देहरादून। थाना रायपुर क्षेत्र के अंतर्गत महाराणा स्पोर्ट्स कॉलेज के पास खाली मैदान में संदिग्ध परिस्थितियों में एक युवक का शव पड़ा मिले से हड़कंप मच गया। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। वहीं, पुलिस अब इस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।
जानकारी के मुताबिक, पुलिस को सूचना मिली थी कि महाराणा स्पोर्ट्स कॉलेज गेट नम्बर 3 के पास मैदान में एक व्यक्ति का शव पड़ा हुआ है। जिसके बाद पुलिस ने घटनास्थल के आसपास जांच पड़ताल की और शव को पोस्टमार्टम की कार्रवाई के लिए मोर्चरी में भेज दिया।
थाना रायपुर प्रभारी अमरजीत सिंह ने बताया कि मृतक के कपड़ों की तलाशी लेने पर उसके पास एक मोबाइल फोन और पहचान-पत्र मिला है। जिसपर इसका नाम धीरेंद्र सिंह नयाल निवासी नाथुवाला दर्ज है। मृतक उद्योग निदेशालय पटेलनगर में अनुसेवक पद पर तैनाता था। इस मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद अग्रिम कार्रवाई की जाएगी. मृतक के परिजनों को सूचित कर दिया गया है।
देहरादूनः उत्तराखंड में विधानसभा सत्र का आज दूसरा दिन रहा हंगामेदार रहा। बसे पहले निधन के निदेश लिए गए। इस दौरान पूर्व विधायक हरबंस कपूर और गोपाल ओझा को भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई। जिसके बाद सरकार ने जहां एक तरफ सदन में कई विधेयक और अध्यादेश पटल पर रखे तो वहीं दूसरी तरफ विपक्ष ने महंगाई के मुद्दे को लेकर नियम 58 के तहत सवाल खड़े किए। इस दौरान सदन में जमकर हंगामा हुआ। संतोषजनक जवाब न मिलने पर विपक्ष ने सदन से वॉकआउट किया। कांग्रेस नेता धरना देते भी नजर आए।
हरिद्वार ग्रामीण विधायक अनुपमा रावत सदन में महंगाई के विरोध में कागज का बनाया हुआ सिलेंडर लेकर आईं। विपक्ष ने कहा कि राज्यपाल के अभिभाषण में महंगाई के मुद्दे पर कोई बात ही नहीं की गई है। आमदनी अठन्नी और खर्चा रुपये से ज्यादा हो गया है। राज्य सरकार कोई ठोस कदम उठाए। ज्वालापुर विधायक रवि बहादुर ने कहा कि मैं जब देहरादून आ रहा था तो पेट्रोल पंप पर तेल डलवाया लेकिन मैं गाड़ी से बाहर नहीं निकला। ड्राइवर ने पूछा कि बाहर क्यों नहीं आए। मैंने कहा कि मुझे डर लगता है। रवि बहादुर का बोला गया एक शब्द असंसदीय मानते हुए अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही से हटाया। वहीं दूसरी ओर विधायक हरीश धामी ने कहा कि सरकार ने कहा था कि हर घर को रोजी रोटी और काम देंगे। न रोजी रोटी मिली और न ही रोजगार मिला।
बदरीनाथ विधायक राजेंद्र भंडारी ने कहा कि महंगाई ने उत्तराखंड और देश में कीर्तिमान बनाए। डीजल से किसानों की कमर टूट गई है। हमें अच्छे दिन नहीं चाहिए, हमारे पुराने दिन ही लौटा दो। चुनाव आते हैं तो हर चीज आ जाती है। गैस सस्ती हो जाती है। डीजल-पेट्रोल कम हो जाता है। चुनाव जाते ही दोबारा शुरू हो जाता है। सरकार ने कोविड में बेरोजगारों को रोजगार का झूठा वादा किया। सदन से बाहर आने के बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रीतम सिंह ने कहा कि महंगाई चरम पर है। खास तौर पर पेट्रोल और डीजल के दाम आसमान छू रहे हैं। इसके बावजूद सरकार का कहना है कि उत्तराखंड में कहीं भी महंगाई नहीं है। जिससे साफ जाहिर होता है कि महंगाई को लेकर सरकार की मंशा ठीक नहीं है।
देहरादूनः उत्तराखंड को शर्मसार करता मामला पौड़ी से आ रहा है। यहां दो शिक्षकों ने ऐसी गंदी हरकत की है जिससे पहाड़ और विद्या का मंदिर कहे जाने वाला विद्यालय भी शर्मसार हो गया है। पौड़ी जिले के चौबट्टाखाल क्षेत्र में NSS कैंप के दौरान छात्राओं के साथ छेड़छाड़ का मामला आया है। मामलें शिक्षा विभाग ने कड़ी कार्रवाई करते हुए दोनों शिक्षकों निलंबित कर दिया है।
मीडिया रिपोर्टस के अनुसार चौबट्टाखाल तहसील क्षेत्र के अंतर्गत एक इंटर कॉलेज का सात दिवसीय एनएसएस शिविर आयोजित किया गया था। एनएसएस शिविर 1 से 7 मार्च तक आयोजित किया गया। आरोप है कि शिविर के दौरान 4 मार्च को रात 9 बजे शराब के नशे में धुत दो शिक्षक छात्राओं के कमरे में जा घुसे और उनके साथ छेड़छाड़ की। छेड़छाड़ की जानकारी छात्राओं ने अपने परिजनों को दी, जिस पर अभिभावकों ने 11 मार्च को राजस्व पुलिस में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की थी।
मुख्य शिक्षा अधिकारी डॉ. आनंद भारद्वाज ने मामले की गंभीरता को देखते हुए दोनों शिक्षकों के निलंबन का अनुमोदन कर दिया था, जिसके आधार पर दोनों शिक्षकों को खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय एकेश्वर में अटैच करने के आदेश भी जारी कर दिए हैं। आदेश में लिखा है कि विद्यालय के हिन्दी प्रवक्ता सतीश चन्द्र शाह, प०इ०का० सुरखेत पौड़ी गढ़वाल ने लड़कियों के कक्ष में मंदिरा पीकर प्रवेश किया व भौतिक विज्ञान प्रवक्ता रामेन्द्र भण्डारी पठइ०का० सुरखेत पौड़ी गढ़वाल ने लड़कियों के कमरे में घुसकर लड़कियों के साथ छेड़खानी की गई थी। जिस पर कार्रवाई करते हुए दोनों को निलंबित कर दिया गया है।
देहरादूनः उत्तराखंड में चुनाव के दौरान किए गए वादों को धामी सरकार पूरा करने में जुट गई है। जहां राज्य के 10वीं-12वीं के छात्र-छात्राओं को मुख्यमंत्री टेबलेट वितरण योेजना के तहत 12 हजार रुपए दिए जा रहे है। वहीं अब इस योजना के तहत राज्य के डिग्री कॉलेजो में भी विद्यार्थियों को फ्री डेबलेट देने की कवायद शुरू हो गई है। इसके लिए विद्यार्थियों को बस एक 10 रूपये स्टाम्प पेपर पर लेना होगा। और धनराशि निर्गत होने के एक सप्ताह के अन्दर टेबलेट क्रय करने के पश्चात बिल वाउचर अनिवार्य रूप से सम्बन्धित को उपलब्ध कराने होंगे।
मीडिया रिपोर्टस के अनुसार हल्द्वानी में आज योजना के अन्तर्गत जनपद के राजकीय डिग्री कालेजों के विद्यार्थियों को टेबलेट उपलब्ध कराये जाने के कार्यान्वयन के लिए शिविर कार्यालय में एक अहम बैठक ली गई। जिसमें विद्यार्थियों को योजना का लाभ पहुंचाने पर चर्चा की गई। बैठक के दौरान मुख्य विकास अधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री टेबलेट वितरण योजना के तहत जनपद के कुल 11 डिग्री कॉलेज के 15899 विद्यार्थी इस योजना से लाभान्वित होंगे। उन्होने बताया टैबलेट क्रय करने के लिए सरकार से महाविद्यालयों के प्राचार्यों को 19 करोड़ 7 लाख 88 हजार की धनराशि प्राप्त हुई हैं। उन्होने कहा प्रति विद्यार्थी को 12 हजार रूपये डीबीटी के माध्यम से बैंक खातों में अंतरित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री टेबलेट योजना के माध्यम से सभी छात्र जो अपनी आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण टैबलेट क्रय करने में सक्षम नहीं थे वे इस योजना के माध्यम से टैबलेट प्राप्त कर सकेंगे और अपनी पढ़ाई जारी रख सकेंगे। इस योजना का लाभ लेने के लिए जो भी लाभार्थी छात्र हैं उन्हें नोटरी से शपथ पत्र 10 रूपये स्टाम्प पेपर पर लेना होगा। जिसके बाद धनराशि निर्गत होने के एक सप्ताह के अन्दर टेबलेट क्रय करने के पश्चात बिल वाउचर अनिवार्य रूप से सम्बन्धित को उपलब्ध कराने होंगे। शपथ पत्र में अभिभावक/पिता के हस्ताक्षर व आधार संख्या भी अंकित होनी चाहिए। इसके अलावा 4 जनवरी 2022 के उपरान्त प्रवेश करने वाले विद्यार्थिंयोें को भी धनराशि प्राप्त होने पर लाभान्वित किया जायेगा।
देहरादून। बढ़ती महंगाई के विरोध में कांग्रेस की ओर से तीन चरणों में देशभर में ‘महंगाई मुक्त भारत अभियान’ के तहत विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। इसी कार्यक्रम के तहत उत्तराखंड में भी जिला, विधानसभा और ब्लाक स्तर पर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
प्रदेश महामंत्री संगठन एवं वरिष्ठ प्रवक्ता मथुरादत्त जोशी ने बताया कि कांग्रेस की ओर से देशभर में दिनांक 31 मार्च को सुबह 11 बजे कांग्रेस कार्यकर्ता व आम लोग अपने-अपने घरों के बाहर एवं सार्वजनिक स्थानों पर गैस सिलिंडर को माला पहनाकर विरोध प्रदर्शन करेंगे। इसके साथ ही ढोल-घंटियां एवं अन्य उपकरण बजाकर भाजपा सरकार का ध्यान गैस-पेट्रोल-डीजल के दामों में हुई अप्रत्याशित वृद्धि की ओर आकर्षित करेंगे। इसके बाद दो से चार अप्रैल के बीच जिला स्तर पर ‘महंगाई मुक्त भारत धरना एवं मार्च’ आयोजित किए जाएंगे।
तीसरे चरण में सात अप्रैल को प्रदेश मुख्यालयों में राज्य स्तरीय ‘महंगाई मुक्त भारत धरना एवं मार्च’ का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि भाजपा ने वर्ष 2014 एवं 2019 के लोकसभा चुनाव सहित देशभर में हुए विधानसभा चुनावों में जनता से पेट्रोलियम पदार्थों के दाम कम करने और महंगाई पर अकुंश लगाने का वादा किया था। लेकिन अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दामों में 75 प्रतिशत की कमी होने के बाद भी पेट्रोल, डीजल, रसोई गैस की दरों में लगातार वृद्धि कर आम आदमी की जेब पर डाका डाला गया है।
देहरादूनः उत्तराखंड में लंबे इंतजार के बाद पुष्कर सिंह धामी और उनकी कैबिनेट मंत्रियों के विभागों का बंटवारा हो गया है। विभाग मिलते ही मंत्रिमंडल एक्शन में नजर आ रहा है। मंत्रियों के बड़े बयान सामने आ रहे है। नवनियुक्त मंत्री सौरभ बहुगुणा ने विभाग मिलते ही संबंधित अधिकारियों की क्लास लेनी शुरू कर दी है। तो वहीं कैबिनेट मंत्री चंदन राम दास ने घाटे में चल रहे विभागों को उबारने का प्रयास करने की बात कही है। साथ ही घोटालो की जांच को प्राथमिकता बताया है। वहीं गणेश जोशी ने भी अपनी प्राथमिकता बताई है।
मीडिया रिपोर्टस के अनुसार उत्तराखंड के युवा मंत्री सौरभ बहुगुणा विभाग मिलने के साथ ही एक्टिव मोड में नजर आ रहे हैं। कल शाम विभागों का आवंटन किया गया था और आज सुबह ही उन्होंने अपने तमाम अधिकारियों को बुलाकर एक इंट्रोडक्शन बैठक ली है। उन्होंने कहा मत्स्य पालन, पशुपालन और दुग्ध उत्पादन तीनों एक ही नेचर के डिपार्टमेंट है। इन तीनों विभागों के जरिए वह उत्तराखंड के ग्रामीण क्षेत्रों से जुड़ेंगे और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा करेंगे। इस तरह से उन्होंने अपनी कार्य शैली का परिचय एक युवा कैबिनेट मंत्री के रूप में पूरे प्रदेश वासियों को देने की कोशिश की है। वहीं कैबिनेट मंत्री चंदन राम दास ने समाज कल्याण विभाग में लगातार चली आ रही अनियमितताओं को लेकर कहा कि उनके संज्ञान में छात्रवृत्ति घोटाले को लेकर मामला आया है। वे जल्द ही वह विभागीय अधिकारियों की बैठक लेने वाले हैं। समाज कल्याण विभाग में हुए तमाम अनियमितताओं को लेकर वह समीक्षा बैठक करेंगे। उन्होंने कहा अगर कहीं पर अनियमितता पाई जाती है और जांच की जरूरत पड़ती है तो वह इस मामले की जांच के सख्त आदेश देंगे।
वहीं दूसरी ओर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी को सैनिक कल्याण विभाग के साथ-साथ कृषि उद्यान और ग्रामीण विकास जैसे महत्वपूर्ण विभागों की भी जिम्मेदारी दी गई है। उन्होंने अपने विभाग और जिम्मेदारियों पर कहा कि सैनिक कल्याण मंत्रालय में वह पहले भी कई बड़े काम कर चुके हैं और 2023 से पहले पांचवां धाम यानी सैनिक धाम का काम पूरा करना उनका सबसे प्राथमिक लक्ष्य है। वहीं, इसके अलावा उन्होंने कहा कि उपनल को लेकर उन्होंने पहले ही इस बात की घोषणा कर दी थी कि 31 मार्च के बाद उपनल में पंजीकरण की प्रक्रिया गैर सैनिक परिवारों के लिए बंद कर दी जाएगी। यानी कि 1 अप्रैल से उपनल में सामान्य नागरिकों के लिए पंजीकरण की प्रक्रिया बंद हो जाएगी। उपनल में सिर्फ सैन्य परिवार के लोग ही शामिल होंगे।
देहरादून। महानायक अमिताभ बच्चन बुधवार को देहरादून की सड़कों पर नीली कार की सवारी करते दिखे। दरअसल वह देहरादून के थानो में अपनी फिल्म की शूटिंग कर रहे थे।
इन दिनों उत्तराखंड प्रवास पर हैं अमिताभ
अमिताभ बच्चन अपनी फिल्म ‘गुड बाय’ की शूटिंग के लिए इन दिनों उत्तराखंड प्रवास पर हैं। फिल्म की शूटिंग के लिए अमिताभ बच्चन बुधवार सुबह तड़के ऋषिकेश से जौलीग्रांट पहुंचे। जौलीग्रांट के निर्वाणा रेस्टोरेंट में उन्होंने अपनी टीम के साथ नाश्ता किया। जिसके बाद वह अपनी टीम के साथ थानो में शूटिंग के लिए रवाना हुए। सुरक्षा की दृष्टि से अमिताभ बच्चन ने मीडिया और फैंस से दूरी बनाये रखी। वही फ़िल्म के दृश्य फिल्माए जाने के दौरान पुलिस को ट्रैफिक भी रोकना पड़ा, जिससे कई वाहन चालकों ने अपनी नाराजगी भी जताई।
प्रशंसकों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी
अमिताभ बच्चन बीती 25 मार्च को मुंबई से जौलीग्रांट फिल्म की शूटिंग के लिए पहुंचे थे। प्रशंसकों को उनकी एक झलक देखने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। इसी क्रम में अमिताभ बच्चन फिल्म की शूटिंग के लिए डोईवाला के थानो पहुंचे और फिल्म की पूरी यूनिट डोईवाला के पद्मनी होटल के आसपास दिखाई दी।
बता दें कि अमिताभ बच्चन की फिल्म ‘गुड बाय’ के कुछ शाट थानो रोड पर स्थित भुइया मंदिर के पास फिल्माए जा रहे हैं। जहां पर अमिताभ एक नीली कार में सवार थे। अमिताभ की एक झलक पाने को उनके प्रशंसकों की भीड़ शूटिंग स्थल के आसपास रही। फिल्म की शूटिंग ऋषिकेश के लक्ष्मण झूला, राम झूला, सीता घाट, जानकी सेतु, रानीपोखरी चौक, प्रकाश पंत मार्ग, थानो रोड और जौलीग्रांट एयरपोर्ट के समीप सहित कई स्थानों पर की गई है।
देहरादून: उत्तराखंड़ में गाड़ी लेकर बाहर निकलने से पहले एक बार ये नियम जरूर पढ़ लें। अगर आपने ये नियम नहीं माने तो आपका लाइसेंस जब्त हो जाएगा। जी हां उत्तराखंड पुलिस लगातार हो रहें सड़क हादसों की रोकथाम में लग गई है। जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। साथ ही नियमों पर सख्ती की जा रही है। इसके लिए सोशल मीडिया पर ट्रैफिक नियमों की लिस्ट जारी की है। इन नियमों का पालन ना करने पर आपका लाइसेंस जब्त हो जाएगा।
बता दें कि उत्तराखंड पुलिस ने नियमों की लिस्ट में लिखा है। कि आप शराब पीकर या नशा करके गाड़ी ना चलाएं। इसमें जान जाने का खतरा तो है ही, आपका ड्राइविंग लाइसेंस भी कैंसिल हो सकता है। तेज रफ्तार से वाहन ना चलाएं, ऐसा करना हादसे की वजह बन सकता है। लाल बत्ती जंप करने की कोशिश कतई ना करें, थोड़ा इंतजार कर लेने में कोई बुराई नहीं है। माल वाहन चलाने वाले वाहन चालक भी ध्यान दें। माल वाहन में यात्री सवारियों को बैठाना मना है।
गौरतलब है कि उत्तराखंड में रोजाना सड़क हादसें हो रहे है। उत्तराखंड हादसों का राज्य बनता जा रहा है। ऐसे में लोगों की जिंदगियां बचाने और सड़क हादसों की रोकथाम के पुलिस ने फेसबुक के माध्यम से सभी वाहन चालकों को जागरूक किया है। साथ ही ट्रैफिक नियमों का सख्ती से पालन करने की अपील की है। अगर कोई व्यक्ति इन नियमों का कड़ाई से पालन नहीं करेगा तो उसका लाइसेंस 3 महीने के लिए निलंबित हो सकता है।
देहरादून। मंत्रिमंडल में विभाग बंटवारे को लेकर धामी-2 सरकार में कुछ विशेष ही हुआ है। लिहाजा इसे धामी का जलवा ही कहेंगे। सूत्रों के अनुसार जेपी नड्डा ने भी इन पर अपनी सहमति जताई है। वंही धामी-2 सरकार में मंत्री सतपाल महाराज और डॉ. धन सिंह रावत कद्दावर होकर उभरे हैं। मंत्रियों के विभागों की सूची मंगलवार रात 9:15 बजे मीडिया को जारी कर दी गई थी, लेकिन फौरन बाद इसे मौखिक रूप से रोकने के लिए कहा गया। दो घंटे 26 मिनट बाद दोबारा वही सूची जारी की गई। हालांकि, इस बात का खुलासा नहीं हो सका कि ढाई घंटे तक सूची को रुकवाने का कारण क्या था? महाराज को उनके महकमों के साथ ही ग्रामीण निर्माण एवं पंचायतीराज नया विभाग मिला।
धन सिंह को उत्तराखंड के सबसे बड़े और चुनौतीपूर्ण विद्यालयी शिक्षा विभाग की नई जिम्मेदारी मिली। उनके पुराने सहकारिता, स्वास्थ्य विभाग नई सरकार में भी बहाल रखे गए हैं। वहीं, नए मंत्रियों में प्रेमचंद अग्रवाल वजनदार विभाग पाने में कामयाब रहे हैं। संसदीय कार्यमंत्री का अहम विभाग सीएम ने उन्हें पहले ही दे दिया था। अब शहरी विकास-आवास जैसे अहम विभाग की जिम्मेदारी उन्हें मिली है। पहले ये विभाग मदन कौशिक के पास थे। गणेश जोशी का जलवा इस सरकार में भी कायम है। उन्हें सैनिक कल्याण विभाग तो मिला ही है, ग्राम्य विकास, कृषि एवं कृषि शिक्षा जैसे अहम विभागो की जिम्मेदारी भी सीएम ने जोशी को सौंपी। वहीं, रेखा आर्य से पशुपालन, दुग्ध विकास सरीखे विभाग हटाकर उन्हें खाद्य विभाग जैसा अहम विभाग दिया गया। महिला सशक्तिकरण बाल विकास विभाग दोबारा मिला है।
सुबोध को झटका: सुबोध उनियाल को जरूर बड़े विभाग के रूप में वन और तकनीकी शिक्षा मिले हैं। लेकिन, उनकी पसंद के कृषि और उद्यान विभाग उनसे ले लिए गए हैं। नए विभाग के रूप में सुबोध को अपेक्षाकृत कम महत्व के भाषा एवं निर्वाचन मिले। धामी-एक सरकार में वन एवं पर्यावरण मंत्री का जिम्मा डॉ. हरक सिंह रावत के पास था, लेकिन इस बार सीएम ने वन तो सुबोध को दे दिया, लेकिन पर्यावरण अपने पास ही रखा है।
चंदन को भी बड़ी जिम्मेदारी: पहली बार मंत्री बने चंदन रामदास को समाज कल्याण विभाग जैसा बड़ा महकमा मिला है। वो परिवहन विभाग, अल्पसंख्यक कल्याण, एमएसएमई विभाग का दायित्व भी संभालेंगे।
हाईकमान के भरोसे पर खरे उतरे सीएम धामी
सीएम पुष्कर धामी लगातार भाजपा हाईकमान का विश्वास जीत रहे हैं। चुनाव हारने के बावजूद हाईकमान ने सीएम के रूप में उन्हें दोबारा बागडोर सौंपी। अब विभाग आवंटन में धामी का सिक्का चला। माना जा रहा है कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने उनकी पसंद पर मुहर लगाई। सूत्रों ने बताया कि, कुछ मंत्री विभागों को लेकर खुश नहीं हैं।
समान प्रकृति के विभाग विभिन्न मंत्रियों के हिस्से
समान प्रकृति के विभाग अलग-अलग मंत्रियों के हिस्से आएं हैं। इसे तालमेल की कमी के तौर पर देखा जा रहा है। उदाहरण के तौर पर सीएम ने पर्यावरण संरक्षण एवं जलवायु परिवर्तन अपने पास रखा। वन विभाग मंत्री सुबोध उनियाल के पास है। श्रम विभाग भी सीएम के पास है तो कौशल विकास एवं सेवायोजन मंत्री सौरभ बहुगुणा देखेंगे। तकनीकी शिक्षा सुबोध देखेंगे, लेकिन विद्यालयी एवं उच्च शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी धन सिंह को दी गई। पर्यटन विभाग महाराज देखेंगे, नागरिक उड्डयन धामी खुद संभालेंगे।
विभाग बंटवारे को लेकर असमंजस में रहे मंत्री
विभागों के बंटवारे की सूची को लेकर ज्यादातर मंत्री असमंजस में रहे। कई मंत्री काफी देर तक लिस्ट कन्फर्म कराने में जुटे रहे। हालांकि, काफी देर तक सरकार की ओर से स्थिति स्पष्ट न किए जाने से असमंजस की स्थिति बनी रही। मंगलवार रात सोशल मीडिया में सूची जारी होने के बाद मंत्रियों को फोन पर बधाई का सिलसिला शुरू हो गया। लिस्ट आधिकारिक रूप से जारी नहीं हुई थी। इस कारण, मंत्री अपने सोर्सेज से लिस्ट कन्फर्म कराने में जुट गए। जब आधिकारिक सूची जारी नहीं हुई तो समर्थकों ने इसी सूची को शेयर करना शुरू कर दिया।
देहरादूनः उत्तराखंड में धामी सरकार दोबारा सत्ता में आने के बाद फुल एक्शन में है। बुधवार को एक के बाद एक तीन बड़े आदेश जारी किए है। इन आदेशों में आमजन, शिक्षक और पुलिस विभाग के लिए निर्देश दिए गए है। सीएम धामी ने वृद्धाजनों को बड़ी सौगात देते हुए चुनावी वादे को पूरा कर दिया है। अब उत्तराखंड में वृद्धावस्था पेंशन योजना के अंतर्गत अब पति और पत्नी दोनों को लाभ मिल सकेगा। इतना ही नहीं अब 1200 रुपये मिलने वाली पेंशन 1400 रुपये प्रतिमाह मिलेगी। इसके साथ ही पुलिसकर्मियों को राहत देते हुए वर्दी भत्ता का आदेश जारी किया गया है।
मीडिया रिपोर्टस के अनुसार मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विधानसभा चुनाव से पहले वृद्धजनों के हित में किया अपना वादा निभाया है। इस संबंध में शासनादेश भी जारी कर दिया गया है। जिसके तहत उत्तराखंड में वृद्धावस्था पेंशन योजना के अंतर्गत अब पति और पत्नी दोनों को लाभ मिल सकेगा। इतना ही नहीं अब 1200 रुपये मिलने वाली पेंशन 1400 रुपये प्रतिमाह मिलेगी। सीएम ने कहा कि हमारी सरकार विकल्प रहित संकल्प के ध्येय वाक्य पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि जो घोषणा पूर्व में की गई हैं उनका शासनादेश भी समय से किया जाए।
वहीं उत्तराखंड सरकार ने पुलिस कार्मियों को भी राहत देते हुए वर्दी भत्ते का आदेश जारी कर दिया है। आदेश के अनुसार इस वर्ष से हेड कांस्टेबल, कांस्टेबल श्रेणी के कार्मियों को 2250 और वहीं चतुर्थ श्रेणी कार्मियों को 1500 रूपए प्रदान किए जाने व वर्दी भत्ते के अतिरिक्त धुलाई भत्ता बादस्तूर भी दिया जाएगा। आगामी वर्षों में मुद्रास्फीति को ध्यान में रखते हुए इस वर्दी भत्ते में और भी वृद्धि की जाएगी। प्रमुख सचिव रमेश कुमार सुधांशु ने कहा कि सभी कर्मियों को अपनी मनपसंद, माप के अनुसार वर्दी खरीदने की छूट भी दी जाएगी। पुलिस, सीपीसी कैंटीन में वर्दी का कपड़ा उपलब्ध कराया जाएगा।