देहरादून – 27 सितंबर 2025 – देहरादून के प्रतिष्ठित गुरु रामदास इंस्टिट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी, राजपुर में नव प्रवेशित छात्र-छात्राओं के स्वागत के उपलक्ष में अभिनंदन 2025 कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ जिसमें जीआरडी कॉलेज के वाइस चेयरमेन इंद्रजीत सिंह, मेनेजिंग डायरेक्टर डॉली ओबेरॉय, डायरेक्टर जनरल डॉक्टर पंकज चौधरी, प्रभजी ओबेरॉय मौजूद रहे। शुभारंभ अवसर के सांस्कृतिक संध्या में छात्र-छात्राओं द्वारा गढ़वाली, कुमाऊनी, जौनसारी नृत्य एवं लोक संगीत के साथ – साथ बॉलीवुड डांस ” मै निकला गढ़ी ले के, मेरे ढोलना सुन, गढ़वाली और पंजाबी का फ्यूजन डांस प्रस्तुत किए गए।
वहीं बॉलीवुड के मशहूर सिंगर इशिका सहगल ने अपने गानों से कॉलेज प्रांगण में मौजूद सभी लोगों को झूमने पर मजबूर कर दिया। उन्होंने अपनी पहली प्रस्तुति में अल्लाह दुहाई होगाया उसके बाद उन्होंने इश्क इश्क करना है करले, धूम मचाले धूम, क्रेजी किया रे के साथ – साथ अन्य हिंदी एवं पंजाबी गाने गए। इशिका सहगल ने छात्र-छात्राओं के फरमाइश पर कई मशहूर गाना गए। डीजे हैरी ने भी अपनी प्रस्तुति से छात्रों को खूब झुमाया।
वहीं इस पूरे आयोजन में मिस्टर फ्रेशर्स अवनजीत एवं मिस फ्रेशर्स निशा को चुना गया ।
अल्मोड़ा: आज जिला महिला चिकित्सालय में फार्मेसी दिवस बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक श्री हरीश चंद्र गड़कोटी द्वारा किया गया। इस अवसर पर मरीजों को फल एवं फ्रूटी वितरित कर उनका उत्साहवर्धन किया गया।
इस आयोजन में मुख्य फार्मेसी अधिकारी श्री वर्मा जी, फार्मासिस्ट श्री दीप कांत पाण्डे, श्रीमती गुंजन वर्मा, श्री देवकी नंदन जोशी, श्रीमती श्वेता शैली, श्रीमती पवन जोशी, श्री जे.पी. मनराल, श्री श्याम लाल और श्री देवड़ी जी सहित अन्य स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे।फार्मासिस्टों ने कहा कि फार्मेसी दिवस केवल दवाओं की उपलब्धता तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मरीजों को सही दिशा-निर्देश देने, दवाओं के सही उपयोग व खुराक बताने और स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता बढ़ाने का भी अवसर है। उन्होंने जोर दिया कि मरीजों को दवा के साथ-साथ संवेदनशील व्यवहार और सहयोग की भी आवश्यकता होती है, जिससे उनका आत्मविश्वास बढ़ता है।
कार्यक्रम के अंत में सभी ने यह संकल्प लिया कि वे निष्ठा, सेवा भाव और जिम्मेदारी के साथ मरीजों की सेवा करेंगे तथा समाज को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध कराने में सदैव अग्रसर रहेंगे।
एशिया कप 2025 के अंतिम सुपर-4 मैच में भारत और श्रीलंका के बीच मुकाबला सुपर ओवर में पहुंच गया। पाथुम निसंका की शतकीय पारी से श्रीलंकाई टीम अंतिम ओवर में भारत के 202 रन के स्कोर की बराबरी कर ली। एशिया कप के इस एडिशन का यह पहला सुपर ओवर मैच है।
एशिया कप का आखिरी सुपर 4 मुकाबला आज भारत और श्रीलंका की टीम के बीच खेला जा रहा है। मैच में श्रीलंका ने टॉस जीकने के बाद पहले गेंदबाजी का फैसला किया है। दोनों टीमों के बीच ये मुकाबला दुबई के दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम में खेला जा रहा है। हालांकि इस मैच से टूर्नामेंट के रिजल्ट पर कोई फर्क नहीं पड़ने वाला क्योंकि भारत की टीम पहले ही फाइनल में पहुंच चुकी है और श्रीलंका की टीम बाहर हो चुकी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 22 सितंबर से लागू हुई जी.एस.टी. की नई दरें प्रदेश की अर्थव्यवस्था और स्थानीय उद्योगों के लिए महत्वपूर्ण कदम है। इसका सीधा लाभ अब जनता को मिलने लगा है। उन्होंने सभी जनप्रतिनिधियों से आग्रह किया कि जन जागरूकता गतिविधियों को और अधिक व्यापक और प्रभावी बनाया जाए।
मुख्यमंत्री ने सभी जनप्रतिनिधियों से कहा कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में अभियान को सक्रिय रूप से आगे बढ़ाएँ और ग्राम सभाओं, नगर निकायों के हर छोटे बड़े कारोबारी तक पहुंचे। उन्होंने कहा इस अभियान के माध्यम से हमने स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने के क्षेत्र में भी क्रांति लाने का काम करना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वदेशी अभियान से हमारे स्थानीय उत्पादों की खरीदारी बढ़ेगी एवं राज्य एवं देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देकर ही हम आत्मनिर्भर भारत और आत्मनिर्भर उत्तराखंड के सपने को साकार कर सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने सभी जनप्रतिनिधियों से आग्रह किया कि इस अभियान को जनआंदोलन का स्वरूप दें, ताकि प्रदेश और देश आगे बढ़ सके। मुख्यमंत्री ने कहा आगे आने वाले त्योहारों में भी हमने स्वदेशी उत्पादों की खरीदारी को बढ़ावा देना है।
इस अवसर पर राज्यसभा सांसद एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री महेंद्र भट्ट (वर्चुअल), कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, विधायक श्रीमती रेणु बिष्ट एवं अन्य जनप्रतिनिधि वर्चुअल मौजूद रहे।
रुद्रप्रयाग: आगामी त्योहारी पर्वों के दृष्टिगत खाद्य सुरक्षा अधिकारी, पवन कुमार तथा सहायक आयुक्त, मनोज सेमवाल के नेतृत्व में खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन द्वारा जनपद रुद्रप्रयाग क्षेत्रान्तर्गत विभिन्न खाद्य प्रतिष्ठानों होटल, रेस्टोरेंट, पत्वून की दुकान, मिष्ठान दुकानों आदि में सघन चेकिंग अभियान संचालित किया गया। चेकिंग के दौरान खाद्य प्रतिष्ठानों में अनियमिततायें पाए जाने पर सम्बन्धित खाद्य कारोबारकर्ताओं को सख्त निर्देश जारी किए गए।
अभिहित अधिकारी मनोज कुमार सेमवाल ने बताया कि एक प्रतिष्ठान में एक्सपायर नमकीन पाए जाने पर टीम द्वारा मौके पर सख्त चेतावनी के साथ सम्बन्धित नमकीन के पैकेटों को मौके पर ही नष्ट कराया गया।
नवरात्र पर्व के दृष्टिगत कुट्टू के आटे के अधिक सेवन के दृष्टिगत विभाग द्वारा कुट्टू का आटा तथा पैक्ड सूजी के 02 खाद्य नमूने जांच हेतु विश्लेषणशाला को प्रेषित किया गया है। जांच रिपोर्ट प्राप्त होने पर अग्रिम कार्यवाही की जाएगी।
उन्होंने बताया कि टीम द्वारा सभी खाद्य कारोबारकर्ताओं को बासी मिठाईयों का विक्रय न करने, एक्सपायरी खाद्य सामग्री किसी भी दशा में विक्रय हेतु दुकान में प्रदर्शित न करने हेतु निर्देशित किया गया तथा खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम-2006 के नियमों एवं विनियमों को पालन करने हेतु निर्देशित किया। मानकों का उल्लघंन करने पर सख्त कार्यवाही की चेतावनी दी गयी है।
देहरादून: जिलाधिकारी सविन बसंल ने भंडारीबाग रेलेवे ओवरब्रिज कार्र्याें का स्थलीय निरीक्षण किया जिलाधिकारी ने कार्यों की धामी रफ्तार पर कार्यदायी संस्था के अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कार्यदायी संस्था के अधिकारियों को कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनमन के लिए आवश्यक एवं मा0 मुख्यमंत्री के महत्वाकाक्षी प्रोजेक्ट में से एक है भण्डारीबाग रेलेवे ओवरब्रिज प्रोजेक्ट, जनहित से जुड़े विषयों एवं विकास कार्यों में लापरवाही लेटलतीफी क्षम्य नही की जाएगी। वंही जिलाधिकारी के स्थलीय निरीक्षण से कार्यों में तेजी की उम्मीद जगी है।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया किया ओवरब्रिज निर्माण नियत समय पर पूर्ण हो जाना चाहिए जिला प्रशासन इसकी मॉनिटिरिंग करेगा इसके लिए एसडीएम व एक्सियन लोनिवि को नोडल अधिकारी नामित कर दिया है। जो रेलवे के अधिकारियों से गार्डर ब्रिज पलेसमेंट एवं निर्माण में समन्वय एवं निर्माण कार्यों की क्लोज मॉनिटिरिंग करेंगे। जिलाधिकारी स्वयं इस कार्यों की मॉनिटिरिंग कर रहे हैं।
जिलाधिकारी ने कहा कि शहर के बीचो-बीच वर्षों से आधे-अधूरे छोड़े गए प्रोजेक्ट से जहां जनमानस को असुविधा हो रही है वहीं शहर वासियों जाम की स्थिति का सामना करना पड़ रहा है जोकि सही नही है। भंडारीबाग रेलवे ओवर ब्रिज (आरओबी) परियोजना से सहारनपुर रोड पर वाहनों के दबाव को कम करने और क्षेत्रों में लगने वाले जाम से निजात दिलाने के उद्देश्य से शुरू की गई थी। परियोजना का उद्देश्य भंडारी बाग को रेसकोर्स चौक से जोड़ना है, जिससे प्रिंस चौक और हरिद्वार रोड के बीच आवागमन आसान हो सके।
देहरादून: जिलाधिकारी सविन बसंल ने भंडारीबाग रेलेवे ओवरब्रिज कार्र्याें का स्थलीय निरीक्षण किया जिलाधिकारी ने कार्यों की धामी रफ्तार पर कार्यदायी संस्था के अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कार्यदायी संस्था के अधिकारियों को कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनमन के लिए आवश्यक एवं मा0 मुख्यमंत्री के महत्वाकाक्षी प्रोजेक्ट में से एक है भण्डारीबाग रेलेवे ओवरब्रिज प्रोजेक्ट, जनहित से जुड़े विषयों एवं विकास कार्यों में लापरवाही लेटलतीफी क्षम्य नही की जाएगी। वंही जिलाधिकारी के स्थलीय निरीक्षण से कार्यों में तेजी की उम्मीद जगी है।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया किया ओवरब्रिज निर्माण नियत समय पर पूर्ण हो जाना चाहिए जिला प्रशासन इसकी मॉनिटिरिंग करेगा इसके लिए एसडीएम व एक्सियन लोनिवि को नोडल अधिकारी नामित कर दिया है। जो रेलवे के अधिकारियों से गार्डर ब्रिज पलेसमेंट एवं निर्माण में समन्वय एवं निर्माण कार्यों की क्लोज मॉनिटिरिंग करेंगे। जिलाधिकारी स्वयं इस कार्यों की मॉनिटिरिंग कर रहे हैं।
जिलाधिकारी ने कहा कि शहर के बीचो-बीच वर्षों से आधे-अधूरे छोड़े गए प्रोजेक्ट से जहां जनमानस को असुविधा हो रही है वहीं शहर वासियों जाम की स्थिति का सामना करना पड़ रहा है जोकि सही नही है। भंडारीबाग रेलवे ओवर ब्रिज (आरओबी) परियोजना से सहारनपुर रोड पर वाहनों के दबाव को कम करने और क्षेत्रों में लगने वाले जाम से निजात दिलाने के उद्देश्य से शुरू की गई थी। परियोजना का उद्देश्य भंडारी बाग को रेसकोर्स चौक से जोड़ना है, जिससे प्रिंस चौक और हरिद्वार रोड के बीच आवागमन आसान हो सके।
देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में शुक्रवार को सचिवालय में राज्य दिव्यांग सलाहकार बोर्ड की बैठक आयोजित हुई। बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार दिव्यांगजनों के अधिकारों एवं सम्मान की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि दिव्यांगजनों के कल्याण के चलाई जा रही योजनाओं और कार्यक्रमों का पूरा लाभ उन्हें सुगमता एवं पारदर्शिता के साथ मिले। समाज के इस वर्ग की समस्याओं का समाधान शासन-प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में होना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने सचिव स्वास्थ्य को निर्देश दिए कि समय-समय पर प्रदेशभर में दिव्यांगजनों के लिए विशेष स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया जाए। इन शिविरों में दिव्यांगजनों को उन्हें उपचार एवं चिकित्सा सुविधाओं के साथ ही प्रमाण-पत्र, कृत्रिम अंग एवं अन्य सहायक उपकरण भी मौके पर ही उपलब्ध कराए जाएं।
मुख्यमंत्री ने सचिव समाज कल्याण को निर्देश दिए कि बैठक में प्राप्त सुझावों पर शीघ्र कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि विभिन्न शासकीय सेवाओं में नियुक्ति प्रक्रिया के दौरान आरक्षण के प्रावधानों के अनुसार दिव्यांगजनों को पूरा लाभ दिया जाए। मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि समाज कल्याण विभाग पेंशन योजनाओं में विशेष रूप से यह सुनिश्चित करे कि जो भी पात्र व्यक्ति दिव्यांग पेंशन या अन्य सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के दायरे में आते हों, उन्हें योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ मिले।
उन्होंने सभी सचिवगणों से अपेक्षा की कि दिव्यांगजनों से जुड़े मुद्दों पर विभागीय स्तर पर सतत गंभीरता से कार्यों का अनुश्रवण कर उनके हितों से सीधे जुड़ी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को प्राथमिकता दी जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि दिव्यांगजन समाज का एक अभिन्न अंग हैं और उन्हें सक्षम बनाने के लिए सरकार हरसंभव प्रयास कर रही है।
बैठक में उपस्थित विधायकगणों एवं बोर्ड सदस्यों ने भी कई महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किए। मुख्यमंत्री ने उन सभी सुझावों पर सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने की बात कही। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजनों की समस्याएँ किसी भी सरकार के लिए केवल प्रशासनिक विषय न रहकर मानवीय सरोकार से जुड़ी जिम्मेदारी भी हैं, और इसी भाव से राज्य सरकार निरंतर कार्य कर रही है।
बैठक में विधायक भरत चौधरी, श्रीमती सविता कपूर के साथ ही सचिव श्रीधर बाबू अद्दांकी, रंजीत सिन्हा, चन्द्रेश कुमार, वी. षणमुगम, डॉ. आर. राजेश कुमार, निदेशक समाज कल्याण प्रकाश चन्द्र एवं राज्य दिव्यांग सलाहकार बोर्ड के सदस्यगण उपस्थित रहे।
देहरादून: केंद्रीय सड़क अवसंरचना निधि के अंतर्गत जनपद ऊधमसिंह नगर के गदरपुर-दिनेशपुर- मटकोटा-हल्द्वानी मोटर मार्ग के पुनर्निर्माण एवं मानूनगर-गदरपुर-दिनेशपुर-मटकोटा-हल्द्वानी के चौड़ीकरण व सुदृढ़ीकरण के कार्य का शिलान्यास ₹55 करोड़ की लागत से किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वर्चुअल रूप से प्रतिभाग किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यह निर्माण कार्य तराई क्षेत्र के लिए मील का पत्थर साबित होगा। इस परियोजना के पूरे होने से सुगम आवागमन के साथ ही व्यापार, उद्योग और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा एवं स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई दिशा मिलेगी। यह मार्ग गदरपुर, दिनेशपुर, मटकोटा, छतरपुर के साथ उत्तर प्रदेश के विलासपुर को भी आपस में जोड़ेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस परियोजना से क्षेत्र के लगभग 2 लाख स्थानीय निवासियों, व्यापारियों और उद्योगों में काम करने वाले कर्मचारियों को सुगम और सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिलेगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में उत्तराखंड राज्य विकास और समृद्धि के नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। राज्य के शहरों से लेकर सुदूर पर्वतीय गांवों तक सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल सहित सभी महत्वपूर्ण क्षेत्रों से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में सड़कों की कनेक्टिविटी को मजबूत किया गया है। उन्होंने कहा कि पहाड़ी राज्य होने के कारण हमें कई प्राकृतिक आपदाओं का सामना करना पड़ता है, जिससे पहाड़ी क्षेत्रों में सड़कें व्यापक रूप से क्षतिग्रस्त हो जाती हैं। उन्होंने कहा कि आज सरकार द्वारा युद्धस्तर पर कार्य कर वहां पुनः यातायात को सुचारु किया जाता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हमारे सीमांत इलाकों तक सड़कों का व्यापक नेटवर्क बन रहा है। डबल इंजन की सरकार दशकों से लंबित कार्यों को पूर्ण करने का कार्य कर रही है। सरकार द्वारा राज्य में रोड कनेक्टिविटी में अभूतपूर्व सुधार करने के साथ विभिन्न परियोजनाओं के माध्यम से राज्य का समग्र विकास सुनिश्चित करने का प्रयास भी किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जमरानी बांध बहुउद्देशीय परियोजना का निर्माण पुनः प्रारंभ कर पूरे तराई क्षेत्र की पेयजल और सिंचाई की समस्या का समाधान किया जा रहा है। खुरपिया में इंडस्ट्रियल स्मार्ट सिटी की स्थापना के माध्यम से पूरे क्षेत्र में विकास को गति दी जा रही है। सरकार राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और संवर्धन की दिशा में भी निरंतर कार्य कर रही है। केदारखंड की भांति ही मानसखंड के पौराणिक मंदिरों के भी पुनरुत्थान एवं सौंदर्यीकरण के लिए कार्य किए जा रहे हैं।
इस अवसर पर सांसद अजय भट्ट, विधायक शिव अरोड़ा, प्रदेश मंत्री भाजपा गुंजन सुखीजा एवं अन्य लोग मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरूवार को शहीद राईफल मैन नरेश कुमार के गुजराड़ा मानसिंह सहस्त्रधारा रोड़ स्थित आवास से शहीद सम्मान यात्रा 2 का शुभारम्भ किया। मुख्यमंत्री ने इससे पहले शहीद राईफलमैन नरेश कुमार के चित्र पर माल्यार्पण के साथ ही शहीद स्थल पर पुष्प चक्र अर्पित कर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की ।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने शहीद नरेश कुमार के परिजनों से भेंट कर उनके आंगन की मिट्टी का भी संग्रहण किया। उन्होंने शहीद के परिजनों को शहीद सम्मान समारोह में शामिल होने का भी आमंत्रण दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा देहरादून के गुनियाल गाँव मे शौर्य स्थल (सैन्य धाम) का निर्माण कराया गया है जिसमें प्रदेश के सभी शहीद सैनिकों के घर-आँगन की पवित्र मिट्टी स्थापित की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह शहीद सम्मान यात्रा उन अमर बलिदानियों को समर्पित है, जिनकी शौर्यगाथा और बलिदान सदैव हमें प्रेरणा देते रहेंगे। हमारे शहीदों ने अपना आज हमारे कल के लिए न्यौछावर किया है। उनके त्याग और पराक्रम के कारण ही हम सब सुरक्षित और स्वतंत्र हैं।
मुख्यमंत्री ने श्रद्धा और कृतज्ञता के साथ शहीदों को नमन करते हुए कहा कि उनके बलिदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे लिए यह गर्व का अवसर है, जब हम उन परिवारों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त कर रहे हैं जिन्होंने राष्ट्र के लिए अपना सबसे बड़ा बलिदान दिया। शहीदों का बलिदान हमें यह सिखाता है कि जीवन का वास्तविक मूल्य त्याग, सेवा और समर्पण में है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में शहीदों के परिजनों के कल्याण के लिए अनेक कल्याणकारी योजनायें संचालित की जा रही हैं। प्रदेश में वर्ष 2018 से अब तक 28 शहीद आश्रितों को उनकी योग्यता अनुसार नियुक्ति दी जा चुकी है और 13 की नियुक्ति प्रक्रिया गतिमान है। शहीदों के परिजनों को एकमुश्त अनुग्रह अनुदान जो पहले 10 लाख रुपये थी, जिसे बढ़ाकर 50 लाख रुपये कर दिया है।
इसी प्रकार उत्तराखण्ड़ के परमवीर चक्र अलंकृत सैनिकोें एवं उनकी विधवाओं को दी जाने वाली राशि 50 लाख रूपये से बढाकर अब 1.50 करोड़ रूपये कर दी गयी है। उत्तराखण्ड़ देश का पहला राज्य है जहां पूर्व सैनिकों को ब्लॉक प्रतिनिधि नियुक्त मानदेय प्रदान किया है वर्तमान में यह मानदेय 8,000 रुपये प्रतिमाह है, जिसे बढ़ाकर 10,000 रुपये प्रतिमाह किया गया है।
इस अवसर पर सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि देहरादून में निर्मित हो रहे सैन्यधाम निर्माण से पूर्व प्रदेश के 1734 अमर बलिदानियों के आंगन की पवित्र मिट्टी सैन्यधाम लाई जा चुकी है। प्रदेश में शहीदों के सम्मान की परंपरा वर्ष 2021 से प्रारम्भ हुई। उस वर्ष जिला एवं राज्य स्तर पर शहीद सम्मान समारोह आयोजित किए गए और शहीद परिजनों को ताम्रपत्र भेंट किए गए।
वर्ष 2021 में कतिपय कारणों से 39 शहीद सैनिकों के घर-आँगन की मिट्टी संग्रहित नहीं हो सकी थी। इसके पश्चात 2021 से 2025 के बीच प्रदेश के 32 और वीर सैनिक मातृभूमि पर बलिदान हुए। इन सभी 71 वीरों के सम्मान में हमारी सरकार द्वारा दिनांक 25 सितम्बर, 2025 से 04 अक्टूबर, 2025 तक शहीद सम्मान यात्रा आयोजित की जा रही है।
उन्होंने कहा कि यह यात्रा 4 अक्टूबर तक चलेगी और 05 अक्टूबर को शहीद यात्रा रथ को गरिमामय कार्यक्रम के साथ शहीदों के परिजनों के साथ लैंसडॉउन रवाना किया जाएगा। वहां आयोजित सैनिक सम्मान समारोह में शहीद परिवारों को सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि यात्रा के दौरान सैनिक कल्याण विभाग के अधिकारी बलिदानियों के घर जाकर शहीदों के आंगन की मिट्टी कलश में एकत्र करेंगे।
यह पवित्र मिट्टी सैन्यधाम के लोकार्पण से पूर्व उसमें सम्मिलित की जाएगी। सैनिक कल्याण मंत्री श्री जोशी ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार शहीदों और उनके आश्रितों के कल्याण के लिए निरंतर प्रयासरत है।
इस अवसर मेजर जनरल (सेनि) सम्मी सभरवाल, कैप्टन (सेनि) उमादत्त जोशी, कर्नल वैटरन आदित्य श्रीवास्तव, सैनिक कल्याण विभाग के निदेशक बिग्रेडियर (सेनि) अमृत लाल, कैप्टन (सेनि) आनन्द राणा सहित बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक एंव जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।