Category: उत्तराखंड

  • सगाई के दिन सेना के जवान ने लगाई फांसी, परिजनों में मचा कोहराम

    सगाई के दिन सेना के जवान ने लगाई फांसी, परिजनों में मचा कोहराम

    जसपुरः उत्तराखंड के उधमसिंह नगर में एक फौजी के परिवार में खुशियां मामत में तब्दील हो गई है। यहां जसपुर में फौजी ने अपनी सगाई के दिन फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। जिससे सगाई के घर में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। दोनों परिवारों में जहां सगाई की तैयारियां हो रही थी वहां अब जवान की अंतिम संस्कार की तैयारी की जा रही है। फौजी के इस कदम से हर कोई सकते में है। क्षेत्र में सनसनी मच गई है।

    मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक ठाकुरद्वारा के गांव टांडा निवासी नकुल पठानकोट पंजाब में तैनात था। वह सगाई के लिए छुट्टी पर आया था। गुरुवार को उसकी सगाई थी। दोनों परिवारों में सगाई की तैयारियां चल रहीं थीं। बुधवार रात तीन बजे तक नकुल अपनी सगाई की तैयारियां कराता रहा। इसके बाद वह अपने कमरे में सोने चला गया।सुबह पांच बजे परिजनों ने सगाई का कुछ सामान लाने के लिए नकुल के कमरे का दरवाजा खटखटाया।दरवाजा न खुलने पर खिड़की से झांककर देखा तो नकुल फंदे में लटका था। परिजनों की चीख-पुकार पर घर में मौजूद मेहमानों एवं पड़ोसियों ने दरवाजा तोड़कर फौजी को नीचे उतारा। उधर, युवती के परिजनों को भी घटना की खबर मिली तो वहां भी कोहराम मच गया। आत्महत्या के कारणों का अभी पता नहीं चल सका है। मामले में जांच की जा रही है।

  • भर्ती के बावजूद नियुक्ति के लिए दर-दर भटक रहें अभ्यार्थी, अब भूख हड़ताल पर बैठे

    भर्ती के बावजूद नियुक्ति के लिए दर-दर भटक रहें अभ्यार्थी, अब भूख हड़ताल पर बैठे

    देहरादून: उत्तराखंड में धामी सरकार ने भले ही रोजगार देने का वादा किया है। भर्तीयां निकल रही है। लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है।  उत्तराखंड परिवहन निगम में 4 साल पहले भर्ती होने के बावजूद 24 लोगों को अभी तक नियुक्ति नहीं मिली है। नियुक्ति की मांग को लेकर सभी 24 लोगों ने गुरुवार से एकता विहार में भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं। आंदोलनकारियों ने नियुक्ति ना मिलने तक वह लोग अपनी भुख हड़ताल जारी रखने का ऐलान किया है। साथ ही कहा है कि इस दौरान होने वाली जान माल की हानि का पूरा जिम्मेदार सरकार को बताया है।

    मीडिया रिपोर्टस के अनुसार भूख हड़ताल पर बैठे लोगों का कहना है कि उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने 2017 में परिवहन निगम में मैकेनिक सहायक भंडार पाल टायर इंस्पेक्टर जैसे तकनीकी पदों पर भर्ती का विज्ञापन जारी किया गया था। चयन प्रक्रिया के तहत परीक्षा सहित सभी औपचारिकताएं सहित सभी 23 सितंबर, 2019 को आयोग द्वारा पूरी कर आवेदन करने वालों की सभी शैक्षिक योग्यता दस्तावेजों का सत्यापन पूर्ण कर लिया गया था। इस भर्ती प्रकिया को चार साल पूरे हो चुके है, लेकिन अभीतक नियुक्ति के आदेश जारी नहीं किए गए हैं। अब अभ्यार्थियों का कहना है कि उनके डिप्लोमा और अन्य प्रवेश परीक्षाओं की अधिकतम आयु पूरी हो चुकी है, लेकिन अभी तक उनकी नियुक्ति पर निगम मौन है। ऐसे में जॉइनिंग में देरी होने के कारण आवेदकों के वेतन और अनुभव दोनों की क्षति हो रही है।

  • प्रिंसिपल ने किया देवभूमि को शर्मसार, नाबालिग से की छेड़छाड़, गिरफ्तार

    प्रिंसिपल ने किया देवभूमि को शर्मसार, नाबालिग से की छेड़छाड़, गिरफ्तार

    श्रीनगर: जिस गुरू को पूजा जाता है। जिसके कांधों पर बच्चों का भविष्य होता है। वहीं शिक्षक जब भक्षक बन जाए तो बेटियां कहां जाए है। ऐसा ही देवभूमि को शर्मसार करता मामला पौड़ी से सामने आया है। यहां एक नाबालिग छात्रा ने प्रिंसिपल पर छेड़छाड़ का आरोप लगाया है। मामले पर कार्रवाई करते हुए देहरादून पुलिस ने आरोपी के खिलाफ पोक्सो एक्ट में मुकदमा दर्जकर श्रीनगर पहुंचकर आरोपी प्रिंसिपल को गिरफ्तार कर लिया है।

    मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक आरोपी प्रिंसिपल शिव कुमार तोमर के खिलाफ पीड़िता के पिता ने बीते 13 अक्टूबर को थाना प्रेमनगर में आरोपी प्रिंसिपल के खिलाफ तहरीर दी थी। पीड़िता के पिता ने तहरीर में बताया था कि प्राथमिक विद्यालय सिगली देहरादून के प्रभारी प्रधानाध्यापक शिव कुमार तोमर उनका परिचित था।  जिसका उनके घर में आना जाना था। ऐसे में एक दिन आरोपी ने उसकी नाबालिग बेटी के अकेला पाकर उसके साथ छेड़छाड़ की थी। वहीं, इस संबंध में पुलिस ने आरोपी प्रिंसिपल शिव कुमार तोमर के खिलाफ पोक्सो एक्ट में मुकदमा दर्जकर मामले की जांच शुरू कर दी थी। जिसके बाद दून पुलिस ने आरोपी को उसके श्रीनगर स्थित आवास से गिरफ्तार कर लिया है।

  • उत्तराखंड आने वाले वाहनों के लिए बदले नियम, 1 दिसंबर से ये व्यवस्था होगी लागू

    उत्तराखंड आने वाले वाहनों के लिए बदले नियम, 1 दिसंबर से ये व्यवस्था होगी लागू

    देहरादूनः अगर आप उत्तराखंड आ रहे है तो आपके लिए जरूरी खबर है। उत्तराखंड परिवहन ने यात्रियों की सुविधा को देखते हुए नियमों को बदल दिया है। अब एक दिसंबर से यूपी, नई दिल्ली सहित अन्य पड़ोसी राज्यों से उत्तराखंड आने वाले वाहन स्वामियों को आरटीओ के चेकपोस्ट पर नहीं रूकना पड़ेगा। अब 2004 से चली आ रही चेकपोस्ट पर वाहन रोकने की व्यवस्था खत्म होने जा रही है। परिवहन सचिव ने चेकपोस्ट को समाप्त करने के आदेश कर दिए हैं। हैं। अब वाहन स्वामियों को ऑनलाइन टैक्स जमा करना होगा। जिससे उनके समय की बचत होगी।

    आपको बता दें कि उत्तराखंड में मौजूदा समय में 10 चेकपोस्ट सक्रिय हैं। इनमें से अधिकांश राज्य सीमाओं पर स्थित हैं। ये कुल्हाल, मंगलौर, आशारोड़ी, रुद्रपुर, बाजपुर, ठाकुरद्वारा, चिड़ियापुर, इकबालपुर, तिमली, पुलभट्टा, मझोला, सितारगंज, कौड़िया, नादेही, जसपुर, दोराहा, बनबसा, त्यूनी, मेघालघाट  पर है। इन चेकपोस्ट पर वाहनों का मैनुअल टैक्स जमा किया जाता है। कई बार चेकपोस्ट पर वाहनों की लंबी लाइन लग जाती है। इसे देखते हुए मैनुअल टैक्स जमा करने की ऑनलाइन व्यवस्था की गई है।  परिवहन सचिव डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा ने चेकपोस्ट समाप्त करने के आदेश कर दिए हैं। अब वाहन स्वामियों को ऑनलाइन टैक्स जमा करना होगा।

     

  • एक तरफा कार्रवाई करना कोतवाल को पड़ा भारी, हाईकोर्ट ने किया निलंबित

    एक तरफा कार्रवाई करना कोतवाल को पड़ा भारी, हाईकोर्ट ने किया निलंबित

    नैनीतालः एक कोतवाल को जमीनी विवाद में एक तरफा कार्रवाई करना भारी पड़ गया है। उत्तराखंड हाईकोर्ट ने मामले में  सुनवाई करते हुए कोतवाल नैनीताल को सस्पेंड कर दिया है। मामले में एक वर्ग विशेष के दबाव में कोतवाल के काम करने की बात सामने आई है। जिसपर एक्शन लेते हुए कोर्ट ने कोतवाल को सस्पेंड करते हुए मामले की जांच के आदेश दिए है।

    मीडिया रिपोर्ट के अनुसार  नैनीताल के हांडी मांडी क्षेत्र में दो दिन पूर्व जमीनी विवाद को लेकर अधिवक्ताओं और स्थानीय लोगों के बीच भिड़ंत हो गई थी और मामला मल्लीताल कोतवाली पहुंच गया था। कोतवाल ने अधिवक्ता पक्ष की शिकायत तो ली लेकिन मुकदमा दर्ज नहीं किया।  जबकि स्थानीय लोगों की शिकायत के बाद महिला से छेड़छाड़ और अभद्रता का मुकदमा दर्ज कर अधिवक्ता के भाई को हिरासत में ले लिया। अधिवक्ता पक्ष इसके खिलाफ हाईकोर्ट पहुंचा था। जहां मामले की सुनवाई के दौरान कोतवाल कोर्ट में नहीं पहुंचा। वहीं डी.जी.पी. ने कोर्ट को बताया कि नैनीताल के कोतवाल को तत्काल प्रभाव ने निलंबित कर मामले की जांच बैठा दी गई है।

     

  • मशहूर डांसर सपना चौधरी की बढ़ी मुश्किलें, कोर्ट ने जारी किया गिरफ्तारी वारंट

    मशहूर डांसर सपना चौधरी की बढ़ी मुश्किलें, कोर्ट ने जारी किया गिरफ्तारी वारंट

    लखनऊ: मशहूर डांसर सपना चौधरी की मुश्किलें बढ़ गई है। लखनऊ कोर्ट ने एक मामले में मशहूर डांसर सपना चौधरी के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। मामला एक कार्यक्रम से जुड़ा है। सपना चौधरी के खिलाफ मनमाने तरीके से कार्यक्रम रद्द करने और टिकट खरीदने वालों को उनका धन वापस नहीं करने के मामले में गिरफ्तारी वारंट जारी किया। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट शांतनु त्यागी की अदालत ने यह वारंट जारी करते हुए मामले की अगली सुनवाई की तारीख 22 नवंबर तय की है।

    मीडिया रिपोर्टस के अनुसार डांसर सपना चौधरी को 13 अक्टूबर 2018 को स्मृति उपवन में अपराह्न तीन बजे से रात 10 बजे तक कार्यक्रम पेश करना था। इसके लिए 300 रुपये प्रति टिकट की दर से टिकट बेचे गए थे। कार्यक्रम के लिए स्मृति उपवन में हजारों की संख्या में लोग आए थे लेकिन जब सपना रात 10 बजे तक कार्यक्रम स्थल पर नहीं पहुंचीं तो भीड़ ने टिकट का धन वापस देने की मांग को लेकर हंगामा किया था। लोगों को पैसे वापस नहीं किये गए।

    इस सिलसिले में दारोगा फिरोज खान ने 14 अक्टूबर 2018 को आशियाना थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। इस मुकदमे में सपना के अलावा कार्यक्रम के आयोजक जुनैद अहमद, नवीन शर्मा, इवाद अली, अमित पांडे और रत्नाकर उपाध्याय को भी आरोपी बनाया गया था। इस मामले में कोर्ट ने सपना के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। अदालत ने सपना चौधरी की मामला खत्म करने के अनुरोध वाली  याचिका को पहले ही खारिज कर दिया है। अब अदालत सपना तथा इस मामले के अन्य अभियुक्तों के खिलाफ आरोप तय करेगी

  • बड़ी खबरः उत्तराखंड की 20 हजार करोड़ की परिसंपत्तियों का विवाद हुआ हल, जानिए…

    बड़ी खबरः उत्तराखंड की 20 हजार करोड़ की परिसंपत्तियों का विवाद हुआ हल, जानिए…

    देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी दो दिन के दौरे पर उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में है। विधानसभा चुनाव से पहले उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के लिए मुख्यमंत्री धामी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मुलाकात दोनों राज्यों के पर परिसंपत्तियों के बंटवारे को लेकर काफी अहम रही । उत्तराखंड गठन के 21 साल बाद यूपी के साथ कई परिसंपत्तियों को लेकर आज भी विवाद चल रहा था। परिसंपत्तियों के बंटवारे को लेकर कई बार दोनों राज्यों के बीच कोशिश भी हुई लेकिन ठोस नतीजा नहीं निकल सका। लेकिन आज मुख्यमंत्री धामी ने सीएम योगी के साथ मुलाकात के बाद दोनों राज्यों के बीच अधिकांश मुद्दों पर सहमति बन गई है।

    यूपी-उत्तराखंड के बीच करीब 20 हजार करोड़ की परिसंपत्तियों से जुड़े विवाद का निपटारा हो गया है। लखनऊ में पुष्कर सिंह धामी ने सुबह सीएम योगी आदित्यनाथ के सरकारी आवास 5 कालिदास मार्ग पहुंचकर मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच करीब 30 मिनट तक बातचीत हुई। बैठक के बाद पुष्‍कर धामी ने दावा किया कि दोनों राज्‍यों के बीच 21 साल से चला रहा बंटवारे का विवाद हल हो गया है। इसके साथ सीएम धामी ने कहा कि यूपी-उत्‍तराखंड के बीच छोटे-बड़े भाई जैसा संबंध है। उन्‍होंने कहा कि सीएम योगी ने विवादों के निपटारे पर अपनी सहमति दी। धामी ने कहा कि जो मुद्दे बचे हैं वह भी जल्द सुलझा लिए जाएंगे।

    दोनों राज्यों के बीच इन परिसंपत्तियों के बंटवारे को लेकर बनी बात–

    बता दें कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और सीएम योगी आदित्यनाथ की मुलाकात के बाद तय हुआ कि हरिद्वार में स्थित अलकनंदा होटल उत्तराखंड को मिलेगा। वहीं उत्तराखंड को वन विभाग के 90 करोड़ मिलेंगे। हमारे सिंचाई विभाग की 5700 हेक्टेयर भूमि पर सीएम धामी ने बताया कि दोनों राज्यों का संयुक्त रूप से सर्वे होगा। जो जमीन यूपी के काम की है वो यूपी को मिल जाएगी। उन्होंने कहा कि भारत नेपाल सीमा पर बनबसा का बैराज है उसका पुनर्निर्माण उत्तर प्रदेश सरकार करवाएगी, किच्छा के बैराज का निर्माण भी यूपी सिंचाई विभाग करवाएगा। यूपी परिवहन निगम के द्वारा उत्तराखंड परिवहन निगम को 205 करोड़ रुपये का भुगतान किया जाएगा। आवास-विकास की देनदारियों का भुगतान को दोनों राज्‍यों द्वारा 50-50 प्रतिशत साझेदारी के आधार पर किया जाएगा। इसके अलावा थौरा बैकुंठ नानक सागर गंग नहर में वॉटर स्पोर्ट्स और साहसिक पर्यटन की भी अनुमति मिल गई है। 15 दिनों के अंदर सभी मसलों का निस्तारण किया जाएगा। इसके साथ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से भी मुलाकात की। धामी इसके पहले बुधवार देर शाम लखनऊ विश्वविद्यालय के समारोह में भी पहुंचे। उन्होंने बीते दिनों की याद करते हुए कहा कि मैं तो लखनऊ विश्वविद्यालय से ही पढ़ा हूं। यहां के विद्यार्थी जीवन से लेकर राजनीति के क्षेत्र में आने पर भी मैं बहुत समय तक लखनऊ से जुड़ा रहा। इस दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने साथ में पढ़े पुराने सहपाठियों से भी मुलाकात की।

     

  • छात्र संगठन चुनाव की मांग को लेकर अब आरपार की लड़ाई पर उतरे, जगह-जगह कर रहे प्रदर्शन

    छात्र संगठन चुनाव की मांग को लेकर अब आरपार की लड़ाई पर उतरे, जगह-जगह कर रहे प्रदर्शन

    देहरादून: राजधानी देहरादून में उस वक्त हड़कंप मच गया जब छात्रसंघ चुनाव कराए जाने की मांग पर डटे डीएवी कॉलेज के छात्र मोबाइल टावर पर चढ गए। वहीं छात्रों ने छात्रसंघ चुनाव की मांग को लेकर कॉलेज को बंद करा दिया है। प्रदर्शनकारी छात्रों ने हंगामा करते हुए कॉलेज गेट पर धरना दिया और करनपुर एवं कॉलेज मार्ग को जाम कर दिया। जिससे कॉलेज प्रशासन और पुलिस के हाथ-पैर फूल गए। सूचना मिलने पर डालनवाला थाने से अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया।

    मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक तमाम छात्र संगठन अब आरपार की लड़ाई पर उतर आए हैं। छात्रों ने चुनाव की मांग डीएवी कॉलेज के बाहर जमकर हंगामा किया। हंगामें के बीच आज सत्यम शिवम छात्र संगठन के छात्र मनमोहन सिंह रावत और आकिम अहमद मोबाइल टावर पर चढ़ गए हैं। जिसके बाद कॉलेज में भारी हंगामा शुरू हो गया है। आंदोलनकारी छात्रों का कहना है कि सरकार दोहरा मानदंड अपना रही है। छात्रसंघ चुनाव के लिए कोरोना गाइडलाइन की दुहाई दी जा रही है तो वहीं जब विधानसभा चुनाव को लेकर सभी राजनीतिक पार्टियां रैलियां निकाल रही हैं, तब कोरोना नहीं फैल रहा है। छात्र नेताओं का कहना है कि अगर सरकार अगर जल्द चुनाव घोषित नहीं करवाती या दो साल की आयु सीमा में छूट नहीं देती तो कॉलेज पूरी तरह से बंद कराए जाएंगे।

    वहीं बागेश्वर महाविद्यालय में दो साल से अधिक का समय बीत जाने का बावजूद भी छात्रसंघ चुनाव नहीं हुआ है। ऐसे में एनएसयूआई कार्यकर्ताओं में इसे लेकर खासी नाराजगी है। लिहाजा, आज आक्रोशित छात्र-छात्राओं ने छात्रसंघ चुनाव की मांग को लेकर महाविद्यालय परिसर में उच्च शिक्षा मंत्री और प्राचार्य का पुतला दहन कर रोष जताया। साथ ही जल्द छात्रसंघ चुनाव नहीं कराने पर आंदोलन करने की चेतावनी भी दी।

  • गुलदार ने पांच साल की मासूम को बनाया शिकार, आज था जन्मदिन, परिवार में कोहराम…

    गुलदार ने पांच साल की मासूम को बनाया शिकार, आज था जन्मदिन, परिवार में कोहराम…

    नैनितालः उत्तराखंड में जंगली जानवारों का आंतक थमने का नाम नहीं ले रहा है।  नैनीताल के चोपड़ा गांव से दर्दनाक खबर आ रही है। यहां जन्मदिन से ठीक पहले 5 साल की बच्ची राखी को गुलदार ने अपना निवाला बना लिया। बच्ची का आज जन्मदिन था लेकिन उससे पहले ही कल रात गुलदार ने बच्ची को अपना शिकार बना लिया। हमले में बच्ची की मौत हो जाने के बाद परिजनों और ग्रामीणों में बेहद आक्रोश है। वहीं ग्रामिणों के हंगामें के बाद जिलाधिकारी की संस्तुति पर वन विभाग ने आदमखोर गुलदार को शूट करने के आदेश कर दिए हैं। साथ ही इसके लिए शिकारी भी नियुक्त कर दिया गया है।

    मीडिया रिपोर्टस के गांव में बीते 2 माह से गुलदार की चहलकदमी दिख रही थी और उनके द्वारा वन विभाग इसकी सूचना दी लेकिन वन विभाग के द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की। इसका खामियाजा आज एक मासूम बच्ची को अपनी जान देकर चुकाना पड़ा है। बताया जा रहा है कि मंगलवार देर शाम चोपड़ा गांव निवासी बच्ची सिंह जीना कि पांच वर्षीय बेटी राखी पर गुलदार ने हमला बोल दिया था। परिजनों के हो हल्ला करने पर गुलदार बच्ची को आंगन पर ही छोड़ कर भाग गया। घायल राखी को स्वजन तत्काल उपचार के लिए हल्द्वानी लेकर पहुंचे। जहां रात को उसकी मौत हो गई।

    वहीं स्वजनों के वापस गांव लौटने के बाद बुधवार सुबह ग्रामीणों ने हंगामा खड़ा कर दिया। स्वजन आदमखोर गुलदार को मारने की मांग करने लगे। साथ ही ऐलान कर दिया कि जब तक गुलदार को शूट करने के आदेश नहीं होते तब तक वह बच्ची का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। जिसके बाद शासन ने गुलदार को शूट करने के आदेश जारी कर दिए गए हैं। साथ ही इसके लिए हरीश धामी को शिकारी नियुक्त कर दिया गया है। बताया कि पीड़ित परिवार से मिलने के बाद वन विभाग की ओर से स्वजनों को तीन लाख का मुआवजा राशि का चेक भी दे दिया गया है।

     

  • गंगोत्री विधानसभा सीट पर चुनाव लड़ेगे कर्नल अजय कोठियाल, हो गया ऐलान

    गंगोत्री विधानसभा सीट पर चुनाव लड़ेगे कर्नल अजय कोठियाल, हो गया ऐलान

    उत्तरकाशी: उत्तराखंड में आम आदमी पार्टी (आप) के सीएम पद के उम्मीदवार कर्नल (रिटायर्ड) अजय कोठियाल सारे मिथक तोड़ उत्तरकाशी जिले की गंगोत्री विधानसभा सीट से चुनावी मैदान में उतरेंगे। दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने उत्तरकाशी में इसकी घोषणा की है। बता दें कि गंगोत्री विधानसभा क्षेत्र के साथ मिथक जुड़ा हुआ है। माना जाता है कि गंगोत्री विधानसभा सीट से जिस भी पार्टी का प्रत्याशी चुनाव जीतता है, वो पार्टी सत्ता पर काबिज होती है। आंकड़ें भी इसकी तस्दीक करते है।

    बता दें कि सिसोदिया ने पहली बार उत्तरकाशी दौरे पर पहुंचे है। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि प्रदेश एक ऐसे नेतृत्व की चाह रख रहा है, जो विकास पहाड़ की अवधारणा के अनुरूप होना चाहिए था। उत्तराखंड की जनता को कर्नल अजय कोठियाल से काफी उम्मीदें हैं। उत्तराखंड को ये कुशल नेतृत्व उत्तरकाशी के गंगोत्री से मां गंगा कर्नल कोठियाल के रूप में देगी। उत्तरकाशी में बच्चे से लेकर बूढ़े तक के दिल में कर्नल अजय कोठियाल के लिए अलग ही सम्मान है।

    गौरतलब है कि गंगोत्री विधानसभा सीट से जुड़े इस मिथक को एक मात्र संयोग कहें या कुछ और मगर यह सच है।देश की आजाद के बाद शुरू हुए विधानसभा चुनाव से ही इस मिथक की शुरुआत हुई, जो आज तक नहीं टूटा है। इस बात को करीब 70 साल हो गए हैं. तब से ही यह मिथक बरकरार है। उत्तराखंड राज्य गठन से पहले गंगोत्री विधानसभा सीट न होकर उत्तरकाशी विधानसभा सीट हुआ करती थी। उस दौरान भी यह मिथक बरकरार था। इस मिथक के बरकरार होने का सिलसिला अभी भी जारी है। अब कर्नल कोठियाल इस मिथक को तोड़ जीत हासिल कर पाते है या नहीं ये देखना दिलचस्प होगा।