Category: उत्तराखंड

  • Politics: विधानसभा में भाजपा ने लहराया परचम, अब निकाय चुनाव में दिखाना होगा दम…

    Politics: विधानसभा में भाजपा ने लहराया परचम, अब निकाय चुनाव में दिखाना होगा दम…

    देहरादून। 15 Mar 2022। उत्तराखंड विधानसभा चुनाव में अपना परचम लहराने वाली भाजपा सत्ता पर फिर से बैठने वाली है,अब इसके बाद भाजपा की अग्नि परीक्षा अगले वर्ष निकाय चुनाव में होने वाली है। इसको लेकर तैयारियां जुटनी शुरू हो चुकी हैं। निकाय चुनाव में भी दमखम भरने वाली पार्टी फिर 2024 में लोकसभा चुनाव की आधारशिला रखेगी।

     

    इसे देखते हुए भाजपा अब नगर निकाय चुनाव की रूपरेखा तैयार करने में जुट गई है। राज्य में नगर निकायों की संख्या 102 है, जिनमें से तीन में चुनाव नहीं होते।

    राज्य में वर्ष 2018 में हुए नगर निकाय चुनावों में भाजपा ने लगभग 75 प्रतिशत निकायों में अपना बोर्ड बनाने में सफलता हासिल की थी। तब नगर निकायों की कुल संख्या 92 थी, जो पिछले पांच साल में बढ़कर सैकड़ा पार कर चुकी है। अब दो-तिहाई बहुमत हासिल कर प्रदेश में सत्तासीन होने जा रही भाजपा सरकार और संगठन की जनता के बीच पहली परीक्षा निकाय चुनावों में होनी है।

    असल में नगर निकायों की माली हालत बहुत बेहतर नहीं है। कर्मचारियों के वेतन से लेकर नगरीय क्षेत्रों में होने वाले विभिन्न विकास कार्यों के लिए निकायों को राज्य और केंद्र से मिलने वाले बजट पर ही निर्भर रहना पड़ता है। ऐसे में नई सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती नगर निकायों को अपने पैरों पर खड़ा कर उनकी आय के स्रोत बढ़ाने की होगी। इसके लिए सरकार को फैसिलिटेटर की भूमिका का निर्वहन करते हुए निकायों को प्रोत्साहित करना होगा। नगर निकायों में पिछले परिसीमन में लगभग 300 गांवों को नगरों का हिस्सा बनाया गया था। इन क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं के विकास की चुनौती सरकार के सामने रहेगी।

    इस परिदृश्य के बीच सभी की नजर निकायों को लेकर नई सरकार द्वारा उठाए जाने वाले कदमों पर टिक गई है। भाजपा संगठन भी पिछली सरकार द्वारा किए गए कार्यों और नई सरकार की नगर निकायों के प्रति प्रतिबद्धता व नीतियों को लेकर जनता के बीच जाएगा। साफ है कि सरकार और भाजपा संगठन दोनों को ही निकाय चुनाव में जनता की कसौटी पर खरा उतरने की चुनौती है।

    इसे देखते हुए भाजपा संगठन इसकी रूपरेखा तैयार करने में जुट गया है। पार्टी सूत्रों के अनुसार सभी नगर निकायों में कार्यकर्त्‍ताओं को सक्रिय करने की योजना बनाई जा रही है तो निकायों से संबंधित विधानसभा क्षेत्रों में तैनात विस्तारकों से फीडबैक लेना शुरू कर दिया गया है। नई सरकार का गठन होने के बाद निकाय चुनाव के लिए पार्टी अपनी मुहिम को धार देगी।

  • कार्रवाई: उत्तराखंड का क्षेत्रीय दल यूकेडी से छिन्न गई “कुर्सी”, क्या है इसके पीछे का राज, पढ़िए…

    कार्रवाई: उत्तराखंड का क्षेत्रीय दल यूकेडी से छिन्न गई “कुर्सी”, क्या है इसके पीछे का राज, पढ़िए…

    देहरादून। उत्तराखंड राज्य का क्षेत्रीय दल की मान्यता खो चुकी यूकेडी का चुनाव सिम्बल कुर्सी भी छिन्न गया है। इस बार के विधानसभा चुनाव में यूकेडी की स्थिति बाद से बत्तर रही औऱ हार का कड़ा मुकाबला करना पड़ा। दिग्गजों पर कयास लगाने वालो को भी धराशाही होना पड़ा।

    2012 के विधानसभा चुनाव के बाद यूकेडी से राज्यस्तरीय दल की मान्यता रद्द हो गई थी। जिसके बाद पूर्व में राज्यस्तरीय दल होने कारण दल को आगामी तीन चुनाव के लिए चुनाव चिन्ह कुर्सी दे दी गई। फिर यूकेडी ने 2019 का लोकसभा,2017 ओर 2022 का विधानसभा चुनाव लड़ा,लेकिन चुनाव आयोग की शर्तों को पूरा करने में खरा नही उतरा।

    इस पर मुख्य चुनाव अधिकारी मस्तू दास ने बताया कि यूकेडी को उसका चुनाव चिन्ह अस्थाई रूप से दिया गया था,जो कि वापस लिये जाने पर उसे रिजर्व में डाल दिया गया है।

  • दुःखद: कमांडो ट्रेनिंग के दौरान उत्तराखंड के जवान की मौत, परिवार में मातम…

    दुःखद: कमांडो ट्रेनिंग के दौरान उत्तराखंड के जवान की मौत, परिवार में मातम…

    देहरादून। 15 Mar 2022। हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में पांवटा साहिब में आइटीबीपी के एक कमांडो ट्रेनर की यमुना में डूबने से मौत हो गई। जानकारी के अनुसार वह प्रशिक्षण के लिए नदी में उतरे थे।

    पंचकुला हरियाणा से आइटीबीपी का दल रिवर क्रांसिंग ट्रेनिंग के लिए हिमाचल प्रदेश आया है। शनिवार को दल के सदस्य पांवटा साहिब में यमुना नदी में प्रशिक्षण ले रहे थे। इस दौरान जवान राकेश प्रजापति (25) ट्रेनिंग के दौरान तैरते हुए आगे बढ़ गया, लेकिन गहरे पानी में जाने के कारण बाहर नहीं निकल पाया। इससे उसकी डूबने से मौत हो गई।

    ट्रेनर कमांडो का शव गोताखोरों और स्थानीय पुलिस ने नदी से बाहर निकाल लिया है। पांवटा थाना पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है । मृतक की पहचान बागा गांव ऊधमसिंहनगर निवासी राकेश प्रजापति के रूप में हुई। पांवटा डीएसपी वीर बहादुर ने घटना की पुष्टि की है।

  • Politics: विधायक बनने का था सपना, कोई नही हुआ अपना कइयों ने कराई जमानत ज़ब्त…

    Politics: विधायक बनने का था सपना, कोई नही हुआ अपना कइयों ने कराई जमानत ज़ब्त…

    देहरादून। 14 Mar 2022। विधानसभा चुनाव उत्तराखंड में कई लोगों ने विधायक बनने का सपना देखा,राजनीति का कीड़ा पनपाया लेकिन आलम यह रहा की वह अपनी जमानत भी नही बचा पाए,इसमे सबसे बुरा हाल आम आदमी पार्टी का रहा।

    उत्तराखंड में विधायक बनने का सपना संजोये कई प्रत्याशियों को 500 वोट भी नहीं नसीब नही हो पाये। राज्य की 70 विधानसभा सीटों पर इस बार 632 उम्मीदवारों ने चुनाव लड़ा। इसमें 47 सीटों पर भाजपा, 19 पर कांग्रेस, 2 पर बसपा और 2 पर निर्दलियों ने जीत का हासिल की। विधानसभा चुनाव में विधायक बनने का सपना लेकर उतरे 281 उम्मीदवारों को 500 सौ वोट भी नहीं मिले। यानि 44 प्रतिशत से अधिक प्रत्याशी पांच सौ वोट भी हासिल नहीं कर पाए। इसमें निर्दलीय उम्मीदवार तो थे ही। साथ ही कई सीटों पर आम आदमी पार्टी, बसपा, यूकेडी समेत अन्य क्षेत्रीय दलों के उम्मीदवार भी शामिल हैं।

    उत्तराखंड की राजनीति में खुद को तीसरा विकल्प मान रही आम आदमी पार्टी ने पहली बार 70 सीटों पर चुनाव लड़ा, लेकिन जिस रणनीति के साथ आप चुनावी रण में उतरी थी, इसका असर नतीजों पर नहीं दिखा। आप प्रदेश में खाता तक नहीं खोल पाई। वहीं, 33 सीटों पर आप के उम्मीदवार एक हजार मत भी नहीं हासिल कर सके। पर्वतीय जिलों की सीटों पर आप का प्रदर्शन बेहतर कमजोर रहा। देहरादून जिले की धर्मपुर विधानसभा सीट पर 20 प्रत्याशियों ने चुनाव लड़ा। इनमें ले 14 प्रत्याशियों को 500 सौ से कम वोट पड़े। इसी तरह रायपुर सीट पर नौ प्रत्याशियों का प्रदर्शन भी बेहद खराब रहा।

  • कार्रवाई: उत्तराखंड का क्षेत्रीय दल यूकेडी से छिन्न गई “कुर्सी”, क्या है इसके पीछे का राज, पढ़िए…

    कार्रवाई: उत्तराखंड का क्षेत्रीय दल यूकेडी से छिन्न गई “कुर्सी”, क्या है इसके पीछे का राज, पढ़िए…

    देहरादून। उत्तराखंड राज्य का क्षेत्रीय दल की मान्यता खो चुकी यूकेडी का चुनाव सिम्बल कुर्सी भी छिन्न गया है। इस बार के विधानसभा चुनाव में यूकेडी की स्थिति बाद से बत्तर रही औऱ हार का कड़ा मुकाबला करना पड़ा। दिग्गजों पर कयास लगाने वालो को भी धराशाही होना पड़ा।

    2012 के विधानसभा चुनाव के बाद यूकेडी से राज्यस्तरीय दल की मान्यता रद्द हो गई थी। जिसके बाद पूर्व में राज्यस्तरीय दल होने कारण दल को आगामी तीन चुनाव के लिए चुनाव चिन्ह कुर्सी दे दी गई। फिर यूकेडी ने 2019 का लोकसभा,2017 ओर 2022 का विधानसभा चुनाव लड़ा,लेकिन चुनाव आयोग की शर्तों को पूरा करने में खरा नही उतरा।

    इस पर मुख्य चुनाव अधिकारी मस्तू दास ने बताया कि यूकेडी को उसका चुनाव चिन्ह अस्थाई रूप से दिया गया था,जो कि वापस लिये जाने पर उसे रिजर्व में डाल दिया गया है।

  • दुःखद: कमांडो ट्रेनिंग के दौरान उत्तराखंड के जवान की मौत, परिवार में मातम…

    दुःखद: कमांडो ट्रेनिंग के दौरान उत्तराखंड के जवान की मौत, परिवार में मातम…

    देहरादून। 15 Mar 2022। हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में पांवटा साहिब में आइटीबीपी के एक कमांडो ट्रेनर की यमुना में डूबने से मौत हो गई। जानकारी के अनुसार वह प्रशिक्षण के लिए नदी में उतरे थे।

    पंचकुला हरियाणा से आइटीबीपी का दल रिवर क्रांसिंग ट्रेनिंग के लिए हिमाचल प्रदेश आया है। शनिवार को दल के सदस्य पांवटा साहिब में यमुना नदी में प्रशिक्षण ले रहे थे। इस दौरान जवान राकेश प्रजापति (25) ट्रेनिंग के दौरान तैरते हुए आगे बढ़ गया, लेकिन गहरे पानी में जाने के कारण बाहर नहीं निकल पाया। इससे उसकी डूबने से मौत हो गई।

    ट्रेनर कमांडो का शव गोताखोरों और स्थानीय पुलिस ने नदी से बाहर निकाल लिया है। पांवटा थाना पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है । मृतक की पहचान बागा गांव ऊधमसिंहनगर निवासी राकेश प्रजापति के रूप में हुई। पांवटा डीएसपी वीर बहादुर ने घटना की पुष्टि की है।

  • अब मिलिट्री कॉलेज RIMC में छात्राओं को भी मिलेगा एडमिशन, जानिए पूरी प्रक्रिया…

    अब मिलिट्री कॉलेज RIMC में छात्राओं को भी मिलेगा एडमिशन, जानिए पूरी प्रक्रिया…

    देहरादूनः अगर आपकी बच्ची सेना में जाने का सपना देख रहीं है तो आपके लिए खुशखबरी है। राष्ट्रीय इंडियन मिलिट्री कॉलेज (आरआइएमसी) में अब लड़कियों को भी एडमिशन मिलेगा। जिसका ऐलान कर दिया गया है। ऐसा पहली बार होने जा रहा है जब आरआइएमसी में बेटियां भी पढेंगी। बता दें कि राष्ट्रीय इंडियन मिलिट्री कालेज (आरआइएमसी) इस साल अपना शताब्दी वर्ष मना रहा है। इस अहम पड़ाव पर संस्थान ने बेटियों को पढ़ाने का ऐलान कर एक नया आयाम शुरू किया है।  बता दें कि अभी तक यहां केवल छात्रों को ही दाखिला दिया जाता था। अब जुलाई में आने वाले नए बैच में छात्राएं भी शामिल होंगी।

    मीडिया रिपोर्टस के अनुसार आरआइएमसी ने अपनी स्थापना के सौ साल पूरे कर लिए हैं। इस मुकाम को खास बनाने के लिए संस्थान की ओर से तीन दिवसीय शताब्दी समारोह आयोजित किया जा रहा है। रविवार को राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) ने शताब्दी वर्ष का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने आरआईएमसी के सौ साल पूरे होने पर डाक टिकट का प्रथम आवरण भी जारी किया। साथ ही आरआइएमसी के अनुभवों पर आधारित पुस्तक बाल-विवेक और पूर्व कैडेटों की लिखी पुस्तक वैलर एंड विजडम का भी विमोचन किया। अहम बात यह है कि सौ वर्ष पुराने मिलिट्री कॉलेज में पहली बार बेटियां भी पढ़ेंगी।

    बता दें कि राष्ट्रीय इंडियन मिलिट्री कालेज में प्रवेश के लिए हर साल दो बार प्रवेश परीक्षा का आयोजन किया जाता है। जून और दिसंबर में होने वाली इस परीक्षा में अभी तक देशभर से 25 छात्रों को प्रवेश दिया जाता था। अखिल भारतीय स्तर पर आयोजित प्रवेश परीक्षा के आधार पर छात्रों को कक्षा आठ में प्रवेश मिलता था। जिसके लिए आबादी के हिसाब से राज्यवार कोटा निर्धारित है। उप्र, बिहार, पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र के लिए दो-दो सीटें तय हैं, जबकि उत्तराखंड को एक सीट मिलती है। इसी क्रम में अब उक्त 25 सीट के अलावा पांच छात्राओं को भी आरआइएमसी मेें दाखिला दिया जाएगा। जुलाई में आने वाले नए बैच में छात्राएं भी शामिल होंगी।

  • उत्तराखंडः वरिष्ठ विधायक बंशीधर भगत बने प्रोटेम स्पीकर, आदेश जारी…

    उत्तराखंडः वरिष्ठ विधायक बंशीधर भगत बने प्रोटेम स्पीकर, आदेश जारी…

    देहरादून: उत्तराखंड में वरिष्ठ विधायक बंशीधर भगत को प्रोटेम स्पीकर बनाया गया है। भगत पांचवी विधानसभा के लिए चयनित हुए विधायकों को शपथ दिलाने के लिए। जिसके आदेश जारी कर दिए गए है। बता दें कि  राजभवन के निर्देश पर विधानसभा सचिवालय की तरफ से आदेश जारी किए गए हैं। बंशीधर भगत प्रोटेम स्पीकर पद की शपथ लेने के बाद सभी नव निर्वाचित सदस्यों को शपथ दिलाएंगे। इसके साथ ही उत्तराखंड की नई विधानसभा का गठन हो जाएगा।

    मीडिया रिपोर्टस के अनुसार आमतौर पर प्रोटेम स्पीकर का काम नए सदस्यों को शपथ दिलाना और स्पीकर (विधानसभा अध्यक्ष) का चुनाव कराना होता है। सबसे सीनियर मोस्ट विधायक को प्रोटेम स्पीकर बनाया जाता है। विधानसभा सचिवालय की तरफ से राज्यपाल को सीनियर मोस्ट विधायकों के नाम भेजे जाते हैं और राज्यपाल उनसे से एक सीनियर मोस्ट विधायक को चुनता है। ये राज्यपाल का विशेषाधिकार है कि वो किसे चुने। इस बार राज्यपाल ने नव निर्वाचित सदस्यों को शपथ दिलाने की जिम्मेदारी की जिम्मेदारी भगत को सौंपी गई है। भगत ने बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष पद से हटने के बाद कैबिनेट मंत्री के रूप में 2022 के चुनाव में सातवीं बार कालाढूंगी से इस बार भी जीत दर्ज की है।

    गौरतलब है कि उत्तराखंड की पांचवीं विधानसभा के लिए विगत 14 फरवरी को चुनाव हुए थे। 10 मार्च को चुनाव नतीजे आने के बाद बीजेपी ने बहुमत का आंकड़ा पाया और सरकार बनाने की तैयारियों में जुट गई है। चर्चा है कि होली के बाद नई सरकार का गठन होगा। बीजेपी की सत्ता में जोरदार वापसी के बाद जहां मुख्यमंत्री पद को लेकर अटकलों का दौर जारी है, वहीं नई कैबिनेट में शामिल होने वाले चेहरों को लेकर भी चर्चा का दौर शुरू हो गया है।
  • Big Breaking: उत्तराखंड में कार और एंबुलेंस की आमने-सामने की भिड़त, एक की मौत, चार घायल…

    Big Breaking: उत्तराखंड में कार और एंबुलेंस की आमने-सामने की भिड़त, एक की मौत, चार घायल…

    हरिद्वार: उत्तराखंड से दर्दनाक हादसे की खबर आ रही है। यहा कोतवाली ज्वालापुर क्षेत्र में मरीज क ले जा रही एंबुलेंस और कार से आमने-सामने की जबरदस्त भिड़ंत हो गई। हादसे में एंबुलेंस में सवार मरीज की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि कार सवार यात्रियों को भी काफी चोटें आई हैं। राहगीरों की सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने सभी घायलों को अस्पताल भिजवाया और शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। घटना से मौके पर चीक-पुकार मच गई।

    मीडिया रिपोर्टस के अनुसार सिडकुल स्थित कंपनी में काम करने वाले एक कर्मचारी की अचानक तबीयत बिगड़ गई। जिसके बाद एंबुलेंस बुलाकर उसे तत्काल ही भूमानंद अस्पताल के लिए रवाना किया गया। एंबुलेंस अभी रानीपुर झाल से यू टर्न लेकर मुड़ी ही थी कि हरिद्वार की ओर से दिल्ली की ओर जा रही कार ने एंबुलेंस को जोरदार टक्कर मार दी। कार की टक्कर इतनी तेज थी की एंबुलेंस पलट गई, जिसके चलते एंबुलेंस में सवार मरीज की मौके पर ही मौत हो गई। एंबुलेंस के चालक, परिचालक व कार सवार यात्रियों को चोटें आई हैं।

    दुर्घटना की सूचना पाकर मौके पर पहुंची ज्वालापुर पुलिस ने घायलों को अस्पताल भिजवाया, जबकि शव का पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। मृतक की पहचान पैनासोनिक कंपनी की यूनिट में काम करने वाले जगजीत सिंह के रूप में हुई है।

  • अब मिलिट्री कॉलेज RIMC में छात्राओं को भी मिलेगा एडमिशन, जानिए पूरी प्रक्रिया…

    अब मिलिट्री कॉलेज RIMC में छात्राओं को भी मिलेगा एडमिशन, जानिए पूरी प्रक्रिया…

    देहरादूनः अगर आपकी बच्ची सेना में जाने का सपना देख रहीं है तो आपके लिए खुशखबरी है। राष्ट्रीय इंडियन मिलिट्री कॉलेज (आरआइएमसी) में अब लड़कियों को भी एडमिशन मिलेगा। जिसका ऐलान कर दिया गया है। ऐसा पहली बार होने जा रहा है जब आरआइएमसी में बेटियां भी पढेंगी। बता दें कि राष्ट्रीय इंडियन मिलिट्री कालेज (आरआइएमसी) इस साल अपना शताब्दी वर्ष मना रहा है। इस अहम पड़ाव पर संस्थान ने बेटियों को पढ़ाने का ऐलान कर एक नया आयाम शुरू किया है।  बता दें कि अभी तक यहां केवल छात्रों को ही दाखिला दिया जाता था। अब जुलाई में आने वाले नए बैच में छात्राएं भी शामिल होंगी।

    मीडिया रिपोर्टस के अनुसार आरआइएमसी ने अपनी स्थापना के सौ साल पूरे कर लिए हैं। इस मुकाम को खास बनाने के लिए संस्थान की ओर से तीन दिवसीय शताब्दी समारोह आयोजित किया जा रहा है। रविवार को राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) ने शताब्दी वर्ष का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने आरआईएमसी के सौ साल पूरे होने पर डाक टिकट का प्रथम आवरण भी जारी किया। साथ ही आरआइएमसी के अनुभवों पर आधारित पुस्तक बाल-विवेक और पूर्व कैडेटों की लिखी पुस्तक वैलर एंड विजडम का भी विमोचन किया। अहम बात यह है कि सौ वर्ष पुराने मिलिट्री कॉलेज में पहली बार बेटियां भी पढ़ेंगी।

    बता दें कि राष्ट्रीय इंडियन मिलिट्री कालेज में प्रवेश के लिए हर साल दो बार प्रवेश परीक्षा का आयोजन किया जाता है। जून और दिसंबर में होने वाली इस परीक्षा में अभी तक देशभर से 25 छात्रों को प्रवेश दिया जाता था। अखिल भारतीय स्तर पर आयोजित प्रवेश परीक्षा के आधार पर छात्रों को कक्षा आठ में प्रवेश मिलता था। जिसके लिए आबादी के हिसाब से राज्यवार कोटा निर्धारित है। उप्र, बिहार, पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र के लिए दो-दो सीटें तय हैं, जबकि उत्तराखंड को एक सीट मिलती है। इसी क्रम में अब उक्त 25 सीट के अलावा पांच छात्राओं को भी आरआइएमसी मेें दाखिला दिया जाएगा। जुलाई में आने वाले नए बैच में छात्राएं भी शामिल होंगी।