देहरादून। उत्तराखंड की बेरोजगार महिलाओं के लिए बड़ी खबर है, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग उत्तराखण्ड में समूह ‘ग’ के अन्तर्गत स्वास्थ्य कार्यकर्ता (महिला) के 824 रिक्त पदों पर सीधी भर्ती का विज्ञापन प्रकाशित किया है। रिक्तियों की संख्या घट-बढ़ सकती है। विज्ञापन की शर्तानुसार अभ्यर्थी बोर्ड की वेबसाईट www.ukmssb.org पर 24 मार्च 2022 से ऑनलाईन आवेदन पत्र भर सकते हैं।
ऑनलाईन आवेदन भरने तथा आवेदन शुल्क जमा करने की अन्तिम तिथि 13 अप्रैल 2022 (सांय 05.00 बजे तक) तक है। विस्तृत विज्ञापन से सम्बन्धित विवरण बोर्ड की वेबसाइट www.ukmssb.org पर उपलब्ध है। अभ्यर्थी ऑनलाईन आवेदन पत्र भरने से पूर्व विज्ञापन में वर्णित समस्त निर्देशों का भली-भाँति अध्ययन कर लें।
दिन – बुधवार
संवत्सर नाम – राक्षस
युगाब्दः- 5123
विक्रम संवत- 2078
शक संवत -1943
अयन – सौम्य (उत्तरायण)
गोल – याम्य (दक्षिण)
ऋतु – शिशिर
काल (राहु)- दक्षिण दिशा
मास – फाल्गुन
पक्ष – शुक्ल पक्ष
तिथि- त्रयोदशी
नक्षत्र – मघा
योग – धृति
करण- तैतिल
दिशा शूल- उत्तर दिशा में
🌞सूर्योदय- 6:10
🌷आज का व्रत व विशेष:- प्रदोष चतुर्दशी व्रत ।
🌹आने वाला व्रत व विशेष:- होलिका दहन-गुरुवार ।
🌓अर्धप्रहरा:- (दिन के) दिन के 9:03 से 10:32 एवं 12:01 से 1:30 तक।
🌞पाक्षिक सूर्य— पू.भा. नक्षत्र में
🌻🌸 सांस्कृतिक कोश🌸🌻
श्रवण कुमार का मृत्यु राजा दशरथ के हाथ हुई थी।
🌚 राहु काल :- दिन के 12:07 से 01:37 बजे तक।
🌺🌼आज का सुविचार🌼🌺
अच्छे दिनों के प्राप्ति के लिए बुरे दिनों से लड़ना पड़ता है।
16 मार्च का राशिफल—
मेष: जल्दबाजी में कोई निर्णय न लें l कामकाज के लिए दिन अच्छा है l मेहनत पर भरोसा रखें l खर्चों पर नियंत्रण रखें l घर में सुख-शांति बनी रहेगी l गाय को हरा चारा खिलाएं l
वृषभ: आज आप मानसिक रूप से मजबूत रहेंगे l परिवार को समय देंगे l कामकाज पर ध्यान दें। तनाव का सामना करना पड़ सकता है l प्रेम में सफलता मिलेगी l सेहत बेहतर होगी l गणेश जी की पूजा करें l
मिथुन: भाग्य के सहारे न रहे l स्वयं पर भरोसा रखें l दोस्तों के साथ दिन बीतेगा l स्वास्थ्य अच्छा रहेगा l प्रेम संबंधों में गरमाहट रहेगी l इनकम बढ़ेगी l गणेश जी को पान भेट करें l
कर्क: दोपहर तक मानसिक तनाव रह सकता है l उसके बाद दिन अच्छा बीतेगा l कोई अच्छी खबर मिल सकती है l स्वास्थ्य अच्छा रहेगा l धन लाभ होगा l प्रेम में साथी का दिल जीत सकते हैं l हरे कपड़े पहने ।
सिंह: आज दोपहर तक मन प्रसन्न रहेगा, हर काम में सफलता मिलेगी किन्तु दोपहर बाद मानसिक चिंता बढ़ सकती है l पैसो का लेन देन सोच समझ कर करें l विरोधी परेशान कर सकते हैं l भगवान नारायण की पूजा करना शुभ होगाl
कन्या: मानसिक तनाव कम होगा l दिमाग तेज़ चलेगा l कुछ नया करने की कोशिश करेंगे l कठिन समस्याओं का समाधान होगा l रिश्तों में सुधार होगा और परिवार का सहयोग मिलेगा l गणेश जी को लड्डुओं का भोग लगाएं l
तुला: आज आमदनी अधिक और खर्च कम होगा l काम पर पूरा फोकस करें l सेहतमंद महसूस करेंगे l भाग्य का साथ मिलेगा l प्रेम में सफलता प्राप्त होगी किन्तु परिवार में तनाव की स्थिति रहेगी l संतान के काम बनेंगे l माँ दुर्गा को पुष्प अर्पित करें l
वृश्चिक: मन प्रसन्न रहेगा l परिवार का सहयोग प्राप्त होगा l कुछ नयी योजना बनाएंगे l भावुकता में ना बहें l काम के सिलसिले में यात्रा कर सकते हैं l गणेश जी को पान चढ़ाये l
धनु: सेहत में मजबूती रहेगी l बुद्धि का साथ मिलेगा l भाग्य प्रबल रहेगा l बेवजह खर्च बढ़ सकता है l वाहन सावधानी से चलाये l मन में कोई न कोई चिंता लगी रहेगी l शिवलिंग पर जल अर्पित करें l
मकर : आज मन प्रसन्न रहेगा l प्रेम में रोमांस बढ़ेगा l गृहस्थ जीवन में भी तनाव कम होगा l कानूनी मामले में सावधानी रखें l कामकाज बेहतर रहेगा l गणेश जी को हरी दूर्वा चढ़े l
कुंभ: आज आप आत्मविश्वास से भरे रहेंगे l आमदनी बढ़ेगी l मेहनत का फल मिलेगा l रिश्तों में सुधार होगा l जीवनसाथी का साथ मिलेगा l पैसा आएगा और खर्च भी होगा l मूंग की दाल दान करें l
मीन: आज तनाव बढ़ेगा l अधिक खर्च की वजह से परेशान रहेंगे l किन्तु व्यापार में तरक्की के रास्ते खुलेंगे l रिश्तों में प्रेम रहेगा l गुस्से पर नियंत्रण रखें l सेहत अच्छी रहेगी l गणपति जी के दर्शन करने मंदिर जाए।
श्रीनगर से बहुत बड़ी दुखद खबर सामने आ रही है जहां आज सुबह श्रीनगर में पांच किलोमीटर पहले ही डैम कालोनी के समीप एक कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई है। बताया जा रहा है कि जिसमें तीन लोग गंभीर रुप से घायल हो गए हैं। जिन्हें तत्काल 108 की मदद से बेस अस्पताल श्रीकोट में भर्ती कराया गया है जहां तीनों का इलाज चल रहा है।
जानकारी के अनुसार तीनों लोग श्रीनगर के रहने वाले हैं, और वह घूमने जा रहे थे। तभी उनकी कार सड़क से 25 मीटर नीचे जा गिरी। जिसमें हादसे में तीन लोग गम्भीर रूप से घायल हो गए।
बताया जा रहा है हादसे में कार सवार बासु निवासी गुरुद्वारा रोड श्रीनगर, जानी धारीवाल मैनेजर साकुम्बरी मोटर्स और ड्राइवर घायल हुए हैं।
श्रीनगर कोतवाली हरि ओम चौहान ने बताया कि तीनों घायलों को श्रीकोट हस्पताल में इलाज चल रहा है। साथी ही पुलिस हादसे की जांच कर रही है।
देहरादून। उत्तराखंड के जंगलों पर आपदा का दौर शुरू हो गया है। 15 फरवरी से फायर सीजन शुरू होने के बाद जंगल की आग की घटनाएं भी घटने लगी हैं।
एक माह के भीतर कुल 25 आग की घटनाओं में अब तक 27.95 हेक्टेयर वन क्षेत्र प्रभावित हुआ है। हालांकि, गनीमत है कि अभी तक किसी प्रकार की जन हानि या वन्यजीवों की मृत्यु नहीं हुई है।
-तमाम इंतजाम किए जाने का दावा
वन विभाग की ओर से जंगल की आग रोकने को तमाम इंतजाम किए जाने का दावा किया जा रहा है। साथ ही आमजन से भी सहयोग की अपील की गई है। फायर सीजन का एक माह पूर्ण होने पर मुख्य वन संरक्षक निशांत वर्मा ने आग की घटनाओं का विवरण दिया।
-अब तक बागेश्वर में सर्वाधिक सात घटनाएं
बताया कि अब तक हुई कुल 25 घटनाओं में गढ़वाल में सात, कुमाऊं में 11 और वन्यजीव आरक्षित क्षेत्र की सात घटनाएं हैं। जिनमें क्रमश: 7.50 हेक्टेयर, कुमाऊं में 14.95 हेक्टेयर और वन्य जीव आरक्षित क्षेत्र में 5.50 हेक्टेयर वन क्षेत्र प्रभावित हुआ है। जिलावार आंकड़ों पर नजर डालें तो अब तक बागेश्वर में सर्वाधिक सात घटनाएं हुई हैं। जबकि, ऊधमसिंह नगर, टिहरी, नैनीताल, देहरादून और चंपावत में आग की कोई घटना नहीं हुई है।
-घटनाएं रोकने को विभाग तैयार
मुख्य वन संरक्षक निशांत वर्मा ने बताया कि इंडियन इंस्टीट्यूट आफ रिमोट सेंसिंग के साथ मिलकर वन विभाग ने दो सिस्टम स्थापित किए हैं। जिससे जंगल की आग रोकने के लिए घटनास्थल से लेकर कंट्रोल रूम तक त्वरित कार्रवाई की जा सके।
फारेस्ट फायर रिपोर्टिंग मोबाइल एप भी तैयार किया गया है। जिससे लाइव अपडेट प्राप्त हो सके। यह मुख्यालय में कंट्रोल रूम के डैशबोर्ड पर प्रदर्शित हो सकेगा। इसके अलावा आटोमेटेड फारेस्ट फायर रिस्क एडवाइजरी एप भी बनाया गया है। वन प्रभागों से यह जानकारी ली जाएगी कि अगले 24 घंटे में सबसे संवदेनशील क्षेत्र कौन से हैं, जहां मानव संसाधन बढ़ाए जाने की आवश्यकता है।
बताया कि पूरे प्रदेश में 1317 क्रू स्टेशन हैं, जिसमें इस बार 40 माडल क्रू स्टेशन के रूप में विकसित किए जा रहे हैं। इनमें अब तक 14 स्टेशन तैयार हो चुके हैं। अप्रैल और मई में जंगल की आग विकराल होने की आशंका के चलते संसाधन बढ़ाए जा रहे हैं और कार्मिकों को भी मुस्तैदी से कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही ग्रामीणों को भी विभाग का सहयोग करने की अपील की गई है
देहरादून। राष्ट्रीय टीकाकरण दिवस के मौके पर उत्तराखंड में हज़ारों बच्चों का टीकाकरण अभियान शुरू किया जाएगा। 12 से 15 साल के बच्चों को आज से कोविड वैक्सीन लगाई जाएगी।
इसके लिए स्वास्थ्य विभाग और शिक्षा विभाग ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। प्रदेश के 4,01,400 बच्चे इस लिस्ट में हैं, जिनके लिए सरकार को 20,070 डोज़ वाइल्स मिल चुके हैं। कोर्बेवैक्स (Corbevax) नाम की यह वैक्सीन बच्चों के लिए सेफ बताई जा रही है। कोविड नोडल अधिकारी बताते हैं कि हरिद्वार ज़िले में सबसे ज्यादा 81,500 बच्चे हैं, जिनके वैक्सीनेशन की प्रोसेस बुधवार से शुरू होगी।
प्रदेश भर के लिए 20 हज़ार से ज़्यादा डोज़ वायल्स आ चुके थे, जिनमें हर बॉक्स में इस बार 20 डोज़ हैं। उम्मीद की जा रही है कि केंद्र से वैक्सीन डोज़ की आपूर्ति का सिलसिला बना रहेगा और जल्द ही उत्तराखंड में वेक्सीनेशन का यह अभियान संपन्न हो जाएगा। हर ब्लॉक पर इसके लिए एएनएम का अपॉइंटमेंट किया गया है, जो बच्चों का टीकाकरण करवाएंगी। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि क्लिनिकली टेस्टेड वैक्सीन बच्चों के लिए काफी उपयुक्त है, जिसका कई बार का ट्रायल हो चुका है और उसके बाद ही इसे अप्रूवल मिला है।
-कहां कितने बच्चों को लगेगी वैक्सीन?
– हरिद्वार में 81,500 बच्चे
– देहरादून में 74,000 बच्चे
– यूएसनगर में 73,000 बच्चे
– नैनीताल में 39,400 बच्चे
– पौड़ी-गढ़वाल में 22,300 बच्चे लिस्टेड हैं। कोविड नोडल अधिकारी डॉ. राजीव दीक्षित ने टॉप 5 ज़िलों में बच्चों के आंकड़े बताए, जहां सबसे ज़्यादा वैक्सीन लगाई जानी है। इधर, डॉक्टरों का मानना है कि यह वैक्सीन पूरी तरह से सेफ है और इसके लगने से कोविड-19 की रोकथाम में मदद मिलेगी।
देहरादून। उत्तराखंड की बेरोजगार महिलाओं के लिए बड़ी खबर है, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग उत्तराखण्ड में समूह ‘ग’ के अन्तर्गत स्वास्थ्य कार्यकर्ता (महिला) के 824 रिक्त पदों पर सीधी भर्ती का विज्ञापन प्रकाशित किया है। रिक्तियों की संख्या घट-बढ़ सकती है। विज्ञापन की शर्तानुसार अभ्यर्थी बोर्ड की वेबसाईट www.ukmssb.org पर 24 मार्च 2022 से ऑनलाईन आवेदन पत्र भर सकते हैं।
ऑनलाईन आवेदन भरने तथा आवेदन शुल्क जमा करने की अन्तिम तिथि 13 अप्रैल 2022 (सांय 05.00 बजे तक) तक है। विस्तृत विज्ञापन से सम्बन्धित विवरण बोर्ड की वेबसाइट www.ukmssb.org पर उपलब्ध है। अभ्यर्थी ऑनलाईन आवेदन पत्र भरने से पूर्व विज्ञापन में वर्णित समस्त निर्देशों का भली-भाँति अध्ययन कर लें।
देहरादूनः होली का त्योहार आने वाला है और आप होलिका दहन की सही तिथि या मुर्हत नहीं जानते है तो हम आपको ज्योतिषानुसार होली से जुड़ी जानकारी बता रहें है। उत्तराखंड में इस बार होलिका दहन 17 मार्च को होगा। जबकि रंग 19 मार्च को खेला जाएगा। होलिका दहन का मुहूर्त इस बार रात 9 बजकर 03 मिनट से रात 10 बजे 13 मिनट तक रहेगा। पूर्णिमा तिथि 17 मार्च को दिन में 1 बजकर 29 बजे शुरू होगी और पूर्णिमा तिथि का समापन 18 मार्च दिन में 12 बजकर 46 मिनट पर होगा। वहीं, पंडितों ने स्पष्ट कर दिया है कि इस बार भद्रा लगने की वजह से होलिका दहन 17 मार्च और होली 19 मार्च को होगी।
ज्योतिषाचार्य के मुताबिक होलिका दहन फागुन मास की पूर्णिमा को प्रदोष काल में भद्रा रहित मुहूर्त में किया जाता है, क्योंकि भद्रा को और अशुभ और मंगलकारी माना जाता है। ज्योतिष के अनुसार 17 मार्च को दोपहर 1:20 से रात्रि के द्वितीय पहर तक भद्रा रहेगा। लेकिन भद्रा के अंतिम पड़ाव को दोष रहित माना जाता है। ऐसे में होलिका दहन के लिए शुभ मुहूर्त रात्रि 9:04 से रात्रि 10:20 तक रहेगा। इस बीच 18 मार्च को दोपहर 12: 47 मिनट तक पूर्णमासी और आएगी उसके बाद प्रतिबद्धा लगेगी। जबकि 19 मार्च को सूर्योदय से लेकर 11:38 तक प्रतिपदा तिथि रहेगी। इसी अवधि में होली खेली जाएगी। साथ ही मान्यताओं के अनुसार ये भी बता रहें है कि होलिका दहन में क्या गलतियां करने से अशुभ होता है। पढ़े..
होलिका दहन में भूलकर भी न करें ये काम
मान्यता है कि होलिका दहन की अग्नि को जलते हुए शरीर का प्रतीक माना जाता है। इसलिए किसी भी नवविवाहिता को ये अग्नि नहीं देखनी चाहिए। इसे अशुभ माना गया है। इससे उनके वौवाहिक जीवन में दिक्कतें शुरू हो सकती हैं। होलिका दहन वाले दिन किसी भी व्यक्ति को पैसा उधार देने की मनाही होती है. ऐसा करने से घर में बरकत नहीं होती और व्यक्ति की आर्थिक समस्याएं बढ़नी शुरू हो जाती हैं। इतना ही नहीं, इस दिन उधार लेने से भी परहेज करें। मान्यता है कि माता-पिता की इकलौती संतान होने पर होलिका दहन की अग्नि को प्रज्जवलित करने से बचें। इसे शुभ नहीं माना जाता। एक भाई और एक बहन होने पर होलिका की अग्नि को प्रज्जवलित किया जा सकता है। मान्यता है कि इस दिन होलिका दहन के लिए पीपल, बरगद या आम की लकड़ियों का इस्तेमाल न करें। ये पेड़ दैवीय और पूजनीय पेड़ हैं। साथ ही इस मौसम में इन वृक्षों पर नई कोपलें आती हैं, ऐसे में इन्हें जलाने से नकारात्मकता फैलती है। होलिका दहन के लिए गूलर या अरंड के पेड़ की लकड़ी या उपलों का इस्तेमाल किया जा सकता है। कहते हैं कि इस दिन अपनी माता का आशीर्वाद जरूर लें। उन्हें कोई उपहार लाकर दें, ऐसा करने से श्रीकृष्ण प्रसन्न होते हैं और उनकी कृपा बनी रहती है। किसी भी महिला का भूलकर भी अपमान न करें।
देहरादून। 15 Mar 2022। उत्तराखंड विधानसभा चुनाव में अपना परचम लहराने वाली भाजपा सत्ता पर फिर से बैठने वाली है,अब इसके बाद भाजपा की अग्नि परीक्षा अगले वर्ष निकाय चुनाव में होने वाली है। इसको लेकर तैयारियां जुटनी शुरू हो चुकी हैं। निकाय चुनाव में भी दमखम भरने वाली पार्टी फिर 2024 में लोकसभा चुनाव की आधारशिला रखेगी।
इसे देखते हुए भाजपा अब नगर निकाय चुनाव की रूपरेखा तैयार करने में जुट गई है। राज्य में नगर निकायों की संख्या 102 है, जिनमें से तीन में चुनाव नहीं होते।
राज्य में वर्ष 2018 में हुए नगर निकाय चुनावों में भाजपा ने लगभग 75 प्रतिशत निकायों में अपना बोर्ड बनाने में सफलता हासिल की थी। तब नगर निकायों की कुल संख्या 92 थी, जो पिछले पांच साल में बढ़कर सैकड़ा पार कर चुकी है। अब दो-तिहाई बहुमत हासिल कर प्रदेश में सत्तासीन होने जा रही भाजपा सरकार और संगठन की जनता के बीच पहली परीक्षा निकाय चुनावों में होनी है।
असल में नगर निकायों की माली हालत बहुत बेहतर नहीं है। कर्मचारियों के वेतन से लेकर नगरीय क्षेत्रों में होने वाले विभिन्न विकास कार्यों के लिए निकायों को राज्य और केंद्र से मिलने वाले बजट पर ही निर्भर रहना पड़ता है। ऐसे में नई सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती नगर निकायों को अपने पैरों पर खड़ा कर उनकी आय के स्रोत बढ़ाने की होगी। इसके लिए सरकार को फैसिलिटेटर की भूमिका का निर्वहन करते हुए निकायों को प्रोत्साहित करना होगा। नगर निकायों में पिछले परिसीमन में लगभग 300 गांवों को नगरों का हिस्सा बनाया गया था। इन क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं के विकास की चुनौती सरकार के सामने रहेगी।
इस परिदृश्य के बीच सभी की नजर निकायों को लेकर नई सरकार द्वारा उठाए जाने वाले कदमों पर टिक गई है। भाजपा संगठन भी पिछली सरकार द्वारा किए गए कार्यों और नई सरकार की नगर निकायों के प्रति प्रतिबद्धता व नीतियों को लेकर जनता के बीच जाएगा। साफ है कि सरकार और भाजपा संगठन दोनों को ही निकाय चुनाव में जनता की कसौटी पर खरा उतरने की चुनौती है।
इसे देखते हुए भाजपा संगठन इसकी रूपरेखा तैयार करने में जुट गया है। पार्टी सूत्रों के अनुसार सभी नगर निकायों में कार्यकर्त्ताओं को सक्रिय करने की योजना बनाई जा रही है तो निकायों से संबंधित विधानसभा क्षेत्रों में तैनात विस्तारकों से फीडबैक लेना शुरू कर दिया गया है। नई सरकार का गठन होने के बाद निकाय चुनाव के लिए पार्टी अपनी मुहिम को धार देगी।
देहरादून। 1 6 Mar 2022- विधानसभा चुनावों में हार से दुखी पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस ने कहा है कि मुझे पार्टी से निकाल दें और होली पर दहन कर दें। यह किसी ने नहीं बल्कि उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा है।
गौरतलब है कि उत्तराखंड में हार के बाद कांग्रेस में हाहाकार मचा हुआ है। कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष रणजीत रावत की ओर से टिकट बेचने के आरोप लगाए जाने से आहत होकर पूर्व सीएम हरीश रावत ने सोशल मीडिया पर अपना दर्द जाहिर किया है। रावत ने कहा कि वह भगवान से प्रार्थना करते हैं कि कांग्रेस उन्हें निकाल दे। उन्होंने यह भी कहा कि होलिका दहन में हरीश रावत रूपी बुराई का भी कांग्रेस को दहन कर देना चाहिए।
रणजीत रावत द्वारा टिकट बेचने के आरोप पर पूर्व सीएम हरीश रावत ने बड़ा बयान देते हुए कहा है कि भगवान करे कांग्रेस मुझे निष्कासित कर दे। बकौल रावत, होली बुराईयों के शमन का एक उचित उत्सव है। होलिका दहन और हरीश रावत रूपी बुराई का भी इस होलिका में कांग्रेस को दहन कर देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि पद और पार्टी टिकट बेचने का आरोप अत्यधिक गंभीर हैं। और यदि वह आरोप एक ऐसे व्यक्ति पर लगाया जा रहा हो, जो मुख्यमंत्री रहा है। जो पार्टी का प्रदेश अध्यक्ष रहा है। जो पार्टी का महासचिव रहा है और कांग्रेस कार्यसमिति का सदस्य है। आरोप लगाने वाला व्यक्ति भी गंभीर पद पर विद्यमान व्यक्ति हो।
आपको बता दें कि हाल ही में कार्यकारी अध्यक्ष रणजीत रावत ने हरीश पर गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने कहा कि रावत ने चुनाव में बड़े पैमाने पर टिकट बेचे। रावत को अब आराम करना चाहिए।
देहरादूनः होली का त्योहार आने वाला है और आप होलिका दहन की सही तिथि या मुर्हत नहीं जानते है तो हम आपको ज्योतिषानुसार होली से जुड़ी जानकारी बता रहें है। उत्तराखंड में इस बार होलिका दहन 17 मार्च को होगा। जबकि रंग 19 मार्च को खेला जाएगा। होलिका दहन का मुहूर्त इस बार रात 9 बजकर 03 मिनट से रात 10 बजे 13 मिनट तक रहेगा। पूर्णिमा तिथि 17 मार्च को दिन में 1 बजकर 29 बजे शुरू होगी और पूर्णिमा तिथि का समापन 18 मार्च दिन में 12 बजकर 46 मिनट पर होगा। वहीं, पंडितों ने स्पष्ट कर दिया है कि इस बार भद्रा लगने की वजह से होलिका दहन 17 मार्च और होली 19 मार्च को होगी।
ज्योतिषाचार्य के मुताबिक होलिका दहन फागुन मास की पूर्णिमा को प्रदोष काल में भद्रा रहित मुहूर्त में किया जाता है, क्योंकि भद्रा को और अशुभ और मंगलकारी माना जाता है। ज्योतिष के अनुसार 17 मार्च को दोपहर 1:20 से रात्रि के द्वितीय पहर तक भद्रा रहेगा। लेकिन भद्रा के अंतिम पड़ाव को दोष रहित माना जाता है। ऐसे में होलिका दहन के लिए शुभ मुहूर्त रात्रि 9:04 से रात्रि 10:20 तक रहेगा। इस बीच 18 मार्च को दोपहर 12: 47 मिनट तक पूर्णमासी और आएगी उसके बाद प्रतिबद्धा लगेगी। जबकि 19 मार्च को सूर्योदय से लेकर 11:38 तक प्रतिपदा तिथि रहेगी। इसी अवधि में होली खेली जाएगी। साथ ही मान्यताओं के अनुसार ये भी बता रहें है कि होलिका दहन में क्या गलतियां करने से अशुभ होता है। पढ़े..
होलिका दहन में भूलकर भी न करें ये काम
मान्यता है कि होलिका दहन की अग्नि को जलते हुए शरीर का प्रतीक माना जाता है। इसलिए किसी भी नवविवाहिता को ये अग्नि नहीं देखनी चाहिए। इसे अशुभ माना गया है। इससे उनके वौवाहिक जीवन में दिक्कतें शुरू हो सकती हैं। होलिका दहन वाले दिन किसी भी व्यक्ति को पैसा उधार देने की मनाही होती है. ऐसा करने से घर में बरकत नहीं होती और व्यक्ति की आर्थिक समस्याएं बढ़नी शुरू हो जाती हैं। इतना ही नहीं, इस दिन उधार लेने से भी परहेज करें। मान्यता है कि माता-पिता की इकलौती संतान होने पर होलिका दहन की अग्नि को प्रज्जवलित करने से बचें। इसे शुभ नहीं माना जाता। एक भाई और एक बहन होने पर होलिका की अग्नि को प्रज्जवलित किया जा सकता है। मान्यता है कि इस दिन होलिका दहन के लिए पीपल, बरगद या आम की लकड़ियों का इस्तेमाल न करें। ये पेड़ दैवीय और पूजनीय पेड़ हैं। साथ ही इस मौसम में इन वृक्षों पर नई कोपलें आती हैं, ऐसे में इन्हें जलाने से नकारात्मकता फैलती है। होलिका दहन के लिए गूलर या अरंड के पेड़ की लकड़ी या उपलों का इस्तेमाल किया जा सकता है। कहते हैं कि इस दिन अपनी माता का आशीर्वाद जरूर लें। उन्हें कोई उपहार लाकर दें, ऐसा करने से श्रीकृष्ण प्रसन्न होते हैं और उनकी कृपा बनी रहती है। किसी भी महिला का भूलकर भी अपमान न करें।