विभिन्न प्रदेशों के 40 लोग दयानंद आश्रम के माध्यम से दो बसो के द्वारा कुंजापुरी मन्दिर दर्शन को आए थे जिसमें लौटते समय वाहन बैक करते समय बस संख्या – UK 14 PA 1769 के ब्रेक फेल हो गये तथा खाई की तरफ गिर गयी जिसमें कुल 18 लोग शामिल थे जिनमें 07 घायलों को एम्स ऋषिकेश रैफर किया गया जबकि 05 लोगों का उपचार नरेन्द्रनगर में चल रहा है । दुर्घटना में 05 लोगों की मृत्यु हो गयी है जबकि 01 मामूली घायल व्यक्ति विनोद कुमार पाण्डेय को प्राथमिक उपचार के बाद वापिस दयानन्द आश्रम भेज दिया गया है ।
जबकी घायलों में नरेश चौहान,
दीक्षा, चैतन्य जोशी, शिव कुमार शाह, माधूरी, राकेश, दीप शिखा को एम्स रैफर किया गया जबकि शेष घायलों में
बालकृष्ण, अर्चिता गोयल,
प्रशान्त धुर्व, प्रतिमा धुर्व, राकेश व
वाहन चालक शम्भू सिंह का उपचार उप जिला चिकित्सालय नरेन्द्रनगर में चल रहा है ।
घटना की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी टिहरी गढ़वाल नीतिका खण्डेलवाल व एसएसपी आयुष अग्रवाल घटना स्थल पर पहुंचकर राहत एवं बचाव में लगी पुलिस एसडीआरएफ, फायर सर्विस व जनता के साथ मिलकर चलाये गये रेस्क्यू कार्यो एवं घायलों को अस्पताल पहुंचाने सम्बन्धी कार्यो का जायजा लिया एवं सम्बन्धित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए ।
उन्होंने अस्पताल में पहुंचकर घायलों से वार्ता कर उनके स्वास्थ्य का हाल चाल जाना तथा गम्भीर घायलो को एम्स रैफर कराने के निर्देश सम्बधितो को दिए ।
मौके पर सीएमओ श्याम विजय, एआरटीओ सत्येन्द्र राज, उप जिलाधिकारी आशीष घिल्डियाल सहित बचाव व राहत दल के कर्मो उपस्थित थे ।
देहरादून : गोवा में आयोजित 56वें भारतीय अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (इफ्फी) के अन्तर्गत आयोजित आईएफएफआई वेव्स फिल्म बाजार 2025 में विभिन्न देशों एवं भारत के विभिन्न राज्य सरकारों के पवेलियन बनाए गए हैं। 20 नवंबर से 24 नवंबर 2025 तक चलने वाले वेव्स फिल्म बाज़ार में उत्तराखंड पवेलियन सभी फिल्म निर्माताओं एवं निर्देशकों के लिए आकर्षण का केंद्र बना रहा।
उत्तराखंड फिल्म विकास परिषद के संयुक्त मुख्यकार्यकारी अधिकारी एवं नोडल अधिकारी डॉ. नितिन उपाध्याय ने बताया कि फिल्म बाज़ार में उत्तराखंड राज्य द्वारा प्रतिभाग किया गया। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड पवेलियन में देश विदेश के फिल्म निर्माता और निर्देशकों द्वारा राज्य की फिल्म नीति के बारे में जानकारी ली गई। बंगाली, तमिल, मलयालम, गुजराती, मराठी आदि भाषाओं के फिल्म निर्माताओं द्वारा भी फिल्मों की शूटिंग में रुचि दिखाई गई है। राज्य सरकार द्वारा दिए जाने वाले सहयोग एवं सुविधाओं की सराहना भी की गई। कई विदेशी फिल्म निर्माता और निर्देशकों द्वारा उत्तराखंड में शूटिंग करने पर सहमति प्रदान की गई है।
फिल्म बाजार में आगामी वर्ष 2026 में होने वाली राजजात यात्रा के बारे में भी फिल्म निर्माताओं को जानकारी दी गई, जिसमें कई विदेशी फिल्म मेकर द्वारा डॉक्यूमेंट्री शूट करने की बात की गई है। डॉ उपाध्याय ने बताया कि मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा दिए गए निर्देशों का ही परिणाम है कि आज उत्तराखंड की फिल्म नीति की सराहना देश दुनिया में हो रही है।
उत्तराखंड पवेलियन में ऑस्ट्रेलियन फिल्म मेकर सुवीं ग्राहम द्वारा बताया गया कि उनके द्वारा आगामी फरवरी माह में उत्तराखंड भ्रमण कर शूटिंग लोकेशन देखने आएंगी। इसके साथ ही फिल्म आर्ट हांगकांग, फ़िनलैंड वेगा, रूस, स्टेट सिनेमा सेण्टर-किर्ग़िज़स्तान, जेट्रो -जापान, नूज़ीलैण्ड फिल्म कमीशन, जीरो ग्रेविटी पिक्चर्स के प्रतिनिधियों द्वारा राज्य की फिल्म नीति के बारे में जानकारी ली गई।
अंतरराष्ट्रीय फिल्म निर्माता और बॉम्बे बर्लिन फिल्म प्रोडक्शंस के सीईओ श्री अरफ़ी लांबा द्वारा भी राज्य की फिल्म नीति की सराहना की गई। उन्होंने बताया कि उनकी कम्पनी देश विदेश के फिल्म निर्माताओं के साथ कार्य करती है। उनका प्रयास रहेगा कि विदेशी फिल्म निर्माताओं को उत्तराखंड लाया जाय।
सूचना मंत्रालय, भारत सरकार डायरेक्टर फिल्म्स श्री राजेश कुमार शर्मा एवं उनकी टीम द्वारा भी उत्तराखंड पवेलियन का भ्रमण किया गया एवं राज्य सरकार की फिल्म नीति की सराहना की गई।
देहरादून: चन्द्रबनी निवासी प्रियंका कुकरेती ने माह अक्टूबर में अपनी माता संग जिलाधिकारी सविन बंसल से उनके कार्यालय कक्ष में मिलकर गुहार लगाई थी कि उनकेे परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद खराब है, पिता की वर्ष 2021 में मृत्यु हो गई है भाई दिव्यांग है। जिस पर जिला प्रशासन ने प्रियंका को रायफल फंड से 25 हजार आर्थिक सहायता प्रदान की थी।
प्रियंका द्वारा जिलाधिकारी से रोजगार दिलाने का अनुरोध किया गया था जिस पर प्रियंका को उनकी योग्यता के अनुसार निजी शैक्षिण संस्थान में रोजगार दिलाया था। निजी संस्थान में नौकरी मिलने उपरांत अपनी माता संग जिला प्रशासन का धन्यवाद करने कलेक्ट्रेट पहुंची प्रियंका ने जिलाधिकारी से मुलाकात कर उनका व उनकी टीम का धन्यवाद किया।
विगत दिवस प्रियंका अपनी माता संग जिलाधिकारी को धन्यवाद देने पंहुची कलेक्टेªट पंहुची। जिलाधिकारी ने पूछा की क्या आप नौकरी के साथ आगे पढाई जारी रखना चाहती हैं, जिस पर प्रियंका ने हामी भरी, जिलाधिकारी ने तत्काल ही प्रियंका की एमटैक में दाखिला दिलाने हेतु सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देशित किया। प्रियंका की उच्च शिक्षा में होने वाले किताबों, फीस का वहन जिला प्रशासन एवं निजी संस्थान करेगा।
मुख्यमंत्री के शिक्षित बेटियां सशक्त समाज के संकल्प को जिल प्रशासन देहरादून चरितार्थ कर रहा है। जिला प्रशासन के एकल स्ट्रोक से खराब आर्थिक रूप से ग्रसित असहाय, व्यथित कन्याओं, बालिकाओं को शिक्षित, सेवायोजित करने व मातृशक्ति को सशक्त बनाने हेतु निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
खराब आर्थिक स्थिति से ग्रसित बिन पिता की होनहार इंजीनियर बेटी प्रियंका कुकरेती को निजी संस्थान में बतौर लैब आफिसर्स सेवायोजित करने के उपरान्त अब जिला प्रशासन प्रियंका की शिक्षा को पुनर्जीवित करते हुए। एमटैक में दाखिला दिलाने जा रहा है, जिसके लिए जिलाधिकारी ने सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देशित किया है।
अगले सत्र में प्रियंका को इसी संस्थान में स्नात्कोत्तर में दाखिला मिल जाएगा। प्रियंका को जल्द ही निजी संस्थान में एमटैक में दाखिला मिल जाएगा, डीएम ने वचन दिया है। साथ ही कहा कि वह अपनी शिक्षा जारी रखे जिला प्रशासन हरसंभव मदद करेगा। जिला प्र्रशासन प्रतिभाशाली बेटियों के कदम नहीं रुकने देगा इसके लिए प्रशासन हरहाल मेें बेटियों की शिक्षा पुनर्जीवित करने हेतु निरंतर प्रयासरत है।
जिलाधिकारी के सम्मुख आए दिन ऐसे प्रकरण आ रहे जिससे पारिवारिक स्थति खराब होने के कारण होनहार बेटियों की शिक्षा बाधित हो रही है। इसी के लिए जिला प्रशासन नंदा-सुनंदा योजना के अन्तर्गत बालिकाओं की शिक्षा को पुनर्जीवित किया जा रहा है। अब तक लभभग 32 लाख धनराशि से 90 बालिआकों की शिक्षा पुनर्जीवित की गई है।
भारत पाकिस्तान सीमा पर उत्तराखंड के चंपावत के जवान की संदिग्ध परिस्थितियों में गोली लगने से निधन की खबर सामने आई है। पाटी विकास खंड के खरही गांव निवासी अग्निवीर जवान दीपक सिंह की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत से स्वजन में कोहराम मच गया है। दीपक जम्मू कश्मीर के पुंछ जिले में नियंत्रण रेखा के पास सेना की अग्रिम चौकी में तैनात थे।
जवान दो साल पहले ही बतौर अग्निवीर भर्ती हुआ था। वहीं, अग्निवीर जवान के निधन की सूचना से पूरे जिले सहित प्रदेशभर में शोक की लहर है। बताया जा रहा कि जवान का पार्थिव शरीर सोमवार तक उनके पैतृक गांव पहुंचने की संभावना है. दीपक दस दिन पहले ही वह छुट्टी काटकर ड्यूटी में वापस लौटे थे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने फोन पर वार्ता कर बैडमिंटन खिलाड़ी लक्ष्य सेन को ऑस्ट्रेलियन ओपन सुपर 500 खिताब जीतने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ प्रेषित की हैं ।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लक्ष्य सेन की यह शानदार उपलब्धि उत्तराखण्ड ही नहीं, सम्पूर्ण देश के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि लक्ष्य की मेहनत, समर्पण और निरंतर उत्कृष्ट प्रदर्शन हमारे सभी युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है और यह साबित करता है कि लगन, अनुशासन और कड़ी मेहनत के साथ हर कठिन लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है।
मुख्यमंत्री ने लक्ष्य सेन के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए आशा व्यक्त की कि वे आगे भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश और देवभूमि उत्तराखंड का नाम इसी प्रकार रोशन करते रहेंगे बता दें कि लक्ष्य सेन 2019 में दो सुपर 100 खिताब – डच ओपन और सारलोरलक्स ओपन – के साथ-साथ 2022 में इंडिया ओपन सुपर 500 और 2023 में कनाडा ओपन सुपर 500 भी अपने नाम कर चुके हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज अजमेर, राजस्थान स्थित अखिल भारतीय उत्तराखंड धर्मशाला आश्रम, तीर्थराज पुष्कर के द्वितीय तल का लोकार्पण किया। इस अवसर पर आयोजित विशेष कार्यक्रम में बड़ी संख्या में प्रवासी उत्तराखंडी, स्थानीय नागरिक तथा विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सर्वप्रथम वे तीर्थराज पुष्कर की पवित्र भूमि पर विराजमान सृष्टि के आदि रचयिता, वेदों के प्रणेता भगवान ब्रह्माजी को साष्टांग प्रणाम करते हैं। उन्होंने कहा कि तीर्थराज पुष्कर की इस तपोमय भूमि पर उपस्थित होना उनके लिए अत्यंत सौभाग्य एवं प्रसन्नता का विषय है।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि धार्मिक ग्रंथों में पुष्कर, कुरुक्षेत्र, हरिद्वार, गया और प्रयाग को पंचतीर्थ के रूप में वर्णित किया गया है। इनमें भी ब्रह्माजी की यज्ञस्थली पुष्कर को समस्त तीर्थों का गुरु कहा गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पुष्कर केवल एक तीर्थ नहीं बल्कि सनातन संस्कृति की अनश्वर ज्योति है जो मानवता को सदैव धर्म, तप, त्याग और सद्गुणों के पथ पर चलने की प्रेरणा देती रही है।
उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा का पुण्य तभी पूर्ण माना जाता है जब तीर्थराज पुष्कर के पावन सरोवर में स्नान किया जाए। मुख्यमंत्री ने भावुक होते हुए बताया कि संभवतः इसी आध्यात्मिक महिमा और आभा से प्रेरित होकर उनके माता-पिता ने उनका नाम ‘पुष्कर’ रखा।
मुख्यमंत्री श्री धामी ने आयोजन समिति और प्रवासी उत्तराखंडियों का धन्यवाद करते हुए कहा कि वे राजस्थान में नहीं बल्कि देवभूमि के अपने परिजनों के बीच होने का अनुभव कर रहे हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह धर्मशाला आने वाले समय में श्रद्धालुओं के लिए एक महत्वपूर्ण आश्रय स्थल बनने के साथ-साथ उत्तराखंड और राजस्थान के बीच सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और सामाजिक संबंधों को और अधिक सुदृढ़ करेगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सांस्कृतिक पुनर्जागरण
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत की सनातन संस्कृति विश्व पटल पर नई पहचान बना रही है। अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण, काशी विश्वनाथ कॉरिडोर, महाकाल लोक, केदारनाथ-बद्रीनाथ धामों के पुनर्निर्माण जैसे कार्यों ने भारतीय आध्यात्मिक धरोहर को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सरकार भी पीएम मोदी जी के मार्गदर्शन में केदारखंड एवं मानसखंड मंदिर क्षेत्रों के सौंदर्यीकरण, श्रीकृष्ण यमुना तीर्थ सर्किट, हरिद्वार–ऋषिकेश कॉरिडोर, शारदा कॉरिडोर सहित अनेक महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर कार्य कर रही है। इसके साथ ही दून विश्वविद्यालय में ‘सेंटर फॉर हिन्दू स्टडीज’ की स्थापना भी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
सांस्कृतिक स्वरूप व सामाजिक सौहार्द की रक्षा हेतु कठोर कदम
मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड संपूर्ण भारत की आस्था और संस्कृति का केंद्र है। इस पवित्र भूमि के मूल स्वरूप की रक्षा हेतु राज्य सरकार ने कई महत्वपूर्ण और कठोर निर्णय लिए हैं। जबरन धर्मांतरण के विरुद्ध कठोर कानून लागू किया गया। लैंड जिहाद, लव जिहाद और थूक जिहाद जैसी घृणित मानसिकताओं पर कड़ी कार्रवाई की जा रही है। दंगारोधी कानून लागू कर दंगाइयों से ही क्षति की भरपाई की व्यवस्था की गई है। प्रदेश में हरा–नीला–पीला कपड़ा लगाकर सरकारी भूमि पर किए गए अवैध कब्जों को चिन्हित कर 10 हजार एकड़ से अधिक भूमि को मुक्त कराया गया। देश में सबसे पहले समान नागरिक संहिता (UCC) लागू की गई, जिससे सभी नागरिकों के लिए एक समान कानून व्यवस्था सुनिश्चित हुई। प्रदेश में नया कानून लागू कर मदरसा बोर्ड समाप्त किया गया और सभी विद्यालयों में सरकारी बोर्ड मान्यता प्राप्त पाठ्यक्रम अनिवार्य किया गया। 250 से अधिक अवैध मदरसों को बंद किया गया। “ऑपरेशन कालनेमि” के तहत धार्मिक स्थलों पर भेष बदलकर पाखंड फैलाने वाले तत्वों पर सख्त कार्रवाई जारी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य देवभूमि में अलगाववादी सोच नहीं बल्कि ज्ञान और संस्कार के मंदिर स्थापित करना है।
प्रवासी उत्तराखंडियों से आग्रह
मुख्यमंत्री ने उपस्थित उत्तराखंडियों से आह्वान किया कि वे जहाँ भी रहें, अपने राज्य की संस्कृति, पहचान और पूर्वजों की गौरवशाली परंपरा को सदैव गर्व के साथ आगे बढ़ाएं।उन्होंने कहा कि “हमारा संकल्प है कि उत्तराखंड को देश की आध्यात्मिक राजधानी बनाएं। ‘विकल्प रहित संकल्प’ के मंत्र के साथ हम निरंतर आगे बढ़ रहे हैं और इसमें प्रत्येक उत्तराखंडी अपनी निष्ठा एवं परिश्रम के साथ योगदान देगा।”
आश्रम निर्माण में सहयोग हेतु आभार
कार्यक्रम में यह भी उल्लेख किया गया कि आश्रम के निर्माण हेतु उत्तराखंड सरकार द्वारा एक करोड़ रुपए की सहयोग राशि प्रदान की गई थी, जिसके लिए मुख्यमंत्री धामी का हार्दिक आभार व्यक्त किया गया।
कार्यक्रम में ओंकार सिंह लखावत, अध्यक्ष – राजस्थान धरोहर संरक्षण प्राधिकरण एवं वरिष्ठ भाजपा नेता, सुरेश सिंह रावत, विधायक एवं माननीय मंत्री – राजस्थान सरकार, लोकबंधु, जिलाधिकारी – अजमेर,
एस. एस. तड़ागी, अध्यक्ष – अखिल भारतीय उत्तराखंड आश्रम, राजेंद्र व्यास व बड़ी संख्या में प्रवासी उत्तराखंडी एवं स्थानीय प्रशासन के अधिकारी उपस्थित रहे ।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से शनिवार को मुख्यमंत्री आवास में सिडकुल इंटरप्रेन्योर वेलफेयर सोसाइटी पंतनगर के प्रतिनिधि मंडल ने भेंट की। उन्होंने मुख्यमंत्री को रजत जयंती उत्सव के साथ ही मुख्यमंत्री के कुशल नेतृत्व में राज्य में बेहतर औधोगिक वातावरण के सृजन के लिए उनका आभार जताया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में उद्योगों को बढावा देने के लिए उद्योगों के लिए अनुकूल नीतियां बनाई गयी हैं। उन्होंने सोसाईटी के प्रतिनिधियों से प्रदेश में उद्योगों को बढ़ावा देने में सहयोगी बनने की अपेक्षा करते हुए कहा कि, किच्छा खुरपिया पार्क के विकास के साथ ही अमृतसर कोलकता औद्योगिक गलियारा उधमसिंह नगर जनपद को उद्योग के क्षेत्र में नये आयाम स्थापित करने में मददगार होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के आर्थिक एवं समग्र विकास में सभी को सहयोगी बनना होगा। सभी के समेकित प्रयासों से ही हम उत्तराखण्ड उत्तराखण्ड को अग्रणी राज्य बनाने में सफल होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि किच्छा खुरपिया फार्म में औद्योगिक स्मार्ट सिटी व सेटेलाईट एम्स क्षेत्र के विकास को भी गति मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में उद्योग को बढ़ावा देने एवं उद्यमियों की सुविधा के लिए जिलाधिकारियों एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों को उद्यमियों की सुविधाओं एवं सहयोग करने के स्पष्ट निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि प्रदेश किसी भी स्तर पर किसी का भी उत्पीड़न न होने दिया जाएगा और न ही इसकी किसी को इजाजत दी जाएगी। राज्य सरकार की भ्रष्टाचार के विरुद्ध जीरो टोलरेंस की नीति रही है। राज्य में किसी भी स्तर पर कोई गलत कार्य न हो इसके लिए भी प्रभावी प्रयास किए जा रहे है। राज्य में बेहतर कानून व्यवस्था की निरंतर समीक्षा की जा रही है। उन्होंने कहा कि निवेश के लिए राज्य में बड़े औद्योगिक संस्थानों द्वारा इच्छा जताई जा रही है। अच्छे व बड़े उद्योग राज्य में स्थापित हो इसके लिए हम प्रयासरत है।
उन्होंने कहा कि किच्छा के पास पंतनगर में 700 करोड़ की लागत से अंतरराष्ट्रीय स्तर का एयरपोर्ट बनने से क्षेत्र का स्वर्णिम विकास होगा। इसके लिए लगभग 900 एकड़ भूमि एयरपोर्ट विस्तारीकरण के लिए हस्तगत कर दी गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में उधम सिंह नगर के खुरपिया में एक हजार एकड़ में एक इंडस्ट्रियल स्मार्ट सिटी स्थापित की जा रही है जिससे अरबों का निवेश होगा तथा लाखों लोगों को रोजगार मिलेगा। इससे क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
मुख्यमंत्री ने एक बार फिर सभी से अपील की कि वे किसी भी कार्यक्रम में गुलदस्ता नहीं पुस्तक भेंट करने की परंपरा को आगे बढ़ाएं इससे आम जनमानस में पुस्तकों के प्रति लगाव बढ़ेगा।
इस अवसर पर सोसाईटी के अध्यक्ष श्री धर सिन्हा, संरक्षक अजय तिवारी, महामंत्री गौरव हरीश, विनीत शर्मा आदि उपस्थित थे।
देहरादून। सेलाकुई इंटरनेशनल स्कूल ने शनिवार को अखिल भारतीय टेनिस संघ (एआईटीए) की नेशनल सीरीज अंडर-12 टेनिस प्रतियोगिता का सफल आयोजन कर देहरादून को देश के जूनियर टेनिस मानचित्र पर स्थापित कर दिया। यह पहली बार था जब देहरादून में राष्ट्रीय स्तर की यह प्रतियोगिता आयोजित हुई।
तीन दिवसीय इस प्रतियोगिता में देशभर से आए 45 बालक और 24 बालिकाओं ने सिंगल्स व डबल्स वर्ग में अपने हुनर का प्रदर्शन किया। कुल 89 रोमांचक मुकाबले खेले गए। टूर्नामेंट की रेफरी की जिम्मेदारी आईटीएफ प्रमाणित और एआईटीए के वरिष्ठ अधिकारी श्री एंटन डिसूजा ने संभाली, जो 2005 से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रेफरी के रूप में सेवाएँ दे रहे हैं।
समापन समारोह में स्कूल के चेयरमैन श्री ओम पाठक और प्रधानाचार्य डॉ. दिल्लीप कुमार पांडा ने विजेता खिलाड़ियों को पुरस्कार वितरित किए। श्री पाठक ने युवा प्रतिभाओं को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि यह टूर्नामेंट स्कूल के खेल कैलेंडर का नियमित हिस्सा बनेगा।
प्रमुख परिणाम इस प्रकार रहे –
बालिका वर्ग डबल्स में असीस ब्रार और चौधरी मीरा सिंह ने फाइनल में सर्वी जाफरैन और त्याक्षी लाठर को हराकर खिताब जीता।
बालक वर्ग डबल्स में ईथन लाहोटी और रियान नंदनकर की जोड़ी ने आरिव गुप्ता और कनिष्क की जोड़ी को पराजित कर चैंपियनशिप अपने नाम की।
बालिका सिंगल्स में असीस ब्रार ने शानदार प्रदर्शन करते हुए चौधरी मीरा सिंह को फाइनल में हराया और दूसरा खिताब भी अपने नाम किया।
बालक सिंगल्स में हारिस खान ने फाइनल में ईथन लाहोटी को मात देकर चैंपियन का खिताब हासिल किया।
इस टूर्नामेंट में असीस ब्रार का प्रदर्शन सबसे उल्लेखनीय रहा, जिन्होंने सिंगल्स और डबल्स दोनों में विजय हासिल की। वहीं ईथन लाहोटी भी दोनों वर्गों में फाइनल तक पहुँचकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।
स्कूल प्रबंधन ने बताया कि इस आयोजन की सफलता को देखते हुए अगले वर्ष से यह टूर्नामेंट देहरादून के वार्षिक खेल कैलेंडर का स्थायी हिस्सा बनेगा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि श्रम सुधारों से देश के कार्यबल में नए युग का शुभारंभ हुआ है। आत्मनिर्भर भारत के संकल्प के लिहाज से चार श्रम संहिताओं को लागू किया जाना एक महत्वपूर्ण फैसला है। इसके दूरगामी सार्थक परिणाम निकलेंगे। उन्होंने कहा है कि राज्य सरकार श्रम संहिताओं के अनुपालन के लिए कटिबद्ध है। उन्होंने श्रम सुधारों के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का आभार प्रकट किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश में नई कार्य संस्कृति ने स्थान पाया है। नई नीतियों का निर्धारण देश को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा है कि पूर्व के श्रम कानूनों से असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों का एक बड़ा वर्ग बाहर था। वहीं इनके लिए सामाजिक सुरक्षा का भी अभाव था। न्यूनतम वेतन का प्राविधान भी चुनिंदा क्षेत्रों तक ही सीमित था। इन श्रम कानूनों से व्यापारिक सुगमता भी प्रभावित हो रही थी। विदेशी निवेश पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा था। इंस्पेक्टर राज की व्यवस्था से व्यापार एवं उद्योगों पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा था। इस दृष्टिकोण से भारत सरकार ने श्रम सुधार कर ऐतिहासिक कदम उठाया है।
उन्होंने कहा है कि नए कानून के प्रावधान श्रमिकों के हितों की मजबूती से रक्षा करते हैं। उन्होंने कहा है कि सभी के लिए न्यूनतम और समय पर वेतन, नियुक्ति पत्र की अनिवार्यता जैसे प्राविधान अभूतपूर्व हैं। श्रम सुधार 40 करोड़ श्रमिकों के लिए सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं। महिला श्रमिकों को समान अवसर और समान वेतन के साथ ही रात्रि पाली में काम करने की स्वतंत्रता प्रदान की गई है, जो कि नारी शक्ति को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा फैसला है।
मुख्यमंत्री का कहना है कि निश्चित अवधि के कर्मचारियों को एक वर्ष की सेवा के बाद ग्रेच्युटी, श्रमिकों के लिए निःशुल्क वार्षिक स्वास्थ्य जांच की अनिवार्यता, जोखिम भरे कार्य क्षेत्र में काम करने वाले श्रमिकों के लिए सौ प्रतिशत स्वास्थ्य सुरक्षा जैसे प्राविधान बेहद अहम हैं। उन्होंने कहा है कि श्रम सुधारों से राज्य में जहां श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा के साथ-साथ बेहतर कार्य वातावरण मिलेगा, वहीं व्यवसाय एवं उद्योगों में अनुकूल वातावरण मिलने से कार्य सुगमता होगी। उन्होंने कहा है कि इन श्रम कानूनों से राज्य के श्रमिक एवं उद्योग दोनों ही पक्ष लाभान्वित होंगे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की उपस्थिति में आज मुख्यमंत्री आवास में उत्तराखंड के भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों की एक अनौपचारिक बैठक आयोजित की गई। बैठक में राज्य के मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन सहित सभी वरिष्ठ एवं युवा IAS अधिकारी उपस्थित रहे। यह बैठक वर्तमान में चल रहे प्रशासनिक अधिकारी सम्मेलन (AOC) के संदर्भ में थी |
बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों का स्वागत करते हुए कहा कि यह किसी औपचारिक संबोधन का अवसर नहीं है, बल्कि उनकी प्रशासन के लिए संवेदनशील और आत्मीय भावनाओं को साझा करने का अवसर है।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड ने अपनी 25 वर्ष की यात्रा में अनेक चुनौतियों का सामना किया है और इन उपलब्धियों के पीछे राज्य के प्रशासनिक तंत्र की कड़ी मेहनत, निष्ठा और दूरदर्शिता का महत्वपूर्ण योगदान है। मुख्यमंत्री ने कहा कि—
“आप सभी ने कठिन परिस्थितियों में भी उत्कृष्ट नेतृत्व क्षमता और संवेदनशील प्रशासन का परिचय दिया है। इसके लिए मैं आप सभी को हृदय से साधुवाद देता हूँ।”
“ये समय रुकने का नहीं, आगे बढ़ने का है”—मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह समय अधिक गति, अधिक दृढ़ता और अधिक संकल्प के साथ काम करने का है। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के शब्द—
“ये दशक उत्तराखंड का दशक है”
का उल्लेख करते हुए कहा कि इस संकल्प को साकार करना उत्तराखंड के प्रशासन का दायित्व है।
उन्होंने कहा कि आने वाले पाँच वर्ष उत्तराखंड के लिए निर्णायक होंगे और हमें राज्य को ऐसे मोड़ पर लेकर जाना है, जहाँ हर नागरिक यह महसूस करें कि राज्य निर्णायक और सकारात्मक परिवर्तन से गुजर रहा है।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि—प्रशासन को तेजी और पारदर्शिता के साथ काम करना होगा। हर योजना और निर्णय लक्ष्य-आधारित और जन-केंद्रित होना चाहिए। व्यवस्था ऐसी बने कि फाइलों का निस्तारण समयबद्ध हो। योजनाओं का प्रभाव जमीनी स्तर पर तुरंत दिखाई दे |हर प्रक्रिया में जवाबदेही स्पष्ट हो।
“ये केवल नौकरी नहीं, समाज सेवा का दायित्व है”—मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को उनकी मूल भावना का स्मरण कराते हुए कहा कि उन्होंने यह सेवा धन, पद या सुरक्षा के लिए नहीं चुनी होगी, बल्कि राष्ट्र एवं समाज के लिए कुछ करने की भावना से चुनी होगी।
उन्होंने कहा कि: “आपके निर्णय सीधे लाखों लोगों को प्रभावित करते हैं। इसलिए संवेदनशीलता, दूरदृष्टि और तथ्यपरक सोच अत्यंत आवश्यक है।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि कभी-कभी जनता की शिकायतें प्रशासन की छवि को आहत करती हैं। लालफीताशाही, शिकायत न सुने जाने और फाइलों में अनावश्यक देरी जैसी बातें व्यवस्था पर नकारात्मक प्रभाव डालती हैं। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को जनता के विश्वास को सर्वोपरि रखना चाहिए।
प्रेरणा के उदाहरण प्रस्तुत करते हुए मुख्यमंत्री का संबोधन
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासनिक इतिहास में सूर्यप्रताप सिंह, टी. एन. शेषन, नृपेंद्र मिश्र जैसे अनेक अधिकारी ऐसे रहे हैं जिन्होंने अपनी ईमानदारी, संकल्प और जनसेवा के माध्यम से समाज में स्थायी छाप छोड़ी।
मुख्यमंत्री ने कहा—“पद की प्रतिष्ठा आपके कार्यकाल तक है, लेकिन आपके कार्यों का सम्मान आजीवन रहता है।” उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे अपने पद को केवल नौकरी नहीं, बल्कि समाज सेवा का पवित्र अवसर समझें।
“उदासीनता की कोई जगह नहीं”—मुख्यमंत्री का स्पष्ट संदेश
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के ‘नए भारत’ में उदासीन कार्यशैली बर्दाश्त नहीं की जाती। उन्होंने निर्देश दिए कि—कोई भी कार्य अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए।निर्णय तेजी और सूझबूझ से लिए जाएं। सभी योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों तक पारदर्शिता और समयबद्धता से पहुँचे। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को अपने क्षेत्रों में मासिक समीक्षा, निरंतर मॉनिटरिंग, और साइट निरीक्षण को सुनिश्चित करना चाहिए।
“विकल्प रहित संकल्प” के साथ कार्य करने की आवश्यकता
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार “विकल्प रहित संकल्प” के मंत्र के साथ उत्तराखंड को देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करने के लिए कार्यरत है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि IAS अधिकारी अपनी निष्ठा, मेहनत और संकल्प के साथ इस लक्ष्य को प्राप्त करने में अग्रणी भूमिका निभाते रहेंगे।
कार्यक्रम में मुख्य सचिव ने वर्तमान में चल रहे प्रशासनिक अधिकारी सम्मेलन (AOC) के अनुभव साझा किये ।