हरिद्वार 30 अक्टूबर- राज्य स्थापना के रजत जयंती उत्सव के अवसर पर आयोजित सांस्कृतिक संध्या यादगार बन गई, जब युवा गायक सौरभ मैठाणी ने अपने सुरों से पूरे वातावरण को भावनाओं और उत्साह से भर दिया।
उनकी मधुर आवाज़ ने श्रोताओं के दिलों को छू लिया। कभी लोकधुनों की मिठास बिखरी तो कभी देशभक्ति की तरंगों ने मंच और मैदान दोनों को जोश से भर दिया।
मैठाणी के गीतों पर दर्शक स्वयं को झूमने से न रोक से और मैठाणी ए साथ जमकर थिरके, बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी ने तालियां बजाकर उनका उत्साह बढ़ाया। हर सुर के साथ जैसे पर्वतीय संस्कृति की आत्मा सजीव हो उठी। इसके साथ ही युवा गायक सचिन भारद्वाज, वी. नौटियाल द्वारा भी मनमोहक प्रस्तुतियां दी गई।
नृत्यगान समूह देहरादून द्वारा मानो तो गंगा मां हूँ, ओम जय जगदीश हरे पर सभी दर्शकों को भक्तिमय कर दिया। कलाकारों द्वारा धार्मिक व सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से दर्शकों को भाव विभोर कर दिया।
कलाकारों द्वारा दी गई मनमोहक प्रस्तुति पर सभी दर्शकों द्वारा खूब सराहा गया
कार्यक्रम स्थल देर रात्रि तक गीतों की गूंज और उमंग से सराबोर रहा।
मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने गुरुवार को सचिवालय में देहरादून शहर के मोबिलिटी प्लान से सम्बन्धित एकीकृत महानगर परिवहन प्राधिकरण की बैठक ली। बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने देहरादून शहर के लिए यातायात संकुलन योजना की प्रगति की जानकारी ली।
मुख्य सचिव ने सभी सम्बन्धित अधिकारियों को मोबिलिटी प्लान के तहत सुधारीकरण के लिए चिन्हित स्थानों में सुधार प्रक्रिया शीघ्र शुरू किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अगले एक माह में कार्य शुरू कराए जाने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव ने यातायात नियमों के उल्लंघन पर एनफोर्समेंट बढ़ाए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने जिलाधिकारी देहरादून को लगातार इसकी मॉनिटरिंग किए जाने के निर्देश दिए हैं ताकि कार्यों को समय से पूर्ण किया जा सके।
मुख्य सचिव ने कहा कि लगातार नई पार्किंग्स स्थल चिन्हित कर तैयार किए जाएं। उन्होंने लोक निर्माण विभाग को अंडरग्राउंड पार्किंग पर भी कार्य किए जाने की बात कही। कहा कि अंडरग्राउंड पार्किंग के लिए सचिवालय एवं परेड ग्राउण्ड के साथ ही चकराता रोड पर उपलब्ध स्थानों की फिजिबिलिटी स्टडी करवा ली जाए। उन्होंने सीएमपी में दिए गए सुझावों और नए चिन्हित सम्भावित पार्किंग स्थलों का स्थलीय निरीक्षण कर लिया जाए।
मुख्य सचिव ने इंदिरा मार्केट एवं आढ़त बाजार के कार्यों की प्रगति की जानकारी भी विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने आढ़त बाजार भूमि आबंटन प्रक्रिया नवंबर तक पूर्ण कर शीघ्र अग्रेत्तर कार्यवाही शुरू किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने इंदिरा मार्केट के फेज-1 और फेज-2 के कार्यों में तेजी लाए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने दोनों कार्यों के लिए टाईमलाईन निर्धारित कर शीघ्र प्रस्तुत किए जाने की बात कही।
मुख्य सचिव ने परिवहन विभाग को निर्देश दिए कि नई बसें शीघ्र संचालित किए जाने के साथ ही यातायात नियमों के प्रति सजगता बढ़ाए जाने की दिशा में भी लगातार कार्य किए जाने पर बल दिया जाए।
इस अवसर पर जिलाधिकारी देहरादून श्री सविन बंसल, अपर सचिव श्री विनीत कुमार, श्रीमती रीना जोशी, एमएनए श्रीमती नमामी बंसल एवं उत्तराखण्ड मेट्रो रेल कॉरपोरेशन से बृजेश कुमार मिश्रा सहित सम्बन्धित विभागों के उच्चाधिकारी उपस्थित थे।
30 अक्टूबर 2025 का दिन उत्तराखण्ड के लिए गर्व का क्षण बन गया, जब चमोली जनपद के छोटे से गांव लुन्तरा (पो. नंदानगर) की बेटी कुमारी अनीशा ने राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित रेड रन मैराथन 3.0 में देशभर के प्रतिभाशाली धावकों को पछाड़ते हुए महिला वर्ग में प्रथम स्थान हासिल किया। अनीशा ने 10 किलोमीटर की 3.0 प्रतियोगिता की दौड़ में प्रथम स्थान प्राप्त किया।
यह प्रतियोगिता स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार के राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन (नाको) द्वारा नागालैण्ड के दीमापुर जनपद में आयोजित की गई थी। सचिव, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा/परियोजना निदेशक डॉ. आर. राजेश कुमार ने कुमारी अनीशा को राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त करने पर हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि उनकी यह सफलता पूरे उत्तराखण्ड के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने अनीशा के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
इस मैराथन में देश के 35 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से आए सैकड़ों प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। कठिन प्रतिस्पर्धा के बीच उत्तराखण्ड की अनीशा ने अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति, फिटनेस और आत्मविश्वास के दम पर सबको पीछे छोड़ दिया। उनके इस शानदार प्रदर्शन पर नाको के अपर सचिव एवं महानिदेशक द्वारा उन्हें भारत सरकार की ओर से ₹50,000 की धनराशि, प्रशस्ति पत्र और स्वर्ण पदक प्रदान कर सम्मानित किया गया।
कुमारी अनीशा की इस उपलब्धि के पीछे उनकी निरंतर मेहनत और अनुशासन की भूमिका रही है। इससे पहले उन्होंने राज्य स्तर पर आयोजित रेड रन 3.0 में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए 5 किलोमीटर मैराथन प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त किया था। उस प्रतियोगिता का आयोजन उत्तराखण्ड राज्य एड्स नियंत्रण समिति (यूसेक्स) के तत्वावधान में किया गया था। राज्य स्तर पर मिली इस सफलता ने अनीशा को राष्ट्रीय मंच तक पहुँचने की प्रेरणा दी, जहाँ उन्होंने पूरे देश के सामने उत्तराखण्ड का परचम लहराया।
कुमारी अनीशा की यह उपलब्धि न केवल उनके परिवार और चमोली जिले के लिए बल्कि पूरे उत्तराखण्ड राज्य के लिए गर्व का विषय है। उनके इस प्रदर्शन ने यह साबित किया है कि उत्तराखण्ड की बेटियाँ किसी भी मंच पर अपनी प्रतिभा से देश का नाम रोशन कर सकती हैं। निश्चित ही, अनीशा की यह सफलता आने वाली पीढ़ी के युवाओं को प्रेरित करेगी कि मेहनत, लगन और अनुशासन के साथ आगे बढ़ने पर कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं। उत्तराखण्ड की यह “रेड रन चैंपियन” अब राज्य की नई प्रेरणास्त्रोत बन चुकी हैं।
दीमापुर में आयोजित इस राष्ट्रीय आयोजन के दौरान उत्तराखण्ड राज्य एड्स नियंत्रण समिति की टीम भी मौजूद रही, जिसमें उप निदेशक वित्त महेन्द्र कुमार, अनिल सती, मुकेश चिन्याला, विनोद कुमार तथा नोडल अधिकारी हेमन्त सिंह कण्डारी शामिल रहे। इन सभी ने अनीशा को प्रोत्साहित किया और उनकी उपलब्धि पर गर्व व्यक्त किया।
जिलाधिकारी टिहरी गढ़वाल के निर्देशन में जनपद क्षेत्रान्तर्गत दुर्घटनाओं की रोकथाम हेतु परिवहन विभाग द्वारा विशेष चैकिंग अभियान लगातार जारी हैं।
सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी टिहरी सतेन्द्र राज ने बताया कि मंगलवार को तहसील दिवस से वापस आते समय एक दुपहिया वाहन सवार, शराब पीकर वाहन को चला रहा था, जिसको परिवहन विभाग की टीम ने रुकने को कहा तो वह नहीं रुका, अपितु खतरनाक तरीके से वाहन को भगा कर ले गया, जिसको परिवहन विभाग की टीम द्वारा कोटी के पास पकड़ लिया गया। आरोपी को पुलिस कोतवाली टिहरी के सुपुर्द कर दिया गया एवं वाहन को मौके पर सीज कर दिया गया ।
उन्होंने बताया कि विशेष चैकिंग अभियान के अंतर्गत इंटरसेप्टर प्रभारी नरेंद्र मियां की अगवाई में मोटर व्हीकल एक्ट की विभिन्न धाराओं में 31 चालान एवं 03 वाहन बंद किए गए। परिवहन विभाग द्वारा अपील भी की जा रही है कि शराब पीकर वाहन संचालित करना दंडनीय अपराध है।
इस दौरान सहायक परिवहन निरीक्षक अनंतराम रावत एवं नवीन सहित नवीन, रोहन, विपिन, मोनिका, सुशील मौजूद रहे।
देहरादून: जलवायु संकट अब भविष्य का खतरा नहीं रहा, वो आज की हकीकत बन चुका है, जिसका असर हमारे शरीर, सांस, और जेब, तीनों पर एक साथ पड़ रहा है।
Lancet Countdown on Health and Climate Change की 2025 रिपोर्ट बताती है कि हर साल बढ़ती गर्मी, प्रदूषण और जलवायु अस्थिरता अब सीधे तौर पर लोगों की सेहत और अर्थव्यवस्था को चोट पहुँचा रही है।
2024 था अब तक का सबसे गर्म साल — और सबसे महँगा भी
रिपोर्ट में कहा गया है कि 2024 वैश्विक तापमान का नया रिकॉर्ड लेकर आया। इस साल औसत तापमान 1.4°C तक पहुँच गया, जिसने न सिर्फ़ फसलें झुलसाईं, बल्कि काम करने की क्षमता भी घटा दी।
भारत सहित दक्षिण एशिया के कई हिस्सों में हीटवेव के कारण औसत श्रम-घंटे घटे, जिससे कृषि और निर्माण क्षेत्र पर भारी आर्थिक असर पड़ा।
Lancet Countdown के अनुसार, 2024 में गर्मी से जुड़े स्वास्थ्य संकटों में रिकॉर्ड बढ़ोतरी हुई, जिसमें heat-related mortality और hospital admissions में वृद्धि शामिल है।
भारत पर असर: हर उम्र के लोगों के लिए खतरा बढ़ा
रिपोर्ट का भारत-केंद्रित विश्लेषण बताता है कि देश में अब हीटवेव की अवधि और तीव्रता दोनों बढ़ रही हैं।
इससे बुजुर्गों, बच्चों और मज़दूर वर्ग के लिए जोखिम कई गुना बढ़ गया है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में 2010 की तुलना में 2024 में गर्मी से संबंधित मौतें दोगुनी हुईं, और 65 वर्ष से ऊपर की आबादी में यह खतरा सबसे ज़्यादा देखा गया। इसी के साथ, प्रदूषण से जुड़ी बीमारियों, जैसे कि क्रॉनिक रेस्पिरेटरी डिजीज़ और हार्ट प्रॉब्लम्स , में भी लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई।
खाद्य सुरक्षा और खेती पर दोहरी मार
रिपोर्ट ने आगाह किया है कि जलवायु परिवर्तन अब भोजन की उपलब्धता और पौष्टिकता दोनों पर असर डाल रहा है। 2024 में भारत, बांग्लादेश और पाकिस्तान में अनाज उत्पादन घटा, खासकर चावल और गेहूं जैसी मुख्य फसलों में।
रिपोर्ट के मुताबिक, गर्मी और अनियमित वर्षा के कारण भारत में कृषि उत्पादकता में 7% की गिरावट दर्ज की गई, और इससे भोजन की कीमतें और कुपोषण का खतरा बढ़ गया।
आर्थिक बोझ बढ़ा, स्वास्थ्य व्यवस्था पर दबाव
रिपोर्ट बताती है कि 2024 में जलवायु-जनित आपदाओं से दुनियाभर में 350 अरब डॉलर का आर्थिक नुकसान हुआ, जिसमें एशिया का हिस्सा सबसे बड़ा था।
भारत में हीट-संबंधी बीमारियों के इलाज और काम की हानि से देश की अर्थव्यवस्था पर करोड़ों डॉलर का बोझ बढ़ा है। Lancet Countdown की Executive Director डॉ. रेचल आर्सेनॉल्ट कहती हैं, “हर डिग्री तापमान बढ़ना सिर्फ़ मौसम की बात नहीं, यह स्वास्थ्य, आय और समानता — तीनों पर सीधा हमला है।”
नीति और कार्रवाई की दिशा में संकेत
रिपोर्ट में कहा गया है किअगर देशों ने पेरिस समझौते के लक्ष्य के मुताबिक 1.5°C के भीतर तापमान रोकने की कोशिशें तेज़ कीं, तो लाखों ज़िंदगियाँ और अरबों डॉलर का नुकसान रोका जा सकता है।
भारत के संदर्भ में, रिपोर्ट ने National Clean Air Programme (NCAP), Renewable Energy Targets,
और Heat Action Plans जैसे प्रयासों का ज़िक्र किया है, लेकिन साथ ही यह भी कहा है कि इन योजनाओं को ज़मीन पर लागू करने की रफ्तार धीमी है।
कहानी का सार: अब जलवायु नीति नहीं, स्वास्थ्य नीति भी है
Lancet Countdown 2025 का संदेश साफ़ है, जलवायु कार्रवाई अब सिर्फ़ पर्यावरण की नहीं, जन-स्वास्थ्य की नीति बन चुकी है।
भारत के लिए इसका अर्थ है:
ऊर्जा, स्वास्थ्य और खाद्य नीतियों को एक ही साझा दृष्टिकोण से देखना होगा।
क्योंकि अब सवाल सिर्फ़ ये नहीं कि मौसम कितना बदलेगा, बल्कि ये है कि हम उस बदलते मौसम में कितने स्वस्थ रह पाएँगे।
मुख्यमंत्री धामी ने बुधवार को “अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025” के उपलक्ष्य में पिथौरागढ़ में आयोजित सहकारिता मेले का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने जनपद की 85.14 करोड़ रुपये की विभिन्न योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया, जिसमें 23.16 करोड़ रुपये की लागत के शिलान्यास एवं 61.98 करोड़ रुपये के लोकार्पण कार्य शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने जनता को संबोधित करते हुए कहा कि जिन योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया गया है, वे पिथौरागढ़ के सर्वांगीण विकास में मील का पत्थर साबित होंगी। उन्होंने कहा कि सहकारिता की परंपरा भारत में प्राचीन काल से चली आ रही है। यह एक-दूसरे को परस्पर सहयोग द्वारा स्वावलंबी बनाने का प्रयास है। संयुक्त राष्ट्र संघ ने वर्ष 2025 को “अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष” घोषित किया है, ताकि वैश्विक सहयोग को बढ़ावा देकर सतत विकास के लक्ष्यों को प्राप्त किया जा सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में “सहकार से समृद्धि” के स्वप्न को साकार करने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने देश में एक अलग सहकारिता मंत्रालय के गठन का निर्णय लिया। आज श्री अमित शाह के नेतृत्व में यह मंत्रालय देश में सहकारिता आंदोलन को और अधिक सशक्त बनाने के लिए एक अलग प्रशासनिक, कानूनी और नीतिगत ढांचा तैयार कर रहा है। उन्होंने कहा कि देश में बहुउद्देश्यीय सहकारी समितियों के कंप्यूटरीकरण का कार्य उत्तराखंड से प्रारंभ हुआ था और आज प्रदेश की सभी 671 सहकारी समितियों का कंप्यूटरीकरण पूर्ण हो चुका है। राज्य की 24 समितियाँ जन औषधि केंद्र के रूप में कार्य कर रही हैं, जिनसे ग्रामीण जनता को सस्ती एवं गुणवत्तापूर्ण दवाइयाँ मिल रही हैं। 640 समितियों को कॉमन सर्विस सेंटर के रूप में विकसित किया गया है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य की 3838 समितियों का डेटा राष्ट्रीय सहकारी डेटाबेस पर अपलोड हो चुका है। राज्य में फरवरी 2023 से अब तक 800 नई पैक्स, 248 नई डेयरी समितियां एवं 116 मत्स्य समितियां गठित की गई हैं। उत्तराखंड सहकारी संघ द्वारा मिलेट मिशन योजना के अंतर्गत किसानों को अधिक लाभ पहुँचाने के लिए इस वर्ष मण्डुवा की खरीद 48.86 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से की जा रही है। दीनदयाल उपाध्याय सहकारिता किसान कल्याण योजना के तहत किसानों और स्वयं सहायता समूहों को पशुपालन, दुग्ध व्यवसाय, मछली पालन और फूलों की खेती जैसे कृषि कार्यों हेतु 5 लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त ऋण दिया जा रहा है। सहकारी समितियों के माध्यम से लघु एवं सीमांत किसानों को 1 लाख रुपये का ब्याज मुक्त फसली ऋण भी उपलब्ध कराया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज प्रदेश के सहकारी बैंकों में 16 हजार करोड़ रुपये से अधिक की जमापूंजी है, जो इन संस्थाओं के प्रति जनता के बढ़ते भरोसे का प्रमाण है। सहकारी समितियों के माध्यम से महिला उद्यमिता को भी प्रोत्साहन मिल रहा है। प्रदेश की 1 लाख 70 हजार से अधिक बहनों ने “लखपति दीदी” बनकर महिला सशक्तिकरण की दिशा में नया इतिहास रचा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिथौरागढ़ में 750 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से मेडिकल कॉलेज के भवन का निर्माण कार्य किया जा रहा है। 34 करोड़ रुपये की लागत से स्पोर्ट्स कॉलेज में आधुनिक मल्टीपर्पज हॉल का निर्माण कराया जा रहा है। विकासखंड बेरीनाग में एक भव्य स्टेडियम का निर्माण कार्य भी प्रारंभ होने वाला है। अस्कोट, गंगोलीहाट और धारचूला में नए बस स्टेशनों के निर्माण के साथ ही पिथौरागढ़ में रोडवेज वर्कशॉप का निर्माण भी कराया जा रहा है। क्षेत्र में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत 327 करोड़ रुपये की लागत से विभिन्न सड़कों का निर्माण कार्य गतिमान है। पिथौरागढ़ को हल्द्वानी, देहरादून और दिल्ली से हवाई सेवा द्वारा जोड़ने का कार्य किया गया है। पिथौरागढ़ हवाई अड्डे को 450 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक स्वरूप में विकसित करने का कार्य शीघ्र प्रारंभ किया जाएगा।
इस अवसर पर राज्य मंत्री, सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार श्री अजय टम्टा, विधायक श्री बिशन सिंह चुफाल, मेयर पिथौरागढ़ श्रीमती कल्पना देवलाल, अध्यक्ष जिला पंचायत पिथौरागढ़ श्री जितेन्द्र प्रसाद, भाजपा जिलाध्यक्ष श्री गिरीश जोशी, जिलाधिकारी पिथौरागढ़ श्री आशीष भटगांई, पुलिस अधीक्षक सुश्री रेखा यादव सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं स्थानीय जनता उपस्थित थी।
आगामी 09 नवंबर को देवभूमि उत्तराखण्ड़ राज्य स्थापना के 25 वर्ष (रजत जयंती) पूर्ण करने जा रहा है। इस उपलक्ष्य में प्रदेश में 01 नवंबर से 09 नवंबर तक रजत जयंती समारोह का आयोजन किया जाएगा। जिसमें प्रत्येक दिन अलग-अलग विषय की थीम पर आधारित विविध कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे।
प्रेस वार्ता के माध्यम से सचिव धर्मस्व संस्कृति युगल किशोर पंत ने अवगत कराया है कि 01 नवंबर 2025 रजत जयंती समारोह के शुरूआती दिन प्रथम सत्र प्रातः 11.00 बजे से 2.00 बजे तक लोक नृत्य प्रस्तुति, द्वितीय सत्र अपराह्न 03.30 से 05.00 बजे तक भातखंडे हिन्दुस्तानी संगीत महाविद्यालय पौड़ी के छात्रों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुति एवं तृतीय सत्र में सांय 6 बजे से 9 बजे तक श्रीमती रामेश्वरी भट्ट द्वारा जागर गायन, नागालैंड की प्रस्तुति यूलिखेरी, श्री सुरेश बाडेकर द्वारा कार्यक्रम का आयोजन किया जायेगा।
दिनांक 02 नवम्बर को प्रातः 11.00 बजे से 2.00 बजे तक लोक नृत्य प्रस्तुति, हिमांचल के सांस्कृतिक दलों द्वारा नाटी प्रस्तुति, नृत्यांगन संस्था द्वारा गंगा अवतरण की प्रस्तुति, द्वितीय सत्र अपराह्न 03.30 से 05.00 बजे तक उत्तराखण्ड में सिनेमा विषय पर पैनल डिस्कशन, आर्य नन्दा द्वारा ओडिसी नृत्य एवं तृतीय सत्र में सांय 6 बजे से 9 बजे तक श्रीमती कमला देवी द्वारा लोक गायन प्रस्तुति, श्री विपुल राय द्वारा सिम्फनी ऑफ हिमालयाज की प्रस्तुति, श्री नरेन्द्र सिंह नेगी द्वारा लोक गायन की प्रस्तुति दी जायेगी।
उन्होंने बताया दिनांक 03 नवम्बर को प्रातः 11.00 बजे से 2.00 बजे तक जनजाति लोक नृत्य प्रस्तुति, तिब्बतियन इंस्टिट्यूट ऑफ परफॉर्मिग आर्ट, धर्मशाला द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति, हिमांचल प्रदेश के सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति, द्वितीय सत्र अपराह्न 03.30 से 05.00 बजे तक उत्तराखण्ड की लोकभाषा एवं संस्कृति विषय पर पैनल डिस्कशन तथा तृतीय सत्र में सांय 6 बजे से 9 बजे तक श्री रित्विज पंत द्वारा श्री चित्रांक पंत की तबला संगत में शास्त्रीय गायन, तिब्बतियन इंस्टिट्यूट ऑफ परफॉर्मिग आर्ट, धर्मशाला द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति, पं. विश्व मोहन भट्ट द्वारा मोहन वीणा वादन का आयोजन किया जायेगा।
दिनांक 04 नवम्बर को प्रातः 11.00 बजे से 2.00 बजे तक जनजाति लोक नृत्य प्रस्तुति, असम के लोक नृत्य एवं गायन की प्रस्तुति, हिमांचल प्रदेश के लोकनृत्य एवं गायन की प्रस्तुति, द्वितीय सत्र अपराह्न 03.30 से 05.00 बजे तक हिमालय में रंगमंच विषय पर पैनल डिस्कशन, तृतीय सत्र में सांय 6 बजे से 9 बजे तक श्री योगेश खेतवाल द्वारा शास्त्रीय गायन की प्रस्तुति, श्री रोनू मजूमदार एवं मैसूर मंजूनाथ द्वारा बांसुरी एवं वायलिन की जुगलबंदी, पंडित हरीश गंगानी एवं नायनिका खंडूरी द्वारा कथक जुगलबंदी की प्रस्तुति दी जाएगी।
दिनांक 05 नवम्बर को प्रातः 11.00 बजे से 2.00 बजे तक पौराणिक लोक वाद्य प्रस्तुति, तिब्बतियन होम फाउंडेशन राजपुर द्वारा तिब्बती लोकनृत्यों की प्रस्तुति, श्री मणिपुरी बसंत रासलीला कार्यक्रम की प्रस्तुति, द्वितीय सत्र अपराह्न 03.30 से 05.00 बजे तक डॉ. एहसान बक्श एनएसडी द्वारा नाट्य मंचन की प्रस्तुति, तृतीय सत्र में सांय 6 बजे से 9 बजे तक पंडित राहुल शर्मा द्वारा ओजस अधिया की तबला संगत में संतूर वादन, श्रीमती मालिनी अवस्थी द्वारा लोक संगीत की प्रस्तुति दी जायेगी।
दिनांक 06 नवम्बर को प्रातः 11.00 बजे से 2.00 बजे तक जनजाति लोकनृत्यों की प्रस्तुति, गंधर्व महाविद्यालय तथा सुभारती इंस्टीट्यूट देहरादून द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुति, द्वितीय सत्र अपराह्न 03.30 से 05.00 बजे तक नंदा राजजात विषय पर पैनल डिस्कशन, तृतीय सत्र में सांय 6 बजे से 9 बजे तक श्री मोहन रावत द्वारा चित्रांक पंत की तबला संगत में संतूर वादन, श्री निशीथ गंगानी एवं हिमांशु दरमोडा द्वारा लैंडेड रिदमस्थान बैण्ड की प्रस्तुति, श्री प्रीतम भरतवाण द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति दी जाएगी।
उन्होंने बताया कि दिनांक 07 नवम्बर को प्रातः 11.00 बजे से 2.00 बजे तक उत्तराखण्ड के लोक नृत्यों की प्रस्तुति, जम्मू कश्मीर के लोक नृत्यों की प्रस्तुति, द्वितीय सत्र अपराह्न 03.30 से 05.00 बजे तक हिमालय में खानपान, विरासत और उत्तराधिकार विषय पर पैनल डिस्कशन, तृतीय सत्र में सांय 6 बजे से 9 बजे तक डॉ. सोनल मानसिंह द्वारा नृत्य नाटिका की प्रस्तुति, पांडवाज बैण्ड की प्रस्तुति दी जाएगी।
दिनांक 08 नवम्बर को प्रातः 11.00 बजे से 2.00 बजे तक उत्तराखण्ड के लोक नृत्यों की प्रस्तुति, भातखण्डे हिन्दुस्थानी संगीत महाविद्यालय अल्मोडा की प्रस्तुति, जम्मू कश्मीर के लोक नृत्यों की प्रस्तुति, द्वितीय सत्र अपराह्न 03.30 से 05.00 बजे तक भातखण्डे हिन्दुस्थानी संगीत महाविद्यालय देहरादून की प्रस्तुति, डॉ. विजय भट्ट द्वारा रोगोप्चार मंे संगीत की भूमिका (म्यूजिक थैरेपी), एमकेपी कॉलेज की छात्राओं द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुति, तृतीय सत्र में सांय 6 बजे से 9 बजे तक पंडित रितेश एवं रजनीश मिश्रा का शास्त्रीय गायन प्रस्तुति, डॉ. हरिओम पंवार, श्री विष्णु सक्सेना, श्री शंभू शिखर, श्री तेज नारायण बेचैन, सुश्री श्वेता सिंह द्वारा कवि सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा।
इसके साथ ही दिनांक 09 नवम्बर को प्रातः 11.00 बजे से 2.00 बजे तक उत्तराखण्ड के लोक संस्कृति की प्रस्तुति, सुनहरे घुंघरू डांस स्कूल तथा अर्धांग इंस्टीट्यूट देहरादून द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुति, द्वितीय सत्र अपराह्न 03.30 से 05.00 बजे तक उत्तराखण्ड के गढवाली, कुमांउनी, जौनसारी एवं थारू जनजाति के लोक नृत्यों की प्रस्तुति, तृतीय सत्र में सांय 6 बजे से 9 बजे तक भूटान बैण्ड की प्रस्तुति (मिस्टी टेरिस) दी जाएगी।
देवभूमि उत्तराखंड अपनी स्थापना के 25 वर्ष पूरे करने जा रही है। इस ऐतिहासिक अवसर को भव्य बनाने की तैयारियां जोरों पर हैं। राजधानी देहरादून में आयोजित होने वाले रजत जयंती समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बतौर मुख्य अतिथि शामिल होंगे।
इस भव्य आयोजन की तैयारियों को लेकर जिलाधिकारी सविन बंसल ने सोमवार को जिले के सभी मजिस्ट्रेटों और संबंधित अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। उन्होंने कार्यक्रम की व्यवस्थाओं को चाक-चौबंद बनाने के निर्देश दिए।
डीएम ने कहा कि राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के कार्यक्रम के मद्देनजर प्रोटोकॉल के अनुरूप सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। उन्होंने बताया कि समारोह में राज्य आंदोलन की झलक, लोक संस्कृति की झंकार और आधुनिक विकास की उपलब्धियों का प्रदर्शन किया जाएगा।
डीएम ने सिटी मजिस्ट्रेट को निर्देश दिए कि कार्यक्रम स्थल को विभिन्न जोन और सेक्टरों में बांटते हुए अधिकारियों की जिम्मेदारियां तय की जाएं। प्रत्येक सेक्टर के लिए प्रभारी अधिकारी नामित कर तत्काल ड्यूटी आदेश जारी किए जाएं। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को हर स्तर पर प्रभारी अधिकारी नियुक्त करने को कहा गया।
स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए एम्बुलेंस और चिकित्सक टीम की तैनाती के भी निर्देश दिए गए। कार्यक्रम स्थल पर मुख्य पंडाल, वीआईपी और आमजन के लिए बैठने की व्यवस्था, पेयजल, जलपान, पार्किंग, प्रवेश एवं निकास मार्गों को सुव्यवस्थित करने को कहा गया।
डीएम ने बताया कि कार्यक्रम स्थल पर कंट्रोल रूम स्थापित कर 24 घंटे राजस्व टीम तैनात रहेगी। साथ ही लोक निर्माण विभाग को स्थल का डिजाइन और लेआउट तैयार कर सेफ्टी सर्टिफिकेट सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि रजत जयंती समारोह में प्रदेशभर से लोग शामिल होंगे, इसलिए बाहर से आने वाले नागरिकों की सुविधा के लिए भी समुचित व्यवस्था की जाए।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, अपर जिलाधिकारी के.के. मिश्रा, सिटी मजिस्ट्रेट प्रत्यूष सिंह, एसडीएम सदर हरिगिरी, एसडीएम कुमकुम जोशी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देश पर सोमवार को ऋषिपर्णा सभागार में आयोजित जनता दरबार में अपर जिलाधिकारी के.के. मिश्रा ने आम जनता की समस्याएं सुनीं। दरबार में 134 शिकायतें दर्ज हुईं, जिनमें से कई का निस्तारण मौके पर ही कर दिया गया। एडीएम ने बाकी मामलों को संबंधित विभागों को अग्रसारित करते हुए त्वरित व विधि सम्मत कार्रवाई के निर्देश दिए।
जनता दरबार में अधिकतर शिकायतें भूमि विवाद, अवैध कब्जा, सीमांकन, अतिक्रमण, भरण-पोषण, प्रमाण पत्र, सामाजिक सुरक्षा योजना और आर्थिक सहायता से जुड़ी रहीं।
75 वर्षीय विधवा की संपत्ति कब्जाने का मामला एसपी को सौंपा
ऋषिकेश निवासी 75 वर्षीय बुजुर्ग महिला चम्पागिरी ने अपनी ही बेटी के पुत्र पर संपत्ति कब्जाने और जान से मारने की धमकी देने की शिकायत की। इस पर एडीएम ने एसपी ग्रामीण को तत्काल जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
भरण-पोषण एक्ट में दर्ज हुआ वाद
सुद्वोवाला निवासी कृष्णा देवी ने बड़े बेटे पर उत्पीड़न, देखभाल न करने और भाई की जमीन कब्जाने का आरोप लगाया। एडीएम ने विकासनगर एसडीएम को भरण-पोषण एक्ट के तहत वाद दर्ज कर त्वरित कार्रवाई करने को कहा। वहीं बल्लूपुर निवासी 70 वर्षीय महिला के मकान कब्जे के मामले में एसपी सिटी को जांच के निर्देश दिए गए।
आर्थिक तंगी से जूझ रही महिलाओं को मिलेगी सहायता
मोथरोवाला निवासी पूजा ने बताया कि उसके पति की दोनों किडनियां खराब हैं और तीन बेटियों की पढ़ाई ठप हो गई है। इसी तरह नत्थनपुर की कुसुम देवी ने पति की मृत्यु के बाद आर्थिक संकट की जानकारी दी। दोनों मामलों में एडीएम ने तहसील प्रशासन को जांच कर आर्थिक सहायता प्रस्ताव भेजने को कहा।
शहरी विकास और लोक निर्माण विभाग को दिए निर्देश
अजबपुरखुर्द के निवासियों ने सीवर लाइन, पुलिया और सड़क निर्माण कार्य अधूरे रहने की शिकायत की, जिस पर एडीएम ने शहरी विकास विभाग को तत्काल समाधान के निर्देश दिए। वहीं बादामवाला में नालियां बंद होने से जलभराव की शिकायत पर लोक निर्माण विभाग को नालियां खुलवाने की कार्यवाही शीघ्र पूरी करने को कहा गया।
राजस्व और पुलिस से जुड़े मामलों पर भी कार्रवाई
कोटि कनसार निवासी व्यक्ति की नाम दर्ज न होने की समस्या पर एसडीएम चकराता को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। रायपुर निवासी संदीप कुमार पाल की प्रॉपर्टी डीलर द्वारा धोखाधड़ी की शिकायत पर सीओ पुलिस को जांच करने के निर्देश दिए गए। राजेंद्र नगर निवासी गीता धवन के किराएदार विवाद मामले में एसडीएम और सीओ सिटी को किराया एक्ट के तहत कार्रवाई के आदेश दिए गए।
जनता दरबार में उपनगर आयुक्त संतोष कुमार पांडेय, तहसीलदार सुरेंद्र सिंह, जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट, डीपीओ जितेंद्र कुमार सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से सोमवार को सचिवालय में गुरुद्वारा श्री हेमकुंट साहिब मैनेजमेंट ट्रस्ट के अध्यक्ष नरेंद्र जीत सिंह बिंद्रा ने भेंट की। श्री बिंद्रा ने हेमकुंट साहिब यात्रा व्यवस्थाओं में राज्य सरकार एवं प्रशासन के सहयोग के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के विशेष मार्गदर्शन और समय-समय पर दिए गए निर्देशों के कारण इस वर्ष हेमकुंट साहिब यात्रा सुचारू और सफलतापूर्वक संपन्न हुई। प्रतिकूल मौसम परिस्थितियों के बावजूद श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधाओं की दृष्टि से यात्रा का बेहतरीन प्रबंधन किया गया।
श्री बिंद्रा ने बताया कि इस वर्ष भारत और विदेशों से रिकॉर्ड 2 लाख 75 हजार श्रद्धालु इस पवित्र यात्रा में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि यात्रियों ने राज्य सरकार और प्रशासन द्वारा किए गए समन्वित प्रयासों की व्यापक सराहना की है।
ट्रस्ट अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री से आगामी यात्राओं के लिए आधारभूत संरचना और लॉजिस्टिक्स सुधारों पर भी चर्चा की।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि चारधाम के साथ ही हेमकुंट साहिब यात्रा का भी धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से विशेष महत्व है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए लगातार काम कर रही है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि गोविंदघाट से हेमकुंट साहिब तक रोपवे निर्माण से हिमालयी क्षेत्र की यात्रा और अधिक सुगम हो जाएगी।
उन्होंने याद दिलाया कि यात्रा प्रारंभ होने से दो माह पूर्व भारी भूस्खलन में गोविंदघाट को हेमकुंट यात्रा मार्ग से जोड़ने वाला पुल ध्वस्त हो गया था। लेकिन मुख्यमंत्री के प्रत्यक्ष हस्तक्षेप और प्रभावी नेतृत्व में समय से पहले नया घाटी पुल तैयार कर लिया गया, जिससे यात्रियों की आवाजाही निर्बाध बनी रही।
इस अवसर पर श्री बिंद्रा ने मुख्यमंत्री को श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहादत वर्ष को भव्य रूप से मनाने के लिए निर्देश जारी करने हेतु धन्यवाद दिया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि मुख्यमंत्री धामी के मार्गदर्शन में आने वाले वर्षों में हेमकुंट साहिब यात्रा विश्वास, एकता और सुचारू प्रबंधन का प्रतीक बनेगी।