जनपद रुद्रप्रयाग के बसुकेदार क्षेत्र में 28 अगस्त को आई दैवीय आपदा के दौरान मयाली–गुप्तकाशी मार्ग पर ल्वाड़ा के समीप स्थित 12 मीटर लंबे स्पान का पुल क्षतिग्रस्त हो गया था, जिससे क्षेत्र की लाइफलाइन कहे जाने वाला यह मार्ग पूरी तरह बाधित हो गया था और स्थानीय जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ था।
लेकिन अब राहत की खबर है। जिलाधिकारी प्रतीक जैन के निर्देशों के बाद आज से पुल निर्माण का कार्य शुरू कर दिया गया है। निर्माण कार्य के लिए आवश्यक सामग्री ल्वाड़ा पहुंच चुकी है और लोक निर्माण विभाग द्वारा युद्धस्तर पर कार्य प्रारंभ किया गया है।
आज अपर जिलाधिकारी श्याम सिंह राणा ने स्वयं निर्माण स्थल का स्थलीय निरीक्षण किया और मौके पर मौजूद अधिकारियों को निर्धारित समयसीमा के भीतर कार्य पूरा करने के निर्देश दिए।लोक निर्माण खंड ऊखीमठ के अधिशासी अभियंता आर.पी. नैथानी ने जानकारी देते हुए बताया कि आपदा में क्षतिग्रस्त हुए स्टेट हाईवे-37 (मयाली–गुप्तकाशी मार्ग) पर स्थित इस वेली ब्रिज((Valley Bridge) का निर्माण कार्य आज से आरंभ कर दिया गया है।
उन्होंने बताया कि पहले यह पुल 12 मीटर लंबा था, जिसे अब 14 से 16 मीटर तक बढ़ाया जा रहा है, जिससे पुल को ओर अधिक मज़बूती मिल सके।उन्होंने यह भी बताया कि पुल निर्माण का कार्य एक सप्ताह के भीतर पूरा कर लिया जाएगा, जिससे स्थानीय लोगों को आवागमन में सुविधा होगी और क्षेत्र की सामाजिक व आर्थिक गतिविधियां दोबारा सुचारु हो सकेंगी।
देहरादून – 04 सितंबर 2025 – लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) की ओर से देहरादून प्रेस क्लब में एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। प्रेस वार्ता को प्रदेश अध्यक्ष केदारनाथ पंडित ने पार्टी के वरिष्ठ कार्यकर्ताओं के साथ संयुक्त रूप से संबोधित किया। अपने संबोधन में प्रदेश अध्यक्ष ने कहा स्वर्गीय रामविलास पासवान जी के पद चिन्हों एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान जी के मार्गदर्शन में हम निरंतर आगे बढ़ रहे हैं।
प्रदेश उपाध्यक्ष मीडिया प्रभारी संजीव शर्मा ने कहा पार्टी उत्तराखंड में राष्ट्रीय अध्यक्ष माननीय श्री चिराग पासवान जी के मार्गदर्शन में वर्ष 2027 के चुनाव की तैयारीयों में जुटी है। सभी कार्यकर्ताओं को जमीनी स्तर पर सक्रिय किया जा रहा हैं एवं संगठन मजबूती से उत्तराखंड के सभी जिलों में अपना विस्तार कर रही हैं। उन्होंने कहा हमारा लक्ष्य जनता को एक सशक्त विकल्प देना हैं और हम इसी दिशा में संगठित होकर सभी कार्य कर रहे हैं।
इस कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए हुए लोगों को निम्नलिखित जिम्मेदारियां दी गई। जिसमें संदीप सिंघल अध्यक्ष महानगर देहरादून, सुरेंद्र सिंह चौहान जिला अध्यक्ष उधम सिंह नगर, श्रवन कुमार जैन प्रदेश सचिव उत्तराखंड, दीपक जुयाल प्रदेश सचिव उत्तराखंड, चंद्रपाल सिंह प्रदेश सचिव उत्तराखंड, दीपक शर्मा प्रदेश सचिव उत्तराखंड, राजकुमार यादव प्रदेश महासचिव उत्तराखंड, चंद्रपाल एडवोकेट प्रदेश विधिक सलाहकार उत्तराखंड इत्यादि शामिल है। इस अवसर पर प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए हुए कार्यकर्ताओं एवं पार्टी पदाधिकारी उपस्थित रहे।
मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में बुधवार को सचिवालय में राज्य आपदा मोचन निधि एवं राज्य आपदा न्यूनीकरण निधि मद के अंतर्गत राज्य कार्यकारिणी समिति की बैठक संपन्न हुई। बैठक के दौरान समिति द्वारा पुलिस महानिदेशक को एसडीआरफ दल को प्रशिक्षण हेतु इस मद हेतु वित्तीय वर्ष 2024 – 25 की अवशेष धनराशि वर्तमान वित्तीय वर्ष 2025 – 26में व्यय किए जाने, जनपद चंपावत एवं पौड़ी को क्रमशः पुनर्प्राप्ति एवं पुनर्निर्माण एवं राहत एवं बचाव कार्यों को दूसरी किश्त आबंटित किए जाने पर सहमति प्रदान की गई।
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मानव वन्यजीव संघर्ष सहित आपदा प्रभावितों को अनुमन्य अनुग्रह अनुदान सहायता तत्काल वितरित की जाए। इसमें लंबित मामलों को तत्काल निस्तारित किया जाए।
मुख्य सचिव ने आपदा विभाग को आपदा जैसी आपातकालीन परिस्थितियों के दौरान हेली सेवाओं के प्रयोग के लिए एसओपी तैयार किए जाने के निर्देश भी दिए हैं। उन्होंने देहरादून में रिस्पना नदी के चैनलाइजेशन और ड्रेजिंग आदि कार्यों के लिए सिंचाई विभाग और लोक निर्माण विभाग को आपसी सामंजस्य के साथ प्रस्ताव तैयार कर कार्य किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने प्रदेश की सभी बड़ी नदियों का अध्ययन कर सम्पूर्ण कार्ययोजना तैयार किए जाने की बात कही। कार्यों को उनकी प्राथमिकता के आधार पर किया जा सकता है। उन्होंने खतरे की जद वाली सभी बड़ी बस्तियों के बाढ़ सुरक्षा कार्यों के प्रस्ताव तैयार किए जाने के भी निर्देश दिए हैं।
मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य आपदा न्यूनीकरण निधि के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों में बायो इंजीनियरिंग और बायो फेंसिंग का प्रयोग पर विशेष बल दिया जाए। उन्होंने इस सम्बन्ध में वन विभाग द्वारा जाइका के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों की जानकारी के लिए सम्बन्धित विभागों के साथ वर्कशॉप आयोजित किए जाने की बात भी कही।
इस अवसर पर सचिव श्री शैलेश बगौली, श्री विनोद कुमार सुमन, श्री युगल किशोर पंत, अपर सचिव श्री विनीत कुमार, श्री आनन्द स्वरूप सहित सम्बन्धित विभागों के उच्चाधिकारी उपस्थित थे।
देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि हरिद्वार में कुम्भ मेला 2027 के भव्य आयोजन की सभी तैयारियां समय करते हुए स्थायी प्रकृति के कार्य अक्टूबर 2026 तक पूर्ण किये जाएं। कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर वर्गीकृत कर उन्हें पूर्ण किये जाए। सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्यों आगे बढ़ायें।
बुधवार को सचिवालय में हरिद्वार कुंभ 2027 की तैयारी के क्रम में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक के दौरान मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि भव्य और दिव्य कुंभ का आयोजन कराना राज्य सरकार की शीर्ष प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि मेला संबंधित सभी कार्य विस्तारित क्षेत्र और मास्टर प्लान को ध्यान में रख कर किए जाएं।
मास्टर प्लान में सभी सेक्टर, मार्ग, पार्किंग, घाट, कैम्प स्थलों को स्पष्ट तौर पर चिन्हित किया जाए, ताकि इसके अनुसार आवश्यक भूमि का अधिग्रहण करने के साथ ही संबंधित भूमि का अस्थायी उपयोग सुनिश्चित किया जा सके। साथ ही भीड़ का दवाब कम करने के लिए नए घाटों का निर्माण, कांगड़ा घाट का विस्तार और मौजूदा घाटों की मरम्मत भी समय से पूरी कर ली जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि मेला सकुशल सम्पन्न कराने के लिए सरकारी भूमि, सड़कों पर से अतिक्रमण सख्ती के साथ हटाया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यूआईआईडीबी द्वारा हरिद्वार गंगा कॉरिडोर में जो भी कार्य किए जा रहे हैं, उन्हें कुंभ को देखते हुए प्राथमिकता पर पूरा किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि निर्माणाधीन बहादराबाद – श्यामपुर बाईपास को जल्द पूरा किया जाए, ताकि इसका अधिकतम लाभ कुंभ के दौरान मिल सके। इसी तरह श्यामपुर, गैंडीखाता एवं चण्डीघाट क्षेत्र में विशेष टेंट लगाने के लिए मास्टर प्लान तैयार किया जाए। इसी तरह कुंभ क्षेत्र में यातायात एवं पार्किंग व्यवस्था सुदृढ़ की जाए।
श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु ट्रैफिक डायवर्जन योजना, पार्किंग स्थल की व्यवस्था की जाए। पार्किंग दूर होने पर शटल सेवा की व्यवस्था पर विचार किया जाए। कुंभ क्षेत्र में आंतरिक मार्गों को भी समय से ठीक किया जाए, इसका लाभ स्थानीय निवासियों को भी मिलेगा। मंसा देवी, चंड़ी देवी पैदल मार्ग के सुदृढीकरण का कार्य समय से पूरा कर लिया जाए।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि ठोस कचरा अपशिष्ट के लिए जीरो वेस्ट कॉन्सेप्ट अपनाया जाए, कुंभ क्षेत्र में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, डस्टबिन, रीसाइक्लिंग सिस्टम और मोबाइल टॉयलेट की पर्याप्त व्यवस्था की जाए। महिला श्रद़धालुओं की सुविधा के लिए पिंक टायलेट और चेंजिंग रूम की भी पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। घाटों और गंगा तटों पर 24 घंटे सफाई व्यवस्था की जाए। हरकी पैड़ी में श्रद्धालुओं के लिए आरती और बैठने की समुचित व्यवस्था की जाए।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कुंभ के दौरान श्रद़धालुओं की सुरक्षा से संबंधित सभी इंतजाम समय से पूरी कर ली जाएं। भीड़ प्रबंधन, यातायात नियंत्रण और पार्किंग व्यवस्था के साथ ही पार्किंग स्थलों पर सभी मूलभूत सुविधाएं दी जाए जाएं। श्रद़धालुओं की सुरक्षा के लिए प्रत्येक घाट पर लाइफगार्ड, सुरक्षा रस्सी और मोटर बोट की उपलब्धता हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बात का विशेष ध्यान रखा जाए कि श्रद़धालु उत्तराखंड से अच्छे अनुभव लेकर जाएं, इसके लिए यात्रियों के साथ अच्छा व्यवहार किया जाए। इसके लिए कार्मिकों को अभी से प्रशिक्षण दिया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मेला क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाएं सुदृढ़ रखी जाएं। मेला क्षेत्र में अस्थायी अस्पताल, एम्बुलेंस व मोबाइल चिकित्सा दल की व्यवस्था की जाए। मेला प्रबंधन में आईटी व डिजिटल सेवाओं का अधिकतम उपयोग किया जाए। श्रद्धालुओं को रियल-टाइम सूचना देने के लिए मोबाइल ऐप, हेल्पलाइन और सूचना केंद्र स्थापित किए जाएं। उन्होंने मुख्य सचिव को कुंभ मेला तैयारी की समीक्षा 15 दिन में करने के निर्देश दिए हैं।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को कहा कि उन्होंने रूसी तेल खरीदने के लिए भारत पर अभी शुरुआती दौर के प्रतिबंध लगाए हैं और संकेत दिया कि उन्होंने अब तक ”चरण दो या चरण तीन” के तहत प्रतिबंध नहीं लगाये हैं। पोलैंड के राष्ट्रपति करोल नवरोकी के साथ ओवल ऑफिस में द्विपक्षीय बैठक में भाग लेते समय ट्रंप उस समय नाराज हो गये जब उनसे एक पोलिश पत्रकार ने पूछा कि उन्होंने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के प्रति निराशा और हताशा व्यक्त की थी, लेकिन इस संबंध में कोई कार्रवाई नहीं की।
ट्रंप ने पोलिश पत्रकार से कहा, ”आपको कैसे पता कि कोई कार्रवाई नहीं हुई? चीन के बाद सबसे बड़े खरीदार भारत पर प्रतिबंध लगाना, क्या आप कहेंगे कि कोई कार्रवाई नहीं हुई? इससे रूस को सैकड़ों अरब डॉलर का नुकसान हुआ। आप इसे कोई कार्रवाई नहीं कहेंगे? और मैंने अब तक दूसरा या तीसरा चरण पूरा नहीं किया है। लेकिन जब आप कहते हैं कि कोई कार्रवाई नहीं हुई, तो मुझे लगता है कि आपको कोई नयी नौकरी ढूंढ लेनी चाहिए।”
ट्रंप ने कहा कि दो सप्ताह पहले उन्होंने कहा था, ”अगर भारत तेल खरीदता है, तो भारत को बड़ी समस्याएं होंगी, और यही होता है। इसलिए, मुझे इसके बारे में मत बताइए।”
जब उनसे चीन की सैन्य परेड में पुतिन और उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन के साथ चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की उपस्थिति को लेकर सवाल किया गया और पूछा गया क्या वह मास्को पर द्वितीयक प्रतिबंध लगाने पर विचार कर रहे हैं, तो ट्रंप ने कहा, ”मैंने भारत के संबंध में पहले ही ऐसा कर दिया है और हम अन्य चीजों के संबंध में भी ऐसा कर रहे हैं।”
ट्रंप ने भारत पर 25 प्रतिशत टैरिफ (शुल्क) लगाया है और भारत द्वारा रूसी तेल की खरीद पर 25 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क लगाया है, जिससे भारत पर लगाया गया कुल शुल्क 50 प्रतिशत हो गया है और यह शुल्क 27 अगस्त से प्रभावी हो गया है।
ग्रेजुएशन पूरी हो गई है। इसके बाद अगर आप एलआईसी के साथ अपना करियर शुरू करना चाहते हैं, तो आपके लिए बढ़िया अपडेट है। एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड (LIC HFL) ने अप्रेंटिस के पदों पर आवेदन आमंत्रित किए हैं। इस भर्ती का नोटिफिकेशन जारी हो गया है। आवेदन 2 सितंबर से ऑफिशियल वेबसाइट www.lichousing.com पर शुरू हो गए हैं। इस अप्रेंटिस प्रोग्राम के लिए उम्मीदवार आखिरी तारीख 22 सितंबर 2025 तक अपना एप्लीकेशन फॉर्म सब्मिट कर सकते हैं।
एलआईसी अप्रेंटिस भर्ती 2025
एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड ने यह भर्ती अभियान 192 अप्रेंटिसशिप की सीटों के लिए शुरू किया है। चुने हुए अभ्यर्थियों को विभिन्न कार्यालयों में अप्रेंटिसशिप की ऑन जॉब ट्रेनिंग दी जाएगी। जिसके जरिए आप डोमेन नॉलेज, सॉफ्ट स्किल्स, रियल वर्क एक्सपीरियंस जैसे अनुभव ले सकते हैं।
इस अप्रेंटिसशिप भर्ती में आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों का किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से किसी भी विषय में ग्रेजुएशन किया होना चाहिए। इसके आलावा अभ्यर्थियों से अन्य किसी तरह का अनुभव या एक्सपीरियंस नहीं मांगा गया है। अगर आप पहले से कहीं अप्रेंटिसशिप कर रहे हैं, तो इसके लिए योग्य मान्य नहीं होंगे। अन्य डिटेल्स आप भर्ती के आधिकारिक नोटिफिकेशन से भी चेक कर सकते हैं।
देहरादून: जिला प्रशासन द्वारा असहाय व्यथित भटकते जीवन में उम्मीद एवं आशा व शिक्षा की किरण दिखाने का कार्य निरंतर जारी है, जहां 03 बेटियों को स्कूल में दाखिला दिलाया वहीं 1 बेटी को रोजगारपरक प्रशिक्षण देकर सेवायोजित करने की तैयारी है।
विगत जनता दर्शन में 03 छोटी बहनों की बड़ी बहन सरिता ने जिलाधकारी संविन बसंल से अपनी व्यथा सुनाते हुए बताया कि उनकी माता की डूबने से मृत्यु हो गई है, पिता कुछ कामधन्धा नही करते 03 बहनों की शिक्षा-दीक्षा विवाह तक की जिम्मेदारी उन पर है तथा फीस देने के पैसे नही हैं बहनों की स्कूल की शिक्षा छूट गई है।
सरिता ने जिलाधिकारी से आर्थिक सहायता की गुहार लगाई। जिस पर जिलाधिकारी ने मुख्य शिक्षा अधिकारी को 03 बहनों को स्कूल में दाखिला दिलाने तथा जीएमडीआईसी को सरिता को रोजगारपरक प्रशिक्षण देकर सेवायोजित करने तथा कृत कार्यवाही से अवगत कराने को निर्देशित किया था।
जिलाधिकारी के निर्देश पर सरिता की 3 बहनों को रा.प्रा.वि. लाडपुर, रायपुर में प्रवेश दिला दिया गया है, जिसकी पुष्टि विद्यालय की प्रधानाध्यापिका ने की है। सरिता को रोजगारपरक प्रशिक्षण देकर योग्तयानुसार सेवायोजित करने के डीएम के निर्देश पर जिला प्रोबेशन अधिकारी ने जीएमडीआईसी को पत्र प्रेषित किया गया है, जिसे जल्द रोजगारपरक प्रशिक्षण के साथ सेवायोजित तथा स्वरोजगार से जोड़ने की कार्यवाही पूर्ण की जाएगी।
जिला प्रशासन ने सामाजिक सरोकार को आगे बढ़ाते हुए निर्धन एवं असहाय परिवारों की बेटियों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने का सराहनीय कार्य किया जा रहा है। डीएम के निर्देश पर संबंधित विभागों की टीम द्वारा ऐसे परिवारों की पहचान की जा रही है जिनकी आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण उनकी बेटियों का स्कूल में दाखिला नहीं हो पा रहा था, इसके लिए प्राजेक्ट नंदा सुनंदा में सराहनीय कार्य किए जा रहे है।
डीएम ने स्वयं पहल कर इन बालिकाओं का प्रवेश सरकारी विद्यालय में कराया और उन्हें निःशुल्क पुस्तकों, यूनिफॉर्म एवं अन्य आवश्यक सामग्री भी उपलब्ध कराई। इस अवसर पर डीएम ने कहा कि “शिक्षा ही बच्चों का भविष्य संवार सकती है, इसलिए हर बेटी को पढ़ाई का अवसर मिलना चाहिए।
रुद्रप्रयाग जनपद के बसुकेदार क्षेत्र में हाल ही में आई प्राकृतिक आपदा के बाद जिला प्रशासन द्वारा राहत और बचाव कार्यों को युद्धस्तर पर अंजाम दिया जा रहा है। आपदा की गंभीरता को देखते हुए एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और डीडीआरएफ की टीमें लगातार लापता लोगों की खोजबीन में जुटी हैं। वहीं, प्रभावित क्षेत्रों में बिजली और पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं को शीघ्र बहाल कर दिया गया है।
प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आपदा की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। उन्होंने जिला प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि प्रभावित लोगों को त्वरित राहत और आवश्यक सहायता पहुंचाने में किसी प्रकार की लापरवाही न हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि,”राज्य सरकार हर प्रभावित व्यक्ति के साथ खड़ी है और राहत कार्यों में किसी भी प्रकार की कमी नहीं आने दी जाएगी।”
मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुरूप जिलाधिकारी प्रतीक जैन स्वयं राहत कार्यों की निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने सभी विभागों को निर्देशित किया है कि प्रभावित लोगों को हरसंभव सहायता शीघ्रता से उपलब्ध कराई जाए। प्रशासन ने आपदा प्रभावित क्षेत्रों को सेक्टरों में बांटकर वहां नोडल अधिकारियों की तैनाती कर दी है, ताकि राहत कार्यों में तेजी लाई जा सके और समन्वय बना रहे।
खाद्यय एवं पूर्ति विभाग भी राहत कार्यों में सक्रिय भूमिका निभा रहा है। विभाग ने उछोला क्षेत्र में मौसम साफ होने पर हेलीकॉप्टर के माध्यम से राशन पहुंचाया, जबकि बीते कुछ दिनों से हो रही बारिश के चलते वैकल्पिक माध्यमों से भी खाद्यान्न पहुंचाने का कार्य जारी है।
जिला पूर्ति अधिकारी केएस कोहली ने बताया कि तलजामण और डूंगर,उछोला , जैसे दुर्गम क्षेत्रों में सामुदायिक किचन संचालित कर लोगों को भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। वहीं, बांगर क्षेत्र के डांगी, स्यूर, मध्य गांव, जोला, बढेथ,भण्डारी ताल, डुंगर,बक्सीर, बडेथ,भटवाडी,तालजामण जैसे क्षेत्रों में सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों के माध्यम से पूर्व में ही तीन माह का राशन वितरित किया जा चुका है।
अब सितंबर माह के राशन वितरण का कार्य भी प्रारंभ हो चुका है।उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि विभाग प्रत्येक प्रभावित परिवार की आवश्यकताओं का विशेष ध्यान रखते हुए खाद्यान्न आपूर्ति सुनिश्चित कर रहा बताया कि इन सभी जगहों में विभाग की टीमें तैनात है जो ग्रामीणो की हर सम्भव मदद कर रही है।
राज्य में जारी भारी बारिश और प्राकृतिक आपदा के चलते उत्पन्न संकट की स्थिति के बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आज सबसे पहले हरिद्वार जिले के लक्सर आपदा प्रभावित क्षेत्रों में पहुँचे। कठिन परिस्थितियों को दरकिनार करते हुए मुख्यमंत्री ने ट्रैक्टर के माध्यम से ग्रामीण और जलमग्न क्षेत्रों तक पहुँच कर स्थलीय निरीक्षण किया और प्रभावित परिवारों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं जानीं।
मुख्यमंत्री धामी ने मौके पर उपस्थित जिला प्रशासन एवं आपदा प्रबंधन अधिकारियों को तत्काल राहत और पुनर्वास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रभावित लोगों की सुरक्षा, आवास, भोजन और स्वास्थ्य सुविधाओं की सुनिश्चित व्यवस्था की जाए और राहत कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा,
राज्य सरकार इस संकट की घड़ी में हर प्रभावित नागरिक के साथ खड़ी है। हम हर संभव सहायता उपलब्ध कराएँगे और बचाव कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी। आपदा से प्रभावित प्रत्येक परिवार को सरकार की ओर से यथासंभव सहायता प्रदान की जाएगी।“
मुख्यमंत्री द्वारा किए गए स्थलीय निरीक्षण के दौरान उन्होंने लक्सर हरिद्वार के गावों में जाकर जलभराव, क्षतिग्रस्त सड़कें, टूटे हुए पुल एवं जल से घिरे घरों का जायज़ा लिया। इस दौरान उन्होंने आपदा प्रभावित परिवारों से बातचीत करते हुए उनकी ज़रूरतों की जानकारी ली और आश्वस्त किया कि राहत कार्यों में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए किः
राहत शिविरों की पर्याप्त व्यवस्था और उनमें समुचित भोजन, पानी, दवाइयाँ एवं साफ-सफाई की व्यवस्था हो।
जिन परिवारों को स्थानांतरित करने की आवश्यकता है, उन्हें सुरक्षित स्थानों पर भेजा जाए।
किसानों को हुई फसल क्षति का त्वरित आंकलन कर मुआवजा प्रक्रिया जल्द शुरू की जाए।
आवश्यकतानुसार स्वास्थ्य शिविर लगाकर चिकित्सा सुविधाएं दी जाएं।
मुख्यमंत्री धामी के इस दौरे से स्थानीय जनता में एक सकारात्मक संदेश गया है और लोगों ने संकट की इस घड़ी में सरकार द्वारा दिखाई जा रही तत्परता और संवेदनशीलता की सराहना की। इस अवसर पर विधायक प्रदीप बत्रा, जिलाधिकारी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार, अन्य जिला प्रशासन के अधिकारी व स्थानीय लोग मौजूद रहे।
हरिद्वार – 02 सितंबर 2025 – “हरिद्वार में कैलाशानंदजी महाराज द्वारा समृद्धि बजाज और रश्मि बजाज के ‘एक ईश्वर’ ऐप का ऐतिहासिक शुभारंभ”हरिद्वार के सिद्धपीठ दक्षिण काली मंदिर , हरिद्वार में आज एक ऐतिहासिक अवसर पर 21 वर्षीय युवा उद्यमी समृद्धि बजाज और उनकी माता रश्मि बजाज ने ‘एक ईश्वर’ ऐप का शुभारंभ किया। इस लॉन्च को परम पूज्य कैलाशानंद जी महाराज का आशीर्वाद प्राप्त हुआ।
यह ऐप परंपरा और तकनीक का अनोखा संगम है, जो हर भक्त को भक्ति से जोड़ने का नया डिजिटल मार्ग प्रदान करता है।
‘एक ईश्वर’ ऐप की खासियत
फिजिकल और वर्चुअल दर्शन की बुकिंग
लाइव आरती और पूजा स्ट्रीमिंग
प्रसाद और पूजा सामग्री की होम डिलीवरी
पंचांग और राशिफल
भजन और भक्ति संगीत
भक्ति से जुड़ा ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म
समृद्धि बजाज ने कहा- “आज के युवाओं के लिए तकनीक जीवन का हिस्सा है। हमने यह पहल इसलिए की ताकि भक्ति भी उसी सहजता से उनके जीवन में बनी रहे। ‘एक ईश्वर’ के माध्यम से हर भक्त कहीं से भी भगवान से जुड़ सके।”
रश्मि बजाज ने कहा- “‘एक ईश्वर’ सिर्फ एक ऐप नहीं, यह सेवा है। हमारा उद्देश्य है कि हर घर में मंदिर जैसी शांति का अनुभव हो।”
परम पूज्य कैलाशानंद जी महाराज ने कहा -“यह पहल तकनीक और परंपरा का आदर्श संगम है। यह ऐप भक्तों को उनकी आस्था से जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य करेगा।”
रघुनाथ राजाराम येमुल ने कहा -“‘एक ईश्वर’ एक अनूठी पहल है जो नवाचार के जरिए भक्ति को जीवित रखेगी। समृद्धि और रश्मि को इस पवित्र प्रयास के लिए बधाई।”
यह लॉन्च भक्ति के डिजिटल युग का एक नया अध्याय है, जो आस्था को और भी सुगम, प्रामाणिक और व्यक्तिगत बनाएगा।