Category: उत्तराखंड

  • रुद्रप्रयाग: ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने और पर्यावरण संरक्षण को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण पहल

    रुद्रप्रयाग: ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने और पर्यावरण संरक्षण को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण पहल

    रुद्रप्रयाग: ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने और पर्यावरण संरक्षण को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से रुद्रप्रयाग वन प्रभाग के दक्षिणी जखोली रेंज में शुरू की गई एक महत्वपूर्ण पहल का आज सफल समापन हुआ। R.D.F. (Restoration of Degraded Forest) योजना के अंतर्गत दरमोला ग्राम सभा में ग्रामीणों के लिए आयोजित “वन उपज से आजीविका संवर्धन” विषयक तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला 9 दिसंबर से 11 दिसंबर 2025 तक चली, जिसमें स्थानीय लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

    इस प्रशिक्षण के माध्यम से ग्रामीणों को पिरूल, छेंती, बांस और घास जैसी स्थानीय वन उपज से उपयोगी और आकर्षक उत्पाद तैयार करने की कला सिखाई गई। इसका उद्देश्य उन्हें स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ाते हुए ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नए अवसर प्रदान करना है।

    स्थानीय उत्पादों से आय सृजन का नया मार्ग

    उप प्रभागीय वनाधिकारी डॉ. दिवाकर पन्त ने बताया कि बदलती जीवनशैली और बाजार की मांग को देखते हुए स्थानीय वन उपज पर आधारित हस्तशिल्प उत्पादों की लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में ग्रामीणों के लिए यह प्रशिक्षण एक सशक्त अवसर है, जिससे वे अपने पारंपरिक ज्ञान को आधुनिक स्वरूप देकर वित्तीय रूप से सशक्त बन सकते हैं।कार्यशाला में विशेषज्ञ प्रशिक्षकों द्वारा प्रतिभागियों को राखी, सजावटी वस्तुएँ, टोकरी, पेन होल्डर, फ्लावर पॉट और विभिन्न कलाकृतियों का निर्माण व्यावहारिक रूप से सिखाया गया। तीन दिनों तक चले इस प्रशिक्षण में ग्रामीणों ने बड़ी संख्या में भाग लेकर नए कौशल सीखे और स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से स्वरोजगार बढ़ाने की दिशा में कदम बढ़ाए।

    महिलाओं में उत्साह, आत्मनिर्भरता की नई उम्मीद

    प्रशिक्षण में शामिल ग्रामीण महिलाओं ने इस पहल को आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। प्रतिभागी संगीता कुमेठी और अनिता देवी ने कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण से उन्हें नई संभावनाएँ और आत्मविश्वास मिल रहा है। वन उपज आधारित हस्तशिल्प न केवल पर्यावरण के अनुकूल है, बल्कि भविष्य में आय का स्थायी स्रोत भी बन सकता है।

    यह पहल न केवल ग्रामीणों को कौशल आधारित आजीविका प्रदान कर रही है, बल्कि वन संरक्षण और स्थानीय संसाधनों के संतुलित उपयोग की दिशा में भी एक मजबूत मॉडल के रूप में उभर रही है।

  • जिलाधिकारी ने किया ग्राम खोली स्थित क्रिटिकल केयर ब्लॉक का औचक निरीक्षण

    जिलाधिकारी ने किया ग्राम खोली स्थित क्रिटिकल केयर ब्लॉक का औचक निरीक्षण

    बागेश्वर: जिलाधिकारी आकांक्षा कोंड़े ने आज ग्राम खोली में निर्माणाधीन क्रिटिकल केयर ब्लॉक का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने निर्माण की प्रगति, उपलब्ध संसाधनों तथा आवश्यक व्यवस्थाओं का विस्तृत आकलन किया।

    जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ कुमार आदित्य तिवारी को निर्देशित किया कि क्रिटिकल केयर ब्लॉक में अपेक्षित क्षमता के अनुरूप व्यवस्थाएँ सुनिश्चित की जाएं। साथ ही चिकित्सकों और अन्य आवश्यक मानव संसाधनों का आकलन समय से पूर्ण किया जाए।

    जिलाधिकारी ने निर्माण कार्य को हर हाल में फरवरी तक पूर्ण करने के निर्देश दिए और कहा कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार्य नहीं होगा। सभी कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप ही संपादित किए जाएँ।

    जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया कि परिसर के आसपास पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था सुनिश्चित की जाए तथा संपूर्ण क्षेत्र की बाउंड्री डिमार्केशन कर किसी प्रकार के अतिक्रमण की संभावना को समाप्त किया जाए।

    निरीक्षण के दौरान सीएमओ कुमार आदित्य तिवारी, डॉ. आकाश सहित कार्यदायी संस्था के अभियंता एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

  • मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में HEOC निर्माण में अभूतपूर्व प्रगति,  उत्तराखंड की स्वास्थ्य सुरक्षा की दिशा में बड़ी छलांग

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में HEOC निर्माण में अभूतपूर्व प्रगति, उत्तराखंड की स्वास्थ्य सुरक्षा की दिशा में बड़ी छलांग

    देहरादून: प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन (PM-ABHIM) के तहत केंद्र सरकार द्वारा उत्तराखंड में हेल्थ इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर (HEOC) की स्थापना को मंज़ूरी देने के बाद राज्य में स्वास्थ्य आपात प्रबंधन के क्षेत्र में एक नई ऊर्जा आई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के निरंतर मार्गदर्शन में HEOC की स्थापना का कार्य देहरादून स्थित महानिदेशालय चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण परिसर में तेजी से आगे बढ़ रहा है। भारत सरकार की एक उच्च स्तरीय टीम ने स्वास्थ्य महानिदेशालय में बन रहे निर्माणाधीन हेल्थ इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर HEOC का निरीक्षण किया। टीम ने महानिदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण डॉ. सुनीता टमटा से भेंट की और निर्माण कार्य की गुणवत्ता, संरचना और डिज़ाइन पर विस्तार से चर्चा की। इसके बाद टीम ने नोडल अधिकारी डॉ. पंकज सिंह के साथ निर्माण स्थल का दौरा किया और केंद्र की तैयारियों का प्रत्यक्ष मूल्यांकन किया। निरीक्षण के दौरान टीम ने कार्य प्रगति पर संतोष व्यक्त किया और राज्य सरकार द्वारा अपनाई गई पारदर्शी एवं व्यवस्थित कार्यप्रणाली की सराहना की। इस निरीक्षण प्रक्रिया ने न केवल परियोजना की विश्वसनीयता को मजबूत किया है, बल्कि यह भी स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार और राज्य सरकार मिलकर HEOC को एक मॉडल संस्थान के रूप में विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। भारत सरकार की टीम में डॉ. सैयद जुल्फेकार अहमद, क्षेत्रीय निदेशक, आरओएचएफडब्ल्यू, लखनऊ, डॉ. निश्चय केशरी, चिकित्सा अधिकारी, आरओएचएफडब्ल्यू, लखनऊ, श्री आशिष, परामर्शदाता, श्री हेमंत नेगी मौजूद रहे तथा स्वास्थ्य विभाग उत्तराखंड की तरफ से HEOC नोडल अधिकारी डॉ पंकज सिंह तथा डॉक्टर सुजाता सिंह उपस्थित रहे।

    *भारत सरकार की टीम का निरीक्षण, गुणवत्ता पर संतुष्टि*
    स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर राजेश कुमार ने बताया कि हेल्थ इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर ( HEOC ) के निर्माण कार्य का लगभग आधा हिस्सा पूरा हो चुका है और शेष कार्य भी निर्धारित गति से प्रगति पर है। उम्मीद है कि यह केंद्र जनवरी 2026 के अंत तक पूर्ण रूप से तैयार हो जाएगा। इसके बाद इसे औपचारिक रूप से केंद्र सरकार द्वारा स्वास्थ्य विभाग, उत्तराखंड को हस्तांतरित किया जाएगा। राज्य सरकार ने इस केंद्र के संचालन को लेकर पहले ही तैयारियां शुरू कर दी हैं, जिसके तहत प्रशिक्षित और अनुभवी अधिकारियों को आपदा प्रबंधन और स्वास्थ्य आपात प्रतिक्रिया से संबंधित विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। सरकार का स्पष्ट उद्देश्य है कि केंद्र के शुरू होते ही यह अत्याधुनिक क्षमता के साथ प्रभावी ढंग से कार्य कर सके। प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन (PM-ABHIM) के तहत उत्तराखंड राज्य को स्वास्थ्य क्षेत्र में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, केंद्र सरकार ने राज्य में हेल्थ इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर (HEOC) की स्थापना को मंज़ूरी प्रदान की थी। इस केंद्र के निर्माण का आधा कार्य पूरा हो चुका है। इस केंद्र के जनवरी 2026 के अंत तक पूर्ण होने की संभावना है तत्पश्चात यह केंद्र सरकार द्वारा स्वास्थ्य विभाग उत्तराखंड राज्य को हस्तांतरित कर दिया जाएगा जिसका संचालन स्वास्थ्य विभाग के प्रशिक्षित एवं अनुभवी अधिकारियों द्वारा किया जाएगा । यह केंद्र भविष्य में उत्तराखंड की स्वास्थ्य सुरक्षा का मुख्य आधार बनने जा रहा है और आपदा एवं महामारी प्रबंधन की दिशा में राज्य के प्रयासों को नई मजबूती प्रदान करेगा।

    स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर राजेश कुमार ने बताया कि HEOC की स्थापना से उत्तराखंड स्वास्थ्य आपात प्रबंधन के एक नए युग में प्रवेश करने जा रहा है। यह केंद्र न केवल आपदाओं के समय तेजी से प्रतिक्रिया सुनिश्चित करेगा, बल्कि सामान्य परिस्थितियों में भी स्वास्थ्य संबंधी निगरानी, डेटा विश्लेषण और निर्णय प्रक्रिया को तकनीकी रूप से मजबूत बनाएगा। इससे जिलों के बीच समन्वय बेहतर होगा और राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं में एकरूपता व गति आएगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की प्राथमिकता सूची में स्वास्थ्य क्षेत्र लगातार शीर्ष पर रहा है और HEOC परियोजना इस प्रतिबद्धता का एक जीवंत उदाहरण है। राज्य सरकार का विश्वास है कि केंद्र के पूर्ण रूप से कार्यरत हो जाने पर उत्तराखंड न केवल अधिक सुरक्षित होगा, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर एक नई पहचान भी स्थापित करेगा। यह केंद्र उत्तराखंड की स्वास्थ्य सुरक्षा को नई ऊर्जा, नई मजबूती और नई दिशा प्रदान करेगा, यही राज्य सरकार का दृढ़ संकल्प है।

    *आपदाओं और महामारियों पर त्वरित प्रतिक्रिया का केंद्र बनेगा HEOC*
    स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर राजेश कुमार ने बताया कि HEOC की स्थापना से राज्य को स्वास्थ्य आपात स्थितियों और प्राकृतिक आपदाओं के दौरान त्वरित और सटीक प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने में बड़ी सहायता मिलेगी। केंद्र स्वास्थ्य संबंधी तैयारियों को हर समय मजबूत रखेगा और संभावित खतरों की समय पर पहचान कर उचित कार्रवाई को संभव बनाएगा। यह केंद्र कोविड-19 जैसी वैश्विक महामारियों के दौरान हुए अनुभवों को ध्यान में रखते हुए अत्याधुनिक निगरानी तंत्र से सुसज्जित किया जा रहा है, जिससे किसी भी महामारी का प्रारंभिक चरण में पता लगाकर नियंत्रण किया जा सके। धराली जैसी आपदा स्थितियों में राज्य की प्रतिक्रिया क्षमता को भी यह केंद्र कई गुना बढ़ा देगा। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि HEOC न केवल एक भवन या संरचना नहीं, बल्कि उत्तराखंड की भविष्य की स्वास्थ्य सुरक्षा का महत्वपूर्ण आधार होगा।

    *राष्ट्रीय स्तर पर स्वास्थ्य अवसंरचना को मजबूत बनाने का प्रयास*
    स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर राजेश कुमार ने बताया कि देशभर में HEOC केंद्रों की स्थापना केंद्र सरकार की उस व्यापक दृष्टि का हिस्सा है, जिसमें भविष्य की स्वास्थ्य चुनौतियों के लिए देश को तैयार करना शामिल है। यह केंद्र सार्वजनिक स्वास्थ्य अवसंरचना को मजबूत करने और आपदा एवं महामारी प्रबंधन में राज्य और केंद्र के बीच बेहतर समन्वय को बढ़ावा देगा। उत्तराखंड के लिए यह परियोजना विशेष महत्व रखती है क्योंकि पहाड़ी भूगोल, प्राकृतिक आपदाओं की संवेदनशीलता और भौगोलिक चुनौतियों को देखते हुए यहां स्वास्थ्य आपात प्रबंधन के लिए एक मजबूत तंत्र की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी। HEOC की स्थापना इस दिशा में एक ठोस और प्रभावी कदम है, जो आने वाले वर्षों में राज्य के स्वास्थ्य क्षेत्र को नई पहचान दिलाएगा।

  • मुख्यमंत्री ने 142 नवनियुक्त असिस्टेंट प्रोफेसर्स को प्रदान किए नियुक्ति पत्र

    मुख्यमंत्री ने 142 नवनियुक्त असिस्टेंट प्रोफेसर्स को प्रदान किए नियुक्ति पत्र

    देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को मुख्य सेवक सदन, मुख्यमंत्री आवास, देहरादून में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड के माध्यम से चयनित राजकीय मेडिकल कॉलेजों में 142 असिस्टेंट प्रोफेसर्स को नियुक्ति पत्र वितरित किए।

    मुख्यमंत्री धामी ने नव नियुक्त असिस्टेंट प्रोफेसर्स को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ये अवसर चिकित्सा के क्षेत्र को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगा। मुख्यमंत्री ने सभी से आग्रह करते हुए कहा कि सभी अपने छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और प्रशिक्षण प्रदान करने के साथ उनके भीतर संवेदनशीलता, सहानुभूति और सेवा की भावना भी विकसित करें। जिससे वे कुशल और दक्ष चिकित्सक बनने के साथ समाज के प्रति अपने कर्तव्यों और मानवता के प्रति अपने उत्तरदायित्व को भी पूरी ईमानदारी से निभाएं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकार, प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और सुदृढ़ीकरण पर निरंतर कार्य कर रही है। राज्य के प्रत्येक नागरिक को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सकीय सुविधाएँ सस्ती दरों पर उपलब्ध कराई जा रही हैं। आयुष्मान योजना के अंतर्गत अब तक करीब 61 लाख आयुष्मान कार्ड वितरित किए गए हैं। जिसके माध्यम से प्रदेश के लगभग 17 लाख से अधिक मरीजों का 3300 करोड़ रुपये से अधिक का कैशलेस उपचार किया गया है।

    मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार प्रत्येक जिले में एक मेडिकल कॉलेज स्थापित कर रही है। जिससे सुदूरवर्ती क्षेत्रों के लोगों को उनके जिले में ही आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी। इनमें से पाँच मेडिकल कॉलेज पहले से ही संचालित किए जा चुके हैं, जबकि दो और मेडिकल कॉलेजों का निर्माण कार्य भी प्रगति पर है। देहरादून, हल्द्वानी और श्रीनगर मेडिकल कॉलेजों में सुपर स्पेशियलिटी विभाग भी स्थापित किए गए हैं।

    मुख्यमंत्री ने कहा हल्द्वानी में राज्य के प्रथम आधुनिक कैंसर संस्थान का निर्माण कार्य भी प्रगति पर है। साथ ही हेली एंबुलेंस, आपातकालीन परिस्थितियों में सुदूरवर्ती क्षेत्रों के लोगों के लिए जीवन रक्षक साबित हो रही है। राज्य में मरीजों को पैथोलॉजिकल जांचों की भी निःशुल्क सुविधा प्रदान की जा रही है। टेलीमेडिसिन सेवाओं के माध्यम से दूरदराज के गाँवों में विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा परामर्श सुविधा भी प्रदान किया जा रहा है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में स्टाफ की कमी को दूर किया जा रहा है। 142 असिस्टेंट प्रोफेसरों को नियुक्ति पत्र प्रदान कर रहे हैं, साथ ही 356 असिस्टेंट प्रोफेसरों की नियुक्ति की प्रक्रिया भी गतिमान है। 1248 नर्सिंग अधिकारियों और 170 टैक्नीशियनों को भी नियुक्तियां प्रदान की गई है और करीब 600 नर्सिंग अधिकारियों की चयन प्रक्रिया भी गतिमान है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में पहले भर्तियों में भारी पक्षपात, धांधली और भ्रष्टाचार हुआ करता था। हमने, राज्य में देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया। आज सभी चयन प्रक्रियाएँ मेरिट के आधार पर सुनिश्चित की जा रही हैं, जिससे योग्य उम्मीदवारों को उनके कौशल और परिश्रम का पूरा लाभ मिल रहा है। अब तक प्रदेश के लगभग 27 हजार युवा सरकारी नौकरी पाने में सफल हुए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा जहां भी पद रिक्त हैं, उन्हें जल्द से जल्द आयोग के माध्यम से भरा जायेगा।

    कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि आज मेडिकल कॉलेज में 62 प्रतिशत परमानेंट फैकल्टी हैं। भविष्य में ये संख्या और बढ़ने वाली है। उन्होंने कहा पिथौरागढ़ और रुद्रपुर मेडिकल कॉलेज का काम 70 प्रतिशत काम पूरा हो गया है। अगले सत्र से दोनों मेडिकल कॉलेज शुरू हो जाएंगे। राज्य के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में 625 बच्चे एमबीबीएस और 256 बच्चे पीजी कर रहे हैं। राज्य में करीब 100 कॉलेज हैं, जिसमें से 14 हजार बच्चे हर साल नर्सिंग की पढ़ाई कर रहे हैं। उन्होंने कहा हाल ही में नियुक्त हुए 3000 नर्सिंग स्टाफ में 100 प्रतिशत लोग उत्तराखंड राज्य के हैं। उन्होंने कहा राज्य में 32 लाख लोगों की निःशुल्क जांच, 350 लोगों को एयर एम्बुलेंस से हाइय सेंटर रेफर किया गया है।

    इस अवसर पर विधायक श्रीमती सविता कपूर, विधायक खजान दास, सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार, निदेशक चिकित्सा शिक्षा डॉ. अजय आर्य एवं मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य मौजूद थे।

  • नगर निगम देहरादून में 46 करोड़ रुपए की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास – लोकापर्ण

    नगर निगम देहरादून में 46 करोड़ रुपए की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास – लोकापर्ण

    देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को देहरादून नगर निगम के 27वें स्थापना दिवस समारोह में प्रतिभाग करते हुए देहरादून महानगर में 46 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास एवं लोकार्पण किया।

    कार्यक्रम को संबोधित करते हुए, मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि पिछले 27 वर्षों में देहरादून नगर निगम ने नागरिक सुविधाओं के विस्तार और आधुनिक शहरी प्रबंधन के क्षेत्र में अनेक उपलब्धियाँ हासिल करते हुए, देहरादून को एक स्वच्छ, सुरक्षित और सुव्यवस्थित नगर के रूप में विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि देहरादून नगर निगम स्थापना दिवस का ये अवसर उन उपलब्धियों का उत्सव मनाने के साथ-साथ आने वाले समय की चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए, विकास के सपनों को धरातल पर साकार करने का भी है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत विकास और समृद्धि के नए-नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। आज देश में अनेकों परियोजनाओं के माध्यम से शहरी क्षेत्रों के विकास को नई दिशा प्रदान की जा रही है। स्वच्छ भारत मिशन के माध्यम से देश के लाखों शहरों, कस्बों और नगरों में साफ-सफाई की एक नई संस्कृति विकसित हुई है। अमृत योजना के द्वारा शहरी क्षेत्रों में जल आपूर्ति, सीवरेज और हरित स्थानों को विकसित किया गया है। इसी तरह स्मार्ट सिटी मिशन नगर विकास का एक आदर्श नगर विकास के रूप में उभरा है।

    मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार देहरादून को एक आधुनिक और विकसित शहर बनाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। देहरादून में जहां एक ओर स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत शहर में ठोस कचरा प्रबंधन और सफाई व्यवस्था को सुदृढ़ किया जा रहा है। वहीं स्मार्ट सिटी मिशन, प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, अमृत मिशन, खुले में शौच मुक्त अभियान और लीगेसी वेस्ट प्रबंधन जैसी जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से नागरिकों को बेहतर सुविधाएँ प्रदान करने का प्रयास किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि देहरादून को एक आधुनिक शहर के रूप में स्थापित करने के लिए सरकार 14 सौ करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न परियोजनाओं पर कार्य कर रही है। शहर में कचरा प्रबंधन के लिए आधुनिक मैकेनाइज्ड ट्रांसफर स्टेशन का निर्माण किया गया है, वहीं कूड़ा वाहनों की रियल-टाइम मॉनिटरिंग के लिए इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर की स्थापना भी की है। हरित और स्वस्थ देहरादून बनाने के लिए शहर में विभिन्न स्थानों पर 35 पार्कों का निर्माण भी कराया गया है।

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रदेश सरकार केदारपुरम में योगा थीम पर आधारित शहर के सबसे बड़े पार्क का निर्माण करा रही है। वहीं वीर बलिदानियों की स्मृति में विशेष स्मृति पार्कों के माध्यम से शहर में 50 हजार वर्ग मीटर से अधिक हरित क्षेत्र भी विकसित किया जा रहा है। साथ ही साथ शहर की नदियों को पुनर्जीवित करने के लिए ‘रीन्यू रिस्पना’ अभियान भी संचालित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शहर में पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए 30 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन किया जा रहा है, वहीं निजी इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए 11 स्थानों पर चार्जिंग स्टेशनों का निर्माण भी किया गया है। राज्य सरकार के प्रयासों से केंद्र सरकार द्वारा नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम के अंतर्गत किए गए स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में देहरादून ने देशभर में 19वाँ स्थान हासिल किया है। साथ ही, सर्वोच्च स्वच्छ शहरों की राष्ट्रीय स्वच्छता रैंकिंग में भी देहरादून ने उल्लेखनीय सुधार करते हुए इस वर्ष 62वाँ स्थान प्राप्त किया है।

    मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रदेश सरकार देहरादून में ट्रैफिक और पार्किंग की समस्या के स्थायी समाधान के लिए भी प्रयासरत हैं। इसके लिए, विभिन्न स्थानों पर भूमिगत पार्किंग का निर्माण किया जा रहा है, वहीं ट्रैफिक दबाव को कम करने के लिए रिस्पना और बिंदाल नदियों के ऊपर एलिवेटेड रोड के निर्माण की योजना भी तैयार की जा रही है। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने उतकृष्ट कार्य करने वाले नगर निगम के कार्मिकों को भी पुरस्कृत किया।

    इस अवसर पर मेयर श्री सौरभ थपलियाल ने कहा कि देहरादून को आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल शहर के रूप में विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने नगर निगम द्वारा सम्पन्न कराए जा रहे विकास कार्यों का भी विवरण प्रस्तुत किया।

    कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, विधायक खजान दास, विनोद चमोली, उमेश शर्मा काऊ, नगरायुक्त श्रीमती नमामि बंसल सहित अधिकारी एवं पार्षद उपस्थित हुए।

    शिलान्यास
    1 – किरसाली चौक से सहस्त्रधारा कॉसिंग की ओर सड़क फुटपाथ का विकास, ग्रीनरी एवं सौन्दर्गीकरण कार्य लागत-264.21 लाख।
    2 – मोथरोवाला में मृत पशु शवों के निस्तारण हेतु गैस चलित पशु शवदाह गृह का निर्माण कार्य लागत-147.89 लाख ।
    3. कैनाल रोड़, लक्जूरिया फार्म से अजन्ता होटल की ओर सड़क फुटपाथ का विकास, ग्रीनरी एवं सौन्दर्याकरण कार्य लागत-247.58 लाख।
    4. कुठाल गेट से राजपुर चौक की ओर सड़क फुटपाथ का विकास, ग्रीनरी एवं सौन्दर्याकरण कार्य लागत-257.67 लाख ।
    5. धण्टाघर से आर०टी०ओ० चौक की ओर सड़क फुटपाथ का विकास, ग्रीनरी एवं सौन्दर्याकरण कार्य लागत-165.84 लाख ।
    6. धण्टाघर से यमुना कालोनी की ओर सड़क फुटपाथ का विकास, ग्रीनरी एवं सौन्दर्याकरण कार्य लागत-193.11 लाख।
    7. विवेकानन्द चौक से कुठाल गेट की ओर सड़क फुटपाथ का विकास, ग्रीनरी एवं सौन्दर्गीकरण कार्य लागत-234.79 लाख।

    लोकार्पण
    8. वार्ड सं0-60 आई०टी० पार्क रोड़ में पार्क विकास कार्य लागत-116.75 लाख । 9. नगर निगम की कॉफी टेबल बुक/डायरी / ई-आफिस का अनावरण।
    10. मैकेनाइज स्मार्ट कार पार्किंग लागत-3.29 करोड़।
    11. राजपुर रोड़ पार्किंग लागत-1.00 करोड़।
    12. धोरण में मैकेनाइज ट्रान्फर स्टेशन का निर्माण लागत रू0-6.29 करोड़।

  • जिला चिकित्सालय;  स्वास्थ्य सेवाओं में आया अभूतपूर्व सुधार

    जिला चिकित्सालय; स्वास्थ्य सेवाओं में आया अभूतपूर्व सुधार

    देहरादून: जिलाधिकारी सविन बंसल के सत्त प्रयासों और निगरानी के फलस्वरूप जिला चिकित्सालय में स्वास्थ्य सेवाएं तेज़ी से बेहतर हुई हैं। मातृत्व एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करते हुए विगत वर्ष 12 नवम्बर 2024 को 6 बेड से प्रारम्भ हुआ स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट (एसएनसीयू) अब दोगुनी क्षमता के साथ संचालित हो रहा है। आधुनिक सुविधाओं से युक्त इस यूनिट में दो मदर वार्ड, स्टाफ रूम तथा पूर्ण सीसीटीवी निगरानी की व्यवस्था की गई है, जिससे सुरक्षा एवं मॉनिटरिंग और मजबूत हुई है।

    निरंतर फॉलोअप एवं 24×7 स्वास्थ्य सेवाओं के चलते बड़ी संख्या में नवजातों को समय पर उपचार का लाभ मिल रहा है। (एसएनसीयू) प्रारम्भ (12 नवम्बर/दिसम्बर 2024)/ 51 नवजातों को उपचार का लाभ मिला है। तथा 1 जनवरी 2025 से वर्तमान तक 440 नवजातों का सफलतापूर्वक उपचार मिला है। नवजातों को अस्पताल तक लाने/ले जाने हेतु जिलाधिकारी द्वारा एक डेडिकेटेड वाहन की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इस सप्ताह 2 नवजातों को ईको परीक्षण हेतु कोरोनेशन अस्पताल भेजा गया, जिससे गंभीर शिशुओं को समय पर उच्च स्तरीय देखभाल सुनिश्चित की जा सके।

    जिला चिकित्सालय का आधुनिक ब्लड बैंक भी युद्धस्तर पर तैयार किया जा रहा है, जिसे शीघ्र ही जनहित में समर्पित कर दिया जाएगा।

    राज्य का प्रथम आधुनिक टीकाकरण कक्ष;

    गांधी शताब्दी अस्पताल में स्थापित प्रदेश का पहला आधुनिक एवं चाइल्ड-फ्रेंडली टीकाकरण कक्ष अब प्रतिदिन सुबह 8ः00 बजे से रात 8ः00 बजे तक संचालित हो रहा है।इससे कामकाजी अभिभावकों को बच्चों का टीकाकरण कराना हुआ अत्यंत सरल, प्रतीक्षा समय में कमी आई है। बच्चों के अनुकूल माहौल के कारण टीकाकरण प्रक्रिया और सुगम बनी। इस सुविधा के शुरू होने से जिले की टीकाकरण सेवाओं में उल्लेखनीय गुणवत्ता सुधार दर्ज किया जा रहा है। जिलाधिकारी सविन बंसल के नेतृत्व में जिला प्रशासन द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, गुणवत्ता सुधार और जनसुविधाओं को सुदृढ़ करने हेतु किए जा रहे प्रयास आगे भी निरंतर जारी रहेंगे।

  • “डीएम टिहरी की अध्यक्षता में आयोजित हुआ कीर्तिनगर तहसील दिवस।”

    “डीएम टिहरी की अध्यक्षता में आयोजित हुआ कीर्तिनगर तहसील दिवस।”

    टिहरी/दिनांक 09 दिसंबर,2025: आज दिसंबर के दूसरे मंगलवार को तहसील कीर्तिनगर कार्यालय परिसर में जिलाधिकारी टिहरी गढ़वाल नितिका खण्डेलवाल की अध्यक्षता में तहसील दिवस आयोजित किया गया।

    इस मौके पर जल निगम, वन विभाग, पंपिंग योजना, लघु सिंचाई, सड़क, स्वास्थ आदि विभागों से संबंधित 65 शिकायतें दर्ज की गई, इनमें अधिकांश शिकायतें पेयजल व विद्युत से संबंधित रही।

    तहसील दिवस पर फरियादियों/शिकायतकर्ताओं द्वारा लोनिवि की सड़कों की दशा ठीक कराने की मांग, खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा निर्मित कराये जा रहे खेल मैदानों को शीघ्र बनाये जाने की मांग, पेयजल की व्यवस्था निरंतर कराये जाने की मांग तथा क्षेत्र में स्वास्थ्य कैम्प लगाने की मांग की गयी।

    जिला पंचायत सदस्य (चिलेडी) उत्तम सिंह असवाल द्वारा क्षेत्र में विधुत सब स्टेशन खोलने तथा पूर्व में क्षेत्र के स्थानीय कास्तकारों की बैल जोड़ी व बकरी की करंट लगने से हुई मौत का मुआवजा दिलाने सम्बन्धी पत्र पर जिलाधिकारी ने एसडीएम कीर्तिनगर व विद्युत विभाग को प्रस्ताव प्रस्तुत करने तथा मुआवजा देने के निर्देश दिए।

    मनोज लखेड़ा क्षेत्र पंचायत सदस्य कणोली द्वारा हडिमधार पेयजल योजना से क्षेत्र के कणोली व पैन्डुला में पानी आपूर्ति सुचारू करने की मांग पर पेयजल विभाग को 31 दिसम्बर तक कार्य पूर्ण कर पेयजल वितरण व्यवस्था सुचारू करने के निर्देश दिए गए।

    ओम प्रकाश बधानी द्वारा एनएच का मुआवजा ए श्रेणी में दिलाने की मांग पर एसएलओ को आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए। नैथाणा के प्रधान द्वारा उनकी पंचायत में सामुहिक भवन बनाये जाने की मांग पर एएमए जिला पंचायत को आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए।

    स्थानीय लोगों/जनप्रतिनिधियों द्वारा श्रीनगर रेलवे स्टेशन का नाम नैथाणा रानीहाट करने की मांग की गयी उनका कहना था कि रेलवे स्टेशन जिस स्थान पर बनाया जा रहा है उसी नाम से जाना जाए जिस पर जिलाधिकारी ने अवगत कराया कि इस सम्बन्ध में पत्र व्यवहार किया जायेगा।

    इसके अलावा जीवीके कम्पनी द्वारा पानी छोड़ने के कार्य क्षेत्र की सड़को को ठीक करवाने तथा विद्युत पोल की लाईट ठीक करने तथा प्रतिकर भुगतान करवाने सम्बन्धी मांग /शिकायत दर्ज की गयी।

    इस मौके पर एसडीएम कीर्तिनगर मंजू राजपूत, सीएमओ डॉ श्याम विजय, डीडीओ मो असलम, प्रधानगण, नायब तहसीलदार प्रदीप कण्डारी, सहित सभी विभागाध्यक्ष, पत्रकारगण एवं जनता उपस्थित रहे।

  • मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने टॉपर छात्र – छात्राओं के दल को  “भारत दर्शन शैक्षिक भ्रमण” पर रवाना किया

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने टॉपर छात्र – छात्राओं के दल को “भारत दर्शन शैक्षिक भ्रमण” पर रवाना किया

    मुख्यमंत्री धामी ने सोमवार को उत्तराखंड बोर्ड परीक्षा – 2025 में हाईस्कूल परीक्षा के टॉपर 240 छात्र – छात्राओं के दल को “भारत दर्शन शैक्षिक भ्रमण” के लिए हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उक्त छात्र- छात्राएं अलग- अलग दलों में विभिन्न राज्यों का भ्रमण करेंगे।

    एससीईआरटी ननूरखेड़ा में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि “भारत दर्शन शैक्षिक भ्रमण कार्यक्रम” के जरिए प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं को भारत की प्रगति, विज्ञान, तकनीक, इतिहास और संस्कृति को प्रत्यक्ष रूप से देखने-समझने का अवसर मिल रहा है। मुख्यमंत्री ने छात्र -छात्राओं से अपील करते हुए कहा कि वो अपनी डायरी में यात्रा अनुभव लिखने के साथ उत्तराखंड में पहली बार हुए नवाचारों और उपलब्धियों को भी दर्ज करें। मुख्यमंत्री ने उदाहरण देते हुए कहा कि उत्तराखंड ने देश में पहली बार यूसीसी लागू कर अन्य राज्यों के लिए एक मॉडल प्रस्तुत किया है। इसी तरह राज्य में पहली बार सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड को पहली बार सतत विकास लक्ष्यों की प्राप्ति में प्रथम स्थान मिला, इसी तरह, 2023 में कर्तव्य पथ पर आयोजित परेड में उत्तराखंड की झांकी को प्रथम स्थान मिला, राज्य में पहली बार 27 हजार युवाओं को सरकारी नौकरी प्रदान की गई है, उत्तराखंड में पहली बार राष्ट्रीय खेलों का भी आयोजन किया गया।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में पहली बार भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़े पैमाने पर कार्रवाई हुई। राज्य में पहली बार 10 हजार हजार एकड़ जमीन अतिक्रमण से मुक्त कराई गई, साथ ही साथ मदरसा बोर्ड को समाप्त किया गया, इसी तरह उत्तराखंड को मोस्ट फिल्म फ्रेंडली स्टेट का पुरस्कार प्राप्त हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि शैक्षिक भ्रमण से लौटने बाद इस डायरी के आधार पर प्रत्येक जनपद से दो – दो छात्र – छात्राओं को पुरस्कृत किया जाएगा।

    मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि कि वर्ष 2024-25 से प्रारम्भ इस कार्यक्रम के प्रथम चरण में 156 छात्रों ने देश के महत्वपूर्ण वैज्ञानिक व तकनीकी संस्थानों का भ्रमण किया, इस वर्ष प्रतिभागियों की संख्या बढ़कर 240 हो गई है। ये प्रतिभान छात्र- छात्राएं इसरो, श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र, प्रोफेसर यूआर राव उपग्रह केंद्र, और विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र जैसे संस्थानों का दौरा करेंगे।

    मुख्यमंत्री ने छात्र – छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि जब वो इन संस्थानों का भ्रमण करेंगे तो उन्हें ये अनुभव होगा कि तकनीक के क्षेत्र में आज का नया भारत कितना आगे बढ़ चुका है। उन्होंने कहा कि किताबों से मिली शिक्षा महत्वपूर्ण है, लेकिन प्रत्यक्ष अनुभव से समझ और दृष्टिकोण में कई गुना वृद्धि होती है। इस यात्रा का एक बड़ा लाभ ये होगा कि छात्र-छात्राओं में टीमवर्क, सामाजिक कौशल और आत्मविश्वास का विकास होगा। इस भ्रमण से प्राप्त अनुभवों को वो जीवनभर याद रखेंगे और उत्तराखंड के ब्रांड एम्बेसेडर के रूप में देश के विभिन्न भागों में हमारी संस्कृति, प्रकृति, खान-पान और पर्यटन की विशेषताओं को साझा करेंगे।

    मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि आज का युग ज्ञान और कौशल का युग है। भारत दर्शन शैक्षिक भ्रमण पर जाने वाले छात्र – छात्राएं भविष्य में जिस भी क्षेत्र में जाएंगे अपने ज्ञान और कौशल से वो भविष्य के हमारे वैज्ञानिक, डॉक्टर, इंजीनियर, उद्यमी, कलाकार और नीति निर्माता बनेंगे। मुख्यमंत्री ने छात्र-छात्राओं को प्रेरित करते हुए कहा वो अपने सपनों को हमेशा बड़ा रखें। जीवन में चुनौतियाँ आएंगी, कठिनाइयाँ आएंगी, पर उनसे सीखते हुए आगे बढ़ने से आपको एक न एक दिन अवश्य सफलता मिलेगी।

    इस अवसर पर शिक्षा मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने कहा कि मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में शिक्षा विभाग ने इस बार वंदेमातरम के डेढ़ सौ वर्ष पूरे होने के अवसर संविधान दिवस के दिन, 23 हजार स्कूलों में वंदेमातरम गायन किया, जिसमें रिकॉर्ड 21 लाख लोगों ने प्रतिभाग किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने अगले वर्ष से शैक्षिक भ्रमण कार्यक्रम में एक हजार प्रतिभाशाली छात्र – छात्राओं को भेजे जाने की अनुमति प्रदान कर दी है।

    कार्यक्रम में रायपुर विधायक श्री उमेश शर्मा काऊ, सचिव श्री रविनाथ रामन, अपर सचिव श्रीमती रंजना राजगुरु, शिक्षा महानिदेशक सुश्री दीप्ति सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

  • युवा आपदा मित्र – आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल समापन

    युवा आपदा मित्र – आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल समापन

    गृह मंत्रालय, भारत सरकार की “युवा आपदा मित्र योजना” के अंतर्गत एवं सचिव, आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विभाग, उत्तराखंड शासन, जिलाधिकारी तथा अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) देहरादून के निर्देशों के अनुपालन में जनपद देहरादून में आयोजित युवा आपदा मित्र – आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण कार्यक्रम का आज दिनांक 08 दिसंबर 2025 को सफलतापूर्वक समापन किया गया।

    यह प्रशिक्षण कार्यक्रम दिनांक 02 दिसंबर 2025 से 08 दिसंबर 2025 तक 11वीं एनसीसी बटालियन, देहरादून के 50 एनसीसी कैडेट्स की सहभागिता के साथ ओल्ड बुचडी, गढीकैंट, देहरादून में संचालित रहा, जिसमें प्रतिभागियों को आपदा की स्थिति में फर्स्ट रिस्पांडर के रूप में प्रशिक्षित किया गया।

    समापन अवसर पर मेजर जनरल रोहन आनंद, सेवा मेडल, ए.डी.जी., एनसीसी निदेशालय, उत्तराखंड मुख्य अतिथि के रूप में पधारे। उन्होंने प्रशिक्षित कैडेट्स को संबोधित करते हुए कहा— “युवा आपदा मित्र हमारे राष्ट्र की सुरक्षा व मानव सेवा के वास्तविक अग्रदूत हैं। संकट की घड़ी में आपका त्वरित निर्णय और साहस अनेक अनमोल जीवन बचा सकता है अनुशासन, परिश्रम और निस्वार्थ सेवा आपके व्यक्तित्व के आधार स्तम्भ हैं — देश को आप पर पूर्ण विश्वास है।” उनके प्रेरक शब्दों से कैडेट्स में विशेष उत्साह और सेवा भावना जागृत हुई।

    प्रशिक्षण मैं निम्न विषयों पर
    1. आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 एवं संस्थागत ढांचा
    2. भूकंप, भूस्खलन, बाढ़ व त्वरित बाढ़ से निपटने की तकनीक
    3. प्राथमिक उपचार (First Aid), घायल प्रबंधन एवं CPR
    4. खोज एवं बचाव कार्य — रस्सी तकनीक, स्ट्रेचर निर्माण
    5. जंगल की आग व शहरी आग प्रबंधन
    6. संचार प्रबंधन एवं चेतावनी तंत्र
    7. भारी वस्तुओं के सुरक्षित स्थानांतरण की विधियाँ आदि पर जानकारियां प्रदान की गई।

    इस कार्यक्रम का संचालन
    Master Trainer — राजू शाही, जनपद आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, देहरादून, सुशील सिंह कैंतुरा एवं किशन राजगुरु मास्टर ट्रेनर युवा आपदा मित्र द्वारा किया गया। उन्होंने कहा कि इन प्रशिक्षित 50 युवा आपदा मित्रों के सहयोग से
    जनपद में आपदा प्रबंधन तंत्र और अधिक सशक्त व प्रभावी होगा। युवा आपदा मित्र संकट के समय स्थानीय समुदाय एवं प्रशासन को त्वरित राहत और बचाव कार्यों में सहयोग देकर मानव जीवन और संपत्ति की सुरक्षा में अमूल्य योगदान देंगे।

    इस अवसर पर एन.सी.सी की ओर से कर्नल आदित्य जॉन पाॅल, मेजर शशि मेहता, सूबेदार मेजर लक्ष्मण सिंह, सूबेदार मेजर जिया लाल, ओनरी कप्तान कृष्ण तड़ियाल, हवलदार राकेश कुमार आदि की गरिमामयी उपस्थिति रही। उनके द्वारा कार्यक्रम के सफल संचालन हेतु गृह मंत्रालय एवं उत्तराखंड शासन को धन्यवाद ज्ञापित किया गया।

  • मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने की जनपद बागेश्वर के विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने की जनपद बागेश्वर के विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज कलेक्ट्रेट सभागार बागेश्वर में जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर विभिन्न विभागों लोक निर्माण विभाग, शिक्षा, पीएमजीएसवाई, जल संस्थान, विद्युत, महिला एवं बाल विकास, समाज कल्याण, कृषि एवं उद्यान-की योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की।

    मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि केंद्र व राज्य सरकार की सभी जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रत्यक्ष लाभ पात्र व्यक्तियों तक समयबद्ध रूप से पहुँचना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी विभाग में लापरवाही या विलंब स्वीकार्य नहीं होगा। सड़क, पेयजल, स्वास्थ्य एवं शिक्षा जैसी बुनियादी सेवाएँ निरंतर सुचारू रहें और जनसमस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए।

    मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि बागेश्वर में पर्यटन, प्राकृतिक संसाधन, सांस्कृतिक धरोहर और कृषि आधारित आर्थिक गतिविधियों के विकास की अपार संभावनाएँ हैं। उन्होंने साहसिक पर्यटन के नए स्थलों की पहचान करने और विंटर टूरिज्म को बढ़ावा देने हेतु विशेष कार्ययोजना बनाने को कहा। उन्होंने बताया कि जनपद में प्रमुख सड़कों के चौड़ीकरण और हेली सेवाओं के विस्तार पर तेजी से कार्य हो रहा है, जिससे पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी।

    कृषि एवं उद्यान विभाग को लाल चावल, अदरक, हल्दी जैसी स्थानीय फसलों के लिए मजबूत बाज़ार उपलब्ध कराने, शहद उत्पादन को मिशन मोड में बढ़ाने तथा एप्पल-कीवी जैसी उच्च मूल्य वाली फसलों को आधुनिक तकनीक व मार्केट लिंक से जोड़ने के निर्देश दिए गए।

    समाज कल्याण विभाग को जागरूकता शिविरों के माध्यम से अधिक से अधिक लाभार्थियों को योजनाओं से जोड़ने को कहा गया। मुख्यमंत्री ने बताया कि अब पेंशन राशि प्रत्येक माह की 05 तारीख को समय पर खातों में भेजी जा रही है, जबकि पहले इसमें तीन माह तक लग जाते थे।
    मुख्यमंत्री ने सभी अधिकारियों से कहा कि लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान, लंबित प्रकरणों का निस्तारण और लगातार जनसेवा शासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने निर्देश दिया कि कोई भी कार्य लंबित न रहे और आम जनता को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
    जिलाधिकारी आकांक्षा कोंडे सहित सभी विभागाध्यक्षों ने मुख्यमंत्री को जनपद में संचालित प्रमुख विकास योजनाओं, उपलब्धियों एवं प्रगति का विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया ।

    बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय स्तर पर स्वर्ण पदक प्राप्त ताइक्वांडो खिलाड़ियों को सम्मानित करते हुए उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे खिलाड़ी प्रदेश का गौरव बढ़ाते हैं और युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत हैं।

    इस दौरान विधायक सुरेश गढ़िया एवं पार्वती दास तथा अन्य जनप्रतिनिधि एवं जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।