Category: उत्तराखंड

  • बेरोज़गार संघ के अध्यक्ष राम कंडवाल के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से भेंट की

    बेरोज़गार संघ के अध्यक्ष राम कंडवाल के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से भेंट की

    देहरादून: आज बेरोज़गार संघ के अध्यक्ष राम कंडवाल के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी से सचिवालय में भेंट की।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि UKSSSC की हाल ही में आयोजित परीक्षा में गड़बड़ी करने वाले दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा और सरकार इस मामले में पूरी सख़्ती बरतेगी।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि बेरोज़गार अभ्यर्थियों के हित सर्वाेपरि हैं और उनके हितों को सुरक्षित रखते हुए ही जरूरी निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार पारदर्शी और निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

  • मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर मिलावटखोरी पर सख्त कार्रवाई, राज्यभर में विशेष अभियान शुरू

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर मिलावटखोरी पर सख्त कार्रवाई, राज्यभर में विशेष अभियान शुरू

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के स्पष्ट निर्देशों पर प्रदेश सरकार ने आगामी त्योहारों में मिलावटी खाद्य पदार्थों की रोकथाम के लिए राज्यव्यापी विशेष अभियान शुरू कर दिया है। खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत यह अभियान सभी जिलों में एक साथ चलाया जा रहा है।

    किन उत्पादों पर रहेगी विशेष नजर

    स्वास्थ्य सचिव एवं आयुक्त, खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि दूध व दूध उत्पाद, खाद्य तेल, घी, मिठाई, मसाले, आटा, मैदा, बेसन और सूखे मेवे जैसे उत्पादों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। निर्माण इकाइयों, थोक/रिटेल विक्रेताओं और ट्रांसपोर्टेशन चैनल से नमूने लेकर सरकारी प्रयोगशालाओं में जांच कराई जाएगी।

    राज्य स्तरीय अभियान की रूपरेखा

    स्वास्थ्य सचिव एवं आयुक्त, खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को नियमित छापेमारी कर संदिग्ध खाद्य पदार्थों के नमूने प्रयोगशालाओं में भेजने के निर्देश दिए गए हैं। असुरक्षित या मानव उपभोग योग्य न पाए जाने वाले उत्पादों पर तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मिलावटी खाद्य पदार्थ बेचने वालों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने और लाइसेंस रद्द करने तक की कार्रवाई संभव होगी।

    प्रयोगशालाओं से हर सप्ताह रिपोर्ट

    राजकीय खाद्य प्रयोगशालाओं से प्रत्येक सप्ताह जांच रिपोर्ट मुख्यालय को भेजने को कहा गया है। रिपोर्टों के आधार पर प्राथमिकता तय कर त्वरित कार्रवाई होगी। Schedule-IV व FSSAI मानक का उल्लंघन करने वालों पर धारा-32 के तहत मुकदमे दर्ज किए जाएंगे।

    उपभोक्ताओं के लिए हेल्पलाइन और WhatsApp शिकायत

    स्वास्थ्य सचिव एवं आयुक्त, खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि विभाग की टोल फ्री हेल्पलाइन और WhatsApp नंबर पर आमजन सीधे शिकायत दर्ज कर सकेंगे। विभाग ने तय किया है कि सभी शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी। साथ ही सोशल मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक और प्रिंट मीडिया के माध्यम से जन-जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा।

    दिल्ली और उत्तराखंड की प्रयोगशालाओं से समन्वय

    स्वास्थ्य सचिव एवं आयुक्त, खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि खाद्य नमूनों की जांच दिल्ली स्थित भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) और उत्तराखंड की मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाओं से कराई जाएगी। इन प्रयोगशालाओं से प्राप्त रिपोर्टों को प्रत्येक सप्ताह सार्वजनिक किया जाएगा।

    मुख्यमंत्री धामी का संदेश

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि त्योहारों के समय जनता को शुद्ध और सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना हमारी प्राथमिकता है। मिलावटखोरी करने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी। जिला प्रशासन और संबंधित विभागों को सख्ती से कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

    स्वास्थ्य सचिव व आयुक्त खाद्य सुरक्षा का बयान

    स्वास्थ्य सचिव एवं आयुक्त, खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि त्योहारों के दौरान मिलावटखोरी रोकने के लिए विभाग ने विस्तृत कार्ययोजना तैयार की है। सभी जिलों के अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे छापेमारी और नमूना जांच में कोई ढिलाई न बरतें। जनता भी हेल्पलाइन के माध्यम से सीधे अपनी शिकायत दर्ज करा सकती है। मिलावटी खाद्य पदार्थ बेचने वालों को कड़ी कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।

  • Big Breaking: पेपर लीक मामले में बड़ी सफलता, मास्टरमाइंड खालिद मलिक गिरफ्तार

    Big Breaking: पेपर लीक मामले में बड़ी सफलता, मास्टरमाइंड खालिद मलिक गिरफ्तार

    देहरादून: उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) के स्नातक स्तरीय पदों की लिखित प्रतियोगी परीक्षा में पेपर लीक मामले में बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने मामले में मास्टरमाइंड खालिद मलिक गिरफ्तार को गिरफ्तार कर लिया है। जिसकी पुष्टि एसएसपी अजय सिंह ने की है। पुलिस ने उसे हरिद्वार से दबोचा है।

    वहीं, एग्जाम सेंटर को लेकर भी चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। जिसमें पता चला है कि जिस परीक्षा केंद्र के कमरे में बैठकर खालिद परीक्षा दे रहा था, वहां जैमर ही नहीं था। अब एसआईटी परीक्षा केंद्र के सभी कर्मचारियों और जैमर टीम से पूछताछ कर रही है।

    वहीं, देहरादून एसएसपी अजय सिंह ने मामले की जांच पुलिस अधीक्षक देहात जया बलूनी को सौंपी है। जया बलूनी के नेतृत्व में टीम ने मंगलवार को हरिद्वार पहुंचकर आदर्श बाल सदन इंटर कॉलेज बहादरपुर जट का निरीक्षण किया। इसी केंद्र से प्रश्न पत्र बाहर आया था टीम ने परीक्षा केंद्र के प्रिंसिपल, कक्ष निरीक्षकों और अन्य गवाहों से लंबी और विस्तार से पूछताछ की। जांच के दौरान बयानों और सबूतों के आधार पर पुलिस ने कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया है और उनसे पूछताछ की जा रही है।

    हालांकि, पुलिस ने कुछ गुत्थी सुलझाने में कामयाबी हासिल की है। जांच में सामने आया कि जिस केंद्र में खालिद परीक्षा दे रहा था, उस केंद्र में कुल 18 कमरे थे। केंद्र में परीक्षा के लिए कुल 15 जैमर लगे थे, लेकिन कमरा नंबर 9, 17 और 18 में जैमर नहीं लगे हुए थे। वहीं, कमरा नंबर 9 में खालिद परीक्षा दे रहा था। इसी कमरे से बैठकर खालिद ने किसी डिवाइस से परीक्षा के तीन पेज अपनी बहन साबिया को भेजे थे और साबिया ने प्रोफेसर सुमन चौहान को भेजे थे।

  • आपदाग्रस्त क्षेत्रों में जिला प्रशासन ने प्रभावित लोगों को वितरित किए 1220 फूड पैकेट

    आपदाग्रस्त क्षेत्रों में जिला प्रशासन ने प्रभावित लोगों को वितरित किए 1220 फूड पैकेट

    देहरादून: जिले में भीषण आपदा के बाद प्रभावित क्षेत्रों में रेस्टोरेशन कार्य युद्धस्तर पर जारी है। प्रभावित लोगों को रेस्क्यू और राहत पहुंचाने के बाद जिला प्रशासन आपदाग्रस्त क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं को बहाल करने में जुटा है।

    जिलाधिकारी सविन बंसल के प्रयासों से रायपुर के सभी प्रभावित क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति सुचारू कर दी गई है। वर्तमान में देहरादून जिले की सभी तहसीलों में विद्युत आपूर्ति सुचारू हो गई है। आपदा प्रभावित दूरस्थ गांव फूलेत, छमरौली और किमाडी में सड़के क्षतिग्रस्त होने के बावजूद भी जिला प्रशासन ने सस्ते गल्ले दुकानों तक खाद्यान्न पहुंचाया है।

    प्रभावित लोगों को सस्ते गल्ले दुकानों से राशन का वितरण किया जा रहा है। जिससे लोगों को बडी राहत मिली है। सड़क क्षतिग्रस्त होने के कारण जिला प्रशासन ने फूलेत और छमरौली गांव का राशन हैलीकाफ्टर से पहुंचाया। वहीं किमाड़ी में सस्ते गल्ले दुकान तक खाद्यान्न पहुंचाकर इसका वितरण किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त आपदाग्रस्त क्षेत्रों में जिला प्रशासन अभी तक प्रभावित लोगों में 1220 फूड पैकेट का वितरण भी कर चुका है। वहीं आपदाग्रस्त क्षेत्रों में क्षतिग्रस्त पेयजल लाइन को ठीक करने का काम तेजी से चल रहा है। फिलहाल प्रभावित क्षेत्रों में वैकल्पिक व्यवस्था से जलापूर्ति की जा रही है।

    विगत 15 व 16 सितंबर को अतिवृष्टि के कारण नंदा की चौकी के पास मोटर पुल क्षतिग्रस्त हो गया था। यहां पर लोक निर्माण विभाग द्वारा वैकल्पिक पुल निर्माण कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है। लोनिवि ने यहां पर पुल की एप्रोच तैयार कर दी है। नदी में ह्यूम पाइप बिछाकर का काम चल रहा है। पांवटा राजमार्ग पर जल्द ही वाहनों का आवागमन शुरू हो जाएगा।

    फिलहाल जिला प्रशासन ने पांवटा साहिब की तरफ से आने वाले वाहनों के लिए प्रेम नगर के पास बन रहे ग्रीनफील्ड हाईवे से व्यवस्था बना रखी है, जबकि पांवटा साहिब जाने वाले वाहनों को ठाकुरपुर की तरफ से भेजा जा रहा है। वर्तमान में लोनिवि के 07 और पीएमजीएसवाई के 08 ग्रामीण मार्ग बाधित है, जिनको खोलने के लिए भी युद्व स्तर पर काम चल रहा है।

    जिला प्रशासन की पूरी टीम आपदाग्रस्त क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं को बहाल करने और आपदा से क्षतिग्रस्त परिसंपत्तियों का आकलन करने में भी जुटी है। जिलाधिकारी ने आपदाग्रस्त क्षेत्रों में क्षतिग्रस्त परिसंपत्तियों का आकलन पूरा करते हुए योजनाओं के पुनर्निर्माण हेतु विभागों को जल्द से जल्द प्रस्ताव उपलब्ध कराने के निर्देश दिए है।

  • गैर शैक्षणिक कार्यों का पूर्णतः बहिष्कार कर रहे शिक्षक जानिये वजह

    गैर शैक्षणिक कार्यों का पूर्णतः बहिष्कार कर रहे शिक्षक जानिये वजह

    देहरादून: राजकीय शिक्षक संघ उत्तराखण्ड, विगत माह से अपनी विभिन्न बहु‌प्रतीक्षित माँगो हेतु, चरणबद्ध आंदोलनरत है। प्रदेश के समस्त राजकीय शिक्षकों द्वारा छात्र-हित को सर्वोपरि मानते हुए शिक्षण कार्य को ही सर्वाधिक प्राथमिकता दी जा रही है।

    साथ ही समस्त गैर शैक्षणिक कार्यों का पूर्णतः बहिष्कार किया जा रहा है। राजकीय शिक्षक संघ जनपद शाखा उत्तरकाशी, अपने प्रांतीय नेतृत्व के आह्वान पर, समस्त राजकीय शिक्षकों की निम्नलिखित महत्वपूर्ण एवं न्यायोचित मांगों के लिए लगातार आंदोलनरत हैं और इसी क्रम में आज दिनांक 22 सितंबर 2025 को चरणबद्ध आन्दोलन के क्रम में, जनपद उत्तरकाशी में, सरकार, शासन, विभाग सहित प्रदेश के माननीय शिक्षामंत्री जी की बुद्धि- शुद्धि हेतु यज्ञ एवं हवन कार्यक्रम को आयोजित किया गया।

    शारदीय नवरात्रि के प्रथम दिवस पर माता आदिशक्ति एवं बाबा काशी विश्वनाथ जी के प्रांगण में यज्ञ – हवन कार्यक्रम किया गया। जिसमें जनपद के समस्त छह ब्लॉकों से दूरदराज से शिक्षक – शिक्षिकाओं द्वारा प्रतिभाग किया गया। पूरे प्रदेश भर के समस्त राजकीय शिक्षकों की महत्वपूर्ण मांगे निम्नलिखित हैं –

    1. सभी स्तरों पर (एल.टी. से प्रवक्ता, एन.टी. – प्रवक्ता से प्रधानाध्यापक एवं प्रधानाध्यापक से प्रधानाचार्य पदों पर पदोन्नति) शत-प्रतिशत पदोन्नति यथाशीघ्र की आए ।

    2. प्रधानाचार्य पद पर, सीमित विभागीय भर्ती परीक्षा, राजकीय शिक्षकों के अधिकारों एवं पदोन्नति पर कुठाराघात करती है। पूर्व में भी इसके निरस्तीकरण हेतु, प्रदेशभर में आंदोलन किया जा चुका है। अतः इसे यथाशीघ्र निरस्त किया जाए।

    3. शिक्षकों को स्थानान्तरण का लाभ देने हेतु, वार्षिक स्थानान्तरण प्रक्रिया को शीघ्र प्रारम्भ किया जाए।

    4. समस्त अन्य 34 सूत्रीय मांगे जिन पर पूर्व में ही सरकार , शासन और विभाग को पत्र प्रेषित किया जा चुका है।

    राजकीय शिक्षक संघ जनपद शाखा-उत्तरकाशी, अपनी समस्त न्यायोचित मांगों के शीघ्र समाधान हेतु सरकार ,शासन और विभाग से मांग करता है। यदि यथाशीघ्र ही हमारी मांगों पर विचार कर कार्यवाही नहीं की जाती है, तो निकट भविष्य में पूरे प्रदेश के समस्त राजकीय शिक्षक सड़कों पर होंगे। जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी सरकार, शिक्षामंत्री जी और मुख्यमंत्री जी की ही होगी।

    विगत 17 सितंबर 2025 को, भीषण आपदा होने पर भी , सड़कों की बदहाल स्थिति के बावजूद भी समस्त तेरह जिलों से लगभग 10 हजार से 12 हजार तक राजकीय शिक्षक प्रदेश की राजधानी देहरादून में एकत्रित हुए थे और उनके द्वारा अपना आक्रोश व्यक्त किया गया। साथ ही माननीय मुख्यमंत्री जी ने एक सप्ताह के भीतर ही सभी न्यायोचित मांगों पर शीघ्र समाधान को बात कही गई। लिहाजा एक सप्ताह तक , राजकीय शिक्षक संघ उत्तराखंड प्रतीक्षा में है। इसके बावजूद भी , यदि निकट भविष्य मे , सरकार , माननीय मुख्यमंत्री जी और शिक्षामंत्री जी , इसी प्रकार हमारी मांगों हेतु उदासीन रहते हैं तो , अभी केवल ट्रेलर दिखाया गया है, पूरी पिक्चर भी जारी की जाएगी। जिसकी सभी प्रकार की जिम्मेदारी , माननीयों और विभाग की ही होगी।

    आज के यज्ञ एवं हवन कार्यक्रम में जिलाध्यक्ष अतोल महर, जिलामंत्री बलवंत असवाल, जिला आय व्यय निरीक्षक पुरुषोत्तम सेंसवान, उपाध्यक्षा साधना जोशी, संयुक्त मंत्री हिमानी मटुड़ा, ब्लॉक अध्यक्ष मनोज परमार, ब्लॉक मंत्री महेश उनियाल, डॉ शंभू प्रसाद नौटियाल, मुक्ता गौड़, चित्र नौटियाल, अरुणा सेमवाल, मनीषा, राजश्री असवाल, उमारमण सेमवाल, दिनेश मिश्रा, राजेश भट्ट, संदीप भट्ट, गरिमा बिष्ट, गीता शाह, विद्योतमा राणा, रजनी बौद्ध, मंगल सिंह पंवार, वीरेंद्र अवस्थी, देवेश सेमवाल, राजेंद्र पंवार, डॉ मुकेश नौटियाल, प्रकाश भद्री, सुनील रावत, धर्मेंद्र रावत, गंभीर सिंह, सुरेश बर्तवाल, धनमोहन राणा, गीता भारती, इत्यादि अनेकों शिक्षक शिक्षिकाओं द्वारा प्रतिभाग किया गया।

  • सीएम धामी ने की जनता से अपील– “स्वदेशी खरीदें, देश को सशक्त बनाएं”

    सीएम धामी ने की जनता से अपील– “स्वदेशी खरीदें, देश को सशक्त बनाएं”

    देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आज देहरादून के प्रेमनगर में आयोजित ‘GST बचत उत्सव’ कार्यक्रम में शामिल हुए। यह आयोजन देशभर में जीएसटी दरों में की गई कटौती को लेकर जनजागरूकता फैलाने और जनता को इसके प्रत्यक्ष लाभों से अवगत कराने के उद्देश्य से किया गया।

    मुख्यमंत्री धामी ने सोमवार शाम देहरादून के प्रेमनगर स्थानीय बाज़ार पहुंचकर व्यापारियों से मुलाकात कर नए जी.एस.टी स्लैब के बारे में फीडबैक लिया एवं व्यापारियों से आम जन को भी घटे हुए जी.एस.टी के बारे में जानकारी देने का आग्रह किया।

    मुख्यमंत्री ने जनता से किया संवाद

    मुख्यमंत्री ने विभिन्न प्रतिष्ठानों में जाकर दुकानदारों से फीडबैक भी लिया। मुख्यमंत्री ने व्यापारियों से स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा हम स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता देकर भारत के लोगों और भारतीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करें।

    मुख्यमंत्री ने बड़ी संख्या में जनता से मुलाकात कर उनको घटे हुए ‘ नेक्स्ट जनरेशन जी.एस.टी’ के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने आम जनता को राहत पहुंचाने के लिए कई आवश्यक उत्पादों और सेवाओं पर जी.एस.टी स्लैब में कमी की है। जिसका सीधा लाभ देश के आम जनता को मिलेगा।

    मुख्यमंत्री ने जनता से अधिक से अधिक स्वदेशी एवं स्थानीय उत्पादों की खरीददारी करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने से हमारे कुटीर उद्योग, स्थानीय कारोबारियों को प्रोत्साहन मिलेगा। इससे प्रदेश एवं देश की अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी। उन्होंने कहा जब हम अपने स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता देंगे, तभी हमारे ग्रामीण एवं शहरी उद्यमी सशक्त होंगे और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को गति मिलेगी।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी ने स्थानीय और स्वदेशी उत्पादों को अपनाकर समाज और प्रदेश के विकास में योगदान देना है।

    मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि ” प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में आर्थिक सुधार और जनकल्याण एक साथ चल रहे हैं। GST दरों में कमी से हर वर्ग को राहत मिली है – गृहिणियों से लेकर छोटे व्यापारियों तक, हर कोई इससे लाभान्वित हो रहा है।”

    मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि ‘GST बचत उत्सव’ जैसे कार्यक्रमों से जनता को सीधे संवाद का अवसर मिलता है, और वे सरकार की नीतियों के लाभों को नज़दीक से महसूस कर पाते हैं।

    जनता ने जताया प्रधानमंत्री मोदी का आभार

    कार्यक्रम में उपस्थित नागरिकों ने GST में दी गई राहत के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि दैनिक जीवन से जुड़े उत्पादों पर कर दरों में कमी से घरेलू बजट पर बोझ कम हुआ है, जिससे आमजन को वास्तविक राहत मिली है।

    प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की जोड़ी को बताया भरोसेमंद

    कार्यक्रम में नागरिकों ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी और मुख्यमंत्री श्री धामी की जोड़ी पर लोगों को पूरा विश्वास है। इस जोड़ी ने जनता को विकास, सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता के मार्ग पर आगे बढ़ाया है। कार्यक्रम स्थल पर बड़ी संख्या में आम नागरिक, व्यापारी, महिलाएं, युवा और वरिष्ठजन उपस्थित रहे, जिन्होंने GST दरों में कटौती को ‘डबल इंजन सरकार’ द्वारा जनता को दिया गया उपहार बताया।

    इस अवसर पर विधायक श्रीमती सविता कपूर, भाजपा महानगर अध्यक्ष श्री सिद्धार्थ अग्रवाल, प्रदेश मंत्री आदित्य चौहान एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

  • बागेश्वर जिला चिकित्सालय में बच्चे की मौत : मुख्यमंत्री धामी के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की बड़ी कार्रवाई

    बागेश्वर जिला चिकित्सालय में बच्चे की मौत : मुख्यमंत्री धामी के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की बड़ी कार्रवाई

    बागेश्वर जिला चिकित्सालय में एक बच्चे की मृत्यु के प्रकरण में हुई गंभीर लापरवाही पर स्वास्थ्य विभाग ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर कठोर संज्ञान लेते हुए दोषी चिकित्सकों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की है। जिलाधिकारी की जांच रिपोर्ट एवं कारण बताओ नोटिस के उत्तर पर विचारोपरांत निम्न निर्णय लिए गए—

    1. डॉ. तपन शर्मा – प्रभारी मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, जिला चिकित्सालय बागेश्वर
    आरोप: असंवेदनशीलता, एम्बुलेंस व्यवस्था सुनिश्चित न करना, प्रशासनिक अक्षमता।
    कार्रवाई: तत्काल प्रभाव से पद एवं दायित्वों से अवमुक्त। निदेशक कुमांउ मंडक के साथ संबद्व किया गया है।
    —
    2. ईश्वर सिंह टोलिया एवं लक्ष्मण कुमार – 108 वाहन चालक
    आरोप: कर्तव्यों के प्रति उदासीनता एवं असंवेदनशीलता।
    कार्रवाई: एक माह तक कार्य से विरक्त रहने का आदेश एवं अनुशासनात्मक कार्रवाई हेतु निर्देश।
    —
    3. महेश कुमार (नर्सिंग अधिकारी), श्रीमती हिमानी (नर्सिंग अधिकारी) एवं सूरज सिंह कन्नाल (कक्ष सेवक)
    आरोप: अपने कर्तव्यों के प्रति असंवेदनशीलता व उदासीनता।
    कार्रवाई: कठोर चेतावनी जारी, भविष्य में पुनरावृत्ति न हो इसका आदेश।
    —
    4. डॉ. भूरेन्द्र घटियाल – चिकित्साधिकारी, जिला चिकित्सालय बागेश्वर
    आरोप: कर्तव्यों के प्रति उदासीनता एवं संवेदनशीलता की कमी।
    कार्रवाई: कठोर चेतावनी जारी, भविष्य में पुनरावृत्ति न हो इसका आदेश।
    —
    5. डॉ. अंकित कुमार – बाल रोग विशेषज्ञ, जिला चिकित्सालय बागेश्वर
    आरोप: संघर्षरत बालक के प्रति सहानुभूति न दिखाना एवं उदासीनता।
    कार्रवाई: प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने पर प्रतिकूल प्रविष्टि दर्ज करने का आदेश।
    —
    *स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार का बयान*
    यह घटना अत्यंत दुखद है। मुख्यमंत्री जी के निर्देश पर त्वरित कार्रवाई की गई है। स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विभाग का स्पष्ट संदेश है कि हर अधिकारी और कर्मचारी अपनी जिम्मेदारी पूरी संवेदनशीलता के साथ निभाएं, अन्यथा कठोर कार्रवाई के लिए तैयार रहें।

  • डीएम टिहरी ने भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशन में विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर की बैठक

    डीएम टिहरी ने भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशन में विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर की बैठक

    आज सोमवार को जिलाधिकारी टिहरी गढ़वाल नितिका खण्डेलवाल ने जिला सभागार नई टिहरी में भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशन में विशेष गहन पुनरीक्षण की बैठक ली। उन्होंने जनपद क्षेत्रान्तर्गत सभी एसडीएम को निर्वाचन आयोग की गाइडलाइन के अनुसार विशेष गहन संशोधन एवं पुनरीक्षण कार्यक्रम को सफल बनाने हेतु व्यक्तिगत समय देकर कार्य करने को कहा गया।

    जिलाधिकारी ने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण हेतु 2003 एवं 2025 की नामावली का मिलान कर चार श्रेणी में कार्य किया जाना है। बीएलओ द्वारा वर्ष 2025 की अंतिम प्रकाशित मतदाता सूची से मतदाताओं को श्रेणी ए, बी, सी और डी में चिन्ह्ति करना है। जिलाधिकारी ने कहा कि जहां बूथों की संख्या बढ़ी है, वहां ध्यान देने की आवश्यकता है। सभी एसडीएम को बीएलओ के कार्यों को सुपरवाइज करने को कहा गया।

    जिलाधिकारी ने कहा कि जिनका जन्म 01 जुलाई 1987 या इससे पूर्व हुआ है, उनसे सत्यापन हेतु स्वयं का एक अभिलेख लेकर ‘ए‘ श्रेणी में चिन्ह्ति करना है। इसी प्रकार 2025 की निर्वाचक नामावली में जिन मतदाताओं की आयु 38 वर्ष या इससे अधिक है, किन्तु 2003 की नामावली में उनका नाम दर्ज नहीं है, उनसे सत्यापन हेतु स्वयं का एक अभिलेख लेकर ‘बी‘ श्रेणी में, जिनका जन्म 02 जुलाई 1987 से 02 दिसम्बर 2004 के बीच हुआ है, उनसे सत्यापन हेतु दो अभिलेख (एक अभिलेख स्वयं का एवं एक अभिलेख माता या पिता का) लेकर ‘सी‘ श्रेणी में तथा जिनका जन्म 03 दिसम्बर 2004 से 01 जनवरी, 2025 के बीच हुआ है, उनसे तीन अभिलेख (एक अभिलेख स्वयं का तथा एक-एक अभिलेख माता, पिता का) लेकर ‘डी‘ श्रेणी में चिन्ह्ति किया जायेगा।

    बैठक में आईएसए प्रशिक्षु स्नेहिल कुंवर सिंह, एडीएम ए.के. सिंह, एसडीएम संदीप कुमार, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी विजय तिवारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी भौतिक एवं वर्चुअल माध्यम से उपस्थित रहे।

  • डीएम के निर्देश पर प्रभावितों के द्वार-द्वार दौड़ रहे प्रशासन के अधिकारी; प्रभावितों  का जान  रहे  हाल

    डीएम के निर्देश पर प्रभावितों के द्वार-द्वार दौड़ रहे प्रशासन के अधिकारी; प्रभावितों का जान रहे हाल

    देहरादून: जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देश पर उप जिलाधिकारी सदर हरि गिरि ने आज तहसील सदर अंतर्गत आपदा प्रभावित क्षेत्रों का भ्रमण किया। उन्होंने मौके पर पहुंचकर प्रभावित परिवारों का हाल जाना तथा आपदा रेस्क्यू एवं राहत कार्यों की स्थिति का जायज़ा लिया।

    उप जिलाधिकारी ने राहत एवं बचाव कार्य में लगे प्रशासनिक अमले को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए और प्रभावितों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन पूरी गंभीरता से राहत कार्यों में जुटा है और प्रभावित परिवारों को किसी भी प्रकार की समस्या नहीं होने दी जाएगी।

    इस दौरान उप जिलाधिकारी ने विभिन्न होटल हिल व्यू, हेली रिजॉर्ट आदि अन्य स्थानों पर बनाए गए और राहत शिविरों में जाकर प्रभावितों से मुलाकात की उनका हाल जाना हर संभव सहायता का भरोसा दिलाया।

  • ग्राम्य विकास विभाग, उत्तराखण्ड को स्कॉच अवार्ड–2025 से सम्मानित…

    ग्राम्य विकास विभाग, उत्तराखण्ड को स्कॉच अवार्ड–2025 से सम्मानित…

    देहरादून, 22 सितम्बर। ग्राम्य विकास विभाग, उत्तराखण्ड को हाउस ऑफ हिमालयाज पहल और मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना–रूरल बिजनेस इन्क्यूबेटर के सफल क्रियान्वयन के लिए प्रतिष्ठित स्कॉच अवार्ड–2025 से नवाज़ा गया है। यह सम्मान 20 सितम्बर को नई दिल्ली स्थित इंडिया हैबिटेट सेंटर में आयोजित भव्य समारोह में प्रदान किया गया।

    स्कॉच अवार्ड देश में सामाजिक और आर्थिक विकास के क्षेत्र में किए गए अभिनव प्रयासों को मान्यता देने वाला एक प्रतिष्ठित सम्मान है। इसकी शुरुआत वर्ष 2003 में हुई थी और तब से यह पुरस्कार उन संस्थानों व विभागों को दिया जाता है, जो डिजिटल, वित्तीय और सामाजिक समावेशन में उत्कृष्ट योगदान देते हैं।

    हाउस ऑफ हिमालयाज पहल के तहत प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों की महिला स्वयं सहायता समूहों और स्थानीय किसानों द्वारा तैयार उत्पादों को ब्रांडिंग, पैकेजिंग और मार्केटिंग की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। इस पहल से न केवल उत्तराखण्ड के पारंपरिक उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान मिली है, बल्कि स्थानीय समुदाय की आय में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है।

    वहीं, मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना के अंतर्गत ग्रामीण युवाओं को उद्यमिता, आधुनिक तकनीकी, व्यवसायिक प्रबंधन का प्रशिक्षण और स्वरोज़गार में सहयोग प्रदान किया जा रहा है। इस योजना से प्रदेश के युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने, पलायन रोकने और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन को बढ़ावा देने में मदद मिली है।

    यह पुरस्कार ग्राम्य विकास विभाग की ओर से राज्य परियोजना प्रबंधन इकाई की परियोजना समन्वयक एवं अपर सचिव ग्राम्य विकास सुश्री झरना कमठान ने प्राप्त किया। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी डॉ. प्रमोद बेनीवाल, गोविन्द धामी, गुलजारन कुमार एवं हाउस ऑफ हिमालयाज से प्रेरणा ध्यानी भी मौजूद रहीं।