Category: उत्तराखंड

  • हिमालयन घुरल का अवैध शिकार करने वाले को पकड़ा

    हिमालयन घुरल का अवैध शिकार करने वाले को पकड़ा

    रुद्रप्रयाग: हिमालयन घुरल का अवैध शिकार की सूचना मिलने पर वन विभाग द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए दोषी को पकड़ लिया गया। इसके साथ ही अभियुक्त को वन्यजीव संरक्षण अधिनियम की धाराओं के तहत न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है।

    उप प्रभागीय वनाधिकारी डीएस पुंडीर ने उक्त जानकारी देते हुए बताया कि रुद्रप्रयाग वन प्रभाग को गुप्तकाशी यूनिट के अंतर्गत ग्राम राऊलैंक निवासी बृजमोहन नेगी द्वारा हिमालयन घुरल का अवैध शिकार कर अपने घर पर मांस पकाने की सूचना प्राप्त हुई। उन्होंने बताया कि सूचना मिलते ही वन विभाग की संयुक्त टीम को घटना स्थल के लिए रवाना किया गया जहां अभियुक्त बृजमोहन नेगी से पूछताछ करने पर उसके व परिजनों द्वारा हिमालयन घुरल का शिकार करने तथा अपने घर पर मांस को पकाने के अपराध को स्वीकार किया गया। उन्होंने बताया कि उक्त कृत्य वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 यथा संशोधित 2022 की धारा-9, 39, 44 के अंतर्गत दंडनीय अपराध है।

    उन्होंने बताया कि वन विभाग की टीम ने अभियुक्त द्वारा वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 यथा संशोधित 2022 के अंतर्गत हिमालयन घुरल अनुसूची प्रथम का अवैध शिकार करने तथा वन्यजीव का मांस पकाने जैसे कारित अपराध हेतु हिरासत में लिया। साथ ही उक्त अभियुक्त को वन क्षेत्राधिकारी गुप्तकाशी यूनिट द्वारा न्यायालय मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट रुद्रप्रयाग के समक्ष प्रस्तुत किया गया। अभियुक्त को मा. न्यायालय द्वारा न्यायिक अभिरक्षा में रखा गया है। वन विभाग द्वारा गठित संयुक्त टीम में वन क्षेत्राधिकारी गुप्तकाशी सहित वन दरोगा अभिषेक नेगी, वन आरक्षी कुलजीत सिंह, दैनिक श्रमिक दलीप बिष्ट आदि शामिल थे।

  • देहरादून में भूकंप मॉकड्रिलः आपदा से निपटने को जिला प्रशासन परखेगा अपनी तैयारी

    देहरादून में भूकंप मॉकड्रिलः आपदा से निपटने को जिला प्रशासन परखेगा अपनी तैयारी

    देहरादून: भूकंप की संभावित आपदा से निपटने की तैयारी के दृष्टिगत देहरादून जिले में 15 नवंबर,2025 को सुबह 9ः30 बजे से 10 अलग-अलग स्थानों पर व्यापक मॉक अभ्यास किया जाएगा। मॉक अभ्यास को लेकर बृहस्पतिवार को सभी एजेंसियों के साथ टेबल टॉप एक्सरसाइज की गई। जिसमें आईआरएस से जुड़े सभी नोडल अधिकारियों को उनके दायित्वों जानकारी देते हुए पूरी तरह से अपने दायित्वों का निर्वहन करने के निर्देश दिए गए।

    जिलाधिकारी सविन बंसल ने कहा कि मॉक अभ्यास का उद्देश्य आपदा की स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया, समन्वय और राहत कार्यो की दक्षता को परखना है। मॉक ड्रिल के दौरान भूकंप आने की काल्पनिक स्थिति तैयार की जाएगी। अभ्यास के दौरान राहत एवं बचाव कार्यो का प्रदर्शन किया जाएगा, ताकि वास्तविक आपदा के दौरान बेहतर समन्वय और कम से कम रिस्पांस टाइम में राहत एवं बचाव कार्यों को अंजाम दिया जा सके। जिलाधिकारी ने बताया कि इस अभ्यास में प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, अग्निशमन दल, पीआरडी, डीडीआरएफ, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ सहित जिले की तमाम एजेंसियां भाग लेंगी।

    मॉक अभ्यास के दौरान सिविल डिफेंस सिस्टम को परखने के लिए इमरजेंसी सायरन भी बजाए जाएंगे। जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि 15 नवंबर को इमरजेंसी सायरन की तेज आवाज सुनाई देने पर घबराए नहीं। इस दिन मॉक अभ्यास के लिए सायरन बजाए जाएंगे। जिले में एक साथ 10 स्थानों पर आपदा राहत एवं बचाव को लेकर मॉक अभ्यास होगा। तहसील सदर के अंतर्गत 06 प्रमुख स्थान कोरोनेशन अस्पताल, महाराणा प्रताप स्टेडियम, आईएसबीटी, विद्युत उप केंद्र आराघर, जल संस्थान खंड दिलाराम चौक तथा पैसिफिक मॉल के आसपास मॉक अभ्यास किया जाएगा। जबकि कालसी के अंतर्गत पाटा गांव एवं राइका कस्तूरबा गांधी में मॉक अभ्यास किया जाएगा। वही विकास नगर में औद्योगिक क्षेत्र सेलाकुई तथा ऋषिकेश में टीएचडीसी के पास मॉक अभ्यास किया जाएगा। साथ ही स्थानीय जनता को भूकंप आपदा में सुरक्षा के प्रति जागरूक किया जाएगा।

    टेबल टॉप एक्सरसाइज के दौरान एसडीएम सदर हरिगिरी, सिटी मजिस्ट्रेट प्रत्यूष सिंह, सीएमओ डा. एमके शर्मा, परियोजना निदेशक विक्रम सिंह, डीडीओ सुशील कुमार, डीएसओ केके अग्रवाल, डीडीएमओ ऋषभ कुमार सहित सभी एजेंसियों के नोडल अधिकारी मौजूद थे।

  • चोपडियालगांव के खुशीराम डबराल: पहाड़ की मिट्टी से आत्मनिर्भरता की मिसाल

    चोपडियालगांव के खुशीराम डबराल: पहाड़ की मिट्टी से आत्मनिर्भरता की मिसाल

    जैविक खेती, वर्मी कंपोस्ट और आधुनिक तकनीकों के माध्यम से खुशीराम डबराल ने अपने गाँव में सफलता की नई कहानी लिखी है।

    राज्य सरकार की नीतियों का प्रभाव अब पहाड़ के गाँवों तक साफ दिखने लगा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में आज उत्तराखंड के ग्रामीण किसान जैविक खेती, बागवानी और स्वरोजगार योजनाओं के जरिए अपनी पहचान बना रहे हैं। इन्हीं में से एक प्रेरक उदाहरण हैं — टिहरी जनपद के चोपडियालगांव के खुशीराम डबराल।

    खुशीराम ने अपनी लगभग 100 नाली भूमि पर पारंपरिक खेती को आधुनिक रूप दिया। 12वीं कक्षा के बाद उन्होंने पूरी तरह खेती को अपनाया और कृषि विभाग एवं पंतनगर विश्वविद्यालय से प्रशिक्षण लेकर नई तकनीकें सीखी।

    उन्होंने खेती में वर्मी कंपोस्ट, टपक सिंचाई प्रणाली, वर्षा जल संचयन जैसी तकनीकों का उपयोग किया। साथ ही बहुफसली खेती अपनाकर अदरक, लहसुन, मिर्च, मेथी, सरसों, प्याज, अमरूद, केला, मटर, शिमला मिर्च जैसी फसलों की खेती शुरू की।

    खुशीराम की मेहनत और नई सोच का नतीजा यह रहा कि जहाँ पहले उनकी सालाना आय 2.5 से 3 लाख रुपये थी, वहीं अब यह बढ़कर 8 लाख रुपये से अधिक हो गई है। वर्ष 2025 तक 12 लाख रुपये से अधिक की आय का अनुमान है।

    राज्य सरकार की मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना और कृषि विभाग की पहल से प्रेरित होकर खुशीराम ने न केवल अपनी आय बढ़ाई बल्कि आसपास के युवाओं और महिलाओं को भी खेती के आधुनिक तरीकों की ट्रेनिंग देकर आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया।

    आज खुशीराम डबराल का खेत सिर्फ खेती का केंद्र नहीं, बल्कि सीख और बदलाव की पाठशाला बन चुका है। उन्होंने जैविक खेती को रोजगार का माध्यम बनाया और यह साबित किया कि अगर नीयत साफ हो और मेहनत सच्ची, तो पहाड़ की ज़मीन भी सोना उगल सकती है।

    खुशीराम डबराल आज मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की आत्मनिर्भर उत्तराखंड की सोच को जमीनी स्तर पर साकार करने वाले प्रेरक किसान बन चुके हैं।

  • देहरादून: जिले के बड़े बकायदारों की गर्दन तक पंहुचे जिला प्रशासन के हाथ, 3 सम्पति कुर्क, जारी रहेगा एक्शन

    देहरादून: जिले के बड़े बकायदारों की गर्दन तक पंहुचे जिला प्रशासन के हाथ, 3 सम्पति कुर्क, जारी रहेगा एक्शन

    देहरादून: जिलाधिकारी सविन बसंल द्वारा समस्त उप जिलाधिकारियों को अपने-2 क्षेत्र में बड़े बकायदारों से राजस्व वसूली के निर्देश दिए गए हैं। जिसके क्रम में आज उप जिलाधिकारी न्याय कुमकुम जोशी के नेतृत्व में राजस्व की टीम ने तहसील सदर अन्तर्गत बड़े बकायदारों की सम्पत्ति कुर्क की कार्यवाही की गई जिसमें मैसर्स साई कन्स्ट्रक्शन बिल्डर्स राजीव त्यागी का विसप्रिंग विला राजपुर रोड पर 4 बीएचके फ्लैट सील, डीएचएफएल प्रमेसिया लाईफ इंश्योरेंश क0 लि0, एवं मैसर्स ओपीजी टीवी, प्रो0 सुमित प्रकाश गुप्ता कैनाल रोड की सम्पति कुर्क की कार्यवाही कर सम्पत्ति सील कर दी गई हैं।

    मैसर्स साई कन्स्ट्रक्शन बिल्डर्स राजीव त्यागी 196/3-1 राजपुर रोड पर लगभग 3.41 करोड़ की जीएसटी वसूली थी का विसप्रिंग विला राजपुर रोड पर 4 बीएचके फ्लैट सील कर दिया गया है। डीएचएफएल प्रमेसिया लाईफ इंश्योरेंश क0 लि0, पर लगभग 33.83 लाख एवं 10 प्रतिशत् संग्रह व्यय की कुर्की की कार्यावाही करते हुए कार्यालय सील, कर दिया गया है। वहीं मैसर्स ओपीजी टीवी, प्रो0 सुमित प्रकाश गुप्ता कैनाल रोड पर लगभग 20.10 लाख एवं अन्य कुर्की की कार्यवाही में कृष्णा होम राजपुर रोड में फ्लैट सील कर दिया गया है।

    जिलाधिकारी के सख्त निर्देश हैं कि जिले के बड़े बकायेदारों से राजस्व वसूली की जाए, राजस्व जमा न कराने की स्थिति में निर्धारित प्रक्रिया के तहत् सम्पत्ति कुर्क करने की कार्यवाही की जाए।

  • मुख्यमंत्री ने प्रदान की विभिन्न विकास योजनाओं के लिए 81.52 करोड की वित्तीय स्वीकृति

    मुख्यमंत्री ने प्रदान की विभिन्न विकास योजनाओं के लिए 81.52 करोड की वित्तीय स्वीकृति

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा मिसिंग लिंक फंडिंग कार्यक्रम के अन्तर्गत जनपद चमोली के गोपीनाथ मंदिर मार्ग का स्थानीय शैली के माध्यम से निर्माण किये जाने हेतु ₹ 9.79 करोड़, पंचम राज्य वित्त आयोग में पूंजीगत परिसम्पत्तियों के सृजन मद से नगर पंचायत, गूलरभोज क्षेत्रान्तर्गत मछली बाजार में दुकानों के निर्माण हेतु ₹ 54.37 लाख, स्वच्छ भारत मिशन-शहरी 2.0 के अन्तर्गत नगर निगम, कोटद्वार स्थित लीगेसी वेस्ट के निस्तारण हेतु भारत सरकार द्वारा स्वीकृत लागत ₹ 92.40 लाख के सापेक्ष केन्द्रांश के रूप में 40 प्रतिशत धनराशि ₹ 33.26 लाख स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

    मुख्यमंत्री द्वारा राज्य योजनान्तर्गत जनपद चमोली के विधानसभा क्षेत्र बद्रीनाथ में जवाग्वाड के पास धौली नदी पर 120 मी० स्पान पैदल झूला पुल के निर्माण कार्य हेतु ₹ 9.98 करोड, जनपद टिहरी गढ़वाल के विधानसभा क्षेत्र धनोल्टी के अन्तर्गत थत्यूड-मराड मोटर मार्ग हेतु ₹ 3.34 करोड़, जनपद अल्मोड़ा के विधानसभा क्षेत्र सल्ट के अन्तर्गत तल्ली चम्याड़ी से रणतखाल मोटर गार्ग के अवशेष के निर्माण कार्य हेतु ₹ 5.64 करोड की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

    मुख्यमंत्री द्वारा पुलिस लाईन रेसकोर्स देहरादून में टाईप द्वितीय (ब्लॉक-बी) के 120 आवासों के निर्माण हेतु ₹ 50.79 करोड, क्षेत्रीय सम्पर्क योजना के अन्तर्गत जनपद नैनीताल के विकासखण्ड भीमताल के नौकुचियाताल (सिलोटीपन्त) के हैलीपैड में ऑफिस के निर्माण एवं यात्री विश्राम स्थल का निर्माण कार्य तथा हैलीपैड स्थल की सतह पर पैन्टिंग कार्य हेतु ₹ 24.68 लाख के साथ ही राजकीय मुद्रणालय, रुड़की के प्रयोगार्थ कलर्ड मल्टीफंग्शन मुद्रण मशीन, डिजीटल मुद्रण मशीन तथा डाक्यूमेंट डुप्लीकेटर मुद्रण मशीन क्रय किये जाने हेतु ₹ 85.69 लाख की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

  • वन खेलकूद प्रतियोगिता में 42 टीमों के 3390 खिलाड़ी, 700 महिला प्रतिभागी-मुख्यमंत्री ने दी शुभकामनाएं

    वन खेलकूद प्रतियोगिता में 42 टीमों के 3390 खिलाड़ी, 700 महिला प्रतिभागी-मुख्यमंत्री ने दी शुभकामनाएं

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज, रायपुर (देहरादून) में आयोजित अखिल भारतीय वन खेलकूद प्रतियोगिता 2025 में बतौर मुख्य अतिथि प्रतिभाग किया।

    इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, राज्यसभा सांसद श्री नरेश बंसल एवं श्रीमती कल्पना सैनी, तथा विधायक श्री उमेश शर्मा ‘काउ’, श्री खजान दास, श्रीमती सविता कपूर, प्रमुख सचिव श्री आर के सुधांशु, प्रमुख वन संरक्षक उत्तराखंड सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

    देवभूमि में खिलाड़ियों और वन अधिकारियों का स्वागत
    मुख्यमंत्री ने मंच से देश के विभिन्न राज्यों से पधारे वन अधिकारियों, खिलाड़ियों एवं खेल प्रेमियों का स्वागत करते हुए कहा कि यह हमारे लिए गर्व की बात है कि 28वीं अखिल भारतीय वन खेलकूद एवं सांस्कृतिक प्रतियोगिता की मेजबानी का सौभाग्य उत्तराखंड को प्राप्त हुआ है।
    उन्होंने इस आयोजन के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्री श्री भूपेंद्र यादव का आभार व्यक्त किया तथा वन विभाग और आयोजकों को इस भव्य आयोजन के लिए बधाई दी।

    3390 खिलाड़ी, 42 टीमें, 700 से अधिक महिला प्रतिभागी
    मुख्यमंत्री ने प्रसन्नता व्यक्त की कि इस वर्ष प्रतियोगिता में देशभर के 42 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से 3390 खिलाड़ी, जिनमें 700 से अधिक महिला खिलाड़ी, भाग ले रही हैं।
    उन्होंने सभी खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि “खेल केवल शारीरिक तंदुरुस्ती का माध्यम नहीं, बल्कि व्यक्तित्व विकास और राष्ट्र निर्माण का भी आधार हैं।”

    खेल संस्कृति और पर्यावरण संरक्षण के दोहरे संकल्प पर जोर
    मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल व्यक्ति में अनुशासन, टीमवर्क और संघर्ष की भावना विकसित करते हैं। उन्होंने कहा कि वन कर्मियों का फिट रहना अत्यंत आवश्यक है क्योंकि वही वन और पर्यावरण की रक्षा के असली प्रहरी हैं।

    मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार खेल संस्कृति को बढ़ावा देने के साथ-साथ वन संपदा के संरक्षण और संवर्धन के लिए भी सतत प्रयासरत है।

    स्पोर्ट्स लेगेसी प्लान और खिलाड़ियों को सम्मान
    मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि प्रदेश में 8 शहरों में 23 खेल अकादमियां, एक राज्य खेल विश्वविद्यालय, और महिलाओं के लिए महिला स्पोर्ट्स कॉलेज की स्थापना की जा रही है। उन्होंने कहा कि “राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक लाने वाले खिलाड़ियों को हमारी सरकार ‘आउट ऑफ टर्न’ नियुक्ति दे रही है और उत्कृष्ट खिलाड़ियों को 50 लाख रुपये की सम्मान राशि भी प्रदान कर रही है।”

    मुख्यमंत्री ने उल्लेख किया कि हाल ही में वर्ल्ड कप विजेता भारतीय महिला क्रिकेट टीम की सदस्य एवं उत्तराखंड की बेटी स्नेहा राणा को 50 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान करने की घोषणा की गई है।

    ग्रीन गेम्स और खेल वन की सराहना
    मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल ही में संपन्न 38वें राष्ट्रीय खेलों को उत्तराखंड ने ‘ग्रीन गेम्स’ की थीम पर आयोजित किया, जहाँ सभी सामग्री ई-वेस्ट और रिसाइकल्ड मटेरियल से तैयार की गई।
    उन्होंने बताया कि 2.77 हेक्टेयर भूमि पर ‘खेल वन’ विकसित किया गया है, जहाँ पदक विजेताओं के नाम पर 1600 से अधिक रुद्राक्ष वृक्ष लगाए गए हैं। “यह स्थल खेल उत्कृष्टता के साथ हरित चेतना का प्रतीक बनेगा।”

    वन्यजीव संरक्षण में आधुनिक तकनीक का प्रयोग
    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य का लगभग 71 प्रतिशत क्षेत्र वनाच्छादित है, जो इसे देश का ‘ऑक्सीजन बैंक’ और ‘वाटर टॉवर’ बनाता है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 6 राष्ट्रीय उद्यान, 7 वन्यजीव विहार और 4 संरक्षण आरक्षित क्षेत्र हैं- जो पूरे देश के औसत से कहीं अधिक है।
    उन्होंने बताया कि वन्यजीव संरक्षण के लिए राज्य सरकार ने जीपीएस ट्रैकिंग, ड्रोन सर्विलांस, डॉग स्क्वॉड जैसी आधुनिक तकनीकें लागू की हैं।

    साथ ही, मानव-वन्यजीव संघर्ष में मुआवजा राशि को 6 लाख से बढ़ाकर 10 लाख रुपये कर दिया गया है।

    सीएम यंग ईको-प्रिन्योर योजना और इको-टूरिज्म
    मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में “सीएम यंग ईको-प्रिन्योर योजना” के तहत युवाओं को नेचर गाइड, ड्रोन पायलट, वाइल्डलाइफ फोटोग्राफर, ट्रेकिंग गाइड और इको-टूरिज्म उद्यमी के रूप में प्रशिक्षित किया जा रहा है। साथ ही, “कैन्टर राइड” जैसी पहलों से स्थानीय समुदायों को वन्यजीव संरक्षण और पर्यटन से जोड़कर उनकी आजीविका सशक्त की जा रही है। उन्होंने कहा कि कॉर्बेट में ‘वन्यजीवों का एम्स’ कहे जाने योग्य आधुनिक रेस्क्यू सेंटर स्थापित किया गया है।

    मुख्यमंत्री ने केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय से से हल्द्वानी जू सफारी परियोजना और उत्तरकाशी में प्रस्तावित स्नो लेपर्ड कंज़र्वेशन सेंटर की स्वीकृति हेतु सहयोग का अनुरोध किया। उन्होंने कहा “ये दोनों परियोजनाएं राज्य के पर्यटन और वन्यजीव संरक्षण के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।”

    मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान का उल्लेख करते हुए खिलाड़ियों से आग्रह किया कि “यदि आप इस स्टेडियम परिसर में अपनी माता जी के नाम एक पौधा लगाएंगे, तो यह माँ के प्रति प्रेम और सम्मान का प्रतीक होगा और इस आयोजन को यादगार बनाएगा।”

    मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें पूर्ण विश्वास है कि देशभर से आए वन अधिकारी और खिलाड़ी अपनी अनुशासन, परिश्रम और खेल भावना से न केवल खेलों में उत्कृष्टता प्राप्त करेंगे, बल्कि वन संपदा के संरक्षण और हरित उत्तराखंड निर्माण के संकल्प को भी साकार करेंगे। “आप सभी अपने परिश्रम से न केवल राज्य का गौरव बढ़ा रहे हैं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक हरित, स्वस्थ और सशक्त उत्तराखंड का निर्माण कर रहे हैं।”

  • सड़क सुरक्षा में जागरूकता ही पहला कदम — फर्स्ट रिस्पांडर कार्यक्रम में युवाओं ने दिया संदेश

    सड़क सुरक्षा में जागरूकता ही पहला कदम — फर्स्ट रिस्पांडर कार्यक्रम में युवाओं ने दिया संदेश

    डॉ. जैक्स वीन नेशनल स्कूल, गुप्तकाशी में आज जनपद स्तरीय “फर्स्ट रिस्पांडर कार्यक्रम” का सफल आयोजन किया गया। इस अवसर पर परिवहन विभाग, रुद्रप्रयाग के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में सड़क दुर्घटनाओं के समय त्वरित सहायता, प्राथमिक उपचार और आपातकालीन सेवाओं की भूमिका पर विस्तार से जानकारी दी गई।

    कार्यक्रम में उपस्थित अतिथिगण, विद्यालय परिवार, मीडिया प्रतिनिधि, परिवहन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, फायर सर्विस, स्वास्थ्य विभाग, टैक्सी यूनियन सदस्य तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने भाग लिया।

    कार्यक्रम के संयोजक सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी धर्मेंद्र सिंह बिष्ट द्वारा अपने संबोधन में कहा गया कि “सड़क सुरक्षा केवल नियमों तक सीमित नहीं, बल्कि यह जीवन रक्षा का संकल्प है। फर्स्ट रिस्पांडर वही है जो दुर्घटना स्थल पर मानवीय संवेदनशीलता दिखाकर किसी की जान बचाने का साहस करता है।” उन्होंने परिवहन विभाग रुद्रप्रयाग की ओर से उन सभी स्वयंसेवकों, टैक्सी यूनियन सदस्यों, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, फायर सेवा और स्वास्थ्य विभाग के कर्मियों के प्रति आभार व्यक्त किया, जो सड़क सुरक्षा और आपातकालीन सेवाओं में दिन-रात अपनी सेवाएँ दे रहे हैं।

    कार्यक्रम की विशेषता विद्यालय के छात्र-छात्राओं द्वारा प्रस्तुत शानदार सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ और सड़क सुरक्षा से संबंधित नाटक रहे, जिनमें युवाओं ने संदेश दिया कि सुरक्षित यातायात ही स्वस्थ समाज की पहचान है। उपस्थित अतिथियों ने विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए कहा कि “युवा पीढ़ी ही सड़क सुरक्षा जैसे सामाजिक अभियानों की वास्तविक शक्ति है, और आज के कार्यक्रम ने इसे प्रमाणित किया है।” जीवन निर्माण एजुकेशन सोसाइटी द्वारा परिवहन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को उनके सतत प्रयासों हेतु सम्मानित किया गया। इस अवसर पर विभागीय टीम को समाज के प्रति उनकी कर्तव्यनिष्ठा के लिए प्रेरणादायक उदाहरण बताया गया।

    कार्यक्रम में मीडिया की भूमिका की भी सराहना की गई। यह कहा गया कि जन-जागरूकता के इस अभियान को जन-जन तक पहुँचाने में मीडिया का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है।

    कार्यक्रम के अंत में संयोजक सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी धर्मेंद्र सिंह बिष्ट द्वारा विद्यालय प्रबंधन, सभी विभागों और सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा गया कि “हम सब मिलकर रुद्रप्रयाग को सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में एक आदर्श जनपद बना सकते हैं। यह कार्यक्रम उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।”
    उन्होंने कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य
    सड़क दुर्घटनाओं के समय त्वरित प्राथमिक उपचार, बचाव के प्रथम कदमों की जानकारी देना तथा युवाओं को “फर्स्ट रिस्पांडर” के रूप में तैयार करना है।
    कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण विद्यार्थियों द्वारा सड़क सुरक्षा पर नाटक एवं प्रस्तुति, फर्स्ट एड और आपातकालीन प्रतिक्रिया का प्रदर्शन, विभागीय कर्मियों व सहयोगी संस्थाओं का सम्मान करना रहा।

    कार्यक्रम में क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन),पौड़ी गढ़वाल द्वारिका प्रसाद, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन),पौड़ी गढ़वाल विमल पाण्डेय, सहायक क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन), रुद्रप्रयाग कुलवंत सिंह चौहान, सहायक क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन), रुद्रप्रयाग, धर्मेन्द्र सिंह बिष्ट
    सहायक क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी, चमोली अभिषेक भटगांई, सहायक क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन),पौड़ी गढ़वाल मंगल सिंह, क्षेत्रीय निरीक्षक, चेतन प्रकाश, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार, प्रधानाचार्य डॉ. जैक्स वीन नेशनल स्कूल, गुप्तकाशी लखपत सिंह राणा सहित टैक्सी यूनियन प्रतिनिधिगण, चिकित्सकगण (डॉक्टर्स),फायर एवं पुलिस विभाग के अधिकारी, रेंजर्स एवं रोवर्स दल (अगस्त्यमुनि) के सदस्य उपस्थित रहे।

  • मुख्यमंत्री ने किया औद्योगिक विकास तथा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग के शासनादेशों के संकलन का विमोचन

    मुख्यमंत्री ने किया औद्योगिक विकास तथा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग के शासनादेशों के संकलन का विमोचन

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को मुख्यमंत्री आवास में उत्तराखण्ड की रजत जयंती वर्ष में औद्योगिक विकास तथा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग द्वारा शासनादेशों का द्वितीय संकलन पुस्तक का विमोचन किया।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में औद्योगिक विकास एवं रोजगार संवर्द्धन में औद्योगिक विकास विभाग एवं एम०एस०एम०ई० की नीतियों की बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इस संकलन से नीति निर्माण की प्रक्रिया में सरलता आयेगी। यह पुस्तक भविष्य के लिए भी अत्यंत उपयोगी सिद्ध होने के साथ-साथ राज्य में निवेश प्रस्तावों व इन्वेस्टर्स मीट आदि आयोजनों के लिए भी शासनादेशों का यह संकलन अत्यन्त उपयोगी सिद्ध होगा। औद्योगिक विकास विभाग द्वारा दूसरी बार संकलन का प्रकाशन किया जाना, निःसंदेह प्रशंसनीय कार्य है।

    मुख्यमंत्री ने आशा व्यक्त की कि राज्य में निवासरत युवाओं/युवतियों को स्वरोजगार अपनाने के लिए भी यह पुस्तक अत्यन्त लाभकारी सिद्ध होगी तथा अधिक से अधिक युवाओं को स्वरोजगार के प्रति प्रेरित करने में मददगार साबित होगी।

    इस अवसर पर सचिव उद्योग विनय शंकर पाण्डेय एवं महानिदेशक उद्योग सौरव गहरवार के साथ ही विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

  • मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों में ‘सांस अभियान 2025-26’ का शुभारंभ

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों में ‘सांस अभियान 2025-26’ का शुभारंभ

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, उत्तराखंड के अंतर्गत संचालित ‘सांस अभियान (Social Awareness and Action to Neutralize Pneumonia Successfully) 2025–26’ का राज्य स्तरीय शुभारंभ विश्व निमोनिया दिवस के अवसर पर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र (सीएचसी) डोईवाला, देहरादून में किया गया। यह कार्यक्रम बाल स्वास्थ्य के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने और पाँच वर्ष से कम आयु के बच्चों को निमोनिया से बचाने के उद्देश्य से आयोजित किया गया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि श्रीमती अनुराधा पाल (आईएएस), कार्यवाहक मिशन निदेशक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन रहीं। उनके साथ मंच पर डॉ. आर. सी. पंत (निदेशक, डीजी हेल्थ सर्विसेज), डॉ. रश्मि पंत (निदेशक, एनएचएम), डॉ. मनोज शर्मा (मुख्य चिकित्साधिकारी, देहरादून) और डॉ. के. एस. भंडारी (सीएमएस, सीएचसी डोईवाला) उपस्थित रहे।

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दी बधाई
    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य में सांस अभियान के शुभारंभ पर स्वास्थ्य विभाग की टीम को बधाई देते हुए कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य है कि उत्तराखंड के किसी भी बच्चे की जान ऐसी बीमारियों से न जाए जिन्हें रोका जा सकता है। निमोनिया से बचाव के लिए जागरूकता, समय पर पहचान और उपचार ही सबसे प्रभावी उपाय हैं। हमारी सरकार हर माँ-बाप को यह भरोसा दिलाती है कि बाल स्वास्थ्य के क्षेत्र में किसी भी संसाधन की कमी नहीं रहने दी जाएगी। हर बच्चे की सुरक्षित सांस ही सशक्त उत्तराखंड का आधार बनेगी। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के स्वस्थ भारत-सशक्त भारत के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए राज्य सरकार मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के क्षेत्र में लगातार सुधार के प्रयास कर रही है।

    जागरूकता ही सबसे प्रभावी टीका
    कार्यक्रम का शुभारंभ कार्यवाहक मिशन निदेशक श्रीमती अनुराधा पाल के उद्बोधन से हुआ। उन्होंने कहा कि “निमोनिया से हर वर्ष हजारों बच्चों की जान जाती है, जबकि यह बीमारी समय पर पहचान और उपचार से पूरी तरह रोकी जा सकती है।” उन्होंने माता-पिता से अपील की कि वे अपने बच्चों का समय पर टीकाकरण कराएं और किसी भी लक्षण की स्थिति में चिकित्सक से तुरंत संपर्क करें। डॉ. रश्मि पंत, निदेशक, एनएचएम ने कहा कि “शिशु देखभाल की सही जानकारी ही निमोनिया से सुरक्षा की सबसे बड़ी कुंजी है।” उन्होंने माताओं को केवल स्तनपान कराने, समय पर पूरक आहार देने, स्वच्छता बनाए रखने और पीसीवी टीकाकरण की अनिवार्यता पर बल दिया। अभियान के तहत कार्यक्रम में उपस्थित पाँच वर्ष से कम आयु के बच्चों को पोषण किट वितरित की गईं, जिससे उनकी प्रतिरक्षा क्षमता बढ़ सके और समग्र विकास सुनिश्चित हो।

    “हर स्तर पर जागरूकता से ही बदलेगी तस्वीर”-डॉ. आर. राजेश कुमार
    राज्य के स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि बाल स्वास्थ्य को लेकर सरकार बेहद गंभीर है। निमोनिया जैसी बीमारियों से बच्चों की सुरक्षा के लिए सांस अभियान एक जन-आंदोलन की तरह चलाया जा रहा है। आशा, एएनएम, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और स्वास्थ्य कर्मियों को प्रशिक्षित कर घर-घर तक संदेश पहुँचाया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग का लक्ष्य है कि अगले एक वर्ष में पाँच वर्ष से कम आयु के बच्चों में निमोनिया से मृत्यु दर में उल्लेखनीय कमी लाई जाए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के सभी ज़िले अपने-अपने स्तर पर इस अभियान को जनसहभागिता के साथ क्रियान्वित करेंगे ताकि हर बच्चे को समय पर उपचार और सुरक्षा मिल सके।

    सामुदायिक सहभागिता से बाल स्वास्थ्य की दिशा में सशक्त कदम
    डॉ. आर. सी. पंत (निदेशक, डीजी हेल्थ सर्विसेज) ने कहा कि निमोनिया की रोकथाम में समुदाय की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि राज्य के प्रत्येक जिले में इस अभियान के माध्यम से जागरूकता गतिविधियाँ आयोजित की जाएंगी। डॉ. त्रिप्ती बहुगुणा, सलाहकार, राज्य स्वास्थ्य प्रणाली संसाधन केन्द्र (एसएचएसआरसी) ने कहा कि निमोनिया से लड़ाई केवल चिकित्सा क्षेत्र की नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी भी है। उन्होंने आशा, एएनएम और माता-पिता की सक्रिय भागीदारी पर बल दिया। डॉ. मनोज शर्मा, मुख्य चिकित्साधिकारी, देहरादून ने कहा कि निमोनिया जैसी बीमारियों से निपटने के लिए प्राथमिक स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं को और सशक्त बनाया जा रहा है। इस अवसर पर डॉ. उमा रावत (सहायक निदेशक, बाल स्वास्थ्य), आईईसी टीम, बाल स्वास्थ्य प्रकोष्ठ, सीएचसी डोईवाला के चिकित्सक एवं पैरामेडिकल स्टाफ सहित बड़ी संख्या में स्वास्थ्य कर्मी एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

    हर घर तक पहुँचेगी ‘सांस’ की सुरक्षा
    कार्यक्रम के समापन पर यह घोषणा की गई कि सांस अभियान 2025-26 को 12 नवम्बर 2025 से 28 फरवरी 2026 तक पूरे राज्य में संचालित किया जाएगा। इस अवधि में प्रत्येक जिले में निमोनिया से बचाव हेतु विशेष जागरूकता अभियान, स्वास्थ्य शिविर, घर-घर आशा और एएनएम का भ्रमण, बच्चों में खतरे के लक्षणों की पहचान और सक्रिय मामलों की खोज (Active Case Finding) जैसी गतिविधियाँ की जाएंगी। अभियान का मुख्य उद्देश्य पाँच वर्ष से कम आयु के बच्चों में निमोनिया से होने वाली मृत्यु दर को कम करना है। इसके चार प्रमुख स्तंभ हैं जागरूकता, शीघ्र पहचान, समय पर उपचार और टीकाकरण।

    हर सांस की सुरक्षा, हर बच्चे का अधिकार
    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार ने यह संकल्प दोहराया है कि उत्तराखंड का कोई भी बच्चा निमोनिया जैसी रोकी जा सकने वाली बीमारी से अपनी सांसें न खोए। सांस अभियान 2025-26 केवल एक स्वास्थ्य कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज की सामूहिक जिम्मेदारी की दिशा में उठाया गया सशक्त कदम है ताकि हर बच्चे की सांसें सुरक्षित रहें और उत्तराखंड स्वस्थ भविष्य की ओर बढ़े।

  • मुख्यमंत्री को सौंपा प्रदेश को राष्ट्रीय स्तर पर मिले व्यापार सुधार कार्य योजना के तहत टॉप अचीवर्स पुरस्कार

    मुख्यमंत्री को सौंपा प्रदेश को राष्ट्रीय स्तर पर मिले व्यापार सुधार कार्य योजना के तहत टॉप अचीवर्स पुरस्कार

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को बुधवार को सचिवालय में सचिव उद्योग श्री विनय शंकर पाण्डेय ने प्रदेश को राष्ट्रीय स्तर पर व्यापार सुधार कार्य योजना 2024 के तहत पांच प्रमुख सुधार श्रेणियों में प्रदेश को प्राप्त टॉप अचीवर्स पुरस्कार भेंट किया।

    राज्य को मिला यह पुरस्कार नई दिल्ली में आयोजित उद्योग समागम 2025 में केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल द्वारा उद्योग सचिव श्री विनय शंकर पाण्डेय को यह प्रतिष्ठित पुरस्कार प्रदान किया गया था। यह अचीवर्स पुरस्कार उत्तराखंड को देश में व्यवसाय प्रवेश, निर्माण परमिट सक्षमकर्ता, पर्यावरण पंजीकरण, निवेश सक्षमकर्ता एवं श्रम विनियमन सक्षमकर्ता जैसे पाँच सुधार क्षेत्रों में सर्वाेच्य उपलब्धि प्राप्त करने के लिए प्रदान किया गया है।

    मुख्यमंत्री ने इसे राज्य की व्यवसाय सुगमता के लिये महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर राज्य को यह पुरस्कार मिलना गर्व की बात है। जो व्यापार सुधार कार्य योजना के लिये राज्य के सतत प्रयासों का प्रतिफल है।

    उन्होंने कहा कि उत्तराखंड ने सतत और समावेशी विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता प्रदर्शित की है। इन सुधारों का उद्देश्य न केवल निवेश में तेजी लाना है, बल्कि पारिस्थितिक अखंडता और समान विकास को भी बनाए रखना है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि औद्योगिक विकास प्रदेश की समृद्धि और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसरों का माध्यम बन रहा है। बी.आर.ए.पी. 2024 में देश के शीर्ष राज्यों में स्थान पाना निवेशकों को उत्तराखंड की ओर आकर्षित करेगा और राज्य की आर्थिक प्रगति को नई गति प्रदान करेगा।

    इस अवसर पर महानिदेशक उद्योग सौरव गहरवार उपस्थित थे।