Category: उत्तराखंड

  • सीएम धामी की समय पूर्व तैयारियों ने आपदा के प्रभाव को किया सीमित उत्तराखंड का आपदा प्रबंधन मॉडल बना मिसाल

    सीएम धामी की समय पूर्व तैयारियों ने आपदा के प्रभाव को किया सीमित उत्तराखंड का आपदा प्रबंधन मॉडल बना मिसाल

    गत चार महीनों में उत्तराखंड ने प्रकृति के विकराल रूप का सामना किया है। धराली में तबाही से लेकर थराली, पौड़ी, टिहरी, पिथौरागढ़, हरिद्वार, देहरादून, चमोली तक हुई विनाशकारी बारिश और भूस्खलन की घटनाओं ने राज्य को झकझोर कर रख दिया है। कई बार लोगों के जहन में 2013 जैसी भयानक त्रासदी की यादें तक ताज़ा हो गई, पर इस बार एक फर्क साफ़ दिखा तैयारी, शीघ्र प्रतिक्रिया और नेतृत्व की मौजूदगी।

    इसी वजह से जान-माल का नुकसान अपेक्षाकृत कम हुआ। यह सब मिलकर उस ‘धामी मॉडल’ को परिभाषित करते हैं जिसे आज प्रदेश और देश के कुछ हिस्सों में उदाहरण के रूप में देखा जा रहा है।

    धराली में अचानक आई तबाही ने गांव, होटल और बुनियादी ढांचे को भारी क्षति पहुँचाई। शुरुआती सूचनाएँ चिंताजनक रहीं, लेकिन आपदा के कुछ ही समय के भीतर ही सीएम धामी के नेतृत्व में एक्टिव हुई राज्य व केंद्र की एजेंसियां-एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, सेना और स्थानीय प्रशासन सक्रिय मोड में आ गईं। हेलीकॉप्टर से आपूर्ति, रेस्क्यू दलों की तैनाती और तत्काल राहत शिविर स्थापित किए गए, जिससे कई परिवारों तक समय पर मदद पहुँची। इन समन्वयकारी प्रयासों ने राहत कार्यों में गति और पारदर्शिता दोनों जोड़े।

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व की सबसे प्रमुख विशेषता उनका ग्राउंड-प्रेजेंस और सक्रिय मॉनिटरिंग रहा। हर आपदा के तुरंत बाद सीएम धामी स्वयं घटनास्थल पर पहुंचे, राहत कार्यों की निगरानी की और प्रभावितों से सीधे संवाद बनाये रखा। गुरुवार को भी सीएम धामी ने देहरादून के सहस्त्रधारा, मसूरी रोड, टपकेश्वर मंदिर क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया। इस सक्रिय नेतृत्व ने राहत कार्यों में जनता के विश्वास और प्रशासन की गति को मज़बूती दी है। राज्य सरकार ने प्रभावित परिवारों के लिए तत्काल आर्थिक सहायता के रूप में कई जगहों पर पाँच लाख रुपये तक के पैकेज की घोषणा की और चेक वितरण की प्रक्रिया तेज़ की, जिससे प्रभावित परिवारों को आवास, प्राथमिक जरूरतें और पुनर्वास की शुरुआती लागत का सामना करने में मदद मिली।

    स्थिति के आकलन के बाद केंद्र सरकार ने भी प्रदेश के साथ समन्वय में कदम उठाए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिजली, सड़कों और पुनर्वास के मद्देनज़र 1,200 करोड़ रुपये के तात्कालिक राहत पैकेज की घोषणा की और मृतक परिवारों व घायलों हेतु मदद की व्यवस्था की। इस केंद्रीय पैकेज ने न केवल वित्तीय मदद दी बल्कि प्रदेश के पुनर्निर्माण कार्यों को गति भी प्रदान की।

    धामी मॉडल की सबसे बड़ी विशेषता इसकी तैयारी और त्वरित तैनाती है। मौसम और हाइड्रोलॉजी पर लगातार निगरानी रखी जाती है, जोखिम वाले इलाकों में समय पर रेड/ऑरेंज अलर्ट जारी होते हैं, SDRF/NDRF, सेना, स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य सेवाओं को एकीकृत कंट्रोल रूम से निर्देशित किया जाता है। स्थानीय प्रतिनिधियों और ग्राम स्तर की व्यवस्थाओं के जरिए राहत सामग्री वितरण में पारदर्शिता बढ़ी है, और प्रभावितों को त्वरित चेक वितरण तथा दीर्घकालिक पुनर्वास योजनाओं की रूपरेखा तैयार की जाती है।

    कई सर्वे सीएम धामी के आपदा प्रबंधन मॉडल की सीधे तौर पर सराहना भी कर चुके हैं। हालिया में एक प्रतिष्ठित न्यूज ग्रुप द्वारा सर्वे में भी लोगों ने आपदा प्रभावित राज्यों में सीएम धामी के आपदा प्रबंधन मॉडल को सबसे बेहतर बताया है।

    प्रदेश में आई ये आपदा केवल प्राकृतिक घटना नहीं, बल्कि शासन-प्रणाली और तैयारियों की कसौटी भी है। मुख्यमंत्री के निर्णायक कदम, त्वरित राहत और केंद्र-राज्य समन्वय ने इस बार नुकसान को कम करने में भूमिका निभाई और यही कारण है कि कई राष्ट्रीय प्लेटफार्मों ने इस प्रतिक्रिया मॉडल पर ध्यान दिया है।

  • हर विभाग तय करे जिम्मेदारी – वरना होगी जवाबदेही” – काठगोदाम से CM का साफ संदेश

    हर विभाग तय करे जिम्मेदारी – वरना होगी जवाबदेही” – काठगोदाम से CM का साफ संदेश

    सर्किट हाउस काठगोदाम, हल्द्वानी में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को आपदा से हुई क्षति, विद्युत, पेयजल और मोटर मार्गों की अद्यतन स्थिति की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रभावित जनता के साथ खड़ी है और राहत व पुनर्निर्माण कार्यों को प्राथमिकता के साथ अंजाम दिया जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनता को त्वरित राहत उपलब्ध कराना और समयबद्ध ढंग से पुनर्निर्माण कार्य पूरे करना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

    बैठक के दौरान मंडलायुक्त और जिलाधिकारी ने मुख्यमंत्री को मंडल एवं जिले में आपदा से हुई क्षति की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने अवगत कराया कि आपदा की वजह से जिले में भारी नुक़सान हुआ है। नैनीताल की लोअर मॉल रोड धंसने, बागेश्वर में पुलों की क्षति, रानीबाग पावर हाउस की समस्या, ओखलकांडा और धारी ब्लॉक मार्गों के अवरोध तथा राष्ट्रीय राजमार्गों पर भूस्खलन जैसी गंभीर चुनौतियाँ सामने आई हैं। जिलाधिकारी ने अवगत कराया कि अब तक नैनीताल जिले में आपदा से हुई कुल क्षति का आकलन लगभग 443 करोड़ रुपये किया गया है और यह रिपोर्ट भारत सरकार की आपदा विश्लेषण टीम को भी प्रस्तुत की गई है।

    उन्होंने विस्तार से जिले में मानसून काल में हुए नुकसान की जानकारी देते हुए, किए गए राहत बचाव एवं आपदा न्यूनीकरण कार्यों की जानकारी प्रस्तुतिकरण के माध्यम से दी।तथा जिले के संवेदनशील स्थानों, सड़क मार्गो, गांवों, नदी नाले आदि के बारे में भी मुख्यमंत्री को अवगत कराया। साथ ही विभिन्न महत्वपूर्ण प्रस्ताव जो शासन को भेजे गए उनकी स्वीकृति का भी अनुरोध किया गया। जिलाधिकारी ने चुकम,खुपी गांव सहित विभिन्न सड़क मार्गों जहॉ खतरा बना हुआ है उनके विस्थापन एवं सड़कों के ट्रीटमेंट आदि कार्यों के संबंध में भी मुख्यमंत्री को अवगत कराया।साथ ही लालकुआं, बिंदुखत्ता, गोला नदी, नंधौर नदी, कोसी नदी से हो रहे नुकसान के बारे भी अवगत कराते हुए उसके स्थाई समाधान हेतु की जा रही कार्यवाही व तैयार डीपीआर के बारे में भी अवगत कराया।

    बैठक में मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि इस वर्ष असामान्य वर्षा और भूस्खलन के कारण राज्य के लगभग सभी जनपद प्रभावित हुए हैं और आपदा का असर दो से तीन गुना अधिक देखने को मिला है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि केंद्र सरकार से प्राप्त सहयोग और राज्य के संसाधनों का उपयोग कर आपदा प्रभावित क्षेत्रों में तेजी से पुनर्निर्माण कार्य सुनिश्चित किया जाए।

    मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि हर विभाग और अधिकारी अपनी जिम्मेदारी तय करे और समयबद्ध ढंग से कार्य पूरा करे। उन्होंने कहा, “जिम्मेदारी तय होगी और लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।” साथ ही, एक माह के भीतर सड़कों का पैचवर्क पूरा करने, जल निकायों के मार्गों को संरक्षित करने और अतिक्रमण हटाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि पुनर्निर्माण के प्रयासों में प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की साझा भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है और सरकार पूरे समर्पण से कार्य कर रही है।

    बैठक में मुख्यमंत्री ने सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता को जलाशयों में de-silting कार्य की ठोस योजना बनाने और कार्ययोजना प्रस्तुत करने के भी निर्देश दिए। बैठक में सुशीला तिवारी अस्पताल के UPNL कर्मियों के लंबित वेतन का मुद्दा भी उठा। मुख्यमंत्री ने इसका संज्ञान लेते हुए तुरंत समाधान कराने के निर्देश दिए।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा की इस चुनौतीपूर्ण घड़ी में राज्य सरकार का हर कदम जनता के साथ है। राहत और पुनर्निर्माण कार्यों में तेजी लाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि चाहे सड़कें हों, जल निकाय हों या आवासीय क्षेत्र, हर स्तर पर समन्वित प्रयासों से पुनर्निर्माण कार्य तेज़ी से आगे बढ़ाए जाएंगे और प्रभावित लोगों को शीघ्र राहत दी जाएगी।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि मानसून के दौरान जगह-जगह जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो जाती है, जिससे जलजनित रोगों की समस्याएँ बढ़ जाती हैं। इसकी रोकथाम हेतु स्वास्थ्य विभाग तत्परतापूर्वक कार्य करे, सभी चिकित्सा केंद्रों में आवश्यक चिकित्सा सुविधा रखने के साथ ही व्यापक तैयारी की जाए और जगह-जगह स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएँ।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि जन समस्याओं के समाधान हेतु जन निवारण शिविर एवं बहुउद्देशीय शिविरों का आयोजन कर जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान किया जाए। सभी अधिकारी क्षेत्र पंचायतों की बैठकों में अनिवार्य रूप से प्रतिभाग करें तथा जनता मिलन कार्यक्रम लगातार संचालित किए जाएँ।

    बैठक में अध्यक्ष जिला पंचायत दीपा दरमवाल,भाजपा जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट, कालाढूंगी विधायक बंशीधर भगत, लालकुआं विधायक डॉ. मोहन सिंह बिष्ट, रामनगर विधायक दीवान सिंह बिष्ट, भीमताल विधायक राम सिंह केड़ा, रानीखेत विधायक प्रमोद नैनवाल, दायित्वधारी डॉ. अनिल डब्बू, दीपक महरा एवं शंकर कोरंगा सहित सभी मंडलीय अधिकारी उपस्थित रहे।

  • ढाई घंटे का पैदल सफर कर फुलेत पंहुचकर डीएम ने सुनी जनता की समस्याएं

    ढाई घंटे का पैदल सफर कर फुलेत पंहुचकर डीएम ने सुनी जनता की समस्याएं

    देहरादून: ढाई घंटे का पैदल सफर कर फुलेत पंहुचकर डीएम ने सुनी जनता की समस्याएं

    भूमि कटाव; फसल क्षति; भवन क्षति; पशु हानि आकलन एवं मुआवजे के लिए तहसीलदार; ब्लॉक प्रभारी कृषि; एडीओ उद्यान; जेई लोनिवी; अंतिम व्यक्ति को मुआवजा वितरण तक मौके पर ही रहेंगे तैनात

    लोनिवी के अधिकारियों को भवनो को हुई क्षति की टेक्निकल रिपोर्ट आज ही प्रस्तुत करने के निर्देश

    आपदा में मृतक एवं लापता लेबर का समुचित विवरण प्रस्तुत करने के एक्शन पीएमजीएसवाई को निर्देश

    फुलेत में दैवीय आपदा में मलबे से ब्लॉक खाले एंव पैदल रास्ते खोलने के लिए पीएमजीएसवाई को मौके पर ही धन की स्वीकृति ; आज से ही कार्य चालू करने के निर्देश

    विद्यालयों से संबंधित समस्याओं के लिए मुख्य शिक्षा अधिकारी एवं खंड शिक्षा अधिकारी को क्षेत्र का दौरा कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश

  • पीएनबी नें भारतीय तटरक्षक बल के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए

    पीएनबी नें भारतीय तटरक्षक बल के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए

    देहरादून: सार्वजनिक क्षेत्र में देश के अग्रणी बैंकों में से एक पंजाब नैशनल बैंक (पीएनबी) ने भारतीय तटरक्षक बल के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। बैंक की प्रमुख योजना ” पीएनबी रक्षक प्लस” के अंतर्गत पीएनबी भारतीय तटरक्षक बल के सभी सेवारत कर्मियों और पेंशनभोगियों को उन्नत बीमा कवरेज और अन्य लाभों के साथ सेवाओं की एक विस्तृत श्रृंखला प्रदान कर रहा है।

    समझौता ज्ञापन पर पीएनबी की ओर से श्री एस. पी. सिंह, महाप्रबंधक और भारतीय तटरक्षक निदेशालय की ओर से डीआईजी नरेंद्र सिंह ने पीएनबी के मुख्य महाप्रबंधक श्री सुरेश कुमार राणा और बैंक तथा भारतीय तटरक्षक बल के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में हस्ताक्षर किए।

    योजना के अंतर्गत दिए जाने वाले लाभ इस प्रकार हैं:

    1. व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा – ₹100 लाख

    2. सावधि जीवन बीमा – सभी अधिकारियों के लिए ₹5 लाख

    3. हवाई दुर्घटना बीमा – ₹150 लाख

    4. स्थायी/आंशिक दिव्यांगता कवरेज – ₹100 लाख

    5. ऑपरेशन के दौरान मृत्यु के लिए अतिरिक्त कवर – ₹10 लाख

    इसके अतिरिक्त रक्षक खाताधारक के आश्रितों और परिवारों को कई अन्य लाभ दिए जा रहे हैं।

    बैंक हमारे समुद्री योद्धाओं के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के प्रति समर्पित है और भविष्य में भी ऐसा करना जारी रखेगा।

  • 125 की हुई जांच, मेडिकल कॉलेज श्रीनगर की विशेषज्ञ टीम ने दी सेवा

    125 की हुई जांच, मेडिकल कॉलेज श्रीनगर की विशेषज्ञ टीम ने दी सेवा

    रुद्रप्रयाग: स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग के तत्वावधान में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जखोली में आयोजित विशेषज्ञ हेल्थ कैंप में 125 लोगों के स्वास्थ्य की जांच की गई। 03 रक्तदाताओं द्वारा रक्तदान किया गया, जबकि 36 का रक्तदान हेतु पंजीकरण किया गया।

    सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जखोली में आयोजित विशेषज्ञ स्वास्थ्य शिविर का विधायक भरत सिंह चौधरी द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया गया। अपने संबोधन में उन्होंने पोषण का महत्व समझाते हुए कहा कि जैसा भोजन करते हैं स्वास्थ्य भी वैसा हो जाता है। लिहाजा सभी को अपने पोषण पर विशेष ध्यान देना चाहिए। उन्होंने स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान के तहत आयोजित होने वाले स्वास्थ्य शिविराओं का लाभ उठाने की जनता से अपील की।

    मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ. राम प्रकाश द्वारा अभियान के तहत होने वाली गतिविधियों के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि अभियान के तहत 23 सितंबर को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अगस्त्मुनि, 26 सितंबर को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ऊखीमठ में विशेषज्ञ हेल्थ कैंप का आयोजन किया जाएगा।

    राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर के सहयोग से आयोजित विशेषज्ञ हेल्थ मेले में डाॅ. लक्ष्मण के नेतृत्व में विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा स्वास्थ्य सेवाएं दी गई, जिसमें सामान्य सर्जरी के 9, फिजीशियन द्वारा 52, बाल रोग के 07, स्त्री एवं प्रसूती रोग के 06, नेत्र रोग के 21, नाक, कान गला रोग के 11, मनोरोग विशेषज्ञ के 02, अस्थि रोग के 25 मरीजों की जांच की गई, 03 रक्तदाताओं द्वारा रक्तदान किया गया, जबकि 36 का रक्तदान हेतु पंजीकरण किया गया।

    इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष भारत भूषण भट्ट, भाजपा नेता वाचस्पति सेमवाल, प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डाॅ. खुशपाल, पैथोलॉजिस्ट डाॅ. मनीष, फार्मेसी अधिकारी शशि भूषण गौड़, ब्लाक लेखा प्रबंधक सुधीर शुक्ला, डीईओ हेमंत नौटियाल, लैब टैक्नीशियन आशुतोष नेगी आदि मौजूद रहे।

  • रुद्रप्रयाग : जिलाधिकारी ने बाल विवाह रोकथाम व बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ कार्यक्रमों की समीक्षा की

    रुद्रप्रयाग : जिलाधिकारी ने बाल विवाह रोकथाम व बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ कार्यक्रमों की समीक्षा की

    रुद्रप्रयाग: महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा मिशन वात्सल्य योजनांतर्गत जारी मार्गदर्शिका के अनुसार, जिला मजिस्ट्रेट प्रतीक जैन की अध्यक्षता में जिला बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति की त्रैमासिक बैठक आज जिला कार्यालय स्थित एनआईसी कक्ष में आयोजित की गई। बैठक में किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम 2015 की धारा 27(8) के अंतर्गत समिति के कार्यों का पुनर्विलोकन किया गया।

    बैठक में जिलाधिकारी ने जनपद में बाल विवाह रोकथाम हेतु की गई कार्रवाई तथा बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान के अंतर्गत आयोजित कार्यक्रमों की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि जखोली और ऊखीमठ ब्लॉकों को केंद्र में रखकर विशेष जन-जागरूकता कार्यक्रमों की कार्ययोजना बनाई जाए जिससे बाल अपराधों में कमी आए साथ ही, जिलाधिकारी ने जनपद में पोक्सो एक्ट के अंतर्गत दर्ज मामलों की विस्तृत जानकारी ली गई। जिलाधिकारी ने किशोर न्याय बोर्ड तथा चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर की भी समीक्षा की। अधिकारियों ने अवगत कराया कि यह हेल्पलाइन विकास भवन से 24×7 संचालित हो रही है तथा अप्रैल माह से अब तक इसमें 113 कॉल प्राप्त हुई हैं, जिनमें प्रमुख रूप से मिसिंग चाइल्ड, छात्रवृत्ति, छेड़खानी, बाल विवाह एवं मारपीट जैसी शिकायतें दर्ज की गई हैं।

    बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि मिशन वात्सल्य योजना के अंतर्गत ल जनपद रुद्रप्रयाग में 208 बच्चों को लाभान्वित किया जा रहा है।

    बैठक में यह भी साझा किया गया कि जिला बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति द्वारा बाल विवाह की शिकायतों पर मौके पर पहुँचकर विवाह रुकवाए गए तथा बच्चों एवं उनके माता-पिता को इस संबंध में जागरूक किया गया, वहीं मिसिंग चाइल्ड से संबंधित मामलों में परिजनों की सहायता कर बच्चों को सुरक्षित वापस लाने की कार्यवाही की गई। समिति ने छेड़खानी एवं शोषण जैसे मामलों में संबंधित थाना एवं पुलिस प्रशासन के साथ समन्वय कर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की। इसके अतिरिक्त, जरूरतमंद बच्चों को अस्थायी आश्रय गृहों एवं शेल्टर होम्स में स्थानांतरित कर आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया गया। इसके अतिरिक्त समिति के समक्ष पेश किए गए बच्चों का संज्ञान लेकर उनकी सुरक्षा, संरक्षण एवं भलाई हेतु जांच की गई, व्यक्तिगत देखरेख योजना के आधार पर संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों के पुनर्वास या प्रत्यावर्तन की व्यवस्था की गई तथा अनाथ, परित्यक्त बच्चों को समुचित जांच के बाद दत्तक ग्रहण हेतु वैध रूप से स्वतंत्र घोषित किया गया है। बच्चों की आयु, लिंग, अक्षमता एवं संस्था की उपलब्ध क्षमता के अनुसार उपयुक्त पंजीकृत संस्थाओं का चयन किया गया तथा लैंगिक शोषण के शिकार बच्चों के पुनर्वास हेतु पोक्सो एक्ट व विशेष किशोर पुलिस इकाई के साथ समन्वय कर कार्रवाई की गई है।
    माता-पिता द्वारा परित्याग की स्थिति में परिजनों को पुनर्विचार का अवसर देते हुए परिवार को साथ रखने के प्रयास किए गए एवं परित्यक्त या खोए हुए बच्चों को उनके परिवार में सुरक्षित प्रत्यावर्तित करने के लिए सम्यक प्रक्रिया का पालन किया गया।

    बैठक में जिला प्रोबेशन अधिकारी/जिला बाल संरक्षण अधिकारी अखिलेश मिश्रा, प्रभारी सीडीओ एवं मुख्य कृषि अधिकारी लोकेन्द्र बिष्ट, पुलिस उपाधीक्षक प्रबोद घिल्डियाल, जिला समाज कल्याण अधिकारी टी. आर. मलेठा सहित बाल कल्याण समिति के सदस्य, समाजसेवी एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

  • उत्तराखंड प्रीमियर लीग सीजन-2 का शेड्यूल घोषित, 23 सितंबर से 5 अक्टूबर तक दून स्टेडियम में गूंजेगा क्रिकेट का महाकुंभ

    उत्तराखंड प्रीमियर लीग सीजन-2 का शेड्यूल घोषित, 23 सितंबर से 5 अक्टूबर तक दून स्टेडियम में गूंजेगा क्रिकेट का महाकुंभ

    देहरादून: क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड (सीएयू) और स्पार्क स्पोर्ट्स एंड एंटरटेनमेंट ने रविवार को उत्तराखंड प्रीमियर लीग (UPL) सीजन-2 का शेड्यूल जारी कर दिया। टूनमिंट 23 सितंबर से 5 अक्टूबर तक राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम, देहरादून में खेला जाएगा।

    इस बार सात पुरुष और चार महिला टीमें मैदान में उतरेंगी। महिलाओं का मुकाबला 23 से 26 सितंबर तक राउंड-रॉबिन फॉर्मेट में होगा, जिसका फाइनल 26 सितंबर को होगा। ओपनिंग मैच में मसूरी थंडर्स का सामना पिथौरागढ़ हरिकेन्स से होगा।

    पुरुषों का टूनमिंट 27 सितंबर से शुरू होगा, जिसमें 21 लीग मैच, एक एलिमिनेटर और फाइनल शामिल हैं। उद्घाटन मैच गत विजेता यूएसएन इंडियंस और देहरादून वारियर्स के बीच खेला जाएगा। फाइनल 5 अक्टूबर को होगा।

    दो हफ्ते चलने वाली इस क्रिकेटी जंग में आकाश माधवाल और जे सुथित जैसे सितारे चमक बिखेरेंगे। कुल 30 मैचों के साथ यह आयोजन उत्तराखंड के क्रिकेट और संस्कृति का सबसे बड़ा त्योहार साबित होगा।
    तारीख मैच नंबर समय टीमें
    23-09-25 1 3:00 PM मसूरी थंडर्स vs पिथौरागढ़ हरिकेन्स
    23-09-25 2 7:30 PM टिहरी क्वींस vs हरिद्वार स्टॉर्म
    24-09-25 3 3:00 PM पिथौरागढ़ हरिकेन्स vs टिहरी क्वींस
    24-09-25 4 7:30 PM हरिद्वार स्टॉर्म vs मसूरी थंडर्स
    25-09-25 5 3:00 PM पिथौरागढ़ हरिकेन्स vs हरिद्वार स्टॉर्म
    25-09-25 6 7:30 PM मसूरी थंडर्स vs टिहरी क्वींस
    26-09-25 फाइनल 3:00 PM 1st vs 2nd स्थान टीम
    पुरुषों के टूर्नामेंट फिक्स्चर:
    पुरुष प्रतियोगिता 27 सितंबर से शुरू होगी, जिसमें 21 लीग मैच होंगे। इसके बाद एक एलिमिनेटर और फाइनल मुकाबला आयोजित किया जाएगा। गत विजेता यूएसएन इंडियंस का मुकाबला ओपनिंग मैच में देहरादून वारियर्स से होगा।
    तारीख मैच नंबर समय टीमें
    27-09-2025 1 11:00 AM यूएसएन इंडियंस vs देहरादून वारियर्स
    27-09-2025 2 3:00 PM टिहरी टाइटंस vs ऋषिकेश फाल्कन्स
    27-09-2025 3 7:30 PM हरिद्वार एल्मास vs पिथौरागढ़ हरिकेन्स
    28-09-2025 4 11:00 AM नैनीताल टाइगर्स vs ऋषिकेश फाल्कन्स
    28-09-2025 5 3:00 PM हरिद्वार एल्मास vs देहरादून वारियर्स
    29-09-2025 6 11:00 AM टिहरी टाइटंस vs यूएसएन इंडियंस
    29-09-2025 7 3:00 PM पिथौरागढ़ हरिकेन्स vs नैनीताल टाइगर्स
    29-09-2025 8 7:30 PM ऋषिकेश फाल्कन्स vs हरिद्वार एल्मास
    30-09-2025 9 11:00 AM देहरादून वारियर्स vs पिथौरागढ़ हरिकेन्स
    30-09-2025 10 3:00 PM नैनीताल टाइगर्स vs टिहरी टाइटंस
    30-09-2025 11 7:30 PM यूएसएन इंडियंस vs ऋषिकेश फाल्कन्स
    01-10-2025 12 11:00 AM टिहरी टाइटंस vs पिथौरागढ़ हरिकेन्स
    01-10-2025 13 3:00 PM हरिद्वार एल्मास vs यूएसएन इंडियंस
    01-10-2025 14 7:30 PM देहरादून वारियर्स vs नैनीताल टाइगर्स
    02-10-2025 15 11:00 AM हरिद्वार एल्मास vs नैनीताल टाइगर्स
    02-10-2025 16 3:00 PM पिथौरागढ़ हरिकेन्स vs यूएसएन इंडियंस
    02-10-2025 17 7:30 PM देहरादून वारियर्स vs टिहरी टाइटंस
    03-10-2025 18 11:00 AM हरिद्वार एल्मास vs टिहरी टाइटंस
    03-10-2025 19 3:00 PM देहरादून वारियर्स vs ऋषिकेश फाल्कन्स
    03-10-2025 20 7:30 PM नैनीताल टाइगर्स vs यूएसएन इंडियंस
    04-10-2025 21 11:00 AM पिथौरागढ़ हरिकेन्स vs ऋषिकेश फाल्कन्स
    04-10-2025 एलिमिनेटर 7:30 PM 2nd vs 3rd स्थान टीमें
    05-10-2025 फाइनल 7:30 PM 1st स्थान टीम vs एलिमिनेटर विजेता
    प्रतियोगिता का प्रारूप:
    • महिलाओं का फाइनल लीग स्टेज के टॉप दो स्थान वाली टीमों के बीच खेला जाएगा
    • पुरुषों का एलिमिनेटर लीग स्टेज के 2nd और 3rd स्थान की टीमों के बीच होगा
    • पुरुषों का फाइनल 1st स्थान टीम और एलिमिनेटर विजेता के बीच होगा
    • सभी मैच राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम, देहरादून में होंगे
    कुल 30 मैचों के साथ, दर्शकों को दो सप्ताह तक उच्च स्तरीय क्रिकेट देखने का मौका मिलेगा।

  • किस कार्यक्रम में शिखा मंत्री ने किया प्रतिभाग, हुआ समझौता ज्ञापन

    किस कार्यक्रम में शिखा मंत्री ने किया प्रतिभाग, हुआ समझौता ज्ञापन

    देहरादून- पेसल वीड कॉलेज ऑफ इन्फॉरमेशन टैक्नोलोजी, देहरादून में उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय के अध्ययन केंद्र बनाये जाने हेतु, उत्तराखण्ड के शिक्षा मंत्री माननीय डॉ. धन सिंह रावत जी की उपस्थिति में, उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. नवीन चन्द्र लोहानी एवं रजिस्ट्रार डॉ. खेमराज भट्ट तथा पेसल वीड कॉलेज के अध्यक्ष डॉ. प्रेम कश्यप जी ने समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। इस कार्यक्रम के शुभारम्भ में माननीय शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, कुलपति (यू.ओ.यू.) डॉ. नवीन चन्द्र लोहानी, कुलसचिव (यू.ओ.यू.) डॉ. खेमराज भट्ट, पेसल वीड कॉलेज के अध्यक्ष डॉ. प्रेम कश्यप, सचिव श्री आकाश कश्यप, प्रबन्धन समिति के सदस्य श्री विनोद शर्मा तथा मेजर जनरल श्री शम्मी सबरवाल, श्रीमती किरन कश्यप, राशि कश्यप तथा पेसल वीड कॉलेज की प्राचार्या डॉ. अनिता वर्मा जी के द्वारा दीप प्रज्वलन से किया गया। तत्पश्चात छात्रों द्वारा रंगारंग कार्यक्रम की प्रस्तुति की गयी। सभी अतिथिगणों को महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. अनिता वर्मा द्वारा पुष्पगुच्छ एवं शॉल प्रदान कर स्वागत किया गया।

    उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. नवीन चन्द्र लोहानी जी ने कहा कि मुझे विश्वास है कि पेसल वीड कॉलेज एक महत्त्वपूर्ण अध्ययन केंद्र के रूप में कार्य करेगा क्योंकि पेसल वीड कॉलेज का वर्तमान शिक्षा के क्षेत्र में महत्त्वपूर्ण योगदान एवं स्थान रहा है। अतः यह उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय से जुड़कर एक विशिष्ट स्थान प्राप्त करेगा।

    शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि जिस राज्य में आदर्श शिक्षक होते हैं उस राज्य का विकास बहुत तेजी से होता है। उच्च शिक्षा के क्षेत्र में उत्तराखण्ड बहुत तेजी से आगे बढ़ रहा है। भारत के 100 विश्वविद्यालयों की रैकिंग में से 8 विश्वविद्यालय उत्तराखण्ड के हैं और हमें उम्मीद है कि उत्तराखण्ड राज्य शीघ्र ही शत प्रतिशत शिक्षित राज्य की श्रेणी में आ जायेगा।

    कार्यक्रम के अन्त में सभी अतिथियों को डॉ. प्रेम कश्यप जी द्वारा स्मृति चिह्न प्रदान किए गये और कार्यक्रम राष्ट्रगान के साथ सम्पन्न हुआ।

  • नन्हीं परी मामले में पुनर्विचार याचिका दायर करेगी सरकार – मुख्यमंत्री

    नन्हीं परी मामले में पुनर्विचार याचिका दायर करेगी सरकार – मुख्यमंत्री

    वर्ष 2014 में काठगोदाम में मूल रूप से पिथौरागढ़ निवासी सात वर्षीय बच्ची नन्ही परी के साथ हुई दरिंदगी के मामले में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।

    इस मामले में आरोपित को सुप्रीम कोर्ट से दोषमुक्त किए जाने का संज्ञान लेते हुए, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रदेश की बेटियों के साथ दरिंदगी करने वालों को सजा दिलाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है।

    इस मामले में आरोपित को लोअर कोर्ट और हाईकोर्ट से सजा हो चुकी थी, लेकिन अब किन्हीं कारण से सुप्रीम कोर्ट से आरोपित बरी हो चुका है। इसलिए न्याय विभाग को इस प्रकरण में सुप्रीम कोर्ट के समक्ष पुनर्विचार याचिका दाखिल करते हुए, मजबूत पैरवी के साथ सजा सुनिश्चित कराए जाने के निर्देश दिए हैं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार इस केस को मजबूती से लड़ेगी, इसमें अच्छी से अच्छी लीगल टीम को लगाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि में इस तरह के कुकृत्य करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। न्याय की इस लड़ाई में सरकार पूरी तरह पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि ऐसे असामाजिक तत्वों की पहचान के लिए सरकार लगातार प्रदेश में सत्यापन अभियान चला रही है। सरकार देवभूमि की अस्मिता पर कोई चोट नहीं पहुंचने देगी।

  • मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने  मसूरी रोड एवं किमाड़ी क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मसूरी रोड एवं किमाड़ी क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को राज्य आपदा परिचालन केंद्र से प्रदेशभर में हुई अतिवृष्टि की समीक्षा करने के बाद मसूरी रोड एवं किमाड़ी क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया।

    राहत कार्यों के निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मुख्य सड़कों की शीघ्र मरम्मत करते हुए यातायात सामान्य बनाया जाए तथा आवश्यकतानुसार लोगों के आवागमन हेतु वैकल्पिक व्यवस्थाएं तत्काल प्रभाव से सुनिश्चित की जाएं।

    मुख्यमंत्री धामी ने निर्देश दिए कि प्रभावित क्षेत्रों में जनजीवन को शीघ्र सामान्य करने के लिए सभी संबंधित विभाग युद्धस्तर पर कार्य करें। सभी प्रभावित परिवारों को आपदा मानकों के अनुसार त्वरित आर्थिक सहायता एवं मूलभूत सेवाएँ उपलब्ध कराई जाएं। निरंतर हो रही वर्षा के दृष्टिगत मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि जिन क्षेत्रों में आवागमन अवरुद्ध हुआ है, वहाँ प्राथमिकता के आधार पर वैकल्पिक मार्ग एवं राहत शिविर स्थापित किए जाएं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार आपदा की इस घड़ी में पूरी संवेदनशीलता के साथ आपदा पीड़ितों के साथ खड़ी है और प्रभावित क्षेत्रों में जनजीवन को जल्द से जल्द सामान्य बनाने के लिए सभी संभव प्रयास किये जा रहे हैं।

    इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, उपाध्यक्ष आपदा प्रबंधन सलाहकार समिति विनय रोहिल्ला, गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पांडेय, जिलाधिकारी देहरादून सविन बंसल, एसएसपी अजय सिंह और जिला प्रशासन के अधिकारी मौजूद थे।