाधिकारी ने स्वयं मौके से दिए हैं। इस दौरान पुलिस अधीक्षक चंद्रशेखर घोड़खे और मुख्य विकास अधिकारी आर.सी. तिवारी भी घटनास्थल पर मौजूद रहकर राहत कार्यों की निगरानी कर रहे हैं।

    प्रशासन ने प्रभावित परिवारों से भेंट कर उन्हें हर संभव सहायता और सहयोग का आश्वासन दिया है। जिलाधिकारी के निर्देशन में सभी जिलास्तरीय अधिकारी आपदा कंट्रोल रूम से लगातार समन्वय बनाए हुए हैं और स्थिति पर कड़ी नज़र रखी जा रही है।

  • सीडीओ ने ‘‘आदि कर्मयोगी मिशन’’ के प्रतीक चिन्ह का किया अनावरण, अधिकारियों को सत्यनिष्ठा से मिशन पूर्ण करने की दिलाई शपथ

    सीडीओ ने ‘‘आदि कर्मयोगी मिशन’’ के प्रतीक चिन्ह का किया अनावरण, अधिकारियों को सत्यनिष्ठा से मिशन पूर्ण करने की दिलाई शपथ

    जनजातीय कार्य मंत्रालय, भारत सरकार की महत्वाकांक्षी योजना ‘‘आदि कर्मयोगी अभियान’’ के अंतर्गत शुक्रवार को मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह की अध्यक्षता में विकास भवन सभागार में जिला स्तरीय अभिमुखी कार्यक्रम (वी.एल.ओ.) की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर, जनपद और विकास खण्ड स्तरीय मास्टर ट्रेनर के साथ ही जिला स्तरीय वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

    मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह ने बैठक में आदि कर्मयोगी अभियान के अन्तर्गत जनपद के प्रतीक चिन्ह का वर्चुअल रूप से अनावरण किया और सभी अधिकारियों को इस अभियान के अन्तर्गत पूर्ण सत्यनिष्ठा से मिशन को पूरा करने की शपथ दिलाई। उन्होंने निर्देशित किया कि चयनित जनजाति बाहुल्य गांवों को शत प्रतिशत योजनाओं से आच्छादित किया जाए।

    ग्राम्य विकास अभिकरण के परियोजना अधिकारी विक्रम सिंह ने सभी अधिकारियों को ‘‘आदि कर्मयोगी अभियान’’ के विषय में अवगत कराते हुए बताया कि जनपद देहरादून में इस योजना के अंतर्गत 04 विकास खण्डों के कुल 41 गांवों का चयनित किया गया है, जिसके अन्तर्गत उक्त 41 गाँवों में निवासरत समस्त जनजाति श्रेणी के व्यक्तियों को सरकार द्वारा संचालित समस्त लोक कल्याणकारी योजना से शत-प्रतिशत आच्छादित किया जाना है।

    जिला समाज कल्याण अधिकारी दीपांकर घिल्डियाल ने बताया कि जनजाति बाहुल्य जिन ग्रामों को शत प्रतिशत योजनाओं से आच्छादित किया जाना है, उनमें विकासखंड चकराता के 24, कालसी के 12, विकासनगर के 04 और सहसपुर का 01 गांव शामिल है।

  • उत्तराखण्ड सरकार और जर्मन स्थित इनोवेशन हब राइन-माइन, के मध्य लेटर ऑफ इन्टेन्ट (एल.ओ.आई) पर हस्ताक्षर

    उत्तराखण्ड सरकार और जर्मन स्थित इनोवेशन हब राइन-माइन, के मध्य लेटर ऑफ इन्टेन्ट (एल.ओ.आई) पर हस्ताक्षर

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की उपस्थिति में शुक्रवार को मुख्यमंत्री आवास में उत्तराखण्ड सरकार और जर्मन स्थित इनोवेशन हब राइन-माइन, के मध्य लेटर ऑफ इन्टेन्ट (एल.ओ.आई) पर हस्ताक्षर किये गये। इसका उद्देश्य उत्तराखण्ड को कुशल युवाओं को जर्मनी में स्वास्थ्य, ऑटोमोबाइल, व्यावसायिक प्रशिक्षण, हाइड्रोजन एवं नवीकरणीय ऊर्जा प्रौद्योगिकी, नवाचार आधारित स्टार्टप जैसे क्षेत्रों से जोड़ना है।

    मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखण्ड के युवाओं को रोजगार से जोड़ने की दिशा में यह एक अच्छी पहल है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में प्रतिभाओं की कमी नहीं है। राज्य सरकार द्वारा युवाओं के कौशल विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। विभिन्न देशों की मांग के आधार पर भी राज्य के युवाओं को कौशल विकास से जोड़ा जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य के युवाओं के कौशल विकास के साथ ही विदेशी भाषाओं का प्रशिक्षण की व्यवस्था भी राज्य सरकार द्वारा कराई गई है। युवाओं को रोजगार से जोड़ने की सरकार द्वारा लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। कौशल विकास और विदेशी भाषा का प्रशिक्षण दिये जाने के बाद राज्य के कई युवा विदेशों में नौकरी कर रहे हैं।

    इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री श्री सौरभ बहुगुणा, प्रमुख सचिव श्री आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव श्री शैलेश बगौली, श्री विनय शंकर पाण्डेय, श्री सी. रविशंकर, जर्मन प्रतिनिधिमंडल में राउनहाइम शहर के मेयर श्री डेविड रेंडल,जर्मनी के विदेशी निवेश प्रकोष्ठ के सलाहकार श्री सौरभ भगत तथा इनोवेशन हब राइन-माइन के सीईओ श्री स्टीफन विट्टेकिंड मौजूद थे।