मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरूवार को मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित कार्यक्रम में लोक सेवा आयोग के माध्यम से चयनित अर्थ एवं संख्या, कृषि एवं उद्यान तथा महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग के 178 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। जिसमें अर्थ एवं संख्या विभाग के 117, कृषि विभाग के 12 उद्यान विभाग के 30 तथा महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग के 19 अभ्यर्थी शामिल है।
उन्होंने नवनियुक्त अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि सभी ईमानदारी, निष्ठा एवं समर्पण के साथ दायित्वों का निर्वहन कर उत्तराखंड को विकसित, आत्मनिर्भर एवं देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करने के संकल्प को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएँगे।
मुख्यमंत्री ने नव-चयनित अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए कहा कि गुणवत्तापूर्ण, विश्वसनीय एवं समयबद्ध आँकड़े ही योजनाओं की प्रभावी रूपरेखा, क्रियान्वयन और मूल्यांकन का आधार हैं तथा अर्थ एवं संख्या विभाग राज्य में डेटा संग्रह एवं विश्लेषण का नोडल विभाग होने के कारण अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा कि सहायक सांख्यिकी अधिकारी सरकार की विभिन्न योजनाओं और नीतियों के प्रभाव का आकलन कर तंत्र को तथ्यपरक फीडबैक उपलब्ध कराएँ, ताकि आवश्यकतानुसार सुधारात्मक कदम समय पर उठाए जा सकें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में पिछले साढ़े चार वर्षों के दौरान साढ़े 26 हजार से अधिक युवाओं को पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से सरकारी सेवा में अवसर प्रदान किए गए हैं, जो राज्य के गठन के बाद पूर्ववर्ती सरकारों के कार्यकाल की तुलना में दोगुने से भी अधिक हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने नकल माफियाओं पर कड़ा प्रहार करते हुए सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया है, जिससे भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता, गति और विश्वसनीयता सुनिश्चित हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, नई स्टार्टअप एवं उद्यमिता नीति, नई पर्यटन नीति, कृषि एवं फल उत्पादन तथा होम-स्टे जैसी योजनाओं के माध्यम से राज्य में रोजगार एवं स्वरोजगार के व्यापक अवसर सृजित हुए हैं, जिसके परिणामस्वरूप प्रदेश में रिवर्स माइग्रेशन के आँकड़ों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।
इस अवसर पर श्री कल्कि पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम, कैबिनेट मंत्री श्री गणेश जोशी, श्रीमती रेखा आर्या, राज्यसभा सांसद श्री नरेश बंसल, विधायक श्री भरत चौधरी, श्रीमती सविता कपूर, 20 सूत्रीय कार्यक्रम एवं क्रियान्वयन समिति श्री के उपाध्यक्ष श्री ज्योति प्रसाद गैरोला, प्रमुख सचिव श्री आर.मीनाक्षी सुंदरम, सचिव श्री एस.एन. पाण्डेय एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
नैनीताल: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को अपने नैनीताल प्रवास के दौरान प्रशासनिक अकादमी नैनीताल में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आई जनता से मुलाकात की व उनकी समस्याएं सुनी। उन्होंने सम्बंधित अधिकारियों को समस्याओं के निस्तारण हेतु आवश्यक निर्देश दिए।
इस दौरान ग्राम सौड़ से आए ग्रामीणों द्वारा पंगोट देचौड़ी सड़क स्वीकृति पर मुख्यमंत्री जी का आभार व्यक्त किया। ग्रामीणों ने कहा कि काफी लंबे समय से उनकी सड़क निर्माण की जो मांग थी आज उनके द्वारा पूरी कर ली गई है, इससे क्षेत्र वासियों को सड़क सुविधा का लाभ प्राप्त होगा।
इस दौरान ग्रामीणों ने राजकीय इंटर कॉलेज सौड़ में अध्यापकों की तैनाती एवं भवन निर्माण की मांग भी मुख्यमंत्री के सम्मुख रखी। इस संबंध में मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी को आवश्यक निर्देश दिए।
इस अवसर पर विधायक नैनीताल सरिता आर्या, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट,दर्जा मंत्री अनिल कपूर डब्बू,आयुक्त कुमाऊं मंडल दीपक रावत, पुलिस महानिरीक्षक कुमाऊँ रिद्धिम अग्रवाल, जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मंजूनाथ टीसी सहित अनेक अधिकारी व जनप्रतिनिधि,जनता उपस्थित रही ।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने आज नैनीताल में मॉर्निंग वॉक के दौरान आम नागरिकों, पर्यटकों एवं स्कूली बच्चों से मुलाकात की और सबके साथ आत्मीय वार्ता की। इस दौरान उन्होंने स्थानीय चाय विक्रेता भरत की दुकान पर चाय का स्वाद भी लिया।
मुख्यमंत्री ने मानस खंड मिशन के अंतर्गत नैना देवी मंदिर परिसर में चल रहे सौंदर्यीकरण कार्यों का निरीक्षण किया। बताया कि मंदिर को और अधिक भव्य व आकर्षक स्वरूप देने हेतु ₹11 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की गई है, जिसके तहत कई महत्वपूर्ण कार्य तेजी से प्रगति पर हैं।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने मिशन के अन्य विकास कार्योंकृडीएसए मैदान के सुधार, वलिया नाला, एवं ठंडी सड़क पर भूस्खलन सुरक्षा कार्योंकृकी भी जानकारी अधिकारियों से ली और संबंधित विभागों को इन सभी कार्यों में तेजी लाने के सख्त निर्देश दिए।
इस दौरान जिलाध्यक्ष प्रताप सिंह बिष्ट एवं जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मंजूनाथ टी.सी. और अन्य मौजूद रहे।
मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में बुधवार को सचिवालय में पूंजी निवेश के लिए राज्यों को विशेष सहायता योजना (एसएएससीआई) एवं सुधार लागू करने में विभागों की प्रगति की समीक्षा की।
मुख्य सचिव ने कहा कि निर्धारित समय सीमा के भीतर विभागों द्वारा जो रिफॉर्म्स लागू किया जाना संभव है, उन्हें अनिवार्य रूप से निर्धारित समय सीमा में लागू कर लिया जाए। जो विभाग ऐसा नहीं कर पाएंगे, उनके विभागाध्यक्षों को प्रतिकूल प्रविष्टि दी जाएगी।
मुख्य सचिव ने कहा कि सम्बन्धित विभाग अपने मंत्रालयों से लगातार संपर्क कर भारत सरकार से मिलने वाली ग्रांट्स और वित्तीय सहायताओं का 100 प्रतिशत लाभ लेने के प्रयास करें। उन्होंने कहा कि सम्बन्धित विभाग, वित्त एवं नियोजन से लगातार मिलकर विशेष सहायता योजना का अधिकतम लाभ लेने की दिशा में कार्य करें।
मुख्य सचिव ने परिवहन विभाग को 15 साल पुराने वाहनों की स्क्रैपिंग, सड़क सुरक्षा के लिए इलेक्ट्रॉनिक इनफोर्समेंट से सम्बन्धित सुधारों को लागू करने में तेजी लाएं। उन्होंने राजस्व विभाग को भूमि सुधार सम्बन्धी रिफॉर्म्स को समयबद्ध तरीके से लागू करें। उन्होंने कहा कि विभागों को जो स्टेट शेयर रिलीज किया जाना था उसे अगले 2 दिन में जारी कर दिया जाए।
मुख्य सचिव ने कहा कि सभी सम्बन्धित विभाग अपने स्तर से इसकी लगातार समीक्षा कर भारत सरकार से मिलने वाली विशेष सहायता योजना का अधिकतम लाभ लेने के लिए अधिक से अधिक प्रोजेक्ट्स तैयार करें।
इस अवसर पर प्रमुख सचिव श्री आर. के. सुधांशु, श्री आर. मीनाक्षी सुंदरम, विशेष प्रमुख सचिव श्री अमित सिन्हा, सचिव श्री दीपक कुमार, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय एवं डॉ. वी. षणमुगम सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज एम0बी0 इंटर कॉलेज, हल्द्वानी (जनपद नैनीताल) में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष–2025 के उपलक्ष्य में भव्य सहकारिता मेले में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेश की स्वयं सहायता समूहों और सहकारी समितियों को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए पशुपालन एवं सब्जी उत्पादन में कार्यरत स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को मध्यकालीन दीनदयाल उपाध्याय सहकारिता कल्याण योजना के तहत 16.97 करोड़ रुपये तथा एनआरएलएम स्वयं सहायता समूहों के अंतर्गत 75.50 लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की। कार्यक्रम में उपस्थित जनसमुदाय ने गर्मजोशी से मुख्यमंत्री का स्वागत किया।
मेले के शुभारंभ पर संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष और राज्य स्थापना की रजत जयंती के अवसर पर आयोजित यह मेला प्रदेश में सहकारिता आधारित अर्थव्यवस्था को नई गति प्रदान करेगा। उन्होंने बताया कि ‘सहकारिता से पर्यटन विकास’ थीम पर आधारित इस सात दिवसीय मेले में प्रदेश की सहकारी समितियों, स्वयं सहायता समूहों और किसानों द्वारा तैयार किए गए उत्पादों को मंच मिलेगा। साथ ही ईको-आतिथ्य, ईको-पर्यटन, होमस्टे प्रबंधन, स्थानीय व्यंजन, कृषि एवं फल उत्पाद संवर्धन जैसे विषयों पर विशेष कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि यह मेला स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और सहकारिता की भावना को जन-जन तक पहुँचाने का सशक्त माध्यम बनेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सहकारिता मानव समाज का प्राचीन सिद्धांत है, जो सामूहिक प्रगति, सहयोग और एकता को बढ़ावा देता है। संयुक्त राष्ट्र द्वारा वर्ष 2025 को “अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष” घोषित किया जाना सहकारिता की वैश्विक महत्ता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि देश में सहकारिता क्षेत्र को नई दिशा देने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में एक अलग सहकारिता मंत्रालय का गठन किया गया है, जो केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह जी के मार्गदर्शन में अभूतपूर्व कार्य कर रहा है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तराखंड में सहकारिता को सशक्त बनाने के लिए राज्य सरकार द्वारा अनेक ऐतिहासिक कदम उठाए गए हैं। प्रदेश में सहकारी समितियों के कंप्यूटरीकरण की शुरुआत पूरे देश में पहली बार उत्तराखंड से हुई और आज सभी 671 समितियाँ पूरी तरह डिजिटल प्रणाली से कार्यरत हैं। 24 समितियाँ जन औषधि केंद्रों के रूप में कार्य कर रही हैं तथा 640 समितियाँ कॉमन सर्विस सेंटर के रूप में विकसित की गई हैं, जहां ग्रामीण क्षेत्रों में बीमा, पेंशन, आधार तथा अन्य डिजिटल सेवाएँ उपलब्ध हो रही हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश की 5511 समितियों में से 3838 समितियों का डेटा राष्ट्रीय सहकारी डेटाबेस पर अपलोड किया जा चुका है, जिससे पारदर्शिता और दक्षता दोनों बढ़ी हैं।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार ने फरवरी 2023 से अब तक 800 नई PACS, 248 नई डेयरी समितियाँ और 116 मत्स्य समितियाँ गठित की हैं। मिलेट मिशन के अंतर्गत किसानों से मंडुवा की खरीद दर भी बढ़ाई गई है, जो इस वर्ष 48.86 रुपये प्रति किलो निर्धारित की गई है। उन्होंने बताया कि “दीनदयाल उपाध्याय सहकारिता किसान कल्याण योजना” के तहत किसानों व स्वयं सहायता समूहों को पशुपालन, दुग्ध व्यवसाय, मत्स्य पालन एवं फ्लोरीकल्चर जैसे कार्यों हेतु 5 लाख रुपये तक का ब्याज-मुक्त ऋण, तथा सहकारी समितियों के माध्यम से 1 लाख रुपये का ब्याज-मुक्त फसली ऋण प्रदान किया जा रहा है। प्रदेश के सहकारी बैंकिंग क्षेत्र में 16 हजार करोड़ रुपये से अधिक की जमापूंजी होना जनता के भरोसे का प्रमाण है।
कार्यक्रम में महिला सशक्तिकरण पर विशेष जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की स्वयं सहायता समूहों की बहनें आर्थिक रूप से मजबूत हो रही हैं और यह गर्व का विषय है कि प्रदेश की 1 लाख 68 हजार से अधिक महिलाएँ आज “लखपति दीदी” बन चुकी हैं। उन्होंने कहा कि सहकारिता और पर्यटन आधारित आजीविका की दिशा में मेले में की जा रही पहलें स्थानीय समुदायों को नए अवसर प्रदान करेंगी।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री धामी ने हल्द्वानी क्षेत्र में हो रहे विकास कार्यों का विस्तृत उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि हल्द्वानी में योग एवं आयुष अस्पताल, अंबेडकर पार्क, ओपन जिम जैसे अनेक जनकल्याणकारी कार्य किए गए हैं। हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज में राजकीय कैंसर संस्थान का निर्माण तेज़ी से चल रहा है। उन्होंने कहा कि 792 करोड़ रुपये की रिंग रोड, हल्द्वानी–लालकुआं बाईपास, नगर की सड़कों का सुधारीकरण, मल्टीस्टोरी पार्किंग निर्माण, वेस्ट मैनेजमेंट, लीगेसी वेस्ट ट्रीटमेंट प्लांट, पोलिनेटर पार्क और एस्ट्रो पार्क जैसे कार्य क्षेत्रीय विकास को नई ऊंचाई पर ले जाएंगे। इसके अतिरिक्त हल्द्वानी से विभिन्न जिलों तथा मुंबई के लिए रेल एवं हेलीकॉप्टर सेवाओं की शुरुआत कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की सांस्कृतिक पहचान और डेमोग्राफी की सुरक्षा के प्रति सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। प्रदेश में कठोर धर्मांतरण विरोधी एवं दंगा विरोधी कानून बनाए गए हैं। लैंड जिहाद, लव जिहाद जैसी अवैध गतिविधियों पर कड़ी कार्रवाई करते हुए 10 हजार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि मुक्त कराई गई है, 250 अवैध मदरसों को सील किया गया है तथा मदरसा बोर्ड को समाप्त किया गया है। उन्होंने कहा कि “ऑपरेशन कालनेमि” के माध्यम से सनातन संस्कृति के विरुद्ध पाखंड फैलाने वालों पर कठोर कार्रवाई की जा रही है। राज्य में देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू होने से पिछले साढ़े चार वर्षों में 26 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी मिली है। भ्रष्टाचार के विरुद्ध “ज़ीरो टॉलरेंस” की नीति अपनाते हुए 200 से अधिक भ्रष्टाचारी जेल भेजे गए हैं।
मुख्यमंत्री ने अंत में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा स्वदेशी उत्पादों के उपयोग के लिए किए गए आह्वान का समर्थन करते हुए कहा कि उत्तराखंड को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में जनसहभागिता सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने प्रदेशवासियों से स्वदेशी उत्पादों के प्रयोग को जन आंदोलन का रूप देने का आग्रह किया।
कार्यक्रम में सांसद श्री अजय भट्ट, विधायक श्री दीवान सिंह बिष्ट, श्री राम सिंह कैड़ा, दर्जाधारी मंत्री श्री सुरेश भट्ट, बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाएँ एवं स्थानीय उत्पादक उपस्थित रहे।
स्व0 हरबंश कपूर मैमोरियल सभागार, गढ़ी कैंट में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने बैरिस्टर अरि बहादुर गुरूंग की प्रतिमा का अनावरण करने के साथ ही एसोसिएशन की स्मारिका का भी विमोचन किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि बैरिस्टर अरि बहादुर गुरूंग ना सिर्फ एक सांसद थे, बल्कि उन्होंने भारतीय संविधान के निर्माण में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि ये सिर्फ एक संगठन का उत्सव नहीं है, बल्कि ये उस अदम्य साहस, समर्पण, राष्ट्रभक्ति और गौरवशाली परम्परा का उत्सव भी है, जिसे गोरखा सैनिकों ने सदियों से अपने पराक्रम से संजोया है। उन्होंने कहा कि गोरखा सैनिकों के पराक्रम और बलिदान की पहचान इस बात से होती है कि दुनिया की कोई भी युद्ध गाथा गोरखाओं के बिना पूर्ण नहीं मानी जाती। इसलिए भारत सरकार द्वारा ऑल इंडिया गोरखा एक्स-सर्विसमेन्स वेलफेयर एसोसिएशन को ऑल इंडिया स्टेटस प्रदान किया जाना इस समुदाय की प्रतिष्ठा और योगदान का सम्मान है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 75 वर्षों में एसोसिएशन ने ईमानदारी, पारदर्शिता और समर्पण के साथ अपनी भूमिका निभाई है। आज विभिन्न राज्यों में बसे लाखों गोरखा भूतपूर्व सैनिक, वीर नारी एवं उनके आश्रित इस संस्था के माध्यम से लाभान्वित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि पिछले अनेक वर्षों में एग्वा द्वारा पूरे भारत में निःशुल्क व्यावसायिक प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं, जिनमें गोरखा समुदाय के साथ-साथ अन्य समुदायों के युवाओं को भी शामिल किया जाता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गोरखाओं के अदम्य साहस और वीरता की गाथाएँ इतिहास के पन्नों में अंकित हैं, कहा जाता है कि ’’जिस मैदान में गोरखा टिक गए, वहां दुश्मन कभी टिक नहीं पाया है’’। गोरखा जवानों के लिए खुंखरी सिर्फ एक हथियार नहीं, बल्कि मातृभूमि की रक्षा का संकल्प भी है। गोरखा सैनिकों ने सदियों से देश की सीमाओं की रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, इस शौर्य, बलिदान और राष्ट्र सेवा के लिए भारत का हर एक नागरिक आपका आभारी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अमर वीर मेजर दुर्गा मल्ल के अद्वितीय शौर्य को भुला पाना असंभव है। इसी तरह परमवीर चक्र से सम्मानित धन सिंह थापा और आजाद भारत के प्रथम अशोक चक्र विजेता नर बहादुर थापा जैसे अनगिनत वीरों ने भारत माता की रक्षा के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह हम सबके लिए गर्व की बात है कि आज गोरखा समाज न केवल हमारी सीमाओं की रक्षा में बल्कि हमारे राज्य के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। गोरखा समाज की मेहनत, अनुशासन और निष्ठा प्रत्येक क्षेत्र में स्पष्ट रूप से झलकती है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार भी गोरखा समाज की वीरता और अमूल्य योगदान को हमेशा आदर और सम्मान की दृष्टि से देखती है।
इस मौके पर सैनिक कल्याण मंत्री श्री गणेश जोशी ने कहा कि गोरखा रेजिमेंट के जवानों ने हर युद्ध में, हर मोर्चे पर अपनी अदम्य बहादुरी और वीरता का परिचय दिया है। उन्होंने कहा कि गोरखा समाज न केवल देश की सीमाओं की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है, बल्कि राज्य के सर्वांगीण विकास में भी अपना अहम योगदान दे रहा है।
इस मौके पर विधायक श्रीमती सविता कपूर, सचिव केंद्रीय सैनिक कल्याण बोर्ड बिग्रेडियर डीएस बसेड़ा, ऑल इंडिया गोरखा एक्स-सर्विसमेन्स वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष कर्नल आरएस क्षेत्री, गोर्खाली सुधार सभा के अध्यक्ष पद्म सिंह थापा, ले.ज (रिटायर्ड) एके सिंह, ले.ज. (रिटायर्ड) रामसिंह प्रधान, मे.ज. (रिटायर्ड) सम्मी सब्बरवाल, मेजर (रिटायर्ड) बीएस थापा शामिल हुए।
स्व0 हरबंश कपूर मैमोरियल सभागार, गढ़ी कैंट में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने बैरिस्टर अरि बहादुर गुरूंग की प्रतिमा का अनावरण करने के साथ ही एसोसिएशन की स्मारिका का भी विमोचन किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि बैरिस्टर अरि बहादुर गुरूंग ना सिर्फ एक सांसद थे, बल्कि उन्होंने भारतीय संविधान के निर्माण में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि ये सिर्फ एक संगठन का उत्सव नहीं है, बल्कि ये उस अदम्य साहस, समर्पण, राष्ट्रभक्ति और गौरवशाली परम्परा का उत्सव भी है, जिसे गोरखा सैनिकों ने सदियों से अपने पराक्रम से संजोया है। उन्होंने कहा कि गोरखा सैनिकों के पराक्रम और बलिदान की पहचान इस बात से होती है कि दुनिया की कोई भी युद्ध गाथा गोरखाओं के बिना पूर्ण नहीं मानी जाती। इसलिए भारत सरकार द्वारा ऑल इंडिया गोरखा एक्स-सर्विसमेन्स वेलफेयर एसोसिएशन को ऑल इंडिया स्टेटस प्रदान किया जाना इस समुदाय की प्रतिष्ठा और योगदान का सम्मान है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 75 वर्षों में एसोसिएशन ने ईमानदारी, पारदर्शिता और समर्पण के साथ अपनी भूमिका निभाई है। आज विभिन्न राज्यों में बसे लाखों गोरखा भूतपूर्व सैनिक, वीर नारी एवं उनके आश्रित इस संस्था के माध्यम से लाभान्वित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि पिछले अनेक वर्षों में एग्वा द्वारा पूरे भारत में निःशुल्क व्यावसायिक प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं, जिनमें गोरखा समुदाय के साथ-साथ अन्य समुदायों के युवाओं को भी शामिल किया जाता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गोरखाओं के अदम्य साहस और वीरता की गाथाएँ इतिहास के पन्नों में अंकित हैं, कहा जाता है कि ’’जिस मैदान में गोरखा टिक गए, वहां दुश्मन कभी टिक नहीं पाया है’’। गोरखा जवानों के लिए खुंखरी सिर्फ एक हथियार नहीं, बल्कि मातृभूमि की रक्षा का संकल्प भी है। गोरखा सैनिकों ने सदियों से देश की सीमाओं की रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, इस शौर्य, बलिदान और राष्ट्र सेवा के लिए भारत का हर एक नागरिक आपका आभारी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अमर वीर मेजर दुर्गा मल्ल के अद्वितीय शौर्य को भुला पाना असंभव है। इसी तरह परमवीर चक्र से सम्मानित धन सिंह थापा और आजाद भारत के प्रथम अशोक चक्र विजेता नर बहादुर थापा जैसे अनगिनत वीरों ने भारत माता की रक्षा के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह हम सबके लिए गर्व की बात है कि आज गोरखा समाज न केवल हमारी सीमाओं की रक्षा में बल्कि हमारे राज्य के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। गोरखा समाज की मेहनत, अनुशासन और निष्ठा प्रत्येक क्षेत्र में स्पष्ट रूप से झलकती है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार भी गोरखा समाज की वीरता और अमूल्य योगदान को हमेशा आदर और सम्मान की दृष्टि से देखती है।
इस मौके पर सैनिक कल्याण मंत्री श्री गणेश जोशी ने कहा कि गोरखा रेजिमेंट के जवानों ने हर युद्ध में, हर मोर्चे पर अपनी अदम्य बहादुरी और वीरता का परिचय दिया है। उन्होंने कहा कि गोरखा समाज न केवल देश की सीमाओं की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है, बल्कि राज्य के सर्वांगीण विकास में भी अपना अहम योगदान दे रहा है।
इस मौके पर विधायक श्रीमती सविता कपूर, सचिव केंद्रीय सैनिक कल्याण बोर्ड बिग्रेडियर डीएस बसेड़ा, ऑल इंडिया गोरखा एक्स-सर्विसमेन्स वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष कर्नल आरएस क्षेत्री, गोर्खाली सुधार सभा के अध्यक्ष पद्म सिंह थापा, ले.ज (रिटायर्ड) एके सिंह, ले.ज. (रिटायर्ड) रामसिंह प्रधान, मे.ज. (रिटायर्ड) सम्मी सब्बरवाल, मेजर (रिटायर्ड) बीएस थापा शामिल हुए।
हरिद्वार: फील्ड मार्शल ने नाम से प्रसिद्ध राज्य आंदोलनकारी और पूर्व कैबिनेट मंत्री दिवंगत दिवाकर भट्ट का आज राजकीय सम्मान के साथ हरिद्वार के खड़खड़ी श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार किया गया. दिवाकर भट्ट के बेटे ललित भट्ट ने उन्हें मुखाग्नि देकर नम आंखों से अंतिम विदाई दी।
अंतिम संस्कार से पहले उनके घर से लेकर श्मशान घाट तक अंतिम यात्रा भी निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। राजनीतिक दलों के कई दिग्गज नेता भी दिवाकर भट्ट को श्रद्धांजलि देने हरिद्वार पहुंचे थे। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की ओर से जिलाधिकारी मयूर दीक्षित और एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोबाल ने उनके प्रार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
गार्ड ऑफ ऑनर और अंतिम सलामी देने के बाद राजकीय सम्मान के साथ खड़खड़ी शमशान घाट पर दिवाकर भट्ट का अंतिम संस्कार किया गया। सभी नेताओं ने दिवाकर भट्ट के निधन को अपूर्णीय क्षति बताया। पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व केंद्रीय मंत्री रमेश पोखरियाल ने भी दिवाकर भट्ट के निधन पर दुख व्यक्त किया और कहा कि उन्होंने अस्सी के दशक में उनके साथ राज्य निर्माण के लिए संघर्ष किया था। आज उनके निधन के बाद उत्तराखंड में शोक की लहर है। उत्तराखंड राज्य निर्माण के लिए उनकी छटपटाहट किसी से नहीं छिपी. उत्तराखंड के इतिहास में उन्हें हमेशा याद रखा जाएगा
दिवंगत दिवाकर भट्ट को श्रद्धांजलि देने वालों में पूर्व मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, विधायक हरिद्वार मदन कौशिक, विधायक रानीपुर आदेश चौहान, विधायक ज्वालापुर रवि बहादुर, विधायक लक्सर मोहम्मद शहजाद, विधायक मुन्ना सिंह चौहान, जिलाध्यक्ष भाजपा आशुतोष शर्मा, पूर्व कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत, पूर्व मंत्री प्रीतम सिंह पंवार, मंत्री पार्षद नैथानी, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, यूकेडी अध्यक्ष सुरेंद्र कुकरेती, पूर्व अध्यक्ष यूकेडी काशी सिंह एरी, पूर्व दर्जधारी मंत्री महेंद्र प्रताप, एसपी सिटी अभय प्रताप सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट कुश्म चौहान, एचआरडीए सचिव मनीष सिंह सहित भारी संख्या में जन समूह मौजूद रहा।
उत्तराखंड के पूर्व कैबिनेट मंत्री रहे उत्तराखंड क्रांति दल के वरिष्ठ नेता दिवाकर भट्ट का निधन हो गया। लंबी बिमारी के बाद उन्होंने हरिद्वार में अपने आवास पर शाम 4.30 बजे अंतिम सांस ली। वे पिछले कुछ दिनों से देहरादून के इंद्रेश अस्पताल में भर्ती थे 26 नवंबर को हरिद्वार के खड़खड़ी श्मशान घाट पर उनका अंतिम संस्कार होगा
राज्य आंदोलन के दौरान सबसे आक्रामक और समर्पित नेताओं में कहे जाने वाले उत्तराखंड क्रांति दल के पूर्व केंद्रीय अध्यक्ष फील्ड मार्शल दिवाकर भट्ट का उनके निवास पर निधन हो गया उन्होंने हरिद्वार के तरुण हिमालय स्थित निवास पर अंतिम सांस ली। उनके निधन के बाद समर्थकों में शोक में लहर दौड़ गई धीरे-धीरे उनके घर पर लोगों की भीड़ जमा होने शुरू हो गई है दिवंगत दिवाकर भट्ट के बेटे ललित भट्ट ने उनके देहांत की पुष्टि की है।
एम्स ऋषिकेश के तत्वावधान में आयोजित विश्व एंटीमाइक्रोबियल जागरूकता सप्ताह (वाॅव 2025) सोमवार को सम्पन्न हो गया। इस अवसर पर नुक्कड़ नाटक के माध्यम से आम जनसमुदाय को एंटीबायोटिक दवाओं के बढ़ते दुरुपयोग को लेकर आगाह कर उन्हेंक इन दवाओं को सही तरीके से इस्तेमाल करने के बारे में विस्तृत जानकारियां उपलब्ध करवायी गयीं।
विश्व एंटीमाइक्रोबियल जागरुकता सप्ताह के दौरान बीते रोज एम्स ऋषिकेश के नर्सिंग छात्रों द्वारा त्रिवेणीघाट में नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया गया। आम लोगों को जागरूक करते हुए टीम ने इस दौरान एंटीबायोटिक दवाओं के सही इस्तेमाल करने के बारे में लाभदायक जानकारी दी। नाटक के माध्यम से संदेश दिया गया कि एंटीबायोटिक दवाओं का उपयोग करने से पहले विशेषज्ञ चिकित्सक की सलाह जरूर लेनी चाहिए। इस प्रस्तुति के दौरान आम लोगों ने विशेषज्ञों से एंटीबायोटिक के उपयोग पर कई सवाल भी पूछे।
कार्यक्रम में चिकित्सा अधीक्षक प्रो. सत्या श्री बालिजा, आयोजन सचिव डॉ. पीके पंडा, डाॅ. पीवी सौजन्या, एएनएस गिरीराज सैनी और उमेश सहित नर्सिंग स्टूडेन्ट्स शामिल रहे। उधर एक अन्य कार्यक्रम के तहत वाॅव 2025 की निर्धारित थीम पर पोस्टर प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया जबकि सोमवार को अस्पताल में सेवारत फार्मेसिस्टों के लिए डॉ महेन्द्र सिंह के नेतृत्व में विशेष फार्मेसी स्टेवर्डशिप वर्कशाॅप आयोजित की गई।
संस्थान की कार्यकारी निदेशक प्रो. मीनू सिंह के मार्गदर्शन में आयोजित सप्ताह व्यापी कार्यक्रम के समापन पर नर्सिंग अधिकारियों, सीनियर व जूनियर रेजिडेंट्स, फैकल्टी, हेल्थ केयर वर्करों, सुरक्षागार्ड, हाउसकीपिंग स्टाफ आदि को विभिन्न श्रेणियों में पुरस्कार दिए गए। अभियान के समापन पर कार्यक्रम के आयोजन सचिव डॉ. प्रसन्न कुमार पंडा ने बताया कि वाॅव-2025 आयोजन के दौरान संस्थान ने विभिन्न विभागों जैसे चिकित्सा, फार्माकोलॉजी, माइक्रोबायोलॉजी, नर्सिंग कॉलेज और नर्सिंग सेवाओं के सहयोग से विभिन्न स्थानों पर कई कार्यक्रमों का आयोजन किया जो आम जनता में एंटीबायोटिक दवाओं के सही उपयोग करने हेतु संदेश देने में सफल रहे।
अलग-अलग स्थानों पर आयोजित किए गए विभिन्न कार्यक्रमों के दौरान डीन एकेडेमिक प्रो. जया चतुर्वेदी, चिकित्सा अधीक्षक प्रो. बी. सत्या श्री, डाॅ. अमित त्यागी, डॉ. वन्या सिंह, डॉ. गौरव चिकारा,डाॅ. महेन्द्र सिंह, डाॅ. अखिलेश पी, नर्सिंग फेकल्टी डाॅ. रूपिन्द्र देओल, डाॅ. मनीष शर्मा, डीएनएस जीनू जैकेब, श्रीकांत देसाई, पुष्पा रानी, निखिल सहित कई अन्य मौजूद रहे।