मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से आज मुख्यमंत्री आवास में महिला क्रिकेट विश्व कप विजेता टीम की सदस्य एवं उत्तराखंड की गौरव, क्रिकेटर स्नेह राणा ने शिष्टाचार भेंट की।
इस अवसर पर विशेष प्रमुख सचिव खेल अमित सिन्हा भी उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री धामी ने स्नेह राणा को भारतीय महिला क्रिकेट टीम की शानदार जीत पर हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि पूरे देश और उत्तराखंड के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि स्नेह राणा ने अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन और संघर्षशीलता से देश और प्रदेश का नाम विश्व पटल पर रोशन किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्नेह राणा जैसी खिलाड़ी उत्तराखंड की बेटियों के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को हरसंभव सहयोग और प्रोत्साहन देने के लिए प्रतिबद्ध है। खेल नीति के माध्यम से खिलाड़ियों को प्रशिक्षण, नौकरी और आर्थिक सहायता जैसी सभी सुविधाएं दी जा रही हैं।
स्नेह राणा ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार की ओर से खिलाड़ियों को जो सहयोग मिल रहा है, उससे राज्य में खेलों का वातावरण और अधिक सशक्त हुआ है। उन्होंने कहा कि वे भविष्य में भी देश और प्रदेश का नाम रोशन करने के लिए निरंतर प्रयासरत रहेंगी।
मुख्यमंत्री धामी ने स्नेह राणा को आगे की प्रतियोगिताओं के लिए शुभकामनाएं दीं और कहा कि उनकी यह उपलब्धि उत्तराखंड की खेल प्रतिभाओं के लिए एक नया प्रेरक अध्याय है।
उत्तराखण्ड को व्यापार सुधार कार्य योजना BRAP 2024 के अंतर्गत पांच प्रमुख सुधार श्रेणियों में टॉप अचीवर्स पुरस्कार से सम्मानित किया गया है, जो देश में किसी भी राज्य और केंद्र शासित प्रदेश द्वारा प्राप्त सर्वोच्च संख्या है।
मंगलवार को नई दिल्ली में आयोजित उद्योग समागम 2025 में व्यापार सुधार कार्य योजना BRAP 2024 के अंतर्गत उत्तराखंड के उत्कृष्ट प्रदर्शन को मान्यता देते हुए इस पुरस्कार की घोषणा की गई। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल द्वारा उत्तराखंड सरकार के उद्योग सचिव श्री विनय शंकर पांडे और महानिदेशक एवं आयुक्त उद्योग डॉ. सौरभ गहरवार को यह प्रतिष्ठित पुरस्कार प्रदान किया गया। इस अवसर पर केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री श्री जितिन प्रसाद भी उपस्थित थे।
उत्तराखंड को देश में व्यवसाय प्रवेश, निर्माण परमिट सक्षमकर्ता, पर्यावरण पंजीकरण, निवेश सक्षमकर्ता एवं श्रम विनियमन सक्षमकर्ता जैसे पाँच सुधार क्षेत्रों में सर्वाेच्य उपलब्धि प्राप्त करने वाला राज्य माना गया है। जो उत्तराखंड की व्यवसाय सुगमता (ईओडीबी) यात्रा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यात्रा में 2015 में 23वें स्थान से लेकर BRAP 2024 के तहत सुधारों में राष्ट्रीय स्तर पर अग्रणी बनने की यह महत्वपूर्ण यात्रा हैं।
पुरस्कार प्राप्त करते हुए उद्योग सचिव श्री विनय शंकर पांडे ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के कुशल मार्गदर्शन एवं सतत पर्यवेक्षण में पांच सुधार क्षेत्रों में शीर्ष उपलब्धि प्राप्त करने वालों के रूप में मान्यता प्राप्त होना और राष्ट्रीय स्तर पर सूची में शीर्ष स्थान प्राप्त करना उत्तराखंड के लिए गर्व का क्षण है। जो 2015 में 23वें स्थान से लेकर आज राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त करना, पारदर्शिता, दक्षता और निवेशक केंद्रितता में हमारी प्रगति को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि राज्य ने आवेदन जमा करने और ऑनलाइन भुगतान से लेकर रीयल टाइम ट्रैकिंग, अंतिम मंजूरी, नवीनीकरण और प्रोत्साहन वितरण तक, संपूर्ण अनुमोदन जीवनचक्र को कवर करने वाली प्रक्रियाओं के पूर्ण डिजिटलीकरण के माध्यम से अपने व्यवसाय सुविधा पारिस्थितिकी तंत्र को बदल दिया है। राज्य में वर्तमान में 20 से अधिक विभागों में 200 से अधिक सेवाएं एकल खिड़की प्रणाली के माध्यम से ऑनलाइन प्रदान की जाती हैं, जिससे भौतिक संपर्क बिंदुओं में उल्लेखनीय कमी आई है और पारदर्शिता बढ़ी है। राजस्व, श्रम, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, विकास प्राधिकरण, वन, सिंचाई, जल संस्थान और विद्युत जैसे प्रमुख विभाग इस प्रणाली में एकीकृत है।
सचिव उद्योग ने कहा कि निवेशकों को और अधिक सहायता प्रदान करने के लिए राज्य ने उत्तराखण्ड सोसाइटी फॉर प्रमोशन ऑफ इन्वेस्टमेंट, स्टार्टअप एंड एंटरप्रेन्योरशिप (यूके-एसपीआईएसई) की स्थापना की है, जो निवेशकों की सुविधा और संपूर्ण परियोजना सहायता के लिए एक समर्पित टीम है। राज्य में व्यावसायिक प्रक्रियाओं को सरल बनाने पर विशेष ध्यान दिया रहा है। उत्तराखंड ने सतत और समावेशी विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को भी उजागर किया है। इन सुधारों का उद्देश्य न केवल निवेश में तेजी लाना है, बल्कि पारिस्थितिक अखंडता और समान विकास को भी बनाए रखना है।
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हमारा लक्ष्य राज्य को औद्योगिक निवेश के लिए देश का अग्रणी गंतव्य बनाना है। BRAP 2024 में सर्वोच्च पुरस्कार मिलना हमारी नीतिगत पारदर्शिता, उद्योग-अनुकूल वातावरण और निवेशकों के विश्वास का प्रमाण है। औद्योगिक विकास प्रदेश की समृद्धि और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसरों का माध्यम बन रहा है। BRAP 2024 में देश के शीर्ष राज्यों में स्थान पाना निवेशकों को उत्तराखंड की ओर आकर्षित करेगा और राज्य की आर्थिक ग्रोथ को नई गति देगा।
उत्तराखंड अपनी लोक संस्कृति, तीर्थ स्थल के साथ साथ साहसिक पर्यटन का केंद्र बन रहा है। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी पर्यटन गतिविधियों को लगातार आगे बढ़ाने में जुटे है। पर्यटन गतिविधियों को लेकर प्रदेश सरकार के माध्यम से संचालित विभिन्न योजनाएं पहाड़ के लोगों के लिए मील का पत्थर साबित हो रही है। इसका जीता जागता उदाहरण देहरादून जनपद के चकराता ब्लॉक की रहने वाली नीलम चौहान ने पेश किया है। इन्हें हाल ही में रजत जयंती वर्ष के अवसर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सर्वश्रेष्ठ होमस्टे संचालक के तौर पर पुरस्कृत किया गया।
चकराता ब्लॉक की ग्राम पाटी की निवासी नीलम चौहान ने वर्ष 2022-23 में स्वरोजगार हेतु पर्यटन विभाग की पंडित दीनदयाल उपाध्याय होमस्टे योजना के अंतर्गत 15 लाख की राजकीय सहायता प्राप्त कर होमस्टे व्यवसाय शुरू किया। पहाड़ी वास्तुकला से बना नीलम का ‘‘हरुल-ए-बुटीक होमस्टे’’ बड़े पैमाने पर पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है। साथ ही स्थानीय पर्यटन को भी बढ़ावा दे रहा है।
चकराता की पहाड़ियों में बसा नीलम चौहान का 06 भवन और डाइनिंग हॉल समेत कॉटेज वाला हरुल-ए-बुटीक होमस्टे पर्यटकों को चकराता की सुंदर वीडियो का भी अनुभव कर रहा है। जहां से पर्यटक सीधे टाइगर फॉल, देवबन, बंदरपंच के बर्फीले शिखर के साथ चकराता की सुंदरता को निहार रहे हैं। पहाड़ी व्यंजनों जैसे मंडवा की रोटी, गहत का शूप, झगोरे की खीर का स्वाद इस होमस्टे में पर्यटकों का दिल छू रहा है। इस होमस्टे के व्यवसाय से नीलम प्रति वर्ष 25 से 30 लाख की आय अर्जित कर रही है। नीलम ने पर्यटकों की सुख सुविधाओं के साथ गांव के 07 लोगों को होमस्टे में रोजगार देकर जॉब गिवर के तौर पर भी मिसाल पेश की है।
नीलम चौहान ने बताया कि सरकार द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाएं वास्तव में महिलाओं के लिए एक सुनहरा अवसर है। पर्यटन विभाग से पंडित दीनदयाल उपाध्याय होम स्टे योजना से उन्होंने अपना होम स्टे बनाकर तैयार किया। होमस्टे से वह सालाना 25 से 30 लाख की आय कमा रही है। उन्होंने बताया कि होमस्टे में पहाड़ी व्यंजनों के साथ यहां की सुंदरता भी पर्यटकों को काफी लुभा रही है। नीलम ने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा मिले पुरस्कार से मेरा आत्म मनोबल बड़ा है। महिलाएं इस रोजगार से जुड़कर अपने आप को आत्मनिर्भर बना सकती हैं।
जिला पर्यटन अधिकारी वृजेन्द्र पांडेय ने बताया कि जनपद देहरादून की चकराता निवासी नीलम चौहान ने पर्यटन विभाग की पंडित दीन दयाल उपाध्याय होम स्टे योजना का लाभ लिया। जिससे कि वे स्वरोजगार से जुड़कर न केवल आत्मनिर्भर बनी है, बल्कि आसपास के लोगों को रोजगार देकर एक प्रेरणा का काम कर रही है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा लगातार ग्रामीण क्षेत्रों में पर्यटन को प्रोत्साहित करने हेतु युवाओं और महिलाओं को स्वरोजगार के प्रति प्रतिबद्धता और पर्यटन को बढ़ावा देने की पहल से आज चकराता की नीलम चौहान स्वरोजगार की राह पर अनेक लोगों के लिए भी प्रेरणा स्रोत का काम कर रही है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुख्यमंत्री आवास में आज मई 2025 में माउंट एवरेस्ट फतह करने वाले 16 वर्षीय बालक सचिन कुमार ने शिष्टाचार भेंट की। मुख्यमंत्री ने सचिन कुमार को उनके इस अद्भुत और साहसिक उपलब्धि के लिए हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं।
मुख्यमंत्र धामी ने कहा कि इतनी कम उम्र में एवरेस्ट जैसी विश्व की सबसे ऊँची चोटी को फतह करना साहस, दृढ़ निश्चय और परिश्रम का अद्भुत उदाहरण है। उन्होंने कहा कि सचिन कुमार ने न केवल अपने परिवार और प्रदेश का नाम रोशन किया है, बल्कि पूरे देश के युवाओं के लिए एक नई प्रेरणा स्थापित की है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की भूमि वीरता और पराक्रम की भूमि है, और प्रदेश के युवा लगातार विभिन्न क्षेत्रों में देश का नाम ऊँचा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार खेल, साहसिक गतिविधियों और पर्वतारोहण के क्षेत्र में युवाओं को प्रोत्साहित करने के लिए अनेक योजनाएँ चला रही है।
मुख्यमंत्री धामी ने सचिन कुमार को उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दीं और कहा कि राज्य सरकार प्रतिभाशाली युवाओं को हरसंभव सहयोग और प्रोत्साहन प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।
सचिन कुमार ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें प्रदेश के मुख्यमंत्री से मिलकर अत्यंत प्रेरणा मिली है और वे आगे भी देश और प्रदेश का गौरव बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयास करते रहेंगे।
उत्तराखंड रजत जयंती के अवसर पर देहरादून एफआरआई परिसर में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दृष्टिगत जिला प्रशासन देहरादून ने चाक चौबंद व्यवस्थाएं की।
माननीय प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में बड़ी संख्या में आने वाले वाहनों शहर तथा आसपास जाम की स्थिति ना बने इसके लिए जिलाधिकारी ने लच्छीवाला टोल प्लाजा को राज्य स्थापना दिवस के दिन 9 नवंबर को प्रातः 5:00 बजे से सांय 6:00 बजे तक खुला रखने के आदेश दिए । जिसके फलस्वरुप इस दौरान किसी भी निजी, कमर्शियल व अन्य वाहनों का टोल टैक्स नहीं काटा गया। रविवार प्रातः पांच बजे से लेकर शाम छह बजे तक टोल प्लाजा से वाहनों का निश्शुल्क आवागमन हुआ।
जिलाधिकारी के निर्देश पर टोल प्लाजा निश्शुल्क रखा गया है। माननीय प्रधानमंत्री के आगमन के दौरान सीमावर्ती व पर्वतीय जनपदों से बसे एवं निजी वाहनों के अधिक संख्या में कार्यक्रम स्थल पहुंचने के चलते टोल प्लाजा पर जाम की स्थिति न बने तथा शहर को जाम मुक्त रखा जाए तथा कानून एवं शांति व्यवस्था बनाने जाने को लेकर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की शक्तियों का प्रयोग करते हुए सुबह पांच बजे से लेकर शाम छह बजे तक टोल प्लाजा को निश्शुल्क रूप से खुला रखने के आदेश दिए गए थे । इस अवधि में फास्ट टैग से भी किसी प्रकार का कोई टोल नहीं वसूला गया है। शाम छह बजे के बाद नियमित रूप से टोल कटना प्रारंभ हो गया था।
देहरादून: उत्तराखंड रजत जयंती के अवसर पर देहरादून एफआरआई परिसर में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दृष्टिगत जिला प्रशासन देहरादून ने चाक चौबंद व्यवस्थाएं की।
माननीय प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में बड़ी संख्या में आने वाले वाहनों शहर तथा आसपास जाम की स्थिति ना बने इसके लिए जिलाधिकारी ने लच्छीवाला टोल प्लाजा को राज्य स्थापना दिवस के दिन 9 नवंबर को प्रातः 5:00 बजे से सांय 6:00 बजे तक खुला रखने के आदेश दिए ।
जिसके फलस्वरुप इस दौरान किसी भी निजी, कमर्शियल व अन्य वाहनों का टोल टैक्स नहीं काटा गया। रविवार प्रातः पांच बजे से लेकर शाम छह बजे तक टोल प्लाजा से वाहनों का निश्शुल्क आवागमन हुआ।
जिलाधिकारी के निर्देश पर टोल प्लाजा निश्शुल्क रखा गया है। माननीय प्रधानमंत्री के आगमन के दौरान सीमावर्ती व पर्वतीय जनपदों से बसे एवं निजी वाहनों के अधिक संख्या में कार्यक्रम स्थल पहुंचने के चलते टोल प्लाजा पर जाम की स्थिति न बने तथा शहर को जाम मुक्त रखा जाए तथा कानून एवं शांति व्यवस्था बनाने जाने को लेकर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की शक्तियों का प्रयोग करते हुए सुबह पांच बजे से लेकर शाम छह बजे तक टोल प्लाजा को निश्शुल्क रूप से खुला रखने के आदेश दिए गए थे । इस अवधि में फास्ट टैग से भी किसी प्रकार का कोई टोल नहीं वसूला गया है। शाम छह बजे के बाद नियमित रूप से टोल कटना प्रारंभ हो गया था।
गैरसैण: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को उत्तराखण्ड के रजत जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में राज्य की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण (भराड़ीसैंण) में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। विधानसभा परिसर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य आंदोलन के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
इस अवसर पर उन्होंने राज्य आंदोलनकारियों को शाल ओढ़ाकर सम्मानित भी किया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने जनपद की 142.25 करोड़ रुपये की विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास भी किया, जिनमें 43.63 करोड़ की 27 विकास योजनाओं का लोकार्पण तथा 98.62 करोड़ रुपये की 33 विकास योजनाओं का शिलान्यास शामिल है।
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन किया। खेल, शिक्षा, कृषि और अन्य क्षेत्रों में सराहनीय कार्य करने वाले लोगों को भी मुख्यमंत्री ने सम्मानित किया। कार्यक्रम के दौरान आईटीबीपी, आईआरबी, नागरिक पुलिस, होमगार्ड, महिला आरक्षी, नागरिक पुलिस/फायर सर्विस तथा एनसीसी महिला दस्ते ने 46वीं वाहिनी पीएसी के बैंड की धुन पर शानदार रैतिक परेड का प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री ने रैतिक परेड का निरीक्षण भी किया।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्यवासियों को उत्तराखण्ड स्थापना की रजत जयंती की बधाई देते हुए देश की रक्षा में सर्वाेच्च बलिदान देने वाले वीर जवानों तथा उत्तराखण्ड राज्य के निर्माण के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले सभी अमर बलिदानियों और राज्य आंदोलनकारियों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने उत्तराखण्ड के रजत जयंती वर्ष के मुख्य कार्यक्रम में शिरकत कर राज्य का मान बढ़ाने का कार्य किया है। इस दौरान उन्होंने राज्य को 8,200 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं की सौगात भी दी है और राज्य के विकास के लिए लक्ष्य भी निर्धारित किए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की ओर से उत्तराखण्ड को विश्व की आध्यात्मिक राजधानी बनाने के लिए निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। राज्य में तीर्थाटन विकास के लिए केदारखण्ड और मानसखण्ड में स्थित पौराणिक मंदिरों का पुनरुद्धार एवं सौंदर्यीकरण का कार्य तेज गति से किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर भारत रत्न, पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी जी का भी भावपूर्ण स्मरण किया। उन्होंने कहा कि अटल जी ने हमें नया राज्य देने के साथ ही विशेष औद्योगिक पैकेज प्रदान कर राज्य को नई दिशा और मजबूती दी थी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा गैरसैंण के विकास के लिए विभिन्न विकास योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। सारकोट गांव को गोद लेकर ग्रामीणों और विभागों के समन्वय से गांव को मॉडल गांव के रूप में विकसित करने का कार्य किया जा रहा है। साथ ही राज्य के समग्र विकास के लिए नई नीतियों और योजनाओं का नियोजन कर राज्य को विकसित करने का कार्य किया जा रहा है। इसका परिणाम है कि उत्तराखण्ड राज्य आज देश की अनेक योजनाओं में अग्रणी राज्य के रूप में जाना जा रहा है। राज्य की विकास दर में तेजी से वृद्धि हुई है और कृषकों की आय में बढ़ोतरी हो रही है। राज्य में बेरोजगारी में 4.4 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। सतत विकास सूचकांक में उत्तराखण्ड को देश में प्रथम स्थान तथा मोस्ट फिल्म फ्रेंडली स्टेट अवार्ड भी मिला है। केंद्र सरकार के सहयोग से बुनियादी ढांचा, शिक्षा, स्वास्थ्य, हवाई एवं रेल कनेक्टिविटी के क्षेत्र में राज्य निरंतर प्रगति कर रहा है। उन्होंने कहा कि मंदिर माला मिशन, एक जिला एक मेला योजना और साहसिक पर्यटन को प्रोत्साहन देकर राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में सख्त भू-कानून लागू किया गया है। भू-कानून लागू कर भू-माफिया पर अंकुश लगाया गया है। सख्त नकल विरोधी कानून लागू कर भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के “लोकल टू ग्लोबल” मंत्र को साकार करने में राज्य ने अग्रणी भूमिका निभाई है। इस दौरान उन्होंने गैरसैंण एवं आसपास के क्षेत्रों को स्मार्ट सिटी की तर्ज पर विकसित करने के लिए मास्टर प्लान की डीपीआर तैयार कर कार्य करने की बात कही। साथ ही उन्होंने चौखुटिया, ज्योतिर्मठ और घनशाली को उड़ान योजना से जोड़ने की घोषणा की।
इस मौके पर कैबिनेट मंत्री एवं चमोली जनपद के प्रभारी मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, कर्णप्रयाग विधायक अनिल नौटियाल, थराली विधायक भूपाल राम टम्टा, रुद्रप्रयाग विधायक भरत सिंह चौधरी, रानीखेत विधायक प्रमोद नैनवाल, कपकोट विधायक सुरेश गड़िया, रुड़की विधायक प्रदीप बत्रा, जिला पंचायत अध्यक्ष दौलत सिंह बिष्ट, उपाध्यक्ष बीकेटीसी ऋषि प्रसाद सती, राज्यमंत्री रामचंद्र गौड़, हरक सिंह नेगी, भाजपा जिलाध्यक्ष गजपाल बर्त्वाल, नगर पालिका अध्यक्ष गणेश शाह, संदीप रावत, ब्लॉक प्रमुख गैरसैंण श्रीमती दुर्गा देवी, ग्राम प्रधान सारकोट सुश्री प्रियंका नेगी, पूर्व कर्णप्रयाग विधायक एवं राज्य आंदोलनकारी सुरेंद्र सिंह, भाजपा महामंत्री अरुण मैठाणी, विनोद कनवासी, जिलाधिकारी गौरव कुमार, पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. अभिषेक त्रिपाठी सहित स्थानीय लोग उपस्थित रहे।
देहरादून: मुख्य सचिव आनंद बर्धन की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री घोषणाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। मुख्य सचिव ने संबंधित सचिवों, विभागाध्यक्षों और जिलाधिकारियों को पूर्ण हो चुकी, गतिमान और किसी विशेष इश्यू के चलते अभी तक प्रारंभ नहीं की जा सकी ऐसी सभी सीएम घोषणाओं तथा गणतंत्र दिवस, स्वतंत्रता दिवस तथा राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर की गई सभी घोषणाओं का पृथक- पृथक विवरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
उन्होंने गतिमान घोषणाओं की भौतिक और वित्तीय प्रगति का अपडेट तीन दिवस की अवधि में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
ऐसी घोषणाएं जिनको किसी भी प्रकार के इश्यू के चलते अभी तक प्रारंभ नहीं किया जा सका उनका विवरण कार्य प्रारंभ न करने का कारण बताते हुए सात दिवस की अवधि में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने निर्देशित किया कि गणतंत्र दिवस, स्वतंत्रता दिवस और राज्य स्थापना दिवस पर की गई मुख्यमंत्री घोषणाओं की सूची अलग से तैयार करें तथा उनको उच्च प्राथमिकता में लेते हुए अग्रिम कार्रवाई करना सुनिश्चित करें।
उन्होंने संबंधित विभागों और जिलाधिकारियों को कहा कि ऐसी घोषणाऐं जिनको तत्काल प्रारंभ करने में कोई इशू नहीं है उनके तत्काल प्रस्ताव प्रस्तुत करें। जिन घोषणाओं को प्रारंभ करने में कोई इशू है उनकी समस्या की प्रकृति बताते हुए उचित निराकरण हेतु प्रथम बार विभागीय सचिव स्तर से निस्तारित कराएं यदि सचिव स्तर पर निस्तारण नहीं हो पाता तो उन्होंने उनके स्तर पर निराकरण हेतु प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने सचिव एस एन पांडेय को निर्देशित किया कि मुख्यमंत्री घोषणाओं की प्रगति तेजी से पूरी हो इसके लिए निगरानी का प्रभावी मेकैनिज्म बनाएं तथा जिन विभागों की जिस घोषणा में प्रगति संतोषजनक न हो उनको व्यक्तिगत अथवा दैनिक रूटीन से अवगत कराते हुए उसकी प्रगति बढ़ाएं।
मुख्यमंत्री की कुल 3575 घोषणाओं में से 2215 घोषणाएं पूर्ण हो चुकी हैं, 777 पर कार्रवाई गतिमान है तथा 583 घोषणाएं अपूर्ण हैं।
बैठक में अपर सचिव नवनीत पांडेय व जगदीश कांडपाल, उपसचिव हीरा सिंह बसेड़ा, आर सी शर्मा सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
उत्तराखंड राज्य स्थापना की रजत जयंती के अवसर पर देहरादून स्थित एफआरआई परिसर में आयोजित भव्य समारोह के दौरान प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने उत्तराखंड की विकास यात्रा को साकार करने वाले विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिभागियों से संवाद किया। यह संवाद राज्य की 25 वर्षों की प्रगति और आम नागरिकों की भूमिका को रेखांकित करने वाला सशक्त मंच सिद्ध हुआ।
संवाद में स्वयं सहायता समूहों की महिलाएँ, युवा नवाचारक, पर्यटन और एडवेंचर स्पोर्ट्स से जुड़े उद्यमी तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थी शामिल रहे। इन प्रतिभागियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि किस प्रकार राज्य सरकार की योजनाओं, बेहतर संपर्क एवं बुनियादी ढाँचे और नवाचार को प्रोत्साहन ने उनके जीवन और आजीविका को परिवर्तित किया।
प्रधानमंत्री ने इन सभी को उत्तराखंड की नई पहचान — “आत्मनिर्भर, सशक्त और सतत राज्य” — के प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि इन उद्यमियों, युवाओं और ग्रामीण महिलाओं की सफलता की कहानियाँ विकसित भारत 2047 के सपने को साकार करने में प्रेरक सिद्ध होंगी।
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य की प्रगति लोगों की भागीदारी, सामुदायिक नेतृत्व और नवाचार की भावना से प्रेरित है। यह संवाद “विकसित उत्तराखंड” की दिशा में जनसहभागिता आधारित विकास मॉडल की झलक प्रस्तुत करता है।
राज्य स्थापना दिवस के दिन आज जिलाधिकारी प्रशांत आर्य उद्योग विभाग द्वारा संचालित स्वरोजगार योजनाओं का लाभ लेकर अपना व्यवसाय आरम्भ करने वाले नवउद्यमियों को प्रोत्साहित करने पहुंचे। उत्तरकाशी जोशीयाडा में श्री जसपाल पंवार द्वारा मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना से जिम खोला है जिसका उद्घाटन जिलाधिकारी प्रशांत आर्य द्वारा किया गया।
उद्योग विभाग द्वारा संचालित मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना से जोशीयाडा में अन्य दो उद्यमी श्री सौरभ भट्ट लाइब्रेरी संचालक तथा श्री शिवम संतरी अर्बन कैफे संचालक है। जिलाधिकारी प्रशांत आर्य द्वारा इन उद्यमियों के द्वारा संचालित व्यावसायिक इकाइयों का भ्रमण किया गया। ये सभी जनपद के निवासी हैं तथा स्वरोजगार से पूर्व अन्यत्र कार्य कर रहे थे।
उद्योग विभाग द्वारा संचालित मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना की जानकारी प्राप्त होने के उपरांत उन्होंने स्वयं का व्यवसाय करने का निर्णय लिया। उक्त योजना के अंतर्गत इच्छुक बेरोजगार युवकों को बैंक के माध्यम से वित्त पोषित करते हुए स्वयं का व्यवसाय प्रारंभ करने हेतु सहयोग प्रदान किया जा रहा है इस योजना के अंतर्गत 25 से 35 प्रतिशत तक सब्सिडी या अनुदान का लाभ राज्य सरकार द्वारा प्रदान किया जा रहा है।
जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने इस पहल की सराहना की और कहा कि सरकार की विभिन्न योजनाओं का उद्देश्य युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना है। इनसे प्रेरित होकर अन्य बेरोजगार युवा भी स्वरोजगार से जुड़ सकते है जो युवाओं को पलायन छोड़कर व्यवसाय से जुड़ने में महत्वपूर्ण सिद्ध होगा।
इस दौरान जिला पंचायत सदस्य दीपेंद्र कोहली, जीएम डीआईसी शैली डबराल उपस्थित रही।