Category: उत्तराखंड

  • AI कितना भी उन्नत हो जाए, किताबों का कोई विकल्प नहीं: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी

    AI कितना भी उन्नत हो जाए, किताबों का कोई विकल्प नहीं: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज मुख्यमंत्री आवास में वरिष्ठ पत्रकार एवं प्रतिष्ठित लेखक श्री जय सिंह रावत द्वारा लिखित पुस्तक “उत्तराखंड राज्य का नवीन राजनीतिक इतिहास” का विमोचन किया। यह पुस्तक उत्तराखंड राज्य के राजनीतिक, प्रशासनिक एवं क्रमिक विकास की संपूर्ण और प्रामाणिक दस्तावेज़ी यात्रा को प्रस्तुत करती है।

    कार्यक्रम के शुभारंभ में मुख्यमंत्री ने उपस्थित महानुभावों, लेखकों, पत्रकारों तथा जनप्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए लेखक श्री जय सिंह रावत को इस महत्वपूर्ण कार्य के लिए हार्दिक बधाई दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि वरिष्ठ पत्रकार जय सिंह रावत जी ने राज्य के गठन के बाद की 25 वर्षों की राजनीतिक यात्रा को जिस सुसंगतता और प्रमाणिकता के साथ संकलित किया है, वह अत्यंत सराहनीय है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के इतिहास, संस्कृति और लोक परंपराओं पर कई पुस्तकें उपलब्ध हैं, लेकिन राज्य स्थापना के बाद की ढाई दशक की घटनाओं को तथ्यों, दस्तावेजों और विश्लेषण के आधार पर संग्रहित करना एक चुनौतीपूर्ण कार्य है, जिसे लेखक ने उत्कृष्टता के साथ प्रस्तुत किया है। उन्होंने बताया कि पांच भागों में विभाजित यह पुस्तक शोधार्थियों, विद्यार्थियों और प्रशासनिक सेवाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए विशेष रूप से उपयोगी सिद्ध होगी।

    मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि राज्य बनने के बाद उत्तराखंड ने एक लंबा राजनीतिक अस्थिरता का दौर भी देखा, जिसका प्रभाव विकास की गति पर पड़ा। रावत जी ने इस संपूर्ण कालखंड का प्रामाणिक प्रस्तुतिकरण करते हुए दुर्लभ दस्तावेज़ों और प्रेस कतरनों की मदद से एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक संकलन तैयार किया है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि “इतिहास लिखना एक गंभीर दायित्व है, जिसमें तथ्य, दृष्टि और ईमानदारी का होना आवश्यक है। श्री रावत जी ने पत्रकारिता की निष्ठा और निर्भीकता के साथ इस कालखंड को सहेजने का कार्य किया है।”

    पुस्तक अध्ययन पर बल देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के इंटरनेट युग में जानकारी तत्काल उपलब्ध हो जाती है, लेकिन किताबों का महत्व कभी कम नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि पुस्तकें हमारे विचारों को गहराई देती हैं और ज्ञान को स्थायी रूप से संजोती हैं।

    मुख्यमंत्री ने सभी से अपील की कि—
    “ किसी भी कार्यक्रम में ‘बुके नहीं, बुक दीजिए’। इससे जहां पुस्तकों के प्रति रुचि बढ़ेगी, वहीं लेखकों को भी प्रेरणा मिलेगी।”

    मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के इस तेज़ी से बदलते दौर में तकनीक का उपयोग आवश्यक है, लेकिन इसके साथ ही अपनी गढ़वाली, कुमाऊँनी, जौनसारी सहित सभी क्षेत्रीय भाषाओं और बोलियों को सुरक्षित रखना हम सभी का सामूहिक दायित्व है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्यार्थियों को अपनी मातृभाषा में भाषा कंटेंट, साहित्य, और लोक परंपरा से जुड़े कार्यों को बढ़ावा देना चाहिए। सरकार भी इस दिशा में गंभीरता से प्रयास कर रही है तथा नई पीढ़ी के कंटेंट क्रिएटर के लिए इस दिशा में प्रतियोगिताएं आयोजित कर रही है | उन्होंने कहा कि राज्य स्तर पर स्थानीय भाषाओं में लेखन, गीत-संग्रह, शोध और डिजिटल कंटेंट तैयार करने वाले विद्यार्थियों को प्रोत्साहन और सम्मान दिए जाने की दिशा में सरकार सतत प्रयासरत है।

    उन्होंने कहा कि “ भाषा, संस्कृति और रीति–रिवाज़ केवल अभिव्यक्ति के माध्यम नहीं, बल्कि हमारी पहचान और विरासत की नींव हैं। इसलिए आवश्यक है कि हम अपनी बोली-भाषाओं का संरक्षण करें और आने वाली पीढ़ियों में इनके प्रति गर्व की भावना विकसित करें।”

    मुख्यमंत्री ने कहा कि आज की नई पीढ़ी को यह बताना बहुत ज़रूरी है कि हमारे पूर्वजों ने कितनी कठिनाइयों और संघर्षों के बीच अपनी परंपराओं, सामाजिक मूल्यों और भाषा को बचाए रखा। उन्होंने कहा कि जब बच्चे अपनी जड़ों को समझते हैं, तो उनमें आत्मविश्वास और सांस्कृतिक चेतना मजबूत होती है।

    पुस्तक पढ़ने की आदत पर बल देते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि “AI कितनी भी उन्नत क्यों न हो जाए, पुस्तकों को रिप्लेस करने का कोई अवसर नहीं है। पुस्तकें केवल ज्ञान का स्रोत नहीं, बल्कि सोचने, समझने और सीखने की एक गहरी प्रक्रिया हैं।”

    मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से अपील की कि वे अपने घरों, विद्यालयों और समुदायों में स्थानीय भाषाओं के उपयोग को बढ़ावा दें तथा साहित्य और लोक संस्कृति को नई पीढ़ी तक पहुँचाने का प्रयास करें। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार भाषा संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए अनेक नई पहलें प्रारंभ कर रही है और आगे भी इस दिशा में प्रभावी कदम उठाए जाएंगे।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार स्थानीय बोली-भाषाओं, साहित्य और पारंपरिक बोलियों के डिजिटलाइजेशन पर विशेष ध्यान दे रही है, ताकि गढ़वाली, कुमाऊँनी, जौनसारी सहित सभी क्षेत्रीय भाषाओं का सांस्कृतिक खजाना सुरक्षित रहे और नई पीढ़ी आसानी से इन तक पहुँच सके। उन्होंने कहा कि डिजिटल माध्यमों पर सामग्री उपलब्ध होने से हमारी मातृभाषाएँ न केवल संरक्षित होंगी, बल्कि आधुनिक समय के अनुरूप और अधिक सशक्त रूप में आगे बढ़ेंगी।

    कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री एवं महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल श्री भगत सिंह कोश्यारी, पूर्व मुख्यमंत्री श्री हरीश रावत, विधायक श्री बृज भूषण गैरोला, पत्रकार, साहित्यकार एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे।

  • AI कितना भी उन्नत हो जाए, किताबों का कोई विकल्प नहीं: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी

    AI कितना भी उन्नत हो जाए, किताबों का कोई विकल्प नहीं: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज मुख्यमंत्री आवास में वरिष्ठ पत्रकार एवं प्रतिष्ठित लेखक श्री जय सिंह रावत द्वारा लिखित पुस्तक “उत्तराखंड राज्य का नवीन राजनीतिक इतिहास” का विमोचन किया। यह पुस्तक उत्तराखंड राज्य के राजनीतिक, प्रशासनिक एवं क्रमिक विकास की संपूर्ण और प्रामाणिक दस्तावेज़ी यात्रा को प्रस्तुत करती है।

    कार्यक्रम के शुभारंभ में मुख्यमंत्री ने उपस्थित महानुभावों, लेखकों, पत्रकारों तथा जनप्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए लेखक श्री जय सिंह रावत को इस महत्वपूर्ण कार्य के लिए हार्दिक बधाई दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि वरिष्ठ पत्रकार जय सिंह रावत जी ने राज्य के गठन के बाद की 25 वर्षों की राजनीतिक यात्रा को जिस सुसंगतता और प्रमाणिकता के साथ संकलित किया है, वह अत्यंत सराहनीय है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के इतिहास, संस्कृति और लोक परंपराओं पर कई पुस्तकें उपलब्ध हैं, लेकिन राज्य स्थापना के बाद की ढाई दशक की घटनाओं को तथ्यों, दस्तावेजों और विश्लेषण के आधार पर संग्रहित करना एक चुनौतीपूर्ण कार्य है, जिसे लेखक ने उत्कृष्टता के साथ प्रस्तुत किया है। उन्होंने बताया कि पांच भागों में विभाजित यह पुस्तक शोधार्थियों, विद्यार्थियों और प्रशासनिक सेवाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए विशेष रूप से उपयोगी सिद्ध होगी।

    मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि राज्य बनने के बाद उत्तराखंड ने एक लंबा राजनीतिक अस्थिरता का दौर भी देखा, जिसका प्रभाव विकास की गति पर पड़ा। रावत जी ने इस संपूर्ण कालखंड का प्रामाणिक प्रस्तुतिकरण करते हुए दुर्लभ दस्तावेज़ों और प्रेस कतरनों की मदद से एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक संकलन तैयार किया है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि “इतिहास लिखना एक गंभीर दायित्व है, जिसमें तथ्य, दृष्टि और ईमानदारी का होना आवश्यक है। श्री रावत जी ने पत्रकारिता की निष्ठा और निर्भीकता के साथ इस कालखंड को सहेजने का कार्य किया है।”

    पुस्तक अध्ययन पर बल देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के इंटरनेट युग में जानकारी तत्काल उपलब्ध हो जाती है, लेकिन किताबों का महत्व कभी कम नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि पुस्तकें हमारे विचारों को गहराई देती हैं और ज्ञान को स्थायी रूप से संजोती हैं।

    मुख्यमंत्री ने सभी से अपील की कि—
    “ किसी भी कार्यक्रम में ‘बुके नहीं, बुक दीजिए’। इससे जहां पुस्तकों के प्रति रुचि बढ़ेगी, वहीं लेखकों को भी प्रेरणा मिलेगी।”

    मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के इस तेज़ी से बदलते दौर में तकनीक का उपयोग आवश्यक है, लेकिन इसके साथ ही अपनी गढ़वाली, कुमाऊँनी, जौनसारी सहित सभी क्षेत्रीय भाषाओं और बोलियों को सुरक्षित रखना हम सभी का सामूहिक दायित्व है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्यार्थियों को अपनी मातृभाषा में भाषा कंटेंट, साहित्य, और लोक परंपरा से जुड़े कार्यों को बढ़ावा देना चाहिए। सरकार भी इस दिशा में गंभीरता से प्रयास कर रही है तथा नई पीढ़ी के कंटेंट क्रिएटर के लिए इस दिशा में प्रतियोगिताएं आयोजित कर रही है | उन्होंने कहा कि राज्य स्तर पर स्थानीय भाषाओं में लेखन, गीत-संग्रह, शोध और डिजिटल कंटेंट तैयार करने वाले विद्यार्थियों को प्रोत्साहन और सम्मान दिए जाने की दिशा में सरकार सतत प्रयासरत है।

    उन्होंने कहा कि “ भाषा, संस्कृति और रीति–रिवाज़ केवल अभिव्यक्ति के माध्यम नहीं, बल्कि हमारी पहचान और विरासत की नींव हैं। इसलिए आवश्यक है कि हम अपनी बोली-भाषाओं का संरक्षण करें और आने वाली पीढ़ियों में इनके प्रति गर्व की भावना विकसित करें।”

    मुख्यमंत्री ने कहा कि आज की नई पीढ़ी को यह बताना बहुत ज़रूरी है कि हमारे पूर्वजों ने कितनी कठिनाइयों और संघर्षों के बीच अपनी परंपराओं, सामाजिक मूल्यों और भाषा को बचाए रखा। उन्होंने कहा कि जब बच्चे अपनी जड़ों को समझते हैं, तो उनमें आत्मविश्वास और सांस्कृतिक चेतना मजबूत होती है।

    पुस्तक पढ़ने की आदत पर बल देते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि “AI कितनी भी उन्नत क्यों न हो जाए, पुस्तकों को रिप्लेस करने का कोई अवसर नहीं है। पुस्तकें केवल ज्ञान का स्रोत नहीं, बल्कि सोचने, समझने और सीखने की एक गहरी प्रक्रिया हैं।”

    मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से अपील की कि वे अपने घरों, विद्यालयों और समुदायों में स्थानीय भाषाओं के उपयोग को बढ़ावा दें तथा साहित्य और लोक संस्कृति को नई पीढ़ी तक पहुँचाने का प्रयास करें। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार भाषा संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए अनेक नई पहलें प्रारंभ कर रही है और आगे भी इस दिशा में प्रभावी कदम उठाए जाएंगे।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार स्थानीय बोली-भाषाओं, साहित्य और पारंपरिक बोलियों के डिजिटलाइजेशन पर विशेष ध्यान दे रही है, ताकि गढ़वाली, कुमाऊँनी, जौनसारी सहित सभी क्षेत्रीय भाषाओं का सांस्कृतिक खजाना सुरक्षित रहे और नई पीढ़ी आसानी से इन तक पहुँच सके। उन्होंने कहा कि डिजिटल माध्यमों पर सामग्री उपलब्ध होने से हमारी मातृभाषाएँ न केवल संरक्षित होंगी, बल्कि आधुनिक समय के अनुरूप और अधिक सशक्त रूप में आगे बढ़ेंगी।

    कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री एवं महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल श्री भगत सिंह कोश्यारी, पूर्व मुख्यमंत्री श्री हरीश रावत, विधायक श्री बृज भूषण गैरोला, पत्रकार, साहित्यकार एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे।

  • कीर्ति इंटर कॉलेज उत्तरकाशी में प्रथम विज्ञानं एवं  प्रौद्योगिकी प्रीमियर लीग आयोजित

    कीर्ति इंटर कॉलेज उत्तरकाशी में प्रथम विज्ञानं एवं प्रौद्योगिकी प्रीमियर लीग आयोजित

    उत्तराखंड विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद यूकास्ट विज्ञान धाम देहरादून के सहयोग द्वारा विज्ञानं भवन पीएमश्री राजकीय कीर्ति इंटर कॉलेज उत्तरकाशी में प्रथम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी प्रीमियर लीग 2025 का जिला स्तरीय आयोजन किया गया जिसमें विभिन्न ब्लॉकों से ब्लॉक समयन्वयक एवं मार्गदर्शक शिक्षकों के मार्गदर्शन में छात्र छात्राओं ने प्रतिभाग किया ।

    कार्यक्रम का मुख्य विषय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं जलवायु कार्यवाही पर प्रतिभागियों लिखित एवं ओरल क्विज प्रतियोगिता में प्रतिभाग किया l

    कार्यक्रम के जिला समन्वयक लोकेंद्र सिंह परमार ने बताया कि जनपद से चयनित श्रेष्ट चार बाल वैज्ञानिक विज्ञान धाम देहरादून में 28-30 नवंबर को विश्व आपदा प्रबंधन सम्मेलन का हिस्सा बनेंगे एवं इस दौरान आयोजित प्रथम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी प्रीमियर लीग में भी प्रतिभाग करेंगे l
    कार्यक्रम में प्रथम स्थान भटवाड़ी ब्लॉक से आयुष राणा, ध्रुव रावत कुलवन्ती,लक्ष्मी ने प्राप्त किया l द्वितीय स्थान डुंडा से उर्वशी अमन विष्ट , आयुष, सचिन ने प्राप्त किया, तृतीय स्थान चिन्यालीसौड़ ब्लॉक से नवरात्री, खुशी, शिवानी, दिया ने प्राप्त किया l

    कार्यक्रम में ब्लॉक समन्वयक डुंडा गीतांजलि जोशी , ब्लॉक समन्वयक चिन्याली सौड़ गंभीर राणा , सुनील सेमवाल सहयोग किया l कार्यक्रम के दौरान प्रधानाचार्य सुबोध चंद, प्रधानाचार्य अनिल बिष्ट, जिला समन्वयक लोकेन्द्र परमार द्वारा प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र एवं पुरुस्कार देकर सम्मानित किया गया l

  • मुख्यमंत्री ने दिया बार एसोसिएशन की विभिन्न समस्याओं के समाधान का आश्वासन

    मुख्यमंत्री ने दिया बार एसोसिएशन की विभिन्न समस्याओं के समाधान का आश्वासन

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से अध्यक्ष संघर्ष समिति बार एसोसिएशन श्री प्रेमचंद शर्मा एवं अध्यक्ष बार एसोसिएशन देहरादून श्री मनमोहन कंडवाल के नेतृत्व में संगठन के पदाधिकारियों ने भेंट की। उन्होंने नए जिला न्यायालय परिसर में अधिवक्ताओं हेतु आवंटित भूमि पर तथा पुराने जिला जजी परिसर की भूमि अधिवक्ताओं के पक्ष में आवंटित करने व दोनों स्थानों पर सरकार द्वारा अधिवक्ताओं के चैंबर के निर्माण कराए जाने संबंधी ज्ञापन सौंपा।

    मुख्यमंत्री ने संगठन के पदाधिकारी को आश्वासन दिया कि उनकी समस्याओं के समाधान के लिए राज्य सरकार प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि आपसी वार्तालाप एवं विचार-विमर्श से ही समस्याओं का समाधान हो सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के विकास में हम सबको सहयोगी बनना होगा राज्य आंदोलन के वे स्वयं साक्षी रहे हैं, इसमें अधिवक्ताओं का भी योगदान रहा है। हम सबको राज्य के वित्तीय संसाधनों पर भी ध्यान देना होगा।

    मुख्यमंत्री ने अधिवक्ताओं से अपना आंदोलन समाप्त करने की अपेक्षा करते हुए कहा कि इस संबंध में समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए प्रशासन और अधिवक्ताओं की समिति गठित की जाए, इसमें किसी आर्किटेक्ट को भी शामिल कर कोई सर्वमान्य हल निकल जाने के प्रयास किए जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस संबंध में जिलाधिकारी द्वारा प्रस्तुत आख्या एवं समस्याओं के समाधान से संबंधित बिंदुओं को कैबिनेट में रखते हुए उचित निर्णय लिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि अधिवक्ताओं के चैंबर निर्माण के लिए राज्य सरकार भी आर्थिक सहयोग करेगी उन्होंने अधिवक्ताओं से सांसदों एवं विधायक गणों से भी सहयोग की मांग का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि इस संबंध में वे स्वयं भी पहल करेंगे। मुख्यमंत्री के आश्वासन के बाद सभी पदाधिकारी संतुष्ट नजर आए तथा मुख्यमंत्री का आभार भी जताया।

    इस अवसर पर सचिव श्री शैलेश बगौली, जिलाधिकारी देहरादून सविन बंसल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह के साथ बार एसोसिएशन के अधिवक्ता राजबीर सिंह बिष्ट, मनमोहन लाम्बा, चन्द्रशेखर तिवारी, राजीव शर्मा, राजेश कुमार आर्य, अनुज शर्मा, अनिल पंडित, रंजन सोलंकी, व भानू प्रताप सिसोदिया उपस्थित थे।

  • मुख्य सचिव आनंद बर्धन की अध्यक्षता में उच्चाधिकार प्राप्त व्यय समिति की बैठक आयोजित की गई

    मुख्य सचिव आनंद बर्धन की अध्यक्षता में उच्चाधिकार प्राप्त व्यय समिति की बैठक आयोजित की गई

    देहरादून: मुख्य सचिव आनंद बर्धन की अध्यक्षता में उच्चाधिकार प्राप्त व्यय समिति की बैठक आयोजित की गई।

    बैठक में प्रदेश के विकास से जुड़ी हुई विभिन्न परियोजनाओं पर विचार-विमर्श किया गया तथा सात परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई।

    मुख्य सचिव ने कार्यदाई संस्थाओं को निर्देशित किया कि स्वीकृत परियोजनाओं को निर्धारित समय अवधि में पूरा किया जाए तथा उनकी बेहतर गुणवत्ता भी सुनिश्चित की जाए।

    बैठक में यूआईडीबी के हरिद्वार के रोड़ी बेलवाला क्षेत्र का पुनरुद्धार व सती कुंड और आसपास के क्षेत्र के विकास से संबंधित प्रोजेक्ट को अनुमोदित किया गया। ऋषिकेश में आस्था पथ सौंदर्यकरण से संबंधित प्रोजेक्ट को अनुमोदित किया गया।

    लोक निर्माण विभाग से संबंधित राज्य योजना के अंतर्गत देहरादून के विधानसभा क्षेत्र मसूरी के अंतर्गत देहरादून-किमाडी लंबीधार-कार्ट मैकेंजी-कंपनी गार्डन मोटर मार्ग के किलोमीटर 1 से 24 (सप्लाई कैंट से लंबीधार बासागाड़ मसूरी) तक सिंगल लेन से इंटरमीडिएट लेन में परिवर्तन हेतु अतिरिक्त पहाड़ कटान क्रॉस ड्रेन एवं दीवारों के निर्माण कार्य से संबंधित प्रोजेक्ट का अनुमोदन किया गया तथा देहरादून में महाराणा प्रताप चौक से 6 नंबर पुलिया रोड तक के चौड़ीकरण का अनुमोदन किया गया।

    कुंभ और पेयजल विभाग से संबंधित हरिद्वार में पुलिस कमांड कंट्रोल सेंटर बिल्डिंग निर्माण तथा गृह विभाग और पेयजल विभाग से संबंधित प्रोजेक्ट हरिद्वार में अभियोजन विभाग के कार्मिकों हेतु टाइप द्वितीय, तृतीय एवं चतुर्थ आवास के निर्माण परियोजना की स्वीकृति दी गई।

    बैठक में प्रमुख सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम, सचिव नितेश झा, पंकज पांडेय व श्रीधर बाबू अदांकी सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

  • उत्तराखंड सचिवालय सेवा में बंपर ट्रांसफर, बदली कई अफसरों की जिम्मेदारी

    उत्तराखंड सचिवालय सेवा में बंपर ट्रांसफर, बदली कई अफसरों की जिम्मेदारी

    उत्तराखंड सचिवालय में सचिवालय सेवा के अधिकारियों का स्थानांतरण बड़े स्तर पर किया गया है।

    सचिवालय सेवा में अनुभाग अधिकारियों की लंबी सूची जारी हुई है।

    49 समीक्षा अधिकारियों के तबादले किए गए हैं।
    15 सहायक समीक्षा अधिकारियों को नई तैनाती दी गई है।
    31 कंप्यूटर ऑपरेटरों को विभिन्न अनुभागों में बदला गया है।

    सचिवालय में कुल 17 अनुभाग अधिकारियों को उनकी जिम्मेदारी से बदल गया है। इसी तरह अंडर सेक्रेटरी स्तर के अधिकारियों की भी जिम्मेदारी में बड़ा बदलाव हुआ है। सचिवालय सेवा के 28 अंडर सेक्रेटरी नई जिम्मेदारी पर तैनात किए गए हैं।

    इसी तरह डिप्टी सेक्रेटरी स्तर के कुल 22 अधिकारियों की जिम्मेदारी में बदलाव हुआ है. शासन में 10 जॉइंट सेक्रेटरी भी बदले गए हैं।

  • मुख्यमंत्री धामी पाँच दिवसीय धार्मिक एवं सामाजिक महोत्सव में सम्मिलित हुए

    मुख्यमंत्री धामी पाँच दिवसीय धार्मिक एवं सामाजिक महोत्सव में सम्मिलित हुए

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आज रुड़की के जीवनदीप आश्रम में आयोजित भव्य पाँच दिवसीय धार्मिक एवं सामाजिक महोत्सव में सम्मिलित हुए। इस अवसर पर उन्होंने सनातन संस्कृति के संरक्षक परम पूजनीय संत-महात्माओं, धर्माचार्यों एवं उपस्थित श्रद्धालुओं का स्वागत करते हुए कहा कि संत समाज जीवन्त तीर्थ के समान होता है, जो समाज को सत्पथ की ओर प्रेरित करता है।

    मुख्यमंत्री ने परम पूज्य पद्मभूषण ब्रह्मलीन स्वामी सत्यमित्रानंद गिरी जी महाराज को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए परम पूज्य जगद्गुरु महामंडलेश्वर स्वामी यतीन्द्रानन्द गिरि जी महाराज सहित सभी संत जनों को साष्टांग प्रणाम किया। उन्होंने कहा कि संतों की दिव्य उपस्थिति मन और आत्मा में नई ऊर्जा का संचार करती है।

    मुख्यमंत्री ने बताया कि जीवन दीप सेवा न्यास के इस पांच दिवसीय महोत्सव में शतचंडी महायज्ञ, श्री भक्तमाल कथा, 1100 बालिकाओं का पूजन, पाठ्य सामग्री वितरण एवं पाँच कन्याओं के सामूहिक विवाह जैसे आध्यात्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रम समाज में सेवा-भावना का अद्भुत संदेश दे रहे हैं।

    इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्वामी सत्यमित्रानंद गिरी सभागार, श्री सिद्धबली हनुमान द्वार तथा शहीद चौक का लोकार्पण एवं उद्घाटन भी किया। उन्होंने कहा कि शहीद चौक हमारे अमर बलिदानियों के साहस और राष्ट्रभक्ति का स्मारक है, जो आने वाली पीढ़ियों को निरंतर प्रेरित करता रहेगा। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि मैंन मार्ग से सुनहरा मार्ग चौराहे को शहीद चौक के नाम दिया जाएगा

    मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वामी सत्यमित्रानंद गिरी जी महाराज ने राष्ट्र, धर्म एवं मानवता की सेवा में अपना संपूर्ण जीवन समर्पित कर समाज को त्याग, करुणा एवं सेवा का पवित्र मार्ग दिखाया। उन्हीं की प्रेरणा से जीवन दीप सेवा न्यास शिक्षा, स्वास्थ्य, संस्कार, महिला सशक्तिकरण, गौ-संरक्षण सहित विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट सेवा कार्य कर रहा है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में आज विश्वभर में भारत की सनातन संस्कृति का गौरव बढ़ा है। उन्होंने उल्लेख किया कि-भव्य राम मंदिर निर्माण, बद्रीनाथ-केदारनाथ धाम पुनर्निर्माण,काशी विश्वनाथ कॉरिडोर, महाकाल लोक निर्माण जैसी पहलें हमारी सांस्कृतिक चेतना के पुनर्जागरण की दिशा में ऐतिहासिक कदम हैं।

    उन्होंने बताया कि राज्य सरकार उत्तराखंड को विश्व की आध्यात्मिक राजधानी बनाने के संकल्प के साथ कार्य कर रही है। केदारखंड एवं मानसखंड मंदिर क्षेत्रों के सौंदर्यीकरण के साथ यमुनातीर्थ स्थल का पुनरुद्धार, हरिद्वार-ऋषिकेश कॉरिडोर, शारदा कॉरिडोर निर्माण, दून विश्वविद्यालय में सेंटर फॉर हिन्दू स्टडीज की स्थापना जैसे महत्वपूर्ण कार्य किए जा रहे हैं।

    राज्य की सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक संरचना को संरक्षित रखने का संकल्प
    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के सांस्कृतिक मूल्यों एवं सामाजिक संरचना की रक्षा के लिए पूर्णत संकल्पबद्ध है। उन्होंने बताया कि धर्मांतरण विरोधी कानून एवं सख्त दंगारोधी कानून लागू किए गए हैं।

    लैंड जिहाद, लव जिहाद, थूक जिहाद जैसी जिहादी मानसिकताओं के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की गई है। लैंड जिहाद पर 9 हजार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि को मुक्त कराया गया है। प्रदेश में समान नागरिक संहिता लागू कर समान कानून व्यवस्था स्थापित की गई है।

    युवाओं के हित में सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया, जिससे 26,000 से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी मिली। अवैध गतिविधियों में संलिप्त 250 से अधिक अवैध मदरसों को सील किया गया तथा नया कानून लागू कर मदरसा बोर्ड समाप्त करने का निर्णय लिया गया है, जिसके बाद 1 जुलाई 2026 से गैर-मानक मदरसे स्वतः बंद हो जाएंगे।

    ‘‘ऑपरेशन कालनेमि’’ के अंतर्गत सनातन धर्म को बदनाम करने वालों पर कठोर कार्रवाई की गई है।

    उत्तराखंड को श्रेष्ठ राज्य बनाने का संकल्प
    मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सरकार ‘‘विकल्प रहित संकल्प’’ के साथ राज्य को देश का श्रेष्ठ राज्य बनाने हेतु सतत प्रयासरत है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि संत-महात्माओं के आशीर्वाद और जनसहयोग से उत्तराखंड निश्चित ही एक आदर्श एवं अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित होगा।

    इस अवसर पर मुख्यमंत्री के धर्मपत्नी श्रीमती गीता धामी ने कहा कि सौभाग्य का दिन है कि आज जीवन दीप आश्रम द्वारा पांच दिवसीय महोत्सव आयोजित किया गया है, जिसमें हमें भी आने का सौभाग्य प्राप्त हुआ उन्होंने कहा कि जीवन दीप आश्रम सनातन धर्म का निर्वहन करते हुए समाज हित में कार्य कर रहे हैं तथा आज इस पंच दिवसीय महोत्सव में 1100 कन्याओं पूजन एवं भोजन कराया जा रहा है तथा 06 कन्याओं का सामूहिक विवाह किया जा रहा है।उन्होंने सभी कन्याओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उनका जीवन सुखी, समृद्ध एवं मंगलमय हो और सुखमय जीवन व्यतीत करे।

    कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने 11 कन्याओं का पूजन किया तथा उन्हें उपहार एवं दक्षिणा भेंट की तथा मुख्यमंत्री ने 06 कन्याओं के सामूहिक विवाह पर उनको शुभकामनाएं एवं आशीर्वाद दिया तथा उनके सुखद जीवन को कमाना की।

    इस अवसर पर जून अखाड़े के महामंडलेश्वर यतिद्रनंद गिरी महाराज ने भवन के लोकार्पण के लिए मुख्यमंत्री सहित सभी जनप्रतिनिधियों एवं क्षेत्र वासियों का कार्यक्रम में शामिल होने पर आभार व्यक्त किया। अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष/सचिव निरंजनी अखाड़ा श्रीमहंत रविन्द्र पुरी महाराज, राष्ट्रीय संगठन महामंत्री (भारत साधु समाज) महामंडलेश्वर स्वामी प्रबोधानंद गिरी, राष्ट्रीय मंत्री (भारत साधु समाज) महामंडलेश्वर स्वामी रूपेंद्र प्रकाश, जूना अखाड़ा महामंडलेश्वर स्वामी मैत्रेयी गिरी, कोठारी महंत बड़ा उदासीन अखाड़ा श्रीमहंत राघवेंद्र दास, महामंडलेश्वर स्वामी विवेकानंद सरस्वती (नंगली दरबार) महामंडलेश्वर स्वामी शिव प्रेमानंद,प्रदेश प्रवक्ता (भारत साधु समाज)महंत स्वामी अमृतानंद, महेंद्र स्वामी सत्यव्रता नंद सरस्वती,स्वामी विनोद महाराज,स्वामी प्रकाशा नंद महाराज,राज्य मंत्री विनय रोहिल्ला,जिला पंचायत अध्यक्ष किरण चौधरी, रुड़की मेयर अनीता अग्रवाल, विधायक रुड़की प्रदीप बत्रा, जिलाध्यक्ष रुड़की मधु सिंह,भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष राकेश गिरी ,पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष राजेंद्र चौधरी,जिला महामंत्री रुड़की अक्षय प्रताप सिंह,पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष दिनेश कौशिक, महामंत्री सागर गोयल, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेंद्र सिंह डोभाल सहित विभिन्न क्षेत्रों से साधु संत, जनप्रतिनिधि, कार्यकर्ता एवं क्षेत्रवासी मौजूद रहे।

  • मुख्यमंत्री धामी पाँच दिवसीय धार्मिक एवं सामाजिक महोत्सव में सम्मिलित हुए

    मुख्यमंत्री धामी पाँच दिवसीय धार्मिक एवं सामाजिक महोत्सव में सम्मिलित हुए

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आज रुड़की के जीवनदीप आश्रम में आयोजित भव्य पाँच दिवसीय धार्मिक एवं सामाजिक महोत्सव में सम्मिलित हुए। इस अवसर पर उन्होंने सनातन संस्कृति के संरक्षक परम पूजनीय संत-महात्माओं, धर्माचार्यों एवं उपस्थित श्रद्धालुओं का स्वागत करते हुए कहा कि संत समाज जीवन्त तीर्थ के समान होता है, जो समाज को सत्पथ की ओर प्रेरित करता है।

    मुख्यमंत्री ने परम पूज्य पद्मभूषण ब्रह्मलीन स्वामी सत्यमित्रानंद गिरी जी महाराज को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए परम पूज्य जगद्गुरु महामंडलेश्वर स्वामी यतीन्द्रानन्द गिरि जी महाराज सहित सभी संत जनों को साष्टांग प्रणाम किया। उन्होंने कहा कि संतों की दिव्य उपस्थिति मन और आत्मा में नई ऊर्जा का संचार करती है।

    मुख्यमंत्री ने बताया कि जीवन दीप सेवा न्यास के इस पांच दिवसीय महोत्सव में शतचंडी महायज्ञ, श्री भक्तमाल कथा, 1100 बालिकाओं का पूजन, पाठ्य सामग्री वितरण एवं पाँच कन्याओं के सामूहिक विवाह जैसे आध्यात्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रम समाज में सेवा-भावना का अद्भुत संदेश दे रहे हैं।

    इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्वामी सत्यमित्रानंद गिरी सभागार, श्री सिद्धबली हनुमान द्वार तथा शहीद चौक का लोकार्पण एवं उद्घाटन भी किया। उन्होंने कहा कि शहीद चौक हमारे अमर बलिदानियों के साहस और राष्ट्रभक्ति का स्मारक है, जो आने वाली पीढ़ियों को निरंतर प्रेरित करता रहेगा। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि मैंन मार्ग से सुनहरा मार्ग चौराहे को शहीद चौक के नाम दिया जाएगा

    मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वामी सत्यमित्रानंद गिरी जी महाराज ने राष्ट्र, धर्म एवं मानवता की सेवा में अपना संपूर्ण जीवन समर्पित कर समाज को त्याग, करुणा एवं सेवा का पवित्र मार्ग दिखाया। उन्हीं की प्रेरणा से जीवन दीप सेवा न्यास शिक्षा, स्वास्थ्य, संस्कार, महिला सशक्तिकरण, गौ-संरक्षण सहित विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट सेवा कार्य कर रहा है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में आज विश्वभर में भारत की सनातन संस्कृति का गौरव बढ़ा है। उन्होंने उल्लेख किया कि-भव्य राम मंदिर निर्माण, बद्रीनाथ-केदारनाथ धाम पुनर्निर्माण,काशी विश्वनाथ कॉरिडोर, महाकाल लोक निर्माण जैसी पहलें हमारी सांस्कृतिक चेतना के पुनर्जागरण की दिशा में ऐतिहासिक कदम हैं।

    उन्होंने बताया कि राज्य सरकार उत्तराखंड को विश्व की आध्यात्मिक राजधानी बनाने के संकल्प के साथ कार्य कर रही है। केदारखंड एवं मानसखंड मंदिर क्षेत्रों के सौंदर्यीकरण के साथ यमुनातीर्थ स्थल का पुनरुद्धार, हरिद्वार-ऋषिकेश कॉरिडोर, शारदा कॉरिडोर निर्माण, दून विश्वविद्यालय में सेंटर फॉर हिन्दू स्टडीज की स्थापना जैसे महत्वपूर्ण कार्य किए जा रहे हैं।

    राज्य की सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक संरचना को संरक्षित रखने का संकल्प
    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के सांस्कृतिक मूल्यों एवं सामाजिक संरचना की रक्षा के लिए पूर्णत संकल्पबद्ध है। उन्होंने बताया कि धर्मांतरण विरोधी कानून एवं सख्त दंगारोधी कानून लागू किए गए हैं।

    लैंड जिहाद, लव जिहाद, थूक जिहाद जैसी जिहादी मानसिकताओं के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की गई है। लैंड जिहाद पर 9 हजार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि को मुक्त कराया गया है। प्रदेश में समान नागरिक संहिता लागू कर समान कानून व्यवस्था स्थापित की गई है।

    युवाओं के हित में सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया, जिससे 26,000 से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी मिली। अवैध गतिविधियों में संलिप्त 250 से अधिक अवैध मदरसों को सील किया गया तथा नया कानून लागू कर मदरसा बोर्ड समाप्त करने का निर्णय लिया गया है, जिसके बाद 1 जुलाई 2026 से गैर-मानक मदरसे स्वतः बंद हो जाएंगे।

    ‘‘ऑपरेशन कालनेमि’’ के अंतर्गत सनातन धर्म को बदनाम करने वालों पर कठोर कार्रवाई की गई है।

    उत्तराखंड को श्रेष्ठ राज्य बनाने का संकल्प
    मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सरकार ‘‘विकल्प रहित संकल्प’’ के साथ राज्य को देश का श्रेष्ठ राज्य बनाने हेतु सतत प्रयासरत है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि संत-महात्माओं के आशीर्वाद और जनसहयोग से उत्तराखंड निश्चित ही एक आदर्श एवं अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित होगा।

    इस अवसर पर मुख्यमंत्री के धर्मपत्नी श्रीमती गीता धामी ने कहा कि सौभाग्य का दिन है कि आज जीवन दीप आश्रम द्वारा पांच दिवसीय महोत्सव आयोजित किया गया है, जिसमें हमें भी आने का सौभाग्य प्राप्त हुआ उन्होंने कहा कि जीवन दीप आश्रम सनातन धर्म का निर्वहन करते हुए समाज हित में कार्य कर रहे हैं तथा आज इस पंच दिवसीय महोत्सव में 1100 कन्याओं पूजन एवं भोजन कराया जा रहा है तथा 06 कन्याओं का सामूहिक विवाह किया जा रहा है।उन्होंने सभी कन्याओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उनका जीवन सुखी, समृद्ध एवं मंगलमय हो और सुखमय जीवन व्यतीत करे।

    कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने 11 कन्याओं का पूजन किया तथा उन्हें उपहार एवं दक्षिणा भेंट की तथा मुख्यमंत्री ने 06 कन्याओं के सामूहिक विवाह पर उनको शुभकामनाएं एवं आशीर्वाद दिया तथा उनके सुखद जीवन को कमाना की।

    इस अवसर पर जून अखाड़े के महामंडलेश्वर यतिद्रनंद गिरी महाराज ने भवन के लोकार्पण के लिए मुख्यमंत्री सहित सभी जनप्रतिनिधियों एवं क्षेत्र वासियों का कार्यक्रम में शामिल होने पर आभार व्यक्त किया। अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष/सचिव निरंजनी अखाड़ा श्रीमहंत रविन्द्र पुरी महाराज, राष्ट्रीय संगठन महामंत्री (भारत साधु समाज) महामंडलेश्वर स्वामी प्रबोधानंद गिरी, राष्ट्रीय मंत्री (भारत साधु समाज) महामंडलेश्वर स्वामी रूपेंद्र प्रकाश, जूना अखाड़ा महामंडलेश्वर स्वामी मैत्रेयी गिरी, कोठारी महंत बड़ा उदासीन अखाड़ा श्रीमहंत राघवेंद्र दास, महामंडलेश्वर स्वामी विवेकानंद सरस्वती (नंगली दरबार) महामंडलेश्वर स्वामी शिव प्रेमानंद,प्रदेश प्रवक्ता (भारत साधु समाज)महंत स्वामी अमृतानंद, महेंद्र स्वामी सत्यव्रता नंद सरस्वती,स्वामी विनोद महाराज,स्वामी प्रकाशा नंद महाराज,राज्य मंत्री विनय रोहिल्ला,जिला पंचायत अध्यक्ष किरण चौधरी, रुड़की मेयर अनीता अग्रवाल, विधायक रुड़की प्रदीप बत्रा, जिलाध्यक्ष रुड़की मधु सिंह,भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष राकेश गिरी ,पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष राजेंद्र चौधरी,जिला महामंत्री रुड़की अक्षय प्रताप सिंह,पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष दिनेश कौशिक, महामंत्री सागर गोयल, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेंद्र सिंह डोभाल सहित विभिन्न क्षेत्रों से साधु संत, जनप्रतिनिधि, कार्यकर्ता एवं क्षेत्रवासी मौजूद रहे।

  • मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशवासियों को दी बड़ी राहत-उत्तराखंड में एक वर्ष तक नहीं बढ़ेगी वाहन फिटनेस फीस

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशवासियों को दी बड़ी राहत-उत्तराखंड में एक वर्ष तक नहीं बढ़ेगी वाहन फिटनेस फीस

    देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर राज्य सरकार ने उत्तराखंड के वाहन स्वामियों को महत्वपूर्ण राहत प्रदान करते हुए पुराने (15 वर्ष) कमर्शियल वाहनों की फिटनेस फीस में वृद्धि को आगामी 21 नवम्बर 2026 तक स्थगित कर दिया है। इस संबंध में परिवहन विभाग द्वारा अधिसूचना जारी कर दी गई है। अधिसूचना सचिव परिवहन श्री बृजेश कुमार संत द्वारा जारी की गई।

    मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा हाल ही में 15 वर्ष पुराने कमर्शियल वाहनों की फिटनेस फीस में 10 गुना तक की वृद्धि की गई थी। प्रदेश की जनभावनाओं को देखते हुए राज्य सरकार ने यह निर्णय लिया है कि उत्तराखंड के वाहन स्वामियों पर इसका तात्कालिक बोझ नहीं डाला जाएगा।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सरकार आमजन के हितों को सर्वाेपरि रखते हुए ऐसे निर्णय ले रही है, जिनसे जनता पर अनावश्यक आर्थिक बोझ न पड़े। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार हमेशा जनता-जनार्दन की अपेक्षाओं के अनुरूप कार्य करती रहेगी।

    मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि “हमारी सरकार का संकल्प जनता को राहत देना और जनहित में त्वरित निर्णय लेना है। हाल ही में केंद्र सरकार द्वारा कमर्शियल वाहनों की फिटनेस फीस में की गई वृद्धि को देखते हुए हमने इसे उत्तराखंड में एक वर्ष के लिए स्थगित कर दिया है। इस अवधि में पूर्व निर्धारित फीस ही लागू रहेगी। हम नहीं चाहते कि प्रदेश के वाहन स्वामियों और परिवहन कारोबार से जुड़े लोगों पर अचानक अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़े। आने वाले समय में केंद्र सरकार द्वारा किये जाने वाले पुनरीक्षण के अनुसार ही राज्य में नई दरें लागू की जाएंगी।”

    मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि “हमारी सरकार जनता के लिए संवेदनशील है। गरीब, मध्यम वर्ग, टैक्सी व ट्रांसपोर्ट व्यवसाय से जुड़े हजारों लोगों का हित सुरक्षित रखना हमारी प्राथमिकता है। जनहित के निर्णयों में हम किसी भी प्रकार की देरी नहीं होने देंगे।”

  • एडीएम ने पुरोला पहुंचकर किया विभिन्न कार्यालयों का निरीक्षण

    एडीएम ने पुरोला पहुंचकर किया विभिन्न कार्यालयों का निरीक्षण

    जिलाधिकारी प्रशांत आर्य के निर्देशों के क्रम में अपर जिलाधिकारी मुक्ता मिश्र ने तहसील पुरोला के अंतर्गत सिंचाई, लोक निर्माण विभाग , एनएच और पीएमजीएसवाई के कार्यालयों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कार्यालयों में उपस्थिति पंजिकाओं की जाँच की और कर्मचारियों को समय पर कार्यालय पहुँचने के निर्देश दिये। इस दौरान अधिशासी अभियंता सिंचाई खंड पुरोला, अधिशासी अभियंता एनएच बड़कोट के साथ कई कार्मिक बिना अवकाश स्वीकृति के अनुपस्थित पाए गए जिसके चलते अपर जिलाधिकारी द्वारा उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिये।
    अपर जिलाधिकारी द्वारा निरीक्षण के दौरान इन कार्यालयों में पत्रावलियों के रख–रखाव और सफाई की उचित व्यवस्था नहीं होने पर कड़ी नाराजगी जताते हुए तत्काल व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के निर्देश दिये। इस दौरान अपर जिलाधिकारी द्वारा पुरोला तहसील के अंतर्गत कंडियाल गांव में प्रस्तावित खेल मैदान एवं दणमाण गांव में पेयजल पंपिंग योजना के लिए लैंड विजिट किया तथा कंडियाल गांव के प्राथमिक विद्यालय का निरीक्षण कर छात्र छात्राओं से फीडबैक लिया एवं शिक्षकों को आवश्यक निर्देश दिये।

    अपर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों से सिंचाई परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति, सड़क निर्माण कार्यों की प्रगति और पीएमजीएसवाई के तहत चल रहे कार्यों की विस्तृत जानकारी ली और अधिकारियों को गुणवत्तापूर्ण सामग्री का उपयोग करते हुए निर्धारित समय-सीमा के भीतर सभी परियोजनाओं को पूरा करने के निर्देश दिये।

    *नौगांव पहुंचकर किया स्ट्रांग रूम और मतगणना स्थल का निरीक्षण*
    त्रिस्तरीय पंचायत उपचुनाव के दृष्टिगत अपर जिलाधिकारी द्वारा कार्यालय खंड विकास अधिकारी नौगांव पहुंचकर स्ट्रांग रूम और मतगणना स्थल का भी निरीक्षण किया गया। एडीएम ने कहा कि प्रशासन चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता,सुरक्षा और पारदर्शी संचालन सुनिश्चित कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

    निरीक्षण के दौरान एसडीएम पुरोला मुकेश चंद रमोला, बीडीओ कैलाश रमोला उपस्थित रहे।