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  • पहली पारी में सिर्फ 46 रन पर ऑलआउट होना भारत को पड़ा भारी, न्यूजीलैंड ने 36 साल बाद रचा इतिहास

    पहली पारी में सिर्फ 46 रन पर ऑलआउट होना भारत को पड़ा भारी, न्यूजीलैंड ने 36 साल बाद रचा इतिहास

    भारतीय टीम ने बेंगलुरु में ऐतिहासिक कमबैक की कोशिश तो भरपूर की, लेकिन न्यूजीलैंड को मैच जीतने से रोक नहीं पाई। एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेला गया पहला मैच मैच हमेशा-हमेशा के लिए यादगार हो गया। पहली पारी में सिर्फ 46 रन पर ऑलआउट होने के बाद बावजूद भारत ने पहले तो 356 रन की रिकॉर्ड लीड पाटी और फिर 462 रन बनाकर न्यूजीलैंड के सामने 107 रन का लक्ष्य रखा। कीवियों के पास इसे हासिल करने के लिए पूरा एक दिन और सारे 10 विकेट थे, जिसे उन्होंने सिर्फ दो विकेट खोकर लंच से पहले ही हासिल कर लिया।

    36 साल बाद भारत में जीता न्यूजीलैंड
    इस जीत के साथ न्यूजीलैंड ने इतिहास भी रच दिया। टेस्ट क्रिकेट में न्यूजीलैंड की भारत में ये सिर्फ तीसरी जीत थी। कीवियों ने आखिरी बार 1988 में कोई टेस्ट मैच जीता था। अब 36 साल बाद ब्लैक कैप्स ने ये कमाल किया। अब तीन मैच की टेस्ट सीरीज का अगला मुकाबला पुणे में 24 अक्टूबर से खेला जाएगा।

    न्यूजीलैंड की जीत के हीरो कौन?
    तेज गेंदबाज मैट हेनरी ने पहली पारी में पांच तो दूसरी पारी में तीन विकेट लिए जबकि विलियम ओ रूरके ने पहली पारी में चार तो दूसरी पारी में तीन भारतीय बल्लेबाजों को आउट किया। भारतीय मूल के रचिन रविंद्र ने पहली पारी में 132 रन बनाकर अपने करियर का दूसरा टेस्ट शतक जड़ा और न्यूजीलैंड को 356 रन की लीड दिलाने में अहम भूमिका निभाई। दूसरी पारी में भी वह नाबाद रहे और लगातार स्कोरबोर्ड चलाकर अपनी टीम पर दबाव नहीं आने दिया।

    चौथे दिन के आखिरी सेशन में पलटा मैच
    पहला दिन बारिश के चलते पूरी तरह धुलने के बाद भारतीय कप्तान रोहित शर्मा ने दूसरे दिन टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया था। ओवरकास्ट कंडिशन में न्यूजीलैंड के तेज गेंदबाजों ने आतंक मचाते हुए भारत को भारत में उनके सबसे छोटे स्कोर यानी सिर्फ 46 रन पर ऑलआउट कर दिया था। भारत के पांच बल्लेबाज तो खाता तक नहीं खेल पाए थे। न्यूजीलैंड ने अपनी पहली पारी में 402 रन बनाकर भारत पर 356 रन की अहम लीड ले ली। दूसरी पारी में जब भारतीय टीम पलटवार करती नजर आ रही थी तो फिर मैट हेनरी और विलियम ओ रूरके ने तीन-तीन विकेट लेकर मैच का रुख ही पलट दिया।

  • हादसा: प्रसव के दौरान महिला की मौत, अस्पताल मे हुई तोड़फोड़…

    हादसा: प्रसव के दौरान महिला की मौत, अस्पताल मे हुई तोड़फोड़…

    हरिद्वार। जनपद हरिद्वार के बहादराबाद क्षेत्र में देर रात एक निजी अस्पताल में कुछ लोगों ने जमकर हंगामा काटा दिया जिससे आस पास के क्षेत्र में भी हड़कंप मच गया। जानकारी अनुसार देर रात बहादराबाद में एक निजी चिकित्सालय प्रसूता महिला प्रसव के लिए पहुंची थी लेकिन प्रसव के दौरान उसकी मौत हो गई। महिला की मौत के बाद परिजनों ने जमकर हंगामा मचाया। निजी अस्पताल के मूल स्वरूप को उन्होंने उखाड़ कर पूरी तरह फेंक दिया। परिजनों ने अस्पताल में चिकित्सा कर्मियों को बंद कर दिया। हालात ऐसे हो गए कि मामला पुलिस तक जा पहुंचा जिसके बाद मौके पर पुलिस पहुंची ने मामला शांत कराया।

    मौके पर पहुंची बहादराबाद पुलिस ने जांच पड़ताल कर अस्पताल में फंसे कई चिकित्सा कर्मियों को बाहर निकाला। इस मामले में पुलिस प्रशासन कुछ बोलने को तैयार नहीं है। देर रात की इस घटना में कई लोगों को गंभीर चोटें आई हैं।

    बताया जा रहा है कि अस्पताल प्रबंधन मौके से फरार हो गया है। वही प्रसूता की मौत के बाद परिजन भी वहां से चले गए। पुलिस पूरे प्रकरण की जांच में जुटी हुई है।

  • निर्देश: विभागीय अधिकारियों को दिये नए प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश…

    निर्देश: विभागीय अधिकारियों को दिये नए प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश…

     

    देहरादून। देशभर में राष्ट्रीय कैडेट कोर के विस्तार योजना को लेकर दिल्ली में होने वाली बैठक में प्रदेश के शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत प्रतिभाग करेंगे। आगामी 23 सितम्बर को केन्द्रीय रक्षा राज्य मंत्री की अध्यक्षता में आयोजित होने वाली इस बैठक में सभी राज्यों के शिक्षा मंत्री शामिल होंगे। शिक्षा मंत्री डॉ. रावत ने प्रदेश से जुड़े एनसीसी से संबंधित प्रकरणों एवं भविष्य की योजनाओं के ठोस क्रियान्वयन को लेकर विभागीय अधिकारियों को प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिये हैं ताकि उक्त कार्यशाला में प्रस्तावों पर गंभीरता से विचार-विमर्श कर इसका लाभ प्रदेश के युवाओं को पहुंचाया जा सके।

    सूबे के शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बताया कि एनसीसी के विस्तार को लेकर आगामी 23 सितम्बर को नई दिल्ली में केन्द्रीय रक्षा राज्य मंत्री की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय संयुक्त राज्य प्रतिनिधियों की बैठक होने जा रही है। जिसमें सभी राज्यों एवं केन्द्र शासित प्रदेशों के शिक्षा मंत्री प्रतिभाग करेंगे। इसके अलावा बैठक में रक्षा मंत्रालय, एनसीसी एवं राज्यों के शिक्षा विभाग के अधिकारी भी मौजूद रहेंगे। इस महत्वपूर्ण बैठक का मुख्य विषय एनसीसी विस्तार योजना के क्रियान्वयन एवं इस संबंध में केन्द्र एवं राज्यों की ओर से आगे की रणनीति पर चर्चा के लिये योजना बनना है। डॉ. रावत ने बताया कि प्रदेश में एनसीसी से संबंधित विशिष्ट समस्याओं, एनसीसी का विस्तार व सफल क्रियान्वयन, वित्तीय सहयोग की आवश्यकता सहित तमाम बिन्दुओं को बैठक में सशक्त रूप से रखा जायेगा। इसके लिये विभागीय अधिकारियों को नये प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दे दिये गये हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश में एनसीसी का विस्तार, प्रशिक्षण, अवसंरचना और लॉजिस्टिक्स को बढ़ाने के लिये राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। प्रदेश स्तर पर एनसीसी विस्तार के लिये जो मांगे आई है उन्हें पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के राजकीय विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में एनसीसी की जूनियर एवं सीनियर डिविजन की स्थापना होनी बेहद जरूरी है ताकि यहां के अधिक से अधिक युवाओं को एनसीसी में शामिल होने का मौका मिल सके। उन्होंने कहा कि इस विषय को उच्च स्तरीय बैठक में प्रमुखता से रखा जायेगा। डॉ. रावत ने कहा कि उत्तराखंड सैन्य बहुल्य प्रदेश है, यहां के अधिकांश युवा सेना में भर्ती होकर देशसेवा में जुट जाते हैं। ऐसे में प्रदेश के विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में एनसीसी का दायरा बढ़ाना आवश्यक है।

  • सौगात: केदारनाथ मे प्रभावित कारोबारियों के लिए लाखों का बजट मिलेगा…

    सौगात: केदारनाथ मे प्रभावित कारोबारियों के लिए लाखों का बजट मिलेगा…

     

    देहरादून। केदारनाथ क्षेत्र में अतिवृष्टि से प्रभावित कारोबारियों के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष से ₹56.30 लाख की राहत राशि मंजूर हुई है। इससे पूर्व भी प्रभावित व्यवसायियों के लिए सरकार नौ करोड़ की धनराशि स्वीकृत कर चुकी है।

    इसी वर्ष 31 जुलाई को केदारनाथ क्षेत्र में अतिवृष्टि के चलते लिनचोली से सोनप्रयाग तक पैदल और मोटर मार्ग क्षतिग्रस्त होने हो गया था। जिससे स्थानीय व्यवसायी भी प्रभावित हुए। सचिव मुख्यमंत्री शैलेश बगोली द्वारा जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग को पत्र में स्पष्ट किया कि उनके अनुरोध पर ₹56.30 लाख की धनराशि और स्वीकृत की गई है। यह धनराशि पूर्व में स्वीकृत ₹09 करोड़ 08 लाख के अतिरिक्त है।

    बगोली ने बताया कि प्रस्ताव के संदर्भ में शासनस्तर पर सम्यक विचारोपरान्त मुख्यमंत्री के निर्देश पर निर्णय लिया गया है। यह धनराशि मुख्यमंत्री राहत कोष से लिनचोली से सोनप्रयाग तक के प्रभावितों की क्षतिपूर्ति के लिए स्वीकृत की गई है।

    उन्होंने यह भी स्पष्ट किया है कि स्वीकृत धनराशि का भुगतान प्रभावितों को करने से पूर्व प्रकरणों का संगत शासनादेशों में किए गए प्रावधानों के तहत परीक्षण और प्रभावितों का नियमानुसार सत्यापन के बाद संतुष्ट होने पर भुगतान यथासंभव ई-बैंकिग के माध्यम से सुनिश्चित किया जाएगा। जहां ई-बैंकिग की सुविधा न हो, वहां धनराशि डिमांड ड्राफ्ट के माध्यम से वितरित की जाएगी।

    प्रभावितों को मुख्यमंत्री राहत कोष से स्वीकृत धनराशि के वितरण के पश्चात् लाभार्थियों का विवरण यथा-नाम, पता, दूरभाष संख्या इत्यादि जनपद स्तर पर सुरक्षित रखे जाने के भी निर्देश वर्णित शासनादेश में दिए गए हैं।

  • सुविधा: उपनल कार्मिक की दुर्घटना में मृत्यु होने पर आश्रितो को मिलेंगे 50 लाख…

    सुविधा: उपनल कार्मिक की दुर्घटना में मृत्यु होने पर आश्रितो को मिलेंगे 50 लाख…

    देहरादून। उपनल के माध्यम से विभिन्न विभागों में तैनात लगभग 23 हजार उपनल कार्मिकों के हित को ध्यान में रखते हुए पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) एवं उत्तराखण्ड पूर्व सैनिक कल्याण निगम लिमिटेड (उपनल) के मध्य एक अनुबन्ध पर हस्ताक्षर हुए। अब किसी भी उपनल कार्मिक की दुर्घटना में मृत्यु होने पर उनके आश्रित को रूपये 50 लाख का सहायता राशि प्रदान की जायेगी।

    बुधवार को देहरादून में सैनिक कल्याण मंत्री के कैम्प कार्यालय में अनुबंध पर हस्ताक्षर कार्यक्रम आयोजित हुआ, जिसमें सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में उपस्थित पूर्व सैनिकों को संबोधित करते हुए सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार सैनिकों पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों के कल्याण के लिए अनेकों योजनाओं के माध्यम से लाभांवित किया जा रहा है और यह कदम पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों के कल्याण की प्रतिबद्धता का प्रमाण है।

    सैनिक कल्याण मंत्री ने बताया कि उपनल कार्मिक की व्यक्तिगत दुर्घटना में मृत्यु होने पर 50 लाख रुपये की एकमुश्त धनराशि उसके आश्रित को प्रदान की जायेगी। साथ ही, एक वित्तीय वर्ष के अन्तराल में कार्मिको को उनके वेतनानुसार 40 से 100 चैक की सुविधा के लिए कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जायेगा। एक महीने के अन्तराल में कार्मिको को उनके वेतनानुसार 2 से 5 आरटीजीएस, एनआईएफटी एवं डिमांड ड्राफ्ट की सुविधा भी निःशुल्क प्रदान की जायेगी। उन्होंने बताया कि उपनल कार्मिकों को मकान, वाहन एवं व्यक्तिगत ऋण लेने पर, बैंक द्वारा लिए जाने वाले प्रोसेसिंग शुल्क में पचास प्रतिशत की छूट एवं बोनान्जा ऑफर के अन्तर्गत 100 प्रतिशत तक की छूट प्रदान की जायेगी।

    उन्होंने कहा कि देश की रक्षा करने वाला हर पांचवा सैनिक उत्तराखंड से होता है। यह वीरों की भूमि है, राष्ट्र भक्तों की भूमि है, उत्तराखंड सैनिक बाहुल्य प्रदेश है। उपनल का गठन पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों के कल्याण के लिए किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 22 हजार से अधिक कार्मिक उपनल के माध्यम से सेवाएं दे रहे है। मंत्री ने कहा कि इस अनुबंध के उपरांत प्रदेश के विभिन्न कार्यालयों और प्रदेश से बाहर भी उपनल से हजारों की संख्या में तैनात कर्मचारियों के आश्रितों को लाभ मिलेगा।

  • मुख्य सचिव ने आगामी मुख्य सचिव कॉन्फ्रेंस की तैयारियों की समीक्षा, नवंबर में होगी चौथी मुख्य सचिव कॉन्फ्रेंस…

    मुख्य सचिव ने आगामी मुख्य सचिव कॉन्फ्रेंस की तैयारियों की समीक्षा, नवंबर में होगी चौथी मुख्य सचिव कॉन्फ्रेंस…

    देहरादून। मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने नवंबर माह में प्रस्तावित चौथी मुख्य सचिव कॉन्फ्रेस की तैयारियों को लेकर शासन व जिलाधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। बताया गया कि मुख्य सचिव कॉन्फ्रेंस की तैयारियों के दृष्टिगत नोडल अधिकारी नामित कर दिए गए हैं।

    बुधवार को सचिवालय में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने आगामी कॉन्फ्रेंस के लिए नोडल अधिकारियों को मैन्युफैक्चरिंग, ग्रामीण गैर कृषि, शहरी विकास, रिन्यूएबल एनर्जी और सर्कुलर इकोनॉमी पर अपने फीडबैक नोट्स 20 सितम्बर तक नियोजन विभाग को भेजने की डेडलाइन दी है। जबकि राज्य विशेष के सम्बन्ध में नोट्स शासन को भेजने के लिए 25 सितम्बर तक का समय दिया है।

    मुख्य सचिव ने सभी आईएएस व पीसीएस अधिकारियों के साथ ही विभागाध्यक्षों और विभागीय अधिकारियों को अपने फील्ड अधिकारियों से फीडबैक लेते हुए फीडबैक नोट्स बनाने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव ने जिले के जिलाधिकारियों को फीडबैक नोट्स तैयार करते समय अपने अधीनस्थ व फील्ड अधिकारियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

    उन्होंने विशेष रूप से नीति आयोग के आकांक्षी जिला कार्यक्रमों (Aspirational Districts) के तहत आने वाले जनपदों (हरिद्वार व उधमसिंह नगर) में सूचकांकों पर विशेष ध्यान दिए जाने के भी निर्देश दिए हैं।

    बैठक में जानकारी दी गई कि नीति आयोग द्वारा चौथी मुख्य सचिव कॉन्फ्रेंस के लिए 6 थीम निर्धारित की गई है। प्रत्येक थीम के लिए नोडल अधिकारी नामित कर दिए गए हैं। राज्य के नोडल अधिकारियों द्वारा केन्द्रीय नोडल मंत्रालयों द्वारा आयोजित विभिन्न बैठकों में प्रतिभाग किया गया है। अभी तक कुल 182 फीडबैक नोट्स मिले हैं।

    बैठक में अपर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, सचिव आर. मीनाक्षी सुन्दरम, राधिका झा सहित सभी सचिव व वर्चुअल माध्यम से जिलाधिकारी मौजूद रहे।

  • बड़ा हादसा: श्रीनगर मे ट्रक ने कुचला पांच महिलाओ को, दो की मौत…

    बड़ा हादसा: श्रीनगर मे ट्रक ने कुचला पांच महिलाओ को, दो की मौत…

    श्रीनगर। श्रीनगर गंगनाली में देर रात को भीषण हादसा हो गया। ट्रक ने हाल के बाहर बैठी पांच महिलाओं को कुचला दिया। हादसे में 2 महिलाओं की मौत हो गई, जबकि 3 गंभीर रूप से घायल हो गईं। तीनों को बेस अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

    जानकारी के अनुसार, बद्रीनाथ हाईवे पर श्रीकोट गंगानाली में महाराष्ट्र की महिला श्रद्धालु होटल के बाहर बैठकर बातें कर रही थी। इस दौरान टैंकर आ रहा था, जो अचानक अनियंत्रित हो गया और महिलाओं को कुचला दिया।

    श्रीनगर से श्रीकोट की ओर जा रहे पानी के टैंकर ने अनियंत्रित होकर पहले गाय के बछड़े पर टक्कर मारी और उसके बाद महिला यात्रियों को कुचल दिया और दीवार को भी तोड़ दिया। 2 महिलाएं टैंकर के नीचे दब गई। जिन्हें JCB की मदद से किसी तरह बाहर निकाला गया।

    एक महिला यात्री ललिता ताउरी (50) की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि, अन्य चार घायल महिलाओं को बेस अस्पताल श्रीकोट ले जाया गया। अस्पताल में सरिता (50) को भी मृत घोषित कर दिया गया। तीनों घायलों की स्तिथि खतरे से बाहर बताई गई है।

    मौत

    ललिता ताउरी (50) पत्नी हरीश ताउरी निवासी गोपालजिन, जिला अकोला महाराष्ट्र।

    सरिता उर्फ गौरी (50) पत्नी नरेश निवासी तिजकरा जिला अकोला महाराष्ट्र।

    घायल

    सारिका राजेश राठी (46) पत्नी राजेश राठी निवासी मोधा, तहसील दरैपुर, जिला अमरावती, महाराष्ट्र।

    संतोषी धनराज राठी (45) पत्नी धनराज बालकृष्ण

    राठी निवासी तालुका भोतमार, जिला भोतमार,

    महाराष्ट्र।

    मधुबाला राजेंद्र कुमार (54) पत्नी राजेंद्र कुमार निवासी किथोरखैत, जिला अकोला, महाराष्ट्र

  • उत्तराखंड का जवान सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ में शहीद, परिवार में मचा कोहराम…

    उत्तराखंड का जवान सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ में शहीद, परिवार में मचा कोहराम…

     

    देहरादून: जम्मू-कश्मीर के डोडा में बुधवार को सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ में आर्मी कैप्टन शहीद हो गए। न्यूज एजेंसी PTI के मुताबिक, एनकाउंटर में 4 आतंकियों की भी मारे जाने की खबर है। सेना के मुताबिक, शहीद कैप्टन दीपक सिंह 48 राष्ट्रीय राइफल से हैं। वह डोडा में असार फॉरेस्ट एरिया में चल रहे एनकाउंटर में टीम को लीड कर रहे थे।

    सेना के मुताबिक, एनकाउंटर अभी जारी है। आतंकी जंगल में एक नदी के पास छिपकर फायरिंग कर रहे हैं। सुबह वे फायरिंग के दौरान पीछे भाग गए थे। वहां से जवानों को अमेरिकी एम-4 राइफल और तीन बैग में विस्फोटक मिला है।

    शहीद कैप्टन दीपक सिंह उत्तराखंड, देहरादून के रहने वाले थे। कैप्टन दीपक का परिवार राजधानी देहरादून के रेसकोर्स में रहता है। कैप्टन दीपक 13 जून 2020 को सेना में कमीशन हुए थे। गुरुवार को उनका पार्थिव शरीर दून लाया जाएगा। शहीद की सूचना मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया।

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी घटना पर गहरा दुःख व्यक्त किया है उन्होंने लिखा, “डोडा, जम्मू कश्मीर में आतंकवादियों से मुठभेड़ के दौरान अपना सर्वोच्च बलिदान देने वाले सैन्य भूमि उत्तराखण्ड के वीर सपूत कैप्टन दीपक सिंह जी को कोटिशः नमन। माँ भारती की सेवा में आपका ये बलिदान सदैव युवाओं में राष्ट्रभक्ति का संचार करता रहेगा। ईश्वर से प्रार्थना है कि पुण्यात्मा को श्रीचरणों में स्थान एवं शोक संतप्त परिजनों को यह दुःख सहने की शक्ति प्रदान करें। ॥ॐ शांति॥

    जम्मू-कश्मीर में बढ़ती आतंकी घटनाओं को लेकर दिल्ली में रक्षा मंत्री ने मीटिंग बुलाई। इसमें NSA अजीत डोभाल, आर्मी चीफ जनरल उपेंद्र द्विवेदी और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के प्रमुख शामिल हुए। बैठक की जानकारी सामने नहीं आई है। 16 जुलाई को भी डोडा के डेसा इलाके में मुठभेड़ के दौरान एक कैप्टन समेत 5 जवान शहीद हुए थे।

  • वित्त मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने इस प्रस्ताव को दी मंजूरी, हकदार होगी बेटी…

    वित्त मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने इस प्रस्ताव को दी मंजूरी, हकदार होगी बेटी…

    देहरादूनः माता-पिता की मृत्यु के बाद भी यदि बेटी का तलाक होता है, तो पारिवारिक पेंशन की हकदार होगी। प्रदेश सरकार राज्य कर्मचारियों की तलाकशुदा बेटी को पारिवारिकपेंशन का लाभ देने के लिए नियमों में यह बदलाव करने जा रही है।

    सोमवार को वित्त मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दी। अब यह प्रस्ताव प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में आएगा। केंद्र सरकार और यूपी में यह संशोधन पहले ही हो चुका है। मौजूदा व्यवस्था के तहत सेवानिवृत्त राज्य कर्मचारी की मृत्यु के बाद उनके आश्रितों को पारिवारिक पेंशन मिलती है।
    कर्मचारी को मिलने वाली पेंशन का यह 30 प्रतिशत होता है। पारिवारिक पेंशन में अब तक तलाकशुदा बेटी की परिभाषा के मुताबिक, माता-पिता के जीवित रहते हुए जिसकी तलाक की प्रक्रिया पूरी हो गई हो, उसे पात्र माना जाता था।

    वित्त मंत्री के मुताबिक, नियमों में बदलाव से अब इस शर्त को हटाया जा रहा है। कहा, यदि किसी बेटी के तलाक की प्रक्रिया उसके माता-पिता के जीवित रहते शुरू हो गई है और निर्णय यदि बाद में भी आता है तो भी वो पारिवारिक पेंशन की पात्र होगी।

    सरकार का यह निर्णय एक पूर्व खेल अधिकारी की तलाकशुदा बेटी द्वारा मामला उठाए जाने के बाद लेना पड़ा है। खेल अधिकारी की बेटी का तर्क था कि उसकी तलाक की प्रक्रिया पिता के जीवित रहते हुए वर्ष 2019 में शुरू हो गई थी। कुछ समय बाद पिता की मई 2022 में मृत्यु हो गई। इससे पहले माता की वर्ष 2018 में मृत्यु हो गई थी। ऐसे में वो पारिवारिक पेंशन के लिए वास्तविक पात्र है। इस विषय पर लंबे समय से विचार विमर्श किया जा रहा था।

  • रिलायंस इंडस्ट्रीज ने 42 हजार कर्मचारियों को दिखाया बाहर का रास्ता,  हो रही ये चर्चा…

    रिलायंस इंडस्ट्रीज ने 42 हजार कर्मचारियों को दिखाया बाहर का रास्ता,  हो रही ये चर्चा…

     

    दिल्ली: शादी डॉट कॉम के फाउंडर Anupam Mittal ने हाल ही में रिलायंस इंडस्ट्रीज में हुई 42,000 कर्मचारियों की छंटनी पर सवाल उठाते हुए मीडिया और समाज की चुप्पी पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट साझा करते हुए पूछा, “42 हजार कर्मचारियों की छंटनी पर इतनी खामोशी क्यों है? इस पर आर्थिक और राजनीतिक हलकों में गंभीर चर्चा होनी चाहिए।”

    इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने 2023-24 के वित्तीय वर्ष में 42,000 नौकरियों की कटौती की है, जो कुल कर्मचारियों के 11% के बराबर है। यह कटौती मुख्य रूप से कंपनी की रिटेल सेक्शन में देखी गई है। 2023-24 में रिलायंस के कुल कर्मचारी 3,47,000 रह गए, जबकि 2022-23 में यह संख्या 3,89,000 थी। कंपनी की वार्षिक रिपोर्ट में बताया गया कि इस साल नई भर्तियों में भी भारी कमी आई, जो पिछले वर्ष की तुलना में एक तिहाई से भी अधिक कम रही।

    रिपोर्ट में एक लीडिंग ब्रोकरेज के विश्लेषक के हवाले से कहा गया है कि रिलायंस के नए व्यापारिक क्षेत्रों ने अब परिपक्वता हासिल कर ली है और इन्हें डिजिटल पहलों से महत्वपूर्ण समर्थन मिला है। हालांकि, इसका यह मतलब नहीं है कि नए व्यावसायिक अवसरों के आने पर कर्मचारियों की संख्या में वृद्धि नहीं होगी। कंपनी ने कोस्ट मैनेजमेंट और एफिशिएंसी पर विशेष ध्यान केंद्रित किया है।

    2023-24 में रिलायंस के रिटेल डिवीजन में 2,07,000 कर्मचारी कार्यरत थे, जो पिछले वर्ष 2,45,000 से कम है। रिटेल डिवीजन कंपनी के कुल कर्मचारियों का 60% है। इसके बावजूद, रिलायंस रिटेल ने 2023-24 में 3,300 नए स्टोर जोड़े, जिससे इसकी कुल स्टोर संख्या 18,040 हो गई। वहीं, जियो में कर्मचारियों की संख्या 2023-24 में घटकर 90,000 रह गई, जो पिछले वर्ष 95,000 थी।