हरिद्वार जिले के लक्सर में बीते दिनों रायसी-बालावाली मार्ग पर हुए बवाल के मामले में पुलिस ने खानपुर विधायक उमेश कुमार समेत 101 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। बता दें कि 8 सितंबर को खानपुर थाना क्षेत्र में पिकअप गाड़ी की टक्कर से गौवंश की मौत हो गई थी इसके बाद इलाके में कुछ लोगों ने हंगामा किया था।
सूचना मिलते ही खानपुर एसओ धर्मेंद्र राठी अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे तो देखा कि भीड़ ने एक पिकअप वाहन को घेर रखा है भीड़ ने वाहन में तोड़फोड़ भी की थी तभी उग्र भीड़ ने गाड़ी में तोड़फोड़ करते हुए पुलिस टीम के साथ भी धक्का मुक्की की गई इस वजह से दो सिपाही भी घायल हो गए थे।
हंगामे की खबर सुनकर क्षेत्रीय विधायक उमेश कुमार भी मौके पर पहुंच गए थे खानपुर एसओ धर्मेंद्र राठी ने बताया कि मामले में खानपुर विधायक उमेश कुमार, शुभम, विनोद, अरूण, निवासीगण डुमनपुरी, सुनील, दीपक, जगपाल, निवासीगण कलसिया, सब्जपाल, अंकुश, गौरव निवासीगण बालावाली और नब्बे अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में बुधवार को सचिवालय में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में कुल 6 प्रस्तावों पर मुहर लगी है।
राष्ट्रीय न्यायिक अकादमी, भोपाल और उच्च न्यायालय उत्तराखंड के सहयोग से देहरादून जिले में 12 और 13 अप्रैल 2025 को हुए उत्तर क्षेत्र क्षेत्रीय सम्मेलन पर हुए खर्च और संबंधित संस्था की ओर से खर्च की गई धनराशि के भुगतान के लिए अधिक प्रति नियमावली 2017 में छूट संबंधी प्रस्ताव पर मुहर लगी है।
राज्य में पोल्ट्री मीट और अंडों की कमी को दूर करने के साथ ही स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने प्रदेश के 9 जिलों में कुक्कुट पालकों को कुक्कुट आहार में सब्सिडी दिए जाने संबंधित योजना को मंजूरी दी।
उधमसिंह नगर जिले में प्राधिकरण क्षेत्र में नियोजित कॉलोनी और व्यावसायिक निर्माण के लिए ग्राम फाजलपुर महरौला, रुद्रप्रयाग में 9.918 हेक्टेयर भूमि को जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण उधमसिंह नगर को आवंटित करने को मिली मंजूरी।
नैनीताल हाइकोर्ट में अधिवक्ता कार्यालय में दो पदों को मिली मंजूरी. आशुलिपिक संवर्ग में वरिष्ठ प्रमुख निजी सचिव के लिए एक पद और आशुलिपिक का एक पद सृजन को मंजूरी मिली है।
देहरादून शहर में ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार किए जाने को लेकर देहरादून सिटी ट्रांसपोर्ट लिमिटेड गठन को मंजूरी दे दी है
उत्तराखंड सेवा का अधिकार का नौवां वार्षिक प्रतिवेदन 2023- 24 को विधानसभा पटल पर रखने को मिली मंजूरी
पिथौरागढ़: भारत का पड़ोसी देश नेपाल इन दिनों राजनीतिक अस्थिरता और अराजकता से जूझ रहा है। नेपाल में चारों ओर नेपाल Gen Z प्रदर्शन की आग फैल रही है। नेपाल के हालातों को देखते हुए उत्तराखंड भी अलर्ट पर है। उत्तराखंड के तीन जिलों की सीमा नेपाल से लगती है। इन तीनों जिलों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
भारत के पड़ोसी देश नेपाल में चल रही राजनैतिक अस्थिरता और वहां पर चल रही अराजकता, हिंसा को देखते हुए नेपाल से सटे भारत के राज्यों ने भी सतर्कता बरतनी शुरू कर दी है। उत्तराखंड के कुमाऊं मंडल से लगी नेपाल की सीमा से लगने वाले उत्तराखंड के तीन जिलों में उत्तराखंड पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी है. नेपाल में हिंसा और आराधता के चलते उत्तराखंड ने यह फैसला लिया है तो वही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी इस संबंध में दिशा निर्देश जारी किए है।
उत्तराखंड पुलिस के मुख्य प्रवक्ता आईपीएस अधिकारी निलेश भरणे ने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धाम के निर्देशों के बाद राज्य की पुलिस ने इतिहास के तौर पर यह कदम उठाए हैं। उन्होंने बताया कि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से नेपाल से सटे पिथौरागढ़, चंपावत और उधम सिंह नगर के अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा की गई है। पुलिस मुख्यालय द्वारा इन जिलों में दिशा निर्देश दिए गए हैं कि नेपाल में चल रहे हालातों के चलते इन जिलों में सतर्कता को अधिक बढ़ाया जाए। इसके अलावा पेट्रोलिंग और चेकिंग अभियान बढ़ाने के निर्देश भी दिये गये हैं।
देहरादून – 10 सितंबर 2025 : मणिपाल अस्पताल, मुकुंदपुर, जो मणिपाल हॉस्पिटल्स ग्रुप का हिस्सा है, वहाँ 30 साल की एक महिला की जान एक कठिन लेकिन आधुनिक इलाज से बचाई गई। गर्भपात के बाद उन्हें बहुत ज़्यादा और खतरनाक रक्तस्राव हो रहा था। यह इलाज डॉ. पार्थ प्रतिम सामुई, सीनियर कंसल्टेंट और इंचार्ज, इंटरवेंशनल रेडियोलॉजी की देखरेख में किया गया।
महिला कोलकाता की रहने वाली हैं और पांच साल के बच्चे की माँ हैं। दूसरी बार गर्भवती होने पर 22वें हफ्ते में उनका गर्भपात हो गया। इसके बाद अचानक बहुत खून बहने लगा और उन्हें तुरंत अस्पताल लाना पड़ा। गर्भपात के बाद भी प्लेसेंटा गर्भाशय में गहराई से फंसा हुआ रह गया, जिसे प्लेसेंटा इन्क्रेटा कहते हैं। यह एक बहुत ही दुर्लभ और गंभीर स्थिति है।
पहली बार प्लेसेंटा निकालने की कोशिश में और ज्यादा खून बहने लगा। उस समय डॉक्टरों ने अस्थायी रूप से खून रोकने के लिए बलून टैम्पोनैड तकनीक का इस्तेमाल किया। फिर तुरंत एमआरआई स्कैन किया गया, जिससे समस्या साफ हो गई।
इसके बाद डॉक्टरों ने यूटेराइन आर्टरी एम्बोलाइजेशन नाम की तकनीक अपनाई। इसमें एक पतली नली (कैथेटर) से गर्भाशय की धमनियों को बंद कर दिया गया, ताकि खून प्लेसेंटा तक न पहुँचे। इससे खून बहना रुक गया और गर्भाशय भी सुरक्षित रहा। इस प्रक्रिया में न तो बड़ा ऑपरेशन करना पड़ा और न ही बेहोशी (जनरल एनेस्थीसिया) की ज़रूरत हुई।
डॉक्टरों की टीम—इंटरवेंशनल रेडियोलॉजिस्ट, स्त्री रोग विशेषज्ञ और एनेस्थीसियोलॉजिस्ट—ने मिलकर यह जटिल प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी की। महिला जल्दी ही स्वस्थ होने लगीं, २ दिन बाद उन्हें आईसीयू से बाहर लाया गया और ५ दिन में अस्पताल से छुट्टी मिल गई।
डॉ. पार्थ प्रतिम सामुई ने कहा, “यह माँ हमारे पास बहुत गंभीर हालत में आई थीं। उनका खून लगातार बह रहा था और प्लेसेंटा गर्भाशय में फंसा था। ऐसे मामलों में अक्सर खून रोकना मुश्किल होता है और कभी-कभी गर्भाशय निकालना भी पड़ जाता है। लेकिन हमने बिना बड़ा ऑपरेशन किए, एम्बोलाइजेशन से खून रोक दिया और गर्भाशय सुरक्षित रखा। इसका मतलब है कि उनकी जान बची और भविष्य में भी माँ बनने की संभावना बनी रही। डॉक्टर के लिए इससे बड़ी खुशी कुछ नहीं हो सकती।”
यह इलाज न सिर्फ इस महिला की जान बचाने में सफल रहा बल्कि उनका गर्भाशय भी सुरक्षित रहा। मणिपाल अस्पताल, मुकुंदपुर में पहली बार इस तरह का मामला सफल हुआ, जो उन्नत मातृत्व सेवाओं में एक अहम उपलब्धि है।
मुख्यमंत्री की प्ररेणा से जिलाधिकारी सविन बंसल जनपद में असहाय, अक्षम और निर्धन लोगों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए निरंतर काम कर रहे है। गरीब, असहाय और जरूरतमंदों को सरकार की योजनाओं के साथ ही जिले स्तर पर उपलब्ध संशाधनों से आर्थिक सहायता प्रदान कर उनकी विशेष जरूरतों को पूरा करने का हर संभव प्रयास कर रहे है।
जिलाधिकारी के प्रयासों से जनपद में सक्रिय राइफल क्लब फंड से मंगलवार को 06 असहाय, अक्षम और जरूरतंद लोगों को 1.35 लाख की आर्थिक सहायता चेक प्रदान किए गए। पति की अकस्मात मृत्यु के बाद धर्मपुर निवासी मीनाक्षी रतूड़ी के सामने अपने बच्चों की फीस जमा करने का आर्थिक संकट खडा हो गया था। फीस जमा न होने पर स्कूल बच्चों का नाम काट रहा था। आर्थिक और मानसिक तौर पर परेशान मीनाक्षी का मामला संज्ञान में आने पर डीएम ने असहाय महिला को राइफल क्लब से 25 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान कर सहारा दिया।
वहीं विजय कॉलोनी निवासी कैंसर पीडित शारदा देवी और आडीपीएल ऋषिकेश निवासी दीपा देवी को इलाज के लिए 25-25 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की। आंखों की रोशनी खो चुके डालनवाल निवासी इजाजुद्दीन को उनकी बेटी की शादी के लिए 25 हजार रुपये की आर्थिक सहायता चेक प्रदान किया।
आर्थिक तंगी के चलते बिजली का बिल जमा न करने पर बडोवाला आरकेडिया ग्रांट निवासी दिव्यांग जितेन्द्र के घर पर बिजली कनेक्शन काट दिया था। दिव्यांग जितेन्द्र बिजली का बिल जमा नहीं कर पा रहा था। बिजली का पुराना बकाया बिल भुगतान के लिए दिव्यांग 25 हजार की आर्थिक सहायता पाकर दिव्यांग जितेंद्र के आंसू छलक उठे। वहीं क्लेमनटाउन निवासी दिव्यांग अब्दुल रहमान को स्वरोजगार के लिए सिलाई मशीन खरीदने के लिए 10 हजार की आर्थिक सहायता प्रदान की। आर्थिक सहायता मिलने पर सभी लाभार्थियों ने जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया।
जिलाधिकारी ने कहा कि हमारा प्रयास गरीब, असहाय और अक्षम लोगों समाज की मुख्यधारा से जोड़ने का है। गरीब और असहाय लोगों की समस्या का हम पूर्ण निवारण तो नहीं कर सकते है, परंतु आर्थिक सहयोग प्रदान कर उनकी समस्या को काफी हद तक कम किया जा सकता है। मा0 मुख्यमंत्री के निर्देशों पर समाज के वंचित वर्ग के लोगों को चिन्हित कर उनको सरकार की योजनाओं और विभिन्न स्रोतों से उपलब्ध फंड से आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है।
कहा कि जिले में राइफल क्लब फंड से आज फिर 06 असहाय, गरीब एवं निर्बल लोगों को सहयोग राशि प्रदान की गई है। जिलाधिकारी ने कहा कि राइफल क्लब मूलभूत सुविधाओं से हटकर एक लक्सरी ट्रॉजेक्शन है। इसका उपयोग सीएसआर गतिविधियों को आगे बढ़ाने के लिए किया जा रहा है। डीएम ने समाज में असहाय लोगों को चिन्हित करने के लिए ग्राउंड स्टाफ एवं इसमें काम कर रहे अधिकारियों की भी प्रशंसा की। इस मौके पर उप जिलाधिकारी कुमकुम जोशी, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी एवं अन्य अधिकारी मौजूद थे।
जिलाधिकारी सविन बसंल ने प्रथम बार जिले में राइफल फंड का उपयोग किया जिससे जिले में अब तक इस फंड से धनराशि रू0 11.05 लाख की सहायता पत्रों लोगों को वितरित की गई है।
इससे पूर्व इस फंड से झुग्गी बस्ती प्रेमनगर में बालवाडी मरम्मत हेतु दिव्यांग महिला को धनराशि रू0 1,30000, ग्राम फनार तहसील त्यूनी निवासी गरीब बिधवा महिला नीतू दुर्गादेवी के विद्युत बिल की धनराशि रू0 18000, अनाथ अदिति के पिता द्वारा लिए गए बैंक ऋण रू0 50000, भगत सिंह कॉलोनी निवासी शमीमा को स्वरोजगार हेतु धनराशि रू0 30,000, सरस्वती शिशु मंदिर प्रबन्धक समिति भोगपुर जहां दूर-दूर से बच्चें पढने आते हैं, को बच्चों के परिवहन हेतु वाहन के लिए धनराशि रू0 5,73950 की सहायता प्रदान की गई।
ज्ञातब्य है कि राइफल क्लब वर्ष 1959 से संचालित है जिसमें नये शस्त्र लाइसेंस, लाइसेंस पंजीकरण, नवीनीकरण, शस्त्र लाइसेंस सीमा विस्तार, गन लाइसेंस की टीएल/एनओसी, शस्त्र विक्रय अनुमति, शस्त्र लाइसेंस श्रेणी परिवर्तन, शस्त्र क्रय करने की समयावधि बढ़ाने आदि के लिए राइफल फंड में अनुदान लिया जाता है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आज देहरादून स्थित मैक्स हॉस्पिटल पहुंचे, जहां उन्होंने उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं वरिष्ठ राजनेता श्री भुवन चंद्र खंडूरी के स्वास्थ्य की जानकारी प्राप्त की। श्री खंडूरी वर्तमान में स्वास्थ्य संबंधी कारणों से अस्पताल में उपचाररत हैं।
मुख्यमंत्री ने चिकित्सकों से श्री खंडूरी के स्वास्थ्य की स्थिति की जानकारी ली और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
इस अवसर पर उत्तराखंड विधानसभा की अध्यक्ष श्रीमती ऋतु खंडूरी भूषण भी उपस्थित रहीं। मुख्यमंत्री ने उनसे भी श्री खंडूरी के स्वास्थ्य एवं उपचार की जानकारी ली।
बागेश्वर: उत्तराखण्ड राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (यूएसआरएलएम) के तहत बागेश्वर में महिला सशक्तिकरण और पलायन रोकथाम की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। मुख्य विकास अधिकारी आर.सी. तिवारी ने मंगलवार को ए–4 शीट बनाने वाली मशीन का शुभारंभ किया।
सीडीओ ने कहा कि इस पहल से महिलाओं को सीधा रोजगार मिलेगा और विभागीय कार्यालयों को उच्च गुणवत्ता वाला कागज स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकारी दफ्तरों में प्रयुक्त कागज की खरीद प्राथमिकता से समूहों से ही की जाएगी।
परियोजना निदेशक शिल्पी पंत ने बताया कि यूनिट के दीर्घकालिक संचालन के लिए विपणन समिति बनाई जा रही है। खण्ड विकास अधिकारी आलोक भण्डारी ने इसे पलायन रोकथाम में अहम बताया।
इस अवसर पर “सखी संगम” क्लस्टर का भी उद्घाटन किया गया। महिलाओं ने इस पहल के लिए जिला प्रशासन का आभार जताते हुए कहा कि यह कदम आत्मनिर्भरता और ग्रामीण विकास की मजबूत नींव बनेगा।
मुख्य विकास अधिकारी ने यह भी कहा कि बागेश्वर की जलवायु सेब, फूल और बकरीपालन जैसी गतिविधियों के लिए उपयुक्त है। यदि समूह इन क्षेत्रों में कार्य करना चाहें तो उनके प्रस्तावों को प्राथमिकता दी जाएगी।
मुुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में उत्तराखंड निवेश और आधारिक संरचना विकास बोर्ड (यूआईआईडीबी) की कार्यकारिणी समिति की बैठक में राज्य में बुनियादी ढांचे के विकास से जुड़ी परियोजनाओं के नियोजन एवं क्रियान्वयन से जुड़े कामों को तत्परता से संचालित करने पर जोर दिया गया। बैठक में यूआईआईडीबी के संगठनात्मक ढांचे का सुदृढीकरण करने तथा विभिन्न स्तरों पर अधिकारों के विकेन्द्रीकरण के संबंध में भी विस्तार से चर्चा कर इससे जुड़े प्रस्ताव बोर्ड की आगामी बैठक में रखने का निश्चय किया गया।
यूआईआईडीबी की कार्यकारिणी समिति की 8वीं बैठक सचिवालय स्थित मुख्य सचिव सभागार में आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन ने यूआईआईडीबी के कार्यों की विस्तार से समीक्षा कर शारदा कॉरीडोर, ऋषिकेश कॉरीडोर एवं हरिद्वार कॉरीडोर परियोजनाओं के़े कार्यों पर विशेष ध्यान दिए जाने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने कहा कि ऋषिकेश में त्रिवेणीघाट परियोजना के तहत घाट पर गंगाजल की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित कराई जाय। इसके लिए हाइड्रोलॉजीकल अध्ययन कराते हुए विशेषज्ञों द्वारा सुझाए जाने वाले आवश्यक उपाय अमल में लाए जायें। ऋषिकेश में पुराने रेलवे स्टेशन की भूमि पर भूमिगत पार्किंग की व्यवस्था सहित हरित पार्क एवं हेरीटेज फारेस्ट वाक-वे के निर्माण की परियोजना के प्रस्तावों की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि इस परियोजना के रख-रखाव एवं संचालन की व्यवहार्यता का समुचित आकलन कर लिया जाय। मुख्य सचिव ने कहा कि हरिद्वार-ऋषिकेश तक रैपिड रेल ट्रांसपोर्ट सिस्टम के विस्तार एवं ऋषिकेश से देहरादून के मध्य रेलवे लाईन के निर्माण किए जाने की संभावनाओं को देखते हुए ऋषिकेश में रेलवे स्टेशन व इसके निकटवर्ती क्षेत्रों में भविष्य की आवश्यकताओं का ध्यान रख जरूरी अवस्थापना सुविधाएं विकसित करने के प्राविधान भी शामिल किये जायें। मुख्य सचिव ने ऋषिकेश में शहर के अंदर भीड़ एवं यातायात के अत्यधिक दबाव को देखते हुए आईएसबीटी और चारधाम यात्रा पंजीकरण केन्द्र को उपयुक्त स्थल पर पुनर्स्थापित करने के मामले में मंडलायुक्त, पुलिस, जिला प्रशासन, पर्यटन, परिवहन, संयुक्त रोटेशन व्यवस्था समिति सहित सभी संबद्ध हितधारकों से विचार-विमर्श कर प्रस्ताव तैयार किए जाने के निर्देश दिए।
हरिद्वार कॉरीडोर की परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि आगामी कुंभ मेला को देखते हुए इस परियोजना के स्वीकृत कार्यों को समयबद्ध ढंग से पूरा किया जाय। मुख्य सचिव ने हरिद्वार में सुरक्षा, यातायात एवं भीड़ प्रबंध के लिए उच्च तकनीकी व आधुनिक सुविधाओं से युक्त इंटीग्रेटेड कमांड एवं कंट्रोल सेंटर बनाए जाने के लिए मेला नियंत्रण कक्ष के निकट उपयुक्त स्थान की व्यवस्था किए जाने के साथ ही इस परियोजना के प्रस्तावों में मेलाधिकारी, जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक के सुझावों को शामिल किए जाने की हिदायत दी। हरिद्वार में घाटों के विस्तार, पार्किंग, रोपवे, पैदल मार्गों के निर्माण तथा परिवहन, सार्वजनिक प्रसारण व्यवस्था, विभिन्न प्रकार की नागरिक सुविधाओं से जुड़ी योजनाओं का समयबद्ध क्रियान्वयन किए जाने के निर्देश देते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि चंडीघाट में सांस्कृतिक केन्द्र और मल्टी मॉडल टूरिज्म निर्माण की महत्वाकांक्षी योजनाओं को जमीन पर उतारने के लिए भी तेजी से आगे बढा जाये। मुख्य सचिव ने देहरादून में यमुना कॉलोनी के पुनर्विकास, नए ग्रीनफील्ड शहरों का विकास की योजना सहित यूआईआईडीबी द्वारा प्रस्तावित अन्य योजनाओं के लिए भी समुचित प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर प्रमुख सचिव श्री आर.के. सुधांशु, श्री आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव श्री शैलेश बगौली, डॉ. वी. षणमुगम, श्री युगल किशोर पंत, सीसीएफ डॉ. पराग मधुकर धकाते, रेजिडेंट कमिश्नर श्री अजय मिश्रा, जिलाधिकारी हरिद्वार मयूर दीक्षित एवं मेलाधिकारी श्रीमती सोनिका, अपर सचिव श्री अभिषेक रूहेला सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
सूचना एवं लोक सम्पर्क विभाग
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को मसूरी रोड स्थित एक होटल में हिन्दुस्तान समाचार पत्र द्वारा आयोजित ’’हिमालय बचाओ अभियान-2025’’ कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने हिमालय और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में सराहनीय कार्य करने वालों को सम्मानित भी किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमालय की रक्षा के लिए प्रत्येक व्यक्ति को जागरूक करने के लिए हिन्दुस्तान अखबार द्वारा वर्ष 2012 में “हिमालय बचाओ अभियान“ की शुरूआत की गई थी। यह अभियान अब जन-जन का अभियान बन चुका है। जिससे जुड़कर लोग हिमालय की रक्षा करने के प्रति जागरूक हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि हिमालय हमारे देश की आत्मा, संस्कृति और प्रकृति की अनुपम धरोहर है। इससे निकलने वाली जीवनदायिनी नदियां करोड़ों लोगों को पीने का पानी उपलब्ध कराने के साथ ही ऊर्जा का प्रमुख स्रोत भी हैं। हिमालय में पाई जाने वाली दुर्लभ वनस्पतियां और जीव-जंतु भी हमारे पर्यावरण की महत्वपूर्ण धरोहर हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमालय के संरक्षण के लिए विकास के साथ पर्यावरण का संतुलन जरूरी है, जिस दिशा में राज्य सरकार द्वारा प्रयास किये जा रहे हैं। आज जलवायु से परिवर्तन एक बड़ा खतरा बनता जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार हिमालयी क्षेत्रों में पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने के लिए वन संरक्षण, जल संरक्षण और स्वच्छ ऊर्जा के स्रोतों को बढ़ावा देने के लिए भी कार्य कर रही है। पौधारोपण, जल संरक्षण अभियान और पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से हम हिमालय के संरक्षण की दिशा में नियमित प्रयास किये जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमालयी क्षेत्र में पर्यटन एक प्रमुख आर्थिक गतिविधि है। राज्य सरकार द्वारा सस्टेनेबल टूरिज्म को बढ़ावा देने के साथ ही राज्य में प्लास्टिक वेस्ट के प्रबंधन के लिए डिजिटल डिपॉजिट रिफंड सिस्टम प्रारम्भ किया गया। इस एक छोटी सी पहल से हिमालयी क्षेत्र में 72 टन कार्बन उत्सर्जन को कम करने में सफलता मिली।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमालय को संरक्षित करने के लिए हमें और अधिक कार्य करने होंगे। हिमालयी क्षेत्र में रहने वाले हमारे लोगों की ज्ञान, परंपराएं और जीवनशैली कि प्रकृति के साथ सामंजस्य बिठाकर जीवन जीना सिखाती है। उनके अनुभवों और पारंपरिक ज्ञान को पर्यावरण संरक्षण नीति में भी सम्मिलित करना चाहिए। जब प्रत्येक व्यक्ति हिमालय संरक्षण के प्रति जागरूक होकर अपनी जिम्मेदारी समझेगा, तभी हम इस अनमोल धरोहर को आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रख पाएंगे।
रेलवे में 32000 से अधिक पदों पर निकली ग्रुप डी भर्ती परीक्षा के शेड्यूल का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। रेलवे भर्ती बोर्ड ने ग्रुप डी परीक्षा की तिथियों की घोषणा कर दी है। आरआरबी बिलासपुर की आधिकारिक वेबसाइट rrbbilaspur.gov.in पर इससे संबंधित आधिकारिक नोटिस जारी हुआ है।
जिसके मुताबिक ग्रुप डी के विभिन्न पदों पर 17 नवंबर से परीक्षा आयोजित होंगी, जो दिसंबर के आखिरी तक चलेंगी। अगर आपने अभी तक इस रेलवे सरकारी नौकरी के लिए पढ़ना शुरू नहीं किया है, तो तैयारी चालू कर दें।