Category: उत्तराखंड

  • पीएम किसान सम्मान निधि योजना 21वीं किस्त: एक हफ्ते में पूरे कर लें ये काम, नहीं तो खाते में नहीं आएंगे 2000

    पीएम किसान सम्मान निधि योजना 21वीं किस्त: एक हफ्ते में पूरे कर लें ये काम, नहीं तो खाते में नहीं आएंगे 2000

    प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के 2000 रुपये ज्यादा दूर नहीं हैं। तमिलनाडु कृषि विभाग ने पीएम किसान के लाभार्थियों से एक हफ्ते के भीतर कुछ जरूरी काम करने को कहे हैं।

    इसके बाद अनुमान लगाया जा रहा है कि बिहार चुनावों के परिणाम यानी 14 नवंबर के बाद किसी भी दिन पीएम किसान योजना की 21वीं किस्त को जारी करने की तारीख का ऐलान किया जा सकता है। इस योजना से देशभर में करीब 10 करोड़ किसान जुड़े हैं। हालांकि अभी तक सिर्फ पंजाब, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड के किसानों के खाते में ही 21वीं किस्त के रूप में 2000 रुपये आए हैं।

    तमिलनाडु में त्रिची और डेल्टा जिला विभाग और कृषि व किसान कल्याण विभाग ने पीएम किसान के लाभार्थियों से कहा है कि अगर खाते में अगली किस्त का पैसा चाहिए तो एक हफ्ते के भीतर अपनी जानकारी को अपडेट कर दें। अगर ऐसा नहीं होगा तो खाते में अगली किस्त के 2000 रुपये नहीं आएंगे। अधिकारियों के मुताबिक 25 से 30 फीसदी किसानों ने अभी तक इस प्रक्रिया को पूरा नहीं किया है। विभाग के मुताबिक त्रिची में 1,20,029, तंजावुर में 66,193, तिरुवरूर में 39,898, नागापट्टनम में 26,470 और माइलादुथुराई में 32,500 लाभार्थी किसान हैं।

    अब विभाग ने कहा है कि इन्हें पोर्टल पर अपने दस्तावेज जैसे खेत के कागज, फसल की जानकारी से संबंधित कागज जमा करने हैं। पीएम किसान योजना के लिए खेत के मालिकाना हक के कागजात जरूरी हैं। अगर आपने पीएम किसान योजना में ये कागज जमा नहीं कराए हैं तो दिक्कत हो सकती है।

    ऐसा भी देखने में आ रहा है कि बहुत से किसानों ने अभी तक फार्मर आईडी यानी किसान पहचान पत्र नहीं बनवाया है। 21वीं किस्त के आने में बहुत ज्यादा समय नहीं बचा है। ऐसे में इस काम को जितना जल्दी हो सकता है, उतना जल्दी निपटा लें। सरकार की ओर से दो टूक कहा गया है कि जिन किसानों के पास किसान पहचान पत्र नहीं होगा, उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिलेगा।

  • राज्य स्थापना के रजत जयंती समारोह में राज्यपाल ने रैतिक परेड की सलामी ली

    राज्य स्थापना के रजत जयंती समारोह में राज्यपाल ने रैतिक परेड की सलामी ली

    देहरादून: उत्तराखण्ड राज्य स्थापना के रजत जयंती समारोह के अवसर पर शुक्रवार को पुलिस लाइन, देहरादून में आयोजित कार्यक्रम में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) एवं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रतिभाग किया।

    राज्यपाल ने इस अवसर पर आयोजित रैतिक परेड का निरीक्षण कर सलामी ली। राष्ट्रीय गीत ‘‘वंदे मातरम’’ के 150 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर कार्यक्रम की शुरुआत वंदे मातरम गीत से हुई। इस अवसर पर राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री द्वारा ‘‘उत्तराखण्ड पुलिस पत्रिका-2025’’ का विमोचन एवं रजत जयंती पदक के प्रतीकात्मक चिन्ह का अनावरण किया गया।

    कार्यक्रम में पुलिस विभाग द्वारा विशिष्ट साहसिक प्रदर्शन किया गया, इसमें विशेष रूप से मोटरसाइकिल दल द्वारा किए गए उत्कृष्ट प्रदर्शन ने उपस्थित दर्शकों को रोमांचित कर दिया।

    राज्यपाल ने उकृष्ट सेवाओं के लिए ‘राष्ट्रपति पुलिस पदक’ एवं ‘पुलिस पदक’ प्राप्त पुलिस अधिकारियों को सम्मानित किया।

    रजत जयंती समारोह के अवसर पर इस वर्ष का उत्तराखण्ड गौरव सम्मान निशानेबाज पद्श्री जसपाल राणा, उद्यमी एवं समाजसेवी देव रतूड़ी, अभिनेता एवं लेखक स्व. टॉम ऑल्टर, उत्तराखण्ड राज्य आंदोलनकारी स्व. सुशीला बलूनी, चिपको आंदोलन की जननी स्व. गौरा देवी, भूवैज्ञानिक स्व. खड़ग सिंह वल्दिया, वीरांगना स्व. तीलू रौतेली एवं लेखक स्व. शैलेश मटियानी को दिया गया।

    राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) एवं मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखण्ड गौरव सम्मान-2025 प्रदान किए। उक्त महानुभावों की अनुपस्थिति में यह सम्मान उनके परिजनों द्वारा प्राप्त किया गया।

    इस अवसर पर राज्यपाल ने उत्तराखण्ड राज्य स्थापना के रजत जयंती समारोह की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हम उत्तराखण्ड की 25 वर्षों की गौरवशाली यात्रा का उत्सव मना रहे हैं, यह क्षण हमारे लिए खुशी और आत्म-गौरव के पल हैं। राज्यपाल ने सभी अमर शहीदों, आंदोलनकारियों और जन नायकों को श्रद्धांजलि अर्पित की, जिनके बलिदान और संघर्ष से यह राज्य अस्तित्व में आया।

    राज्यपाल ने कहा कि जैसे स्वदेशी के मंत्र से देश की आजादी को बल मिला, वैसे ही स्वदेशी के मंत्र से देश की समृद्धि भी सुदृढ़ होगी। उन्होंने आह्वान किया कि हम वही वस्तुएँ खदीदें जो मेड इन इंडिया हों, जिनमें हमारे युवाओं का श्रम और परिश्रम निहित हो, यही आत्मनिर्भर भारत और आत्मनिर्भर उत्तराखण्ड का सबसे बड़ा मंत्र है।

    राज्यपाल ने राज्य के युवाओं से आह्वान किया कि वे तकनीक, नवाचार और स्टार्टअप के क्षेत्र में अग्रणी बनें तथा देश-प्रदेश के विकास में योगदान दें। यही वह मार्ग है जो विकसित उत्तराखण्ड, विकसित भारत 2047 के संकल्प को साकार करेगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले वर्षों में उत्तराखण्ड देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनेगा- जहाँ विकास और प्रकृति, विज्ञान और संस्कृति, आधुनिकता और परंपरा, तकनीक और मानवता साथ-साथ आगे बढ़ेंगी।

    कार्यक्रम में राज्यपाल ने भव्य परेड की सराहना करते हुए कहा कि उत्तराखण्ड पुलिस ने अपनी कार्यकुशलता, अनुशासन और दूरदर्शी दृष्टिकोण से एक सशक्त और आधुनिक पुलिस बल के रूप में पूरे देश में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित की है। उन्होंने कहा ‘‘ड्रग्स-फ्री उत्तराखण्ड’’ के लक्ष्य की दिशा में पुलिस द्वारा अपराधियों के विरुद्ध निरंतर और प्रभावी कार्रवाई की जा रही है।

    साइबर अपराधों से निपटने के लिए विशेष रूप से प्रशिक्षित साइबर कमांडो तैयार किए गए हैं, जिससे डिजिटल सुरक्षा के क्षेत्र में नई क्षमता विकसित हुई है। उन्होंने कम्युनिटी पुलिसिंग पर बल देते हुए कहा कि पुलिस ने जनता के साथ विश्वास, सहयोग और सहभागिता का सेतु मजबूत किया है, जो प्रशंसनीय है।

    राज्यपाल ने कहा कि पिछले 25 वर्षों का सफर उत्तराखण्ड के सतत परिश्रम और प्रगति की कहानी है। राज्य की स्थापना के बाद से शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन, कृषि, उद्योग, विज्ञान, तकनीक और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। उन्होंने कहा कि आज उत्तराखण्ड चार धाम यात्रा से आगे बढ़कर वैश्विक वेलनेस डेस्टिनेशन, वेडिंग डेस्टिनेशन, शूटिंग डेस्टिनेशन, योग और आयुर्वेद डेस्टिनेशन के रूप में उभर रहा है। सैकड़ों युवा अपने गाँव लौटकर आत्मनिर्भरता और स्वावलम्बन का नया अध्याय लिख रहे हैं।

    राज्यपाल ने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य आंदोलन में मातृशक्ति की भूमिका रीढ़ की भांति रही है। जल, जंगल, पहाड़ और पर्यावरण संरक्षण में महिलाओं का योगदान उल्लेखनीय रहा है। आज भी वही मातृशक्ति राज्य के विकास की सशक्त धुरी है। स्वयं सहायता समूहों से लेकर नवाचार आधारित स्टार्टअप्स तक, महिलाएं आत्मनिर्भरता की नई कहानियां लिख रही हैं। उत्तराखण्ड की बेटियाँ शिक्षा, खेल, रक्षा और विज्ञान के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही हैं जो सराहनीय है।

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य स्थापना रजत जयंती समारोह के अंतर्गत रैतिक परेड के दौरान देश की रक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाले जवानों और राज्य आन्दोलन के अमर बलिदानियों को श्रद्धापूर्वक नमन किया। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री, भारत रत्न स्व. श्री अटल बिहारी वाजपेयी का स्मरण करते हुए कहा कि उनके प्रधानमंत्रित्व काल में उत्तराखण्ड की स्थापना का स्वप्न साकार हुआ और विशेष औद्योगिक पैकेज के माध्यम से राज्य की नींव को मजबूती प्रदान करने का कार्य भी उन्होंने किया। पिछले 25 वर्षों की इस गौरवशाली यात्रा में राज्य के विकास में अपना योगदान देने वाले सभी लोगों का भी उन्होंने आभार व्यक्त किया।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य निर्माण के इन 25 वर्षों की यात्रा में राज्य ने अनेकों चुनौतियों और समस्याओं का सामना करते हुए आज देश के अग्रणी और सशक्त राज्य के रूप में अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई है। समय-समय पर राज्य को कई प्राकृतिक आपदाओं और कठिन परिस्थितियों से भी जूझना पड़ा है। उन्होंने कहा कि विशिष्ट भौगोलिक परिस्थितियों में राज्य की कानून-व्यवस्था को बनाए रखना भी अपने आप में एक बड़ी चुनौती रही है।

    इन कठिनाइयों के बीच उत्तराखण्ड पुलिस ने राज्य की आत्मा की प्रहरी और मूक साधक की भांति प्रत्येक मोर्चे पर डटकर जनसेवा का अद्वितीय उदाहरण प्रस्तुत किया है। उत्तराखण्ड पुलिस ने महिला अपराधों के निराकरण में सराहनीय कार्य किया है। गृह मंत्रालय द्वारा जारी महिला अपराधों एवं पोक्सो अधिनियम के मामलों के निस्तारण में भी उत्तराखण्ड देश में पांचवें स्थान पर रहा है। उन्होंने कहा कि साइबर अपराधों पर प्रभावी लगाम लगाने के लिए तकनीकी क्षमता को और अधिक सशक्त बनाने के साथ ही ‘ड्रग फ्री उत्तराखण्ड’ के संकल्प को एक जन आंदोलन का रूप देना होगा।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार ने पिछले करीब साढ़े चार वर्षों में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल की है। प्रदेश ने किसानों की आय में वृद्धि करने में देश भर में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। राज्य की कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट 12.69 प्रतिशत रही है, जो राष्ट्रीय औसत से चार गुना अधिक है। राज्य युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने में देश का अग्रणी राज्य बनकर उभरा है। उत्तराखण्ड के चार गांवों जखोल, हर्षिल, गूंजी और सूपी को देश भर में सर्वश्रेष्ठ पर्यटन ग्राम पुरस्कार मिला है। राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में उत्तराखण्ड को मोस्ट फिल्म फ्रेंडली स्टेट के अवॉर्ड से भी सम्मानित किया गया है। सरकार राज्य के समग्र विकास के साथ-साथ अपने सांस्कृतिक मूल्यों और डेमोग्राफी को संरक्षित रखने हेतु भी पूर्ण रूप से संकल्पबद्ध है।

    इस अवसर पर राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, विधायक प्रेमचंद अग्रवाल, खजान दास, दुर्गेश्वर लाल, मेयर देहरादून सौरभ थपलियाल मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, डीजीपी दीपम सेठ सहित शासन, पुलिस एवं जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी एवं अन्य महानुभाव उपस्थित थे।

  • परिषदीय परीक्षा 2026 के लिए रुद्रप्रयाग जिले में 69 परीक्षा केन्द्र निर्धारित

    परिषदीय परीक्षा 2026 के लिए रुद्रप्रयाग जिले में 69 परीक्षा केन्द्र निर्धारित

    रुद्रप्रयाग: जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग प्रतीक जैन की अध्यक्षता में आज जिला कार्यालय स्थित एनआईसी सभागार में परिषदीय परीक्षा-2026 के परीक्षा केन्द्रों के निर्धारण हेतु जनपदीय समिति की बैठक संपन्न हुयी।

    बैठक में परिषदीय परीक्षा 2026 हेतु जनपद में कुल 69 विद्यालयों में परीक्षा केन्द्र निर्धारित किये गये, वही वर्ष 2026 की परीक्षा हेतु 04 संवेदनशील परीक्षा केन्द्रों को प्रस्तावित किया गया है। इसके अतिरिक्त 62 विद्यालयों को छात्र संख्या मानक पूर्ण न होने अथवा निकट परीक्षा केन्द्र स्थित होने के कारण परीक्षा केन्द्र नहीं बनाया गया है।

    बैठक में प्राप्त जानकारी के अनुसार वर्ष 2026 की परिषदीय परीक्षा में हाईस्कूल स्तर पर संस्थागत छात्र संख्या 3306, व्यक्तिगत 10, कुल 3316 तथा इण्टरमीडिएट स्तर पर संस्थागत 3180, व्यक्तिगत 25, कुल 3205 परीक्षार्थी पंजीकृत हुए हैं। इस प्रकार कुल परीक्षार्थियों की संख्या 6521 है।

    जिलाधिकारी ने परीक्षा केन्द्र निर्धारण समिति द्वारा उपजिलाधिकारी, खण्ड शिक्षा अधिकारियों एवं विद्यालय प्रबन्ध समितियों के प्रस्तावों पर सहमति व्यक्त करते हुए परीक्षा केन्द्रों का निर्धारण सुनिश्चित किया। उन्होंने परीक्षा अवधि के दौरान परीक्षार्थियों की सुरक्षा हेतु विशेष रूप से वन विभाग को जंगली जानवरों से सुरक्षा के दृष्टिगत आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिये।

    साथ ही जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि परीक्षा केन्द्रों में भौतिक संसाधनों की पूर्ति, परीक्षा की गोपनीयता एवं शुचिता बनाये रखने के लिए सभी सम्बंधित अधिकारी समय रहते आवश्यक तैयारी सुनिश्चित करें।
    बैठक का समापन आगामी परीक्षाओं की निष्पक्षता एवं सुचारू संचालन की प्रतिबद्धता के साथ किया गया।

    बैठक में अपर जिलाधिकारी श्याम सिंह राणा, पुलिस उपाधीक्षक प्रबोद घिल्डियाल, समस्त उपजिलाधिकारी, मुख्य शिक्षा अधिकारी प्रमेन्द्र बिष्ट, जिला शिक्षा अधिकारी (प्रा० शि०), समस्त खण्ड शिक्षा अधिकारी, प्रधानाचार्य राजकीय इण्टर कॉलेज बसुकेदार एवं राजकीय बालिका इण्टर कॉलेज रुद्रप्रयाग सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।

  • 16 घंटे के अंदर लाखों की चोरी का खुलासा

    16 घंटे के अंदर लाखों की चोरी का खुलासा

    पुलिस ने मात्र 16 घंटे के अंदर अस्पताल परिसर में हुए लाखों के चोरी के मामले का पर्दाफाश करते हुए एक शातिर चोर को गिरफ्तार किया है। आरोपित के कब्जे से नकदी और हीरे की अंगूठी सहित चोरी का माल भी बरामद किया गया है।

    सितारगंज कोतवाली प्रभारी निरीक्षक सुंदरम शर्मा ने बताया कि बुधवार को एसएचओ हास्पिटल के चिकित्सक ऋषिकेश सिंह ने चौकी सरकड़ा में उनके घर में चोरी होने संबंधी शिकायत दर्ज कराई थी। चोर लाख रुपये नकद और करीब डेढ़ लाख रुपये मूल्य की हीरे की अंगूठी चुरा ले गए थे। पुलिस ने मामले में प्राथमिकी पंजीकृत कर जांच शुरू की।

    एसएसपी नेविशेष टीम गठित करने के निर्देश दिए। टीम ने करीब 45 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, जिसमें एक संदिग्ध व्यक्ति की स्पष्ट तस्वीर मिली। पुलिस टीम ने बुधवार को आरोपित राहुल सिंह राना, निवासी वार्ड संख्या 11 पैरपुरा, थाना सितारगंज को सरकड़ा क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से दो लाख रुपये नकद और डेढ़ लाख रुपये की हीरे की अंगूठी बरामद की गई।

    आरोपित के विरुद्ध पहले भी चोरी, लूट और अवैध शस्त्रों से जुड़े मुकदमे दर्ज हैं। न्यायालय में पेश कर उसे जेल भेज दिया गया। पुलिस टीम सरकंडा चौकी प्रभारी पंकज कुमार, कांस्टेबल संदीप सजवाल, जितेंद्र नेगी, जाकिर शामिल रहे।

  • राज्य स्थापना की रजत जयंती पर मुख्यमंत्री ने किया ‘पूर्व सैनिक सम्मेलन’ का उद्घाटन “उत्तराखंड की पहचान है वीरता और समर्पण से – मुख्यमंत्री

    राज्य स्थापना की रजत जयंती पर मुख्यमंत्री ने किया ‘पूर्व सैनिक सम्मेलन’ का उद्घाटन “उत्तराखंड की पहचान है वीरता और समर्पण से – मुख्यमंत्री

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरूवार को राज्य स्थापना की रजत जयंती के अवसर पर हल्द्वानी के एम.बी.पी.जी. कॉलेज प्रांगण में आयोजित ‘पूर्व सैनिक सम्मेलन’ का शुभारंभ किया। इस अवसर पर प्रदेशभर से बड़ी संख्या में पूर्व सैनिकों, वीर नारियों, वीरांगनाओं एवं उनके परिजनों द्वारा प्रतिभाग किया गया।

    मुख्यमंत्री ने उपस्थित पूर्व सैनिकों पर पुष्प वर्षा कर राज्य निर्माण व राष्ट्र सेवा में उनके योगदान के लिये सभी का अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड का हर परिवार गर्व से कह सकता है कि उसके घर से कोई न कोई भारत माता की सेवा में समर्पित है। मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड वास्तव में वीर भूमि है, जहाँ की माटी में ही राष्ट्रभक्ति और बलिदान की भावना रची-बसी है।

    मुख्यमंत्री धामी ने की सैनिक कल्याण से जुड़ी कई महत्वपूर्ण घोषणाएँ
    मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार सैनिकों एवं उनके परिवारों के कल्याण के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है। उन्होंने इस अवसर पर सैनिक कल्याण विभाग के पुनर्गठन और सुदृढ़ीकरण की घोषणा करते हुए कहा कि विभाग की कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी एवं पारदर्शी बनाया जाएगा ताकि हर सैनिक परिवार तक योजनाओं का लाभ सहज रूप से पहुँच सके।

    उन्होंने कहा कि हल्द्वानी, अल्मोड़ा और पौड़ी में जिला सैनिक कल्याण कार्यालयों एवं आवासीय भवनों के पुनर्निर्माण का कार्य किया जाएगा, जिससे पूर्व सैनिकों और वीर नारियों को बेहतर सुविधाएँ मिल सकेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि शहीद सैनिकों की नारियों को आवासीय भवन निर्माण हेतु दी जाने वाली सहायता राशि को 2 लाख से बढ़ाकर 5 लाख रुपये किया जा रहा है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि हल्द्वानी में सैनिकों के 150 बच्चों के लिए एक आधुनिक छात्रावास का निर्माण किया जाएगा, जिससे सैनिक परिवारों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सुरक्षित आवासीय सुविधा मिल सकेगी।

    सैनिक कभी ‘पूर्व’ नहीं होता, वह सदैव सैनिक रहता है-मुख्यमंत्री
    मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि सैनिकों का जीवन अनुशासन, समर्पण और बलिदान की मिसाल है। उन्होंने कहा कि “सैनिक कभी पूर्व सैनिक नहीं होता, वह सदैव सैनिक ही रहता है।” मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में राष्ट्र विरोधी सोच का कोई स्थान नहीं है और आज भारत में सभी जरूरी सैन्य उपकरण देश में ही बनाए जा रहे हैं तथा भारत आत्मनिर्भर बन रहा है। ऑपरेशन सिंधु मेघ में स्वदेशी ब्रह्मोस और आकाश मिसाइलों की सफलता का भी उन्होंने जिक्र किया।

    सम्मेलन में जनपद नैनीताल की 31 तथा ऊधमसिंहनगर की 13 वीर नारियों को मुख्यमंत्री श्री धामी द्वारा शॉल एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।

    “वीर नारियों का सम्मान पूरे राज्य के लिए गौरव का क्षण”-सैनिक कल्याण मंत्री

    कार्यक्रम में सैनिक कल्याण मंत्री श्री गणेश जोशी ने कहा कि यह दिन उत्तराखंड के लिए गर्व और भावनाओं से परिपूर्ण है। उन्होंने प्रदेशवासियों को राज्य स्थापना दिवस की शुभकामनाएँ दीं और कहा कि उत्तराखंड की पवित्र भूमि ने देश को अनेक वीरता पदक विजेता दिए हैं, परमवीर चक्र, महावीर चक्र, वीर चक्र और शौर्य चक्र से सम्मानित वीर, जो सदैव हमारी प्रेरणा हैं।

    उन्होंने कहा कि आज की वीर नारियों और वीरांगनाओं का सम्मान केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि पूरे राज्य के लिए गौरव का क्षण है। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड का पंचम धाम, सैन्य धाम का शीघ्र लोकार्पण किया जाएगा। वीरता पदक प्राप्त सैनिकों को निशुल्क बस यात्रा की सुविधा दी गई है तथा प्रदेश सरकार द्वारा अब तक 22 हजार से अधिक सैनिकों को रोजगार उपलब्ध कराया गया है। उन्होंने बताया कि हल्द्वानी में छात्रावास निर्माण हेतु गन्ना सेंटर के समीप 6.4 हेक्टेयर भूमि का चिन्हांकन किया जा चुका है और मुख्यमंत्री द्वारा इसका शिलान्यास शीघ्र किया जाएगा।

    कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वन मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि उत्तराखंड सैनिक बाहुल्य प्रदेश है और सरकार सैनिकों तथा उनके परिवारों के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

  • मुख्यमंत्री ने प्रदान की विभिन्न योजनाओं के लिए 16.95 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति

    मुख्यमंत्री ने प्रदान की विभिन्न योजनाओं के लिए 16.95 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति

    देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, पिलखी, टिहरी गढ़वाल को 30 शैय्यायुक्त सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के रूप में उच्चीकृत करते हुए रू0 14.83 करोड़ तथा जनपद नैनीताल के विकासखण्ड भीमताल में ग्रामीण निर्माण विभाग, प्रखण्ड नैनीताल के अनावासीय कार्यालय भवन के निर्माण हेतु रू0 2.12 करोड़ की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया है।

  • महिला क्रिकेट वर्ल्ड कप स्टार स्नेहा राणा को मुख्यमंत्री धामी का फोन — दी शुभकामनाएं, घोषित किए ₹50 लाख प्रोत्साहन राशि

    महिला क्रिकेट वर्ल्ड कप स्टार स्नेहा राणा को मुख्यमंत्री धामी का फोन — दी शुभकामनाएं, घोषित किए ₹50 लाख प्रोत्साहन राशि

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज महिला क्रिकेट वर्ल्ड कप में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाली उत्तराखंड की बेटी, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर स्नेहा राणा से दूरभाष पर वार्ता की।

    मुख्यमंत्री ने स्नेहा राणा को भारतीय क्रिकेट टीम में चयन होने पर हार्दिक बधाई दी और वर्ल्ड कप टूर्नामेंट में उत्कृष्ट प्रदर्शन व भारत को विजय दिलाने के लिए शुभकामनाएं दीं।

    मुख्यमंत्री ने स्नेहा राणा की उपलब्धियों और देश-प्रदेश का गौरव बढ़ाने पर उन्हें ₹50 लाख की प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की।

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि “ स्नेहा राणा ने मेहनत, संकल्प और प्रतिभा से उत्तराखंड का नाम विश्व पटल पर रोशन किया है। उनकी सफलता हमारे युवाओं, विशेषकर बेटियों के लिए प्रेरणा है। राज्य सरकार खिलाड़ियों को सर्वोत्तम सुविधाएं और प्रोत्साहन देने के लिए प्रतिबद्ध है।”

    मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की बेटियाँ देश को गौरवान्वित कर रही हैं और स्नेहा राणा का प्रदर्शन इसी का उज्ज्वल उदाहरण है।

    मुख्यमंत्री द्वारा सम्मान और प्रोत्साहन राशि की घोषणा पर स्नेहा राणा ने आभार व्यक्त किया और कहा कि वह देश व उत्तराखंड का नाम रोशन करने के लिए निरंतर प्रयास करती रहेंगी।

  • प्रदेश की सवा करोड़ जनता के सहयोग से उत्तराखंड को देश का श्रेष्ठ राज्य बनाएंगे – मुख्यमंत्री

    प्रदेश की सवा करोड़ जनता के सहयोग से उत्तराखंड को देश का श्रेष्ठ राज्य बनाएंगे – मुख्यमंत्री

    विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दोहराया अपना संकल्प

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान आयोजित परिचर्चा में भाग लेते हुए, राज्य गठन की पृष्ठभूमि से लेकर वर्तमान तक का विस्तृत खाका खींचते हुए, सदन के सामने आगामी वर्षों में उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने का संकल्प दोहराया।

    सभी मुख्यमंत्रियों का योगदान सराहा
    मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि अटल सरकार के कार्यकाल में राज्य स्थापना के साथ ही केंद्र सरकार द्वारा राज्य को विशेष आर्थिक पैकेज प्रदान किया गया। जिसके माध्यम से पूर्व मुख्यमंत्री स्व नित्यानंद स्वामी और भगत सिंह कोश्यारी के नेतृत्व में राज्य में जनकल्याणकारी योजनाओं के साथ-साथ पर्यटन विकास, औद्योगिक विस्तार और आर्थिक सुधारों का नया दौर प्रारंभ हुआ। उसके बाद वर्ष 2002 में राज्य के प्रथम विधानसभा चुनाव के बाद स्व. नारायण दत्त तिवारी के नेतृत्व में कांग्रेस सरकार बनी। उनके नेतृत्व में राज्य में प्रशासनिक स्थिरता स्थापित करने, औद्योगिक विकास को प्रोत्साहित करने तथा शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढाँचे के विस्तार की दिशा में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। वर्ष 2007 के बाद, तत्कालीन मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूड़ी का कार्यकाल ‘’सुशासन, पारदर्शिता और उत्तरदायित्व’’ की नीति पर केंद्रित रहा। इसके पश्चात डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ के मुख्यमंत्रित्व काल में भी कई ऐतिहासिक निर्णयों के माध्यम से राज्य का चहुंमुखी विकास सुनिश्चित किया गया।
    इसी क्रम में वर्ष 2012 में संपन्न हुए विधानसभा चुनाव में राज्य की जनता ने कांग्रेस पार्टी को सत्ता सौंपी, ये कालखंड राज्य के लिए राजनीतिक अस्थिरता, प्राकृतिक आपदाओं और विभिन्न चुनौतियों का दौर रहा। इसी दौरान केंद्र सरकार के सहयोग से केदारनाथ धाम के पुनर्निर्माण कार्य प्रारंभ किए गए, जिन्होंने 2013 की भीषण आपदा के बाद श्रद्धालुओं के विश्वास को पुनर्स्थापित करने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई। जबकि वर्ष 2017 में संपन्न हुए विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी को प्रचंड बहुमत से विजय प्राप्त हुई, जिसमें त्रिवेंद्र सिंह रावत को उत्तराखंड के मुख्यमंत्री के रूप में सेवा का अवसर मिला। उनके नेतृत्व में राज्य में सुशासन, पारदर्शिता और तकनीक आधारित प्रशासन की दिशा में अनेक महत्वपूर्ण सुधार प्रारंभ किए गए। उनके पश्चात तीरथ सिंह रावत ने मुख्यमंत्री पद का दायित्व संभालते हुए अल्प अवधि में ही हरिद्वार कुंभ जैसे विश्व के सबसे बड़े आध्यात्मिक आयोजन का कोरोना जैसी महामारी के बीच सफल आयोजन कराया।

    कठिन चुनौतियों के बीच निभाई जिम्मेदारी
    मुख्यमंत्री ने कहा कि जुलाई 2022 में कोरोना महामारी जैसी वैश्विक आपदा के दौर और विधानसभा चुनाव से मात्र सात माह पूर्व उन्हें राज्य के मुख्य सेवक के रूप में दायित्व संभालने का अवसर मिला। उस अल्पावधि में अनेकों चुनौतियाँ थीं, ऐसे में प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन और सहयोग से उन्होंने राज्य में चल रही विभिन्न नीतियों और योजनाओं का सफलतापूर्वक संचालन करते हुए राज्य को नई दिशा देने का प्रयास किया। जिसके परिणामस्वरूप वर्ष 2022 में हुए विधानसभा चुनाव में उत्तराखंड की जनता ने राज्य के इतिहास में पहली बार किसी एक दल को दूसरी बार भारी बहुमत से विजयी बनाकर पुनः राज्य की सेवा करने का अवसर प्रदान किया। उसके बाद से सरकार राज्य आंदोलनकारियों के सम्मान और उनके सपनों को साकार करने के लिए कृत संकल्पित होकर कार्य कर रही है।

    प्रगति के पथ पर उत्तराखंड
    मुख्यमंत्री ने सरकार के काम काज का विस्तार से विवरण प्रस्तुत करते हुए कहा कि राज्य में रोजगार एवं स्वरोजगार के साधनों को बढ़ाने के साथ-साथ विभिन्न क्षेत्रों में 30 से अधिक नई नीतियों को बनाकर प्रदेश के समग्र विकास का विजन प्रस्तुत करते हुए राज्य को प्रगति के पथ पर आगे ले जाने का प्रयास किया गया है। इन प्रयासों से नीति आयोग द्वारा जारी वर्ष 2023-24 के सतत् विकास लक्ष्य इंडेक्स में हमारे प्रदेश को देश में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। आज प्रदेश की बेरोजगारी दर राष्ट्रीय औसत से बेहतर है। आज राज्य की अर्थव्यवस्था का आकार 26 गुना बढ़ा है और प्रति व्यक्ति आय में 18 गुना बढ़ोतरी हुई है। राज्य गठन के समय हमारी अर्थव्यवस्था का आकार 14 हजार 501 करोड़ रुपए था, जो 2024-25 में बढ़कर 3 लाख 78 हजार 240 करोड़ रुपये होने जा रहा है। इसी प्रकार राज्य गठन के समय हमारे राज्य में प्रति व्यक्ति आय सिर्फ 15 हजार 285 रुपए थी, जो अब बढ़कर लगभग 2 लाख 74 हजार 64 रुपए के करीब है।

    डबल इंजन सरकान ने गैरसैंण को बनाया ग्रीष्मकालीन राजधानी
    उन्होंने कहा प्रधानमंत्री के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार ने गैरसैंण को गीष्मकालीन राजधानी बनाने का काम किया। उन्होंने स्वयं गैरसैंण के सारकोट गाँव को गोद लिया है, प्रतिपक्ष के साथियों को वहां जाकर जायजा लेना चाहिए। राज्य सरकार ने वर्ष 2023 में ग्लोबल इनवेस्टर्स समिट का आयोजन कर 3.56 लाख करोड़ रुपए से अधिक के निवेश समझौते किए।

    किसान कल्याण के लिए समर्पित
    मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के किसानों के उत्थान एवं समृद्धि के लिए संकल्पित होकर निरंतर कार्य कर रही है। एक ओर जहां प्रदेश में किसानों को तीन लाख रूपए तक का ऋण बिना ब्याज के उपलब्ध कराई जा रही है, वहीं कृषि उपकरण खरीदेने हेतु ’’फार्म मशीनरी बैंक’’ योजना के माध्यम से 80 प्रतिशत तक की सब्सिडी भी प्रदान की जा रही है।

    तीर्थाटन के साथ पर्यटन पर जोर
    मुख्यमंत्री ने कहा कि तीर्थाटन और पर्यटन हमारे राज्य की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार राज्य में धार्मिक, साहसिक, ईको-टूरिज्म, वेलनेस टूरिज्म, एग्रो टूरिज्म और फिल्म पर्यटन जैसे विभिन्न क्षेत्रों को विकसित करने की दिशा में निरंतर प्रयासरत है। आज जहां एक ओर केदारखंड और मानसखंड के मंदिरों के सौंदर्यीकरण हेतु विभिन्न कार्य किए जा रहे हैं। वहीं ऋषिकेश और हरिद्वार को योग और आध्यात्मिक केंद्रों के रूप में वैश्विक स्तर पर प्रमोट करने के उद्देश्य से ऋषिकेश-हरिद्वार कोरिडोर पर भी कार्य किया जा रहा है।

    देवभूमि बनी खेल भूमि
    उन्होंने कहा कि सरकार देवभूमि को खेलभूमि के रूप में स्थापित करने के लिए भी निरंतर प्रयासरत है। इसी वर्ष राज्य में राष्ट्रीय खेलों का आयोजन सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। इन खेलों में उत्तराखण्ड ने 103 पदक जीतकर पहली बार राष्ट्रीय खेलों में 7वां स्थान प्राप्त कर एक नया इतिहास रचा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार मातृशक्ति के कल्याण और सशक्तिकरण के लिए भी संकल्पित होकर कार्य कर रही है। जिसके अंतर्गत सरकार ने राज्य में सरकारी नौकरियों में महिलाओं को 30 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है।

    इंफ्रा प्रोजेक्ट में तेजी
    उन्होंने कहा कि आज ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना द्वारा पहाड़ों तक रेल पहुंचाने का वर्षों पुराना हमारा सपना साकार होने जा रहा है। इसके साथ ही प्रदेश में रोपवे विकास की दिशा में भी उल्लेखनीय कार्य हो रहे हैं। केंद्र सरकार के सहयोग से गौरीकुंड से केदारनाथ धाम तक, गोविंदघाट से हेमकुंड साहिब तक रोपवे परियोजनाओं का निर्माण भी शीघ्र प्रारंभ होने जा रहा है। डबल इंजन सरकार’’ द्वारा उड़ान योजना के अंतर्गत प्रदेश में 18 हेलीपोर्ट्स विकसित किए जा रहे हैं, जिनमें से अब तक 12 हेलीपोर्ट्स पर हवाई सेवाएं सफलतापूर्वक प्रारंभ की जा चुकी हैं।

    स्वास्य्ह सेवाओं का विस्तार
    उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और सुदृढ़ीकरण के लिए प्रयासरत है। जहां एक ओर राज्य के प्रत्येक जिले में एक मेडिकल कॉलेज स्थापित करने की दिशा में कार्य कर रहे हैं, वहीं देहरादून, हल्द्वानी और श्रीनगर मेडिकल कॉलेजों में सुपर स्पेशियलिटी विभाग स्थापित करने के साथ ही हल्द्वानी में राज्य के प्रथम आधुनिक कैंसर संस्थान का निर्माण कार्य भी चल रहा है। हालांकि अभी हमें स्वास्थ्य क्षेत्र में और अधिक काम करने की आवश्यकता है।

    लंबित समस्याओं का निदान किया
    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य गठन के पश्चात हमारे समक्ष ऐसी बहुत सी समस्याएं थीं, जिनका यदि समय पर समाधान हो जाता तो आज उत्तराखंड की स्थिति ओर अधिक मजबूत होती। इसी क्रम में मुख्यसेवक का दायित्व संभालने के पश्चात, उन्होंने देखा कि हमारे राज्य के युवा नकल माफियाओं के कारण दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर हैं। इसलिए सरकार ने देश का सबसे सख्त नकल कानून लाकर हमने नकल माफिया की रीढ़ तोड़ने का काम किया। इसी का परिणाम है कि पिछले साढ़े 4 चार वर्षों के अपने कार्यकाल में हम रिकॉर्ड 26 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां प्रदान करने में सफल रहे।

    साफ नीयत स्पष्ट नीति और पारदर्शी प्रक्रिया
    मुख्यमंत्री ने कहा कि वो साफ नीयत, स्पष्ट नीति और पारदर्शी प्रक्रिया के साथ शासन चलाने का संकल्प लेकर कार्य कर रहे हैं। आज उत्तराखंड में न तो किसी घोटालेबाज़ को संरक्षण मिलता है, न किसी भ्रष्टाचारी को बख्शा जाता है। आज भ्रष्टाचारियों पर जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत कार्यवाही करते हुए प्रदेश के इतिहास में पहली बार आईएएस और पीसीएस स्तर के अधिकारियों सहित पिछले चार वर्षों में भ्रष्टाचार में लिप्त 200 से अधिक लोगों के खिलाफ कठोर कार्यवाही की है।

    राज्यहित में लिए दूरगामी निर्णय
    उन्होंने कहा कि सरकार ने राज्यहित में अनेक ऐसे ऐतिहासिक एवं दूरगामी निर्णय लिए हैं, जिनका सकारात्मक प्रभाव आने वाली पीढ़ियों तक महसूस किया जाएगा। सरकार ने देश में सबसे पहले “समान नागरिक संहिता” कानून लागू कर सभी नागरिकों को समान अधिकार और अवसर सुनिश्चित करने का काम किया। डेमोग्राफी बदलाव रोकने के लिए सरकार ने प्रदेश में जहां एक ओर ’’धर्मांतरण विरोधी कानून’’ बनाया, वहीं लव जिहाद, लैंड जिहाद, थूक जिहाद जैसे कुकृत्यों को रोकने के लिए भी सख्त कार्रवाई की। प्रदेश में दंगों की राजनीति करने वालों को सबक सिखाने के लिए सख्त दंगारोधी कानून बनाकर दंगों में होने वाले नुकसान की भरपाई भी दंगाईयों से ही करने का काम किया गया। साथ ही देवभूमि के मूल स्वरूप को पुर्नस्थापित करने के उद्देश्य से राज्य में सख्त भू-कानून लागू करने का ऐतिहासिक फैसला लेने का भी काम किया। सरकार ने राज्य में मदरसा बोर्ड को भी समाप्त करने का निर्णय लिया है।

    उत्तराखंड को बनाएंगे देश का श्रेष्ठ राज्य
    अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड ने अपनी इन 25 वर्षों की यात्रा में अनेकों उतार चढ़ावों का सामना सफलतापूर्वक किया है, उन्हें पूर्ण विश्वास है कि प्रदेश की सवा करोड़ जनता के सहयोग से हम आने वाले वर्षों में उत्तराखंड को देश का श्रेष्ठ राज्य बनाने के अपने ’’विकल्प रहित संकल्प’’ को पूर्ण करने में अवश्य सफल रहेंगे।

    राष्ट्रपति का जताया आभार
    इससे पूर्व मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विधानसभा के विशेष सत्र को संबोधित करने के लिए राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का सदन की ओर से आभार व्यक्त करने के साथ, देश के अमर शहीदों, राज्य आंदोलनकारियों और राज्य निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी को भी सदन की ओर से नमन किया।
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  • उत्तराखंड राज्य स्थापना की रजत जयंती पर आयोजित विधानसभा के विशेष सत्र में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दिया ऐतिहासिक संबोधन

    उत्तराखंड राज्य स्थापना की रजत जयंती पर आयोजित विधानसभा के विशेष सत्र में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दिया ऐतिहासिक संबोधन

    उत्तराखंड राज्य स्थापना की रजत जयंती के अवसर पर विधानसभा के विशेष सत्र में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने विस्तृत और ऐतिहासिक संबोधन में राज्य की 25 वर्ष की विकास यात्रा, उपलब्धियों और आगामी संकल्पों का विस्तार से उल्लेख किया।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड राज्य की स्थापना कोई आकस्मिक घटना नहीं थी, बल्कि यह वर्षों के लंबे संघर्ष, असीम त्याग और हजारों आंदोलनकारियों के बलिदान का परिणाम है। उन्होंने राज्य निर्माण में अपने प्राणों की आहुति देने वाले सभी हुतात्माओं, आंदोलनकारियों और पूर्व प्रधानमंत्रियों, मुख्यमंत्रियों तथा जनप्रतिनिधियों को श्रद्धापूर्वक नमन किया।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के दूरदर्शी नेतृत्व में उत्तराखंड आज विभिन्न क्षेत्रों में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। राज्य की अर्थव्यवस्था का आकार 26 गुना और प्रति व्यक्ति आय में 18 गुना वृद्धि हुई है। नीति आयोग के सतत विकास लक्ष्य सूचकांक में उत्तराखंड को देश में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है, जबकि किसानों की आय वृद्धि दर में भी राज्य ने राष्ट्रीय स्तर पर शीर्ष स्थान हासिल किया है।

    उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा पिछले वर्षों में 30 से अधिक नई नीतियाँ लागू की गई हैं जिनसे उद्योग, पर्यटन, कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य और महिला सशक्तिकरण जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में 3.56 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश समझौते हुए, जिनमें से 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक के प्रस्ताव धरातल पर उतारे जा चुके हैं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने समान नागरिक संहिता (न्ब्ब्) कानून लागू कर समानता, न्याय और महिला सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाया है। साथ ही, राज्य में भू-कानून, धर्मांतरण विरोधी कानून, दंगारोधी कानून और नकल विरोधी कानून जैसे कड़े कदम उठाकर पारदर्शी व जवाबदेह शासन की मिसाल पेश की गई है।

    उन्होंने बताया कि राज्य में 26 हजार से अधिक युवाओं को पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से सरकारी नौकरियों में अवसर दिए गए हैं, जबकि 1 लाख 65 हजार से अधिक महिलाएं “लखपति दीदी” बन चुकी हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य आंदोलनकारियों के सम्मान के लिए आरक्षण, पेंशन और पहचान पत्र जैसी व्यवस्थाओं को सशक्त बनाया गया है।

    मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड “विकसित भारत के लिए विकसित उत्तराखंड” के संकल्प के साथ प्रधानमंत्री मोदी जी के “2047 तक विकसित राष्ट्र” के लक्ष्य की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रदेश की सवा करोड़ जनता के सहयोग से उत्तराखंड आने वाले वर्षों में देश का श्रेष्ठ राज्य बनेगा।
    मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन के अंत में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के गीत की प्रेरक पंक्तियों के साथ अपनी बात समाप्त की-
    “पतवार चलाते जाएंगे, मंज़िल आएगी… आएगी।”

  • तहसील दिवस में जनता की समस्याओं का मौके पर हुआ निस्तारण

    तहसील दिवस में जनता की समस्याओं का मौके पर हुआ निस्तारण

    बागेश्वर: मंगलवार को बागेश्वर तहसील सभागार में उपजिलाधिकारी अनिल कुमार चन्याल की अध्यक्षता में तहसील दिवस का आयोजन किया गया। इस दौरान फरियादियों ने राशन कार्ड, विद्युत, सिंचाई, आर्थिक सहायता, पेयजल आदि से संबंधित विभिन्न समस्याएं एवं शिकायतें दर्ज कीं। अधिकतर शिकायतों का मौके पर ही समाधान किया गया, जबकि शेष प्रकरणों को निर्धारित समय-सीमा में निस्तारित करने के निर्देश संबंधित विभागों के अधिकारियों को दिए गए।

    एसडीएम ने अधिकारियों से कहा कि जनता की समस्याओं का त्वरित एवं पारदर्शी निस्तारण उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि किसी भी फरियादी को अपनी समस्या के समाधान के लिए अनावश्यक चक्कर न लगाने पड़ें।

    तहसील दिवस में तहसीलदार दलीप सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी जी.बी. पांडे, समाज कल्याण विभाग के गिरीश न्यूनी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।