Category: उत्तराखंड

  • उत्तराखंड प्रीमियर लीग सीजन-2 का शेड्यूल घोषित, 23 सितंबर से 5 अक्टूबर तक दून स्टेडियम में गूंजेगा क्रिकेट का महाकुंभ

    उत्तराखंड प्रीमियर लीग सीजन-2 का शेड्यूल घोषित, 23 सितंबर से 5 अक्टूबर तक दून स्टेडियम में गूंजेगा क्रिकेट का महाकुंभ

    देहरादून: क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड (सीएयू) और स्पार्क स्पोर्ट्स एंड एंटरटेनमेंट ने रविवार को उत्तराखंड प्रीमियर लीग (UPL) सीजन-2 का शेड्यूल जारी कर दिया। टूनमिंट 23 सितंबर से 5 अक्टूबर तक राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम, देहरादून में खेला जाएगा।

    इस बार सात पुरुष और चार महिला टीमें मैदान में उतरेंगी। महिलाओं का मुकाबला 23 से 26 सितंबर तक राउंड-रॉबिन फॉर्मेट में होगा, जिसका फाइनल 26 सितंबर को होगा। ओपनिंग मैच में मसूरी थंडर्स का सामना पिथौरागढ़ हरिकेन्स से होगा।

    पुरुषों का टूनमिंट 27 सितंबर से शुरू होगा, जिसमें 21 लीग मैच, एक एलिमिनेटर और फाइनल शामिल हैं। उद्घाटन मैच गत विजेता यूएसएन इंडियंस और देहरादून वारियर्स के बीच खेला जाएगा। फाइनल 5 अक्टूबर को होगा।

    दो हफ्ते चलने वाली इस क्रिकेटी जंग में आकाश माधवाल और जे सुथित जैसे सितारे चमक बिखेरेंगे। कुल 30 मैचों के साथ यह आयोजन उत्तराखंड के क्रिकेट और संस्कृति का सबसे बड़ा त्योहार साबित होगा।
    तारीख मैच नंबर समय टीमें
    23-09-25 1 3:00 PM मसूरी थंडर्स vs पिथौरागढ़ हरिकेन्स
    23-09-25 2 7:30 PM टिहरी क्वींस vs हरिद्वार स्टॉर्म
    24-09-25 3 3:00 PM पिथौरागढ़ हरिकेन्स vs टिहरी क्वींस
    24-09-25 4 7:30 PM हरिद्वार स्टॉर्म vs मसूरी थंडर्स
    25-09-25 5 3:00 PM पिथौरागढ़ हरिकेन्स vs हरिद्वार स्टॉर्म
    25-09-25 6 7:30 PM मसूरी थंडर्स vs टिहरी क्वींस
    26-09-25 फाइनल 3:00 PM 1st vs 2nd स्थान टीम
    पुरुषों के टूर्नामेंट फिक्स्चर:
    पुरुष प्रतियोगिता 27 सितंबर से शुरू होगी, जिसमें 21 लीग मैच होंगे। इसके बाद एक एलिमिनेटर और फाइनल मुकाबला आयोजित किया जाएगा। गत विजेता यूएसएन इंडियंस का मुकाबला ओपनिंग मैच में देहरादून वारियर्स से होगा।
    तारीख मैच नंबर समय टीमें
    27-09-2025 1 11:00 AM यूएसएन इंडियंस vs देहरादून वारियर्स
    27-09-2025 2 3:00 PM टिहरी टाइटंस vs ऋषिकेश फाल्कन्स
    27-09-2025 3 7:30 PM हरिद्वार एल्मास vs पिथौरागढ़ हरिकेन्स
    28-09-2025 4 11:00 AM नैनीताल टाइगर्स vs ऋषिकेश फाल्कन्स
    28-09-2025 5 3:00 PM हरिद्वार एल्मास vs देहरादून वारियर्स
    29-09-2025 6 11:00 AM टिहरी टाइटंस vs यूएसएन इंडियंस
    29-09-2025 7 3:00 PM पिथौरागढ़ हरिकेन्स vs नैनीताल टाइगर्स
    29-09-2025 8 7:30 PM ऋषिकेश फाल्कन्स vs हरिद्वार एल्मास
    30-09-2025 9 11:00 AM देहरादून वारियर्स vs पिथौरागढ़ हरिकेन्स
    30-09-2025 10 3:00 PM नैनीताल टाइगर्स vs टिहरी टाइटंस
    30-09-2025 11 7:30 PM यूएसएन इंडियंस vs ऋषिकेश फाल्कन्स
    01-10-2025 12 11:00 AM टिहरी टाइटंस vs पिथौरागढ़ हरिकेन्स
    01-10-2025 13 3:00 PM हरिद्वार एल्मास vs यूएसएन इंडियंस
    01-10-2025 14 7:30 PM देहरादून वारियर्स vs नैनीताल टाइगर्स
    02-10-2025 15 11:00 AM हरिद्वार एल्मास vs नैनीताल टाइगर्स
    02-10-2025 16 3:00 PM पिथौरागढ़ हरिकेन्स vs यूएसएन इंडियंस
    02-10-2025 17 7:30 PM देहरादून वारियर्स vs टिहरी टाइटंस
    03-10-2025 18 11:00 AM हरिद्वार एल्मास vs टिहरी टाइटंस
    03-10-2025 19 3:00 PM देहरादून वारियर्स vs ऋषिकेश फाल्कन्स
    03-10-2025 20 7:30 PM नैनीताल टाइगर्स vs यूएसएन इंडियंस
    04-10-2025 21 11:00 AM पिथौरागढ़ हरिकेन्स vs ऋषिकेश फाल्कन्स
    04-10-2025 एलिमिनेटर 7:30 PM 2nd vs 3rd स्थान टीमें
    05-10-2025 फाइनल 7:30 PM 1st स्थान टीम vs एलिमिनेटर विजेता
    प्रतियोगिता का प्रारूप:
    • महिलाओं का फाइनल लीग स्टेज के टॉप दो स्थान वाली टीमों के बीच खेला जाएगा
    • पुरुषों का एलिमिनेटर लीग स्टेज के 2nd और 3rd स्थान की टीमों के बीच होगा
    • पुरुषों का फाइनल 1st स्थान टीम और एलिमिनेटर विजेता के बीच होगा
    • सभी मैच राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम, देहरादून में होंगे
    कुल 30 मैचों के साथ, दर्शकों को दो सप्ताह तक उच्च स्तरीय क्रिकेट देखने का मौका मिलेगा।

  • रुद्रप्रयाग: ग्रामोत्थान परियोजना अंतर्गत सहकारिताओं ने मनाया स्वच्छता ही सेवा पखवाड़ा

    रुद्रप्रयाग: ग्रामोत्थान परियोजना अंतर्गत सहकारिताओं ने मनाया स्वच्छता ही सेवा पखवाड़ा

    रुद्रप्रयाग: ग्रामोत्थान परियोजना के अंतर्गत ब्लॉक अगस्त्यमुनि, जखोली और उखीमठ के सभी क्लस्टर लेवल फेडरेशनों के सदस्यों एवं पदाधिकारियों ने स्वच्छता ही सेवा पखवाड़े के तहत विविध कार्यक्रम आयोजित किए। इस दौरान जनजागरूकता रैली, स्वच्छता शपथ और सफाई अभियान चलाकर ग्रामीणों को स्वच्छता के प्रति प्रेरित किया गया।

    कार्यक्रम में स्वयं सहायता समूहों और ग्राम संगठन स्तर की महिलाओं ने बढ़-चढ़कर भागीदारी की। महिलाओं ने घरों, आंगन, गलियों के साथ-साथ सहकारिताओं के आसपास भी सफाई अभियान चलाया। इससे न केवल साफ-सफाई का संदेश गया बल्कि सामूहिक श्रमदान की भावना भी देखने को मिली।

    इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि स्वच्छता ही स्वस्थ और समृद्ध समाज की आधारशिला है। ग्रामीण स्तर पर चलाए जा रहे ऐसे अभियान न केवल गंदगी दूर करने का माध्यम हैं, बल्कि लोगों को स्वास्थ्य, स्वच्छ पर्यावरण और सामाजिक एकजुटता के महत्व का भी बोध कराते हैं।

    उन्नति स्वायत सहकारिता की अध्यक्षा राधा देवी ने बताया कि इस तरह की पहल से महिलाओं में जागरूकता के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को बल मिलेगा। समाज की आधी आबादी जब इस मुहिम में जुड़ती है, तो इसका प्रभाव और भी व्यापक होता है।

  • सचिव शैलेष बगोली ने आपदा से क्षतिग्रस्त पेयजल लाइनों को जल्द से जल्द दुरुस्त करने के निर्देश दिए

    सचिव शैलेष बगोली ने आपदा से क्षतिग्रस्त पेयजल लाइनों को जल्द से जल्द दुरुस्त करने के निर्देश दिए

    सचिव पेयजल एवं स्वच्छता विभाग शैलेश बगोली ने विभागीय अधिकारियों के साथ बीजापुर, बांदल, केसरवाला, पुरकुल एवं शहंशाही हैड तथा इनसे जुड़ी क्षतिग्रस्त पाइपलाइनों का निरीक्षण किया और पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को जल्द से जल्द दुरुस्त करने के निर्देश दिए।

    ज्ञात हो कि 16 सितम्बर को आई आपदा से इन स्रोतों की आपूर्ति बाधित हो गई थी, जिसके चलते डी.एल. रोड, करनपुर, कालीदास रोड, न्यू कैंट रोड, राजपुर, चुक्खूवाला, लोअर रायपुर, किदूवाला, पुरकुल गांव, सलोनी गांव, जाखन, विजयनगर, ढाकपट्टी आदि क्षेत्रों की लगभग 2.35 लाख की आबादी प्रभावित हुई है।

    सचिव ने निर्देश दिए कि बीजापुर, बांदल एवं केसरवाला हैड से आपूर्ति व्यवस्था 17 सितम्बर की सांय तक अस्थायी रूप से शुरू कर दी जाए। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि 18 सितम्बर की प्रातः तक लगभग 1.35 लाख लोगों को पेयजल आपूर्ति मिल जाएगी, जबकि शेष स्रोतों का कार्य 18 सितम्बर की सांय तक पूर्ण कर लिया जाएगा। इसके बाद 19 सितम्बर की प्रातः तक शेष 1 लाख लोगों को भी जलापूर्ति सुनिश्चित कर दी जाएगी।

    पेयजल से संबंधित किसी भी शिकायत के लिए विभागीय कंट्रोल रूम नंबर 18001804100 एवं हेल्पलाइन 1916 जारी किए गए हैं।

  • सुरक्षित स्थानों में किराए पर शिफ्ट होने के लिए प्रभावित प्रति परिवार को मिलेंगे 4-4 हजार प्रतिमाह

    सुरक्षित स्थानों में किराए पर शिफ्ट होने के लिए प्रभावित प्रति परिवार को मिलेंगे 4-4 हजार प्रतिमाह

    देहरादून: जनपद में बीते दिवस रात्रि में अतिवृष्टि से आई भीषण आपदा जहां राज्य सहित जिले के सभी हिस्से प्रभावित हुए। आपदा की सूचना मिलते ही जहां जिलाधिकारी सविन बसंल ने रात्रि में आईआरएस सिस्टम से जुड़े अधिकारियों को घटना स्थल की ओर रवाना किया वहीं स्वयं रात्रि में चल रहे आपदा राहत कार्यों की माॅनिटिरिंग करते हुए पल-पल की स्थिति की जानकारी लेते रहे तथा अधिकारियों दिशा-निर्देश जारी किए।

    जिले में भारी वर्षा की चेतावनी के दृष्टिगत पूरा प्रशासन अलर्ट मोड पर तथा 15 की रात्रि पूरी रात नही सोया प्रशासनिक अमला; डीएम अधिकारियों से फीडबैक प्राप्त करते रहे। आपदा की सूचना मिलते ही मजिस्टेªट आईआरएस से जुड़े विभागों के अधिकारी/कार्मिक, फोर्स रात्रि में ही उपकरणों सहित आपदा स्थल को रवाना हो गए थे।

    जिलाधिकारी व एसएसपी लगभग 8 किमी पैदल दूरी नाप, प्रभावितों तक पुंहुचे तथा आपदा से सम्पर्क विहीन हुए कार्लीगाड में 24 घंटे से फसे 70 लोगों को फोर्स के माध्यम से करवाया रेस्क्यू; सुरक्षित स्थान पर किया शिफ्ट करवाया गया। इस भीषण आपदा प्रभावित क्षेत्र में डीएम एसएसपी ग्राउंड जीरो पर डटे रहे तथा दोनों तरफ से कट आॅफ हुए कार्लीगाड में फंसे लोगों रेस्क्यू करवाया।

    जिलाधिकारी ने कहा कि आपदा; मुसीबत या अनहोनी को न्यून करना जिला प्रशासन का दायित्व है तथा वह इसके लिए प्रतिबद्ध हैं। डीएम ने आपदा पीड़ितो से राहत शिविर में मिलकर ढांढस बंधाया तथा प्रभावितों हर संभव सहायता को भरोसा दिलाया। सुरक्षित स्थानों में किराए पर शिफ्ट होने के लिए प्रभावित प्रति परिवार को जिला प्रशासन 4-4 हजार रू0 की धनराशि प्रतिमाह देगा।

    एयरपोर्ट पर मा लोकसभा अध्यक्ष को रिसीव करने की प्रोटोकाॅल ड्यूटी उपरान्त जिलाधिकारी ने आपदा कंट्रोलरूम पहुंच आपदा रेस्क्यू रिलीफ ऑपरेशन का-ऑर्डिनेट करते हुए समस्त एसडीएम, तहसीलदारों एवं रेस्क्यू में लगी फोर्स को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए। इसके उपरान्त जिलाधिकारी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सीधे आपदाग्रस्त क्षेत्र कार्लीगाड, मजाड़ सहस्त्रधारा की ओर रवाना हुए तथा सहस्त्रधारा से लगभग 8 किमी पैदल चल मजाड़ गांव पंहुचे जहां जानमाल का नुकसान हुआ।

    वहीं दोनों तरफ से सम्पर्क मार्ग एवं आवाजाही से अवरूद्ध हुए कार्लीगाड गांव में फंसे परिवारों एवं 70 लोगो को फोर्स के माध्यम से रेस्क्यू कराया तथा उन्हे सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किया। जहां डीएम के निर्देश पर उप जिलाधिकारी हरिगिरि तड़के से तैनात थे तथा रेस्क्यू कार्य संचालन करवा रहे थे सहस्त्रधारा में उप जिलाधिकारी कुमकुम जोशी रात्रि से ही राहत बचाव कार्य संचालन करवा रहे थे तथा जिलाधिकारी को पल-पल की स्थिति की जानकारी देते हुए निर्देश प्राप्त कर रहे थे।

    जिला प्रशासन द्वारा आपदा प्रभावितों के लिए सुरक्षित स्थान चिन्हित करते हुए 5 होटल वाईब्स लाईन, आईसबर्ग, हेली रिसार्ट एण्ड रेस्टोरेंट, होटल हिल व्यू, पर्ल इन अधिग्रहित करते हुए 10 कार्मिकों को भी तैनात किया गया है, तथा जिला पर्यटन विकास अधिकारी को नोडल तथा सहायक खण्ड विकास अधिकारी रायपुर को सहायक नोडल अधिकारी बनाया गया है। शविर में प्रभावित लोगों से मिलते हुए जिलाधिकारी ने उन्हें हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। जिलाधिकारी ने कहा कि प्रभावित परिवार यदि सुरक्षित स्थानों पर किराए में शिफ्ट होना चाहते है तो उनको प्रति परिवार तीन माह तक 4-4 हजार किराया भी दिया जाएगा।

    जिलाधिकारी ने सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देशित किया कि राहत सामग्री वितरण, मार्गों की सुगमता तथा आवश्यक संसाधनों की आपूर्ति में कोई बाधा न आने पाए। साथ ही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था एवं यातायात नियंत्रण हेतु पुलिस बल को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

  • चमोली स्थित आदर्श ग्राम सारकोट में मुख्यमंत्री का जन्मदिन सादगीपूर्ण तरीके से मनाया गया

    चमोली स्थित आदर्श ग्राम सारकोट में मुख्यमंत्री का जन्मदिन सादगीपूर्ण तरीके से मनाया गया

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा गोद लिए गए चमोली स्थित आदर्श ग्राम सारकोट में मुख्यमंत्री का जन्मदिन सादगीपूर्ण तरीके से मनाया गया। सारकोट के ग्रामवासियों ने ग्राम प्रधान सुश्री प्रियंका नेगी के नेतृत्व में एक स्थान पर एकत्र होकर भजन कीर्तन, एवं ग्राम देवता के मंदिर में पूजा अर्चना कर मुख्यमंत्री की दीर्घायु की कामना की।

    बड़ी संख्या में उपस्थित महिलाओं ने कहा कि मुख्यमंत्री के सारकोट गांव गोद लेने के बाद यहां की तस्वीर बदली है। उन्होंने कहा गांव में स्थानीय स्तर पर ही रोजगार के द्वार खुले हैं। महिलाओं ने मुख्यमंत्री को अपना भाई बताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने एक भाई, बेटे के रूप में सारकोट ग्राम की सेवा की है, जिसके लिए ग्रामवासी उनके आभारी हैं।

    प्रदेश के अन्य स्थानों पर भी मुख्यमंत्री के जन्मदिवस पर सेवा एवं जनकल्याण के कार्यक्रम सादगीपूर्ण तरीके से आयोजित किए गए। विभिन्न जिलों में आमजन ने जरूरतमंदों की सेवा, स्वच्छता अभियान, पौधारोपण, रक्तदान शिविर जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से मुख्यमंत्री की दीर्घायु और उत्तम स्वास्थ्य की प्रार्थना की।

  • चमोली स्थित आदर्श ग्राम सारकोट में मुख्यमंत्री का जन्मदिन सादगीपूर्ण तरीके से मनाया गया

    चमोली स्थित आदर्श ग्राम सारकोट में मुख्यमंत्री का जन्मदिन सादगीपूर्ण तरीके से मनाया गया

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा गोद लिए गए चमोली स्थित आदर्श ग्राम सारकोट में मुख्यमंत्री का जन्मदिन सादगीपूर्ण तरीके से मनाया गया। सारकोट के ग्रामवासियों ने ग्राम प्रधान सुश्री प्रियंका नेगी के नेतृत्व में एक स्थान पर एकत्र होकर भजन कीर्तन, एवं ग्राम देवता के मंदिर में पूजा अर्चना कर मुख्यमंत्री की दीर्घायु की कामना की।

    बड़ी संख्या में उपस्थित महिलाओं ने कहा कि मुख्यमंत्री के सारकोट गांव गोद लेने के बाद यहां की तस्वीर बदली है। उन्होंने कहा गांव में स्थानीय स्तर पर ही रोजगार के द्वार खुले हैं। महिलाओं ने मुख्यमंत्री को अपना भाई बताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने एक भाई, बेटे के रूप में सारकोट ग्राम की सेवा की है, जिसके लिए ग्रामवासी उनके आभारी हैं।

    प्रदेश के अन्य स्थानों पर भी मुख्यमंत्री के जन्मदिवस पर सेवा एवं जनकल्याण के कार्यक्रम सादगीपूर्ण तरीके से आयोजित किए गए। विभिन्न जिलों में आमजन ने जरूरतमंदों की सेवा, स्वच्छता अभियान, पौधारोपण, रक्तदान शिविर जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से मुख्यमंत्री की दीर्घायु और उत्तम स्वास्थ्य की प्रार्थना की।

  • ऑनलाइन लेबर सेस मैनेजमेंट सिस्टम – उत्तराखंड श्रमायुक्त कार्यालय की ऐतिहासिक पहल

    ऑनलाइन लेबर सेस मैनेजमेंट सिस्टम – उत्तराखंड श्रमायुक्त कार्यालय की ऐतिहासिक पहल

    उत्तराखंड श्रमायुक्त कार्यालय ने ऑनलाइन लेबर सेस मैनेजमेंट सिस्टम सफलतापूर्वक विकसित और लागू किया है, जिसके माध्यम से श्रम कल्याण प्रशासन में पारदर्शिता और दक्षता का एक नया युग प्रारंभ हुआ है।

    अब तक लेबर सेस का आकलन और जमा पूरी तरह ऑफलाइन प्रणाली के माध्यम से होता था, जिससे अक्सर अनियमितताएँ, विभागीय शिथिलता और प्रभावी समीक्षा की कमी देखने को मिलती थी। इस चुनौती को स्वीकार करते हुए उत्तराखंड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड (UKBOCW) ने बिना किसी सरकारी अथवा विभागीय व्यय के एक अभिनव ऑनलाइन समाधान की परिकल्पना की और उसे सफलतापूर्वक क्रियान्वित किया।
    इस पहल का समर्थन करते हुए एचडीएफसी बैंक ने अपने सीएसआर कार्यक्रम के अंतर्गत इस डिजिटल प्लेटफॉर्म को विकसित करने में भागीदारी की। इसका प्रभाव उल्लेखनीय रहा है:
    📈 एक वर्ष में 60% राजस्व वृद्धि
    🏢 10,000 प्रतिष्ठानों का पंजीकरण
    ✅ सेस प्रबंधन में पारदर्शिता, दक्षता और जवाबदेही में अभूतपूर्व सुधार
    इस परियोजना को भारत सरकार के माननीय श्रम एवं रोजगार मंत्री, श्रम एवं रोजगार सचिव तथा संयुक्त सचिव द्वारा व्यापक सराहना मिली है और इसे अन्य राज्यों में लागू करने योग्य मॉडल पहल के रूप में मान्यता दी गई है।

    आज भारत सरकार के संयुक्त सचिव श्री अशुतोष की अध्यक्षता में इसकी राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिकृति (replication) पर चर्चा हेतु बैठक आयोजित की गई। इस क्षेत्र में उत्तराखंड को देश के लिए एक आदर्श राज्य के रूप में उभरने का गौरव प्राप्त हुआ है।
    इस बैठक में उत्तराखंड से श्रमायुक्त श्री पी. सी. डुम्का, परियोजना प्रमुख (UKBOCW) श्रीमती दुर्गा चमोली, तथा एचडीएफसी बैंक के वरिष्ठ अधिकारीगण सक्रिय रूप से सम्मिलित हुए।
    भारत सरकार के नेतृत्व, राज्य नेतृत्व तथा हमारे समर्पित श्रम सचिव का हृदय से आभार, जिनकी दूरदर्शिता और सतत् सहयोग से यह उपलब्धि संभव हो सकी

  • आपदा पीडितों से मिले डीएम, हर संभव मदद का दिया भरोसा, प्रभावित लोगों के साथ प्रशासन हरदम खड़ा

    आपदा पीडितों से मिले डीएम, हर संभव मदद का दिया भरोसा, प्रभावित लोगों के साथ प्रशासन हरदम खड़ा

    देहरादून: जिलाधिकार सविन बंसल ने देहरादून शहर के मालदेवता, सहस्रधारा, मजयाडा, कार्लीगाड आदि आपदा प्रभावित क्षेत्रों में ग्राउंड जीरो पर पहुंच कर मौजूदा स्थिति और क्षति का स्थलीय निरीक्षण किया।

    इस दौरान जिलाधिकारी ने पीड़ित परिवारों से भेंट करते हुए उन्हें हर संभव मदद पहुंचाने का भरोसा दिलाया। निरीक्षण के दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह और सीडीओ अभिनव शाह भी उनके साथ मौजूद रहे।

    जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्याे में तेजी लाए। लोनिवि एवं पीएमजीएसवाई पर्याप्त संख्या में मैनपावर और मशीनरी लगाते हुए अवरूद्व सड़क एवं संपर्क मार्गाे को शीघ्र सुचारू करें।

    प्रभावित क्षेत्रों में ड्राई राशन, राहत शिविर में ठहराए गए लोगों तक फूड पैकेट वितरण सुनिश्चित करते हुए उन्हें हरसंभव सहायता उपलब्ध की जाए। जिलाधिकारी ने प्रभावित क्षेत्रों में बिजली, पानी एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं को तत्काल बहाल करने के निर्देश दिए।

    सोमवार की रात्रि को अतिवृष्टि के कारण देहरादून के विभिन्न क्षेत्रों में जनहानि, पशु हानि, सरकारी एवं निजी संपत्तियों को भारी नुकसान पहुंचा है। सड़क, संपर्क मार्ग, पुल, पुलिया क्षतिग्रस्त होने से जनजीवन बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। जिलाधिकारी ने कहा कि आपदा की इस कठिन घडी में जिला प्रशासन प्रभावित परिवारों के साथ खडा है। प्रभावित लोगों तक मदद पहुंचाने में कोई कोर कसर नही छोड़ी जाएगी।

    आपदा प्रभावित सभी क्षेत्रों में पुलिस, प्रशासन, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ के साथ क्विक रिस्पांस टीमें तैनात की गई है। रेस्क्यू कार्य के लिए जो भी आवश्यकता पड रही है, उस पर तत्काल कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की मदद से कार्लीगाड में फंसे 70 लोगों को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया है। आपदाग्रस्त क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं को जल्द बहाल करने का प्रयास जारी है।

    जिलाधिकारी ने आपदा प्रभावित क्षेत्र सहस्रधारा, मजयाडा, कार्लीगाड में पैदल भ्रमण करते हुए क्षति का निरीक्षण किया। मजयाडा में तीन लोग मलबे में दबे होने और एक व्यक्ति लापता होना बताया गया। यहां पर कुछ आवासीय भवन, आंगनबाड़ी केंद्र, पंचायत भवन, सामुदायिक केंद्र, 13 दुकान, 08 होटल, 03 रेस्टोरेंट सहित सहस्रधारा-कार्लीगाड मोटर मार्ग भूस्खलन के कारण 09 से अधिक स्थानों पर क्षतिग्रस्त हुआ है।

    रा.पूर्व.मा.वि. चामासारी में बनाए गए राहत शिविर में कुछ प्रभावित लोगों को ठहराया गया है। शिविर में प्रभावित लोगों से मिलते हुए जिलाधिकारी ने उन्हें हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। जिलाधिकारी ने कहा कि प्रभावित परिवार यदि सुरक्षित स्थानों पर किराए में शिफ्ट होना चाहते है तो उनको प्रति परिवार तीन माह तक 4-4 हजार किराया भी दिया जाएगा।

    जिला आपदा परिचालन केंद्र से मिली जानकारी के अनुसार देहरादून में अतिवृष्टि के कारण 13 व्यक्तियों की मृत्यु, 03 व्यक्ति घायल और 16 व्यक्ति लापता हुए है। वहीं सरकारी एवं निजी परिसंपत्तियों का भी भारी नुकसान हुआ है। देहरादून जनपद के सभी विकासखंडो में 13 पुल, 10 पुलिया, 02 मकान, 31 दीवार, 02 अमृत सरोवर, 12 खेत, 12 नहर, 21 सड़के, 7 पेयजल योजना, 08 हॉज, 24 पुस्ता आदि परिसंपत्तियों का भारी नुकसान हुआ है।

  • मुख्यमंत्री धामी ने विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर प्रदेशवासियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी

    मुख्यमंत्री धामी ने विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर प्रदेशवासियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर प्रदेशवासियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी है। विश्वकर्मा जयंती की पूर्व संध्या पर जारी अपने संदेश में मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्वकर्मा जयंती न केवल एक धार्मिक अवसर है, बल्कि यह कर्मशीलता, रचनात्मकता और तकनीकी कौशल का उत्सव भी है। विश्वकर्मा जयंती का यह पर्व प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले उद्यमियों, शिल्पियों व श्रमवीरों को सम्मानित करने का भी अवसर है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्वकर्मा जयन्ती हम सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है, जो हमें सिखाता है कि हर रचना, हर निर्माण एक तपस्या है। इस अवसर पर हम सभी को यह संकल्प लेना होगा कि शिल्प, कला, विज्ञान और तकनीक के अधिष्ठाता विश्वकर्मा द्वारा दिखाए गए जनकल्याण के मार्ग को अपनाकर देश एवं उत्तराखण्ड की उन्नति में योगदान देने का प्रयास करें।

  • देव संस्कृति विश्वविद्यालय हरिद्वार द्वारा आयोजित किया गया इण्डियन ए.आई समिट

    देव संस्कृति विश्वविद्यालय हरिद्वार द्वारा आयोजित किया गया इण्डियन ए.आई समिट

    लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला एवं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देव संस्कृति विश्वविद्यालय हरिद्वार द्वारा आयोजित इण्डियन ए.आई समिट में प्रतिभाग किया। कार्यक्रम का शुभारम्भ लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी देव संस्कृति विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति डॉ चिन्मय पण्ड्या एवं अन्य अतिथियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलन कर किया।

    लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि आधुनिक युग में एआई की भूमिका महत्त्वपूर्ण है। आज अनेक क्षेत्र में एआई का उपयोग हो रहा है। एआई का आध्यात्मिक मूल्यों के साथ समावेषन होना चाहिए। एआई के माध्यम पूरी दुनिया तक भारत के ज्ञान, संस्कृति को पहुंचाने की दिशा में सार्थक पहल होनी चाहिए। विज्ञान व अध्यात्म का समन्वय को साथ लेकर चलें। लोकसभा अध्यक्ष ने आशा व्यक्त की कि तकनीकी नवाचार के माध्यम से भावी पीढी सुदृढ हो, इस दिशा में देवसंस्कृति विवि कार्य करेगा।

    मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने आध्यात्मिकता और विज्ञान के बीच समन्वय स्थापित करने के उद्देश्य से आयोजित एआई सम्मेलन का आयोजन करने के लिए देव संस्कृति विश्वविद्यालय और डॉक्टर चिन्मय पांडे का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्राचीन भारतीय संस्कृति में ज्ञान विज्ञान और अध्यात्म का एक अद्वितीय संगम देखने को मिलता है। हमारी सनातन संस्कृति केवल आस्था और विश्वास पर आधारित नहीं है, बल्कि एक गहरी वैज्ञानिक दृष्टिकोण चिंतन और शोध का परिणाम है। हमारी सनातन संस्कृति निश्चित रूप से अपना एक वैशिष्ठय लिए हुए है, यही कारण है कि भारतीय संस्कृति ने विश्व को अनगिनत वैज्ञानिक खोजें दी हैं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि आज विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के साथ साथ एआई भी व्यापक रूप से हमारे जीवन के हर पहलुओं को प्रभावित कर रहा है। एआई तकनीक हमारे दैनिक जीवन को न केवल आसान बना रही है बल्कि उद्योग में, चिकित्सा, शिक्षा, कृषि और अनेक क्षेत्रों में नवाचार की प्रगति का भी प्रमुख कारण बन गई है। यदि हम इस शक्ति का सही दिशा में सही प्रकार से उपयोग करें तो हम अनेकों क्षेत्र में सुधार ला सकते हैं। यदि हम ए.आई की शक्ति का सही दिशा और उद्देश्य के साथ उपयोग करें, तो ये अनेक क्षेत्रों में सुधार लाकर लोगों के जीवन को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

    संयुक्त राष्ट्र द्वारा आस्था एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के लिए स्थापित विशेष आयोग के एशिया क्षेत्र के कमिश्नर डॉ. चिन्मय पंड्या ने कहा कि वर्तमान में एआई केवल तकनीकी क्षेत्र तक सीमित नहीं है बल्कि यह शिक्षा, चिकित्सा, उद्योग और सुरक्षा सहित अनेक क्षेत्रों में क्रांतिकारी परिवर्तन ला रहा है। हालांकि इसके साथ ही नैतिकता, गोपनीयता, डेटा सुरक्षा तथा रोजगार पर इसके प्रभाव को लेकर कई चिंताएँ भी सामने आ रही हैं।

    स्विटजरलैण्ड के इन्टर पार्लियामेंट्री यूनियन के सेक्रेटरी जनरल श्री मार्टिल चुंगोंग ने वीडियो संदेश के माध्यम से एआई की वैश्विक भूमिका को सभी के समक्ष रखा।

    इस अवसर पर भारत सरकार के एआई मिशन के सीईओ डॉ अभिषेक सिंह, रॉबर्ट ट्रैगर, विलियम जोन्स, स्वामी रूपेन्द्र प्रकाश, स्टुअर्ट रसेल, जान टैलिन, नालंदा विवि के कुलपति डॉ सचिन चतुर्वेदी आदि अनेक एआई विशेषज्ञों ने भी अपने विचार साझा किये।

    इस अवसर पर विधायक श्री मदन कौशिक, पूर्व विधायक स्वामी यतीश्वरानंद, जिला पंचायत अध्यक्ष किरण चौधरी, राज्यमंत्री डॉ जयपाल सिंह चौहान, ओम प्रकाश जमदग्नि सुनील सैनी, जिलाध्यक्ष आशुतोष शर्मा, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेंद्र सिंह डोभाल, उपाध्यक्ष एचआरडीए अंशुल सिंह, मुख्य विकास अधिकारी आकांक्षा कोण्डे सहित देव संस्कृति के छात्र छात्राएं मौजूद रहे।