मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को सचिवालय में सड़क सुरक्षा परिषद की बैठक के दौरान निर्देश दिये कि राज्य में दुर्घटना प्रभावित लोगों को आयुष्मान योजना के अलावा अन्य अस्पतालों में भी कैशलेस उपचार के लिए परिवहन और स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रस्ताव बनाया जाए। सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए उन्होंने और प्रभावी प्रयास करने के निर्देश अधिकारियों को दिये।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दुर्घटनाओं को नियंत्रित करने के लिए राज्य की सीमावर्ती क्षेत्रों में सघन चौकिंग की जाए। पर्वतीय क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरती जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि वाहन ओवरलोडिंग न हो। यातायात के नियमों के पालन के लिए लोगों को नियमित रूप से जागरूक किया जाए। यातायात व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए आधुनिक संसाधनों के अधिकतम इस्तेमाल पर ध्यान दिया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा बस अड्डों पर नियमित स्वच्छता और सुरक्षा से संबंधित अभियान चलाये जांय। यातायात के नियमों का उल्लंघन करने वालों पर नियमित कार्रवाई की जाए। सड़क दुर्घटना के बाद घायलों को अस्पताल तक पहुंचाने के लिए रिस्पांस टाइम कम से कम रखा जाए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि अतिवृष्टि से प्रभावित ऐसे क्षेत्रों जहां भीड़-भाड़ और अधिक आवागमन होता है, वहां सड़कों के मरम्मत कार्यों को सर्वाेच्च प्राथमिकता में रखा जाए।
रोड सेफ्टी के लिए जनपदों में जो अच्छी पहल हुई है, उनको बेस्ट प्रैक्टिस के रूप में लिया जाए। मुख्यतंत्री ने एआई और तकनीक आधारित ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम पर ध्यान दिए जाने के साथ ही सभी जनपदों में ट्रैफिक सिस्टम को ऑटोमेटेड मोड में संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि चिन्हित ब्लैक स्पॉट्स पर सड़क चौड़ीकरण के कार्य को प्राथमिकता से पूरा किया जाए। दुर्घटनाओं से बचाव और त्वरित सहायता के लिए जनमानस को प्रशिक्षित करने के लिए फर्स्ट रिस्पॉन्डर ट्रेनिंग प्रोग्राम नियमित रूप से आयोजित किए जाएं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्वतीय मार्गों पर क्रैश बैरियर की स्थापना और अनुरक्षण पर विशेष ध्यान दिया जाए। गाड़ियों के रूकने की व्यवस्था ऐसे स्थानों पर की जाए, जहां आस-पास में लोगों को सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हों। इसके लिए परिवहन एवं पर्यटन विभाग आपस समन्वय बनाकर योजना बनाएं। शीतकालीन यात्रा और आगामी चारधाम व नंदा राजजात यात्रा के दृष्टिगत यातायात व्यवस्था को सुदृ़ढ़ बनाने की दिशा में तेजी से कार्य किये जाएं। सुरक्षा की दृष्टि से बस अड्डों पर नियमित सतर्कता बरती जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क सुरक्षा की दृष्टिगत परिवहन, पुलिस और लोक निर्माण विभाग हर माह बैठक करें। पर्वतीय क्षेत्रों में वन विभाग और संबंधित जिला प्रशासन द्वारा सड़क किनारे पौधारोपण का कार्य किया जाए। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर सड़क सुरक्षा के दृष्टिगत सराहनीय कार्य करने वालों को सम्मानित भी किया।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, सचिव श्री शैलेश बगोली, बृजेश कुमार संत, वी षणमुगम, अपर पुलिस महानिदेशक डॉ. वी.मुरूगेशन, आईजी राजीव स्वरूप, आयुक्त परिवहन श्रीमती रीना जोशी, अपर सचिव विनीत कुमार, रोहित मीणा और संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को सचिवालय में सड़क सुरक्षा परिषद की बैठक के दौरान निर्देश दिये कि राज्य में दुर्घटना प्रभावित लोगों को आयुष्मान योजना के अलावा अन्य अस्पतालों में भी कैशलेस उपचार के लिए परिवहन और स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रस्ताव बनाया जाए। सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए उन्होंने और प्रभावी प्रयास करने के निर्देश अधिकारियों को दिये।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दुर्घटनाओं को नियंत्रित करने के लिए राज्य की सीमावर्ती क्षेत्रों में सघन चौकिंग की जाए। पर्वतीय क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरती जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि वाहन ओवरलोडिंग न हो। यातायात के नियमों के पालन के लिए लोगों को नियमित रूप से जागरूक किया जाए। यातायात व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए आधुनिक संसाधनों के अधिकतम इस्तेमाल पर ध्यान दिया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा बस अड्डों पर नियमित स्वच्छता और सुरक्षा से संबंधित अभियान चलाये जांय। यातायात के नियमों का उल्लंघन करने वालों पर नियमित कार्रवाई की जाए। सड़क दुर्घटना के बाद घायलों को अस्पताल तक पहुंचाने के लिए रिस्पांस टाइम कम से कम रखा जाए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि अतिवृष्टि से प्रभावित ऐसे क्षेत्रों जहां भीड़-भाड़ और अधिक आवागमन होता है, वहां सड़कों के मरम्मत कार्यों को सर्वाेच्च प्राथमिकता में रखा जाए।
रोड सेफ्टी के लिए जनपदों में जो अच्छी पहल हुई है, उनको बेस्ट प्रैक्टिस के रूप में लिया जाए। मुख्यतंत्री ने एआई और तकनीक आधारित ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम पर ध्यान दिए जाने के साथ ही सभी जनपदों में ट्रैफिक सिस्टम को ऑटोमेटेड मोड में संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि चिन्हित ब्लैक स्पॉट्स पर सड़क चौड़ीकरण के कार्य को प्राथमिकता से पूरा किया जाए। दुर्घटनाओं से बचाव और त्वरित सहायता के लिए जनमानस को प्रशिक्षित करने के लिए फर्स्ट रिस्पॉन्डर ट्रेनिंग प्रोग्राम नियमित रूप से आयोजित किए जाएं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्वतीय मार्गों पर क्रैश बैरियर की स्थापना और अनुरक्षण पर विशेष ध्यान दिया जाए। गाड़ियों के रूकने की व्यवस्था ऐसे स्थानों पर की जाए, जहां आस-पास में लोगों को सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हों। इसके लिए परिवहन एवं पर्यटन विभाग आपस समन्वय बनाकर योजना बनाएं। शीतकालीन यात्रा और आगामी चारधाम व नंदा राजजात यात्रा के दृष्टिगत यातायात व्यवस्था को सुदृ़ढ़ बनाने की दिशा में तेजी से कार्य किये जाएं। सुरक्षा की दृष्टि से बस अड्डों पर नियमित सतर्कता बरती जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क सुरक्षा की दृष्टिगत परिवहन, पुलिस और लोक निर्माण विभाग हर माह बैठक करें। पर्वतीय क्षेत्रों में वन विभाग और संबंधित जिला प्रशासन द्वारा सड़क किनारे पौधारोपण का कार्य किया जाए। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर सड़क सुरक्षा के दृष्टिगत सराहनीय कार्य करने वालों को सम्मानित भी किया।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, सचिव श्री शैलेश बगोली, बृजेश कुमार संत, वी षणमुगम, अपर पुलिस महानिदेशक डॉ. वी.मुरूगेशन, आईजी राजीव स्वरूप, आयुक्त परिवहन श्रीमती रीना जोशी, अपर सचिव विनीत कुमार, रोहित मीणा और संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।
देहरादून : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नशामुक्त भारत अभियान के पांच वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में युवाओं से अपील की है कि वो स्वयं भी नशे को पूरी मजबूती के साथ “ना” कहें, साथ ही अपने साथियों को भी नशे के लिए “ना’’ कहने के लिए प्रेरित करें।
मंगलवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित नशामुक्त भारत अभियान की 5वीं वर्षगांठ के राज्य स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने नशामुक्त भारत अभियान के पांच वर्ष पूर्ण होने की बधाई देते हुए कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई में अग्रणी भूमिका निभाने वाले कर्मवीरों के सहयोग से आज समाज नशे की भयावह समस्या से मुकाबला करने में सक्षम हो रहा है। उन्होंने कहा कि नशा केवल एक बुरी आदत नहीं, बल्कि समाज को भीतर से खोखला करने वाली एक भयावह चुनौती है। ये घातक प्रवृत्ति व्यक्ति की चेतना, विवेक और निर्णय लेने की क्षमता को नष्ट कर उसके पूरे भविष्य को विनाश की ओर ले जाती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज नशे का प्रसार वैश्विक स्तर पर एक ‘साइलेंट वॉर’ की तरह हो रहा है, जिसका सबसे बड़ा निशाना हमारी युवा शक्ति है। उन्होंने कहा कि हमारी युवा पीढ़ी ही नए भारत की ऊर्जा, नवाचार, सामर्थ्य और प्रगति का वास्तविक आधार है। यदि यही ऊर्जा किसी नकारात्मक प्रभाव में फँस जाएगी, तो राष्ट्र के विकास की गति भी अवरुद्ध हो जाएगी। इसीलिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2020 में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर नशा मुक्त भारत अभियान की शुरुआत कर पूरे देश से इस सामाजिक बुराई के विरुद्ध एकजुट होने का आह्वान किया और इसे एक व्यापक जन-आंदोलन का स्वरूप प्रदान किया।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री जी की प्रेरणा से राज्य सरकार भी नशे के विरुद्ध इस महाअभियान के अंतर्गत “ड्रग्स फ्री उत्तराखंड” के संकल्प को साकार करने के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ मिशन मोड पर कार्य कर रही है।
मादक पदार्थों की रोकथाम के लिए वर्ष 2022 में त्रिस्तरीय एन्टी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) का गठन किया गया। फोर्स ने बीते तीन वर्ष में 6 हजार से अधिक आरोपियों को गिरफ्तार करते हुए, 200 करोड़ रुपए से अधिक के नारकोटिक पदार्थ भी बरामद किए हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार नशे की प्रवृत्ति को रोकने, नशा ग्रस्त व्यक्तियों को पुनः मुख्यधारा से जोड़ने तथा उनके पुनर्वास के लिए प्रदेश के सभी जनपदों में नशा मुक्ति केंद्रों को प्रभावी बना रही है। वर्तमान में, प्रदेश में चार इंटीग्रेटेड रिहैबिलिटेशन सेंटर फॉर एडिक्ट्स (IRCA) सफलतापूर्वक संचालित हो रहे हैं, जो नशा पीड़ित व्यक्तियों को उपचार, परामर्श और पुनर्वास की बेहतर सुविधाएँ प्रदान कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त, AIIMS ऋषिकेश की सहायता से राज्य में एडिक्शन ट्रीटमेंट फैसिलिटी (ATF) का संचालन भी किया जा रहा है। इसी तरह राज्य के प्रत्येक जनपद के शिक्षण संस्थानों में एंटी-ड्रग कमेटियों का गठन किया गया है, जिनमें जागरूक विद्यार्थियों, अभिभावकों, शिक्षकों तथा प्रधानाचार्यों को सदस्य के रूप में सम्मिलित किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की गौरवशाली पहचान “ऐपण कला” को भी इस अभियान से जोड़ा गया है, आज नशा-विरोधी संदेशों से सुसज्जित ‘ऐपण’ पेंटिंग्स हमारे शैक्षणिक संस्थानों और सार्वजनिक स्थलों की शोभा बढ़ा रही हैं। साथ ही युवाओं को नशे से दूर रखने और उनकी ऊर्जा को सकारात्मक दिशा देने के लिए राज्य में ‘दगड़िया क्लब’ भी बनाए हैं।
मुख्यमंत्री धामी ने प्रदेश के युवाओं से अपील करते हुए कहा कि वे स्वयं भी नशे को पूरी मजबूती के साथ “ना” कहें और अपने साथियों को भी नशे के लिए “ना’’ कहने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि सरकार उत्तराखंड को देश का अग्रणी राज्य बनाने के लिए अपने विकल्प रहित संकल्प के साथ निरंतर कार्य कर रही है। परन्तु ये संकल्प तभी सिद्ध हो सकता है, जब हमारी युवा पीढ़ी अपनी पूरी ऊर्जा, क्षमता और दृढ़ संकल्प के साथ हमारा सहयोग करे और नशे जैसी बुराइयों से स्वयं भी दूर रहे तथा दूसरों को भी दूर रखने का संकल्प ले।
मुख्यमंत्री धामी ने उपस्थित युवाओं को नशा मुक्त भारत अभियान की शपथ भी दिलाई, साथ ही स्कूल कॉलेजों में राज्य स्तर पर आयोजित भाषण एवं निबंध प्रतियोगिता के विजेताओं को भी सम्मानित किया।
कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री श्री गणेश जोशी, विधायक श्रीमती सविता कपूर, उत्तराखंड अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष श्री संजय नेगी, सचिव समाज कल्याण डॉ श्रीधर बाबू अद्यांकी, अपर पुलिस महानिदेशक डॉ वी मुरुगेशन,निदेशक समाज कल्याण डॉ संदीप तिवारी एवं अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।
देहरादून : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नशामुक्त भारत अभियान के पांच वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में युवाओं से अपील की है कि वो स्वयं भी नशे को पूरी मजबूती के साथ “ना” कहें, साथ ही अपने साथियों को भी नशे के लिए “ना’’ कहने के लिए प्रेरित करें।
मंगलवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित नशामुक्त भारत अभियान की 5वीं वर्षगांठ के राज्य स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने नशामुक्त भारत अभियान के पांच वर्ष पूर्ण होने की बधाई देते हुए कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई में अग्रणी भूमिका निभाने वाले कर्मवीरों के सहयोग से आज समाज नशे की भयावह समस्या से मुकाबला करने में सक्षम हो रहा है। उन्होंने कहा कि नशा केवल एक बुरी आदत नहीं, बल्कि समाज को भीतर से खोखला करने वाली एक भयावह चुनौती है। ये घातक प्रवृत्ति व्यक्ति की चेतना, विवेक और निर्णय लेने की क्षमता को नष्ट कर उसके पूरे भविष्य को विनाश की ओर ले जाती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज नशे का प्रसार वैश्विक स्तर पर एक ‘साइलेंट वॉर’ की तरह हो रहा है, जिसका सबसे बड़ा निशाना हमारी युवा शक्ति है। उन्होंने कहा कि हमारी युवा पीढ़ी ही नए भारत की ऊर्जा, नवाचार, सामर्थ्य और प्रगति का वास्तविक आधार है। यदि यही ऊर्जा किसी नकारात्मक प्रभाव में फँस जाएगी, तो राष्ट्र के विकास की गति भी अवरुद्ध हो जाएगी। इसीलिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2020 में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर नशा मुक्त भारत अभियान की शुरुआत कर पूरे देश से इस सामाजिक बुराई के विरुद्ध एकजुट होने का आह्वान किया और इसे एक व्यापक जन-आंदोलन का स्वरूप प्रदान किया।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री जी की प्रेरणा से राज्य सरकार भी नशे के विरुद्ध इस महाअभियान के अंतर्गत “ड्रग्स फ्री उत्तराखंड” के संकल्प को साकार करने के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ मिशन मोड पर कार्य कर रही है।
मादक पदार्थों की रोकथाम के लिए वर्ष 2022 में त्रिस्तरीय एन्टी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) का गठन किया गया। फोर्स ने बीते तीन वर्ष में 6 हजार से अधिक आरोपियों को गिरफ्तार करते हुए, 200 करोड़ रुपए से अधिक के नारकोटिक पदार्थ भी बरामद किए हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार नशे की प्रवृत्ति को रोकने, नशा ग्रस्त व्यक्तियों को पुनः मुख्यधारा से जोड़ने तथा उनके पुनर्वास के लिए प्रदेश के सभी जनपदों में नशा मुक्ति केंद्रों को प्रभावी बना रही है। वर्तमान में, प्रदेश में चार इंटीग्रेटेड रिहैबिलिटेशन सेंटर फॉर एडिक्ट्स (IRCA) सफलतापूर्वक संचालित हो रहे हैं, जो नशा पीड़ित व्यक्तियों को उपचार, परामर्श और पुनर्वास की बेहतर सुविधाएँ प्रदान कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त, AIIMS ऋषिकेश की सहायता से राज्य में एडिक्शन ट्रीटमेंट फैसिलिटी (ATF) का संचालन भी किया जा रहा है। इसी तरह राज्य के प्रत्येक जनपद के शिक्षण संस्थानों में एंटी-ड्रग कमेटियों का गठन किया गया है, जिनमें जागरूक विद्यार्थियों, अभिभावकों, शिक्षकों तथा प्रधानाचार्यों को सदस्य के रूप में सम्मिलित किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की गौरवशाली पहचान “ऐपण कला” को भी इस अभियान से जोड़ा गया है, आज नशा-विरोधी संदेशों से सुसज्जित ‘ऐपण’ पेंटिंग्स हमारे शैक्षणिक संस्थानों और सार्वजनिक स्थलों की शोभा बढ़ा रही हैं। साथ ही युवाओं को नशे से दूर रखने और उनकी ऊर्जा को सकारात्मक दिशा देने के लिए राज्य में ‘दगड़िया क्लब’ भी बनाए हैं।
मुख्यमंत्री धामी ने प्रदेश के युवाओं से अपील करते हुए कहा कि वे स्वयं भी नशे को पूरी मजबूती के साथ “ना” कहें और अपने साथियों को भी नशे के लिए “ना’’ कहने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि सरकार उत्तराखंड को देश का अग्रणी राज्य बनाने के लिए अपने विकल्प रहित संकल्प के साथ निरंतर कार्य कर रही है। परन्तु ये संकल्प तभी सिद्ध हो सकता है, जब हमारी युवा पीढ़ी अपनी पूरी ऊर्जा, क्षमता और दृढ़ संकल्प के साथ हमारा सहयोग करे और नशे जैसी बुराइयों से स्वयं भी दूर रहे तथा दूसरों को भी दूर रखने का संकल्प ले।
मुख्यमंत्री धामी ने उपस्थित युवाओं को नशा मुक्त भारत अभियान की शपथ भी दिलाई, साथ ही स्कूल कॉलेजों में राज्य स्तर पर आयोजित भाषण एवं निबंध प्रतियोगिता के विजेताओं को भी सम्मानित किया।
कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री श्री गणेश जोशी, विधायक श्रीमती सविता कपूर, उत्तराखंड अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष श्री संजय नेगी, सचिव समाज कल्याण डॉ श्रीधर बाबू अद्यांकी, अपर पुलिस महानिदेशक डॉ वी मुरुगेशन,निदेशक समाज कल्याण डॉ संदीप तिवारी एवं अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।
देहरादून – 17 नवंबर 2025: बहुप्रतीक्षित ग्रैन्यूल्स ग्रीन हार्टफुलनेस रन और वृक्षारोपण सप्ताह का चौथा संस्करण आज सुबह-सुबह आयोजित किया गया, जिसमें भारत भर के विभिन्न स्थानों से 1,00,000 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया। अकेले हार्टफुलनेस के मुख्यालय कान्हा शांति वनम में, जहाँ दुनिया का सबसे बड़ा ध्यान केंद्र स्थित है, 5,000 से अधिक प्रतिभागी उपस्थित थे।
यह राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय (भारत सरकार) और फिट इंडिया द्वारा समर्थित है और इसका उद्देश्य न केवल स्वास्थ्य और एकता के लिए समुदायों को एक साथ लाना है, बल्कि पर्यावरण के प्रति जागरूकता भी बढ़ाना है। भारत में 119 हार्टफुलनेस केंद्रों और कुछ अन्य विदेशी केंद्रों को इस आयोजन के लिए नामित किया गया था, जबकि कई केंद्रों ने वर्चुअल माध्यम से भी भाग लिया।
कान्हा शांति वनम में विभिन्न श्रेणियों में आयोजित इस आयोजन में कॉर्पोरेट टीमें, छात्र और परिवार शामिल हुए। 21 किमी की समयबद्ध दौड़ में 320 धावकों के साथ सबसे अधिक भागीदारी दर्ज की गई, जबकि 10 किमी की समयबद्ध दौड़ में 1000 धावकों ने भाग लिया। 5 किमी की समयबद्ध दौड़ में 1500 धावकों ने भाग लिया, जबकि 1.5 किमी की गैर-समयबद्ध पारिवारिक दौड़ में 2180 प्रतिभागियों ने भाग लिया।
दौड़ को पूर्व भारतीय विकेटकीपर और 1983 क्रिकेट विश्व कप विजेता श्री सैयद किरमानी, भारतीय राष्ट्रीय बैडमिंटन टीम के मुख्य राष्ट्रीय कोच श्री पुलेला गोपीचंद, श्रीमती उमा चिगुरुपति – कार्यकारी निदेशक, ग्रैन्यूल्स इंडिया लिमिटेड, श्री महेश एम. भागवत – आईपीएस, अतिरिक्त डीजीपी, कानून और व्यवस्था, प्रसिद्ध फिल्म निर्माता श्री दिल राजू, प्रसिद्ध फिल्म अभिनेत्री सुश्री मेहरीन पीरजादा, हार्टफुलनेस के मार्गदर्शक और श्री राम चंद्र मिशन के अध्यक्ष श्रद्धेय दाजी की पत्नी श्रीमती प्रतिमा पटेल, श्री संजय सहगल, ट्रस्टी और निदेशक, हार्टफुलनेस संस्थान, वैश्विक कार्य समिति, श्रीमती रचना मेहता (जीएचआर इवेंट डायरेक्टर) और श्री अनंत संजीव डूगर (जीएचआर – रेस डायरेक्टर) ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
श्री महेश एम. भागवत – आईपीएस, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, कानून एवं व्यवस्था ने कहा, “लोगों की भीड़ देखकर पता चलता है कि ग्रैन्यूल्स ग्रीन हार्टफुलनेस रन का चौथा संस्करण पिछले वर्षों की तुलना में बड़ा रहा है। यह दर्शाता है कि इस पहल ने लोगों में पेड़ बचाने और अधिक पेड़ लगाने के प्रति कितनी जागरूकता लाई है। चाहे वे फिटनेस के प्रति उत्साही हों या पर्यावरण के पक्षधर, यह मैराथन बेहतरी के उद्देश्य को दोहराता है और हमें उम्मीद है कि पिछले आयोजनों की तुलना में दस हज़ार अतिरिक्त पौधे लगाए जाएँगे।”
“ग्रैन्यूल्स ग्रीन हार्टफुलनेस रन फिटनेस प्रेमियों और पर्यावरण के प्रति जागरूक लोगों के लिए एक शानदार पहल है। हर बार इसमें भाग लेने वालों की संख्या बढ़ती जा रही है और यह दर्शाता है कि लोग पर्यावरण के प्रति कैसे अधिक जागरूक हो रहे हैं, और इसमें बच्चों में भी हरियाली बचाने के प्रति बढ़ती संवेदनशीलता शामिल है। इस नेक काम के लिए एकजुट होना और हार्टफुलनेस के हरियाली अभियान में शामिल होना प्रेरणादायक है,” ग्रैन्यूल्स इंडिया लिमिटेड की कार्यकारी निदेशक श्रीमती उमा चिगुरुपति ने कहा।
“इस वर्ष हमारा लक्ष्य हैदराबाद मेट्रो क्षेत्र के एक प्रतिष्ठित पार्क के पुनरुद्धार हेतु पर्याप्त धन जुटाना है। पिछले तीन आयोजनों में 88,000 से अधिक धावकों ने भाग लिया, 20,000 से अधिक पेड़ लगाए और उनका रखरखाव किया गया, और भारत भर में 80 से अधिक स्थानों पर दौड़ का आयोजन किया गया। दाजी की यह प्रबल इच्छा है कि अधिक से अधिक लोग हमारे हरित क्षेत्र को बचाने के प्रति जागरूक हों और उनके मार्गदर्शन में चौथा आयोजन इस प्रभाव को और तेज़ कर रहा है और इस दौड़ को एक व्यापक उद्देश्य बना रहा है। हम सब मिलकर सकारात्मक बदलाव ला रहे हैं,” हार्टफुलनेस संस्थान के ट्रस्टी और निदेशक श्री संजय सहगल ने कहा।
प्रमुख कार्यक्रम भागीदारों में मेडिकल पार्टनर के रूप में मेडिकवर, टाइमिंग पार्टनर के रूप में आईक्यू301, स्पोर्ट्स पार्टनर के रूप में डेकाथलॉन, टी-शर्ट पार्टनर के रूप में री-एक्टिव, कम्युनिटी पार्टनर के रूप में कम्युनिटी और 365 रन क्लब, ई-मोबिलिटी पार्टनर के रूप में मॉर्फ ई-मोबिलिटी, मैराथन पार्टनर के रूप में द नाइल माइल और फॉरेस्टेशन पार्टनर के रूप में फॉरेस्ट बाय हार्टफुलनेस शामिल थे।
एवरनॉर्थ हेल्थ सर्विसेज, ओक ट्री कैपिटल, ग्रैन्यूल्स इंडिया, सिम्बायोसिस कॉलेज और सीआरपीएफ जैसे प्रमुख संगठन समग्र कल्याण और पर्यावरणीय जिम्मेदारी की दिशा में इस आंदोलन में शामिल हुए हैं।
देहरादून: जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देशों पर सोमवार को क्लेक्ट्रेट परिसर में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह की अध्यक्षता में जनता दरबार लगाया गया। जनता दरबार में भूमि विवाद, सीमांकन, अतिक्रमण, मार-पीट, भरण पोषण, आपदा से क्षतिपूर्ति सहायता, आर्थिक सहायता, सामाजिक सुरक्षा आदि से जुड़ी 146 समस्या/शिकायतें दर्ज हुई। मुख्य विकास अधिकारी ने मौके पर ही कई मामलों का ऑन द स्पॉट निष्पादन किया साथ ही कुछ प्रकरणों को इससे जुड़े विभागों को अग्रसारित करते हुए विधि सम्मत त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
सहस्रधारा निवासी 60 वर्षीय बेसहारा बुजुर्ग महिला हरदीप कौर ने आपदा की आपबीती सुनाते हुए बताया कि आपदा में उनके घर का सारा सामान बह गया है। उसका कोई सहारा नही है और ना ही कोई संतान है। अपने भरण पोषण के लिए उन्होंने कुछ काम करने हेतु आर्थिक सहायता की गुहार लगाई। इस पर राइफल क्लब फंड से बेसहारा बजुर्ग महिला को मौके पर ही 25 हजार का चेक प्रदान किया गया।
चन्द्रबनी चोयला निवासी 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला अमर देवी ने बताया कि उनके दोनों बेटे और बहू आए दिन उनके साथ मारपीट करती है। खाना नहीं देते है। इस पर सीडीओ ने एसएसपी कार्यालय में सीनियर सिटीजन सेल में वाद दायर करते हुए मामले में त्वरित कार्रवाई कराने को कहा।
न्यू कैंट शक्ति कॉलोनी निवासी 84 वर्षीय बजुर्ग चंडी प्रसाद लखेडा ने पडोसी द्वारा उनकी जमीन पर कब्जा करने और बार बार उनको परेशान करने की शिकायत दर्ज की। इस पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को प्रार्थी का मुकदमा दर्ज कराते हुए त्वरित न्याय दिलाने के निर्देश दिए गए।
अपने दिव्यांग बेटे को लेकर जनता दरबार पहुंची आर्या नगर निवासी प्रिया वर्मा ने रोजगार और आर्थिक सहायता की गुहार लगाई। बताया कि उनका बेटा चल फिर नहीं सकता। इलाज में बहुत खर्चा हो गया है। कही पर बेटे की देखभाल के साथ नौकरी करना चाहती है। इस पर समाज कल्याण एवं उद्योग विभाग के अधिकारियों को व्यथित महिला को सहायता पहुंचाने के निर्देश दिए गए। वहीं गरीब राजेन्द्र कुमार व दिनेश कुमार की आर्थिक सहायता की गुहार पर जांच कर प्रस्ताव उपलब्ध कराने को कहा गया।
अल्फा टावर अपार्टमेंट्स निवासियों की अजबपुर फ्लाईओवर के नीचे संचालित अवैध पार्किंग, मोटर वर्कशॉप और असामाजिक तत्वों द्वारा गंदगी फैलाने की शिकायत पर सिटी मजिस्ट्रेट एवं उप नगर आयुक्त को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए। वहीं ग्राम पंचायत झांझरा में स्थित जगत नारायण सुभारती चौरिटेबल ट्रस्ट द्वारा अवैध अतिक्रमण की शिकायत पर एसडीएम विकासनगर को सप्ताह के भीतर मामले का निस्तारण करने को कहा गया। नत्थनपुर समन्वय समिति के पदाधिकारियों ने नत्थनपुर वार्ड-95 में वैष्णों माता मंदिर से मोहकपुर तक सड़क का सीमांकन न होने के कारण सड़क के दोनों तरफ अनधिकृत कब्जा कर दुकानों का संचालन करने की शिकायत दर्ज की गई। सरस्वती विहार लेन नं0-7 के समस्त निवासियों ने गली के एक व्यक्ति द्वारा अवैध रूप से नगर निगम की बाउंड्री तोड़ने और अपने मकान का दरवाजा दूसरी तरफ खोलने से वाहनों की आवाजाही में हो रही परेशानी पर शिकायत दर्ज की। इस पर एमडीडीए एवं नगर निगम को कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
चकराता के अंतर्गत क्षतिग्रस्त ग्राम पिंगवा लिंक सड़क की मरम्मत हेतु बीडीओ चकराता को कार्रवाई के निर्देश दिए गए। तिमली मानसिंह व सरोना गांव निवासियों ने जंगली जानवरों से फसलों की सुरक्षा हेतु खेतों की घेराबाड कराने को लेकर मुख्य कृषि अधिकारी को कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
ऐतिहासिक स्थल खाराखेत के सौंदर्यीकरण कार्य में देरी की शिकायत पर जनता दरबार में पर्यटन एवं वन विभाग से आख्या मांगी गई। अपर बद्रीश कॉलोनी-राजीव नगर में करीब 50 परिवारों को बिजली और पानी न मिलने की समस्या पर उप नगर आयुक्त को मामले की जांच करने को कहा। वहीं हर्रावाला में नेशनल हाईवे के लिए अधिग्रहण की गई भूमि मुआवजा की तीसरी किश्त न मिलने की शिकायत पर एनएच को शीघ कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
इस दौरान फरियादियों ने भूमि का सीमांकन, रजिस्ट्री, अवैध कब्जा हटाने से जुड़ी तमाम शिकायतें रखी। जनता दरबार में एसडीएम अपूर्वा सिंह, एसडीएम कुमकुम जोशी, एसडीएम विनोद कुमार, उप नगर आयुक्त संतोष कुमार पांडेय, जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार, डीपीओ जितेन्द्र कुमार, जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद थे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज मुख्यमंत्री आवास में आयोजित एक सादगीपूर्ण एवं गरिमामय समारोह में प्रख्यात हिन्दी साहित्यकार स्वर्गीय शैलेश मटियानी को प्रदत्त “उत्तराखण्ड गौरव सम्मान पुरस्कार–2025” उनके पुत्र राकेश मटियानी को प्रदान किया। यह सम्मान स्व. श्री मटियानी की साहित्यिक उपलब्धियों, हिन्दी कहानी जगत में उनके अमूल्य योगदान तथा उत्तराखण्ड की सांस्कृतिक विरासत को सशक्त पहचान दिलाने के लिए दिया गया है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस अवसर पर कहा कि श्री शैलेश मटियानी केवल एक साहित्यकार नहीं, बल्कि संवेदनाओं के कुशल शिल्पी थे। आधुनिक हिन्दी कहानी आंदोलन में उनका योगदान अविस्मरणीय है। उन्होंने आम जनमानस की पीड़ा, संघर्ष, और जीवन-सत्य को जिस प्रभावशाली शैली में प्रस्तुत किया, वह उन्हें भारतीय साहित्य के श्रेष्ठ रचनाकारों की पंक्ति में स्थापित करता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड सरकार राज्य के उन महान प्रतिभाओं के योगदान को हमेशा सम्मान देती है, जिन्होंने अपनी लेखनी, कर्म और रचनात्मकता से आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित किया है। स्व. मटियानी के “बोरीवली से बोरीबन्दर”, “मुठभेड़”, “अधागिनी”, “चील” सहित अनेक कथा-कृतियाँ आज भी उतनी ही प्रासंगिक हैं और हिन्दी साहित्य में उनका महत्वपूर्ण स्थान है।
उन्होंने कहा कि मरणोपरांत यह सम्मान स्वर्गीय श्री मटियानी के परिवार को सौंपना राज्य सरकार के लिए गर्व का विषय है। मुख्यमंत्री ने उनके पुत्र का सम्मान करते हुए कहा कि साहित्यकारों का सम्मान समाज और प्रदेश दोनों को समृद्ध करता है।
स्व. शैलेश मटियानी के पुत्र ने उत्तराखण्ड सरकार तथा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सम्मान समूचे प्रदेश के साहित्य प्रेमियों और मटियानी जी के प्रशंसकों के लिए गौरव का क्षण है|
कार्यक्रम में सचिव विनोद कुमार सुमन सहित वरिष्ठ अधिकारी, साहित्यकार तथा परिवारजन उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य के जिलाधिकारियों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ वर्चुअल माध्यम से समीक्षा बैठक की। मुख्यमंत्री ने बैठक में राज्य के विकास कार्यों की प्रगति, जन शिकायतों के त्वरित निस्तारण और प्रशासनिक सुधारों की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने राज्य स्थापना की रजत जयंती पर सफल कार्यक्रम के आयोजन के लिए अधिकारियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि माननीय राष्ट्रपति एवं प्रधानमंत्री जी द्वारा राज्य के विकास के संबंध में महत्वपूर्ण मार्गदर्शन दिया गया।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तराखण्ड को विश्व की आध्यात्मिक राजधानी बनाने के विज़न पर जोर दिया और ‘एक जिला, एक मेला’ अभियान के महत्व को रेखांकित करते हुए स्थानीय अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहित करने वाले मेलों के पर्यावरण-सम्मत और भव्य आयोजन की रूपरेखा तैयार करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि “एक जिला, एक मेला” अभियान के अंतर्गत चयनित मेलों को राजकीय मेला के रूप में घोषित किया जाएगा। जिन मेलों को यह मान्यता प्राप्त होगी, उन्हें विशेष संरक्षण, वित्तीय सहायता और प्रचार-प्रसार का लाभ मिलेगा। इन मेलों के आयोजक वही रहेंगे। राज्य सरकार केवल सहायता और आवश्यक सहयोग प्रदान करेगी। इस अभियान का उद्देश्य केवल स्थानीय संस्कृति, कला और शिल्प को बढ़ावा देना ही नहीं, बल्कि जनता के लिए मनोरंजन और सामुदायिक सहभागिता के अवसर भी प्रदान करना है। राजकीय मेला घोषित किए जाने से मेलों का स्वरूप और आकर्षण और बढ़ जाएगा तथा यह राज्य के सांस्कृतिक और सामाजिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान देगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड को देश और दुनिया के लिए आध्यात्मिक राजधानी के रूप में स्थापित करने के दृष्टिकोण से यह आवश्यक है कि योग, आयुर्वेद और ध्यान के केंद्रों को जिलों और ब्लॉकों तक विस्तारित किया जाए। इसके लिए प्रत्येक ब्लॉक में एक गाँव को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में चुना जा सकता है, जिसे “आध्यात्मिक गाँव” के रूप में विकसित किया जाएगा। इस पहल के तहत गाँव में योग प्रशिक्षण केंद्र, आयुर्वेदिक स्वास्थ्य सुविधा, ध्यान और मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम तथा स्थानीय स्तर पर आध्यात्मिक शिक्षा के अवसर प्रदान किए जाएंगे। इससे न केवल स्थानीय लोगों का स्वास्थ्य और मानसिक शांति बढ़ेगी, बल्कि राज्य को पर्यटन और स्वास्थ्य से जुड़ी नई पहचान भी मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम के तहत चिन्हित गांवों में होमस्टे, स्वरोजगार, उद्यानिकी, कृषि और सौर ऊर्जा संबंधी गतिविधियों की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया। मुख्यमंत्री ने सीमा से लगे गांवों को वाइब्रेंट विलेज योजना के तहत और पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने का निर्देश दिया और कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि प्रत्येक सीमांत गांव को किस रूप में आकर्षण का केंद्र बनाया जाएगा। उन्होंने शीतकालीन चार धाम यात्रा और बारहमासी पर्यटन की तैयारियों को तेज करने के निर्देश दिए। इसके अंतर्गत, विशेषकर उत्तरकाशी, चमोली और रुद्रप्रयाग जिलों में होटलों, होमस्टे संचालकों और अन्य सेवा प्रदाताओं के साथ समन्वय स्थापित करना और यात्रियों को गुणवत्तापूर्ण सुविधाएँ उपलब्ध कराना शामिल है। मुख्यमंत्री ने राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देने और अधिक से अधिक पर्यटकों को आकर्षित करने के उद्देश्य से कुमाऊँ मंडल विकास निगम (केएमवीएन) तथा गढ़वाल मंडल विकास निगम (जीएमवीएन) को निर्देश दिए हैं कि वे आगामी शीतकालीन यात्रा सीज़न के लिए विशेष छूट पैकेज तैयार कर उन्हें लागू करें। उन्होंने कहा कि इन पैकेजों से न केवल पर्यटन गतिविधियों में वृद्धि होगी, बल्कि स्थानीय लोगों को भी रोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे। मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों को कहा कि सीएसआर फंड का उपयोग जनहित के कार्यों के लिए जिला स्तर पर व्यापक रूप से किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि इस फंड से ऐसे कार्यों को प्राथमिकता दी जाए, जिनसे आम जनता को सीधे लाभ मिल सके और स्थानीय विकास को गति मिले।
मुख्यमंत्री ने प्रमुख स्थानों पर अलाव, रेन बसेरा और बर्फ हटाने की व्यवस्थाएँ सुनिश्चित करने के साथ-साथ शीतकालीन चारधाम यात्रा के समापन के बाद यात्रा मार्गों और श्रद्धालुओं द्वारा छोड़े गए कचरे के उचित निस्तारण के निर्देश भी दिए। संबंधित विभागों को यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि कचरे का प्रभावी प्रबंधन किया जाए और पर्यावरण को प्रदूषण से बचाया जा सके। इस पहल का उद्देश्य न केवल यात्रियों की सुविधा बनाए रखना है, बल्कि प्राकृतिक सौंदर्य और धार्मिक स्थलों की स्वच्छता भी सुनिश्चित करना है।
मुख्यमंत्री ने स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने तथा ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में समग्र विकास सुनिश्चित करने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण पहलुओं एवं उनके व्यापक प्रचार-प्रसार पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जीआई टैग से संबंधित उत्पादों को निर्यात योग्य बनाने की दिशा में ठोस कार्य किए जाने की आवश्यकता है। इस संबंध में प्रत्येक जनपद को अपनी विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर लेनी चाहिए। इसके साथ ही, उन्होंने प्रत्येक जनपद और विकासखंड में पर्यटन स्थलों के विकास के लिए विशेष योजनाएँ तैयार करने की आवश्यकता पर भी बल दिया, जिससे न केवल स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि शहरों और कस्बों की सुंदरता और स्वच्छता को बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है, इसलिए उद्यानिकी और हरित क्षेत्रों के विकास पर ध्यान देने के साथ-साथ बस-स्टैंड, रेलवे स्टेशन और प्रमुख मार्गों पर सफाई व्यवस्था को प्राथमिकता दी जाए, ताकि नागरिकों और पर्यटकों दोनों के लिए सुविधाजनक और आकर्षक वातावरण सुनिश्चित किया जा सके।
मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय और आंतरिक सुरक्षा को सुदृढ़ बनाने के लिए जिला स्तर पर नियमित सत्यापन और निरीक्षण अभियान चलाने का निर्देश दिया। उन्होंने सीमा क्षेत्रों में विशेष निगरानी बनाए रखने और प्रमुख पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही, शहरों और संवेदनशील इलाकों में सीसीटीवी कैमरों की पूरी व्यवस्था और उनकी रियल-टाइम मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने को कहा। सुरक्षा के लिए आवश्यक मैनपावर, तकनीक और अन्य संसाधनों की जरूरत होने पर तुरंत मुख्यालय और शासन को अवगत कराने का भी निर्देश दिया गया। नशा समस्या पर नियंत्रण के लिए संभावित क्षेत्रों में सीसीटीवी कैमरों की स्थापना और डीजीपी के मार्गदर्शन में नशा मुक्ति अभियान के लिए समर्पित टीम बनाने की व्यवस्था की जाएगी। मुख्यमंत्री ने सड़क पर घूमते बेसहारा पशुओं के प्रबंधन, स्वास्थ्य सेवाओं की सुचारू व्यवस्था, बागवानी के विकास और भूमि अतिक्रमण जैसी महत्वपूर्ण व्यवस्थाओं का पालन सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।
मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों को अल्मोड़ा के द्वाराहाट क्षेत्र के द्रोणगिरी, चंपावत के श्यामलाताल-देवी धूरा और अन्य क्षेत्रों में स्पिरिचुअल इकोनॉमिक जोन विकसित करने की संभावनाओं का सर्वेक्षण कर विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। इसके साथ मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाएँ। जिलाधिकारी लगातार मॉनिटरिंग करें और सुनिश्चित करें कि स्वास्थ्य सुविधाएँ समय पर और प्रभावी रूप से जनता तक पहुँच रही हों। किसी भी समस्या या कमी की तुरंत पहचान कर उसके सुधार के लिए आवश्यक कदम उठाएँ और समय-समय पर जिला अस्पतालों का औचक निरीक्षण करें। सीएम हेल्पलाइन की नियमित मॉनिटरिंग और बीडीसी बैठक, तहसील दिवस तथा जनसुनवाई चौपाल के माध्यम से जनता की समस्याओं के समय पर समाधान सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री ने राज्य के प्रमुख शहरों में बढ़ते यातायात जाम की समस्या को गंभीरतापूर्वक लेते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि जाम की समस्या का शीघ्र और समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करें। इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री ने राज्य की सभी सड़कों को गड्ढा मुक्त बनाने के लिए कड़े निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य भर में क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत को प्राथमिकता के आधार पर किया जाए और मरम्मत कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाए। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने उन क्षेत्रों की पहचान करने का निर्देश भी दिया, जहां बार-बार सड़कों की स्थिति खराब होने और नागरिकों की शिकायतें अधिक आने की समस्या है। इन क्षेत्रों पर नियमित और विशेष निगरानी रखी जाए ताकि समय रहते सुधार किए जा सकें और जनता को सुगम एवं सुरक्षित मार्ग उपलब्ध हो सकें। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से यह भी कहा कि मरम्मत कार्यों की निगरानी में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने बैठक में प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता लाने, कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने, आगामी शीतकालीन यात्रा की तैयारियों को तेज करने तथा सभी पर्यटक स्थलों पर सड़क, पेयजल, पार्किंग जैसी सुविधाओं को मजबूत करने के निर्देश दिए। उन्होंने राज्य की सभी सड़कों को प्राथमिकता के आधार पर गड्ढ़ा मुक्त करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों को पिछले तीन साल में बने स्थाई निवासी प्रमाण पत्रों की जांच के निर्देश देते हुए गलत तरीके से बने प्रमाण पत्र में संलिप्त लोगों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
बैठक में प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ, अपर पुलिस महानिदेशक अभिसूचना एवं सुरक्षा अभिनव कुमार, कुमाऊं मण्डल आयुक्त दीपक रावत सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
जिला पर्यटन विकास अधिकारी टिहरी एस.एस. राणा ने बताया कि उत्तराखंड सरकार की महत्वपूर्ण योजना मातृ पितृ तीर्थाटन योजना के अंतर्गत जनपद टिहरी गढ़वाल के देवप्रयाग विकासखंड के 10 पुरुष एवं 21 महिलाओं सहित कुल 31 वरिष्ठ नागरिकों को कल शनिवार को 4 दिवसीय निशुल्क यात्रा पर श्री बद्रीनाथ धाम की यात्रा पर भेजा गया।
इस मौके पर ब्लॉक प्रमुख देवप्रयाग विनोद सिंह बिष्ट, क्षेत्र पंचायत सदस्य दसौली करम सिंह गोसाई, भाजपा मंडल उपाध्यक्ष विजय सिंह बिष्ट, ग्राम प्रधान चाका पिछवाड़ा अमिता सेमवाल, ग्राम प्रधान अमिल्डा दिनेश डंगवाल द्वारा तीर्थ यात्रियों के वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।
उन्होंने बताया कि पर्यटन विभाग द्वारा तीर्थ यात्रा की भोजन एवं आवास व्यवस्था गढ़वाल मंडल विकास निगम के पर्यटक आवास गृह में की जा रही है। इसके साथ ही वाहन व्यवस्था उत्तराखंड परिवहन निगम द्वारा उपलब्ध कराई गई। तीर्थ यात्रियों में देवप्रयाग विकासखंड के ग्राम चाका पिछवाड़ा, ग्राम डोभ, ग्राम अमिल्डा के स्थानीय निवासी सम्मिलित है।
उन्होंने बताया कि इससे पहले सेम मुखेम से वरिष्ठ नागरिकों के एक दल को भेजा गया। इसी प्रकार आगामी 18 तारीख को एक दल को घनसाली ब्लॉक से भेजा जाएगा।
इस अवसर पर पर्यटन विभाग से मनोज बिजलवान, उमेद सिंह राणा, दरमियान सिंह नेगी आदि अन्य मौजूद रहे।
उत्तरकाशी: राष्ट्रीय प्रेस दिवस के अवसर पर जिला सूचना कार्यालय में वरिष्ठ पत्रकार सुरेंद्र दत्त भट्ट की अध्यक्षता में “बढ़ती भ्रामक सूचनाओं के बीच प्रेस की विश्वसनीयता की रक्षा” विषय पर एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। वरिष्ठ पत्रकार डॉ.रामचंद्र उनियाल,रमा भट्ट,राजेन्द्र भट्ट,चिरंजीव सेमवाल,राजेश रतूड़ी,दीपक नौटियाल,पृथ्वी दत्त नैथानी,ठाकुर सुरेंद्र पाल सिंह,महावीर राणा,आशीष मिश्रा,डॉ.विजेंद्र पोखरियाल और मोहन राणा आदि पत्रकारों ने तेजी से बढ़ रही गलत एवं भ्रामक सूचनाओं को समाज के लिए गंभीर चुनौती बताते हुए कहा कि ऐसे समय में पत्रकारों की जिम्मेदारी और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि विश्वसनीय, संतुलित और तथ्यपरक जानकारी ही मीडिया की असली पहचान है,जिसे बनाये रखना हर पत्रकार का दायित्व है।
राष्ट्रीय प्रेस दिवस के अवसर पर आयोजित गोष्टी की अध्यक्षता करते हुए वरिष्ठ पत्रकार सुरेंद्र भट्ट ने सभी मीडिया कर्मियों को हार्दिक शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर उन्होंने अपने लंबे पत्रकारिता-अनुभव को साझा करते हुए बताया कि समय के साथ पत्रकारिता के तौर-तरीकों में परिवर्तन आया है,लेकिन सत्य निष्पक्षता और जनहित आज भी पत्रकारिता की मूल आत्मा हैं। सुरेंद्र भट्ट ने विशेष रूप से पीत पत्रकारिता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आज के दौर में गलत तथ्यों,अतिरंजना और भ्रामक समाचारों का प्रसार लोकतंत्र के लिए चुनौती बन रहा है। उन्होंने कहा कि पत्रकारों का दायित्व है कि वे सत्य और विश्वसनीयता के सिद्धांतों को प्राथमिकता देकर समाज में जागरूकता फैलाएं।उन्होंने युवा पत्रकारों को संदेश दिया कि वे अपने पेशे के मानकों और नैतिक मूल्यों का सम्मान करते हुए निर्भीक और निष्पक्ष पत्रकारिता को अपनाए।
अतिरिक्त जिला सूचना अधिकारी सुरेश कुमार ने गोष्ठी का संचालन करते हुए राष्ट्रीय प्रेस परिषद के उद्देश्यों एवं उसकी भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित सभी पत्रकारों का धन्यवाद ज्ञापित किया।
इस अवसर पर सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी राकेश मोहन राणा, बलबीर परमार,सुरेंद्र नौटियाल,पत्रकार सुभाष बड़ोनी,बीरेंद्र नेगी,विनीत कंसवाल,कृष्णा राणा सहित अन्य पत्रकार एव सूचना विभाग के वरिष्ठ कार्मिक अभिषेक सक्सेना,सुंदरलाल,धर्मेंद्र आदि उपस्थित रहे।
उधर यमुना वैली में भी राष्ट्रीय प्रेस दिवस मनाया गया। राष्ट्रीय प्रेस दिवस के अवसर पर यमुनोत्री प्रेस क्लब बड़कोट द्वारा आयोजित गोष्ठी में उपजिलाधिकारी बड़कोट बृजेश तिवारी बतौर मुख्यातिथि शामिल हुए!उन्होंने अपने सम्बोधन में कहा कि पत्रकारिता की भूमिका स्वतन्त्रता आंदोलन से लेकर वर्तमान तक प्रासंगिक रही है, प्रिंट व इलेक्ट्रोनिक मिडिया के सभी प्रतिनिधि तथ्यात्मक खबरों को प्राथमिकता के साथ उजागर करें, प्रशासन प्रेस के साथ समन्वय बनाकर खबरों का सज्ञान लेते रहेगा, तथा समस्याओं का प्राथमिकता के साथ समाधान किया जायेगा!गोष्ठी में जिला पत्रकार संघ अध्यक्ष सुनील थपलियाल सहित अन्य पत्रकारों ने अपने विचार ब्यक्त किये!गोष्ठी में पत्रकारों की विभिन्न समस्याओं पर चर्चा हुई, तथा सभी ने एक स्वर में सरकार से तहसील व ब्लॉक स्तर के पत्रकारों को मान्यता देने व सुविधाएं देने की मांग की!बड़कोट में राष्ट्रीय प्रेस दिवस की गोष्ठी में उपजिलाधिकारी बृजेश तिवारी, नायब तहसीलदार खजान सिंह असवाल,सुनील थपलियाल, विजयपाल रावत, द्वारिका सेमवाल, अनिल रावत, जयप्रकाश बहुगुणा, भगवती रतूड़ी, उपेंद्र असवाल, विनोद रावत, संदीप चौहान, मदन पैन्यूली, अरविन्द थपलियाल, शांति टमटा, संजय, सोवन असवाल, नमो भंडारी आदि उपस्थित रहे।