उत्तरकाशी, धराली हर्षिल में विगत दिनों हुई भारी आपदा में प्रभावितों के लिए सोसाइटी ऑफ मिशन 4G ( गौं, गंगा , गांव और गायत्री )द्वारा राहत सामग्री देहरादून से भेजी गई । जिसमें राशन, कपड़े, बर्तन, कंबल ,जूते, बरसाती, टॉर्च, दवाइयां स्वच्छता का सामान आदि आधे टन से ज्यादा आवश्यक सामग्री भेजी गई । संस्था के वरिष्ठ सदस्य डॉ. राकेश डंगवाल जी (ब्रांड एंबेसडर,स्वच्छ भारत मिशन ) ने बताया कि आपदा पीड़ितों के लिए हमारी सहानुभूति है और इस संकट की घड़ी में सभी को मदद के लिए आगे आना चाहिए।
संस्था के अध्यक्ष सुभाष भट्ट और उपाध्यक्ष डॉ. राकेश डंगवाल जी ने कहा कि संस्था ने विगत कुछ दिन पूर्व मुख्यमंत्री राहत कोष में 66,000 हजार की धनराशि जमा की थी और आज दिनांक 7 सितंबर 2025 को राहत सामग्री भी एकत्रित की गई जो कि आपदा प्रवाहित क्षेत्र में सीधे पीड़ितों को पहुंचाई जा रही है और आगे भी संस्था राहत सामग्री एकत्रित करने में जुटी हुई है जो कि समय-समय पर आपदा प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचाई जाएगी । कार्यक्रम में गीतांजलि दत्ता, श्रीमती सुशीला रावत, भूपेंद्र रावत,सुनील यादव, अनुज पुरोहित, धराली होमस्टे के मालिक अखिल पंत सहित संस्था के कई सदस्य मौजूद रहे।
देहरादून: जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देशों के क्रम में सोमवार को ऋषिपर्णा सभागार में जनता दर्शन कार्यक्रम में जन समस्याएं सुनी गई।
दूर दराज से पंहुचे लोगों ने अवैध अतिक्रमण, बारिश से क्षतिग्रस्त सड़क, पेयजल, भूस्खलन से भवनों को बना खतरा, घरेलू एवं निजी भूमि विवाद, आर्थिक सहायता, मुआवजा आदि से जु़ड़ी 125 शिकायतें रखी। जिनमें से अधिकतर शिकायतों का मौके पर समाधान किया गया।
हर्रवाला में सार्वजनिक रास्ते में खंबे लगाकर अवैध रूप से तारबाड और कब्जा करने की शिकायत पर उप नगर आयुक्त को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए। वही भाटगढ़ी में सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे की शिकायत पर एसडीएम को त्वरित कार्रवाई करने को कहा गया।
बदामवाला में सड़क किनारे पानी की नाली बंद कर सड़क पर अतिक्रमण की शिकायत पर लोक निर्माण विभाग को अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए गए। वहीं अठूरवाला निवासियों ने सड़क से एलटी विद्युत लाइन के पोलों को शिफ्ट कराने की गुहार लगाई।
टीएचडीसी कॉलोनी निवासियों ने सड़क सुरक्षा के दृष्टिगत टीएचडीसी के मुख्य द्वार के सामने से गुजरने वाली सड़क पर उचित मानक एवं संकेतकों के साथ स्पीड ब्रेकर लगवाने की मांग पर लोनिवि व परिवहन विभाग को तत्काल समस्या का समाधान करने को कहा गया।
ग्राम पुरोहितवाला की प्रधान ने बताया कि बारिश के कारण गांव की पेयजल लाइन क्षतिग्रस्त होने से पानी की समस्या हो रही है। जिस पर जल संस्थान के अधिशासी अभियंता को आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया। ग्राम सभा कान्सवाली नौगांव में जल निगम द्वारा कनेक्शन देने के बावजूद भी चार माह से पानी नही आने की शिकायत दर्ज की। ग्राम पंचायत रैनापुर के प्रधान ने गांव के अंतर्गत कच्चे मकानों को प्रधानमंत्री आवास या आपदा राहत मद से पुनर्निर्माण कराने, क्षतिग्रस्त पंचायत भवन पुनर्निर्माण की बात रखी। जिस पर बीडीओ को पात्र लाभार्थियों का चयन करने को कहा गया।
शिमला बाईपास रोड़ पर शेरपुर में निजी भूमि पर जबरदस्ती कब्जा किए जाने की शिकायत पर तहसीलदार को जांच करने को कहा गया। जागृति विहार निवासी व्यक्ति ने जमीन फ्रॉड की शिकायत करते हुए बताया कि उनसे 05 लाख का बयाना लेने के बाद भी उनके नाम रजिस्ट्री नही की जा रही है। शिकायत पर सीओ पुलिस को जांच के निर्देश दिए गए। मोथरोवाला निवासी विधवा महिला ने ठेकेदार पर पैसा लेने के बाद भी मकान का काम पूरा न करने की शिकायत दर्ज की।
रतन सेठी ने हिट एंड रन मामले में एफआईआर दर्ज करने के बाद भी कार्रवाई न होने की शिकायत पर एसएचओ पुलिस को त्वरित जांच के निर्देश दिए गए। विकासनगर निवासी 78 वर्षीय बुजुर्ग महिला ने अपने पुत्र व पुत्रवधू द्वारा अभद्रता एवं दुर्व्यवहार किए जाने के संबंध में सीओ पुलिस को तत्काल मामले की जांच के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री स्वरोजगार ऋण आवेदन बैंक द्वारा अस्वीकृत किए जाने की शिकायत पर एलडीएम को जांच के निर्देश दिए गए।
इस दौरान फरियादियों ने भूमि का सीमांकन, रजिस्ट्री, अवैध कब्जा हटवाने से जुड़ी तमाम समस्याएं रखी गई। जनता दरबार में अपर नगर आयुक्त रजा अब्बास, एसडीएम स्मृता परमार, एसडीएम कुमकुम जोशी, एसडीएम अपूर्वा, एसडीएम विनोद कुमार, मुख्य शिक्षा अधिकारी वीके ढौंडियाल, जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट सहित विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद थे।
मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में सोमवार को सचिवालय में प्रदेश सरकार और डीआरएम मुरादाबाद संग्रह मौर्य के मध्य सामंजस्य बैठक हुयी। बैठक के दौरान रेलवे और राज्य सरकार के साथ विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुयी।
मुख्य सचिव ने ऋषिकेश डोईवाला रेलवे बाईपास के लिए राजाजी नेशनल पार्क, रेलवे और डीएफओ की टीम को शीघ्र से शीघ्र संयुक्त सर्वेक्षण कराये जाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा वाइल्ड लाइफ क्लीयरेंस और फॉरेस्ट क्लीयरेंस की प्रक्रिया भी शुरू कर ली जाए। उन्होंने हर्रावाला रेलवे स्टेशन के विस्तारीकरण कार्य में तेजी लाए जाने हेतु रेलवे, वन एवं राजस्व की संयुक्त टीम द्वारा सर्वे पूर्ण कराये जाने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने कहा कि महाकुम्भ 2033 से पहले हरिद्वार-देहरादून डबल लेन किया जाना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने इसके लिए वाइल्ड लाइफ क्लीयरेंस और फॉरेस्ट क्लीयरेंस आदि की प्रक्रिया भी शुरू किए जाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने रेलवे से कुंभ मेला के लिए ट्रैफिक मैनेजमेंट सर्कुलेशन प्लान भी शीघ्र तैयार कर उपलब्ध कराए जाने की बात कही। उन्होंने रेलवे स्टेशंस का फेस लिफ्टिंग में ऋषिकेश एवं हरिद्वार को भी शामिल किए जाने की बात कही।
मुख्य सचिव ने रेलवे से कुम्भ 2027 से सम्बन्धित बैठकों में कॉर्डिनेशन के लिए एक मेला अधिकारी नामित किए जाने की बात कही। कहा कि कुम्भ की तैयारियों को लेकर होने वाली आगामी बैठक में रेलवे से भी प्रतिनिधित्व मिले। उन्होंने रेलवे और उत्तराखण्ड सरकार के मध्य सूचनाओं के आदान प्रदान के लिए भी मैकेनिज्म तैयार किए जाने की बात कही।
मुख्य सचिव ने कहा कि पूरे राज्य के लिए मोबिलिटी प्लान तैयार किए जाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी प्रकार के यातायात साधनों और विकल्पों को लेकर अगले 50 सालों का प्लान तैयार किए जाने की बात कही।
डीआरएम श्री संग्रह मौर्य ने बताया कि देहरादून मसूरी रेलवे प्रोजेक्ट का प्राथमिक सर्वे हो गया है, फाइनल लोकेशन सर्वे शीघ्र शुरू किया जाएगा। उन्होंने बताया कि सहारनपुर देहरादून प्रोजेक्ट का फाइनल लोकेशन सर्वे गतिमान है। उन्होंने बताया हर्रावाला रेलवे स्टेशन की डीपीआर स्वीकृत हो गई है। प्रोजेक्ट की स्वीकृति होनी बाकी है।
इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव बृजेश कुमार संत, सी. रविशंकर, स्थानिक आयुक्त अजय मिश्रा, उपाध्यक्ष एमडीडीए एवं महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में सोमवार को सचिवालय में प्रदेश सरकार और डीआरएम मुरादाबाद संग्रह मौर्य के मध्य सामंजस्य बैठक हुयी। बैठक के दौरान रेलवे और राज्य सरकार के साथ विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुयी।
मुख्य सचिव ने ऋषिकेश डोईवाला रेलवे बाईपास के लिए राजाजी नेशनल पार्क, रेलवे और डीएफओ की टीम को शीघ्र से शीघ्र संयुक्त सर्वेक्षण कराये जाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा वाइल्ड लाइफ क्लीयरेंस और फॉरेस्ट क्लीयरेंस की प्रक्रिया भी शुरू कर ली जाए। उन्होंने हर्रावाला रेलवे स्टेशन के विस्तारीकरण कार्य में तेजी लाए जाने हेतु रेलवे, वन एवं राजस्व की संयुक्त टीम द्वारा सर्वे पूर्ण कराये जाने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने कहा कि महाकुम्भ 2033 से पहले हरिद्वार-देहरादून डबल लेन किया जाना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने इसके लिए वाइल्ड लाइफ क्लीयरेंस और फॉरेस्ट क्लीयरेंस आदि की प्रक्रिया भी शुरू किए जाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने रेलवे से कुंभ मेला के लिए ट्रैफिक मैनेजमेंट सर्कुलेशन प्लान भी शीघ्र तैयार कर उपलब्ध कराए जाने की बात कही। उन्होंने रेलवे स्टेशंस का फेस लिफ्टिंग में ऋषिकेश एवं हरिद्वार को भी शामिल किए जाने की बात कही।
मुख्य सचिव ने रेलवे से कुम्भ 2027 से सम्बन्धित बैठकों में कॉर्डिनेशन के लिए एक मेला अधिकारी नामित किए जाने की बात कही। कहा कि कुम्भ की तैयारियों को लेकर होने वाली आगामी बैठक में रेलवे से भी प्रतिनिधित्व मिले। उन्होंने रेलवे और उत्तराखण्ड सरकार के मध्य सूचनाओं के आदान प्रदान के लिए भी मैकेनिज्म तैयार किए जाने की बात कही।
मुख्य सचिव ने कहा कि पूरे राज्य के लिए मोबिलिटी प्लान तैयार किए जाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी प्रकार के यातायात साधनों और विकल्पों को लेकर अगले 50 सालों का प्लान तैयार किए जाने की बात कही।
डीआरएम श्री संग्रह मौर्य ने बताया कि देहरादून मसूरी रेलवे प्रोजेक्ट का प्राथमिक सर्वे हो गया है, फाइनल लोकेशन सर्वे शीघ्र शुरू किया जाएगा। उन्होंने बताया कि सहारनपुर देहरादून प्रोजेक्ट का फाइनल लोकेशन सर्वे गतिमान है। उन्होंने बताया हर्रावाला रेलवे स्टेशन की डीपीआर स्वीकृत हो गई है। प्रोजेक्ट की स्वीकृति होनी बाकी है।
इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव बृजेश कुमार संत, सी. रविशंकर, स्थानिक आयुक्त अजय मिश्रा, उपाध्यक्ष एमडीडीए एवं महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
टिहरी गढ़वाल: जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल के निर्देशन मंे जनपद में निवासरत् ऐसे दिव्यांगजन जिनके दिव्यांग प्रगाण-पत्र किसी कारणवश अभी तक नहीं बन पाये हैं, ऐसे दिव्यांगजनों को लाभ दिये जाने के उद्देश्य से समाज कल्याण विभाग एवं स्वास्थ्य विभाग टिहरी गढ़वाल के सहयोग से जनपद के विभिन्न स्थानों में 17 सितम्बर से 02 अक्टूबर, 2025 तक स्वास्थ्य शिविर आयोजित किये जायेंगे।
जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को पात्र दिव्यांगजनों के दिव्यांग प्रमाण-पत्र तैयार करने, यूडीआईडी कार्ड बनाने एवं कृत्रिम अंग वितरण (व्हील चेयर, कान की मशीन, वैसाखी, छडी इत्यादी), समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित पेंशन एवं छात्रवृत्ति योजनाओं में लाभार्थियों के आधार बैंक खाते से लिंक किये जाने के आदेश दिये। साथ ही नशामुक्त भारत अभियान के अन्तर्गत शिविर में जनजागरूकता कार्यक्रम, समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित समस्त लाभार्थी परख योजनाओं में भौतिक सत्यापन का कार्य तथा योजनाओं में आ रही कठिनाईयों का निराकरण की कार्यवाही एवं समस्त योजनाओं का प्रचार-प्रसार, ग्राम्य विकास विभाग द्वारा समाज कल्याण विभाग से सम्बन्धित लाभार्थियों के परिवार रजिस्ट्रर बनाने एवं राजस्व विभाग द्वारा आय प्रमाण-पत्र बनाये जाने का कार्य करने के आदेश दिये।
स्वास्थ्य शिविरों के निर्धारित कार्यक्रमानुसार विकासखण्ड जौनपुर के अन्तर्गत सीएचसी थत्यूड़ में 17 सितम्बर, 2025 को आयोजित किया जायेगा। इसी प्रकार सीएचसी छाम विकासखण्ड थौलधार में 18 सितम्बर, सीएचसी चम्बा में 22 सितम्बर, सीएचसी खाड़ी विकासखण्ड नरेन्द्रनगर में 23 सितम्बर, सीएचसी कीर्तिनगर में 25 सितम्बर, सीएचसी देवप्रयाग में 26 सितम्बर, सीएचसी हिण्डोलाखाल विकासखण्ड देवप्रयाग में 27 सितम्बर, सीएचसी प्रतापनगर में 29 सितम्बर, सीएचसी चौण्ड विकासखण्ड प्रतापनगर में 30 सितम्बर, सीएचसी मदननेगी विकासखण्ड जाखणीधार में 01 अक्टूबर को तथा सीएचसी बेलेश्वर विकासखण्ड भिलंगना में 02 अक्टूबर, 2025 को स्वास्थ्य शिविर आयोजित किये जायेंगे।
शिविरों के सफल संचालन, समुचित व्यवस्था एवं दिव्यांगजनों को शिविर का अधिक से अधिक लाभ दिये जाने हेतु जिला समाज कल्याण अधिकारी टिहरी गढ़वाल को नोडल अधिकारी नामित किया गया है।
उत्तराखंड में प्राकृतिक आपदा से उत्पन्न स्थिति को देखते हुए, राजस्थान सरकार ने उत्तराखंड सरकार को 5 करोड़ रुपये की सहायता राशि प्रदान की है। यह सहायता राशि राज्य के आपदा प्रभावित क्षेत्रों में तात्कालिक राहत और पुनर्वास कार्यों में उपयोग की जाएगी।
मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को लिखे एक पत्र में इस दुखद परिस्थिति पर गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि, “इस प्राकृतिक आपदा के कठिन समय में हम उत्तराखंड के लोगों की पीड़ा को अपनी ही पीड़ा मानते हैं।“
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राजस्थान के निवासी इस संकट की घड़ी में उत्तराखंड के भाइयों-बहनों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं। उन्होंने यह विश्वास भी जताया कि पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में पुनर्वास एवं पुनर्निर्माण कार्य शीघ्र पूर्ण होंगे।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और राजस्थान सरकार का आभार व्यक्त किया है।
उत्तराखंड सरकार ने 2027 के अर्द्धकुंभ मेले को दिव्य और भव्य बनाने की तैयारियाँ शुरू कर दी हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन में स्वास्थ्य विभाग ने तीर्थयात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर ली है। विभाग ने अनुमानित 54 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित किया है। इस बजट में स्थायी व अस्थायी दोनों प्रकृति के कार्य शामिल हैं।
स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने बताया कि हमारा प्रयास है कि मेले में आने वाले किसी भी श्रद्धालु को चिकित्सा सुविधा में कोई कमी महसूस न हो। इसके लिए 2924 बेड, 40 एम्बुलेंस, नए अस्पताल भवन और आधुनिक मशीनों तक की योजना बनाई गई है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि वर्ष 2027 का अर्द्धकुंभ ‘दिव्य और भव्य’ स्वरूप में आयोजित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कुंभ केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक ही नहीं, बल्कि उत्तराखंड की संस्कृति, परंपरा और समृद्धि की झलक भी होता है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार तीर्थयात्रियों को सर्वोत्तम सुविधाएँ उपलब्ध कराने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। शासन-प्रशासन की सभी एजेंसियां मिलकर काम कर रही हैं, ताकि कोई भी श्रद्धालु स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित न रहे। धामी ने कहा कि उनकी प्राथमिकता है कि अर्द्धकुंभ में आने वाला हर तीर्थयात्री सुरक्षित, स्वस्थ और संतुष्ट अनुभव लेकर लौटे।
स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने बताया कि कुंभ की तैयारी के तहत स्वास्थ्य विभाग स्थायी और अस्थायी प्रकृति के कार्य कराएगा। इन कार्यों पर अनुमानित 54 करोड़ रुपये खर्च आने की संभावना है। इसमें से 683 लाख रुपये स्थायी कार्यों पर और 3765 लाख रुपये अस्थायी कार्यों पर खर्च होंगे।
2924 बेड की होगी व्यवस्था
स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर राजेश कुमार ने बताया कि कुंभ के दौरान 35 अस्थायी अस्पतालों में 373 बेड की सुविधा होगी। कुम्भ क्षेत्र के 13 सरकारी अस्पतालों में 1101 बेड तीर्थयात्रियों के लिए आरक्षित होंगे जबकि विभिन्न प्राइवेट अस्पतालों में 1450 बेड की व्यवस्था की जाएगी।
40 एम्बुलेंस रहेंगी तैनात,
कुंभ मेले की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को और मज़बूत बनाने के लिए विभाग एम्बुलेंस और फूड सेफ्टी सेवाओं का दायरा भी बढ़ा रहा है। कुल 40 एम्बुलेंस की व्यवस्था में से 16 एम्बुलेंस विभाग के पास पहले से मौजूद हैं, जबकि 24 नई एम्बुलेंस खरीदी जाएंगी। इनमें एडवांस लाइफ सपोर्ट और बेसिक लाइफ सपोर्ट दोनों तरह की एम्बुलेंस शामिल होंगी।
विभाग तीन नई फूड सेफ्टी वैन भी खरीदेगा
इतना ही नहीं, श्रद्धालुओं के खानपान की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विभाग तीन नई फूड सेफ्टी वैन भी खरीदेगा। इन वैन की मदद से मेला क्षेत्र में बिकने वाले खाने-पीने की वस्तुओं की गुणवत्ता की नियमित जांच की जाएगी, ताकि किसी भी तीर्थयात्री के स्वास्थ्य से समझौता न हो।
रोशनाबाद में बनेगा ड्रग वायर हाउस
स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर राजेश कुमार ने जानकारी दी कि कुम्भ के दौरान स्वास्थ्य विभाग हरिद्वार में स्थायी प्रकृति के कार्य भी करेगा। इनमें 54 लाख की लागत से चार वाहन खरीदे जाएंगे। इसके अलावा रोशनाबाद में सीएमओ ऑफिस के निकट 120 लाख की लागत से ड्रग वायर हाउस बनाया जाएगा। रोशनाबाद में ही स्वास्थ्य विभाग का ड्रग वायर हाउस निर्मित किया जाएगा। इसमें 6 कमरे, दो हॉल और एक स्टोर होगा। इस पर 80 लाख रुपये की लागत आने की संभावना है। स्वास्थ्य सचिव ने बताया कि मेले के दौरान विभाग को 60 वाहन चाहिए। इनमें से चार वाहनों को विभाग खरीदेगा जबकि अन्य वाहन किराए पर लिए जाएंगे।
संक्रामक रोगों पर नियंत्रण के लिए योजना
स्वास्थ्य सचिव डा आर राजेश कुमार ने बताया कि मेले के दौरान बड़ी संख्या में तीर्थयात्री हरिद्वार आएंगे। ऐसे मे संक्रामक रोगों की रोकथाम के लिए भी विभाग ने व्यापक योजना तैयार की है। इसके तहत मेला क्षेत्र में छिड़काव के लिए 25 लाख की लागत से पांच माउंटेबल फागिंग मशीनें खरीदी जाएगी। इसके अलावा 35 पोर्टेबल फागिंग मशीनें खरीदी जाएंगी। जिस पर 18 लाख की लागत आने की संभावना है।
भूपतवाला अस्पताल का होगा कायाकल्प
स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर राजेश कुमार के मुताबिक भूपतवाला अस्पताल में 15 लाख की लागत से डॉप्लर सुविधायुक्त अल्ट्रासाउंड मशीन भूपतवाला खरीदी जाएगी। इसके अलावा इस अस्पताल में 18 लाख की लागत से एक्सरे सीआर मशीन की सुविधा भी मुहैया होगी।
स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने बताया कि कुंभ मेले की स्वास्थ्य तैयारियां समन्वित रूप से की जा रही हैं। इसके लिए कुंभ मेला अधिकारी डॉ. मनोज वर्मा के नेतृत्व में पूरी टीम लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि सभी विभागों के साथ बेहतर तालमेल स्थापित कर स्वास्थ्य सुविधाओं को व्यवस्थित और सुदृढ़ बनाने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं। डॉ. राजेश कुमार ने स्पष्ट किया कि विभाग का प्रयास है कि मेले में आने वाले किसी भी श्रद्धालु को इलाज के लिए परेशान न होना पड़े।
रुद्रप्रयाग: 28 अगस्त को जनपद रुद्रप्रयाग के बसुकेदार क्षेत्र में आई दैवीय आपदा के दौरान ल्वारा के समीप स्थित 12 मीटर लंबे स्पान पुल के क्षतिग्रस्त हो जाने से मयाली–गुप्तकाशी मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो गया था। यह मार्ग क्षेत्र की लाइफलाइन माना जाता है और इसके बंद होने से आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ।लेकिन अब इस संकट के समाधान की ओर ठोस कदम उठाए गए हैं। लोक निर्माण विभाग ने पुल के पुनर्निर्माण कार्य को युद्धस्तर पर शुरू कर दिया है। वर्तमान में इरेक्शन वर्क जोरों पर है, और वेली ब्रिज के पार्ट्स को तेजी से जोड़ा जा रहा है।
पुल निर्माण में की जा रही है महत्वपूर्ण तकनीकी वृद्धि
प्रशासन ने इस बार पुल की मजबूती और भविष्य की आपदाओं को ध्यान में रखते हुए पुल की लंबाई को 14 से 16 मीटर तक बढ़ाया है, ताकि संरचना और अधिक मजबूत और सुरक्षित बन सके।ऊखीमठ डिवीजन के अधिशासी अभियंता आर. पी. नैथानी ने जानकारी दी कि वेली ब्रिज इरेक्शन कार्य तेजी से किया जा रहा है। हमारी कोशिश है कि अगले चार दिनों में पुल पूरी तरह बनकर तैयार हो जाए, जिससे क्षेत्र के लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।
रुद्रप्रयाग: 28 अगस्त को जनपद रुद्रप्रयाग के बसुकेदार क्षेत्र में आई दैवीय आपदा के दौरान ल्वारा के समीप स्थित 12 मीटर लंबे स्पान पुल के क्षतिग्रस्त हो जाने से मयाली–गुप्तकाशी मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो गया था। यह मार्ग क्षेत्र की लाइफलाइन माना जाता है और इसके बंद होने से आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ।लेकिन अब इस संकट के समाधान की ओर ठोस कदम उठाए गए हैं। लोक निर्माण विभाग ने पुल के पुनर्निर्माण कार्य को युद्धस्तर पर शुरू कर दिया है। वर्तमान में इरेक्शन वर्क जोरों पर है, और वेली ब्रिज के पार्ट्स को तेजी से जोड़ा जा रहा है।
पुल निर्माण में की जा रही है महत्वपूर्ण तकनीकी वृद्धि
प्रशासन ने इस बार पुल की मजबूती और भविष्य की आपदाओं को ध्यान में रखते हुए पुल की लंबाई को 14 से 16 मीटर तक बढ़ाया है, ताकि संरचना और अधिक मजबूत और सुरक्षित बन सके।ऊखीमठ डिवीजन के अधिशासी अभियंता आर. पी. नैथानी ने जानकारी दी कि वेली ब्रिज इरेक्शन कार्य तेजी से किया जा रहा है। हमारी कोशिश है कि अगले चार दिनों में पुल पूरी तरह बनकर तैयार हो जाए, जिससे क्षेत्र के लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।
विकासखंड कल्जीखाल के मनियारस्यूं क्षेत्र में भालू का आंतक लगातार बढ़ता जा रहा है विगत दिनों हुए घटना में भालू ने बडकोट गांव में गर्भवती गाय को जान से मार दिया है इससे पहले भालू क्षेत्र के अन्य गांवों में मवेशियों को मार चुका है। पिछले कुछ महीनों से भालू का आंतक इस क्षेत्र में लगातार बढ़ता जा रहा है भालू की दहशत इतनी बनी है कि बच्चे भी स्कूल नहीं जा रहे हैं, भालू गौशालाओं को तोड़कर मवेशियों को मार रहा है। आज मनियारस्यूं क्षेत्र के ग्राम दिऊसा, बडकोट, भटकोटी, कठूड़, असगढ़ के ग्रामीणों का एक शिष्टमंडल प्रभागीय वनाधिकारी गढ़वाल सम्भाग पौड़ी को ज्ञापन दिया गया,
एसडीओ वन विभाग आईशा बिष्ट ने कहा कि अद्वानी रेंज से प्रतिदिन रिपोर्ट आ रही है उसी के आधार पर शासन को प्रेषित जा रही है। इसके बाद शिष्टमंडल ने जिलाधिकारी गढ़वाल से मुलाकात की और क्षेत्र की समस्या से अवगत कराया ग्रामीणों ने कहा कि क्षेत्र में लगातार भालू का आंतक जारी है जिससे क्षेत्र में दहशत बनी हुई है, घटनाएं दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है उन्होंने पैठाणी क्षेत्र की तर्ज पर दहशत का पर्याय बन चुके भालू को मारने के आदेश जारी करने की मांग की है ग्रामीणों ने प्रशासन को चेताया है कि यदि शासन प्रशासन समय रहते कोई समाधानात्मक कार्रवाई नहीं होती है तो वह पौड़ी मुख्यालय में धरने पर बैठेंगे जरूरत पड़ेगी तो भूख हड़ताल के लिए भी बाध्य होंगे, ग्रामीण रमेशचंद्र व प्रधान नवीन कुमार का कहना है कि दहशत का पर्याय बन चुके भालू द्वारा जानमाल का आंतक हो उससे पहले क्यों ना भूख हड़ताल से अपनी कुर्बानी दी जाएगी। ज्ञापन देने वालों में नवीन कुमार, रमेशचंद्र शाह, लक्ष्मण सिंह,सुभाष कुकरेती, मनीष, गणेश, जसपाल, नरेश थपलियाल सहित अन्य ग्रामीणो की मौजूदगी रही।